अरूपदास का जन्म चिनसुराह में 5 जुलाई 1927 को हुआ था और बचपन इसी सुन्दर कस्बे में व्यतीत हुआ जिसका प्रभाव उनकी कला में निरन्तर बना रहा। उनकी माता एक कुशल कलाकार थीं। 1945 में गवर्नमेण्ट स्कूल ऑफ आर्ट कलकत्ता में उन्होंने प्रवेश लिया। उन्होंने ‘श्रीमती’ नामक एक ठाकुर महिला के संग्रह के चित्रों से पर्याप्त प्रेरणा ली।
आरम्भ में उन्होंने ग्रामीण दृश्य अंकित किये, बॉस के झुरमुट, खजूर के झुड, ग्रामीण झोपडियों, आस-पास फैली हरीतिमा, ग्रामीण लोगों का सरल दैनिक जीवन, धान की खेती, ग्रामीण स्त्रियों के कार्य-कलाप आदि इन आरम्भिक चित्रों में ही उनकी प्रतिभा स्पष्ट होने लगी थी जिनमें भारतीय तथा जापानीविधि से भित्ति-अलंकरण के पैटर्न चित्रित किए गये थे कोमल रंग, शान्त वातावरण, प्राकृतिक ताजगी, संगीतात्मकता, गतिशील नाटकीय स्थितियों आदि का इन्होंने परम्परा प्रेरित किन्तु अपने ढंग से चित्रण का प्रयत्न किया।
इसके पश्चात् वे नये-नये प्रयोग करते गये। आधुनिक कला तथा लोक शैलियों सभी से उन्होनें प्रेरणा ली और यामिनीराय, शीला ओडेन आदि की भाँति कोमल, सुखद, भावात्मक, आलंकारिक शास्त्रीय पैटर्न को लोक कला के ओजपूर्ण रंगों, तथा सपाटेदार रेखाओं के साँचे में ढाला। इससे उनकी कला में और अधिक निखार आ गया।
1949 से अरूपदास खूब काम करनेलगे और अनेक शैलियों में आलंकारिक कृतियों की रचना की। उन्होनें धरातलों के विभिन्न प्रभावों तथा डिजाइन को सोच समझ कर चित्र पर वितरित किया। कुंज में संगीत तथा प्रकृति में रोमान्स इसके अच्छे उदाहरण हैं। क्राइस्ट आदि के चित्र उनके भित्ति चित्रों के आलंकारिक पेनल हैं। इन पर अजन्ता का भी प्रभाव है।
चित्र प्रदर्शनियों में उन्हें अनेक पुरस्कार मिले हैं। 1950 में हैण्डलूम डिजाइन प्रतियोगिता पुरस्कार, 1953 में ग्रामीण जीवन का राष्ट्रीय आधुनिक कला वीथी द्वारा क्रय किया जाना, 1961 में नदी किनारे स्त्रियों पर राष्ट्रपति का रजत पदक, 1958 में हैदराबाद में स्वर्ण पदक, 1955 में ईसा” को ललित कला अकादमी द्वारा सर्वश्रेष्ठ भित्ति चित्र घोषित किया जाना आदि उन्हें प्रदत्त कुछ सम्पन हैं।
उनके कार्य पर प्रभाववाद, धनवाद, अमूर्तबाद, अभिव्यंजनावाद तथा अतियथार्थवाद के प्रभाव देखे जा सकते हैं किन्तु वे उन्हें पृष्ठ-भूमि तथा भारतीय आलंकारिक शैली में ढाल देते हैं। धनवाद की भाँति वे बहु-आयामी परिप्रेक्ष्य का प्रयोग करते हैं।
उनकी कला में प्रतीकता भी अमूर्त पद्धति से व्यजित हुई है। उनकी मानवाकृतियाँ तथा पशु आदि भावों से अनुप्राणित हैं। दृश्य-चित्रों में वे केक्टस, चटटानें तथा घर एक धुँधले स्वप्न के समान पीताभा से युक्त एवं आकर्षक बनाते हैं और उनमें प्रतीकात्मक मानव आकृतियाँ अंकित करते हैं।
वे अनावृताओं के चित्रों में उभारों को विशेष प्रकार से बनाते हैं और उनमें किंचित् कोमलता का आभास देते हैं। ये बड़े लुभावने और आकर्षक लगते हैं। उनके चित्र राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय नई दिल्ली तथा आधुनिक कला संग्रहालय पंजाब में स्थायी रूप से देखे जा सकते हैं।
READ MORE:
- हेमन्त मिश्र (1917)
असम के चित्रकार हेमन्त मिश्र एक मौन साधक हैं। वे कम बोलते हैं। वेश-भूषा से क्रान्तिकारी लगते है अपने रेखा-चित्रों में वे अपने मन की बेचैनी … Read more - सोमालाल शाह | Somalal Shahआप भी गुजरात के एक प्रसिद्ध चित्रकार हैं आरम्भ में घर पर कला का अभ्यास करके आपने श्री रावल की प्रेरणा से बम्बई के सर जे० … Read more
- सुरिन्दर के० भारद्वाज | Surinder K. Bhardwajभारद्वाज का जन्म लाहौर में 20 अप्रैल 1938 को हुआ था। 1947 में भारत विभाजन के कारण उन्हें लाहौर छोड़ना पड़ा। कला में अभिरूचि होने के … Read more
- सुधीर रंजन खास्तगीर | Sudhir Ranjan Khastgirसुधीर रंजन खास्तगीर का जन्म 24 सितम्बर 1907 को कलकत्ता में हुआ था। उनके पिता श्री सत्यरंजन खास्तगीर छत्ताग्राम (आधुनिक चटगाँव) के निवासी थे और कलकत्ता … Read more
