तमिलनाडु की लोक कला MCQ — 100 बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर सहित। तंजावुर पेंटिंग, कोलम, भरतनाट्यम, थेरुकूथु और अधिक। परीक्षा की तैयारी के लिए सर्वश्रेष्ठ संग्रह।
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तमिलनाडु की लोक कला MCQ: 100 महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न, Tamil Nadu Folk Art MCQ
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तमिलनाडु की लोक कला MCQ — इस लेख में तमिलनाडु की समृद्ध लोक कला परंपरा पर आधारित 100 महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) दिए गए हैं, जिनमें तंजावुर पेंटिंग, कोलम कला, भरतनाट्यम, थेरुकूथु, कावड़ी अट्टम, कोलाट्टम, बोम्मलाट्टम, करगम और अनेक अन्य पारंपरिक कलाओं से संबंधित प्रश्न सम्मिलित हैं। प्रत्येक प्रश्न के साथ सही उत्तर और संक्षिप्त व्याख्या भी दी गई है, जिससे विद्यार्थियों को विषय को गहराई से समझने में सहायता मिलेगी। यह संग्रह UPSC, TET, State PSC, CTET तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी है। अधिक ऐसी सामग्री के लिए indianarthistory.com पर विजिट करें।
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तमिलनाडु की प्रमुख लोक कलाएँ (संक्षिप्त परिचय)

तमिलनाडु की लोक कला MCQ — यह संग्रह उन सभी विद्यार्थियों, शोधार्थियों और कला-प्रेमियों के लिए तैयार किया गया है जो तमिलनाडु की समृद्ध लोक कला परंपरा को गहराई से समझना चाहते हैं।
तमिलनाडु की लोक कलाएँ हजारों वर्षों की सांस्कृतिक यात्रा का प्रतिनिधित्व करती हैं — चाहे वह तंजावुर पेंटिंग की सोने की आभा हो, कोलम कला की ज्यामितीय सुंदरता हो, थेरुकूथु की नाट्य जीवंतता हो, या भरतनाट्यमकी शास्त्रीय लालित्यता हो।
इस MCQ सेट में तमिलनाडु की लोक कला, लोक नृत्य, लोक संगीत, लोक चित्रकला, लोक शिल्प और पारंपरिक अनुष्ठान कलाओं पर 100 बहुविकल्पीय प्रश्न दिए गए हैं। प्रत्येक प्रश्न के साथ सही उत्तर और संक्षिप्त व्याख्या भी प्रस्तुत की गई है, जिससे भारतीय कला इतिहास की परीक्षाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को विशेष लाभ होगा।
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✦ तमिलनाडु की लोक कला MCQ | Tamil Nadu Folk Art Questions | Indian Art History ✦
तमिलनाडु की लोक कला — 100 MCQ प्रश्न
तमिलनाडु की लोक कला MCQ प्रश्न 1–25
Q1. तमिलनाडु की सबसे प्रसिद्ध लोक कला कौन सी है?
(A) कोलम ✓
(B) मधुबनी
(C) वारली
(D) पिथोरा
💡 व्याख्या: कोलम तमिलनाडु की पारंपरिक रंगोली कला है जो चावल के आटे से बनाई जाती है।

Q2. तमिलनाडु की लोक चित्रकला ‘तंजावुर पेंटिंग’ किस चीज़ के लिए प्रसिद्ध है?
(A) सोने की पन्नी और रत्नों के उपयोग के लिए ✓
(B) मिट्टी के रंगों के लिए
(C) काले रंग की प्रधानता के लिए
(D) ज्यामितीय आकृतियों के लिए
💡 व्याख्या: तंजावुर पेंटिंग सोने की पन्नी और अर्ध-कीमती पत्थरों के उपयोग के लिए विश्वप्रसिद्ध है।
Q3. कोलम कला में मुख्यतः किस सामग्री का उपयोग होता है?
(A) मिट्टी
(B) चावल का आटा ✓
(C) रेत
(D) हल्दी
💡 व्याख्या: कोलम में सफेद चावल के आटे (या चाक पाउडर) से जमीन पर ज्यामितीय डिज़ाइन बनाई जाती हैं।
Q4. तमिलनाडु का ‘थेरुकूथु’ क्या है?
(A) एक लोक नृत्य शैली
(B) एक सड़क नाट्य परंपरा ✓
(C) एक भित्ति चित्र कला
(D) एक मूर्तिकला तकनीक
💡 व्याख्या: थेरुकूथु तमिलनाडु की पारंपरिक सड़क नाट्य कला है जो खुले स्थानों में प्रस्तुत की जाती है।
Q5. तंजावुर पेंटिंग की उत्पत्ति किस काल में हुई?
(A) 16वीं शताब्दी
(B) 17वीं शताब्दी ✓
(C) 18वीं शताब्दी
(D) 19वीं शताब्दी
💡 व्याख्या: तंजावुर पेंटिंग की उत्पत्ति नायक शासनकाल में 17वीं शताब्दी में हुई थी।
Q6. तमिलनाडु में ‘पुली वेषम’ किस उत्सव से जुड़ा है?
(A) पोंगल ✓
(B) नवरात्रि
(C) दीपावली
(D) ओणम
💡 व्याख्या: पुली वेषम (बाघ नृत्य) तमिलनाडु में पोंगल और ओणम के त्योहार पर प्रस्तुत किया जाता है।
Q7. तमिलनाडु की ‘मारियम्मन’ लोक कला किससे संबंधित है?
(A) युद्ध देवी
(B) ग्राम देवी ✓
(C) जल देवी
(D) वन देवी
💡 व्याख्या: मारियम्मन तमिलनाडु की ग्राम देवी हैं और उनसे जुड़ी लोक कलाएँ ग्रामीण संस्कृति का प्रतिनिधित्व करती हैं।
Q8. तमिलनाडु की ‘गंगई अम्मन’ लोक परंपरा किससे जुड़ी है?
(A) मछुआरा समुदाय ✓
(B) बुनकर समुदाय
(C) किसान समुदाय
(D) कुम्हार समुदाय
💡 व्याख्या: गंगई अम्मन तटीय क्षेत्रों के मछुआरा समुदाय की लोक देवी हैं।
Q9. तमिलनाडु का कौन सा नृत्य UNESCO की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में है?
(A) थेरुकूथु
(B) भरतनाट्यम ✓
(C) कोलाट्टम
(D) कुम्मी
💡 व्याख्या: भरतनाट्यम तमिलनाडु का शास्त्रीय नृत्य है जिसे UNESCO ने अमूर्त सांस्कृतिक विरासत में शामिल किया है।
Q10. ‘कोलाट्टम’ क्या है?
