होयसल कला MCQ — 100 बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर सहित। होयसल कला के इतिहास, कलाकारों, तकनीक और प्रतीकों पर आधारित यह MCQ सीरीज़ TGT,PGT, UGE NET, UPSC, State PSC और कला परीक्षाओं के लिए परफेक्ट है। Indian Art History पर पाएँ सम्पूर्ण जानकारी।
Table of Contents
होयसल कला MCQ: Hoysala Art — 100 Most Important Multiple Choice Questions
यसल कला MCQ का यह विशेष संग्रह भारतीय कला इतिहास के अध्ययन को आसान और प्रभावी बनाता है। इसमें होयसल मंदिर, होयसल वास्तुकला और होयसल मूर्तिकला पर आधारित 100 महत्त्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) दिए गए हैं — प्रत्येक प्रश्न के साथ सही उत्तर और एक पंक्ति की व्याख्या भी है। बेलूर का चेन्नाकेशव मंदिर, हलेबिड का होयसलेश्वर मंदिर और सोमनाथपुर का केशव मंदिर — इन तीनों UNESCO विश्व धरोहर स्थलों से जुड़े प्रश्न इस संग्रह में सम्मिलित हैं। UPSC, State PSC, NET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए यह होयसल कला MCQ संग्रह अत्यंत उपयोगी है।
UPSC | State PSC | NET | Art History Exams
परिचय — होयसल कला MCQ

भारतीय कला इतिहास (Indian Art History) के अंतर्गत होयसल कला का अध्ययन अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। होयसल वंश (लगभग 1000-1343 ई.) ने कर्नाटक में अपनी अद्वितीय होयसल मंदिर वास्तुकला और मूर्तिकला से संपूर्ण विश्व को अचंभित किया।
बेलूर का चेन्नाकेशव मंदिर, हलेबिड का होयसलेश्वर मंदिर और सोमनाथपुर का केशव मंदिर — ये तीनों अब UNESCO विश्व धरोहर स्थल हैं। इन मंदिरों की साबुन पत्थर (soapstone) पर उकेरी गई अत्यंत बारीक नक्काशी को ‘पत्थर में कढ़ाई’ (stone embroidery) कहा जाता है।
प्रस्तुत होयसल कला MCQ संग्रह में 100 महत्त्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) दिए गए हैं जो UPSC, State PSC, NET, और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी हैं। प्रत्येक प्रश्न के साथ सही उत्तर और एक पंक्ति की व्याख्या दी गई है। अधिक अध्ययन सामग्री के लिए indianarthistory.com पर विजिट करें।
🌐 Website: indianarthistory.com | 📱 WhatsApp Channel: Indian Art History | 📘 Facebook: Indian Art History
होयसल कला MCQ — 100 प्रश्नोत्तर
Q1. होयसल वंश की स्थापना किसने की थी?
A) विष्णुवर्धन
B) साला
C) वीर बल्लाल II
D) नरसिम्हा I
✔ उत्तर: B) साला
📖 व्याख्या: होयसल वंश की स्थापना साला ने की थी, जिनके नाम पर इस वंश का नाम पड़ा।
Q2. होयसलेश्वर मंदिर कहाँ स्थित है?
A) बेलूर
B) हलेबिड
C) सोमनाथपुर
D) श्रवणबेलगोला
✔ उत्तर: B) हलेबिड
📖 व्याख्या: होयसलेश्वर मंदिर कर्नाटक के हलेबिड (हलेबिदु) में स्थित है।
Q3. चेन्नाकेशव मंदिर किस स्थान पर है?
A) हलेबिड
B) मैसूर
C) बेलूर
D) बादामी
✔ उत्तर: C) बेलूर
📖 व्याख्या: प्रसिद्ध चेन्नाकेशव मंदिर कर्नाटक के बेलूर में स्थित है।
Q4. होयसल मंदिर स्थापत्य किस शैली से संबंधित है?
A) नागर शैली
B) वेसर शैली
C) द्रविड़ शैली
D) बेसर शैली
✔ उत्तर: D) बेसर शैली
📖 व्याख्या: होयसल मंदिर उत्तर (नागर) और दक्षिण (द्रविड़) दोनों शैलियों के मिश्रण — बेसर या वेसर शैली — में निर्मित हैं।
Q5. होयसल मंदिरों में मूर्तियाँ किस पत्थर से बनाई गई हैं?
A) संगमरमर
B) ग्रेनाइट
C) क्लोराइट शिस्ट (साबुन पत्थर)
D) बेसाल्ट
✔ उत्तर: C) क्लोराइट शिस्ट (साबुन पत्थर)
📖 व्याख्या: होयसल मूर्तिकला में मुख्यतः क्लोराइट शिस्ट (सोपस्टोन) का उपयोग किया गया जो काटने में मुलायम होता है।
Q6. केशव मंदिर, सोमनाथपुर किस वर्ष बना?
A) 1098 ई.
B) 1117 ई.
C) 1268 ई.
D) 1350 ई.
✔ उत्तर: C) 1268 ई.
📖 व्याख्या: सोमनाथपुर का केशव मंदिर 1268 ई. में नरसिम्हा III के शासनकाल में बना था।
Q7. होयसल मंदिरों में ‘स्टेलेट’ (तारे के आकार का) प्लान किसे कहते हैं?
A) शिखर
B) गर्भगृह का आधार
C) गोपुरम
D) मंडपम
✔ उत्तर: B) गर्भगृह का आधार
📖 व्याख्या: होयसल मंदिरों में तारे के आकार का (stellate) भूमि योजना गर्भगृह के आधार पर बनाई जाती थी।
Q8. होयसल मंदिरों में ‘वेदीबंध’ क्या होता है?
A) शिखर का शीर्ष भाग
B) मंदिर का आधार चबूतरा
C) द्वार की सजावट
D) स्तंभों की पंक्ति
✔ उत्तर: B) मंदिर का आधार चबूतरा
📖 व्याख्या: वेदीबंध होयसल मंदिरों का उठा हुआ सितारे आकार का चबूतरा/आधार है जिस पर मंदिर बना होता है।
Q9. होयसल काल में किस धर्म का प्रभाव सर्वाधिक था?
A) बौद्ध धर्म
B) जैन धर्म और हिंदू धर्म दोनों
C) इस्लाम
D) शैव मात्र
✔ उत्तर: B) जैन धर्म और हिंदू धर्म दोनों
📖 व्याख्या: होयसल काल में हिंदू (वैष्णव और शैव) तथा जैन — दोनों धर्मों का प्रभाव था।
Q10. विष्णुवर्धन ने चेन्नाकेशव मंदिर किस उपलक्ष्य में बनवाया?
A) अपनी माँ की स्मृति में
B) तलकाड युद्ध में चोलों पर विजय के उपलक्ष्य में
C) राज्याभिषेक की स्मृति में
D) शिव की आराधना हेतु
✔ उत्तर: B) तलकाड युद्ध में चोलों पर विजय के उपलक्ष्य में
📖 व्याख्या: विष्णुवर्धन ने 1117 ई. में तलकाड की लड़ाई में चोलों को हराने की स्मृति में बेलूर में चेन्नाकेशव मंदिर बनवाया।

Q11. होयसल मंदिरों में ‘शुकनासी’ किसे कहते हैं?
A) मुख्य द्वार
B) शिखर के सामने का छोटा प्रक्षेपण
C) मंदिर के स्तंभ
D) भगवान की मूर्ति
✔ उत्तर: B) शिखर के सामने का छोटा प्रक्षेपण
📖 व्याख्या: शुकनासी (अनुराथ) होयसल मंदिर शिखर के सामने निकला एक छोटा टॉवर जैसा प्रक्षेपण है।
Q12. होयसल वास्तुकला में ‘गजपट्ट’ पंक्ति में क्या दर्शाया जाता है?
A) देवी-देवता
B) हाथियों की पंक्ति
C) फूलों की लताएँ
D) युद्ध के दृश्य
✔ उत्तर: B) हाथियों की पंक्ति
📖 व्याख्या: होयसल मंदिरों की बाहरी दीवारों पर सबसे नीचे गजपट्ट (हाथियों की पट्टी) होती है।
Q13. होयसल वंश का राजचिह्न (emblem) क्या था?