- सिंधु घाटी सभ्यता की कला एवं वास्तुकला | सम्पूर्ण नोट्स 2026
सिंधु घाटी सभ्यता की कला, मूर्तिकला, मोहरें और वास्तुकला की पूरी जानकारी। B.Ed, BA और competitive exam के लिए उपयोगी नोट्स। अभी पढ़ें। “सिंधु घाटी सभ्यता … Read more - सिंधु घाटी सभ्यता MCQ | 100 महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर सहित — अभी पढ़ें | Sindhu Ghati Sabhyata MCQ
सिंधु घाटी सभ्यता के 100 MCQ प्रश्न हिंदी में। UPSC, SSC, Railway, CTET परीक्षाओं के लिए उपयोगी। हड़प्पा, मोहनजोदड़ो, लोथल से जुड़े सभी महत्वपूर्ण प्रश्न। “पहले … Read more - संस्कृति तथा कला
किसी भी देश की संस्कृति उसकी आध्यात्मिक, वैज्ञानिक तथा कलात्मक उपलब्धियों की प्रतीक होती है। यह संस्कृति उस सम्पूर्ण देश के मानसिक विकास को सूचित करती … Read more - सर जे.जे. स्कूल ऑफ़ आर्ट, मुंबई: आधुनिक भारतीय कला का उद्गम स्थल।
परिचय सर जामसेटजी जीजीभॉय स्कूल ऑफ आर्ट (Sir J.J. School of Art), जिसे सामान्यतः जे.जे. स्कूल ऑफ आर्ट के नाम से जाना जाता है, भारत की … Read more - सतीश गुजराल | Satish Gujral Biography
सतीश गुजराल का जन्म पंजाब में झेलम नामक स्थान पर 1925 ई० में हुआ था। केवल दस वर्ष की आयु में ही उनकी श्रवण शक्ति समाप्त … Read more - सजावटी चित्रकला | Decorative Arts
भारतीयों की कलात्मक अभिव्यक्ति केवल कैनवास या कागज पर चित्रकारी करने तक ही सीमित नहीं है। घरों की दीवारों पर सजावटी चित्रकारी ग्रामीण इलाकों में एक … Read more - सजावटी कला: एक विस्तृत अध्ययन
परिचय सजावटी कला (Decorative Arts) उन कला रूपों को संदर्भित करती है जो सौंदर्यात्मक और व्यावहारिक दोनों उद्देश्यों की पूर्ति करते हैं। इसे “अनुप्रयुक्त कला” (Applied … Read more - सजावटी कला में डिजाइन के मूलभूत तत्व और सिद्धांत
Fundamental Elements and Principles of Design in Decorative Arts परिचय डिजाइन के मूलभूत तत्व और सिद्धांत सभी दृश्य कलाओं की नींव हैं, चाहे वह चित्रकला हो, … Read more - श्यावक्स चावड़ा | Shiavax Chavdaश्यावक्स चावड़ा का जन्म दक्षिणी गुजरात के नवसारी करने में 18 जून 1914 को गुजराती भाष-भाषी पारसी परिवार में हुआ था। उनकी आरम्भिक शिक्षा गुजरात में … Read more
- शैलोज मुखर्जी
शैलोज मुखर्जी का जन्म 2 नवम्बर 1907 दन को कलकत्ता में हुआ था। उनकी कला चेतना बचपन से ही मुखर हो उठी थी और बर्दवान के … Read more - शारदाचरण उकील | Sharadacharan Ukilश्री उकील का जन्म बिक्रमपुर (अब बांगला देश) में हुआ था। आप अवनीन्द्रनाथ ठाकुर के प्रमुख शिष्यों में से थे। उकील का परिवार बंगाल का एक … Read more
- शान्ति दवे | Shanti Daveशान्ति दवे का जन्म अहमदाबाद में 1931 में हुआ था। वे बड़ौदा विश्वविद्यालय के 1956 के प्रथम बैच के छात्र हैं। उनका आरम्भिक कार्य लघु चित्रों … Read more
- विवान सुन्दरम् | Vivan Sundaramविवानसुन्दरम् का जन्म शिमला में हुआ था। अमृता शेरगिल इनकी मौसी थीं जो इनके जन्म से दो वर्ष पूर्व ही मर चुकी थीं। विवान का बचपन … Read more
- विमल दास गुप्ता | Vimal Das Guptaश्री दासगुप्ता का जन्म 28 दिसम्बर 1917 को बंगाल में हुआ था। आपका बचपन आपके ताऊजी के पास बरहमपुर (ब्रह्मपुर) गांव में व्यतीत हुआ । वहाँ … Read more
- विनोद बिहारी मुखर्जी | Vinod Bihari Mukherjee Biographyमुखर्जी महाशय (1904-1980) का जन्म बंगाल में बहेला नामक स्थान पर हुआ था। आपकी आरम्भिक शिक्षा स्थानीय पाठशाला में हुई और अस्वस्थता के कारण आपके अध्ययन … Read more
- विकास भट्टाचार्जी | Vikas Bhattacharjeeविकास का जन्म कलकत्ता में 21 जून 1940 को हुआ था। आरम्भिक शिक्षा के बाद कला के अध्ययन के लिये कलकत्ता के इण्डियन कालेज आफ आर्ट्स … Read more
- वरली कला MCQ | 100 बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर सहित