(A) एक प्रकार की मूर्तिकला
(B) डंडों से खेला जाने वाला लोक नृत्य ✓
(C) एक प्रकार का वाद्य यंत्र
(D) भित्ति चित्रकला
💡 व्याख्या: कोलाट्टम डंडियों (कोल) के साथ खेला जाने वाला तमिलनाडु का लोक नृत्य है।
★ तमिलनाडु की लोक कला MCQ की इस श्रृंखला में आगे और प्रश्न दिए जा रहे हैं। इन प्रश्नों का अभ्यास करके आप तमिलनाडु की पारंपरिक कला, नृत्य, संगीत और शिल्प परंपराओं की गहरी समझ प्राप्त कर सकते हैं। — indianarthistory.com | psartworks.in
Q11. तमिलनाडु में ‘कावड़ी अट्टम’ किस देवता को समर्पित है?
(A) शिव
(B) विष्णु
(C) मुरुगन ✓
(D) गणेश
💡 व्याख्या: कावड़ी अट्टम भगवान मुरुगन (कार्तिकेय) को समर्पित एक भक्तिपूर्ण लोक नृत्य है।
Q12. तमिलनाडु की लोक कला में ‘नाट्टुपुरा पाडल’ क्या है?
(A) ग्रामीण लोकगीत ✓
(B) ग्रामीण नृत्य
(C) ग्रामीण चित्रकला
(D) ग्रामीण मूर्तिकला
💡 व्याख्या: नाट्टुपुरा पाडल तमिलनाडु के ग्रामीण क्षेत्रों में गाए जाने वाले पारंपरिक लोकगीत हैं।
Q13. ‘ओयिलाट्टम’ किस प्रकार का लोक नृत्य है?
(A) युद्ध नृत्य
(B) सामूहिक भक्ति नृत्य ✓
(C) फसल कटाई नृत्य
(D) विवाह नृत्य
💡 व्याख्या: ओयिलाट्टम तमिलनाडु का एक सामूहिक भक्ति लोक नृत्य है।
Q14. तमिलनाडु में ‘पोंगल’ त्योहार के दौरान किस लोक कला का विशेष प्रदर्शन होता है?
(A) कोलम ✓
(B) भित्ति चित्र
(C) तंजावुर चित्रकला
(D) काँस्य मूर्तिकला
💡 व्याख्या: पोंगल के अवसर पर घरों के बाहर विशेष कोलम (रंगोली) बनाई जाती है।

Q15. ‘बोम्मलाट्टम’ किस लोक कला परंपरा का हिस्सा है?
(A) कठपुतली कला ✓
(B) लोक चित्रकला
(C) मुखौटा कला
(D) लोक संगीत
💡 व्याख्या: बोम्मलाट्टम तमिलनाडु की पारंपरिक कठपुतली कला है जो धागों से संचालित होती है।
Q16. तमिलनाडु का ‘पावई कुथु’ किस लोक परंपरा से जुड़ा है?
(A) छाया कठपुतली ✓
(B) मिट्टी मूर्तिकला
(C) सूत कताई
(D) लकड़ी नक्काशी
💡 व्याख्या: पावई कुथु (तोलु बोम्मलाट्टम) तमिलनाडु की परंपरागत छाया कठपुतली कला है।
Q17. तमिलनाडु के किस जिले में तंजावुर पेंटिंग की उत्पत्ति हुई?
(A) मदुरई
(B) तंजावुर (तंजोर) ✓
(C) चेन्नई
(D) कोयंबटूर
💡 व्याख्या: तंजावुर (तंजोर) जिला इस प्रसिद्ध चित्रकला शैली का उद्गम स्थल है।
Q18. तमिलनाडु में ‘चित्र मेलम’ क्या है?
(A) एक भित्ति चित्र
(B) एक प्रकार का ढोल संगीत ✓
(C) एक लोक नाटक
(D) एक प्रकार की बुनाई
💡 व्याख्या: चित्र मेलम तमिलनाडु में देवताओं की शोभायात्रा के साथ बजाई जाने वाली पारंपरिक ताल संगीत परंपरा है।
Q19. ‘कुम्मी’ लोक नृत्य मुख्यतः कौन करता है?
(A) पुरुष
(B) महिलाएँ ✓
(C) बच्चे
(D) बुजुर्ग
💡 व्याख्या: कुम्मी तमिलनाडु का महिला लोक नृत्य है जिसमें ताली बजाते हुए गोलाकार नृत्य किया जाता है।
Q20. तमिलनाडु का ‘देवरातम’ किस अवसर पर किया जाता है?
(A) विवाह
(B) मंदिर उत्सव ✓
(C) फसल
(D) जन्मोत्सव
💡 व्याख्या: देवरातम मंदिर उत्सवों के अवसर पर भक्ति भाव से किया जाने वाला लोक नृत्य है।
★ तमिलनाडु की लोक कला का अध्ययन करते समय यह ध्यान रखें कि यहाँ की प्रत्येक कला किसी न किसी सामाजिक, धार्मिक या ऐतिहासिक परंपरा से जुड़ी है। indianarthistory.com पर आप इन सभी कलाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। — indianarthistory.com
Q21. तमिलनाडु की लोक कला ‘मईलाट्टम’ में कलाकार कैसी वेशभूषा धारण करते हैं?
(A) शेर की
(B) मोर की ✓
(C) हाथी की
(D) बाघ की
💡 व्याख्या: मईलाट्टम में कलाकार मोर (मईल) का वेश धारण करके नृत्य करते हैं।
Q22. तमिलनाडु का ‘पोत्तेरी कोलम’ किस विशेष अवसर पर बनाया जाता है?
(A) शादी
(B) मृत्यु संस्कार
(C) मार्गशीर्ष मास ✓
(D) फसल कटाई
💡 व्याख्या: मार्गशीर्ष (दिसंबर-जनवरी) मास में प्रतिदिन सुबह विशेष पोत्तेरी कोलम बनाने की परंपरा है।
Q23. तमिलनाडु के लोक कला में ‘मुत्तुकुडम’ क्या है?
(A) सजा हुआ छाता ✓
(B) लोक वाद्य यंत्र
(C) पारंपरिक पोशाक
(D) मिट्टी के बर्तन
💡 व्याख्या: मुत्तुकुडम (मोतियों से सजा छाता) तमिलनाडु के मंदिर उत्सवों और जुलूसों में उपयोग की जाने वाली कला है।
Q24. तमिलनाडु में ‘सिलंबम’ क्या है?
(A) एक प्रकार का चित्र
(B) एक मार्शल आर्ट ✓
(C) एक संगीत वाद्य
(D) एक बुनाई तकनीक
💡 व्याख्या: सिलंबम तमिलनाडु की प्राचीन लाठी आधारित मार्शल आर्ट है जो एक लोक कला परंपरा का हिस्सा है।
Q25. तंजावुर पेंटिंग में मुख्यतः किस विषय का चित्रण होता है?
