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नव तंत्र MCQ — 100 प्रश्नोत्तर सहित सम्पूर्ण अध्ययन सामग्री

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नव तंत्र MCQ — 100 प्रश्नोत्तर सहित सम्पूर्ण अध्ययन सामग्री

नव तंत्र MCQ — 100 प्रश्नोत्तर सहित सम्पूर्ण अध्ययन सामग्री

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नव तंत्र MCQ: K.C.S. पणिकर, G.R. संतोष, ग्रुप 1890, Cholamandal और तांत्रिक प्रतीकवाद पर आधारित 100 महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर। परीक्षा की सम्पूर्ण तैयारी यहीं करें। नव तंत्र MCQ — सम्पूर्ण अध्ययन सामग्री एवं 100 प्रश्नोत्तर परिचय: नव तंत्र आंदोलन — 1960 का दशक भारतीय आधुनिक कला के इतिहास में नव तंत्र आंदोलन एक अत्यंत महत्वपूर्ण और ...

नव तंत्र MCQ — 100 प्रश्नोत्तर सहित सम्पूर्ण अध्ययन सामग्री

नव तंत्र MCQ: K.C.S. पणिकर, G.R. संतोष, ग्रुप 1890, Cholamandal और तांत्रिक प्रतीकवाद पर आधारित 100 महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर। परीक्षा की सम्पूर्ण तैयारी यहीं करें।

Table of Contents

नव तंत्र MCQ — सम्पूर्ण अध्ययन सामग्री एवं 100 प्रश्नोत्तर

परिचय: नव तंत्र आंदोलन — 1960 का दशक

भारतीय आधुनिक कला के इतिहास में नव तंत्र आंदोलन एक अत्यंत महत्वपूर्ण और विचारोत्तेजक अध्याय है। यह आंदोलन 1960 के दशक में उस समय उभरा जब भारतीय कलाकार पश्चिमी आधुनिकतावाद की नकल से हटकर अपनी सांस्कृतिक जड़ों की ओर लौटना चाहते थे। नव तंत्र आंदोलन ने प्राचीन तांत्रिक परंपराओं, योग दर्शन और भारतीय आध्यात्मिक विचारधारा को आधुनिक दृश्य कला के माध्यम से पुनः जीवंत किया।

तंत्र शब्द संस्कृत भाषा से लिया गया है, जिसका शाब्दिक अर्थ है “विस्तार करना” या “बुनना”। तांत्रिक परंपरा भारत में हजारों वर्षों से विद्यमान रही है और इसमें ब्रह्मांड की मूलभूत शक्तियों को ज्यामितीय आकारों, प्रतीकों और रंगों के माध्यम से व्यक्त किया जाता है। भारतीय कला के इतिहास में तांत्रिक कला का एक विशिष्ट स्थान रहा है — यंत्र, मंडल, श्री यंत्र जैसे रूप सदियों से साधना और उपासना का हिस्सा रहे हैं।

1960 के दशक में जब विश्व भर में सांस्कृतिक उथल-पुथल चल रही थी, भारतीय कलाकारों ने भी अपनी पहचान खोजने का प्रयास किया। एक ओर पश्चिम में अमूर्त अभिव्यंजनावाद (Abstract Expressionism) और पॉप आर्ट का बोलबाला था, तो दूसरी ओर भारत में राष्ट्रीय पहचान और सांस्कृतिक स्वायत्तता की मांग उठ रही थी। इसी पृष्ठभूमि में नव तंत्र आंदोलन का जन्म हुआ।

इस आंदोलन की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि इसने धर्म और आध्यात्म को कला के माध्यम के रूप में प्रयोग किया — न कि किसी धार्मिक प्रचार के उद्देश्य से, बल्कि एक सार्वभौमिक दृश्य भाषा विकसित करने के लिए। भारतीय आधुनिक कला के संदर्भ में यह एक क्रांतिकारी दृष्टिकोण था।

नव तंत्र आंदोलन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में 1971 की एक प्रदर्शनी का विशेष महत्व है। लंदन के Hayward Gallery में आयोजित “Tantra Art” प्रदर्शनी ने पश्चिमी दर्शकों को भारतीय तांत्रिक कला से परिचित कराया। इस प्रदर्शनी के क्यूरेटर Ajit Mookerjee थे, जिन्होंने तांत्रिक कला को एक समग्र दर्शन के रूप में प्रस्तुत किया।

यह भी ध्यान देने योग्य है कि नव तंत्र कोई संगठित “ग्रुप” नहीं था, जैसे ग्रुप 1890 या प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट्स ग्रुप। यह एक व्यापक प्रवृत्ति थी जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के कलाकारों ने स्वतंत्र रूप से तांत्रिक प्रतीकों और आध्यात्मिक विचारों को अपनी कला में शामिल किया। www.psartworks.in जैसे कला संस्थानों ने इस प्रकार की भारतीय कला परंपराओं के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

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प्रमुख कलाकार: K.C.S. पणिकर, G.R. संतोष

K.C.S. पणिकर (1911–1977)

K.C.S. पणिकर का पूरा नाम Kattingeri Krishna Hebbar नहीं, बल्कि Kanayi Kunhiraman Subramanyan Panikkar था। उनका जन्म 1911 में केरल में हुआ था। वे मद्रास (अब चेन्नई) में बस गए और मद्रास स्कूल ऑफ आर्ट्स एंड क्राफ्ट्स में दीर्घकाल तक अध्यापन किया। वे इस संस्था के प्राचार्य भी रहे।

पणिकर की कला यात्रा कई चरणों में विभाजित है। प्रारंभ में उन्होंने यथार्थवादी और बंगाल स्कूल की शैली में काम किया, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने अपनी एक विशिष्ट शैली विकसित की। 1960 के दशक में उनकी कला में भारतीय लिपियों, प्राकृतिक तत्वों और तांत्रिक प्रतीकों का समावेश होने लगा।

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पणिकर की सबसे चर्चित श्रृंखला “Words and Symbols” है, जिसमें उन्होंने तमिल, तेलुगु और संस्कृत की लिपियों को दृश्य तत्वों के रूप में प्रयोग किया। इन कृतियों में अक्षर केवल भाषाई संकेत नहीं रहते, बल्कि वे एक दृश्य लय और आध्यात्मिक ऊर्जा के वाहक बन जाते हैं। भारतीय आधुनिक कला के इतिहास में यह प्रयोग अत्यंत मौलिक माना जाता है।