वरली कला Warli Kala – 100 MCQ | बहुविकल्पीय प्रश्न संग्रह ━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━ वरली कला (Warli Art) महाराष्ट्र की एक प्राचीन आदिवासी लोककला है, जो पालघर जिले … Read more - ललित मोहन सेन | Lalit Mohan Senललित मोहन सेन का जन्म 1898 में पश्चिमी बंगाल के नादिया जिले के शान्तिपुर नगर में हुआ था ग्यारह वर्ष की आयु में वे लखनऊ आये … Read more
- ललित कला MCQ – 100 बहुविकल्पीय प्रश्न (उत्तर सहित)
ललित कला MCQ के 100 बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित। UPSC, TET, State PSC परीक्षाओं के लिए सबसे उपयोगी ललित कला MCQ संग्रह। ललित कला … Read more - लक्ष्मा गौड | Laxma Gaudलक्ष्मा गौड का जन्म निजामपुर (आन्ध्रप्रदेश) हुआ था। बचपन में आंध्र प्रदेश के ग्रामीण जीवन का जो प्रभाव उन पर पड़ा वह में उनकी कला की … Read more
- लक्ष्मण पै
लक्ष्मण पै का जन्म (1926 ) गोवा के एक सारस्वत ब्राह्मण परिवार में हुआ था। गोवा की हरित भूमि और आनन्द प्रिय लोगों का उनके आरम्भिक … Read more - रेखा क्या है | रेखा की परिभाषारखा वो बिन्दुओं या दो सीमाओं के बीच की दूरी है, जो बहुत सूक्ष्म होती है और गति की दिशा निर्देश करती है लेकिन कलापक्ष के अन्तर्गत रेखा का प्रतीकात्मक महत्व है और यह रूप की अभिव्यक्ति व प्रवाह को अंकित करती है।
- रामगोपाल विजयवर्गीय | Ramgopal Vijayvargiyaपदमश्री रामगोपाल विजयवर्गीय जी का जन्म बालेर ( जिला सवाई माधोपुर) में सन् 1905 में हुआ था। आप महाराजा स्कूल आफ आर्ट जयपुर में श्री शैलेन्द्रनाथ … Read more
- रामकिंकर वैज | Ramkinkar Vaijशान्तिनिकेतन में “किकर दा” के नाम से प्रसिद्ध रामकिंकर का जन्म बांकुड़ा के निकट जुग्गीपाड़ा में हुआ था। बाँकुडा में उनकी आरम्भिक शिक्षा हुई। सन् 1925 … Read more
- राजा रवि वर्मा MCQ in Hindi | 100 प्रश्न उत्तर सहित
राजा रवि वर्मा (1848–1906) को ‘आधुनिक भारतीय चित्रकला के पिता’ के रूप में जाना जाता है। उनका जन्म केरल के किलिमानूर में हुआ था और उन्होंने पाश्चात्य तैल चित्रकारी की तकनीक को भारतीय पौराणिक एवं धार्मिक विषयों से जोड़कर एक अनूठी शैली का निर्माण किया। राजा रवि वर्मा MCQ in Hindi उन सभी परीक्षार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी है जो UPSC, State PSC, UGC NET तथा कला इतिहास की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। उनके प्रसिद्ध चित्रों में शकुंतला, दमयंती, सरस्वती, लक्ष्मी तथा पौराणिक देवी-देवताओं की रचनाएँ सम्मिलित हैं जो आज भी भारतीय घरों में पूजनीय हैं। Indian Art History की इस PDF में 100 MCQ प्रश्नों के माध्यम से राजा रवि वर्मा के जीवन, उनकी कला, तकनीक, पुरस्कार और योगदान को सरल हिंदी भाषा में समझाया गया है। अधिक जानकारी और निःशुल्क अध्ययन सामग्री के लिए indianarthistory.com विजिट करें। - राजस्थानी चित्रकला MCQ – 100 महत्त्वपूर्ण प्रश्न (उत्तर सहित)
राजस्थानी चित्रकला MCQ के 100 महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर सहित। RPSC, RAS, पटवारी, ग्राम सेवक व अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी। राजस्थानी चित्रकला MCQ | 100 … Read more - राजस्थानी चित्र शैली की विशेषतायें | Rajasthani Painting Style
राजस्थान एक वृहद क्षेत्र है जो “अवोड ऑफ प्रिंसेज” माना जाता है इसके पश्चिम में बीकानेर, दक्षिण में बूँदी, कोटा तथा उदयपुर उत्तर में जयपुर तथा मध्य में … Read more - राजस्थानी चित्र शैली | राजस्थानी चित्र शैली के प्रमुख केंद्र | Rajasthani Schools of Painting | Major centers of Rajasthani painting style