(A) युद्ध दृश्य
(B) प्रकृति चित्र
(C) हिंदू देवी-देवता ✓
(D) ग्रामीण जीवन
💡 व्याख्या: तंजावुर पेंटिंग में मुख्यतः हिंदू देवी-देवताओं, राम, कृष्ण और अन्य पौराणिक पात्रों का चित्रण होता है।
तमिलनाडु की लोक कला MCQ प्रश्न 26–50
Q26. तमिलनाडु में ‘काम्बन रामायणम’ किस कला रूप में प्रस्तुत की जाती है?
(A) संगीत
(B) चित्रकला
(C) हरिकथा (कथा गायन) ✓
(D) नृत्य नाटिका
💡 व्याख्या: काम्बन रामायणम को तमिलनाडु में हरिकथा और कालक्षेपम जैसी लोक कथा परंपराओं में प्रस्तुत किया जाता है।
Q27. ‘नदेश्वरम’ क्या है?
(A) एक लोक नृत्य शैली
(B) एक पारंपरिक पवन वाद्य ✓
(C) एक मंदिर कला
(D) एक प्रकार का वस्त्र
💡 व्याख्या: नदेश्वरम (नागस्वरम) तमिलनाडु का प्रमुख पारंपरिक वायु वाद्य है जो मंदिर उत्सवों में बजाया जाता है।
Q28. तमिलनाडु में ‘पुरावी आट्टम’ किससे संबंधित है?
(A) घोड़े का नृत्य ✓
(B) बैल का नृत्य
(C) हाथी का नृत्य
(D) मोर का नृत्य
💡 व्याख्या: पुरावी आट्टम में कलाकार घोड़े का आकार धारण करके नृत्य करते हैं।
Q29. तमिलनाडु की लोक कला में ‘नट्टरंगम’ क्या है?
(A) ग्रामीण रंगमंच ✓
(B) भित्ति चित्रकला
(C) मिट्टी मूर्तिकला
(D) वाद्य संगीत
💡 व्याख्या: नट्टरंगम तमिलनाडु की ग्रामीण रंगमंच परंपरा है।
Q30. तमिलनाडु का ‘कुडियाट्टम’ किस प्रकार की कला है?
(A) मूर्तिकला
(B) शास्त्रीय रंगमंच ✓
(C) लोक चित्रकला
(D) बुनाई
💡 व्याख्या: कुडियाट्टम केरल का है किंतु तमिलनाडु में भी इसकी परंपरा है; यह संस्कृत नाट्य परंपरा है।
★ तमिलनाडु लोक कला MCQ की तैयारी के लिए तंजावुर पेंटिंग, कोलम, थेरुकूथु, भरतनाट्यम और कोलाट्टम जैसी प्रमुख कलाओं पर विशेष ध्यान दें। ये विषय प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाते हैं। — indianarthistory.com | psartworks.in
Q31. तमिलनाडु में ‘नागस्वरम’ वादक किस जाति/समुदाय से संबंधित हैं?
(A) मेलकारन
(B) नाडार
(C) नट्टुवनार
(D) इसाई वेल्लालर ✓
💡 व्याख्या: नागस्वरम वादन परंपरागत रूप से इसाई वेल्लालर समुदाय से जुड़ी है।
Q32. तमिलनाडु की ‘गोट्टुवाद्यम’ (चित्रविणा) कला किससे संबंधित है?
(A) तार वाद्य ✓
(B) ताल वाद्य
(C) पवन वाद्य
(D) लोक गायन
💡 व्याख्या: गोट्टुवाद्यम (चित्रविणा) एक तार वाद्य है जो हिंदुस्तानी वीणा से भिन्न तकनीक से बजाया जाता है।
Q33. तमिलनाडु के ‘पवईकुथु’ में किन पात्रों का अभिनय होता है?
(A) देवी-देवता और पौराणिक पात्र ✓
(B) ऐतिहासिक राजा
(C) आधुनिक राजनेता
(D) पशु-पक्षी
💡 व्याख्या: पवईकुथु (थोलु बोम्मलाट्टम) में रामायण, महाभारत और पौराणिक कथाओं के देवी-देवताओं के पात्र होते हैं।
Q34. तमिलनाडु की लोक चित्रकला में ‘गोलू’ क्या है?
(A) नवरात्रि में सजाई जाने वाली मूर्तियाँ ✓
(B) पोंगल के बर्तन
(C) विवाह की थाली
(D) दीपावली की रोशनी
💡 व्याख्या: गोलू नवरात्रि में तमिलनाडु में लगाई जाने वाली पारंपरिक मूर्तियों की सीढ़ीदार सजावट है।
Q35. तमिलनाडु का ‘कूथु’ (Koothu) कला रूप मुख्यतः किस पर आधारित है?
(A) महाभारत की कथाएँ ✓
(B) पर्यावरण संरक्षण
(C) व्यापार कथाएँ
(D) इतिहास
💡 व्याख्या: कूथु (थेरुकूथु) मुख्यतः महाभारत की द्रौपदी से संबंधित कथाओं पर आधारित है।
Q36. तमिलनाडु में ‘पोयकाल कुदिरई अट्टम’ में क्या विशेषता है?
(A) कलाकार नकली घोड़े पर नृत्य करते हैं ✓
(B) असली घोड़े का उपयोग
(C) ताली बजाकर नृत्य
(D) मशाल नृत्य
💡 व्याख्या: पोयकाल कुदिरई (नकली घोड़ा) में कलाकार एक कृत्रिम घोड़े की संरचना पहनकर नृत्य करते हैं।
Q37. तमिलनाडु में ‘परईयाट्टम’ किस अवसर पर किया जाता है?
(A) देवी उत्सवों में ✓
(B) व्यापारिक मेलों में
(C) विवाह समारोहों में
(D) राजनीतिक रैलियों में
💡 व्याख्या: परई (ढोल) नृत्य तमिलनाडु में देवी उत्सवों और ग्रामीण अनुष्ठानों में किया जाता है।
Q38. तंजावुर चित्रकला में लकड़ी के बोर्ड पर पहले कौन सी सामग्री लगाई जाती है?
(A) सोने की पन्नी
(B) चाक और गोंद का मिश्रण ✓
(C) रंगीन कपड़ा
(D) मिट्टी का लेप
💡 व्याख्या: तंजावुर चित्रकला में पहले चाक (खड़िया) और अरेबिक गम के मिश्रण से एक आधार परत (gesso) बनाई जाती है।
Q39. तमिलनाडु की ‘तोडा’ जनजाति की कला का मुख्य स्वरूप क्या है?