A) सिंह
B) बाघ
C) योद्धा एक शेर को मारते हुए
D) हाथी
✔ उत्तर: C) योद्धा एक शेर को मारते हुए
📖 व्याख्या: होयसल राजवंश का प्रतीक ‘साला’ एवं शेर (पुलिगेरे) की लड़ाई का दृश्य था — यही उनका राजचिह्न बना।
Q14. होयसल मंदिरों का मुख्य केंद्र कर्नाटक के किस जिले में है?
A) मैसूर
B) बेलगाम
C) हासन
D) धारवाड़
✔ उत्तर: C) हासन
📖 व्याख्या: बेलूर और हलेबिड दोनों कर्नाटक के हासन जिले में स्थित हैं।
Q15. केशव मंदिर सोमनाथपुर को UNESCO की विश्व धरोहर स्थल की सूची में कब रखा गया?
A) 1987
B) 2023
C) 2005
D) 2015
✔ उत्तर: B) 2023
📖 व्याख्या: होयसल मंदिर समूह — बेलूर, हलेबिड, सोमनाथपुर — को 2023 में UNESCO विश्व धरोहर स्थल का दर्जा मिला।
Q16. होयसल शैली में ‘तारकीय’ (stellate) योजना का क्या अर्थ है?
A) गोलाकार मंदिर
B) अनेक कोणीय बिंदुओं वाला तारे जैसा आकार
C) पिरामिड आकार
D) चतुर्भुज आकार
✔ उत्तर: B) अनेक कोणीय बिंदुओं वाला तारे जैसा आकार
📖 व्याख्या: होयसल मंदिरों की योजना में अनेक कोणीय उभरे-धँसे हिस्से होते हैं जिससे तारे (stellate) जैसा आकार बनता है।
Q17. होयसल मूर्तिकला की कौन-सी विशेषता सबसे प्रमुख है?
A) विशाल आकार
B) अत्यंत बारीक नक्काशी और गहने
C) मोनोक्रोम रंग
D) सपाट सतह
✔ उत्तर: B) अत्यंत बारीक नक्काशी और गहने
📖 व्याख्या: होयसल मूर्तिकला अपनी अत्यंत बारीक, जौहरी जैसी (jewel-like) नक्काशी के लिए विश्वविख्यात है।
Q18. होयसलेश्वर मंदिर किसे समर्पित है?
A) विष्णु
B) शिव
C) ब्रह्मा
D) इंद्र
✔ उत्तर: B) शिव
📖 व्याख्या: होयसलेश्वर मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और इसमें दो शिवलिंग हैं।
Q19. होयसल मंदिरों की बाहरी दीवारों पर कितनी क्षैतिज पट्टियाँ (friezes) सामान्यतः होती हैं?
A) 2-3
B) 5-7
C) 10 या अधिक
D) 1
✔ उत्तर: B) 5-7
📖 व्याख्या: होयसल मंदिरों की दीवारों पर सामान्यतः 5-7 क्षैतिज पट्टियाँ (friezes) होती हैं जिनमें हाथी, घोड़े, लताएँ, देवता आदि अंकित होते हैं।
Q20. होयसल काल में निर्मित जैन मंदिर किस स्थान पर है?
A) बेलूर
B) श्रवणबेलगोला
C) हम्पी
D) ऐहोल
✔ उत्तर: B) श्रवणबेलगोला
📖 व्याख्या: श्रवणबेलगोला होयसल काल का प्रमुख जैन केंद्र था जहाँ गोमतेश्वर (बाहुबली) की विशाल मूर्ति है।
📌 होयसल कला MCQ की यह सीरीज भारतीय कला इतिहास (Indian Art History) के अध्ययन के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। होयसल मंदिर, होयसल वास्तुकला और होयसल मूर्तिकला से संबंधित ये बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) UPSC, State PSC, NET, और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाते हैं।
अधिक जानकारी के लिए: indianarthistory.com | Art Resources | WhatsApp Channel | Facebook Page

Q21. ‘नशिका’ (nasika) होयसल मंदिरों में क्या होती है?
A) द्वार की सजावट
B) शिखर के ऊपर की कलश
C) प्रत्येक मंजिल पर छोटा टावर
D) तालाब
✔ उत्तर: C) प्रत्येक मंजिल पर छोटा टावर
📖 व्याख्या: होयसल शिखरों में प्रत्येक स्तर पर छोटी ‘नशिका’ (miniature tower projections) होती हैं।
Q22. होयसल राजवंश की राजधानी कौन-सी थी?
A) बेलूर (वेलापुरा)
B) मैसूर
C) हासन
D) बादामी
✔ उत्तर: A) बेलूर (वेलापुरा)
📖 व्याख्या: होयसल वंश की प्रारंभिक राजधानी बेलूर (वेलापुरा) थी जिसे बाद में हलेबिड (द्वारसमुद्र) बनाया गया।
Q23. होयसल मंदिरों में ‘मकरतोरण’ क्या होता है?
A) मकर मछली की मूर्ति
B) द्वार के ऊपर मकर (समुद्री जीव) से सुसज्जित तोरण
C) तालाब
D) कमल का स्तंभ
✔ उत्तर: B) द्वार के ऊपर मकर (समुद्री जीव) से सुसज्जित तोरण
📖 व्याख्या: मकरतोरण होयसल मंदिरों के द्वार पर मकर (मिथकीय समुद्री प्राणी) से अलंकृत तोरण (arch) है।
Q24. होयसल मंदिरों में स्तंभों की विशेषता क्या है?
A) वे चौकोर हैं
B) वे खराद (lathe) पर बनाए गए बेलनाकार हैं
C) वे लकड़ी के हैं
D) वे पत्थर के नहीं हैं
✔ उत्तर: B) वे खराद (lathe) पर बनाए गए बेलनाकार हैं
📖 व्याख्या: होयसल मंदिरों के स्तंभ खराद पर निर्मित (lathe-turned) चमकदार बेलनाकार पत्थर के स्तंभ हैं।
Q25. होयसल काल का सबसे बड़ा मंदिर कौन-सा माना जाता है?
A) चेन्नाकेशव, बेलूर
B) होयसलेश्वर, हलेबिड
C) केशव, सोमनाथपुर
D) लक्ष्मी नरसिम्हा, नुग्गेहल्ली
✔ उत्तर: B) होयसलेश्वर, हलेबिड
📖 व्याख्या: हलेबिड का होयसलेश्वर मंदिर होयसल काल का सबसे बड़ा और भव्यतम मंदिर माना जाता है।
Q26. होयसल मंदिरों में ‘अश्वपट्ट’ क्या है?
A) हाथियों की पट्टी
B) घोड़ों की पट्टी
C) देवी-देवताओं की पट्टी
D) पुष्प पट्टी
✔ उत्तर: B) घोड़ों की पट्टी
📖 व्याख्या: होयसल मंदिरों की दीवारों पर गजपट्ट के ऊपर अश्वपट्ट (घोड़ों की पट्टी) होती है।
Q27. होयसल स्थापत्य में ‘तला’ (tala) का क्या अर्थ है?
A) मंदिर की छत
B) शिखर की एक मंजिल
C) तालाब
D) आंगन
✔ उत्तर: B) शिखर की एक मंजिल
📖 व्याख्या: होयसल शिखर में प्रत्येक क्षैतिज स्तर को ‘तला’ कहते हैं, और इनकी संख्या से शिखर की ऊँचाई निर्धारित होती है।
Q28. किस होयसल राजा ने वैष्णव धर्म अपनाया और रामानुजाचार्य से प्रभावित हुए?
A) साला
B) विष्णुवर्धन
C) वीर बल्लाल III
D) नरसिम्हा II
✔ उत्तर: B) विष्णुवर्धन
📖 व्याख्या: विष्णुवर्धन ने रामानुजाचार्य के प्रभाव में आकर जैन धर्म छोड़ वैष्णव धर्म अपनाया और चेन्नाकेशव मंदिर बनवाया।
Q29. होयसल मंदिरों की छत पर ‘वेसर शिखर’ की संरचना किस प्रकार की होती है?