राजस्थानी शैली परिचय राजस्थान का एक वृहद क्षेत्र है जो ‘अवोड ऑफ प्रिंसेज’ (Abode of Princes) माना जाता है। इसमें पश्चिम में बीकानेर, दक्षिण में बूँदी, … Read more - रसिक डी० रावल | Rasik D. Rawalरसिक दुर्गाशंकर रावल का जन्म सौराष्ट्र में सारडोई में 21 अगस्त 1928 ई. को हुआ था। उनका शैशव साबरकांठा में बीता और कला की शिक्षा सर … Read more
- रस सिद्धांत MCQ in Hindi | 100 प्रश्न उत्तर सहित
रस सिद्धांत MCQ in Hindi: 100 बहुविकल्पीय प्रश्न A/B/C/D विकल्प और व्याख्या सहित। UGC NET, TGT/PGT, CTET परीक्षा के लिए उपयोगी। सभी रसों पर आधारित प्रश्नोत्तरी। … Read more - रविशंकर रावल | Ravi Shankar Rawalआप गुजरात के प्रसिद्ध चित्रकार थे । आपने बम्बई में कला की शिक्षा ग्रहण की और वहां आप पर पाश्चात्य शैली का प्रभाव पड़ा। आगे चलकर … Read more
- रवि वर्मा | Ravi Verma Biography
रवि वर्मा का जन्म केरल के किलिमन्नूर ग्राम में अप्रैल सन् 1848 ई० में हुआ था। यह कोट्टायम से 24 मील दूर है। वे राजकीय वंश … Read more - रमेश बाबू कन्नेकांति की पेंटिंग | Eternal Love By Ramesh Babu Kannekanti
शिव के चार हाथ शिव की कई शक्तियों को दर्शाते हैं। पिछले दाहिने हाथ में ढोल है, जो ब्रह्मांड के प्रकट होने पर आदिवासी ध्वनि का … Read more - रमेश बाबू कन्नेकांति | Painting – Tranquility & harmony By Ramesh Babu Kannekantiयह कला पहाड़ी कलाकृतियों की 18वीं शताब्दी की शैली से प्रेरित है। इस आनंदमय दृश्य में, पार्वती पति भगवान शिव को सुशोभित करने के लिए राक्षसों … Read more
- रमेश बाबू कनेकांति | Painting – A stroke of luck By Ramesh Babu Kannekanti
गणेश के हाथी के सिर ने उन्हें पहचानने में आसान बना दिया है। भले ही वह कई विशेषताओं से सम्मानित हैं, भगवान गणेश की व्यापक रूप … Read more - रथीन मित्रा (1926)
रथीन मित्रा का जन्म हावड़ा में 26 जुलाई को 1926 में हुआ था। उनकी कला-शिक्षा कलकत्ता कला-विद्यालय में हुई । तत्पश्चात् वेदून स्कूल के कला-विभाग में … Read more - रणबीर सिंह बिष्ट | Ranbir Singh Bishtरणबीर सिंह बिष्ट का जन्म लैंसडाउन (गढ़बाल, उ० प्र०) में 1928 ई० में हुआ था। आरम्भिक शिक्षा गढ़वाल में ही प्राप्त करने के उपरान्त कला में … Read more
- रंगास्वामी सारंगन् | Rangaswamy Saranganरंगास्वामी सारंगन का जन्म 1929 में तंजौर में हुआ था। 1952 में उन्होंने मद्रास कला-विद्यालय से ललित कला तथा व्यावसायिक कला में डिप्लोमा प्राप्त किया। सारंगन … Read more
- यज्ञेश्वर शुक्ल | Yagyeshwar Shuklaगुजरात के प्रसिद्ध चित्रकार श्री यज्ञेश्वर कल्याण जी शुक्ल (वाई० के० शुक्ल ) का जन्म सुदामापुरी ( पोरबन्दर, गुजरात) में हुआ था । बचपन से ही … Read more
- मौर्यकालीन कला MCQ – 100 महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
मौर्यकालीन कला MCQ – 100 प्रश्नोत्तर | UPSC, PSC हेतुमौर्यकालीन कला पर 100 महत्वपूर्ण MCQ प्रश्नोत्तर (Mock Test)। अशोक स्तंभ, सांची स्तूप, शिलालेख, गुफाएं, यक्ष-यक्षिणी और … Read more - मौर्य काल में मूर्तिकला और वास्तुकला का विकास ( 325 ई.पू. से 185 ई.पू.) | Development of sculpture and architecture in Maurya period
मौर्यकालीन कला को उच्च स्तर पर ले जाने का श्रेय चन्द्रगुप्त के पौत्र सम्राट अशोक को जाता है। अशोक के समय से भारत में मूर्तिकला का स्वतन्त्र कला के रूप में विकास होता दिखाई देता है। - मोहन सामन्त | Mohan Samantमोहन सामन्त का जन्म 1926 में बम्बई में हुआ था। उनके घर वाले उन्हें इन्जीनियर बनाना चाहते थे। आरम्भ में उन्होंने वर्मा शैल आदि कम्पनियों में … Read more
- मैसूर शैलीदक्षिण के एक दूसरे हिन्दू राज्य मैसूर में एक मित्र प्रकार की कला शैली का विकास हुआ। उन्नीसवीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध में मैसूर की चित्रकला राजा … Read more
- मेवाड़ चित्र शैली की विशेषताएं | राजस्थानी चित्रकला नोट्स
