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दक्षिण भारतीय मूर्तिकला MCQ | 100 Questions

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दक्षिण भारतीय मूर्तिकला MCQ 100 Questions

दक्षिण भारतीय मूर्तिकला MCQ | 100 Questions

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South Indian Sculpture — 100 Multiple Choice Questions www.indianarthistory.com  ✦  Get All Art History At One Place   दक्षिण भारतीय मूर्तिकला भारतीय कला की सबसे समृद्ध और विविधतापूर्ण परंपराओं में से एक है। पल्लव, चोल, राष्ट्रकूट, होयसल और विजयनगर जैसे महान राजवंशों ने अपनी अनूठी शैलियों में मंदिर स्थापत्य और मूर्तिकला को अद्वितीय ऊँचाइयों पर पहुँचाया। ...

दक्षिण भारतीय मूर्तिकला MCQ 100 Questions

South Indian Sculpture — 100 Multiple Choice Questions

www.indianarthistory.com  ✦  Get All Art History At One Place

  दक्षिण भारतीय मूर्तिकला भारतीय कला की सबसे समृद्ध और विविधतापूर्ण परंपराओं में से एक है। पल्लव, चोल, राष्ट्रकूट, होयसल और विजयनगर जैसे महान राजवंशों ने अपनी अनूठी शैलियों में मंदिर स्थापत्य और मूर्तिकला को अद्वितीय ऊँचाइयों पर पहुँचाया।

Indian Art History पर आपको दक्षिण भारत की इस गौरवशाली कला परंपरा के बारे में विस्तृत जानकारी मिलती है। यहाँ प्रस्तुत दक्षिण भारतीय मूर्तिकला MCQ प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे UPSC, SSC, TET और विश्वविद्यालय परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी है।

चोल कांस्य, पल्लव शैलाश्रय, होयसल नक्काशी और विजयनगर स्थापत्य पर आधारित ये 100 प्रश्न आपकी तैयारी को सम्पूर्ण बनाएँगे। अधिक अध्ययन सामग्री के लिए psartworks.in पर भी अवश्य जाएँ। हमसे जुड़ें:

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📚 दक्षिण भारतीय मूर्तिकला MCQ — प्रश्न १ से १०० | South Indian Sculpture MCQ

दक्षिण भारतीय मूर्तिकला का इतिहास लगभग 2000 वर्षों से भी अधिक पुराना है। Indian Art History पर आप पल्लव कला, चोल मूर्तिकला, होयसल कला और विजयनगर स्थापत्य पर विस्तृत लेख पढ़ सकते हैं। साथ ही psartworks.in पर भी कला से जुड़ी रोचक सामग्री मिलती है। नीचे दिए गए MCQ में प्रत्येक प्रश्न के बाद एक पंक्ति में उसकी व्याख्या भी दी गई है।

१. दक्षिण भारत में मूर्तिकला की सबसे प्राचीन परंपरा किस काल से मानी जाती है?

A) गुप्त काल

B) मौर्य काल

C) संगम काल

D) विजयनगर काल

✅ उत्तर: C  |  व्याख्या: दक्षिण भारत में संगम काल (300 BCE–300 CE) में मूर्तिकला की प्रारंभिक परंपरा देखी जाती है।

२. पल्लव वंश की राजधानी कहाँ थी, जो मूर्तिकला के लिए प्रसिद्ध है?

A) तंजावुर

B) कांचीपुरम

C) मदुरई

D) हम्पी

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: कांचीपुरम पल्लव वंश की राजधानी थी और यहाँ की मूर्तिकला अत्यंत समृद्ध थी।

३. महाबलीपुरम के ‘पंच रथ’ किस शासक ने बनवाए?

A) राजराजा चोल

B) नरसिंहवर्मन प्रथम

C) कृष्णदेवराय

D) पुलकेशी द्वितीय

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: पंच रथ पल्लव राजा नरसिंहवर्मन प्रथम (ममल्ल) द्वारा 7वीं शताब्दी में निर्मित हैं।

४. चोल काल की कांस्य मूर्तिकला की प्रमुख विशेषता क्या है?

A) पाषाण नक्काशी

B) लॉस्ट-वैक्स (सायर-पर्दू) तकनीक

C) टेराकोटा निर्माण

D) हाथीदांत शिल्प

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: चोल कांस्य मूर्तियाँ ‘लॉस्ट-वैक्स’ (मधुच्छिष्ट विधान) तकनीक से बनाई जाती थीं।

५. नटराज की मूर्ति किस वंश से संबंधित है?

A) पल्लव

B) चालुक्य

C) चोल

D) राष्ट्रकूट

✅ उत्तर: C  |  व्याख्या: नटराज की विश्वप्रसिद्ध कांस्य मूर्तियाँ चोल वंश (9–13वीं शताब्दी) से संबंधित हैं।

६. बृहदेश्वर मंदिर का निर्माण किसने करवाया?

A) राजेंद्र चोल

B) राजराजा चोल प्रथम

C) कुलोत्तुंग चोल

D) विक्रमादित्य द्वितीय

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: तंजावुर का बृहदेश्वर मंदिर राजराजा चोल प्रथम ने 1010 CE में निर्मित करवाया।

७. एलोरा की गुफाओं में कैलाश मंदिर किस राजवंश ने बनवाया?

A) पल्लव

B) चोल

C) राष्ट्रकूट

D) होयसल

✅ उत्तर: C  |  व्याख्या: एलोरा का कैलाश मंदिर राष्ट्रकूट राजा कृष्ण प्रथम ने 8वीं शताब्दी में खुदवाया।

८. होयसल मूर्तिकला की विशिष्ट पहचान क्या है?

A) विशाल आकार

B) अत्यंत सूक्ष्म अलंकरण और क्लोराइटिक शिस्ट पत्थर

C) ग्रेनाइट की सादगी

D) लाल बलुआ पत्थर

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: होयसल मूर्तिकला सोपस्टोन (क्लोराइटिक शिस्ट) पर महीन नक्काशी के लिए प्रसिद्ध है।

९. बेलूर और हलेबिड के मंदिर किस वंश के हैं?