A) सपाट
B) टॉवर नुमा, उत्तर और दक्षिण शैली का मिश्रण
C) अर्धगोलाकार
D) पिरामिड आकार
✔ उत्तर: B) टॉवर नुमा, उत्तर और दक्षिण शैली का मिश्रण
📖 व्याख्या: होयसल शिखर वेसर शैली में हैं जो नागर (उत्तर) और द्रविड़ (दक्षिण) दोनों शैलियों का मिश्रण है।
Q30. होयसल मंदिर किस राज्य में स्थित हैं?
A) तमिलनाडु
B) आंध्र प्रदेश
C) कर्नाटक
D) केरल
✔ उत्तर: C) कर्नाटक
📖 व्याख्या: होयसल मंदिर दक्षिण भारत के कर्नाटक राज्य में स्थित हैं।
Q31. होयसल कला में ‘सालभंजिका’ (शालभंजिका) मूर्तियाँ क्या दर्शाती हैं?
A) देवता
B) वृक्ष के नीचे खड़ी नारी आकृति
C) राजा की प्रतिमा
D) पशु
✔ उत्तर: B) वृक्ष के नीचे खड़ी नारी आकृति
📖 व्याख्या: सालभंजिका (madanika/bracket figure) वृक्ष के नीचे खड़ी सुंदर नारी आकृति है जो होयसल मंदिरों में स्तंभों के ऊपर लगी होती हैं।
Q32. होयसल मंदिरों की बाहरी दीवारों में सबसे ऊपरी पट्टी में क्या होता है?
A) हाथी
B) देवताओं की मूर्तियाँ
C) हंस पट्टी (hamsa)
D) युद्ध के दृश्य
✔ उत्तर: B) देवताओं की मूर्तियाँ
📖 व्याख्या: होयसल मंदिर की बाहरी दीवारों पर सबसे ऊपरी मुख्य पट्टी में देव-देवियों की बड़ी मूर्तियाँ होती हैं।
Q33. होयसल काल लगभग किस समयावधि से संबंधित है?
A) 300-600 ई.
B) 900-1100 ई.
C) 1000-1343 ई.
D) 1500-1700 ई.
✔ उत्तर: C) 1000-1343 ई.
📖 व्याख्या: होयसल वंश लगभग 10वीं से 14वीं सदी (1000-1343 ई.) तक शासन में रहा।
Q34. होयसल मंदिरों में ‘ब्रैकेट आकृतियाँ’ (madanika) कहाँ लगाई जाती हैं?
A) द्वार पर
B) स्तंभों के शीर्ष पर
C) शिखर के ऊपर
D) कुंड में
✔ उत्तर: B) स्तंभों के शीर्ष पर
📖 व्याख्या: मदनिका (madanika) ब्रैकेट आकृतियाँ स्तंभों के शीर्ष (capital) पर लगाई जाती हैं और नृत्यांगना नारी आकृतियाँ होती हैं।
Q35. होयसल काल में किस भाषा का साहित्य समृद्ध हुआ?
A) तेलुगु
B) कन्नड़
C) तमिल
D) संस्कृत केवल
✔ उत्तर: B) कन्नड़
📖 व्याख्या: होयसल शासनकाल में कन्नड़ साहित्य बहुत समृद्ध हुआ और कई महत्त्वपूर्ण कन्नड़ रचनाएँ इसी काल में रची गईं।
Q36. होयसलेश्वर मंदिर का निर्माण किसने कराया?
A) विष्णुवर्धन
B) वीर बल्लाल II
C) नरसिम्हा I
D) केतमल्ल (मंत्री)
✔ उत्तर: D) केतमल्ल (मंत्री)
📖 व्याख्या: होयसलेश्वर मंदिर का निर्माण राजा विष्णुवर्धन के मंत्री केतमल्ल ने लगभग 1121 ई. में शुरू कराया।
Q37. होयसल मंदिरों के शिखर को क्या कहते हैं?
A) गोपुरम
B) विमान
C) शिखर / vesara tower
D) मंडप
✔ उत्तर: C) शिखर / vesara tower
📖 व्याख्या: होयसल मंदिरों के ऊपरी भाग को शिखर कहते हैं जो वेसर शैली में निर्मित होता है।
Q38. होयसल मूर्तिकला में देवी-देवताओं के साथ ‘परिचारिकाएँ’ (attendants) कैसी होती हैं?
A) बहुत छोटी और सपाट
B) बड़ी और भव्य
C) अत्यंत सूक्ष्म एवं विस्तृत आभूषणों से अलंकृत
D) रंगीन
✔ उत्तर: C) अत्यंत सूक्ष्म एवं विस्तृत आभूषणों से अलंकृत
📖 व्याख्या: होयसल मूर्तियों में परिचारिकाएँ सूक्ष्म नक्काशी और जटिल आभूषणों से सुसज्जित हैं।
Q39. होयसल वास्तुकला किस स्थानीय प्रभाव से निर्मित हुई?
A) चालुक्य और राष्ट्रकूट परंपरा
B) मुगल परंपरा
C) गुप्त परंपरा
D) पाल परंपरा
✔ उत्तर: A) चालुक्य और राष्ट्रकूट परंपरा
📖 व्याख्या: होयसल वास्तुकला मुख्यतः कल्याणी चालुक्य और राष्ट्रकूट स्थापत्य परंपरा से विकसित हुई।
Q40. होयसल मंदिरों की योजना में ‘त्रिकूट’ का क्या अर्थ है?
A) तीन तालाब
B) तीन गर्भगृह एक साझा मंडप के साथ
C) तीन शहर
D) तीन राजा
✔ उत्तर: B) तीन गर्भगृह एक साझा मंडप के साथ
📖 व्याख्या: त्रिकूट योजना में तीन गर्भगृह एक साझा नवरंग मंडप से जुड़े होते हैं, जैसे सोमनाथपुर का केशव मंदिर।
📌 होयसल कला और स्थापत्य कर्नाटक के हासन जिले में स्थित बेलूर, हलेबिड और सोमनाथपुर के मंदिरों में सर्वोत्तम रूप से प्रदर्शित होती है। ये तीनों होयसल मंदिर 2023 में UNESCO विश्व धरोहर स्थल बने। होयसल कला MCQ के अभ्यास से इन मंदिरों की विशेषताएँ और ऐतिहासिक महत्त्व स्पष्ट होता है।
अधिक जानकारी के लिए: indianarthistory.com | Art Resources | WhatsApp Channel | Facebook Page
Q41. होयसल मंदिरों में ‘कीर्तिमुख’ कहाँ पाया जाता है?
A) शिखर के शीर्ष पर
B) द्वार के ऊपर या तोरण पर
C) तालाब में
D) छत पर
✔ उत्तर: B) द्वार के ऊपर या तोरण पर
📖 व्याख्या: कीर्तिमुख एक भयंकर मुखाकृति होती है जो होयसल मंदिरों के द्वारों और तोरणों पर सजावट के रूप में लगाई जाती है।
Q42. होयसल मंदिरों के ‘लत (lata)’ का क्या अर्थ है?
A) मंदिर की नींव
B) शिखर के उभरे हुए ऊर्ध्वाधर हिस्से
C) मूर्ति का हाथ
D) तालाब का किनारा
✔ उत्तर: B) शिखर के उभरे हुए ऊर्ध्वाधर हिस्से
📖 व्याख्या: शिखर में उभरे हुए ऊर्ध्वाधर पट्टों को ‘लत’ (lata) कहते हैं जो होयसल शिखर को विशेष रूप देते हैं।
Q43. होयसल काल में धार्मिक आंदोलन ‘विशिष्टाद्वैत’ किसने प्रचारित किया?
A) शंकराचार्य
B) रामानुजाचार्य
C) माधवाचार्य
D) वल्लभाचार्य
✔ उत्तर: B) रामानुजाचार्य
📖 व्याख्या: रामानुजाचार्य ने विशिष्टाद्वैत दर्शन का प्रचार किया और होयसल राजा विष्णुवर्धन उनके प्रभाव में वैष्णव बने।
Q44. होयसल मंदिरों की दीवारों पर ‘महाभारत’ और ‘रामायण’ के दृश्य किस पट्टी में मिलते हैं?
