लघु चित्रकला

कांगड़ा चित्रकला: पहाड़ी शैली की संपूर्ण जानकारी 2026
कांगड़ा चित्रकला की संपूर्ण जानकारी – विशेषताएं, इतिहास, विकास, नैनसुख, संसार चंद, राधा-कृष्ण चित्र, गुलेर शैली, तकनीक और 40 FAQ। ...

सजावटी चित्रकला | Decorative Arts
भारतीयों की कलात्मक अभिव्यक्ति केवल कैनवास या कागज पर चित्रकारी करने तक ही सीमित नहीं है। घरों की दीवारों पर ...

पटना चित्रकला | पटना या कम्पनी शैली | Patna School of Painting
औरंगजेब द्वारा राजदरबार से कला के विस्थापन तथा मुगलों के पतन के बाद विभिन्न कलाकारों ने क्षेत्रीय नवाबों के यहाँ आश्रय ...

राजस्थानी चित्र शैली की विशेषतायें | Rajasthani Painting Style
राजस्थान एक वृहद क्षेत्र है जो “अवोड ऑफ प्रिंसेज” माना जाता है इसके पश्चिम में बीकानेर, दक्षिण में बूँदी, कोटा तथा उदयपुर ...

पाल शैली | पाल चित्रकला शैली क्या है?
नेपाल की चित्रकला में पहले तो पश्चिम भारत की शैली का प्रभाव बना रहा और बाद में उसका स्थान इस नव-निर्मित पूर्वीय शैली ने ले लिया नवम् शताब्दी में जिस नयी शैली का आविर्भाव हुआ था उसके प्रायः सभी चित्रों का सम्बन्ध पाल वंशीय राजाओं से था। अतः इसको पाल शैली के नाम से अभिहित करना अधिक उपयुक्त समझा गया।"

मुगल शैली | मुग़ल काल में चित्रकला और वास्तुकला का विकास | Development of painting and architecture during the Mughal period
मुगल चित्रकला को भारत की ही नहीं वरन् एशिया की कला में स्वतन्त्र और महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। यह शैली ईरान की कला परम्परा से उत्पन्न होकर भी ईरानी शैली नहीं रही। इस पर यूरोपीय तथा चीनी प्रभाव भी पड़े हैं। इस शैली पर भारतीय रंग योजनाओं तथा वातावरण का प्रभाव पड़ा है।

मेवाड़ चित्र शैली की विशेषताएं | राजस्थानी चित्रकला नोट्स
मेवाड़ चित्रकला शैली का इतिहास, विशेषताएं और प्रमुख चित्र। राजस्थानी चित्रकला — BA, B.Ed और competitive exams के लिए सम्पूर्ण ...

जहाँगीर कालीन चित्र शैली | जहाँगीर कालीन चित्र
चित्रकला के जिस संस्थान का बीजारोपण अकबर ने किया था वास्तव में वह जहाँगीर (१६०५-१६२७ ईसवी राज्यकाल) के समय में ...

अकबर-कालीन चित्रित ग्रन्थ
अकबर काल में कला अकबर- 1557 ई० में अकबर अपने पिता हुमायूँ की मृत्यु के पश्चात लगभग तेरह वर्ष की ...

अपभ्रंश शैली के चित्र | अपभ्रंश-शैली की प्रमुख विशेषतायें | जैन शैली | गुजराती शैली या पश्चिम भारतीय शैली | ग्रामीण शैली
श्वेताम्बर जैन धर्म की अनेक सचित्र पोथियाँ 1100 ई० से 1500 ई० के मध्य विशेष रूप से लिखी गई। इस ...
लघु चित्रकला
कांगड़ा चित्रकला: पहाड़ी शैली की संपूर्ण जानकारी 2026
कांगड़ा चित्रकला की संपूर्ण जानकारी – विशेषताएं, इतिहास, विकास, नैनसुख, संसार चंद, राधा-कृष्ण चित्र, गुलेर शैली, तकनीक और 40 FAQ। पहाड़ी कला का रत्न। ...
सजावटी चित्रकला | Decorative Arts
भारतीयों की कलात्मक अभिव्यक्ति केवल कैनवास या कागज पर चित्रकारी करने तक ही सीमित नहीं है। घरों की दीवारों पर सजावटी चित्रकारी ग्रामीण इलाकों ...
पटना चित्रकला | पटना या कम्पनी शैली | Patna School of Painting
औरंगजेब द्वारा राजदरबार से कला के विस्थापन तथा मुगलों के पतन के बाद विभिन्न कलाकारों ने क्षेत्रीय नवाबों के यहाँ आश्रय लिया। इनमें से कुछ ...
राजस्थानी चित्र शैली की विशेषतायें | Rajasthani Painting Style
राजस्थान एक वृहद क्षेत्र है जो “अवोड ऑफ प्रिंसेज” माना जाता है इसके पश्चिम में बीकानेर, दक्षिण में बूँदी, कोटा तथा उदयपुर उत्तर में जयपुर तथा ...
पाल शैली | पाल चित्रकला शैली क्या है?
नेपाल की चित्रकला में पहले तो पश्चिम भारत की शैली का प्रभाव बना रहा और बाद में उसका स्थान इस नव-निर्मित पूर्वीय शैली ने ले लिया नवम् शताब्दी में जिस नयी शैली का आविर्भाव हुआ था उसके प्रायः सभी चित्रों का सम्बन्ध पाल वंशीय राजाओं से था। अतः इसको पाल शैली के नाम से अभिहित करना अधिक उपयुक्त समझा गया।"
मुगल शैली | मुग़ल काल में चित्रकला और वास्तुकला का विकास | Development of painting and architecture during the Mughal period
मुगल चित्रकला को भारत की ही नहीं वरन् एशिया की कला में स्वतन्त्र और महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। यह शैली ईरान की कला परम्परा से उत्पन्न होकर भी ईरानी शैली नहीं रही। इस पर यूरोपीय तथा चीनी प्रभाव भी पड़े हैं। इस शैली पर भारतीय रंग योजनाओं तथा वातावरण का प्रभाव पड़ा है।
मेवाड़ चित्र शैली की विशेषताएं | राजस्थानी चित्रकला नोट्स
मेवाड़ चित्रकला शैली का इतिहास, विशेषताएं और प्रमुख चित्र। राजस्थानी चित्रकला — BA, B.Ed और competitive exams के लिए सम्पूर्ण नोट्स। मेवाड़ शैली राजस्थान ...
जहाँगीर कालीन चित्र शैली | जहाँगीर कालीन चित्र
चित्रकला के जिस संस्थान का बीजारोपण अकबर ने किया था वास्तव में वह जहाँगीर (१६०५-१६२७ ईसवी राज्यकाल) के समय में पूर्ण यौवन और विकास ...
अकबर-कालीन चित्रित ग्रन्थ
अकबर काल में कला अकबर- 1557 ई० में अकबर अपने पिता हुमायूँ की मृत्यु के पश्चात लगभग तेरह वर्ष की आयु में सिंहासन पर ...
अपभ्रंश शैली के चित्र | अपभ्रंश-शैली की प्रमुख विशेषतायें | जैन शैली | गुजराती शैली या पश्चिम भारतीय शैली | ग्रामीण शैली
श्वेताम्बर जैन धर्म की अनेक सचित्र पोथियाँ 1100 ई० से 1500 ई० के मध्य विशेष रूप से लिखी गई। इस प्रकार की चित्रित पोथियों ...