A) चोल

B) विजयनगर

C) होयसल

D) गंग

✅ उत्तर: C  |  व्याख्या: बेलूर (चेन्नकेशव) और हलेबिड (होयसलेश्वर) मंदिर होयसल वंश (12वीं शताब्दी) के हैं।

१०. विजयनगर साम्राज्य की राजधानी हम्पी किस नदी के तट पर स्थित है?

A) कावेरी

B) तुंगभद्रा

C) कृष्णा

D) गोदावरी

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: हम्पी तुंगभद्रा नदी के किनारे स्थित है और विजयनगर मूर्तिकला का केंद्र रहा है।

दक्षिण भारतीय मूर्तिकला MCQ | Indian Art History — Get All Art History At One Place

११. तमिलनाडु में ‘द्रविड़ शैली’ के शिखर को क्या कहते हैं?

A) शिखर

B) विमान

C) प्रासाद

D) मंडप

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: द्रविड़ मंदिर स्थापत्य में मुख्य गर्भगृह के ऊपर का पिरामिडाकार शिखर ‘विमान’ कहलाता है।

१२. ‘गोपुरम’ क्या होता है?

A) मंदिर का मुख्य कक्ष

B) मंदिर प्रांगण का विशाल प्रवेश द्वार

C) कांस्य मूर्ति का नाम

D) नृत्य मंडप

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: गोपुरम द्रविड़ मंदिरों का ऊँचा और सजा हुआ प्रवेश द्वार होता है।

१३. मदुरई के मीनाक्षी मंदिर का निर्माण किस शासनकाल में हुआ?

A) चोल काल

B) पल्लव काल

C) नायक काल

D) विजयनगर काल

✅ उत्तर: C  |  व्याख्या: मीनाक्षी मंदिर का वर्तमान स्वरूप मुख्यतः नायक शासकों (17वीं शताब्दी) ने बनवाया।

१४. पल्लव वंश की ‘महेंद्र शैली’ क्या है?

A) कांस्य ढलाई की विधि

B) चट्टान काट कर बनाई गई गुफाएँ

C) मिट्टी की मूर्तिकला

D) ईंट निर्माण तकनीक

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: पल्लव राजा महेंद्रवर्मन ने चट्टान काटकर गुफा मंदिर बनाने की ‘महेंद्र शैली’ प्रारंभ की।

१५. ‘अर्जुन की तपस्या’ या ‘गंगावतरण’ नामक विशाल बेस-रिलीफ कहाँ है?

A) एलोरा

B) महाबलीपुरम

C) बादामी

D) तंजावुर

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: महाबलीपुरम में ‘अर्जुन की तपस्या’ (गंगावतरण) विश्व की सबसे बड़ी पाषाण बेस-रिलीफ में से एक है।

अधिक जानकारी के लिए देखें: Indian Art History | psartworks.in

१६. चालुक्य वंश की कला का प्रमुख केंद्र कौन सा था?

A) कांची

B) बादामी और पट्टदकल

C) हम्पी

D) श्रीरंगम

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: बादामी चालुक्यों की राजधानी और पट्टदकल उनका धार्मिक केंद्र था जहाँ उत्कृष्ट मूर्तिकला है।

१७. बादामी की गुफाओं में किस धर्म की मूर्तियाँ हैं?

A) केवल हिंदू

B) केवल बौद्ध

C) हिंदू, जैन और बौद्ध

D) केवल जैन

✅ उत्तर: C  |  व्याख्या: बादामी गुफाओं में हिंदू (वैष्णव, शैव), जैन और बौद्ध तीनों धर्मों की मूर्तियाँ मिलती हैं।

१८. ‘त्रिविक्रम’ मूर्ति किस रूप को दर्शाती है?

A) शिव का ताण्डव

B) विष्णु का वामन अवतार (तीन पग)

C) ब्रह्मा की सृष्टि

D) दुर्गा का महिषासुरमर्दन

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: त्रिविक्रम विष्णु के वामन अवतार का रूप है जिसमें वे तीन विशाल पगों से तीनों लोकों को नापते हैं।

१९. दक्षिण भारत में ‘स्थानक’ मुद्रा का अर्थ क्या है?

A) बैठी हुई मूर्ति

B) खड़ी मूर्ति

C) लेटी हुई मूर्ति

D) नृत्यरत मूर्ति

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: ‘स्थानक’ मुद्रा में मूर्ति खड़ी स्थिति में होती है, जो दक्षिण भारतीय मूर्तिकला में सामान्य है।

२०. ‘शयनमूर्ति’ या ‘अनंतशयन’ किस देवता से संबंधित है?

A) शिव

B) विष्णु

C) गणेश

D) कार्तिकेय

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: अनंतशयन में विष्णु शेषनाग पर लेटे हुए दिखाई देते हैं — तिरुवनंतपुरम का पद्मनाभस्वामी मंदिर इसका उत्तम उदाहरण है।

दक्षिण भारत की पल्लव, चोल, होयसल और विजयनगर कला — MCQ अभ्यास | indianarthistory.com

२१. चोल मूर्तिकला में ‘सुब्रह्मण्य’ किस रूप में प्रतिनिधित्व पाते हैं?

A) हाथी पर सवार

B) मयूर पर सवार

C) बैल पर सवार

D) सिंह पर सवार

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: कार्तिकेय (सुब्रह्मण्य) का वाहन मयूर है और वे प्रायः मयूर पर आरूढ़ दिखाए जाते हैं।

२२. ‘उमा-महेश्वर’ मूर्ति में कौन से देवी-देवता एक साथ होते हैं?

A) विष्णु और लक्ष्मी

B) शिव और पार्वती

C) ब्रह्मा और सरस्वती

D) राम और सीता

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: उमा-महेश्वर मूर्ति में शिव और पार्वती (उमा) एक साथ बैठे दिखाए जाते हैं।

२३. दक्षिण भारत में ‘पंचायतन’ पूजा पद्धति में कितने देवता होते हैं?

A) तीन

B) चार

C) पाँच

D) सात

✅ उत्तर: C  |  व्याख्या: पंचायतन में पाँच देवता — शिव, विष्णु, गणेश, देवी और सूर्य — की एक साथ पूजा होती है।

२४. तमिल मंदिर वास्तुकला में ‘थेवारम’ क्या है?

