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विष्णुधर्मोत्तर पुराण MCQ in Hindi | 100 प्रश्न उत्तर सहित

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विष्णुधर्मोत्तर पुराण MCQ in Hindi | 100 प्रश्न उत्तर सहित

विष्णुधर्मोत्तर पुराण MCQ in Hindi | 100 प्रश्न उत्तर सहित

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विष्णुधर्मोत्तर पुराण MCQ in Hindi उन सभी विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी है जो UPSC, UGC NET, राज्य लोक सेवा आयोग अथवा कला विश्वविद्यालयों की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। विष्णुधर्मोत्तर पुराण एक महत्त्वपूर्ण उप-पुराण है जो भारतीय चित्रकला, मूर्तिकला, संगीत, नृत्य और वास्तुकला के सैद्धांतिक आधारों का विस्तृत विवेचन करता है। इसका तृतीय खंड 'चित्रसूत्र' भारतीय कला इतिहास का सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण और प्राचीनतम लिखित ग्रंथ माना जाता है। इस पुराण में ऋषि मार्कण्डेय और राजा वज्र के संवाद के माध्यम से चित्रकला के षडंग — रूप, प्रमाण, भाव, लावण्ययोजना, सादृश्य और वर्णिका भंग — का विस्तृत वर्णन किया गया है। विष्णुधर्मोत्तर पुराण MCQ in Hindi के प्रश्न परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाते हैं, इसलिए इनका गहन अध्ययन आवश्यक है। Indian Art History — indianarthistory.com — पर आपको इस विषय से संबंधित सम्पूर्ण अध्ययन सामग्री एक ही स्थान पर मिलती है। यहाँ प्रस्तुत 100 विष्णुधर्मोत्तर पुराण MCQ प्रश्न हिंदी में उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं, जो आपकी परीक्षा तैयारी को सरल, सटीक और प्रभावी बनाएंगे। प्रत्येक प्रश्न के साथ एक पंक्ति की स्पष्ट व्याख्या दी गई है ताकि आप केवल उत्तर याद न करें, बल्कि अवधारणा को गहराई से समझ सकें।

विष्णुधर्मोत्तर पुराण MCQ in Hindi | 100 प्रश्न उत्तर सहित

विष्णुधर्मोत्तर पुराण के 100 MCQ हिंदी में — A/B/C/D विकल्प, सही उत्तर और व्याख्या सहित। UPSC, UGC NET और कला इतिहास परीक्षाओं के लिए सर्वोत्तम अध्ययन सामग्री। पढ़ें IndianArtHistory.com पर।

विष्णुधर्मोत्तर पुराण MCQ in Hindi

100 बहुविकल्पीय प्रश्न — उत्तर एवं व्याख्या सहित

भारतीय कला परीक्षाओं की सम्पूर्ण तैयारी के लिए

परिचय: विष्णुधर्मोत्तर पुराण MCQ in Hindi

विष्णुधर्मोत्तर पुराण MCQ in Hindi भारतीय कला और संस्कृति की परीक्षाओं की दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण है।

विष्णुधर्मोत्तर पुराण एक उप-पुराण है जो मुख्यतः तीन खंडों में विभाजित है और इसका तृतीय खंड ‘चित्रसूत्र’ भारतीय चित्रकला के सिद्धांतों का प्राचीनतम लिखित ग्रंथ माना जाता है। यह पुराण गुप्तकाल (लगभग 300-500 ईसवी) की धार्मिक, कलात्मक और सांस्कृतिक परंपराओं का जीवंत दस्तावेज है।

इस पुराण में चित्रकला, मूर्तिकला, वास्तुकला, संगीत, नृत्य और काव्यशास्त्र का व्यापक विवेचन है। विष्णुधर्मोत्तर पुराण के MCQ प्रश्न UPSC, UGC NET, राज्य लोक सेवा आयोग और कला विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं में नियमित रूप से पूछे जाते हैं।

Indian Art History वेबसाइट पर आपको विष्णुधर्मोत्तर पुराण से संबंधित सम्पूर्ण अध्ययन सामग्री एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाती है।

नीचे दिए गए 100 विष्णुधर्मोत्तर पुराण MCQ in Hindi प्रश्नों का अध्ययन करें, प्रत्येक प्रश्न के साथ सही उत्तर और एक पंक्ति की व्याख्या दी गई है जो आपकी अवधारणाओं को स्पष्ट करेगी।

खंड 1: विष्णुधर्मोत्तर पुराण — परिचय एवं सामान्य प्रश्न (1-20) 

प्र. 1. विष्णुधर्मोत्तर पुराण किस श्रेणी का पुराण है?

(A) उप-पुराण

(B) महापुराण

(C) स्थल पुराण

(D) कुल पुराण

✅ सही उत्तर: (A)  |  यह एक प्रमुख उप-पुराण है जो विष्णु पुराण का परिशिष्ट माना जाता है।

प्र. 2. विष्णुधर्मोत्तर पुराण में कितने खंड (काण्ड) हैं?

(A) दो

(B) तीन

(C) चार

(D) पाँच

✅ सही उत्तर: (B)  |  इसमें तीन खंड हैं — प्रथम, द्वितीय और तृतीय खंड।

प्र. 3. विष्णुधर्मोत्तर पुराण के तृतीय खंड में मुख्यतः किस विषय की चर्चा है?

(A) ज्योतिष

(B) चित्रसूत्र (चित्रकला)

(C) संगीत

(D) वास्तुकला

✅ सही उत्तर: (B)  |  तृतीय खंड का ‘चित्रसूत्र’ अध्याय भारतीय चित्रकला का सबसे प्राचीन ग्रंथ माना जाता है।

प्र. 4. विष्णुधर्मोत्तर पुराण के तृतीय खंड में ‘चित्रसूत्र’ किसके बीच संवाद के रूप में प्रस्तुत है?

(A) विष्णु और लक्ष्मी

(B) मार्कण्डेय और राजा वज्र

(C) ब्रह्मा और नारद

(D) शिव और पार्वती

✅ सही उत्तर: (B)  |  यह संवाद ऋषि मार्कण्डेय और राजा वज्र के बीच है।

प्र. 5. ‘चित्रसूत्र’ के अनुसार चित्रकला सीखने से पहले कौन सी कला सीखनी चाहिए?