(A) भरतकाम (कढ़ाई) ✓
(B) पत्थर नक्काशी
(C) मिट्टी मूर्तिकला
(D) बाँस शिल्प
💡 व्याख्या: नीलगिरि की तोडा जनजाति अपनी अनोखी ज्यामितीय भरतकाम (कढ़ाई) कला के लिए प्रसिद्ध है।
Q40. तमिलनाडु में ‘इरुलर’ जनजाति की पारंपरिक कला कौन सी है?
(A) टोकरी बुनाई और बाँस शिल्प ✓
(B) भित्ति चित्रकला
(C) काँस्य मूर्तिकला
(D) रेशम बुनाई
💡 व्याख्या: इरुलर जनजाति टोकरी बुनाई और बाँस शिल्पकला में निपुण होती है।
★ भारतीय कला इतिहास में तमिलनाडु की लोक कलाओं का महत्वपूर्ण स्थान है। चोल, पल्लव, नायक और पांड्य काल की कला परंपराओं ने आधुनिक तमिल लोक कला को गहरे प्रभावित किया है। — indianarthistory.com | psartworks.in
Q41. तमिलनाडु की ‘कलाईमामणि’ पुरस्कार किस क्षेत्र में दी जाती है?
(A) विज्ञान
(B) खेल
(C) कला और संस्कृति ✓
(D) साहित्य
💡 व्याख्या: तमिलनाडु सरकार द्वारा कला और संस्कृति के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए कलाईमामणि पुरस्कार दिया जाता है।
Q42. तमिलनाडु में ‘नागापट्टिनम’ जिले की विशेष लोक कला कौन सी है?
(A) मत्स्य चित्रकला ✓
(B) मंदिर भित्ति चित्रकला
(C) काँस्य मूर्तिकला
(D) रेशम बुनाई
💡 व्याख्या: नागापट्टिनम क्षेत्र में मछुआरा समुदाय की मत्स्य (मछली) से जुड़ी विशेष लोक कला परंपरा है।
Q43. तमिलनाडु में ‘चिदंबरम’ किस नृत्य शैली का केंद्र है?
(A) भरतनाट्यम ✓
(B) मोहिनीअट्टम
(C) कुचिपुड़ी
(D) ओडिसी
💡 व्याख्या: चिदंबरम का नटराज मंदिर भरतनाट्यम का सबसे पवित्र केंद्र माना जाता है।
Q44. तमिलनाडु की लोक कला में ‘विलुपट्टु’ क्या है?
(A) धनुष वाद्य पर गाया जाने वाला लोकगीत ✓
(B) एक प्रकार का लोक नृत्य
(C) एक भित्ति चित्र शैली
(D) एक मिट्टी शिल्प
💡 व्याख्या: विलुपट्टु में धनुष के आकार के वाद्य (विल) पर वीर गाथाएँ और पौराणिक कथाएँ गाई जाती हैं।
Q45. तमिलनाडु में ‘पंडवानी’ किस राज्य की लोक कला से प्रेरित है?
(A) केरल
(B) आंध्र प्रदेश
(C) छत्तीसगढ़ ✓
(D) कर्नाटक
💡 व्याख्या: पंडवानी छत्तीसगढ़ की लोक कला है, तमिलनाडु में समान विलुपट्टु परंपरा प्रचलित है।
Q46. तमिलनाडु में ‘मुत्तुकुडम’ शोभायात्रा में किस चीज़ का उपयोग होता है?
(A) सजे हुए हाथी
(B) मोतियों से सजे छाते और फूलों की माला ✓
(C) रंगीन पतंगें
(D) जलती मशालें
💡 व्याख्या: मुत्तुकुडम शोभायात्राओं में मोतियों और फूलों से सजे कलाकारी छाते विशेष आकर्षण होते हैं।
Q47. तमिलनाडु की ‘कन्नियाकुमारी’ जिले की प्रसिद्ध लोक कला कौन सी है?
(A) ओट्टम थुल्लल
(B) पद्यनृत्त्यम
(C) विलासिनी नाट्यम ✓
(D) केचक
💡 व्याख्या: विलासिनी नाट्यम एक पारंपरिक मंदिर नृत्य कला है जो कन्नियाकुमारी क्षेत्र से जुड़ी है।
Q48. तमिलनाडु की ‘चोल काल’ में किस धातु कला का विकास हुआ?
(A) सोने की मूर्तिकला
(B) काँस्य मूर्तिकला ✓
(C) चाँदी की जालीदार कला
(D) लोहे की मूर्तिकला
💡 व्याख्या: चोल काल में ‘लॉस्ट-वैक्स’ (cire-perdue) तकनीक से बनी काँस्य मूर्तिकला (जैसे नटराज) का उत्कृष्ट विकास हुआ।
Q49. तमिलनाडु में ‘त्यागराज आराधना’ किस कला का उत्सव है?
(A) कर्नाटक संगीत ✓
(B) भरतनाट्यम
(C) तंजावुर पेंटिंग
(D) काँस्य मूर्तिकला
💡 व्याख्या: तिरुवैयारु में आयोजित त्यागराज आराधना कर्नाटक संगीत की महान् विरासत का उत्सव है।
Q50. तमिलनाडु का ‘कूलू वेलन’ कला रूप किससे संबंधित है?
(A) बुजुर्गों की गाथाएँ
(B) देव-कथा वाचन ✓
(C) वाद्य संगीत
(D) मिट्टी कला
💡 व्याख्या: कूलू वेलन एक लोक कथावाचन परंपरा है जिसमें देव-गाथाएँ गाई और सुनाई जाती हैं।
★ तमिलनाडु की लोक कला न केवल सौंदर्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह तमिल समाज की सामाजिक संरचना, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक पहचान को भी प्रतिबिम्बित करती है। — indianarthistory.com
तमिलनाडु की लोक कला MCQ प्रश्न 51–75
Q51. तमिलनाडु की लोक कला में ‘कुरावंजी’ क्या है?
(A) नृत्य-नाटिका शैली ✓
(B) मिट्टी मूर्तिकला
(C) वस्त्र बुनाई
(D) लोकगीत
💡 व्याख्या: कुरावंजी एक नृत्य-नाटिका है जिसमें एक जनजातीय भविष्यवक्ता (कुरावन) के आसपास कहानी केंद्रित होती है।
Q52. तमिलनाडु में ‘सदिर’ किस आधुनिक शास्त्रीय नृत्य का पुराना नाम है?
(A) कुचिपुड़ी
(B) मोहिनीअट्टम
(C) भरतनाट्यम ✓
(D) कथकली
💡 व्याख्या: सदिर/दासी अट्टम भरतनाट्यम का पुराना नाम था जो मंदिर की देवदासी परंपरा से जुड़ा था।
Q53. तमिलनाडु में ‘मेलम’ किसे कहते हैं?