A) एक पूजा विधि

B) शैव संतों द्वारा रचित भजन

C) मूर्तिकला की शैली

D) एक प्रकार का मंडप

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: थेवारम तमिल शैव संत (नयनमार) कवियों द्वारा रचित भक्ति गीत हैं जो मंदिर संस्कृति से जुड़े हैं।

२५. ‘हरिहर’ मूर्ति किन दो देवताओं का संयुक्त रूप है?

A) ब्रह्मा और विष्णु

B) विष्णु और शिव

C) शिव और गणेश

D) विष्णु और इंद्र

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: हरिहर शिव (हर) और विष्णु (हरि) का संयुक्त स्वरूप है — बाईं ओर शिव और दाईं ओर विष्णु।

२६. ‘अर्धनारीश्वर’ मूर्ति में किसका समन्वय होता है?

A) शिव और पार्वती

B) विष्णु और लक्ष्मी

C) ब्रह्मा और सरस्वती

D) राम और सीता

✅ उत्तर: A  |  व्याख्या: अर्धनारीश्वर शिव का अर्ध-पुरुष, अर्ध-स्त्री रूप है — दाहिनी ओर शिव और बाईं ओर पार्वती।

२७. दक्षिण भारतीय मूर्तिकला में ‘दशावतार’ का संबंध किस देवता से है?

A) शिव

B) गणेश

C) विष्णु

D) सूर्य

✅ उत्तर: C  |  व्याख्या: दशावतार विष्णु के दस प्रमुख अवतारों को दर्शाता है और वैष्णव मंदिरों में इसका अंकन मिलता है।

२८. ‘महिषासुरमर्दिनी’ की मूर्ति किस देवी की है?

A) सरस्वती

B) लक्ष्मी

C) दुर्गा

D) काली

✅ उत्तर: C  |  व्याख्या: महिषासुरमर्दिनी दुर्गा का वह रूप है जिसमें वे महिषासुर नामक राक्षस का वध करती हैं।

२९. ‘गजलक्ष्मी’ में देवी लक्ष्मी के साथ कौन होते हैं?

A) सिंह

B) हाथी

C) हंस

D) मोर

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: गजलक्ष्मी में दो हाथी देवी लक्ष्मी पर जल अभिषेक करते दिखाए जाते हैं।

३०. दक्षिण भारत में ‘षडानन’ किस देवता का नाम है?

A) गणेश

B) इंद्र

C) कार्तिकेय (मुरुगन)

D) सूर्य

✅ उत्तर: C  |  व्याख्या: षडानन अर्थात् छह मुख वाले — यह कार्तिकेय (मुरुगन) का रूप है जो दक्षिण भारत में अत्यधिक पूजनीय हैं।

भारतीय मूर्तिकला परीक्षा प्रश्न | दक्षिण भारतीय मंदिर स्थापत्य | Art History MCQ

अधिक जानकारी के लिए देखें: Indian Art History | psartworks.in

३१. विजयनगर काल की मूर्तिकला में ‘यक्ष’ आकृतियाँ किस लिए जानी जाती हैं?

A) उनकी अत्यंत सूक्ष्म आँखों के लिए

B) लंबी, पतली देहयष्टि और विस्तृत अलंकरण के लिए

C) केवल शैव प्रतीकों के लिए

D) लाल रंग के पत्थर के उपयोग के लिए

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: विजयनगर काल की मूर्तियाँ अपनी लंबी, अलंकृत और सुसज्जित आकृतियों के लिए विख्यात हैं।

३२. हम्पी का विट्ठल मंदिर किस देवता को समर्पित है?

A) शिव

B) गणेश

C) विट्ठल (विष्णु)

D) दुर्गा

✅ उत्तर: C  |  व्याख्या: हम्पी का विट्ठल मंदिर विष्णु के विट्ठल रूप को समर्पित है और यहाँ का ‘संगीत स्तंभ’ प्रसिद्ध है।

३३. ‘लेपाक्षी मंदिर’ किस राज्य में है?

A) तमिलनाडु

B) केरल

C) आंध्र प्रदेश

D) कर्नाटक

✅ उत्तर: C  |  व्याख्या: लेपाक्षी मंदिर आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में है और विजयनगर काल की उत्कृष्ट मूर्तिकला का उदाहरण है।

३४. दक्षिण भारत में ‘केरल मुरल’ कला किससे संबंधित है?

A) पाषाण मूर्तिकला

B) मंदिर की दीवारों पर भित्तिचित्र

C) कांस्य ढलाई

D) लकड़ी की नक्काशी

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: केरल मुरल (भित्तिचित्र) परंपरा मंदिरों और महलों की दीवारों पर प्राकृतिक रंगों से की गई चित्रकारी है।

३५. ‘वरदराज पेरुमल मंदिर’ कहाँ स्थित है?

A) श्रीरंगम

B) कांचीपुरम

C) तिरुपति

D) रामेश्वरम

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: कांचीपुरम का वरदराज पेरुमल मंदिर विष्णु को समर्पित है और चोल-पल्लव मूर्तिकला का संगम है।

३६. ‘चिदंबरम नटराज मंदिर’ किस धर्म का केंद्र है?

A) वैष्णव

B) जैन

C) शैव

D) बौद्ध

✅ उत्तर: C  |  व्याख्या: चिदंबरम मंदिर शैव धर्म का प्रमुख तीर्थ है जहाँ नटराज शिव आनंद-ताण्डव मुद्रा में हैं।

३७. ‘तंजावुर चित्रकला’ शैली में किसका प्रभाव है?

A) केवल देशी परंपरा

B) मराठा, तेलुगु और दक्कनी प्रभाव का संयोजन

C) केवल मुगल शैली

D) यूरोपीय शैली

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: तंजावुर पेंटिंग में सोने की पत्ती और रत्नों का प्रयोग होता है तथा इसमें मराठा व तेलुगु प्रभाव है।

३८. श्रीरंगम का रंगनाथस्वामी मंदिर किस नदी के द्वीप पर है?

A) कृष्णा

B) कावेरी

C) गोदावरी

D) पेन्नार

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: श्रीरंगम कावेरी नदी के एक द्वीप पर स्थित है और यह दक्षिण भारत का सबसे बड़ा मंदिर परिसर है।

३९. ‘तिरुपति बालाजी’ किस रूप में पूजे जाते हैं?