पणिकर ने Cholamandal Artists’ Village की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 1966 में मद्रास के निकट स्थापित यह कलाकार समुदाय भारत का पहला स्व-निर्भर कलाकार ग्राम था। यहां कलाकार न केवल काम करते थे, बल्कि अपनी कृतियां बेचकर जीविका भी अर्जित करते थे। Cholamandal का यह प्रयोग भारतीय कला जगत में एक नई मिसाल बना।

पणिकर की कला में प्रकृति के तत्व — पत्तियां, जड़ें, बीज, पशु-पक्षी — तांत्रिक ज्यामिति के साथ घुल-मिल जाते हैं। उनकी पेंटिंग्स में एक ऐसा ब्रह्मांड दिखता है जहां भाषा, प्रकृति और आध्यात्मिकता एकाकार हो जाती हैं।

G.R. संतोष (1929–1997)

Gulam Rasool Santosh का जन्म 1929 में जम्मू-कश्मीर में हुआ था। वे भारतीय नव तंत्र कला के सबसे प्रभावशाली कलाकारों में गिने जाते हैं। संतोष ने प्रारंभ में ग्रुप 1890 के साथ काम किया, जो एक अवांट-गार्द आंदोलन था। लेकिन बाद में उनका झुकाव कश्मीरी शैव दर्शन और तांत्रिक कला की ओर हुआ।

संतोष की कला में कश्मीरी शैव तंत्र का गहरा प्रभाव देखा जा सकता है। उन्होंने शिव-शक्ति की अवधारणा को अपनी कला का केंद्रीय विषय बनाया। उनकी पेंटिंग्स में अर्धनारीश्वर का रूप, यिन-यांग जैसी ध्रुवीयताएं, और तांत्रिक ऊर्जा के प्रवाह को दर्शाया गया है।

संतोष ने रंगों का प्रयोग अत्यंत सोच-समझकर किया। उनकी अधिकांश कृतियों में लाल और काले रंग का वर्चस्व है, जो क्रमशः शक्ति और शिव का प्रतीक हैं। उनकी आकृतियां अमूर्त हैं, फिर भी उनमें एक जीवंत उपस्थिति महसूस होती है। भारतीय अमूर्त कला के संदर्भ में संतोष का योगदान अतुलनीय है।

संतोष का मानना था कि वास्तविक कला ध्यान और साधना से उत्पन्न होती है। उन्होंने स्वयं तांत्रिक साधना की और इस अनुभव को अपनी कृतियों में उतारा। उनकी कला देखते समय दर्शक को एक ध्यानस्थ अवस्था का अनुभव होता है।

अन्य महत्वपूर्ण कलाकार

  • Biren De — दिल्ली के प्रमुख नव तंत्र कलाकार, जिनकी कृतियों में ज्यामितीय अमूर्तन और आध्यात्मिक ऊर्जा का संयोजन मिलता है।
  • P.T. Reddy — आंध्र प्रदेश के कलाकार जिन्होंने तांत्रिक प्रतीकों को आधुनिक माध्यम में प्रस्तुत किया।
  • Om Prakash Sharma — जिनकी कृतियां तांत्रिक मंडल और यंत्र से प्रेरित हैं।
  • Ajit Mookerjee — जिन्होंने न केवल कला बनाई बल्कि तांत्रिक कला पर महत्वपूर्ण पुस्तकें भी लिखीं और भारतीय तांत्रिक कला को वैश्विक मंच पर पहुंचाया।

शैलीगत विशेषताएं: तंत्र प्रतीकवाद, ज्यामिति, आध्यात्मिकता

तंत्र प्रतीकवाद

नव तंत्र कला की पहचान उसके विशिष्ट प्रतीकों से होती है। तांत्रिक कला में प्रयुक्त प्रमुख प्रतीक इस प्रकार हैं:

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यंत्र — ज्यामितीय आकृतियों से बना एक ऐसा आरेख जो किसी देवता या ब्रह्मांडीय शक्ति का प्रतीक होता है। श्री यंत्र सबसे जटिल और पवित्र यंत्र है, जिसमें नौ परस्पर अतिच्छादित त्रिभुज होते हैं।

मंडल — वृत्ताकार रचना जो ब्रह्मांड की संरचना को दर्शाती है। मंडल का प्रयोग ध्यान में एकाग्रता के साधन के रूप में होता है।

बिंदु — शून्य का प्रतीक, जो सृष्टि का आरंभ बिंदु है। तांत्रिक दर्शन में बिंदु सर्वोच्च चेतना का प्रतीक है।

त्रिकोण — ऊर्ध्वमुखी त्रिकोण शिव (पुरुष तत्व) और अधोमुखी त्रिकोण शक्ति (स्त्री तत्व) का प्रतीक है। इनका संयोजन षट्कोण या दाऊद का सितारा बनाता है, जो भारतीय तांत्रिक कला में आम है।

सर्प — कुंडलिनी शक्ति का प्रतीक, जो मेरुदंड के आधार से उठकर सहस्रार चक्र तक जाती है।

ज्यामितीय विशेषताएं

नव तंत्र कला की ज्यामिति केवल सौंदर्यशास्त्र नहीं है — यह एक गहरी आध्यात्मिक भाषा है। भारतीय ज्यामितीय कला में प्रत्येक आकार का एक विशेष अर्थ होता है:

  • वृत्त — अनंत, पूर्णता, ब्रह्म
  • वर्ग — पृथ्वी तत्व, स्थिरता
  • त्रिकोण — अग्नि, परिवर्तन, दिव्य शक्ति
  • सर्पिल — विकास, ऊर्जा का प्रवाह
  • बिंदु — केंद्र, चेतना का मूल

नव तंत्र कलाकारों ने इन ज्यामितीय तत्वों को आधुनिक माध्यमों — तैल रंग, एक्रेलिक, कोलाज — में प्रयोग किया। K.C.S. पणिकर जैसे कलाकारों ने इन्हें लिपि के तत्वों के साथ मिलाया, जबकि G.R. संतोष ने इन्हें शुद्ध रंग-क्षेत्रों में विकसित किया।