(A) लोक वाद्य समूह ✓
(B) लोक चित्रकला शैली
(C) ग्रामीण मेला
(D) बुनाई परंपरा
💡 व्याख्या: मेलम तमिलनाडु में मंदिर उत्सवों पर बजाए जाने वाले ताशे, नागस्वरम आदि वाद्यों का एक समूह है।
Q54. तमिलनाडु के ‘कन्चीपुरम’ जिले की प्रसिद्ध लोक-शिल्प कला क्या है?
(A) पत्थर मूर्तिकला
(B) रेशम बुनाई ✓
(C) काँस्य ढलाई
(D) मिट्टी के खिलौने
💡 व्याख्या: कांचीपुरम की पट्टू (रेशम) साड़ियाँ विश्व प्रसिद्ध हैं और एक महत्वपूर्ण लोक शिल्प हैं।
Q55. तमिलनाडु में ‘पळनी’ मंदिर किस लोक कला से जुड़ा है?
(A) कावड़ी अट्टम ✓
(B) पुरावी आट्टम
(C) तिरुविजा
(D) कोलम
💡 व्याख्या: पळनी मुरुगन मंदिर में कावड़ी अट्टम का विशेष महत्व है।
Q56. तमिलनाडु में ‘परुवेट्टई’ कौन सी लोक कला को संदर्भित करता है?
(A) मुरुगन उत्सव की शिकार प्रतीकात्मक परंपरा ✓
(B) मछली पकड़ने की कला
(C) कृषि लोकगीत
(D) पर्वत नृत्य
💡 व्याख्या: परुवेट्टई मुरुगन भगवान की शिकार (वेट्टई) परंपरा से जुड़ी एक अनुष्ठानिक कला और उत्सव है।
Q57. तमिलनाडु की ‘ओरट्टु कोलम’ किस प्रकार की कला है?
(A) एक ही रेखा में बनी रंगोली ✓
(B) मिट्टी से बनी मूर्ति
(C) रंगीन कपड़े की कला
(D) पत्थर पर नक्काशी
💡 व्याख्या: ओरट्टु कोलम एक अखंड (बिना हाथ उठाए) रेखा में बनाई जाने वाली कोलम की विशेष शैली है।
Q58. तमिलनाडु में ‘इलयाराजा’ किस लोक-संगीत परंपरा से प्रेरित हैं?
(A) कर्नाटक शास्त्रीय संगीत और ग्रामीण लोक संगीत ✓
(B) हिंदुस्तानी संगीत
(C) पश्चिमी शास्त्रीय संगीत
(D) जाज संगीत
💡 व्याख्या: प्रसिद्ध संगीतकार इलयाराजा ने कर्नाटक शास्त्रीय संगीत और तमिलनाडु के ग्रामीण लोक संगीत को अपनी रचनाओं में संयोजित किया।
Q59. तमिलनाडु की ‘नेल्लाई पोरायर’ लोक कला किससे संबंधित है?
(A) तिरुनेलवेली क्षेत्र की मूर्तिकला
(B) वीर गाथा लोक नृत्य ✓
(C) फसल लोकगीत
(D) देवी उपासना चित्रकला
💡 व्याख्या: नेल्लाई (तिरुनेलवेली) क्षेत्र में वीर गाथाओं पर आधारित पारंपरिक लोक नृत्य परंपरा है।
Q60. तमिलनाडु का ‘तिरुचेंदूर’ किस लोक कला के लिए प्रसिद्ध है?
(A) समुद्र तटीय मछुआरा नृत्य ✓
(B) मंदिर भित्ति चित्रकला
(C) काँस्य ढलाई
(D) रेशम बुनाई
💡 व्याख्या: तिरुचेंदूर मुरुगन मंदिर के तटीय क्षेत्र में मछुआरा समुदाय के लोक नृत्य और संगीत की परंपरा है।
★ इन MCQ प्रश्नों के माध्यम से आप तमिलनाडु की लोक कला के विभिन्न पहलुओं — लोक नृत्य, लोक चित्रकला, लोक संगीत, लोक नाट्य और लोक शिल्प — की परीक्षा के लिए तैयारी कर सकते हैं। — indianarthistory.com | psartworks.in
Q61. तमिलनाडु में ‘गाना संगीत’ (Gana Music) मुख्यतः किस वर्ग का संगीत है?
(A) ब्राह्मण वर्ग का
(B) शहरी निम्न वर्ग और दलित समुदाय का ✓
(C) किसान वर्ग का
(D) व्यापारी वर्ग का
💡 व्याख्या: गाना संगीत चेन्नई के शहरी निम्न वर्ग और दलित समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाला लोक संगीत है।
Q62. तमिलनाडु में ‘पांडियन कला’ की उत्पत्ति किस क्षेत्र से मानी जाती है?
(A) मदुरई ✓
(B) कांचीपुरम
(C) तंजावुर
(D) चेन्नई
💡 व्याख्या: पांड्य वंश की राजधानी मदुरई में पांडियन शैली की कला का विकास हुआ।
Q63. तमिलनाडु का ‘सरकई’ (Sarakku) किस कला से संबंधित है?
(A) सर्कस और कलाबाजी लोक कला ✓
(B) मिट्टी मूर्तिकला
(C) भित्ति चित्रकला
(D) लोकगीत
💡 व्याख्या: सरकई कलाकार परंपरागत रूप से कलाबाजी और करतब दिखाने वाले लोक कलाकार होते हैं।
Q64. तमिलनाडु में ‘नंदी विलाक्कू’ किस कला परंपरा से जुड़ा है?
(A) शिव भक्ति दीप-कला ✓
(B) मिट्टी के खिलौने
(C) रेशम बुनाई
(D) पत्थर नक्काशी
💡 व्याख्या: नंदी विलाक्कू (नंदी दीपक) शिव मंदिरों में जलाए जाने वाले पारंपरिक दीपकों की कला परंपरा से जुड़ा है।
Q65. तमिलनाडु की ‘मद्रास क्राफ्ट फाउंडेशन’ का मुख्य उद्देश्य क्या है?
(A) आधुनिक कला को बढ़ावा देना
(B) पारंपरिक शिल्प और लोक कलाओं का संरक्षण ✓
(C) विदेशी कला का प्रदर्शन
(D) फिल्म उद्योग का विकास
💡 व्याख्या: मद्रास क्राफ्ट फाउंडेशन तमिलनाडु की पारंपरिक शिल्प और लोक कलाओं के संरक्षण व प्रचार के लिए कार्य करती है।
Q66. तमिलनाडु में ‘दशरथ कथा’ का प्रदर्शन किस लोक कला में होता है?