A) शिव के रूप में

B) विष्णु (वेंकटेश्वर) के रूप में

C) गणेश के रूप में

D) राम के रूप में

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: तिरुपति के वेंकटेश्वर मंदिर में विष्णु बालाजी रूप में विराजमान हैं — यह भारत का सर्वाधिक दर्शनीय मंदिर है।

४०. ‘एकम्बरेश्वर मंदिर’ किसके लिए प्रसिद्ध है?

A) विशाल कांस्य मूर्ति

B) एक प्राचीन आम के वृक्ष से जुड़े शिवलिंग के लिए

C) 108 शिवलिंगों के लिए

D) बाहरी दीवारों की चित्रकारी के लिए

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: कांचीपुरम का एकम्बरेश्वर मंदिर प्राचीन आम वृक्ष (काम्रकोटि) की शाखाओं के नीचे स्थित पृथ्वी-लिंग के लिए प्रसिद्ध है।

चोल कांस्य मूर्तिकला | बृहदेश्वर मंदिर | नटराज | दक्षिण भारत MCQ — Indian Art History

४१. ‘चोल मंदिर’ स्थापत्य में ‘विमान’ का आकार कैसा होता है?

A) गोलाकार

B) पिरामिडनुमा (चतुरस्र)

C) बेलनाकार

D) तारे के आकार का

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: चोल मंदिरों का विमान पिरामिडनुमा होता है जो ऊपर की ओर संकरा होता जाता है।

४२. ‘गंग वंश’ की मूर्तिकला का उत्कृष्ट उदाहरण कौन सा है?

A) बेलूर मंदिर

B) श्रवणबेलगोल का गोमतेश्वर

C) बृहदेश्वर मंदिर

D) एलोरा की गुफाएँ

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: श्रवणबेलगोल (कर्नाटक) में गंग वंश द्वारा निर्मित गोमतेश्वर (बाहुबली) की 57 फुट ऊँची अखंड प्रतिमा जैन मूर्तिकला की उत्कृष्टता है।

४३. बाहुबली की मूर्ति किस धर्म से संबंधित है?

A) हिंदू

B) बौद्ध

C) जैन

D) सिख

✅ उत्तर: C  |  व्याख्या: श्रवणबेलगोल की बाहुबली (गोमतेश्वर) प्रतिमा जैन धर्म की है — बाहुबली जैन परंपरा के आदर्श साधक हैं।

४४. ‘कदंब वंश’ की कला किस क्षेत्र से संबंधित है?

A) तमिलनाडु

B) कर्नाटक

C) केरल

D) आंध्र प्रदेश

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: कदंब वंश (4–6वीं शताब्दी) कर्नाटक का प्रारंभिक राजवंश था जिसने दक्षिण भारतीय कला की नींव रखी।

४५. दक्षिण भारत में ‘दीपलक्ष्मी’ या ‘दीपलक्ष्मी स्तंभ’ क्या है?

A) ग्रंथ-पुस्तक

B) दीप जलाने का ऊँचा स्तंभ (दीपमाला)

C) नृत्यशाला

D) तीर्थ जल का कुंड

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: दीपलक्ष्मी स्तंभ मंदिरों में बहुत ऊँचे स्तंभनुमा दीपाधार होते हैं जिन पर अनेक दीप जलाए जाते हैं।

अधिक जानकारी के लिए देखें: Indian Art History | psartworks.in

४६. ‘तिरुनेलवेली’ जिले में कौन सा प्रसिद्ध मंदिर है?

A) नेल्लईयप्पर मंदिर

B) बृहदेश्वर मंदिर

C) मीनाक्षी मंदिर

D) श्रीरंगम मंदिर

✅ उत्तर: A  |  व्याख्या: तिरुनेलवेली में नेल्लईयप्पर-कांथिमथी अम्मन मंदिर है जो शिव और पार्वती को समर्पित है।

४७. ‘द्रविड़ मंदिर’ स्थापत्य में ‘मंडप’ किसे कहते हैं?

A) मंदिर का गर्भगृह

B) स्तंभों पर टिकी छत वाला मिलन/पूजा का कक्ष

C) मुख्य प्रवेश द्वार

D) भूमिगत कुंड

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: मंडप मंदिर का खुला या अर्ध-खुला स्तंभयुक्त हॉल होता है जहाँ उत्सव और पूजा होती है।

४८. ‘पट्टदकल’ के विरूपाक्ष मंदिर का निर्माण किस अवसर पर हुआ?

A) चोलों की विजय पर

B) पल्लवों पर विजय के उपलक्ष्य में

C) मौर्यों की स्मृति में

D) गंग वंश की नींव पर

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: पट्टदकल का विरूपाक्ष मंदिर चालुक्य रानी लोकमहादेवी ने पल्लवों पर विजय के उपलक्ष्य में बनवाया था।

४९. ‘एकशिला’ मूर्तिकला का अर्थ क्या है?

A) एक ही पत्थर से तराशी गई मूर्ति या मंदिर

B) पाँच पत्थरों का संयोजन

C) मिट्टी से बनी आकृति

D) धातु-पत्थर की मिश्रित कला

✅ उत्तर: A  |  व्याख्या: एकशिला (मोनोलिथिक) कला में पूरी मूर्ति या संरचना एक ही पत्थर से काटकर बनाई जाती है — कैलाश मंदिर इसका उदाहरण है।

५०. ‘थिरुवरंगम’ किस मंदिर का तमिल नाम है?

A) चिदंबरम

B) श्रीरंगम

C) रामेश्वरम

D) तिरुपति

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: श्रीरंगम का तमिल नाम ‘थिरुवरंगम’ है — यह विष्णु के रंगनाथ रूप को समर्पित है।

दक्षिण भारतीय मूर्तिकला MCQ — होयसल | विजयनगर | काकतीय | राष्ट्रकूट

५१. दक्षिण भारतीय मंदिरों में ‘प्रकारम’ क्या होता है?

A) मंदिर की ऊँचाई

B) मंदिर परिसर का घेरा/परिक्रमा मार्ग

C) यज्ञशाला

D) नृत्यशाला

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: प्रकारम मंदिर के चारों ओर बनाई गई चहारदीवारी और उसके भीतर का परिक्रमा पथ है।

५२. ‘शिलाप्पदिकारम’ किसके बारे में है और इसका मूर्तिकला से क्या संबंध है?