आध्यात्मिकता और दर्शन

नव तंत्र कला का दार्शनिक आधार अत्यंत समृद्ध है। इसमें निम्नलिखित परंपराओं का समावेश है:

अद्वैत वेदांत — शंकराचार्य के अद्वैत दर्शन के अनुसार ब्रह्म और जीव में कोई भेद नहीं। नव तंत्र कला में यह एकत्व दृश्य रूप में व्यक्त होता है।

कश्मीर शैव — जिसमें शिव ही परम सत्य है और सृष्टि उनकी लीला है। G.R. संतोष की कला इसी परंपरा से गहराई से जुड़ी है।

शाक्त तंत्र — जिसमें देवी शक्ति को परम चेतना माना जाता है।

बौद्ध तंत्र (वज्रयान) — जिसमें मंडल, मुद्रा और मंत्र के माध्यम से मुक्ति की साधना होती है।

नव तंत्र कलाकारों ने इन सभी परंपराओं से प्रेरणा लेकर एक समेकित दृश्य भाषा विकसित की। उनकी कला भारतीय आध्यात्मिक कला की इस विशाल विरासत का आधुनिक संस्करण है।

रंग-विज्ञान

नव तंत्र कला में रंगों का प्रयोग भी प्रतीकात्मक है:

  • लाल — शक्ति, जीवन, रक्त, उत्साह
  • काला — शिव, महाकाल, विनाश और पुनर्निर्माण
  • पीला/सुनहरा — ज्ञान, ब्रह्म, दिव्यता
  • नीला — विष्णु, शांति, अनंत आकाश
  • सफेद — शुद्धता, शून्य, मोक्ष

नव तंत्र vs ग्रुप 1890 — तुलना

भारतीय आधुनिक कला में दो महत्वपूर्ण आंदोलनों — नव तंत्र और ग्रुप 1890 — की तुलना परीक्षाओं में प्रायः पूछी जाती है। दोनों 1960 के दशक में सक्रिय थे, लेकिन उनके दृष्टिकोण में मूलभूत अंतर था।

ग्रुप 1890 का परिचय

ग्रुप 1890 की स्थापना 1963 में हुई। इसका नाम इसलिए रखा गया क्योंकि इसकी स्थापना 1890 ई. के एक ऐतिहासिक वर्ष से प्रेरित थी — यह वह समय था जब भारत में राष्ट्रीय जागृति का आरंभ हो रहा था। इस ग्रुप के प्रमुख सदस्यों में J. Swaminathan, Ambadas, Eric Bowen, Rajesh Mehra, Himmat Shah, Raghav Kaneria आदि शामिल थे।

ग्रुप 1890 ने भारतीय कला में एक कट्टर अवांट-गार्द स्थिति ली। उनका घोषणापत्र (Manifesto) अत्यंत उग्र था — उन्होंने यूरोपीय कला परंपराओं और भारतीय नवजागरण दोनों को अस्वीकार किया।

तुलनात्मक विश्लेषण

पहलूनव तंत्रग्रुप 1890
स्थापना/उद्भव1960 के दशक में क्रमिक विकास1963 में औपचारिक स्थापना
संगठनअसंगठित, व्यापक प्रवृत्तिसंगठित ग्रुप, घोषणापत्र सहित
दार्शनिक आधारतांत्रिक, आध्यात्मिक, योगअवांट-गार्द, विद्रोही, पश्चिमी विरोधी
प्रमुख प्रभावतांत्रिक परंपरा, शैव-शाक्त दर्शनआदिम कला, लोक कला, अभिव्यंजनावाद
शैलीज्यामितीय, प्रतीकात्मकअमूर्त, प्रयोगधर्मी
प्रमुख कलाकारK.C.S. पणिकर, G.R. संतोष, Biren DeJ. Swaminathan, Himmat Shah
केंद्रमद्रास, दिल्ली, कश्मीरदिल्ली
अंतरराष्ट्रीय पहचान1971 की लंदन प्रदर्शनीसीमित

J. Swaminathan की भूमिका

J. Swaminathan ग्रुप 1890 के प्रमुख सिद्धांतकार थे। वे एक कवि, लेखक और कलाकार थे। उन्होंने “Contra” पत्रिका निकाली और भारतीय कला में एक नई बौद्धिक बहस छेड़ी। बाद में वे भोपाल के Bharat Bhavan के पहले निदेशक बने, जो भारतीय लोक और आदिवासी कला के संरक्षण का प्रमुख केंद्र है।

G.R. संतोष की दोहरी भूमिका

यह ध्यान देने योग्य है कि G.R. संतोष ने दोनों आंदोलनों में भाग लिया। वे ग्रुप 1890 के सदस्य भी थे और बाद में नव तंत्र की ओर मुड़े। यह उनकी कला यात्रा की विशेषता है — वे विद्रोह से आरंभ करके साधना की ओर पहुंचे।

परीक्षा उपयोगी तथ्य

नव तंत्र MCQ की तैयारी के लिए निम्नलिखित तथ्य अत्यंत महत्वपूर्ण हैं:

महत्वपूर्ण तिथियां और स्थान

  1. नव तंत्र आंदोलन का उदय — 1960 का दशक
  2. ग्रुप 1890 की स्थापना — 1963
  3. Cholamandal Artists’ Village की स्थापना — 1966, मद्रास के निकट
  4. लंदन में “Tantra Art” प्रदर्शनी — 1971, Hayward Gallery
  5. K.C.S. पणिकर का जन्म — 1911, निधन — 1977
  6. G.R. संतोष का जन्म — 1929, निधन — 1997

महत्वपूर्ण संस्थान और व्यक्तित्व

  • Cholamandal — K.C.S. पणिकर द्वारा स्थापित भारत का पहला कलाकार ग्राम
  • Ajit Mookerjee — “Tantra Art” पुस्तक के लेखक, लंदन प्रदर्शनी के क्यूरेटर
  • Philip Rawson — पश्चिमी विद्वान जिन्होंने तांत्रिक कला पर लिखा
  • Bharat Bhavan, Bhopal — J. Swaminathan द्वारा निर्देशित, आदिवासी और आधुनिक भारतीय कला का केंद्र