(A) नृत्य

(B) मूर्तिकला

(C) संगीत

(D) काव्य

✅ सही उत्तर: (B)  |  चित्रसूत्र के अनुसार चित्रकला सीखने से पहले मूर्तिकला (शिल्प) का ज्ञान आवश्यक है।

प्र. 6. विष्णुधर्मोत्तर पुराण के अनुसार चित्रकला में कितने अंग (तत्त्व) बताए गए हैं?

(A) चार

(B) पाँच

(C) छह

(D) आठ

✅ सही उत्तर: (C)  |  चित्रसूत्र में चित्रकला के छह अंग — रूप, प्रमाण, भाव, लावण्ययोजना, सादृश्य और वर्णिका भंग बताए गए हैं।

प्र. 7. चित्रसूत्र में वर्णित ‘सादृश्य’ का क्या अर्थ है?

(A) रंगों का उचित प्रयोग

(B) आकृति की सटीक समानता

(C) चित्र में भावना

(D) रेखाओं की सुंदरता

✅ सही उत्तर: (B)  |  सादृश्य का अर्थ है चित्रित वस्तु और उसके मूल रूप के बीच सटीक समानता।

प्र. 8. विष्णुधर्मोत्तर पुराण का संबंध मुख्यतः किस परंपरा से है?

(A) शैव परंपरा

(B) वैष्णव परंपरा

(C) शाक्त परंपरा

(D) बौद्ध परंपरा

✅ सही उत्तर: (B)  |  यह पुराण वैष्णव परंपरा का ग्रंथ है और विष्णु की महिमा का वर्णन करता है।

प्र. 9. विष्णुधर्मोत्तर पुराण की रचना कब की गई थी (अनुमानित)?

(A) 300 ईसा पूर्व

(B) 300-500 ईसवी

(C) 1000-1200 ईसवी

(D) 100 ईसा पूर्व

✅ सही उत्तर: (B)  |  इसे लगभग 300-500 ईसवी के बीच रचित माना जाता है।

प्र. 10. चित्रसूत्र में ‘लावण्ययोजना’ का तात्पर्य क्या है?

(A) चित्र में आकर्षण एवं सौंदर्य का समावेश

(B) रंगों का विभाजन

(C) छाया-प्रकाश का संतुलन

(D) रेखाओं का वर्गीकरण

✅ सही उत्तर: (A)  |  लावण्ययोजना का अर्थ चित्र में कोमलता, आकर्षण और सौंदर्य का उचित समावेश करना है।

📌  विष्णुधर्मोत्तर पुराण MCQ in Hindi — चित्रसूत्र के षडंग (छह तत्त्व) भारतीय कला के मूल सिद्धांत हैं।

प्र. 11. विष्णुधर्मोत्तर पुराण में चित्र के कितने भेद बताए गए हैं?

(A) दो

(B) तीन

(C) चार

(D) छह

✅ सही उत्तर: (C)  |  चित्रसूत्र में चित्र के चार भेद हैं — सत्य, वैणिक, नागर और मिश्र।

प्र. 12. चित्रसूत्र के अनुसार ‘भाव’ का चित्रकला में क्या स्थान है?

(A) यह रंगों का प्रयोग है

(B) यह चित्र में आंतरिक भावनाओं की अभिव्यक्ति है

(C) यह पृष्ठभूमि का चुनाव है

(D) यह रेखा का क्रम है

✅ सही उत्तर: (B)  |  भाव चित्रकला का सबसे महत्त्वपूर्ण तत्त्व है जो आंतरिक मनोभावों को व्यक्त करता है।

प्र. 13. विष्णुधर्मोत्तर पुराण में मूर्तिकला के लिए किस शब्द का प्रयोग किया गया है?

(A) प्रतिमाशास्त्र

(B) शिल्पशास्त्र

(C) रूपशास्त्र

(D) देवतामान

✅ सही उत्तर: (A)  |  इसमें मूर्ति निर्माण के लिए ‘प्रतिमाशास्त्र’ शब्द का प्रयोग मिलता है।

प्र. 14. चित्रसूत्र में ‘वर्णिका भंग’ से क्या तात्पर्य है?

(A) रंगों का सुव्यवस्थित प्रयोग

(B) भाषा का प्रयोग

(C) मूर्ति की संरचना

(D) काव्य की शैली

✅ सही उत्तर: (A)  |  वर्णिका भंग का अर्थ रंगों का तकनीकी और कलात्मक ढंग से सुव्यवस्थित उपयोग करना है।

प्र. 15. विष्णुधर्मोत्तर पुराण के किस खंड में नृत्य और संगीत का वर्णन है?

(A) प्रथम खंड

(B) द्वितीय खंड

(C) तृतीय खंड

(D) चतुर्थ खंड

✅ सही उत्तर: (C)  |  तृतीय खंड में नृत्य, संगीत, चित्रकला और स्थापत्य का विस्तृत वर्णन है।

प्र. 16. विष्णुधर्मोत्तर पुराण में नृत्य की कितनी मुद्राओं का वर्णन है?

(A) 24

(B) 32

(C) 48

(D) 64

✅ सही उत्तर: (D)  |  इसमें नृत्य की 64 मुद्राओं का विस्तृत वर्णन मिलता है।

प्र. 17. चित्रसूत्र के अनुसार चित्रकला का उद्देश्य क्या है?

(A) केवल मनोरंजन

(B) धार्मिक अनुष्ठान

(C) धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति

(D) राजा की प्रशंसा

✅ सही उत्तर: (C)  |  चित्रसूत्र के अनुसार चित्रकला चारों पुरुषार्थों की सिद्धि का साधन है।

प्र. 18. विष्णुधर्मोत्तर पुराण में ‘प्रमाण’ से क्या तात्पर्य है?