A) यह एक तमिल महाकाव्य है जिसमें नर्तकी कण्णगी की कथा है

B) यह एक मूर्तिकला की पाठ्यपुस्तक है

C) यह एक संगीत ग्रंथ है

D) यह एक वास्तुकला शास्त्र है

✅ उत्तर: A  |  व्याख्या: शिलाप्पदिकारम तमिल महाकाव्य में नर्तकी माधवी और कण्णगी की कहानी है — यह नृत्य मूर्तिकला को समझने में सहायक है।

५३. ‘वास्तुशिल्पी’ का काम करने वाले को दक्षिण भारत में क्या कहते हैं?

A) शिल्पी

B) स्थपति

C) कारीगर

D) देवी

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: दक्षिण भारत में ‘स्थपति’ वंश परंपरागत शिल्पकार होते हैं जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी मूर्तिकला और मंदिर निर्माण करते हैं।

५४. ‘मयमत’ और ‘मानसार’ किस प्रकार के ग्रंथ हैं?

A) संगीत ग्रंथ

B) वास्तु और शिल्प शास्त्र

C) धर्म-कथाएँ

D) खगोलशास्त्र ग्रंथ

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: मयमत और मानसार दक्षिण भारतीय वास्तु-शिल्प के प्राचीन ग्रंथ हैं जो मंदिर और मूर्ति निर्माण के नियम बताते हैं।

५५. ‘उत्सवमूर्ति’ क्या होती है?

A) मंदिर की मुख्य स्थायी प्रतिमा

B) उत्सव में शोभायात्रा के लिए बाहर निकाली जाने वाली धातु की प्रतिमा

C) बलि के लिए विशेष प्रतिमा

D) राजा की स्मारक मूर्ति

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: उत्सवमूर्ति धातु की चल प्रतिमा होती है जिसे त्योहारों पर रथ में बैठाकर जुलूस निकाला जाता है।

५६. ‘कर्नाटक संगीत’ और मंदिर मूर्तिकला का संबंध किस प्रकार है?

A) कोई संबंध नहीं

B) मंदिरों में संगीत स्तंभ (म्यूजिकल पिलर) हैं जो स्वर उत्पन्न करते हैं

C) मूर्तियाँ केवल वाद्य यंत्र दर्शाती हैं

D) संगीत केवल पूजा के लिए था

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: विट्ठल मंदिर हम्पी में संगीत स्तंभ हैं जिन्हें थपथपाने पर विभिन्न स्वर निकलते हैं — यह मूर्तिकला-संगीत का अद्भुत संयोग है।

५७. ‘केरल की पत्थर मूर्तिकला’ का प्रसिद्ध उदाहरण कौन सा है?

A) त्रिशूर का वडक्कुनाथन मंदिर

B) बृहदेश्वर मंदिर

C) हम्पी का विट्ठल मंदिर

D) श्रवणबेलगोल

✅ उत्तर: A  |  व्याख्या: त्रिशूर (केरल) का वडक्कुनाथन मंदिर केरल की पारंपरिक लकड़ी-पत्थर मूर्तिकला का उत्तम उदाहरण है।

५८. ‘पद्मावती’ देवी किस पहाड़ी के तल पर विराजमान हैं?

A) श्रीशैलम

B) तिरुमाला

C) मलय

D) चामुंडी

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: पद्मावती तिरुमाला पहाड़ी के तल पर ‘तिरुचानुर’ (अलमेलुमंगापुरम) में विराजित हैं।

५९. ‘दक्षिण भारतीय कांस्य मूर्तियों’ में शास्त्रीय आदर्श अनुपात के लिए कौन सा ग्रंथ मार्गदर्शक था?

A) अर्थशास्त्र

B) चित्रलक्षण और शिल्परत्न

C) नाट्यशास्त्र

D) तर्कसंग्रह

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: शिल्परत्न और चित्रलक्षण ग्रंथ मूर्तियों के आदर्श अनुपात, मुद्राएँ और लक्षण निर्धारित करते थे।

६०. ‘किलिमनूर महल’ चित्रकला किस राज्य की है?

A) तमिलनाडु

B) आंध्र प्रदेश

C) केरल

D) कर्नाटक

✅ उत्तर: C  |  व्याख्या: किलिमनूर (त्रावणकोर, केरल) महल में पारंपरिक केरल भित्तिचित्र परंपरा की उत्कृष्ट कलाकृतियाँ हैं।

परीक्षा की तैयारी MCQ | दक्षिण भारतीय कला इतिहास | indianarthistory.com

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६१. ‘थिरुवनंतपुरम’ के पद्मनाभस्वामी मंदिर में मुख्य देवता की मूर्ति की लंबाई लगभग कितनी है?

A) 10 फुट

B) 18 फुट

C) 25 फुट

D) 45 फुट

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: पद्मनाभस्वामी मंदिर में अनंतशयन विष्णु की मूर्ति लगभग 18 फुट लंबी है और तीन द्वारों से देखी जाती है।

६२. ‘रामेश्वरम मंदिर’ की सबसे लंबी गलियारा (कॉरिडोर) कितने फुट है?

A) 1000 फुट

B) 2000 फुट

C) 3000 फुट से अधिक

D) 500 फुट

✅ उत्तर: C  |  व्याख्या: रामेश्वरम मंदिर का गलियारा लगभग 3850 फुट (1200 मीटर) लंबा है — यह विश्व का सबसे लंबा मंदिर गलियारा है।

६३. ‘आगम शास्त्र’ का मंदिर मूर्तिकला से क्या संबंध है?

A) यह संगीत के नियम बताता है

B) यह मूर्ति निर्माण, प्रतिष्ठा और पूजा विधि के नियम देता है

C) यह व्याकरण ग्रंथ है

D) यह केवल वास्तुकला पर केंद्रित है

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: आगम शास्त्र में मूर्ति के आकार, सामग्री, प्रतिष्ठा और पूजा के विस्तृत नियम दिए गए हैं।

६४. चालुक्य कला में ‘लड़के का खेल’ के दृश्य कहाँ मिलते हैं?

A) बादामी की गुफाओं में

B) पट्टदकल के विरूपाक्ष मंदिर में

C) एहोल के दुर्गा मंदिर में

D) एलोरा में

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: पट्टदकल के विरूपाक्ष मंदिर में रामायण-महाभारत के साथ लौकिक जीवन के चित्रण भी हैं।

६५. दक्षिण भारत में ‘स्थानीय पत्थर’ के रूप में किस पत्थर का अधिक उपयोग हुआ?