शैलीगत पहचान

  • नव तंत्र में ज्यामितीय अमूर्तन प्रमुख है
  • यंत्र और मंडल प्रमुख दृश्य तत्व हैं
  • बिंदु (केंद्रीय बिंदु) सृष्टि के आरंभ का प्रतीक है
  • लाल-काला रंग संयोजन G.R. संतोष की पहचान है
  • लिपि तत्व K.C.S. पणिकर की विशेषता है

परीक्षा में सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्न-बिंदु

  1. Cholamandal की स्थापना किसने की?
  2. नव तंत्र और ग्रुप 1890 में क्या अंतर है?
  3. G.R. संतोष किस दर्शन से प्रभावित थे?
  4. “Tantra Art” पुस्तक किसने लिखी?
  5. नव तंत्र में किन प्रतीकों का प्रयोग होता है?

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100 MCQ उत्तर सहित

नीचे नव तंत्र MCQ के 100 प्रश्न दिए गए हैं जो विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं:


1. नव तंत्र आंदोलन का उदय किस दशक में हुआ? (A) 1950 का दशक (B) 1960 का दशक (C) 1970 का दशक (D) 1980 का दशक उत्तर: (B)


2. K.C.S. पणिकर किस कला संस्था से जुड़े थे? (A) बड़ौदा स्कूल (B) मद्रास स्कूल ऑफ आर्ट्स (C) दिल्ली कॉलेज ऑफ आर्ट (D) जे.जे. स्कूल ऑफ आर्ट उत्तर: (B)


3. Cholamandal Artists’ Village की स्थापना किस वर्ष हुई? (A) 1963 (B) 1964 (C) 1966 (D) 1968 उत्तर: (C)


4. G.R. संतोष किस दर्शन से सर्वाधिक प्रभावित थे? (A) बौद्ध तंत्र (B) कश्मीर शैव (C) अद्वैत वेदांत (D) वैष्णव भक्ति उत्तर: (B)


5. “Tantra Art” पुस्तक किसने लिखी? (A) K.C.S. पणिकर (B) J. Swaminathan (C) Ajit Mookerjee (D) Philip Rawson उत्तर: (C)


6. 1971 की “Tantra Art” प्रदर्शनी कहां आयोजित हुई? (A) न्यूयॉर्क (B) पेरिस (C) लंदन (D) टोक्यो उत्तर: (C)


7. ग्रुप 1890 की स्थापना किस वर्ष हुई? (A) 1960 (B) 1961 (C) 1962 (D) 1963 उत्तर: (D)


8. ग्रुप 1890 के प्रमुख सिद्धांतकार कौन थे? (A) K.C.S. पणिकर (B) J. Swaminathan (C) Biren De (D) G.R. संतोष उत्तर: (B)


9. तांत्रिक कला में “बिंदु” किसका प्रतीक है? (A) अग्नि का (B) जल का (C) सृष्टि के आरंभ का (D) मृत्यु का उत्तर: (C)


10. K.C.S. पणिकर की प्रसिद्ध श्रृंखला का नाम क्या था? (A) Shiva Series (B) Words and Symbols (C) Tantra Mandala (D) Earth and Sky उत्तर: (B)


11. नव तंत्र कला में ऊर्ध्वमुखी त्रिकोण किसका प्रतीक है? (A) शक्ति (B) शिव (C) ब्रह्मा (D) विष्णु उत्तर: (B)


12. G.R. संतोष की कला में कौन से रंगों का प्रमुख प्रयोग होता है? (A) नीला-हरा (B) पीला-नारंगी (C) लाल-काला (D) सफेद-भूरा उत्तर: (C)


13. Cholamandal किस शहर के निकट स्थित है? (A) मुंबई (B) दिल्ली (C) कोलकाता (D) मद्रास (चेन्नई) उत्तर: (D)


14. नव तंत्र आंदोलन किस प्राचीन भारतीय परंपरा से प्रेरित था? (A) बौद्ध स्तूप कला (B) तांत्रिक परंपरा (C) मुगल लघुचित्र (D) राजपूत चित्रकला उत्तर: (B)


15. J. Swaminathan किस संस्था के पहले निदेशक बने? (A) National Gallery of Modern Art (B) Bharat Bhavan (C) Lalit Kala Akademi (D) Cholamandal उत्तर: (B)


16. तांत्रिक कला में “मंडल” किसका प्रतीक है? (A) पृथ्वी (B) ब्रह्मांड की संरचना (C) सूर्य (D) चंद्रमा उत्तर: (B)


17. K.C.S. पणिकर का जन्म किस राज्य में हुआ? (A) तमिलनाडु (B) आंध्र प्रदेश (C) केरल (D) कर्नाटक उत्तर: (C)


18. G.R. संतोष पहले किस आंदोलन से जुड़े थे? (A) प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट्स ग्रुप (B) ग्रुप 1890 (C) बंगाल स्कूल (D) मद्रास स्कूल उत्तर: (B)


19. “श्री यंत्र” में कितने परस्पर अतिच्छादित त्रिभुज होते हैं? (A) पांच (B) सात (C) नौ (D) ग्यारह उत्तर: (C)


20. नव तंत्र कला में “वृत्त” किसका प्रतीक है? (A) अग्नि (B) अनंत और पूर्णता (C) पृथ्वी (D) वायु उत्तर: (B)


21. Biren De किस शहर के प्रमुख नव तंत्र कलाकार थे? (A) मुंबई (B) कोलकाता (C) दिल्ली (D) चेन्नई उत्तर: (C)


22. तांत्रिक कला में “कुंडलिनी” का प्रतीक क्या है? (A) वृत्त (B) सर्प (C) त्रिकोण (D) वर्ग उत्तर: (B)


23. ग्रुप 1890 का घोषणापत्र किसने लिखा? (A) K.C.S. पणिकर (B) G.R. संतोष (C) J. Swaminathan (D) Ajit Mookerjee उत्तर: (C)


24. नव तंत्र कला में “वर्ग” किस तत्व का प्रतीक है? (A) जल (B) अग्नि (C) पृथ्वी (D) आकाश उत्तर: (C)