(A) चित्र की गुणवत्ता

(B) सटीक अनुपात और माप

(C) रंगों का मिश्रण

(D) कलाकार का कौशल

✅ सही उत्तर: (B)  |  प्रमाण का अर्थ है चित्र में वस्तुओं का सही अनुपात और सटीक माप।

प्र. 19. विष्णुधर्मोत्तर पुराण में ज्योतिष का वर्णन किस खंड में है?

(A) प्रथम खंड

(B) द्वितीय खंड

(C) तृतीय खंड

(D) सभी खंडों में

✅ सही उत्तर: (A)  |  प्रथम खंड में ज्योतिष, कोस्मोलॉजी और धार्मिक विधियों का वर्णन है।

प्र. 20. चित्रसूत्र के अनुसार एक कुशल चित्रकार में कितने गुण होने चाहिए?

(A) चार

(B) छह

(C) आठ

(D) दस

✅ सही उत्तर: (B)  |  चित्रसूत्र में एक आदर्श चित्रकार के छह गुणों का वर्णन है।

📌  विष्णुधर्मोत्तर पुराण MCQ: चित्रसूत्र भारतीय चित्रकला का सर्वाधिक प्राचीन सैद्धांतिक आधार है।

खंड 2: चित्रसूत्र — चित्रकला के सिद्धांत (21-40)

प्र. 21. विष्णुधर्मोत्तर पुराण के प्रथम खंड में मुख्यतः किसका वर्णन है?

(A) चित्रकला

(B) धर्म, व्रत और तीर्थ

(C) युद्ध विद्या

(D) वास्तुकला

✅ सही उत्तर: (B)  |  प्रथम खंड में धार्मिक अनुष्ठान, व्रत, तीर्थ यात्रा और सृष्टि वर्णन है।

प्र. 22. चित्रसूत्र में चित्रकला को किस देवता से जोड़ा गया है?

(A) शिव

(B) ब्रह्मा

(C) विष्णु

(D) इंद्र

✅ सही उत्तर: (B)  |  चित्रसूत्र के अनुसार चित्रकला की उत्पत्ति ब्रह्मा जी ने की थी।

प्र. 23. विष्णुधर्मोत्तर पुराण में वर्णित ‘सत्य चित्र’ क्या है?

(A) वास्तविक जीवन की वस्तुओं का यथार्थ चित्रण

(B) धार्मिक विषयों का चित्रण

(C) काल्पनिक चित्र

(D) पशुओं का चित्रण

✅ सही उत्तर: (A)  |  सत्य चित्र वह है जो प्रकृति और वास्तविक जीवन का यथार्थपरक चित्रण करता है।

प्र. 24. विष्णुधर्मोत्तर पुराण में ‘नागर चित्र’ का क्या अर्थ है?

(A) नगर का चित्र

(B) नागरिक जीवन और प्रेम-प्रसंग का चित्रण

(C) सर्प का चित्रण

(D) राजमहल का चित्र

✅ सही उत्तर: (B)  |  नागर चित्र में नागरिक जीवन, प्रेम-प्रसंग और श्रृंगार का चित्रण होता है।

प्र. 25. विष्णुधर्मोत्तर पुराण में संगीत के किस पक्ष का वर्णन है?

(A) केवल वाद्य यंत्र

(B) केवल स्वर

(C) स्वर, ताल, राग और नृत्य

(D) केवल भजन

✅ सही उत्तर: (C)  |  इसमें संगीत के सभी पक्षों — स्वर, ताल, राग और नृत्य का विस्तृत विवेचन है।

प्र. 26. चित्रसूत्र में ‘रूप’ तत्त्व का क्या महत्त्व है?

(A) चित्र का आकार-प्रकार और बाह्य स्वरूप

(B) रंगों का चुनाव

(C) पृष्ठभूमि का निर्धारण

(D) छाया का प्रयोग

✅ सही उत्तर: (A)  |  रूप तत्त्व चित्र के बाह्य स्वरूप, आकृति और आकार-प्रकार से संबंधित है।

प्र. 27. विष्णुधर्मोत्तर पुराण में वास्तुकला के किस सिद्धांत का उल्लेख है?

(A) वास्तुपुरुष मंडल

(B) पंचभूत

(C) त्रिगुण

(D) षडंग

✅ सही उत्तर: (A)  |  इसमें वास्तुकला के आधारभूत सिद्धांत ‘वास्तुपुरुष मंडल’ का उल्लेख मिलता है।

प्र. 28. चित्रसूत्र के अनुसार देवताओं का चित्रण करते समय किस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए?

(A) रंगों की विविधता

(B) उनके लक्षण और आयुध (हथियार)

(C) पृष्ठभूमि की सजावट

(D) चित्र का आकार

✅ सही उत्तर: (B)  |  देवताओं का चित्रण करते समय उनके विशेष लक्षणों, आयुध और वेशभूषा का ध्यान रखना आवश्यक है।

प्र. 29. विष्णुधर्मोत्तर पुराण में किस कला को ‘सर्वकला शिरोमणि’ कहा गया है?

(A) संगीत

(B) नृत्य

(C) चित्रकला

(D) काव्य

✅ सही उत्तर: (C)  |  चित्रसूत्र में चित्रकला को सभी कलाओं की शिरोमणि कहा गया है।

प्र. 30. विष्णुधर्मोत्तर पुराण में द्वितीय खंड का मुख्य विषय क्या है?

(A) कोस्मोलॉजी और तीर्थ

(B) व्याकरण, छंद और काव्यशास्त्र

(C) चित्रकला और नृत्य

(D) युद्ध नीति

✅ सही उत्तर: (B)  |  द्वितीय खंड में व्याकरण, छंदशास्त्र और काव्य की विवेचना की गई है।

📌  परीक्षा टिप: विष्णुधर्मोत्तर पुराण के तालमान और प्रतिमाशास्त्र से प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।

प्र. 31. चित्रसूत्र में रंगों के कितने मुख्य प्रकार बताए गए हैं?

(A) तीन

(B) पाँच

(C) सात

(D) नौ

✅ सही उत्तर: (B)  |  चित्रसूत्र में पाँच मुख्य रंगों — श्वेत, पीत, रक्त, नीला और काला का उल्लेख है।

प्र. 32. विष्णुधर्मोत्तर पुराण किस भाषा में रचित है?