A) संगमरमर

B) लाल बलुआ पत्थर

C) ग्रेनाइट और सोपस्टोन

D) काला बेसाल्ट

✅ उत्तर: C  |  व्याख्या: तमिलनाडु में ग्रेनाइट और कर्नाटक में सोपस्टोन (क्लोराइटिक शिस्ट) का बहुल उपयोग हुआ।

६६. ‘एहोल’ किस लिए प्रसिद्ध है?

A) चोल मूर्तिकला के लिए

B) प्रारंभिक चालुक्य मंदिर प्रयोगों के लिए

C) होयसल नक्काशी के लिए

D) विजयनगर स्तंभों के लिए

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: एहोल (कर्नाटक) को ‘मंदिर वास्तुकला की प्रयोगशाला’ कहते हैं जहाँ चालुक्यों ने विभिन्न शैलियाँ आजमाईं।

६७. ‘उडुपी मंदिर’ का कृष्ण मठ किस संत ने स्थापित किया?

A) रामानुज

B) माधवाचार्य

C) शंकराचार्य

D) वल्लभाचार्य

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: उडुपी का श्री कृष्ण मठ 13वीं शताब्दी में द्वैत वेदांत के प्रणेता माधवाचार्य ने स्थापित किया।

६८. ‘पल्लव शैली’ और ‘चोल शैली’ में मुख्य अंतर क्या है?

A) पल्लव पाषाण काट कार्य और चोल कांस्य व बड़े पत्थर मंदिर

B) पल्लव कांस्य और चोल मिट्टी

C) दोनों एक समान हैं

D) पल्लव विदेशी शैली और चोल देशी

✅ उत्तर: A  |  व्याख्या: पल्लव मुख्यतः चट्टान काटकर मंदिर बनाते थे जबकि चोलों ने बड़े पत्थर के मंदिर और उत्कृष्ट कांस्य मूर्तियाँ बनाईं।

६९. ‘त्रिपुरांतक’ किस देवता का रूप है जिसमें वे तीन नगर जलाते हैं?

A) विष्णु

B) शिव

C) इंद्र

D) ब्रह्मा

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: त्रिपुरांतक शिव का वह रूप है जिसमें उन्होंने त्रिपुर (तीन असुर नगर) को एक बाण से ध्वस्त किया।

७०. ‘लिंगोद्भव मूर्ति’ क्या दर्शाती है?

A) विष्णु का अनंत-शयन

B) शिव का ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकटीकरण

C) ब्रह्मा की सृष्टि

D) गणेश का जन्म

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: लिंगोद्भव में शिव अग्नि-स्तंभ (ज्योतिर्लिंग) से प्रकट होते हैं — विष्णु और ब्रह्मा उनकी खोज करते दिखाए जाते हैं।

दक्षिण भारत की मूर्तिकला शैलियाँ MCQ — पल्लव, चालुक्य, चोल, होयसल

७१. होयसल मंदिरों का ‘तारे के आकार का’ (स्टेल्लेट) प्लान क्यों है?

A) सौंदर्य के लिए

B) भूकंप-प्रतिरोध के लिए

C) अधिक सतह क्षेत्र ताकि अधिक नक्काशी हो सके

D) वास्तु शास्त्र के नियम से

✅ उत्तर: C  |  व्याख्या: होयसल मंदिर का तारेनुमा प्लान अधिकतम सतह क्षेत्र देता है जिससे अत्यधिक सूक्ष्म मूर्तिकला हो सके।

७२. ‘वेलनकन्नी’ का प्रसिद्ध चर्च किस देवी को समर्पित है और दक्षिण भारत की वास्तु परंपरा से कैसे जुड़ा है?

A) यह एक पुर्तगाली शैली का चर्च है

B) इसमें द्रविड़ और गोथिक तत्वों का मिश्रण है

C) यह पूरी तरह यूरोपीय है

D) यह एक हिंदू मंदिर है

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: वेलनकन्नी का ‘लेडी ऑफ हेल्थ’ चर्च द्रविड़ गोपुरम और यूरोपीय गोथिक तत्वों का अनोखा मिश्रण है।

७३. ‘केरल की थिय्यम’ परंपरा में मुखौटे और वेशभूषा का मूर्तिकला से क्या संबंध है?

A) कोई संबंध नहीं

B) थिय्यम के मुखौटे और आभूषण मंदिर मूर्तिकला के देवी-देवताओं की नकल करते हैं

C) थिय्यम बौद्ध कला से जुड़ा है

D) यह केवल लोक-कला है

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: थिय्यम (केरल) में वेशभूषा और विशाल मुखौटे मंदिर मूर्तियों के देवी-रूप से प्रेरित होते हैं।

७४. ‘नागर शैली’ और ‘द्रविड़ शैली’ के मंदिर मुख्यतः किसमें अलग हैं?

A) पूजा पद्धति में

B) शिखर की आकृति में — नागर का वक्ररेखीय और द्रविड़ का पिरामिडीय

C) पत्थर के रंग में

D) मंदिर के आकार में

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: नागर शिखर वक्ररेखीय (कर्विलीनियर) होता है जबकि द्रविड़ विमान पिरामिडाकार सीढ़ीनुमा होता है।

७५. ‘अमृतमंथन’ दृश्य किस पौराणिक कथा पर आधारित है?

A) रामायण

B) महाभारत

C) समुद्र मंथन (भागवतपुराण)

D) शिवपुराण

✅ उत्तर: C  |  व्याख्या: अमृतमंथन दृश्य में देव और असुर मिलकर क्षीरसागर को मथते हैं — यह भागवत और विष्णुपुराण की कथा है।

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७६. ‘चोल गाँव’ में ‘स्थानीय मूर्तिकार समुदाय’ को क्या कहते हैं?

A) कम्मालर

B) मुदलियार

C) वेल्लालर

D) नाडार

✅ उत्तर: A  |  व्याख्या: कम्मालर (विश्वकर्मा समुदाय) परंपरागत कारीगर जाति है जिसमें मूर्तिकार, लोहार और बढ़ई शामिल थे।

७७. ‘नायक काल’ में मदुरई के किस देवता के मंदिर का पुनर्निर्माण हुआ?