25. K.C.S. पणिकर का निधन किस वर्ष हुआ? (A) 1975 (B) 1976 (C) 1977 (D) 1978 उत्तर: (C)


26. नव तंत्र आंदोलन में किस प्रकार की ज्यामिति का प्रयोग होता है? (A) यूक्लिडीय (B) प्रतीकात्मक और आध्यात्मिक (C) वास्तुशास्त्रीय (D) गणितीय उत्तर: (B)


27. “Contra” पत्रिका किसने निकाली? (A) K.C.S. पणिकर (B) J. Swaminathan (C) G.R. संतोष (D) Biren De उत्तर: (B)


28. Bharat Bhavan किस शहर में स्थित है? (A) दिल्ली (B) जयपुर (C) भोपाल (D) लखनऊ उत्तर: (C)


29. तांत्रिक कला में “पीला रंग” किसका प्रतीक है? (A) शक्ति (B) ज्ञान और ब्रह्म (C) मृत्यु (D) प्रेम उत्तर: (B)


30. G.R. संतोष का जन्म किस राज्य में हुआ? (A) राजस्थान (B) उत्तर प्रदेश (C) जम्मू-कश्मीर (D) पंजाब उत्तर: (C)


31. नव तंत्र कला में “अधोमुखी त्रिकोण” किसका प्रतीक है? (A) शिव (B) शक्ति/स्त्री तत्व (C) ब्रह्मा (D) इंद्र उत्तर: (B)


32. Ajit Mookerjee किस क्षेत्र से संबंधित थे? (A) केवल चित्रकला (B) केवल मूर्तिकला (C) कला, लेखन और क्यूरेटरशिप (D) संगीत उत्तर: (C)


33. नव तंत्र आंदोलन को अंतरराष्ट्रीय पहचान किस गैलरी से मिली? (A) Tate Modern (B) Hayward Gallery (C) Louvre (D) MoMA उत्तर: (B)


34. Cholamandal को भारत का पहला क्या कहा जाता है? (A) आधुनिक कला केंद्र (B) स्व-निर्भर कलाकार ग्राम (C) तांत्रिक कला विद्यालय (D) अमूर्त कला संग्रहालय उत्तर: (B)


35. K.C.S. पणिकर ने अपनी कला में किस तत्व का अनोखा प्रयोग किया? (A) फोटोग्राफी (B) लिपि तत्व (C) मूर्तिकला (D) ग्राफिक डिजाइन उत्तर: (B)


36. ग्रुप 1890 में कितने सदस्य थे? (A) 5 (B) 7 (C) 9 (D) 12 उत्तर: (C) — सामान्यतः 9 प्रमुख सदस्य माने जाते हैं


37. नव तंत्र कला में “सर्पिल” किसका प्रतीक है? (A) स्थिरता (B) विकास और ऊर्जा प्रवाह (C) विनाश (D) शांति उत्तर: (B)


38. G.R. संतोष का निधन किस वर्ष हुआ? (A) 1993 (B) 1995 (C) 1997 (D) 1999 उत्तर: (C)


39. तांत्रिक कला में “काला रंग” किसका प्रतीक है? (A) विष्णु (B) ब्रह्मा (C) शिव/महाकाल (D) इंद्र उत्तर: (C)


40. नव तंत्र आंदोलन किसके विरोध में एक प्रतिक्रिया था? (A) बंगाल स्कूल (B) पश्चिमी कला की नकल (C) राजपूत चित्रकला (D) लोक कला उत्तर: (B)


41. “यंत्र” क्या होता है? (A) एक संगीत वाद्य (B) एक ज्यामितीय आरेख जो देवता का प्रतीक है (C) एक नृत्य शैली (D) एक वास्तु तकनीक उत्तर: (B)


42. ग्रुप 1890 ने किसे अस्वीकार किया? (A) केवल यूरोपीय कला (B) केवल मुगल कला (C) यूरोपीय कला और भारतीय नवजागरण दोनों (D) केवल आदिवासी कला उत्तर: (C)


43. P.T. Reddy किस राज्य के कलाकार थे? (A) तमिलनाडु (B) केरल (C) आंध्र प्रदेश (D) कर्नाटक उत्तर: (C)


44. नव तंत्र कला में “नीला रंग” किसका प्रतीक है? (A) शिव (B) शक्ति (C) विष्णु और अनंत आकाश (D) ब्रह्मा उत्तर: (C)


45. K.C.S. पणिकर किस पद पर मद्रास स्कूल ऑफ आर्ट्स में रहे? (A) प्राध्यापक (B) प्राचार्य (C) क्यूरेटर (D) छात्र उत्तर: (B)


46. तांत्रिक परंपरा में “मंत्र” का क्या महत्व है? (A) केवल धार्मिक अनुष्ठान (B) दृश्य, श्रव्य और मानसिक साधना का एकीकरण (C) नृत्य का एक रूप (D) चित्रकला की एक शैली उत्तर: (B)


47. ग्रुप 1890 का केंद्र कौन सा शहर था? (A) मुंबई (B) कोलकाता (C) दिल्ली (D) चेन्नई उत्तर: (C)


48. “अद्वैत वेदांत” किसने प्रतिपादित किया? (A) रामानुज (B) माधवाचार्य (C) शंकराचार्य (D) चैतन्य उत्तर: (C)


49. नव तंत्र कला में “लाल रंग” किसका प्रतीक है? (A) शांति (B) शक्ति और जीवन (C) ज्ञान (D) मोक्ष उत्तर: (B)


50. Himmat Shah किस आंदोलन से जुड़े थे? (A) नव तंत्र (B) ग्रुप 1890 (C) प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट्स ग्रुप (D) बंगाल स्कूल उत्तर: (B)


51. नव तंत्र की प्रमुख शैलीगत विशेषता क्या है? (A) यथार्थवाद (B) ज्यामितीय अमूर्तन और प्रतीकवाद (C) प्रभाववाद (D) अतियथार्थवाद उत्तर: (B)


52. “Contra” पत्रिका का संबंध किस आंदोलन से था? (A) नव तंत्र (B) ग्रुप 1890 (C) प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट्स ग्रुप (D) Cholamandal उत्तर: (B)