(A) प्राकृत

(B) पाली

(C) संस्कृत

(D) अपभ्रंश

✅ सही उत्तर: (C)  |  यह पुराण संस्कृत भाषा में श्लोकबद्ध रूप में रचित है।

प्र. 33. चित्रसूत्र के अनुसार चित्रकला का अभ्यास किस पर किया जाना चाहिए?

(A) केवल कपड़े पर

(B) भूमि, दीवार, काष्ठ और कपड़े पर

(C) केवल पत्थर पर

(D) केवल कागज पर

✅ सही उत्तर: (B)  |  चित्रसूत्र में भूमि, दीवार, काष्ठ और कपड़े — चारों पर चित्रण का उल्लेख है।

प्र. 34. विष्णुधर्मोत्तर पुराण के अनुसार मूर्तियों का निर्माण किसके निर्देशन में होना चाहिए?

(A) राजा के

(B) पुजारी के

(C) कुशल शिल्पी (स्थपति) के

(D) ज्योतिषी के

✅ सही उत्तर: (C)  |  मूर्ति निर्माण में कुशल शिल्पी ‘स्थपति’ के निर्देशन की आवश्यकता बताई गई है।

प्र. 35. ‘विष्णुधर्मोत्तर पुराण’ का चित्रसूत्र किस दृष्टि से अनूठा है?

(A) यह पहला संस्कृत गद्य ग्रंथ है

(B) यह भारतीय चित्रकला का प्राचीनतम सैद्धांतिक ग्रंथ है

(C) यह केवल बौद्ध कला का वर्णन करता है

(D) यह पहला ज्योतिष ग्रंथ है

✅ सही उत्तर: (B)  |  चित्रसूत्र भारतीय चित्रकला के सिद्धांतों का सबसे प्राचीन लिखित ग्रंथ है।

प्र. 36. चित्रसूत्र में ‘छाया’ (Shadow) का चित्रण किस प्रकार निर्देशित है?

(A) छाया का प्रयोग वर्जित है

(B) दाईं और बाईं तरफ समान छाया

(C) प्रकाश-स्रोत के अनुसार छाया का संतुलन

(D) केवल गहरे रंगों से

✅ सही उत्तर: (C)  |  चित्रसूत्र में प्रकाश-स्रोत के अनुसार छाया के उचित संतुलन का निर्देश दिया गया है।

प्र. 37. विष्णुधर्मोत्तर पुराण में ‘राजा वज्र’ कौन थे?

(A) शिव के भक्त

(B) अर्जुन के पौत्र और श्रीकृष्ण के प्रपौत्र

(C) राम के पुत्र

(D) इंद्र के पुत्र

✅ सही उत्तर: (B)  |  राजा वज्र अर्जुन के पौत्र और भगवान श्रीकृष्ण के प्रपौत्र थे।

प्र. 38. चित्रसूत्र के अनुसार देव-प्रतिमाओं की आँखें कैसी होनी चाहिए?

(A) छोटी और गोलाकार

(B) बड़ी, खुली और कमल-पत्र के समान

(C) अर्धनिमीलित

(D) बंद

✅ सही उत्तर: (B)  |  देव-प्रतिमाओं की आँखें बड़ी, खुली और कमल-पत्र के समान होनी चाहिए।

प्र. 39. विष्णुधर्मोत्तर पुराण में कला की कुल कितनी विधाओं का उल्लेख है?

(A) 32

(B) 48

(C) 64

(D) 72

✅ सही उत्तर: (C)  |  इसमें 64 कलाओं का उल्लेख मिलता है।

प्र. 40. चित्रसूत्र के अनुसार चित्रकार को किन गुणों से युक्त होना चाहिए?

(A) केवल तकनीकी ज्ञान

(B) धैर्य, एकाग्रता, शास्त्र-ज्ञान और अभ्यास

(C) केवल धार्मिक ज्ञान

(D) केवल भौतिक कौशल

✅ सही उत्तर: (B)  |  चित्रसूत्र में चित्रकार के लिए धैर्य, एकाग्रता, शास्त्र ज्ञान और निरंतर अभ्यास आवश्यक बताए गए हैं।

📌  विष्णुधर्मोत्तर पुराण MCQ in Hindi — मूर्ति के अनुपात का आधार ‘ताल’ इकाई है।

खंड 3: मूर्तिकला, तालमान एवं प्रतिमाशास्त्र (41-60)

प्र. 41. विष्णुधर्मोत्तर पुराण में विष्णु के कितने रूपों का वर्णन है?

(A) 10

(B) 12

(C) 24

(D) 32

✅ सही उत्तर: (C)  |  इसमें विष्णु के 24 रूपों (चतुर्विंशति मूर्तियों) का विस्तृत वर्णन है।

प्र. 42. चित्रसूत्र में ‘वैणिक चित्र’ किसे कहते हैं?

(A) वाद्य यंत्रों का चित्रण

(B) व्यापारिक वस्तुओं का चित्रण

(C) वन, वृक्ष और प्राकृतिक दृश्यों का चित्रण

(D) नारियों का चित्रण

✅ सही उत्तर: (C)  |  वैणिक चित्र में प्राकृतिक दृश्य, वन, वृक्ष और वनस्पतियों का चित्रण होता है।

प्र. 43. विष्णुधर्मोत्तर पुराण के अनुसार मंदिर की प्रतिमा में किस अनुपात का पालन होना चाहिए?

(A) दशताल

(B) नवताल

(C) अष्टताल

(D) उपर्युक्त सभी

✅ सही उत्तर: (D)  |  इसमें प्रतिमा के अनुसार दशताल, नवताल और अष्टताल सभी अनुपातों का उल्लेख है।

प्र. 44. चित्रसूत्र के किस अध्याय में ‘त्रिभंग’ मुद्रा का वर्णन है?