मेवाड़ चित्रकला शैली का इतिहास, विशेषताएं और प्रमुख चित्र। राजस्थानी चित्रकला — BA, B.Ed और competitive exams के लिए सम्पूर्ण नोट्स। मेवाड़ शैली राजस्थान के अन्य … Read more - मुगल शैली | मुग़ल काल में चित्रकला और वास्तुकला का विकास | Development of painting and architecture during the Mughal period
मुगल चित्रकला को भारत की ही नहीं वरन् एशिया की कला में स्वतन्त्र और महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। यह शैली ईरान की कला परम्परा से उत्पन्न होकर भी ईरानी शैली नहीं रही। इस पर यूरोपीय तथा चीनी प्रभाव भी पड़े हैं। इस शैली पर भारतीय रंग योजनाओं तथा वातावरण का प्रभाव पड़ा है। - मुगल चित्रकला MCQ – 100 महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
मुगल चित्रकला MCQ के 100 महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर सहित पढ़ें। UPSC, SSC और राज्य PSC परीक्षाओं के लिए उपयोगी मुगल चित्रकला MCQ संग्रह। मुगल चित्रकला MCQ … Read more - मिश्रित यूरोपीय पद्धति के राजस्थानी चित्रकार | Rajasthani Painters of Mixed European Styleइस समय यूरोपीय कला से राजस्थान भी प्रभावित हुआ। 1851 में विलियम कारपेण्टर तथा 1855 में एफ०सी० लेविस ने राजस्थान को प्रभावित किया जिसके कारण छाया-प्रकाश युक्त यथार्थवादी व्यक्ति-चित्रण मेवाड … Read more
- मिर्जापुर (उ०प्र०) एवं ‘मध्य-प्रदेश’ से प्राप्त शिलाचित्र | Inscriptions received from Mirzapur (U.P.) and ‘Madhya Pradesh’
उत्तर प्रदेश से प्राप्त शिलाचित्र मिर्जापुर इलाहाबाद-मुगलसराय रेल पच पर मिर्जापुर मुख्यालय से करीब 20 किमी० दूर विध्य की कैमूर पर्वतमाला के भीतर सोन नदी की … Read more - मिथिला चित्रकला | मधुबनी कला | Mithila Painting
मिथिला चित्रकला, जिसे मधुबनी लोक कला के रूप में भी जाना जाता है. बिहार के मिथिला क्षेत्र की पारंपरिक कला है। यह गाँव की महिलाओं द्वारा निर्मित की जाती … Read more - मार विजय भित्तिचित्र — अजंता गुफा 1 | TGT PGT नोट्स व MCQ
मार विजय भित्तिचित्र अजंता की गुफा संख्या 1 में स्थित भारतीय कला का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है। इस चित्र में बुद्ध भूमिस्पर्श मुद्रा में मार (काम, क्रोध और माया के प्रतीक) पर विजय प्राप्त करते हुए दर्शाए गए हैं। TGT, PGT, B.Ed और UGC NET परीक्षाओं के लिए MCQ व नोट्स सहित सम्पूर्ण जानकारी। - माधव सातवलेकर | Madhav Satwalekarमाधव सातवलेकर का जन्म 1915 ई० में हुआ था पश्चिमी यथार्थवादी एकेडेमिक पद्धति को भारतीय विषयों के अनुकूल चित्रण का माध्यम बनाने वाले चित्रकारों में श्री … Read more
- मनीषी दे | Manishi Deदे जन्मजात चित्रकार थे। एक कलात्मक परिवार में उनका जन्म हुआ था। मनीषी दे का पालन-पोषण रवीन्द्रनाथ ठाकुर की. देख-रेख में हुआ था। उनके बड़े भाई … Read more
- मध्यकालीन भारत में चित्रकला | Painting in Medieval India
दिल्ली में सल्तनत काल की अवधि के दौरान शाही महलों, शयनकक्षों और मसजिदों से भित्ति चित्रों के साक्ष्य मिले हैं। ये मुख्य रूप से फूलों, पत्तियों … Read more - मधुबनी चित्रकला MCQ — 100 महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
मधुबनी चित्रकला MCQ— TGT/PGT, B.Ed और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए 100 महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर सहित। मिथिला पेंटिंग की शैलियाँ, कलाकार, रंग और इतिहास एक साथ। मधुबनी … Read more - मंदिर वास्तुकला और मूर्तिकला: नागर, द्रविड़, वेसर शैली | भारतीय कला
भारतीय मंदिर वास्तुकला की तीन प्रमुख शैलियाँ — नागर, द्रविड़ और वेसर — गर्भगृह, शिखर, गोपुरम, मूर्तिकला और UNESCO धरोहर मंदिरों की विस्तृत जानकारी। मंदिर वास्तुकला … Read more - मथुरा शैली MCQ in Hindi | 100 प्रश्न उत्तर सहित