(A) थेरुकूथु
(B) बोम्मलाट्टम ✓
(C) विलुपट्टु
(D) कुरावंजी
💡 व्याख्या: बोम्मलाट्टम (कठपुतली) में रामायण की दशरथ कथा सहित अनेक पौराणिक कहानियाँ प्रस्तुत की जाती हैं।
Q67. तमिलनाडु की ‘काँचीपुरम पट्टू’ (रेशम) की बुनाई में मुख्यतः कौन सा धागा उपयोग होता है?
(A) मलबरी रेशम ✓
(B) तसर रेशम
(C) एरी रेशम
(D) मूँगा रेशम
💡 व्याख्या: कांचीपुरम की प्रसिद्ध रेशम साड़ियों में मलबरी रेशम धागे का उपयोग होता है।
Q68. तमिलनाडु में ‘थेप्पम’ (Theppam) उत्सव में किस कला का प्रदर्शन होता है?
(A) जल पर तैरता हुआ मंदिर उत्सव ✓
(B) पर्वत चित्रकला
(C) मिट्टी मूर्तिकला
(D) लोकगीत
💡 व्याख्या: थेप्पम (बेड़ा उत्सव) में सजे-धजे देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को मंदिर की जल-कुंड में परिक्रमा करवाई जाती है।
Q69. तमिलनाडु में ‘तेवारम’ किस विधा में रचित है?
(A) भक्ति कविता और संगीत ✓
(B) चित्रकला
(C) मूर्तिकला
(D) वास्तुकला
💡 व्याख्या: तेवारम शैव नयनारों द्वारा रचित तमिल भक्ति कविताओं का संग्रह है जो कर्नाटक संगीत में गाया जाता है।
Q70. तमिलनाडु में ‘पट्टिनाथर’ किस कला परंपरा से जुड़े हैं?
(A) भक्ति काव्य और लोक संगीत ✓
(B) मूर्तिकला
(C) नृत्य
(D) वास्तुकला
💡 व्याख्या: पट्टिनाथर तमिल सिद्ध परंपरा के संत-कवि हैं जिनकी रचनाएँ लोक संगीत में गाई जाती हैं।
★ तमिलनाडु की लोक कला MCQ सीरीज़ के इस भाग में हम मंदिर कला, जनजातीय कला और उत्सव कला से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों की ओर बढ़ रहे हैं। — indianarthistory.com | psartworks.in
Q71. तमिलनाडु में ‘पुलियंकुडी’ किस प्रकार की कला से संबंधित है?
(A) इमली से संबंधित लोक अनुष्ठान कला ✓
(B) लकड़ी की नक्काशी
(C) पत्थर मूर्तिकला
(D) रंगोली
💡 व्याख्या: पुलियंकुडी क्षेत्र में इमली (पुली) से जुड़ी अनुष्ठानिक लोक परंपराएँ प्रचलित हैं।
Q72. तमिलनाडु की ‘कण्णगी’ लोक कथा किस महाकाव्य पर आधारित है?
(A) शिलप्पधिकारम ✓
(B) रामायण
(C) महाभारत
(D) मणिमेकलई
💡 व्याख्या: कण्णगी की वीर गाथा तमिल महाकाव्य ‘शिलप्पधिकारम’ पर आधारित है और लोक कलाओं में व्यापक रूप से प्रस्तुत होती है।
Q73. तमिलनाडु में ‘मधुरई मीनाक्षी मंदिर’ से कौन सी लोक कला विशेष रूप से जुड़ी है?
(A) चित्रा पौर्णमी उत्सव कला ✓
(B) काँस्य ढलाई
(C) रेशम बुनाई
(D) ताड़पत्र चित्रकला
💡 व्याख्या: मदुरई मीनाक्षी मंदिर में चित्रा पौर्णमी उत्सव के दौरान विशेष लोक कला और अनुष्ठान परंपराएँ होती हैं।
Q74. तमिलनाडु में ‘अण्णामलईयार’ मंदिर के दीपम उत्सव में किस कला का प्रदर्शन होता है?
(A) पर्वत पर विशाल दीपक जलाने की कला ✓
(B) भरतनाट्यम
(C) मिट्टी मूर्तिकला
(D) कठपुतली
💡 व्याख्या: तिरुवण्णामलई में कार्तिकई दीपम उत्सव में अरुणाचल पर्वत पर विशाल दीपक (ज्योति) जलाने की अनूठी परंपरा है।
Q75. तमिलनाडु में ‘पुराण-कथा गायन’ किस लोक कला के रूप में होता है?
(A) हरिकथा / कालक्षेपम ✓
(B) कोलाट्टम
(C) कावड़ी अट्टम
(D) मईलाट्टम
💡 व्याख्या: हरिकथा और कालक्षेपम तमिलनाडु की पारंपरिक पुराण-कथा गायन परंपराएँ हैं।
तमिलनाडु की लोक कला MCQ प्रश्न 76–100
Q76. तमिलनाडु में ‘करगम’ (Karagam) नृत्य में क्या संतुलित किया जाता है?
(A) फूलों से सजा एक सिर के ऊपर रखा मटका ✓
(B) जलती मशाल
(C) भारी पत्थर
(D) लकड़ी का डंडा
💡 व्याख्या: करगम में कलाकार फूलों से सजे मिट्टी के मटके को सिर पर संतुलित रखते हुए नृत्य करते हैं।
Q77. तमिलनाडु में ‘इसाई वेल्लालर’ समुदाय किस कला से जुड़ा है?
(A) नागस्वरम वादन और मंदिर संगीत ✓
(B) भित्ति चित्रकला
(C) काँस्य मूर्तिकला
(D) बुनाई
💡 व्याख्या: इसाई वेल्लालर (संगीत वेल्लालर) समुदाय पारंपरिक रूप से नागस्वरम और मंदिर संगीत से जुड़ा है।
Q78. तमिलनाडु में ‘कोविलूर मठ’ की कला परंपरा किससे संबंधित है?
(A) शैव भक्ति कला ✓
(B) बौद्ध कला
(C) जैन कला
(D) वैष्णव कला
💡 व्याख्या: कोविलूर मठ शैव सिद्धांत परंपरा का केंद्र है और इससे जुड़ी शैव भक्ति कला परंपरा प्रसिद्ध है।
Q79. तमिलनाडु की ‘सुरुळ कोलम’ (Surul Kolam) की विशेषता क्या है?
(A) घुमावदार रेखाओं वाली रंगोली शैली ✓
(B) तिकोने आकार की रंगोली
(C) तारे के आकार की रंगोली
(D) फूल के आकार की रंगोली
💡 व्याख्या: सुरुळ कोलम में विशेष रूप से घुमावदार और कुंडली जैसी रेखाओं का उपयोग होता है।
Q80. तमिलनाडु में ‘पुक्कोलम’ किस कला से संबंधित है?