(A) रूप-विचार अध्याय

(B) देव-चित्रण अध्याय

(C) तालमान अध्याय

(D) भाव-विचार अध्याय

✅ सही उत्तर: (C)  |  तालमान अध्याय में त्रिभंग और अन्य मुद्राओं का विस्तृत विवेचन है।

प्र. 45. विष्णुधर्मोत्तर पुराण का चित्रसूत्र किसके द्वारा अंग्रेजी में अनूदित किया गया?

(A) जॉन मार्शल

(B) स्टेला क्रामरिश

(C) जेम्स फर्ग्युसन

(D) टी.ए. गोपीनाथ राव

✅ सही उत्तर: (B)  |  प्रसिद्ध कला इतिहासकार स्टेला क्रामरिश ने चित्रसूत्र का अंग्रेजी अनुवाद किया।

प्र. 46. विष्णुधर्मोत्तर पुराण में ‘ताल’ का क्या तात्पर्य है?

(A) संगीत का ताल

(B) मूर्ति का मापन इकाई (सिर की लंबाई आधार पर)

(C) पत्ते का आकार

(D) नृत्य की मुद्रा

✅ सही उत्तर: (B)  |  ताल मूर्ति मापन की वह इकाई है जो सिर की लंबाई को आधार मानकर तय की जाती है।

प्र. 47. चित्रसूत्र के अनुसार भित्तिचित्र (wall painting) के लिए किस सामग्री का प्रयोग होता था?

(A) केवल प्राकृतिक रंग

(B) खनिज, वनस्पति और पशुज रंग

(C) केवल खनिज रंग

(D) केवल वनस्पति रंग

✅ सही उत्तर: (B)  |  भित्तिचित्र में खनिज, वनस्पति और पशु-उत्पाद से बने रंगों का उपयोग होता था।

प्र. 48. विष्णुधर्मोत्तर पुराण में किस काल की सामाजिक और सांस्कृतिक जानकारी मिलती है?

(A) गुप्त काल

(B) मौर्य काल

(C) कुषाण काल

(D) सातवाहन काल

✅ सही उत्तर: (A)  |  इसमें मुख्यतः गुप्त काल की सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक जानकारी मिलती है।

प्र. 49. चित्रसूत्र के अनुसार ‘मिश्र चित्र’ का क्या स्वरूप है?

(A) केवल धार्मिक चित्र

(B) विभिन्न प्रकार के चित्रों का मिश्रण

(C) केवल प्रकृति चित्र

(D) केवल पशु-पक्षियों का चित्रण

✅ सही उत्तर: (B)  |  मिश्र चित्र में सत्य, वैणिक और नागर — सभी प्रकार के तत्त्वों का समन्वय होता है।

प्र. 50. विष्णुधर्मोत्तर पुराण के चित्रसूत्र में ‘आलेख्य’ किसे कहते हैं?

(A) शिलालेख

(B) चित्रकला

(C) काव्य

(D) नृत्य-नाटिका

✅ सही उत्तर: (B)  |  चित्रसूत्र में ‘आलेख्य’ शब्द का प्रयोग चित्रकला के लिए किया गया है।

📌  Indian Art History: विष्णुधर्मोत्तर पुराण भारतीय कला परंपरा का अमूल्य स्रोत-ग्रंथ है।

प्र. 51. विष्णुधर्मोत्तर पुराण में शिव का कौन सा रूप विशेष रूप से वर्णित है?

(A) अर्धनारीश्वर

(B) नटराज

(C) सदाशिव

(D) लिंगोद्भव

✅ सही उत्तर: (A)  |  इसमें अर्धनारीश्वर रूप का विशेष रूप से विस्तृत वर्णन मिलता है।

प्र. 52. चित्रसूत्र में ‘त्रिभंग’ का क्या अर्थ है?

(A) तीन कोणों वाली आकृति

(B) तीन स्थानों पर शरीर का झुकाव

(C) तीन रंगों का मिश्रण

(D) तीन देवताओं का एक साथ चित्रण

✅ सही उत्तर: (B)  |  त्रिभंग वह मुद्रा है जिसमें शरीर कंधे, कमर और घुटने — तीन स्थानों पर झुकता है।

प्र. 53. विष्णुधर्मोत्तर पुराण में गणेश की प्रतिमा के लिए क्या निर्देश दिए गए हैं?

(A) चतुर्भुज गणेश

(B) द्विभुज गणेश

(C) अष्टभुज गणेश

(D) षड्भुज गणेश

✅ सही उत्तर: (A)  |  इसमें चार भुजाओं वाले गणेश का विस्तृत वर्णन है।

प्र. 54. चित्रसूत्र के अनुसार स्त्री-आकृति के चित्रण में क्या विशेषता होनी चाहिए?

(A) कठोरता और शक्ति

(B) कोमलता, सौंदर्य और लावण्य

(C) केवल वीरता

(D) केवल आध्यात्मिक भाव

✅ सही उत्तर: (B)  |  स्त्री आकृति में कोमलता, सौंदर्य और लावण्य का होना आवश्यक बताया गया है।

प्र. 55. विष्णुधर्मोत्तर पुराण में ‘अभिनय’ के कितने प्रकार बताए गए हैं?

(A) दो

(B) तीन

(C) चार

(D) पाँच

✅ सही उत्तर: (C)  |  इसमें अभिनय के चार प्रकार — आंगिक, वाचिक, आहार्य और सात्त्विक बताए गए हैं।

प्र. 56. विष्णुधर्मोत्तर पुराण में ‘वास्तुविद्या’ के संदर्भ में किस ग्रंथ का उल्लेख है?

(A) मानसार

(B) मयमत

(C) अर्थशास्त्र

(D) विश्वकर्मा प्रकाश

✅ सही उत्तर: (A)  |  वास्तुविद्या के संदर्भ में मानसार जैसे ग्रंथों की परंपरा का उल्लेख मिलता है।

प्र. 57. चित्रसूत्र के अनुसार ‘पंचतत्त्व’ का चित्रकला में क्या संबंध है?