मथुरा शैली MCQ in Hindi — 100 बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर एवं व्याख्या सहित। UPSC, UGC NET, कला इतिहास परीक्षा के लिए सबसे उपयोगी MCQ संग्रह। मथुरा … Read more - भूपेन खक्खर | Bhupen Khakhar
भूपेन खक्खर का जन्म 10 मार्च 1934 को बम्बई में हुआ था। उनकी माँ के परिवार में कपडे रंगने का काम होता था। पिता की बम्बई … Read more - भीमबेटका MCQ in Hindi | 100 Important Questions with Answers
भीमबेटका यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है जो मध्य प्रदेश में स्थित है। इस पोस्ट में भीमबेटका MCQ in Hindi के 100 प्रश्न दिए गए हैं जो भीमबेटका की खोज, शैलचित्रों की विशेषताएँ, पुरातात्विक महत्व और संरक्षण को कवर करते हैं। प्रत्येक प्रश्न के साथ सही उत्तर और व्याख्या भी दी गई है। - भारतीय लघु चित्रकला की विभिन्न शैलियां | Different Styles of Indian Miniature Paintings
भारतीय लघु चित्रकला जैन शैली Join our WhatsApp channel for the latest updates. पाल शैली (730-1197 ई०) अपभ्रंश शैली (1050-1550 ई०) (1) बड़ी और लम्बी आँखें … Read more - भारतीय जल रंग चित्रकार: व्यापक परिचय
जल रंग चित्रकला: कला का नाजुक माध्यम जल रंग चित्रकला को कला की सबसे चुनौतीपूर्ण और सूक्ष्म विधाओं में से एक माना जाता है। पानी के … Read more - भारतीय चित्रकला में नई दिशाएँ
लगभग 1905 से 1920 तक बंगाल शैली बड़े जोरों से पनपी देश भर में इसका प्रचार हुआ और इस कला-आन्दोलन को राष्ट्रीय कहा गया। 1920 के … Read more - भारतीय चित्रकला के षड्अंग (छह अंग)
The six limbs (or principles) of Indian painting भारतीय चित्रकला की परंपरा अत्यंत प्राचीन और समृद्ध है। प्राचीन भारतीय कला शास्त्रों में चित्रकला के छह मूलभूत … Read more - भारतीय चित्रकला के छः अंग | Six Limbs Of Painting
षडंग चित्रकार अपने निरंतर अभ्यास के द्वारा अपने भावों सम्वेदनाओं तथा अनुभवों के प्रकाशन हेतु एक प्रविधि को जन्म देता है। किसी भी आकृति की रचना … Read more - भारतीय चित्रकला के अंग (रूपभेद)
रूपभेद (रूपों की विविधता) Morphological variation (diversity of forms) परिभाषा और मूल अवधारणा रूपभेद चित्रकला का प्रथम और अत्यंत महत्वपूर्ण अंग है। संस्कृत में ‘रूप’ का अर्थ … Read more - भारतीय चित्रकला की विशेषताएँ
भारतीय चित्रकला तथा अन्य कलाएँ अन्य देशों की कलाओं से भिन्न हैं। भारतीय कलाओं की कुछ ऐसी महत्त्वपूर्ण विशेषताएँ हैं जो भारतीय-कलाओं को अन्य देशों की … Read more - भारतीय चित्रकला | Indian Art
परिचय टेराकोटा पर या इमारतों, घरों, बाजारों और संग्रहालयों की दीवारों पर आपको कई पेंटिंग, बॉल हैंगिंग या चित्रकारी दिख जाएँगी। ये चित्र हमारे प्राचीन अतीत … Read more - भारतीय कला संस्कृति एवं सभ्यता
कला संस्कृति का यह महत्त्वपूर्ण अंग है जो मानव मन को प्रांजल सुंदर तथा व्यवस्थित बनाती है। भारतीय कलाओं में धार्मिक तथा दार्शनिक मान्यताओं की अभिव्यक्ति … Read more - भारतीय कला के छह अंग (षडंग) – पूर्ण विस्तृत व्याख्या | FAQ + MCQ
Bhartiya Kala Ke 6 Angon Ke Bare Mein Apne Shabdon Mein Vyakhya भारतीय कला के छह अंग (षडंग) की विस्तृत व्याख्या – रूपभेद, प्रमाण, भाव, लावण्य … Read more - भारत में विदेशी चित्रकार | Foreign Painters in Indiaआधुनिक भारतीय चित्रकला के विकास के आरम्भ में उन विदेशी चित्रकारों का महत्वपूर्ण योग रहा है जिन्होंने यूरोपीय प्रधानतः ब्रिटिश, कला शैली के प्रति भारतीय मानस … Read more
- भारत में प्रसिद्ध बौद्ध तीर्थस्थल | Famous Buddhist Pilgrimage Sites in India
बौद्ध तीर्थस्थल राज्य स्पितुक मठ, शे (Shey) मठ लद्दाख (जम्मू-कश्मीर) धनखड़ मठ, की (Key) मठ, ताबो मठ हिमाचल प्रदेश तवांग मठ अरणाचल प्रदेश रूमटेक मठ सिक्किम … Read more - भाऊ समर्थ | Bhau Samarthभाऊ समर्थ का जन्म महाराष्ट्र में भण्डारा जिले के लाखनी नामक ग्राम में 14 मार्च 1928 को हुआ था। बचपन से ही उन्हें चित्रकला का बहुत … Read more