A) श्रीरंगम

B) मीनाक्षी-सुंदरेश्वर

C) बृहदेश्वर

D) पद्मनाभस्वामी

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: नायक राजा (16–17वीं शती) ने मदुरई के मीनाक्षी मंदिर का वर्तमान भव्य स्वरूप निर्मित करवाया।

७८. ‘विक्रमशीला’ और ‘नालंदा’ की बौद्ध कला का दक्षिण भारत से क्या संबंध है?

A) कोई संबंध नहीं

B) अमरावती और नागार्जुनकोंडा की बौद्ध मूर्तिकला ने इन केंद्रों को प्रभावित किया

C) विक्रमशीला दक्षिण में था

D) दक्षिण भारत में कभी बौद्ध कला नहीं थी

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: अमरावती (आंध्र प्रदेश) की बौद्ध मूर्तिकला (2–3री शताब्दी) ने सम्पूर्ण एशियाई बौद्ध कला को प्रभावित किया।

७९. ‘स्तूप’ और ‘मंदिर’ में मुख्य अंतर क्या है?

A) स्तूप पाषाण और मंदिर मिट्टी का होता है

B) स्तूप अर्ध-गोलाकार, अंदर से ठोस होता है; मंदिर में गर्भगृह और मूर्ति होती है

C) स्तूप में मूर्ति और मंदिर में रेलिक होता है

D) दोनों एक जैसे हैं

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: स्तूप बौद्ध/जैन स्मारक है जो ठोस होता है, जबकि मंदिर में देवमूर्ति के लिए गर्भगृह होता है।

८०. ‘अमरावती’ स्तूप की मूर्तिकला किस धर्म से संबंधित है?

A) हिंदू

B) जैन

C) बौद्ध

D) शैव

✅ उत्तर: C  |  व्याख्या: अमरावती (आंध्र) का महास्तूप बौद्ध धर्म का है और यहाँ की मूर्तिकला ‘अमरावती शैली’ के नाम से विख्यात है।

मूर्तिकला MCQ | भारतीय कला परीक्षा | Indian Art History — All Art At One Place

८१. ‘कृष्णदेवराय’ ने हम्पी में कौन सा प्रसिद्ध मंदिर बनवाया?

A) हज़ारा राम मंदिर

B) कृष्णस्वामी मंदिर

C) विट्ठल मंदिर

D) पम्पा देवी मंदिर

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: कृष्णदेवराय ने 1513 CE में हम्पी में कृष्णस्वामी मंदिर बनवाया और उड़ीसा विजय के बाद इसे समृद्ध किया।

८२. ‘सातवाहन काल’ की कला किस क्षेत्र से संबंधित है?

A) केरल

B) आंध्र-महाराष्ट्र क्षेत्र

C) कर्नाटक

D) तमिलनाडु

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: सातवाहन (आंध्र-महाराष्ट्र, 2री शताब्दी BCE–3री शताब्दी CE) की कला अमरावती और सांची में देखी जाती है।

८३. ‘तिरुवनंतपुरम संग्रहालय’ में दक्षिण भारतीय मूर्तिकला का कौन सा दुर्लभ संग्रह है?

A) ताम्र मूर्तियाँ

B) केरल की पारंपरिक काँसे और पत्थर की मूर्तियाँ

C) केवल यूरोपीय कला

D) मुगल कला

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: त्रिवेंद्रम संग्रहालय में केरल की पारंपरिक काँसे, पत्थर और लकड़ी की मूर्तियों का महत्वपूर्ण संग्रह है।

८४. ‘आंध्र प्रदेश’ में ‘नागार्जुनकोंडा’ किस लिए प्रसिद्ध है?

A) विजयनगर मंदिर

B) बौद्ध स्तूप और मूर्तिकला संग्रह

C) चोल कांस्य

D) जैन मठ

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: नागार्जुनकोंडा (आंध्र) इक्ष्वाकु काल का बौद्ध केंद्र था — यहाँ की मूर्तिकला अब एक संग्रहालय में सुरक्षित है।

८५. ‘चेन्नई सरकारी संग्रहालय’ में सबसे महत्वपूर्ण क्या है?

A) विजयनगर चित्र

B) चोल कांस्य मूर्तियों का विशाल संग्रह

C) पल्लव शिलालेख

D) मुगल लघुचित्र

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: चेन्नई (मद्रास) सरकारी संग्रहालय में विश्व का सबसे बड़ा चोल कांस्य मूर्ति संग्रह है।

८६. दक्षिण भारत में ‘शैव-सिद्धांत’ दर्शन का मूर्तिकला पर क्या प्रभाव पड़ा?

A) केवल विष्णु की मूर्तियाँ बनीं

B) शिव के अनेक रूपों (108 से अधिक) की विस्तृत मूर्तिकला विकसित हुई

C) मूर्तिकला प्रतिबंधित हुई

D) केवल निराकार पूजा होती थी

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: शैव-सिद्धांत के प्रभाव से शिव के अनेक स्वरूपों — सदाशिव, भिक्षाटन, किरात, नटराज आदि — की विस्तृत मूर्तिकला हुई।

८७. ‘मायूरासन’ मूर्ति में देवता किस पर बैठे होते हैं?

A) गरुड़ पर

B) मयूर पर

C) वृषभ पर

D) कमल पर

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: मायूरासन में देवता (प्रायः कार्तिकेय/मुरुगन) मयूर पर आरूढ़ होते हैं — यह दक्षिण भारत में अत्यंत लोकप्रिय है।

८८. ‘श्रीनिवास पेरुमल’ तीर्थ कहाँ है और यहाँ की मुख्य मूर्ति की विशेषता क्या है?

A) श्रीरंगम — लेटी हुई मूर्ति

B) तिरुमाला-तिरुपति — खड़े विष्णु की काले पत्थर की मूर्ति

C) बेलूर — होयसल मूर्ति

D) हम्पी — कांस्य मूर्ति

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: तिरुपति में वेंकटेश्वर (श्रीनिवास) की काले पत्थर की खड़ी मूर्ति (4 फुट) है जिसे विष्णु का स्वयंभू रूप माना जाता है।

८९. ‘मत्स्यावतार’ मूर्ति में विष्णु का कौन सा रूप होता है?