53. कश्मीर शैव दर्शन का परम सत्य कौन है? (A) विष्णु (B) ब्रह्मा (C) शिव (D) देवी उत्तर: (C)


54. नव तंत्र आंदोलन का एक प्रमुख उद्देश्य क्या था? (A) पश्चिमी कला की नकल (B) भारतीय सांस्कृतिक जड़ों से पुनर्जुड़ाव (C) मुगल कला का पुनरुद्धार (D) फोटोग्राफी का विकास उत्तर: (B)


55. Philip Rawson का संबंध किस क्षेत्र से था? (A) भारतीय कलाकार (B) तांत्रिक कला पर लिखने वाले पश्चिमी विद्वान (C) फ्रांसीसी चित्रकार (D) जापानी कलाकार उत्तर: (B)


56. Cholamandal की स्थापना में किसने मुख्य भूमिका निभाई? (A) G.R. संतोष (B) Biren De (C) K.C.S. पणिकर (D) J. Swaminathan उत्तर: (C)


57. तांत्रिक कला में “सफेद रंग” किसका प्रतीक है? (A) शक्ति (B) अग्नि (C) शुद्धता और मोक्ष (D) भय उत्तर: (C)


58. नव तंत्र और ग्रुप 1890 दोनों में किस कलाकार ने भाग लिया? (A) K.C.S. पणिकर (B) Biren De (C) G.R. संतोष (D) P.T. Reddy उत्तर: (C)


59. “वज्रयान” किस धर्म की तांत्रिक शाखा है? (A) हिंदू (B) जैन (C) बौद्ध (D) सिख उत्तर: (C)


60. K.C.S. पणिकर किस माध्यम में मुख्यतः काम करते थे? (A) मूर्तिकला (B) चित्रकला और रेखाचित्र (C) ग्राफिक्स (D) इंस्टॉलेशन आर्ट उत्तर: (B)


61. नव तंत्र कला में “षट्कोण” (हेक्सागोन) का निर्माण कैसे होता है? (A) दो वृत्तों से (B) ऊर्ध्वमुखी और अधोमुखी त्रिकोण के संयोजन से (C) चार वर्गों से (D) छह रेखाओं से उत्तर: (B)


62. J. Swaminathan का निधन किस वर्ष हुआ? (A) 1992 (B) 1994 (C) 1996 (D) 1998 उत्तर: (B) — 1994


63. Bharat Bhavan की स्थापना किस वर्ष हुई? (A) 1980 (B) 1982 (C) 1984 (D) 1986 उत्तर: (B) — 1982


64. नव तंत्र कला मुख्यतः किस माध्यम में बनाई गई? (A) जल रंग (B) तैल रंग और एक्रेलिक (C) फ्रेस्को (D) टेम्पेरा उत्तर: (B)


65. “शाक्त तंत्र” में परम चेतना को किस रूप में माना जाता है? (A) शिव (B) विष्णु (C) देवी शक्ति (D) ब्रह्मा उत्तर: (C)


66. Ambadas किस आंदोलन से जुड़े थे? (A) नव तंत्र (B) ग्रुप 1890 (C) प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट्स ग्रुप (D) बंगाल स्कूल उत्तर: (B)


67. नव तंत्र कला को किस वैश्विक कला आंदोलन के साथ तुलना की जाती है? (A) Surrealism (B) Pop Art (C) Abstract Expressionism (D) Minimalism उत्तर: (C) — दोनों में अमूर्तन है, पर भारतीय तंत्र का आध्यात्मिक आधार अलग है


68. K.C.S. पणिकर की “Words and Symbols” श्रृंखला में किस तत्व का प्रयोग है? (A) पशु-पक्षी (B) भारतीय लिपियां और प्रकृति तत्व (C) मानव आकृतियां (D) वास्तुकला उत्तर: (B)


69. तांत्रिक साधना में “मुद्रा” का क्या अर्थ है? (A) मुद्रा (करेंसी) (B) हस्त संकेत और शरीर की विशेष स्थिति (C) एक प्रकार का रंग (D) एक वाद्य यंत्र उत्तर: (B)


70. G.R. संतोष की कला में “अर्धनारीश्वर” का क्या महत्व है? (A) शैव भक्ति (B) शिव-शक्ति की ध्रुवीयता और एकता (C) बौद्ध मान्यताएं (D) जैन दर्शन उत्तर: (B)


71. नव तंत्र आंदोलन किस प्रकार का था — संगठित या असंगठित? (A) पूरी तरह संगठित (B) असंगठित, एक व्यापक प्रवृत्ति (C) सरकार द्वारा संगठित (D) विश्वविद्यालयों द्वारा संगठित उत्तर: (B)


72. “Hayward Gallery” किस देश में है? (A) फ्रांस (B) जर्मनी (C) इंग्लैंड (D) अमेरिका उत्तर: (C)


73. ग्रुप 1890 और नव तंत्र में कौन-सी समानता है? (A) दोनों पश्चिमी कला से प्रेरित थे (B) दोनों 1960 के दशक में सक्रिय थे (C) दोनों संगठित ग्रुप थे (D) दोनों के नेता एक ही थे उत्तर: (B)


74. तांत्रिक कला में “चक्र” क्या है? (A) एक प्रकार का वाद्य (B) शरीर में ऊर्जा केंद्र (C) एक नृत्य शैली (D) एक भौगोलिक क्षेत्र उत्तर: (B)


75. K.C.S. पणिकर की कला पर किस प्राचीन कला परंपरा का प्रभाव है? (A) मुगल लघुचित्र (B) तांत्रिक और दक्षिण भारतीय परंपरा (C) राजपूत चित्रकला (D) पहाड़ी चित्रकला उत्तर: (B)


76. नव तंत्र कला में “सहस्रार चक्र” का संबंध किससे है? (A) मूलाधार (B) कुंडलिनी की अंतिम अवस्था और परम ज्ञान (C) हृदय (D) नाभि उत्तर: (B)


77. ग्रुप 1890 की पहली प्रदर्शनी कहां हुई? (A) मुंबई (B) कोलकाता (C) दिल्ली (D) चेन्नई उत्तर: (C)