A) गजपट्ट
B) अश्वपट्ट
C) हंसपट्ट
D) कथापट्ट (narrative frieze)
✔ उत्तर: D) कथापट्ट (narrative frieze)
📖 व्याख्या: महाकाव्यों के दृश्य कथापट्ट में उकेरे जाते हैं जो होयसल मंदिरों की दीवारों पर विभिन्न पट्टियों में से एक है।
Q45. होयसलेश्वर मंदिर का निर्माण किस शैव संप्रदाय की देन है?
A) शाक्त
B) पाशुपत
C) काश्मीरी शैव
D) वीरशैव / लिंगायत
✔ उत्तर: D) वीरशैव / लिंगायत
📖 व्याख्या: होयसलेश्वर मंदिर मुख्यतः शैव परंपरा का है और वीरशैव/लिंगायत परंपरा से इसका जुड़ाव मजबूत था।
Q46. होयसल काल में ‘पंचरथ’ योजना में कितने रथ होते हैं?
A) तीन
B) चार
C) पाँच
D) सात
✔ उत्तर: C) पाँच
📖 व्याख्या: पंचरथ योजना में पाँच रथ (projections) होते हैं जो होयसल मंदिर के आधार की योजना को बहुकोणीय बनाते हैं।
Q47. सोमनाथपुर का केशव मंदिर किसने बनवाया?
A) राजा नरसिम्हा III
B) सेनापति सोमनाथ / नरसिम्हा का सेनापति
C) विष्णुवर्धन
D) वीर बल्लाल II
✔ उत्तर: B) सेनापति सोमनाथ / नरसिम्हा का सेनापति
📖 व्याख्या: सोमनाथपुर का केशव मंदिर 1268 ई. में होयसल राजा नरसिम्हा III के सेनापति सोमनाथ (दंडनायक) ने बनवाया था।
Q48. होयसल मंदिरों में ‘नवरंग मंडप’ क्या होता है?
A) नौ दीपों वाला हॉल
B) 16 स्तंभों वाला केंद्रीय हॉल
C) नौ गर्भगृह
D) नौ रंगों से सजा हॉल
✔ उत्तर: B) 16 स्तंभों वाला केंद्रीय हॉल
📖 व्याख्या: नवरंग मंडप होयसल मंदिरों में 16 स्तंभों पर टिका केंद्रीय हॉल है जहाँ भक्त एकत्रित होते थे।
Q49. होयसल काल में चित्रकला के प्रमाण कहाँ मिलते हैं?
A) अजंता
B) सित्तनवासल
C) केसरापुर गुफाएँ
D) होयसल मंदिरों में चित्रण के प्रमाण दुर्लभ हैं
✔ उत्तर: D) होयसल मंदिरों में चित्रण के प्रमाण दुर्लभ हैं
📖 व्याख्या: होयसल काल की मुख्य कला मूर्तिकला और स्थापत्य है; दीवारी चित्रकला के प्रमाण इस काल में अत्यल्प हैं।
Q50. होयसल मंदिरों में ‘प्रदक्षिणापथ’ क्या होता है?
A) प्रवेश मार्ग
B) गर्भगृह के चारों ओर परिक्रमा पथ
C) जलाशय
D) बाहरी प्राकार
✔ उत्तर: B) गर्भगृह के चारों ओर परिक्रमा पथ
📖 व्याख्या: प्रदक्षिणापथ वह गलियारा है जो गर्भगृह के चारों ओर परिक्रमा (circumambulation) के लिए बना होता है।
Q51. होयसल स्थापत्य में ‘खड़ासन’ क्या है?
A) ईश्वर की मूर्ति
B) ताड़ के पत्ते की पट्टी
C) मंदिर परिसर की बाहरी दीवार (enclosure wall)
D) कुँड
✔ उत्तर: C) मंदिर परिसर की बाहरी दीवार (enclosure wall)
📖 व्याख्या: खड़ासन होयसल मंदिर परिसर की बाहरी परिसीमा दीवार है।
Q52. होयसल काल में ‘दुर्गा’ की मूर्तियाँ किस रूप में मिलती हैं?
A) शांत रूप में
B) महिषासुरमर्दिनी रूप में
C) केवल बैठी हुई मुद्रा में
D) बाल रूप में
✔ उत्तर: B) महिषासुरमर्दिनी रूप में
📖 व्याख्या: होयसल मूर्तिकला में दुर्गा प्रमुखतः महिषासुरमर्दिनी (भैंसे के दैत्य को मारती हुई) के रूप में अंकित हैं।
Q53. होयसल मंदिर वास्तुकला का ‘अमलक’ (amalaka) क्या है?
A) फर्श की पट्टी
B) शिखर के शीर्ष पर रखा चपटा गोलाकार पत्थर
C) स्तंभ का आधार
D) प्रवेश द्वार
✔ उत्तर: B) शिखर के शीर्ष पर रखा चपटा गोलाकार पत्थर
📖 व्याख्या: अमलक (आँवले के आकार का) शिखर के शीर्ष पर रखा वह गोलाकार पत्थर है जिसके ऊपर कलश रखा जाता है।
Q54. होयसल मंदिरों का ‘गर्भगृह’ क्या होता है?
A) मुख्य प्रवेश हॉल
B) मंदिर का सबसे भीतरी कक्ष जहाँ मूर्ति होती है
C) परिक्रमा मार्ग
D) जलाशय
✔ उत्तर: B) मंदिर का सबसे भीतरी कक्ष जहाँ मूर्ति होती है
📖 व्याख्या: गर्भगृह मंदिर का सबसे पवित्र और भीतरी कक्ष होता है जिसमें मुख्य देवता की प्रतिमा स्थापित होती है।
Q55. होयसल मूर्तिकला में ‘अप्सराएँ’ किस प्रकार चित्रित होती हैं?
A) सरल वस्त्रों में
B) जटिल आभूषणों और विभिन्न नृत्य मुद्राओं में
C) केवल बैठी हुई
D) शस्त्र धारण किए हुए
✔ उत्तर: B) जटिल आभूषणों और विभिन्न नृत्य मुद्राओं में
📖 व्याख्या: होयसल मंदिरों में अप्सराएँ और मदनिकाएँ जटिल आभूषणों, पुष्पाहार और विभिन्न नृत्य मुद्राओं में उकेरी गई हैं।
Q56. होयसल काल में किस देवता की ‘चतुर्भुज’ (चार हाथ वाली) मूर्तियाँ सर्वाधिक मिलती हैं?
A) शिव
B) विष्णु
C) ब्रह्मा
D) इंद्र
✔ उत्तर: B) विष्णु
📖 व्याख्या: चेन्नाकेशव और केशव मंदिर वैष्णव हैं अतः विष्णु की चतुर्भुज (शंख, चक्र, गदा, पद्म धारण करती) मूर्तियाँ सर्वाधिक हैं।
Q57. होयसल मंदिरों में ‘भूमिज’ शैली का प्रभाव किस पर दिखता है?
A) स्तंभों पर
B) शिखर की बनावट पर
C) तालाब पर
D) मंडप की छत पर
✔ उत्तर: B) शिखर की बनावट पर
📖 व्याख्या: होयसल शिखर में उत्तर भारतीय ‘भूमिज’ उपशैली का भी प्रभाव दिखता है जिसमें मुख्य शिखर पर छोटे-छोटे मिनी-शिखर होते हैं।
Q58. होयसल मंदिरों की ‘भित्ति’ (exterior wall) पर पट्टियों का क्रम नीचे से ऊपर कैसा होता है?
A) हाथी → देवता → घोड़े → लताएँ → हंस
B) हाथी → घोड़े → लताएँ → महाकाव्य दृश्य → हंस → देवता
C) फूल → पशु → देवता
D) कोई निश्चित क्रम नहीं
✔ उत्तर: B) हाथी → घोड़े → लताएँ → महाकाव्य दृश्य → हंस → देवता
📖 व्याख्या: होयसल मंदिर की बाहरी दीवार पर नीचे से ऊपर: गज (हाथी) → अश्व → लता → कथा दृश्य → हंस → देव-देवी की मूर्तियाँ।
Q59. होयसल काल के किस प्रसिद्ध कन्नड़ कवि ने ‘रामचंद्रचरितपुराण’ लिखा?