A) वराह (सूकर)

B) मत्स्य (मछली)

C) कूर्म (कछुआ)

D) नृसिंह (नर-सिंह)

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: मत्स्यावतार विष्णु का प्रथम अवतार है जिसमें वे मछली के रूप में वेदों को बचाते हैं।

९०. ‘दक्षिणामूर्ति’ शिव किस मुद्रा में होते हैं?

A) ताण्डव नृत्य में

B) दक्षिण दिशा में मुख करके पेड़ के नीचे बैठे गुरु रूप में

C) युद्ध मुद्रा में

D) समाधिस्थ लेटे हुए

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: दक्षिणामूर्ति शिव का गुरु-रूप है — वे दक्षिण मुख कर वट-वृक्ष के नीचे बैठकर ऋषियों को ज्ञान देते हैं।

दक्षिण भारतीय मंदिर मूर्तिकला MCQ | UNESCO विरासत स्थल | कला इतिहास

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९१. ‘चोल’ और ‘होयसल’ मूर्तिकला में स्त्री आकृतियाँ किस अंतर से पहचानी जाती हैं?

A) चोल सुडौल और सरल; होयसल अत्यंत अलंकृत और सजावटी

B) चोल रंगीन और होयसल सफेद

C) दोनों एक समान हैं

D) होयसल की स्त्री आकृतियाँ नहीं होती

✅ उत्तर: A  |  व्याख्या: चोल स्त्री मूर्तियाँ सुडौल, लालित्यपूर्ण और सरल हैं, जबकि होयसल में अत्यंत सूक्ष्म आभूषण और अलंकरण है।

९२. ‘पदमासन’ मुद्रा में मूर्ति कैसे बैठती है?

A) एक पैर लटकाकर

B) दोनों पैर क्रॉस करके (कमल आसन)

C) खड़े होकर

D) घुटने मोड़कर

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: पदमासन में दोनों पैर एक-दूसरे पर रखकर सुखासन में बैठते हैं — यह ध्यान और बुद्ध की मूर्तियों में सामान्य है।

९३. ‘तमिलनाडु’ में ‘उत्सव’ पर्व के दौरान मूर्तियों को किसमें सजाकर निकाला जाता है?

A) पालकी

B) रथ और तेर (रथ)

C) ऊँट

D) नौका

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: तमिल मंदिरों में त्योहारों पर उत्सवमूर्तियों को विशाल रथ (तेर) पर सजाकर नगर-भ्रमण कराया जाता है।

९४. ‘होयसलेश्वर मंदिर’ में कितनी पंक्तियों में मूर्तियाँ हैं?

A) तीन

B) पाँच

C) सात

D) नौ

✅ उत्तर: C  |  व्याख्या: हलेबिड के होयसलेश्वर मंदिर की बाहरी दीवार पर सात क्षैतिज पट्टियों में हाथी, घोड़े, लता, देवता, महाकाव्य दृश्य आदि हैं।

९५. ‘विजयनगर’ कला की ‘कल्याण मंडप’ (विवाह मंडप) क्या होती है?

A) राजदरबार

B) मंदिर में देवी-देवता के विवाह उत्सव के लिए बना सजाया हुआ स्तंभयुक्त कक्ष

C) यज्ञशाला

D) नृत्यशाला

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: कल्याण मंडप विजयनगर मंदिरों की विशेषता है — यहाँ देव-विवाह उत्सव होता था और यह भव्य चित्रित स्तंभों से सजा होता है।

९६. ‘रामप्पा मंदिर’ (काकतीय) को हाल ही में किस सूची में शामिल किया गया?

A) राष्ट्रीय स्मारक सूची

B) UNESCO विश्व धरोहर स्थल सूची (2021)

C) राज्य संरक्षित स्मारक सूची

D) एशियाई धरोहर सूची

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: तेलंगाना का रामप्पा मंदिर (काकतीय वंश, 13वीं शती) 2021 में UNESCO विश्व धरोहर घोषित हुआ।

९७. ‘काकतीय’ वंश की मूर्तिकला किस क्षेत्र की है?

A) केरल

B) तेलंगाना और आंध्र प्रदेश

C) तमिलनाडु

D) कर्नाटक

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: काकतीय वंश (12–14वीं शताब्दी) तेलंगाना-आंध्र का शासक वंश था और वारंगल उनकी राजधानी थी।

९८. ‘ताराबाई मंदिर’ किस वंश की विरासत है?

A) पेशवा

B) मराठा (शिवाजी के वंशज)

C) निज़ाम

D) होयसल

✅ उत्तर: B  |  व्याख्या: तंजावुर का ताराबाई मंदिर मराठा शासकों की धार्मिक स्थापत्य परंपरा का हिस्सा है।

९९. ‘चित्रा पूर्णिमा’ के अवसर पर तमिल मंदिरों में विशेष रूप से किस देवता की पूजा होती है?

A) चित्रगुप्त

B) यम

C) सूर्य

D) चंद्र

✅ उत्तर: A  |  व्याख्या: चित्रा पूर्णिमा पर चित्रगुप्त की पूजा होती है — इस दिन उनकी प्रतिमा के सामने लेखा-जोखा अर्पित किया जाता है।

१००. दक्षिण भारतीय मूर्तिकला में ‘अभय मुद्रा’ का क्या अर्थ है?

A) आशीर्वाद और भय निवारण

B) भोजन देना

C) युद्ध की चेतावनी

D) निद्रा

✅ उत्तर: A  |  व्याख्या: अभय मुद्रा में हाथ ऊपर उठाकर हथेली बाहर दिखाई जाती है जिसका अर्थ है ‘डरो मत’ — यह आशीर्वाद और रक्षा का प्रतीक है।

निष्कर्ष | Conclusion — दक्षिण भारतीय मूर्तिकला MCQ

  दक्षिण भारतीय मूर्तिकला MCQ की इस श्रृंखला में हमने पल्लव, चोल, राष्ट्रकूट, होयसल, चालुक्य, गंग, काकतीय और विजयनगर जैसे महान राजवंशों की दक्षिण भारतीय मूर्तिकला की प्रमुख शैलियों, मंदिरों, देवी-देवताओं और तकनीकों पर 100 प्रश्नों का अभ्यास किया। ये प्रश्न UPSC, State PSC, NET, TET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण हैं। 

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