(A) रंगों का निर्माण पंचतत्त्वों से होता है

(B) पंचतत्त्व चित्रकला का आधार नहीं हैं

(C) केवल जल और अग्नि का संबंध है

(D) इसका कोई उल्लेख नहीं

✅ सही उत्तर: (A)  |  चित्रसूत्र के अनुसार रंगों का निर्माण पंचतत्त्वों — पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश से होता है।

प्र. 58. विष्णुधर्मोत्तर पुराण में वर्णित ‘तालमान’ पद्धति किससे संबंधित है?

(A) संगीत की लय

(B) मूर्ति के शारीरिक अनुपात का मापन

(C) चित्र की लंबाई-चौड़ाई

(D) मंदिर की ऊँचाई

✅ सही उत्तर: (B)  |  तालमान पद्धति मूर्ति के शारीरिक अनुपात को मापने की वैज्ञानिक प्रणाली है।

प्र. 59. चित्रसूत्र में उल्लिखित ‘सुभग’ का क्या अर्थ है?

(A) सुंदर और आकर्षक

(B) शक्तिशाली

(C) भयंकर

(D) धार्मिक

✅ सही उत्तर: (A)  |  ‘सुभग’ का अर्थ है सुंदर, आकर्षक और मनोहारी — जो दर्शक को आकर्षित करे।

प्र. 60. विष्णुधर्मोत्तर पुराण के तृतीय खंड में संगीत के किस पक्ष का सर्वाधिक विस्तार है?

(A) रागों का वर्गीकरण

(B) वाद्य यंत्रों का निर्माण

(C) स्वर-प्रबंध और ताल

(D) केवल भक्ति संगीत

✅ सही उत्तर: (C)  |  तृतीय खंड में स्वर-प्रबंध और ताल का सर्वाधिक विस्तृत वर्णन मिलता है।

📌  विष्णुधर्मोत्तर पुराण MCQ: स्टेला क्रामरिश द्वारा चित्रसूत्र का अनुवाद वैश्विक स्तर पर प्रसिद्ध है।

खंड 4: देव-प्रतिमाएँ, रंग एवं तकनीक (61-80)

प्र. 61. विष्णुधर्मोत्तर पुराण में ‘नृत्त’, ‘नाट्य’ और ‘नृत्य’ में क्या अंतर बताया गया है?

(A) ये तीनों एक ही हैं

(B) नृत्त = शुद्ध नृत्य, नाट्य = अभिनय, नृत्य = दोनों का मिश्रण

(C) नृत्त = धार्मिक नृत्य, नाट्य = लोक नृत्य

(D) इनका उल्लेख नहीं है

✅ सही उत्तर: (B)  |  नृत्त शुद्ध नृत्य है, नाट्य अभिनय-प्रधान है और नृत्य दोनों का संगम है।

प्र. 62. चित्रसूत्र में ‘मुखाभिनय’ का संबंध किससे है?

(A) चेहरे की भावाभिव्यक्ति से

(B) हाथों की मुद्राओं से

(C) पैरों के संचालन से

(D) आँखों की गति से

✅ सही उत्तर: (A)  |  मुखाभिनय चेहरे के माध्यम से भावनाओं की अभिव्यक्ति है।

प्र. 63. विष्णुधर्मोत्तर पुराण में ‘सरस्वती’ की प्रतिमा का कैसा वर्णन है?

(A) चतुर्भुज, वीणा धारण किए हुए

(B) द्विभुज, पुस्तक धारण किए हुए

(C) अष्टभुज

(D) त्रिनेत्री

✅ सही उत्तर: (A)  |  इसमें सरस्वती को चार भुजाओं में वीणा, पुस्तक, माला और अभयमुद्रा के साथ वर्णित किया गया है।

प्र. 64. चित्रसूत्र के अनुसार ‘रेखाचित्र’ (line drawing) को क्या कहते हैं?

(A) वर्तना

(B) रेखा विधान

(C) प्रतिमाविधान

(D) रूपलेखन

✅ सही उत्तर: (D)  |  रेखाओं के माध्यम से किए जाने वाले चित्रण को ‘रूपलेखन’ कहा गया है।

प्र. 65. विष्णुधर्मोत्तर पुराण में लक्ष्मी की प्रतिमा में कौन सा प्रतीक अनिवार्य है?

(A) त्रिशूल

(B) कमल

(C) चक्र

(D) वीणा

✅ सही उत्तर: (B)  |  लक्ष्मी की प्रतिमा में कमल का होना अनिवार्य बताया गया है।

प्र. 66. चित्रसूत्र में ‘वर्तना’ तकनीक से क्या तात्पर्य है?

(A) चित्र में गहराई और त्रिआयामिता दर्शाने की विधि

(B) रंगों को मिलाने की विधि

(C) रेखाएँ खींचने की विधि

(D) छाया बनाने की विधि

✅ सही उत्तर: (A)  |  ‘वर्तना’ चित्र में गहराई (depth) और त्रिआयामिता (three-dimensionality) लाने की तकनीक है।

प्र. 67. विष्णुधर्मोत्तर पुराण में विष्णु के चक्र का क्या प्रतीकात्मक अर्थ बताया गया है?

(A) काल का प्रतीक

(B) सुदर्शन — दुष्टों का संहार

(C) सूर्य का प्रतीक

(D) धर्मचक्र

✅ सही उत्तर: (B)  |  विष्णु का सुदर्शन चक्र दुष्टों के संहार और धर्म की रक्षा का प्रतीक है।

प्र. 68. चित्रसूत्र में ‘धातु-चित्र’ किसे कहते हैं?

(A) धातु पर उकेरे गए चित्र

(B) धातु के रंगों से बने चित्र

(C) धातु की मूर्तियाँ

(D) धातु के आभूषण

✅ सही उत्तर: (A)  |  धातु पर उकेरे गए चित्र या नक्काशी को ‘धातु-चित्र’ कहा गया है।

प्र. 69. विष्णुधर्मोत्तर पुराण में ‘हस्तमुद्रा’ के कितने प्रकार बताए गए हैं?

(A) 16

(B) 24

(C) 28

(D) 32

✅ सही उत्तर: (C)  |  इसमें 28 एकल हस्तमुद्राओं (असंयुत) का वर्णन मिलता है।

प्र. 70. चित्रसूत्र के अनुसार चित्रफलक (canvas/board) की तैयारी कैसे होती थी?