- बौद्ध कला MCQ | 100 Buddhist Art Questions in Hindi
बौद्ध कला MCQ in Hindi — 100 महत्त्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर सहित। UPSC, SSC, State PSC परीक्षाओं के लिए बौद्ध कला और स्थापत्य के सभी प्रश्न … Read more - बीरेश्वर भट्टाचार्जी | Bireshwar Bhattacharjeeश्री वीरेश्वर भट्टाचार्जी का जन्म ढाका (अब बांग्लादेश) में 25 जुलाई 1935 को हुआ था। आरम्भिक शिक्षा स्थानीय रूप से प्राप्त करने के पश्चात् तथा भारत-पाकिस्तान … Read more
- बी. प्रभा
नागपुर में जन्मी बी० प्रभा (1933 ) को बचपन से ही चित्र- रचना का शौक था। सोलह वर्ष की आयु में उन्होंने नागपुर के कला-विद्यालय में प्रवेश … Read more - बाघ गुफाओं की चित्रकला
ये गुफाएँ मध्य प्रदेश में धार ज़िले की कुकशी तहसील में स्थित विंध्य पर्वत श्रेणी में अवस्थित हैं। बाघ में कुल नौ गुफाएँ हैं जो अजंता … Read more - बसोहली शैली MCQ in Hindi | 100 Important Questions
बसोहली शैली MCQ in Hindi — 100 बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर सहित। UPSC, State PSC, TGT/PGT कला परीक्षा के लिए बसोहली चित्रकला के महत्वपूर्ण प्रश्न। पढ़ें indianarthistory.com … Read more - बसोहली की चित्रकलाबसोहली की स्थिति बसोहली राज्य के अन्तर्गत ७४ ग्राम थे जो आज जसरौटा जिले की बसोहली तहसील के अन्तर्गत आते हैं। जसरीटा जिला जम्मू की सीमा … Read more
- बम्बई आर्ट सोसाइटी | Bombay Art Societyभारत में पश्चिमी कला के प्रोत्साहन के लिए अंग्रेजों ने बम्बई में सन् 1888 ई० में एक आर्ट सोसाइटी की स्थापना की। श्री फोरेस्ट इसके संस्थापक … Read more
- बंगाल स्कूल | भारतीय पुनरुत्थान कालीन कला और उसके प्रमुख चित्रकार | Indian Renaissance Art and its Main Paintersबंगाल में पुनरुत्थान 19 वीं शती के अन्त में अंग्रजों ने भारतीय जनता को उसकी सास्कृतिक विरासत से विमुख करके अंग्रेजी सभ्यता सिखाने की चेष्टा की … Read more
- बंगाल का आरम्भिक तैल चित्रण | Early Oil Painting in Bengal
अठारहवीं शती में बंगाल में जो तैल चित्रण हुआ उसे “डच बंगाल शैली” कहा जाता है। इससे स्पष्ट है कि यह माध् यम डच कलाकारों से … Read more - बंगाल कला शैली MCQ | Top 100 Best प्रश्न | Complete Guide
बंगाल कला शैली MCQ: 100 सरल और महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न हिंदी में। Bengal School of Art से जुड़े UPSC, SSC, PCS परीक्षाओं के लिए सम्पूर्ण तैयारी। … Read more - प्राचीन भारतीय कला पर 100 बहुविकल्पीय प्रश्न
अजंता की गुफाएं 1. अजंता की गुफाएं किस राज्य में स्थित हैं? सही उत्तर: b) महाराष्ट्र 2. अजंता में कुल कितनी गुफाएं हैं? सही उत्तर: c) … Read more - प्राचीन काल में चित्रकला में प्रयुक्त सामग्री | Material Used in Ancient Art
विभिन्न प्रकार के चित्रों में विभिन्न सामग्रियों का उपयोग किया जाता था। साहित्यिक स्रोतों में चित्रशालाओं (आर्ट गैलरी) और शिल्पशास्त्र (कला पर तकनीकी ग्रंथ) का उल्लेख … Read more - प्रागैतिहासिक कालीन भारतीय मूर्तिकला और वास्तुकला का इतिहास | History of Prehistoric Indian Sculpture and Architecture
प्रागैतिहासिक काल (लगभग 3000 ईसा पूर्व से 1500 ईसा पूर्व) पृष्ठभूमि भारतीय मूर्तिकला और वास्तुकला का इतिहास बहुत प्राचीन है, जो मानव सभ्यता के विकास से … Read more - प्रगतिशील कलाकार दल | Progressive Artist Group
कलकत्ता की तुलना में बम्बई नया शहर है किन्तु उसका विकास बहुत अधिक और शीघ्रता से हुआ है। 1911 में अंग्रेजों ने भारत की राजधानी कलकत्ता … Read more - पी० टी० रेड्डी | P. T. Reddyपाकल तिरूमल रेड्डी का जन्म हैदराबाद (दक्षिण) से लगभग 108 मील दूर अन्नारम ग्राम में 15 जनवरी 1915 को हुआ था। बारह वर्ष की आयु में … Read more
- पाल शैली | पाल चित्रकला शैली क्या है?