A) पम्पा
B) नागचंद्र
C) रन्न
D) कुमारव्यास
✔ उत्तर: B) नागचंद्र
📖 व्याख्या: होयसल काल के प्रसिद्ध जैन कवि नागचंद्र ने ‘रामचंद्रचरितपुराण’ (अभिनव पम्पा रामायण) की रचना की।
Q60. होयसल मंदिरों पर अलाउद्दीन खिलजी के सेनापति ने कब हमला किया?
A) 1200 ई.
B) 1311 ई.
C) 1398 ई.
D) 1450 ई.
✔ उत्तर: B) 1311 ई.
📖 व्याख्या: 1311 ई. में अलाउद्दीन खिलजी के सेनापति मलिक काफूर ने दक्षिण भारत पर आक्रमण किया जिससे होयसल सत्ता कमजोर पड़ी।
📌 भारतीय कला इतिहास (Indian Art History) में होयसल काल (लगभग 1000-1343 ई.) विशेष महत्त्व रखता है। होयसल मंदिर वास्तुकला, होयसल मूर्तिकला और होयसल शिल्पकला — इन तीनों पर आधारित MCQ प्रश्न परीक्षार्थियों के लिए बहुत उपयोगी हैं। indianarthistory.com पर आप भारतीय कला के सभी कालखंडों का व्यापक अध्ययन कर सकते हैं।
अधिक जानकारी के लिए: indianarthistory.com | Art Resources | WhatsApp Channel | Facebook Page
Q61. होयसल मंदिरों में ‘अंतराल’ क्या होता है?
A) मुख्य द्वार
B) गर्भगृह और मंडप के बीच का जोड़ने वाला कक्ष
C) जलाशय
D) शिखर के ऊपर का भाग
✔ उत्तर: B) गर्भगृह और मंडप के बीच का जोड़ने वाला कक्ष
📖 व्याख्या: अंतराल (vestibule) गर्भगृह और मंडप को जोड़ने वाला छोटा कक्ष है जो संक्रमण स्थान का कार्य करता है।
Q62. होयसल काल में ‘सुवर्णलेखन’ (gold inscription) किसलिए प्रयुक्त होता था?
A) सामान्य प्रशासनिक आदेश
B) राजा के विशेष आदेश और धार्मिक दान
C) व्यापारिक लेखा
D) वैदिक मंत्र
✔ उत्तर: B) राजा के विशेष आदेश और धार्मिक दान
📖 व्याख्या: होयसल काल में राजा के महत्त्वपूर्ण आदेश और मंदिरों को दान के विवरण सुवर्णलेखन (ताम्रपट्ट/शिलालेख) पर दर्ज होते थे।
Q63. होयसल मंदिरों में ‘कल्पलता’ (kalpavalli) क्या है?
A) एक देवी का नाम
B) लताओं और फूलों की अलंकृत पट्टी
C) एक राजा का नाम
D) संगीत वाद्य
✔ उत्तर: B) लताओं और फूलों की अलंकृत पट्टी
📖 व्याख्या: कल्पलता (kalpavalli) होयसल मंदिर की दीवारों पर उकेरी गई पुष्प लताओं की सुंदर अलंकृत पट्टी है।
Q64. होयसल मंदिर की ‘द्वारशाखा’ (door jamb) पर क्या अंकित होता है?
A) सिर्फ ज्यामितीय नमूने
B) नदी देवियाँ (गंगा-यमुना) और मकर वाहन
C) राजा का चित्र
D) पशु
✔ उत्तर: B) नदी देवियाँ (गंगा-यमुना) और मकर वाहन
📖 व्याख्या: होयसल मंदिरों के द्वार-स्तंभों (द्वारशाखा) पर गंगा और यमुना देवियाँ अपने वाहनों (मकर और कच्छप) के साथ अंकित होती हैं।
Q65. होयसल मंदिरों में विष्णु के किस अवतार की मूर्तियाँ सर्वाधिक मिलती हैं?
A) वामन
B) नरसिम्हा
C) राम
D) कृष्ण
✔ उत्तर: B) नरसिम्हा
📖 व्याख्या: होयसल मंदिरों में विष्णु के नरसिम्हा (नरसिंह) अवतार की मूर्तियाँ बड़ी संख्या में मिलती हैं।
Q66. होयसल कला की तुलना किस अन्य दक्षिण भारतीय कला से अधिक होती है?
A) पल्लव कला
B) चालुक्य कला (बादामी/ऐहोल)
C) चोल कला
D) विजयनगर कला
✔ उत्तर: B) चालुक्य कला (बादामी/ऐहोल)
📖 व्याख्या: होयसल कला चालुक्य कला परंपरा की उत्तराधिकारी है, अतः इन दोनों की तुलना सबसे अधिक की जाती है।
Q67. होयसल मंदिरों में ‘पंचतंत्र’ और पशु कथाओं के दृश्य कहाँ मिलते हैं?
A) शिखर पर
B) बाहरी पट्टियों में
C) गर्भगृह में
D) कुंड में
✔ उत्तर: B) बाहरी पट्टियों में
📖 व्याख्या: होयसल मंदिरों की बाहरी पट्टियों में पशु कथाओं एवं पंचतंत्र के दृश्य अंकित होते हैं।
Q68. होयसल मंदिर स्थापत्य में ‘वसंतनिका’ (vasantika) क्या है?
A) उत्सव भवन
B) मंदिर के सामने खुला प्रांगण
C) जलाशय
D) राजमहल
✔ उत्तर: A) उत्सव भवन
📖 व्याख्या: वसंतनिका वह उत्सव भवन है जहाँ देव प्रतिमा को उत्सवों के दौरान विराजित किया जाता है।
Q69. होयसल काल में ‘तारकासुर’ की कथा पर आधारित मूर्तियाँ किस रूप में मिलती हैं?
A) विष्णु के रूप में
B) शिव और पार्वती के विवाह और कार्तिकेय की कथा के रूप में
C) ब्रह्मा के रूप में
D) इंद्र के रूप में
✔ उत्तर: B) शिव और पार्वती के विवाह और कार्तिकेय की कथा के रूप में
📖 व्याख्या: होयसल मंदिरों में तारकासुर वध की कथा शिव-पार्वती विवाह और कार्तिकेय की उत्पत्ति के माध्यम से दर्शाई जाती है।
Q70. होयसल मंदिरों के प्रसिद्ध शिल्पकारों (sculptors) के नाम कहाँ मिलते हैं?
A) लिखित ग्रंथों में
B) मंदिर की दीवारों पर उकेरे गए शिलालेखों में
C) राजदरबार के दस्तावेजों में
D) ताम्रपट्टों पर
✔ उत्तर: B) मंदिर की दीवारों पर उकेरे गए शिलालेखों में
📖 व्याख्या: होयसल मंदिरों पर कई शिल्पकारों ने अपना नाम अंकित किया है जैसे मल्लिताम्म, चौकप्पा आदि।
Q71. होयसल मंदिरों में ‘रतिबंध’ (erotic sculptures) क्यों उकेरे जाते थे?
A) कला प्रदर्शन के लिए
B) कामसूत्र के प्रचार के लिए
C) धार्मिक अनुष्ठान और आर्थिक समृद्धि के प्रतीक के रूप में
D) राजाओं के मनोरंजन के लिए
✔ उत्तर: C) धार्मिक अनुष्ठान और आर्थिक समृद्धि के प्रतीक के रूप में
📖 व्याख्या: मंदिरों पर मिथुन और काम-दृश्य धार्मिक प्रतीक हैं जो प्रजनन, समृद्धि और जीवन-ऊर्जा को दर्शाते हैं।
Q72. होयसल काल में ‘धनुर्विद्या’ संबंधी मूर्तियाँ किसे दर्शाती हैं?
A) अर्जुन
B) राम
C) कृष्ण
D) उपरोक्त सभी
✔ उत्तर: D) उपरोक्त सभी
📖 व्याख्या: होयसल मंदिरों में महाभारत और रामायण दोनों के धनुर्धर (अर्जुन, राम, कृष्ण) की मूर्तियाँ प्रचुर मात्रा में मिलती हैं।
Q73. होयसल मंदिरों के निर्माण में ‘छेनी की कारीगरी’ (chisel work) के कारण इन्हें क्या कहा जाता है?