78. “Om Prakash Sharma” की कला किससे प्रेरित थी? (A) मुगल कला (B) तांत्रिक मंडल और यंत्र (C) राजस्थानी लोक कला (D) बौद्ध स्तूप उत्तर: (B)


79. नव तंत्र कला में ज्यामितीय आकार केवल सौंदर्यशास्त्र के लिए हैं या उनका कोई अन्य अर्थ है? (A) केवल सौंदर्यशास्त्र (B) वे एक आध्यात्मिक भाषा हैं (C) केवल गणितीय (D) केवल वास्तुशास्त्रीय उत्तर: (B)


80. Raghav Kaneria किस आंदोलन से जुड़े थे? (A) नव तंत्र (B) प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट्स ग्रुप (C) ग्रुप 1890 (D) बंगाल स्कूल उत्तर: (C)


81. G.R. संतोष ने किस माध्यम में मुख्यतः काम किया? (A) जल रंग (B) तैल रंग (C) फ्रेस्को (D) टेराकोटा उत्तर: (B)


82. तांत्रिक कला का “यंत्र” और “मंडल” में क्या अंतर है? (A) कोई अंतर नहीं (B) यंत्र देवता का प्रतीक, मंडल ब्रह्मांड की संरचना (C) यंत्र गोल, मंडल चौकोर (D) यंत्र बड़ा, मंडल छोटा उत्तर: (B)


83. “Kattingeri Krishna Hebbar” कौन थे? (A) K.C.S. पणिकर का दूसरा नाम (B) एक अलग कलाकार (C) G.R. संतोष का गुरु (D) ग्रुप 1890 के सदस्य उत्तर: (B) — K.K. Hebbar एक अलग कलाकार थे


84. नव तंत्र आंदोलन का भारतीय राष्ट्रीय पहचान से क्या संबंध था? (A) कोई संबंध नहीं (B) यह भारतीय सांस्कृतिक स्वायत्तता की अभिव्यक्ति था (C) यह राष्ट्रविरोधी था (D) यह सरकारी आंदोलन था उत्तर: (B)


85. Cholamandal में कलाकार अपनी जीविका कैसे अर्जित करते थे? (A) सरकारी अनुदान से (B) अपनी कृतियां बेचकर (C) शिक्षण से (D) विदेशी सहायता से उत्तर: (B)


86. “Eric Bowen” किस आंदोलन से जुड़े थे? (A) नव तंत्र (B) ग्रुप 1890 (C) प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट्स ग्रुप (D) Cholamandal उत्तर: (B)


87. तांत्रिक कला में “बिंदु” और “नाद” का क्या अर्थ है? (A) रंग और रेखा (B) दृश्य और श्रव्य का मूल बिंदु (C) पानी और वायु (D) सूर्य और चंद्रमा उत्तर: (B)


88. नव तंत्र कला में किस प्राकृतिक तत्व का प्रयोग K.C.S. पणिकर ने किया? (A) केवल जल (B) पत्तियां, जड़ें, बीज (C) केवल पत्थर (D) केवल मिट्टी उत्तर: (B)


89. ग्रुप 1890 का नाम किस आधार पर रखा गया? (A) स्थापना वर्ष (B) सदस्य संख्या (C) ऐतिहासिक प्रेरणा (D) कलाकार का नाम उत्तर: (C)


90. G.R. संतोष की कला में “यिन-यांग” जैसी अवधारणा किसका प्रतिनिधित्व करती है? (A) चीनी कला का प्रभाव (B) शिव-शक्ति की ध्रुवीयता (C) बौद्ध दर्शन (D) जापानी कला उत्तर: (B)


91. नव तंत्र कला में “ध्यान” का क्या महत्व है? (A) कोई महत्व नहीं (B) यह कला निर्माण की प्रक्रिया का आधार है (C) यह केवल धार्मिक है (D) यह वैकल्पिक है उत्तर: (B)


92. मद्रास स्कूल ऑफ आर्ट्स की स्थापना किस वर्ष हुई? (A) 1850 (B) 1855 (C) 1860 (D) 1865 उत्तर: (B) — 1855


93. “Tantra” शब्द का शाब्दिक अर्थ क्या है? (A) शक्ति (B) विस्तार करना या बुनना (C) ज्ञान (D) मंत्र उत्तर: (B)


94. Biren De की कला में कौन-सी विशेषता प्रमुख है? (A) यथार्थवाद (B) ज्यामितीय अमूर्तन और आध्यात्मिक ऊर्जा (C) लोक कला (D) मुगल शैली उत्तर: (B)


95. नव तंत्र आंदोलन का केंद्र कौन-कौन से शहर थे? (A) केवल दिल्ली (B) मद्रास, दिल्ली और कश्मीर (C) केवल मुंबई (D) केवल कोलकाता उत्तर: (B)


96. तांत्रिक परंपरा भारत में कितने समय से विद्यमान है? (A) 500 वर्ष (B) 1000 वर्ष (C) हजारों वर्षों से (D) 200 वर्ष उत्तर: (C)


97. K.C.S. पणिकर की कला में किस भाषा की लिपि का प्रयोग हुआ? (A) केवल हिंदी (B) तमिल, तेलुगु और संस्कृत (C) केवल अंग्रेजी (D) केवल उर्दू उत्तर: (B)


98. नव तंत्र कला दर्शक को किस अवस्था का अनुभव कराती है? (A) उत्तेजना और क्रोध (B) ध्यानस्थ और शांत अवस्था (C) दुख और विषाद (D) भय और चिंता उत्तर: (B)


99. ग्रुप 1890 और नव तंत्र में सबसे बड़ा अंतर क्या है? (A) रंगों का प्रयोग (B) संगठन और दार्शनिक आधार (C) माध्यम का प्रयोग (D) प्रदर्शनी का स्थान उत्तर: (B)


100. नव तंत्र आंदोलन का भारतीय आधुनिक कला पर क्या प्रभाव पड़ा? (A) कोई प्रभाव नहीं (B) भारतीय कला को वैश्विक पहचान मिली और आध्यात्मिक कला धारा विकसित हुई (C) केवल दक्षिण भारत पर प्रभाव (D) केवल मूर्तिकला पर प्रभाव उत्तर: (B)


FAQs: 8-10 प्रश्न

FAQ 1: नव तंत्र आंदोलन क्या है?