(A) फूलों से बनी रंगोली ✓
(B) पत्थर नक्काशी
(C) रेशम चित्रकला
(D) मिट्टी के खिलौने
💡 व्याख्या: पुक्कोलम फूलों (पु=फूल) से बनाई जाने वाली सुंदर रंगोली या सजावट है।
★ तमिलनाडु की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत में लोक कलाओं की विशेष भूमिका है। यह कलाएँ पीढ़ी-दर-पीढ़ी मौखिक और प्रदर्शन परंपराओं के माध्यम से आगे बढ़ती रही हैं। — indianarthistory.com | psartworks.in
Q81. तमिलनाडु में ‘देव नृत्यम्’ किसके द्वारा किया जाता था?
(A) देवदासियों द्वारा ✓
(B) ब्राह्मण पुरोहितों द्वारा
(C) राजाओं के दरबारियों द्वारा
(D) सैनिकों द्वारा
💡 व्याख्या: देव नृत्यम् (मंदिर नृत्य) परंपरागत रूप से देवदासियों द्वारा मंदिरों में ईश्वर को समर्पित किया जाता था।
Q82. तमिलनाडु में ‘ईलम’ चित्रकला किस काल की है?
(A) संगम काल ✓
(B) पल्लव काल
(C) चोल काल
(D) नायक काल
💡 व्याख्या: प्राचीन संगम साहित्य में ईलम (श्रीलंका सहित तमिल क्षेत्र) की चित्रकला का उल्लेख मिलता है।
Q83. तमिलनाडु में ‘कोविल विलक्कू’ किसे कहते हैं?
(A) मंदिर में जलाए जाने वाले पारंपरिक दीपक ✓
(B) मंदिर की दीवार पर बना चित्र
(C) मंदिर का झंडा
(D) मंदिर का घंटा
💡 व्याख्या: कोविल विलक्कू (मंदिर दीपक) तमिलनाडु की दीपक-कला परंपरा का एक महत्वपूर्ण अंग है।
Q84. तमिलनाडु में ‘पिल्लैयार सुझी’ कोलम किस देवता से संबंधित है?
(A) गणेश ✓
(B) मुरुगन
(C) शिव
(D) विष्णु
💡 व्याख्या: पिल्लैयार सुझी (गणेश की आकृति) कोलम बनाने से पहले बनाई जाती है; यह शुभ प्रतीक है।
Q85. तमिलनाडु में ‘वण्णान’ समुदाय किस लोक कला से जुड़ा है?
(A) कपड़े रंगने और धोने की कला ✓
(B) मूर्तिकला
(C) चित्रकला
(D) बुनाई
💡 व्याख्या: वण्णान समुदाय पारंपरिक रूप से कपड़े रंगने और धोने की लोक कला से जुड़ा है।
Q86. तमिलनाडु में ‘तोडा’ जनजाति की भरतकाम कला को क्या कहते हैं?
(A) पुखूर ✓
(B) चिकन
(C) कान्था
(D) सूजनी
💡 व्याख्या: तोडा जनजाति की पारंपरिक ज्यामितीय कढ़ाई कला को ‘पुखूर’ (Pukhur) कहते हैं।
Q87. तमिलनाडु में ‘रंगोली’ के स्थानीय नाम ‘कोलम’ का क्या अर्थ है?
(A) सौंदर्य/आकार ✓
(B) रंग
(C) फूल
(D) पानी
💡 व्याख्या: तमिल में ‘कोलम’ शब्द का अर्थ सुंदर रूप या आकृति होता है।
Q88. तमिलनाडु के ‘चेट्टिनाड’ क्षेत्र की प्रसिद्ध भवन-कला में क्या विशेष है?
(A) इटैलियन मार्बल और बर्मी सागौन का उपयोग ✓
(B) मिट्टी की ईंटें
(C) बाँस की संरचनाएँ
(D) पत्थर का मेहराब
💡 व्याख्या: चेट्टिनाड की हवेलियों में इटैलियन संगमरमर, बर्मी सागौन और विशेष तमिल स्थापत्य कला का अनोखा संयोजन है।
Q89. तमिलनाडु में ‘वेलंकन्नी’ की चर्च-कला में किस परंपरा का समन्वय है?
(A) ईसाई और तमिल लोक कला का ✓
(B) बौद्ध और ईसाई कला का
(C) इस्लामी और तमिल कला का
(D) जैन और ईसाई कला का
💡 व्याख्या: वेलंकन्नी चर्च की कला में ईसाई धर्म और तमिल लोक कला परंपराओं का सुंदर समन्वय है।
Q90. तमिलनाडु में ‘आड़ी पेरुक्कू’ उत्सव में किस कला का प्रदर्शन होता है?
(A) नदी-पूजा और जल-कला ✓
(B) पर्वत चित्रकला
(C) वन नृत्य
(D) मेघ-आह्वान संगीत
💡 व्याख्या: आड़ी पेरुक्कू (नदी उत्सव) में नदी को सजाने और जल की पूजा करने की पारंपरिक कला प्रदर्शित होती है।
★ तमिलनाडु की लोक कला पर आधारित इन MCQ प्रश्नों को psartworks.in के सहयोग से तैयार किया गया है। अधिक जानकारी के लिए indianarthistory.com पर विजिट करें। — indianarthistory.com | psartworks.in
Q91. तमिलनाडु में ‘मट्टुपोंगल’ के दिन किस परंपरागत कला का प्रदर्शन होता है?
(A) बैलों को सजाने और जलीकट्टू की कला ✓
(B) मछली पकड़ने की कला
(C) कपड़े बुनने की कला
(D) मिट्टी के बर्तन बनाने की कला
💡 व्याख्या: मट्टुपोंगल पर बैलों को रंगीन और सजाया जाता है; जलीकट्टू (बैल-वश) भी तमिलनाडु की प्राचीन लोक परंपरा है।
Q92. तमिलनाडु में ‘चित्रा पौर्णमी’ पर किस कला देवता की पूजा होती है?
(A) चित्रगुप्त ✓
(B) सरस्वती
(C) विश्वकर्मा
(D) ब्रह्मा
💡 व्याख्या: चित्रा पौर्णमी पर तमिलनाडु में चित्रगुप्त की पूजा और लेखन-कला से संबंधित अनुष्ठान होते हैं।
Q93. तमिलनाडु में ‘पापनासम’ क्षेत्र की विशेष लोक संगीत परंपरा कौन सी है?
(A) हरिदास भजन परंपरा ✓
(B) थेरुकूथु
(C) करगम
(D) विलुपट्टु
💡 व्याख्या: पापनासम क्षेत्र हरिदास (भागवत भक्ति) परंपरा और वैष्णव संगीत के लिए प्रसिद्ध है।
Q94. तमिलनाडु में ‘नाडुनेट्टम’ किस प्रकार का लोक नृत्य है?