A) पत्थर की कढ़ाई (stone embroidery)
B) लोहे की कला
C) मिट्टी की कला
D) कांच की कला
✔ उत्तर: A) पत्थर की कढ़ाई (stone embroidery)
📖 व्याख्या: होयसल मंदिरों की बारीक नक्काशी इतनी सूक्ष्म है कि इन्हें ‘पत्थर में कढ़ाई’ (stone embroidery) कहा जाता है।
Q74. होयसल वास्तुकला की सबसे अनूठी विशेषता क्या है?
A) विशालकाय आकार
B) जटिल और बारीक सजावटी नक्काशी
C) सादगी
D) एकल शिखर
✔ उत्तर: B) जटिल और बारीक सजावटी नक्काशी
📖 व्याख्या: होयसल वास्तुकला की सबसे अनूठी विशेषता इसकी अतिसूक्ष्म और जटिल सजावटी नक्काशी है जो विश्व में अद्वितीय है।
Q75. होयसल मंदिर परिसर में ‘दीपस्तंभ’ क्या होता है?
A) राजा की मूर्ति
B) दीपक जलाने का ऊँचा खंभा
C) मंदिर का शिखर
D) जलाशय
✔ उत्तर: B) दीपक जलाने का ऊँचा खंभा
📖 व्याख्या: दीपस्तंभ मंदिर प्रांगण में स्थित ऊँचा खंभा है जिस पर त्योहारों पर दीपक जलाए जाते हैं।
Q76. होयसल काल में ‘शिलाबालिका’ मूर्तियों की सबसे बड़ी विशेषता क्या है?
A) वे सभी एक जैसी हैं
B) प्रत्येक मूर्ति अपनी मुद्रा, आभूषण और भाव में अनूठी है
C) वे रंगीन हैं
D) वे लकड़ी की हैं
✔ उत्तर: B) प्रत्येक मूर्ति अपनी मुद्रा, आभूषण और भाव में अनूठी है
📖 व्याख्या: होयसल मंदिरों में कोई भी दो मूर्तियाँ बिल्कुल एक जैसी नहीं हैं — प्रत्येक शिलाबालिका (madanika) अपने आप में अनूठी है।
Q77. होयसल काल में ‘गणेश’ की मूर्तियाँ किस विशेष रूप में मिलती हैं?
A) केवल एकदंत रूप में
B) नृत्यरत, अष्टभुज (8 हाथ) गणेश के रूप में
C) बाल गणेश के रूप में
D) सिंहवाहन गणेश के रूप में
✔ उत्तर: B) नृत्यरत, अष्टभुज (8 हाथ) गणेश के रूप में
📖 व्याख्या: होयसल मंदिरों में नृत्यरत और अष्टभुज गणेश की मूर्तियाँ बड़ी संख्या में पाई जाती हैं।
Q78. होयसल मंदिर UNESCO विश्व धरोहर स्थल के रूप में किस श्रेणी में नामांकित हैं?
A) प्राकृतिक धरोहर
B) सांस्कृतिक धरोहर
C) मिश्रित धरोहर
D) अमूर्त सांस्कृतिक विरासत
✔ उत्तर: B) सांस्कृतिक धरोहर
📖 व्याख्या: होयसल मंदिर समूह को UNESCO ने सांस्कृतिक धरोहर स्थल के रूप में 2023 में विश्व धरोहर सूची में शामिल किया।
Q79. होयसल मंदिरों में ‘चामर धारिणी’ (flywhisk bearer) कौन होती हैं?
A) राजा की रानी
B) देवी की परिचारिकाएँ जो चामर लिए खड़ी हैं
C) नर्तकियाँ
D) युद्ध में देवी
✔ उत्तर: B) देवी की परिचारिकाएँ जो चामर लिए खड़ी हैं
📖 व्याख्या: चामर धारिणी देवी की सेविकाएँ हैं जो चामर (flywhisk) लेकर देवता के दोनों ओर खड़ी होती हैं।
Q80. होयसल मंदिरों के निर्माण का कार्य मुख्यतः किसने किया?
A) राजाओं ने स्वयं
B) स्थानीय शिल्पकार गिल्ड (श्रेणियाँ)
C) विदेशी कारीगर
D) साधु-संत
✔ उत्तर: B) स्थानीय शिल्पकार गिल्ड (श्रेणियाँ)
📖 व्याख्या: होयसल मंदिरों का निर्माण स्थानीय शिल्पकार गिल्ड (श्रेणियों) के कुशल कारीगरों ने किया था।
📌 होयसल कला MCQ का अभ्यास करते समय ध्यान दें कि होयसल मंदिर बेसर (वेसर) शैली में बनाए गए हैं जो नागर और द्रविड़ शैलियों का मिश्रण है। होयसलेश्वर मंदिर (हलेबिड) और चेन्नाकेशव मंदिर (बेलूर) होयसल वास्तुकला के सर्वश्रेष्ठ उदाहरण हैं। इन मंदिरों की साबुन पत्थर (soapstone) की नक्काशी विश्वभर में प्रसिद्ध है।
अधिक जानकारी के लिए: indianarthistory.com | Art Resources | WhatsApp Channel | Facebook Page
Q81. होयसल काल में ‘बसदि’ क्या होता है?
A) हिंदू मंदिर
B) जैन मंदिर
C) बौद्ध विहार
D) राजमहल
✔ उत्तर: B) जैन मंदिर
📖 व्याख्या: ‘बसदि’ कन्नड़ में जैन मंदिर को कहते हैं। होयसल काल में अनेक बसदियाँ (जैन मंदिर) बनाई गईं।
Q82. होयसल कला में ‘यक्षिणी’ की मूर्तियाँ किस संदर्भ में मिलती हैं?
A) हिंदू मंदिरों में केवल
B) जैन मंदिरों में शासन देवी के रूप में
C) बौद्ध विहारों में
D) राजदरबारों में
✔ उत्तर: B) जैन मंदिरों में शासन देवी के रूप में
📖 व्याख्या: होयसल जैन मंदिरों में यक्षिणी (शासन देवी) की मूर्तियाँ तीर्थंकर के साथ शासन देवी के रूप में मिलती हैं।
Q83. होयसल मंदिरों का प्रमुख वास्तुशास्त्रीय ग्रंथ कौन-सा था जिस पर ये आधारित थे?
A) मत्स्यपुराण
B) मानसार
C) मयमतम
D) अपराजितपृच्छा
✔ उत्तर: B) मानसार
📖 व्याख्या: होयसल मंदिर वास्तुशास्त्र में मुख्यतः ‘मानसार’ जैसे प्राचीन वास्तु ग्रंथों का अनुसरण किया गया।
Q84. होयसल मंदिरों के शिखर पर ‘कलश’ किसका प्रतीक है?
A) युद्ध की विजय
B) ब्रह्मांड के केंद्र (सुमेरु पर्वत) का प्रतीक
C) राजा का मुकुट
D) तालाब
✔ उत्तर: B) ब्रह्मांड के केंद्र (सुमेरु पर्वत) का प्रतीक
📖 व्याख्या: मंदिर शिखर का कलश ब्रह्मांड के केंद्र सुमेरु पर्वत का प्रतीक है और इसे मंदिर की ऊर्जा का शीर्ष माना जाता है।
Q85. होयसल काल में ‘नटराज’ की मूर्तियाँ किस मंदिर में सबसे प्रसिद्ध हैं?
A) चेन्नाकेशव, बेलूर
B) होयसलेश्वर, हलेबिड
C) केशव, सोमनाथपुर
D) वीरनारायण, बेलावडी
✔ उत्तर: B) होयसलेश्वर, हलेबिड
📖 व्याख्या: हलेबिड के होयसलेश्वर मंदिर में शिव नटराज की अत्यंत सुंदर और गतिशील मूर्तियाँ पाई जाती हैं।
Q86. होयसल मंदिरों में ‘हरिहर’ की मूर्ति किसे दर्शाती है?
A) शिव और विष्णु का संयुक्त रूप
B) ब्रह्मा और विष्णु
C) इंद्र और वरुण
D) राम और लक्ष्मण
✔ उत्तर: A) शिव और विष्णु का संयुक्त रूप
📖 व्याख्या: हरिहर शिव (हर) और विष्णु (हरि) का संयुक्त रूप है — होयसल मंदिरों में यह समन्वय की भावना दर्शाता है।
Q87. होयसल मंदिरों में ‘उमामहेश्वर’ की मूर्ति में क्या दिखाया जाता है?