(A) बिना किसी प्रारंभिक तैयारी के

(B) गेरू और चूने से लेपन के बाद

(C) केवल पानी से धोकर

(D) आग से जलाकर

✅ सही उत्तर: (B)  |  चित्रफलक पर गेरू और चूने का लेप लगाकर तैयार किया जाता था।

📌  परीक्षा में विष्णुधर्मोत्तर पुराण के देव प्रतिमाओं के लक्षणों पर विशेष ध्यान दें।

प्र. 71. विष्णुधर्मोत्तर पुराण में ‘ध्यान श्लोक’ का क्या उद्देश्य है?

(A) कलाकार का ध्यान केंद्रित करना

(B) देवता के स्वरूप का विवरण देना जिससे उनकी प्रतिमा बनाई जा सके

(C) पूजा विधि बताना

(D) रंगों का चयन करना

✅ सही उत्तर: (B)  |  ‘ध्यान श्लोक’ देवता के स्वरूप का विस्तृत विवरण देते हैं जो प्रतिमा निर्माण का आधार है।

प्र. 72. विष्णुधर्मोत्तर पुराण के अनुसार कला का सर्वोच्च लक्ष्य क्या है?

(A) राजा को प्रसन्न करना

(B) मोक्ष की प्राप्ति में सहायता

(C) धन अर्जन

(D) लोकरंजन

✅ सही उत्तर: (B)  |  इसमें कला का सर्वोच्च लक्ष्य मोक्ष प्राप्ति में सहायक होना बताया गया है।

प्र. 73. चित्रसूत्र में ‘पट चित्र’ (Pata Chitra) का क्या उल्लेख है?

(A) यह केवल लोक कला है

(B) कपड़े पर बने चित्र जो धार्मिक और कथात्मक होते हैं

(C) इसका उल्लेख नहीं है

(D) यह केवल मंदिरों के लिए था

✅ सही उत्तर: (B)  |  पट चित्र कपड़े पर बनाए जाने वाले धार्मिक और कथात्मक चित्र हैं।

प्र. 74. विष्णुधर्मोत्तर पुराण में ‘षडंग’ (षट् अंग) की अवधारणा किससे संबंधित है?

(A) वेद के छह अंग

(B) चित्रकला के छह तत्त्व

(C) संगीत के छह स्वर

(D) नृत्य की छह विधाएँ

✅ सही उत्तर: (B)  |  षडंग चित्रकला के छह मूलभूत तत्त्वों को संदर्भित करता है।

प्र. 75. चित्रसूत्र के अनुसार ‘पुरुष’ की आकृति की ऊँचाई आदर्शतः कितने ‘ताल’ होनी चाहिए?

(A) सात ताल

(B) आठ ताल

(C) नौ ताल

(D) दस ताल

✅ सही उत्तर: (B)  |  सामान्य पुरुष की आकृति आठ ताल की होनी चाहिए — यह आदर्श माप है।

प्र. 76. विष्णुधर्मोत्तर पुराण में देव-प्रतिमाओं का माप किस प्रकार निर्धारित होता है?

(A) मंदिर की ऊँचाई के अनुसार

(B) राजा की इच्छा के अनुसार

(C) शास्त्रीय तालमान प्रणाली के अनुसार

(D) कलाकार की रुचि के अनुसार

✅ सही उत्तर: (C)  |  शास्त्रीय तालमान प्रणाली के अनुसार देव प्रतिमाओं के माप का निर्धारण होता है।

प्र. 77. चित्रसूत्र में ‘अंकन’ का क्या तात्पर्य है?

(A) गणित

(B) प्रारंभिक रेखाचित्र और रूपरेखा बनाना

(C) अक्षर लिखना

(D) माप लेना

✅ सही उत्तर: (B)  |  ‘अंकन’ से तात्पर्य चित्र की प्रारंभिक रूपरेखा और रेखाचित्र तैयार करने से है।

प्र. 78. विष्णुधर्मोत्तर पुराण के अनुसार शंख (Conch) किसका प्रतीक है?

(A) युद्ध का

(B) विष्णु की विजय और शांति का

(C) मृत्यु का

(D) धन का

✅ सही उत्तर: (B)  |  शंख विष्णु का प्रतीक है और इसे विजय, शांति व मंगल का सूचक माना गया है।

प्र. 79. चित्रसूत्र में किस प्रकार के चित्रण को ‘अधम’ (निम्नस्तरीय) कहा गया है?

(A) जो प्राकृतिक दृश्यों का चित्रण करे

(B) जो अनुपात, भाव और रेखा के नियमों का उल्लंघन करे

(C) जो देवताओं का चित्रण करे

(D) जो लोक जीवन का चित्रण करे

✅ सही उत्तर: (B)  |  जो चित्र शास्त्रीय नियमों — अनुपात, भाव और रेखा — का उल्लंघन करे, वह ‘अधम’ कोटि का माना गया है।

प्र. 80. विष्णुधर्मोत्तर पुराण में वर्णित ‘चतुर्भुज विष्णु’ की पहचान क्या है?

(A) शंख, चक्र, गदा और पद्म

(B) त्रिशूल, डमरू, वरद और अभय

(C) तलवार, ढाल, धनुष और बाण

(D) वीणा, पुस्तक, माला और कमल

✅ सही उत्तर: (A)  |  चतुर्भुज विष्णु के चार हाथों में शंख, चक्र, गदा और पद्म होते हैं।

📌  विष्णुधर्मोत्तर पुराण MCQ in Hindi — ‘वर्तना’ तकनीक भारतीय चित्रकला की विशेष पहचान है।

खंड 5: नृत्य, संगीत एवं विविध प्रश्न (81-100)

प्र. 81. चित्रसूत्र में ‘उत्सेध’ (उभार/relief) का क्या महत्त्व है?

(A) रंगों को चमकदार बनाना

(B) चित्र में त्रिआयामी प्रभाव लाना

(C) चित्र को मजबूत बनाना

(D) रेखाओं को स्पष्ट करना

✅ सही उत्तर: (B)  |  ‘उत्सेध’ चित्र में त्रिआयामी (3D) प्रभाव उत्पन्न करने की तकनीक है।

प्र. 82. विष्णुधर्मोत्तर पुराण में चित्रकला को कितने वर्गों में विभाजित किया गया है?