(A) घूमते हुए किया जाने वाला नृत्य ✓
(B) बैठकर किया जाने वाला नृत्य
(C) लेटकर किया जाने वाला नृत्य
(D) कूदकर किया जाने वाला नृत्य
💡 व्याख्या: नाडुनेट्टम में कलाकार तेज गति से घूमते हुए (नाडु) नृत्य करते हैं।
Q95. तमिलनाडु के ‘मामल्लपुरम’ (महाबलीपुरम) की पत्थर नक्काशी किस काल से जुड़ी है?
(A) पल्लव काल ✓
(B) चोल काल
(C) नायक काल
(D) विजयनगर काल
💡 व्याख्या: महाबलीपुरम की प्रसिद्ध पत्थर नक्काशी और रथ मंदिर पल्लव काल (7वीं-8वीं शताब्दी) की देन हैं।
Q96. तमिलनाडु में ‘ताड़पत्र चित्रकला’ (Palm Leaf Painting) में किस माध्यम का उपयोग होता है?
(A) ताड़ के पत्तों पर नुकीले औजार से नक्काशी ✓
(B) ताड़ के पत्तों पर रंग से चित्रण
(C) ताड़ के बीज से मूर्तिकला
(D) ताड़ की छाल पर भित्ति चित्रकला
💡 व्याख्या: ताड़पत्र चित्रकला में नुकीले औजार (stylus) से ताड़पत्र पर नक्काशी की जाती है और फिर कालिख या हल्दी से रंग किया जाता है।
Q97. तमिलनाडु में ‘मरुंदु नாடகம्’ (Marundhu Natakam) क्या है?
(A) औषधीय जड़ी-बूटियों से जुड़ी लोक नाटक परंपरा ✓
(B) समुद्री कहानियों का नाटक
(C) युद्ध की गाथाओं का नाटक
(D) प्रेम कहानियों का नाटक
💡 व्याख्या: मरुंदु नाटकम में आयुर्वेदिक और सिद्ध चिकित्सा परंपरा से जुड़ी लोक-नाट्य प्रस्तुतियाँ होती हैं।
Q98. तमिलनाडु में ‘नट्टू वाद्यम’ (Nattu Vadyam) क्या हैं?
(A) देशज / पारंपरिक लोक वाद्य यंत्र ✓
(B) आधुनिक पाश्चात्य वाद्य
(C) शास्त्रीय कर्नाटक वाद्य
(D) बौद्ध परंपरा के वाद्य
💡 व्याख्या: नट्टू वाद्यम तमिलनाडु के देशज (स्थानीय) पारंपरिक लोक वाद्य यंत्रों को कहते हैं।
Q99. तमिलनाडु में ‘ऊर-विझा’ (Oor Vizha) क्या है?
(A) ग्राम देवता का उत्सव और उससे जुड़ी लोक कलाएँ ✓
(B) नगर का व्यापार उत्सव
(C) फसल बिक्री का मेला
(D) युवाओं का खेल उत्सव
💡 व्याख्या: ऊर-विझा तमिलनाडु का ग्रामीण देवता उत्सव है जिसमें थेरुकूथु, करगम, कोलम आदि अनेक लोक कलाएँ प्रस्तुत होती हैं।
Q100. तमिलनाडु में ‘पौर्णमी कोलम’ कब बनाई जाती है?
(A) पूर्णिमा के दिन ✓
(B) अमावस्या के दिन
(C) रविवार को
(D) नवमी को
💡 व्याख्या: पौर्णमी (पूर्णिमा) के दिन घरों के बाहर विशेष और बड़ी कोलम बनाने की परंपरा है।
★ तमिलनाडु की लोक कला MCQ की इस श्रृंखला में आगे और प्रश्न दिए जा रहे हैं। इन प्रश्नों का अभ्यास करके आप तमिलनाडु की पारंपरिक कला, नृत्य, संगीत और शिल्प परंपराओं की गहरी समझ प्राप्त कर सकते हैं। — indianarthistory.com | psartworks.in
Q101. तमिलनाडु में ‘कलियाट्टम’ (Kaliyattam) किस परंपरा से जुड़ा है?
(A) देवी काली की पूजा और नृत्य ✓
(B) कृष्ण भक्ति नृत्य
(C) सूर्य पूजा नृत्य
(D) पितर पूजा नृत्य
💡 व्याख्या: कलियाट्टम देवी काली को समर्पित एक तमिल लोक अनुष्ठानिक नृत्य है।
Q102. तमिलनाडु में ‘कुम्बम’ (Kumam) किस अवसर पर बनाया जाता है?
(A) मंदिर ध्वजारोहण उत्सव ✓
(B) विवाह
(C) अंत्येष्टि
(D) नामकरण
💡 व्याख्या: कुम्बम (कलश) मंदिर ध्वजारोहण उत्सवों और अनुष्ठानों में सजाया जाने वाला पवित्र पात्र है।
Q103. तमिलनाडु की ‘लोक कला अकादमी’ का मुख्यालय कहाँ है?
(A) चेन्नई ✓
(B) मदुरई
(C) तंजावुर
(D) कोयंबटूर
💡 व्याख्या: तमिलनाडु की सांस्कृतिक और लोक कला संस्थाओं का मुख्यालय राज्य की राजधानी चेन्नई में है।
Q104. तमिलनाडु में ‘विश्वकर्मा पूजा’ के अवसर पर किस कला की परंपरा है?
(A) औजारों और मशीनों की पूजा-सजावट की कला ✓
(B) मिट्टी मूर्तिकला
(C) भित्ति चित्रकला
(D) रेशम बुनाई
💡 व्याख्या: विश्वकर्मा पूजा पर शिल्पकार समुदाय अपने औजारों और मशीनों को सजाकर पूजते हैं; यह शिल्प-कला परंपरा का हिस्सा है।
निष्कर्ष | Conclusion
तमिलनाडु की लोक कला MCQ की इस श्रृंखला को पूरा करके आपने तमिलनाडु की पारंपरिक लोक कलाओं — जैसे तंजावुर पेंटिंग, कोलम कला, थेरुकूथु, भरतनाट्यम, कावड़ी अट्टम, बोम्मलाट्टम, करगम, कोलाट्टम और अनेक अन्य — से गहरी जानकारी प्राप्त की।
भारतीय कला इतिहास की परीक्षाओं, UPSC, TET, state PSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में तमिलनाडु की लोक कला से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं।
इस MCQ सेट का नियमित अभ्यास आपको भारतीय कला और संस्कृति के इस महत्वपूर्ण अध्याय में दक्षता प्रदान करेगा।
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