A) शिव अकेले ध्यान में
B) शिव-पार्वती एक साथ युगल रूप में
C) शिव का नृत्य
D) शिव का क्रोध
✔ उत्तर: B) शिव-पार्वती एक साथ युगल रूप में
📖 व्याख्या: उमामहेश्वर में शिव और पार्वती (उमा) को एक साथ प्रेम-युगल के रूप में बैठे दर्शाया जाता है।
Q88. होयसल मंदिरों में ‘वेणुगोपाल’ की मूर्ति किसे दर्शाती है?
A) राम को वंशी बजाते हुए
B) कृष्ण को वंशी बजाते हुए
C) शिव को वंशी बजाते हुए
D) सरस्वती को वीणा बजाते हुए
✔ उत्तर: B) कृष्ण को वंशी बजाते हुए
📖 व्याख्या: वेणुगोपाल भगवान कृष्ण का वह रूप है जिसमें वे वंशी (बाँसुरी) बजाते हुए मनोहर मुद्रा में खड़े हैं।
Q89. होयसल कला की ‘त्रिभंग’ मुद्रा क्या होती है?
A) तीन सिर वाली मूर्ति
B) तीन स्थानों पर वक्र शरीर की S-आकार की मुद्रा
C) तीन हाथ वाली
D) तीन पैर वाली मुद्रा
✔ उत्तर: B) तीन स्थानों पर वक्र शरीर की S-आकार की मुद्रा
📖 व्याख्या: त्रिभंग मुद्रा में शरीर गर्दन, कमर और घुटने — तीन स्थानों पर S-आकार में वक्र होता है जो भारतीय मूर्तिकला में सौंदर्य का मानक है।
Q90. होयसल काल में प्रसिद्ध ‘गोमतेश्वर’ (बाहुबली) मूर्ति कहाँ है?
A) बेलूर
B) हलेबिड
C) श्रवणबेलगोला
D) सोमनाथपुर
✔ उत्तर: C) श्रवणबेलगोला
📖 व्याख्या: श्रवणबेलगोला में 10वीं सदी में निर्मित विशाल गोमतेश्वर (बाहुबली) की एकाश्म मूर्ति है जो होयसल काल से संबद्ध है।
Q91. होयसल काल में ‘पट्टाभिषेक’ के दृश्य किस प्रकार की कला में मिलते हैं?
A) ताम्रपट्ट
B) मंदिर मूर्तिकला और पट्टियों में
C) कागज चित्रकला में
D) वस्त्र कला में
✔ उत्तर: B) मंदिर मूर्तिकला और पट्टियों में
📖 व्याख्या: होयसल मंदिरों की पट्टियों में राजाभिषेक (पट्टाभिषेक) के दृश्य महाकाव्य कथा के हिस्से के रूप में अंकित हैं।
Q92. होयसल मंदिरों में ‘सूर्य’ की मूर्ति किस रूप में दिखती है?
A) रथ पर सवार, कमल हाथ में लिए
B) नृत्य मुद्रा में
C) बैठे हुए
D) सोते हुए
✔ उत्तर: A) रथ पर सवार, कमल हाथ में लिए
📖 व्याख्या: होयसल मंदिरों में सूर्य को सात अश्वों के रथ पर सवार और दोनों हाथों में कमल लिए दर्शाया जाता है।
Q93. होयसल काल में बेलूर के चेन्नाकेशव मंदिर का निर्माण कितने वर्षों में पूरा हुआ?
A) 10 वर्ष
B) 50 वर्ष
C) 103 वर्ष
D) 200 वर्ष
✔ उत्तर: C) 103 वर्ष
📖 व्याख्या: परंपरा के अनुसार बेलूर के चेन्नाकेशव मंदिर का निर्माण 103 वर्षों तक चला, इसकी बारीक नक्काशी के कारण।
Q94. होयसल मंदिरों में ‘लक्ष्मी’ की मूर्ति किस रूप में सबसे अधिक मिलती है?
A) गजलक्ष्मी (दो हाथियों द्वारा अभिषिक्त)
B) महालक्ष्मी (युद्ध में)
C) बालालक्ष्मी
D) केवल बैठी हुई
✔ उत्तर: A) गजलक्ष्मी (दो हाथियों द्वारा अभिषिक्त)
📖 व्याख्या: होयसल मंदिरों में गजलक्ष्मी (दोनों ओर से हाथियों द्वारा जल अभिषेक) का रूप सर्वाधिक प्रचलित है।
Q95. होयसल मंदिर वास्तुकला और चोल मंदिर वास्तुकला में क्या प्रमुख अंतर है?
A) होयसल मंदिर में गोपुरम नहीं होते
B) होयसल मंदिर पूरी तरह ईंट के होते हैं
C) चोल मंदिरों में मूर्तियाँ नहीं होती
D) होयसल मंदिर बड़े होते हैं
✔ उत्तर: A) होयसल मंदिर में गोपुरम नहीं होते
📖 व्याख्या: चोल (द्रविड़) मंदिरों में ऊँचे गोपुरम (प्रवेश टॉवर) होते हैं जबकि होयसल मंदिरों में गोपुरम नहीं होते।
Q96. होयसल काल में ‘तांत्रिक देवी’ की मूर्तियाँ किस रूप में मिलती हैं?
A) सौम्य रूप में
B) चामुंडी और काली जैसे उग्र रूपों में
C) बाल रूप में
D) नृत्य मुद्रा में केवल
✔ उत्तर: B) चामुंडी और काली जैसे उग्र रूपों में
📖 व्याख्या: होयसल मंदिरों में तांत्रिक देवी चामुंडी, काली और दुर्गा के उग्र रूपों में अंकित हैं।
Q97. होयसल मंदिरों में ‘शिव के सहस्रलिंग’ का क्या अर्थ है?
A) हजार शिवलिंग की पूजा
B) एक ही पत्थर पर हजारों छोटे लिंग उकेरे हुए
C) हजार शिव मंदिर
D) हजार बलि
✔ उत्तर: B) एक ही पत्थर पर हजारों छोटे लिंग उकेरे हुए
📖 व्याख्या: सहस्रलिंग एक शिलाखंड पर उकेरे गए हजारों लघु शिवलिंग होते हैं जो होयसल काल की शिल्प-कुशलता दर्शाते हैं।
Q98. होयसल काल में किस प्रसिद्ध कन्नड़ कवि ने ‘गदायुद्ध’ की रचना की?
A) पम्पा
B) नागचंद्र
C) रन्न
D) कुमारव्यास
✔ उत्तर: C) रन्न
📖 व्याख्या: ‘गदायुद्ध’ (महाभारत का भीम-दुर्योधन गदायुद्ध प्रसंग) होयसल पूर्व काल के कवि रन्न की प्रसिद्ध कन्नड़ रचना है।
Q99. होयसल मंदिरों में ‘अंधकासुर’ के वध का दृश्य किससे संबंधित है?
A) विष्णु से
B) शिव से
C) दुर्गा से
D) इंद्र से
✔ उत्तर: B) शिव से
📖 व्याख्या: होयसल मंदिरों में शिव द्वारा अंधकासुर वध का दृश्य शिव की शक्ति और विजय का प्रतीक है।
Q100. होयसल मंदिर स्थापत्य में ‘भोगनासी’ (bhoganasi) क्या है?
A) बड़ा तालाब
B) शिखर के पश्चिम में प्रक्षेपण जो ‘शुकनासी’ का भाग है
C) रसोईघर
D) प्रवेश द्वार
✔ उत्तर: B) शिखर के पश्चिम में प्रक्षेपण जो ‘शुकनासी’ का भाग है
📖 व्याख्या: भोगनासी शिखर के सामने प्रक्षेपित लघु टावर (शुकनासी) का भाग है जो मंदिर योजना का एक महत्त्वपूर्ण अंग है।
Q101. होयसल मंदिरों की कला में किस नृत्य शैली के भाव अंकित हैं?
A) भरतनाट्यम
B) कुचिपुड़ी
C) कथकली
D) ओडिसी
✔ उत्तर: A) भरतनाट्यम
📖 व्याख्या: होयसल मंदिर की मदनिका और देव-मूर्तियों में भरतनाट्यम नृत्य के करण और मुद्राएँ स्पष्ट रूप से दिखती हैं।
Q102. होयसल मंदिर स्थापत्य में ‘चंद्रशाला’ (chandrasala) क्या होती है?