नेपाल की चित्रकला में पहले तो पश्चिम भारत की शैली का प्रभाव बना रहा और बाद में उसका स्थान इस नव-निर्मित पूर्वीय शैली ने ले लिया नवम् शताब्दी में जिस नयी शैली का आविर्भाव हुआ था उसके प्रायः सभी चित्रों का सम्बन्ध पाल वंशीय राजाओं से था। अतः इसको पाल शैली के नाम से अभिहित करना अधिक उपयुक्त समझा गया।” - पाल चित्रकला MCQ | 100 बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर सहित
पाल चित्रकला MCQ — 100 महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर सहित। TGT, PGT, UGC NET और B.Ed परीक्षाओं के लिए सम्पूर्ण तैयारी। पाल चित्रकला MCQ की तैयारी … Read more - पहाड़ी शैली की विशेषताएं | कांगड़ा और बसोहली चित्रकला
पहाड़ी चित्र शैली की प्रमुख विशेषताएं, कांगड़ा और बसोहली शैली की जानकारी। B.Ed और BA परीक्षा के लिए सम्पूर्ण नोट्स। परिचय 17 शताब्दी के अन्तिम चतुर्थांश … Read more - परमानन्द चोयल | Parmanand Choyalश्री परमानन्द चोयल का जन्म 5 जनवरी 1924 को कोटा (राजस्थान) में हुआ था। प्रारम्भिक शिक्षा प्राप्त करने के उपरान्त कला में अभिरूचि होने के कारण … Read more
- परमजीत सिंह | Paramjit Singh
परमजीत सिंह का जन्म 23 फरवरी 1935 अमृतसर में हुआ था। आरम्भिक शिक्षा के उपरान्त वे दिल्ली पॉलीटेक्नीक के कला को विभाग में प्रविष्ट हुए जहाँ … Read more - पटना शैलीउथल-पुथल के इस अनिश्चित वातावरण में दिल्ली से कुछ मुगल शैली के चित्रकारों के परिवार आश्रय की खोज में भटकते हुए पटना (बिहार) तथा कलकत्ता (बंगाल) … Read more
- पटना चित्रकला | पटना या कम्पनी शैली | Patna School of Painting
औरंगजेब द्वारा राजदरबार से कला के विस्थापन तथा मुगलों के पतन के बाद विभिन्न कलाकारों ने क्षेत्रीय नवाबों के यहाँ आश्रय लिया। इनमें से कुछ कलाकारों ने … Read more - पट चित्रकला | पटुआ कला क्या हैलोककला के दो रूप है, एक प्रतिदिन के प्रयोग से सम्बन्धित और दूसरा उत्सवों से सम्बन्धित पहले में सरलता है; दूसरे में आलंकारिकता दिखाया तथा शास्त्रीय नियमों के अनुकरण की प्रवृति है। पटुआ कला प्रथम प्रकार की है।
- नीरद मजूमदार | Nirad Majumdaar
नीरद (अथवा बंगला उच्चारण में नीरोद) को नीरद (1916-1982) चौधरी के नाम से भी लोग जानते हैं। उनकी कला में प्राचीन भारतीय विचारधारा तथा देवी-देवताओं की … Read more - निकोलस रोरिक | Nicholas Roerichसुदूर के देशों से आकर भारतीय प्रकृति, दर्शन और संस्कृति से प्रभावित होकर यहीं पर बस जाने वाले महापुरूषों में रूसी कलाकार निकोलस रोरिक का नाम … Read more



































