नव तंत्र आंदोलन 1960 के दशक में उभरी एक भारतीय कला प्रवृत्ति है, जिसमें कलाकारों ने प्राचीन तांत्रिक परंपराओं, योग दर्शन और आध्यात्मिक प्रतीकों को आधुनिक दृश्य कला के माध्यम से पुनर्जीवित किया। यह पश्चिमी कला की नकल से हटकर भारतीय सांस्कृतिक पहचान की पुनर्खोज का प्रयास था। इस आंदोलन के बारे में अधिक जानें।

FAQ 2: K.C.S. पणिकर कौन थे और उनका महत्व क्या है?

K.C.S. पणिकर (1911–1977) मद्रास स्कूल ऑफ आर्ट्स के प्राचार्य और नव तंत्र कला के प्रमुख प्रतिनिधि थे। उन्होंने “Words and Symbols” श्रृंखला में भारतीय लिपियों और प्रकृति तत्वों को तांत्रिक प्रतीकों के साथ मिलाया। Cholamandal Artists’ Village की स्थापना में उनकी अग्रणी भूमिका रही, जो भारतीय कला के इतिहास में एक मील का पत्थर है।

FAQ 3: G.R. संतोष की कला में क्या विशेषता थी?

G.R. संतोष (1929–1997) कश्मीरी शैव तंत्र से गहराई से प्रभावित थे। उनकी कला में लाल और काले रंगों का प्रयोग, शिव-शक्ति की ध्रुवीयता और तांत्रिक ऊर्जा का चित्रण प्रमुख था। उन्होंने स्वयं तांत्रिक साधना की और इस अनुभव को अपनी कला कृतियों में उतारा।

FAQ 4: नव तंत्र और ग्रुप 1890 में क्या अंतर है?

नव तंत्र एक असंगठित आध्यात्मिक कला प्रवृत्ति थी, जबकि ग्रुप 1890 एक संगठित अवांट-गार्द आंदोलन था जिसका औपचारिक घोषणापत्र था। नव तंत्र तांत्रिक परंपराओं पर आधारित था, जबकि ग्रुप 1890 ने यूरोपीय और भारतीय दोनों परंपराओं को अस्वीकार किया। G.R. संतोष दोनों से जुड़े थे। विस्तृत तुलना के लिए यहां पढ़ें।

FAQ 5: Cholamandal Artists’ Village क्या है?

Cholamandal 1966 में K.C.S. पणिकर के नेतृत्व में मद्रास (चेन्नई) के निकट स्थापित भारत का पहला स्व-निर्भर कलाकार ग्राम है। यहां कलाकार न केवल रचना करते थे, बल्कि अपनी कृतियां बेचकर जीविका भी अर्जित करते थे। यह भारतीय आधुनिक कला में एक अनोखा प्रयोग था।

FAQ 6: नव तंत्र MCQ की परीक्षा के लिए कैसे तैयारी करें?

नव तंत्र MCQ की तैयारी के लिए प्रमुख कलाकारों (K.C.S. पणिकर, G.R. संतोष, Biren De), महत्वपूर्ण तिथियों (1963, 1966, 1971), तांत्रिक प्रतीकों के अर्थ और ग्रुप 1890 से तुलना पर ध्यान दें। हमारे WhatsApp चैनल — Indian Art History पर जुड़ें और Facebook पेज — Indian Art History को फॉलो करें।

FAQ 7: तांत्रिक कला में यंत्र और मंडल में क्या फर्क है?

यंत्र किसी विशेष देवता या ब्रह्मांडीय शक्ति का ज्यामितीय प्रतीक होता है, जबकि मंडल समग्र ब्रह्मांड की संरचना को वृत्ताकार रचना में दर्शाता है। मंडल का प्रयोग ध्यान में एकाग्रता के लिए होता है। तांत्रिक कला के प्रतीकों के बारे में और अधिक जानें।

FAQ 8: नव तंत्र आंदोलन को अंतरराष्ट्रीय पहचान कैसे मिली?

1971 में लंदन के Hayward Gallery में आयोजित “Tantra Art” प्रदर्शनी ने नव तंत्र को वैश्विक मंच दिया। इसके क्यूरेटर Ajit Mookerjee थे, जिन्होंने तांत्रिक कला को एक समग्र भारतीय दर्शन के रूप में पश्चिमी दर्शकों के सामने रखा। यह भी देखें।

FAQ 9: ग्रुप 1890 का घोषणापत्र किस बारे में था?

ग्रुप 1890 का घोषणापत्र J. Swaminathan ने लिखा था। इसमें यूरोपीय आधुनिकतावाद और भारतीय नवजागरण दोनों को अस्वीकार किया गया था। ग्रुप ने आदिम, लोक और बाल कला को प्रेरणा का स्रोत माना। यह भारतीय कला आंदोलनों के इतिहास में एक उग्र घोषणापत्र था।

FAQ 10: नव तंत्र आंदोलन का आज के समय में क्या महत्व है?

नव तंत्र आंदोलन आज भी प्रासंगिक है क्योंकि यह भारतीय कला की स्वदेशी पहचान का प्रश्न उठाता है। यह हमें सिखाता है कि आधुनिकता और परंपरा परस्पर विरोधी नहीं हैं। आज के कलाकार और कला प्रेमी इस आंदोलन से प्रेरणा लेकर अपनी सांस्कृतिक जड़ों को पहचान सकते हैं। Indian Art History पर इस विषय पर और सामग्री उपलब्ध है।


Conclusion

नव तंत्र MCQ की तैयारी करते समय याद रखें कि यह आंदोलन केवल एक कला शैली नहीं, बल्कि एक सम्पूर्ण दार्शनिक दृष्टिकोण था। K.C.S. पणिकर और G.R. संतोष जैसे कलाकारों ने अपनी साधना और जीवन दर्शन को कला में उतारा।

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यह लेख indianarthistory.com और psartworks.in के सहयोग से भारतीय कला के विद्यार्थियों और प्रेमियों के लिए तैयार किया गया है।

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