A) चंद्र पूजा का स्थान
B) घोड़े के नाल आकार की (horseshoe arch) खिड़की
C) चाँद की मूर्ति
D) सीढ़ियाँ
✔ उत्तर: B) घोड़े के नाल आकार की (horseshoe arch) खिड़की
📖 व्याख्या: चंद्रशाला घोड़े के नाल के आकार की (horseshoe) सजावटी खिड़की है जो होयसल शिखर और दीवारों पर लगाई जाती है।
Q103. होयसल मंदिरों में ‘लघु मंदिर’ (miniature shrines) दीवारों पर क्यों उकेरे जाते हैं?
A) केवल सौंदर्य के लिए
B) ब्रह्मांड के अनेक देवताओं का प्रतीकात्मक निवास दर्शाने के लिए
C) राजाओं की इच्छा पर
D) विदेशी प्रभाव से
✔ उत्तर: B) ब्रह्मांड के अनेक देवताओं का प्रतीकात्मक निवास दर्शाने के लिए
📖 व्याख्या: दीवारों पर उकेरे लघु मंदिर (miniature shrines) विभिन्न देवताओं के प्रतीकात्मक निवास हैं जो ब्रह्मांड की विविधता दर्शाते हैं।
Q104. होयसल काल में ‘सरस्वती’ की मूर्तियाँ किस रूप में मिलती हैं?
A) वीणा और पुस्तक धारण करते हुए
B) धनुष लेकर
C) नृत्य करते हुए
D) युद्ध में
✔ उत्तर: A) वीणा और पुस्तक धारण करते हुए
📖 व्याख्या: होयसल मंदिरों में सरस्वती को वीणा और पुस्तक (पुस्तक और वीणा) धारण करते हुए, ज्ञान और संगीत की देवी के रूप में दर्शाया जाता है।
Q105. होयसल मंदिरों में ‘विष्णु के 24 रूप’ (चतुर्विंशतिमूर्तियाँ) किस आधार पर भिन्न होते हैं?
A) वस्त्र के रंग से
B) हाथों में धारण की वस्तुओं के क्रम से
C) बैठने की मुद्रा से
D) वाहन के प्रकार से
✔ उत्तर: B) हाथों में धारण की वस्तुओं के क्रम से
📖 व्याख्या: विष्णु के 24 रूप (चतुर्विंशतिमूर्ति) चार वस्तुओं — शंख, चक्र, गदा, पद्म — के हाथों में धारण के क्रम के अनुसार भिन्न होते हैं।
Q106. होयसल काल के अंत का मुख्य कारण क्या था?
A) भूकंप
B) दिल्ली सल्तनत का आक्रमण और विजयनगर साम्राज्य का उदय
C) अकाल
D) समुद्री व्यापार का पतन
✔ उत्तर: B) दिल्ली सल्तनत का आक्रमण और विजयनगर साम्राज्य का उदय
📖 व्याख्या: दिल्ली सल्तनत के आक्रमणों और 14वीं सदी में विजयनगर साम्राज्य के उदय से होयसल वंश का अंत हुआ।
Q107. होयसल मंदिरों में ‘सप्तमातृका’ (सात माताएँ) कौन-कौन हैं?
A) ब्राह्मी, माहेश्वरी, कौमारी, वैष्णवी, वाराही, इंद्राणी, चामुंडी
B) गंगा, यमुना, सरस्वती, गोदावरी, नर्मदा, सिंधु, कावेरी
C) लक्ष्मी, सरस्वती, दुर्गा, काली, पार्वती, राधा, सीता
D) उपरोक्त में से कोई नहीं
✔ उत्तर: A) ब्राह्मी, माहेश्वरी, कौमारी, वैष्णवी, वाराही, इंद्राणी, चामुंडी
📖 व्याख्या: सप्तमातृका सात माँ देवियाँ हैं — ब्राह्मी, माहेश्वरी, कौमारी, वैष्णवी, वाराही, इंद्राणी और चामुंडी — जो होयसल मंदिरों में एक साथ उकेरी जाती हैं।
Q108. होयसल मंदिरों में ‘शिव का अर्धनारीश्वर’ रूप क्या दर्शाता है?
A) शिव का स्त्री वेश
B) शिव और पार्वती का अर्धा-अर्धा संयुक्त रूप — पुरुष और प्रकृति की एकता
C) शिव की मृत्यु
D) शिव का युद्ध
✔ उत्तर: B) शिव और पार्वती का अर्धा-अर्धा संयुक्त रूप — पुरुष और प्रकृति की एकता
📖 व्याख्या: अर्धनारीश्वर शिव का वह रूप है जिसमें आधा भाग शिव (पुरुष) और आधा भाग पार्वती (प्रकृति) है, जो ब्रह्मांड में पुरुष-स्त्री की एकता दर्शाता है।
Q109. होयसल मंदिरों में ‘किन्नर’ और ‘गंधर्व’ की मूर्तियाँ कहाँ मिलती हैं?
A) गर्भगृह में
B) मंदिर की ऊपरी पट्टियों और छत पर
C) तालाब में
D) प्रांगण में
✔ उत्तर: B) मंदिर की ऊपरी पट्टियों और छत पर
📖 व्याख्या: किन्नर और गंधर्व (स्वर्गीय संगीतकार) की मूर्तियाँ होयसल मंदिरों की ऊपरी पट्टियों और शिखर के निकट अंकित होती हैं।
Q110. होयसल वास्तुकला को सर्वप्रथम किस पाश्चात्य विद्वान ने व्यापक रूप से दस्तावेज किया?
A) जेम्स फर्ग्युसन
B) पर्सी ब्राउन
C) आनंद कुमारस्वामी
D) H. कृष्णशास्त्री
✔ उत्तर: A) जेम्स फर्ग्युसन
📖 व्याख्या: 19वीं सदी के वास्तुकला इतिहासकार जेम्स फर्ग्युसन ने होयसल मंदिरों को पाश्चात्य जगत में व्यापक रूप से दस्तावेज किया।
Q111. होयसल काल की कला किस शब्द से विश्व की अनूठी मंदिर कला में स्थान पाती है?
A) फ्लैम्बोयंट गॉथिक जैसी बारीकी
B) रोमनेस्क शैली
C) बारोक शैली
D) मुगल शैली
✔ उत्तर: A) फ्लैम्बोयंट गॉथिक जैसी बारीकी
📖 व्याख्या: कला इतिहासकार होयसल नक्काशी की तुलना यूरोप की फ्लैम्बोयंट गॉथिक शैली से करते हैं — दोनों अपनी अत्यंत सूक्ष्म सजावट के लिए प्रसिद्ध हैं।
निष्कर्ष (Conclusion)
होयसल कला MCQ का यह संग्रह भारतीय कला इतिहास के परीक्षार्थियों और कला प्रेमियों के लिए एक अमूल्य संसाधन है। होयसल मंदिर — बेलूर, हलेबिड और सोमनाथपुर — भारतीय मंदिर वास्तुकला के सर्वोत्कृष्ट उदाहरण हैं।
इनकी साबुन पत्थर की नक्काशी, तारे के आकार की (stellate) मंदिर योजना, बारीक मदनिका मूर्तियाँ और वेसर शैली का शिखर — ये सभी विशेषताएँ होयसल कला को विश्व की अनूठी कला-परंपराओं में स्थापित करती हैं।
2023 में UNESCO विश्व धरोहर की मान्यता इस बात का प्रमाण है। इन 100 MCQ प्रश्नों का नियमित अभ्यास करें और अपनी परीक्षा की तैयारी को मजबूत बनाएँ।
भारतीय कला के सभी विषयों पर और अधिक MCQ, नोट्स और अध्ययन सामग्री के लिए indianarthistory.com पर जाएँ और हमारे WhatsApp चैनल ‘Indian Art History’ से जुड़ें। हमारे Facebook पेज ‘Indian Art History’ को भी Like और Follow करें।
© indianarthistory.com — Get All Art History At One Place
🌐 indianarthistory.com | 📱 WhatsApp | 📘 Facebook