(A) दो

(B) तीन

(C) चार

(D) पाँच

✅ सही उत्तर: (C)  |  इसमें चित्रकला को सत्य, वैणिक, नागर और मिश्र — चार वर्गों में विभाजित किया गया है।

प्र. 83. चित्रसूत्र के अनुसार ‘स्त्री चित्रण’ में ‘त्रिवली’ क्या है?

(A) तीन रंगों का प्रयोग

(B) पेट पर तीन रेखाएँ (प्रेम और सौंदर्य की प्रतीक)

(C) तीन प्रकार की मुद्राएँ

(D) तीन प्रकार के वस्त्र

✅ सही उत्तर: (B)  |  ‘त्रिवली’ पेट की तीन प्राकृतिक रेखाएँ हैं जो सौंदर्य और ऐश्वर्य का प्रतीक मानी जाती हैं।

प्र. 84. विष्णुधर्मोत्तर पुराण में ‘इन्द्र’ की प्रतिमा का कैसा वर्णन है?

(A) एकल हाथ में वज्र

(B) चतुर्भुज, वज्र धारण किए हुए

(C) अष्टभुज

(D) राजसी वेश में साधारण रूप

✅ सही उत्तर: (B)  |  इन्द्र की प्रतिमा को चार भुजाओं में वज्र, पाश, अंकुश और अभयमुद्रा के साथ बताया गया है।

प्र. 85. चित्रसूत्र के अनुसार चित्रकला का ‘प्रयोजन’ क्या है?

(A) केवल सजावट

(B) कीर्ति, सौभाग्य, धर्म और मोक्ष की प्राप्ति

(C) केवल राजसी आनंद

(D) केवल धार्मिक अनुष्ठान

✅ सही उत्तर: (B)  |  चित्रसूत्र में चित्रकला का प्रयोजन कीर्ति, सौभाग्य, धर्म और अंततः मोक्ष की प्राप्ति बताया गया है।

प्र. 86. विष्णुधर्मोत्तर पुराण में ‘ब्रह्मा’ की प्रतिमा में कितने सिर हैं?

(A) एक

(B) दो

(C) तीन

(D) चार

✅ सही उत्तर: (D)  |  ब्रह्मा की प्रतिमा में चार सिर (चतुर्मुख) होते हैं जो चारों वेदों का प्रतीक हैं।

प्र. 87. चित्रसूत्र में ‘देवतामान’ का क्या अर्थ है?

(A) देवता की पूजा का मान

(B) देवता की प्रतिमा का शास्त्रीय माप-विधान

(C) देवता के भक्तों की संख्या

(D) मंदिर का माप

✅ सही उत्तर: (B)  |  ‘देवतामान’ देवता की प्रतिमा के शास्त्रीय माप-विधान की प्रणाली है।

प्र. 88. विष्णुधर्मोत्तर पुराण में ‘दशावतार’ का कौन सा पक्ष प्रमुखता से वर्णित है?

(A) अवतारों का कारण

(B) अवतारों की प्रतिमाओं का रूप-विधान

(C) अवतारों की कथाएँ

(D) अवतारों का ज्योतिषीय महत्त्व

✅ सही उत्तर: (B)  |  इसमें दशावतार की प्रतिमाओं के रूप-विधान, अनुपात और लक्षणों का वर्णन प्रमुख है।

प्र. 89. चित्रसूत्र के अनुसार चित्रकार को अपना कार्य कब आरंभ करना चाहिए?

(A) रात्रि में

(B) प्रभात में शुभ मुहूर्त में

(C) दोपहर में

(D) सूर्यास्त के बाद

✅ सही उत्तर: (B)  |  चित्रकार को प्रभात में शुभ मुहूर्त देखकर कार्य आरंभ करना चाहिए।

प्र. 90. विष्णुधर्मोत्तर पुराण में ‘सुब्रह्मण्य’ (कार्तिकेय) की प्रतिमा में कौन सा अस्त्र होता है?

(A) चक्र

(B) शक्ति (भाला)

(C) वज्र

(D) त्रिशूल

✅ सही उत्तर: (B)  |  कार्तिकेय (सुब्रह्मण्य) की प्रतिमा में शक्ति (भाला) मुख्य अस्त्र है।

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प्र. 91. चित्रसूत्र में ‘पार्श्वचित्र’ (profile/side view) का क्या नियम है?

(A) पार्श्व दृश्य में आँख पूर्ण रूप से दिखनी चाहिए

(B) पार्श्व दृश्य में आँख का आधा भाग दिखना चाहिए

(C) पार्श्व दृश्य में आँख नहीं दिखनी चाहिए

(D) पार्श्व दृश्य में विशेष नियम नहीं हैं

✅ सही उत्तर: (A)  |  चित्रसूत्र के अनुसार पार्श्व दृश्य में भी आँख पूर्ण रूप से दिखनी चाहिए — यह भारतीय चित्रकला की विशेषता है।

प्र. 92. विष्णुधर्मोत्तर पुराण में वर्णित ‘नृसिंह’ प्रतिमा की विशेषता क्या है?

(A) पूर्णतः मानव रूप

(B) नर-शरीर और सिंह-मुख

(C) पूर्णतः सिंह रूप

(D) अर्धनारीश्वर स्वरूप

✅ सही उत्तर: (B)  |  नृसिंह प्रतिमा में मानव शरीर और सिंह का मुख होता है।

प्र. 93. चित्रसूत्र के अनुसार ‘विष्णु’ की प्रतिमा की त्वचा का रंग कैसा होना चाहिए?

(A) श्वेत

(B) पीत

(C) श्याम (नीला-काला)

(D) रक्त

✅ सही उत्तर: (C)  |  विष्णु की प्रतिमा की त्वचा का रंग श्याम (नीला-काला मेघवर्ण) बताया गया है।

प्र. 94. विष्णुधर्मोत्तर पुराण को किस विद्वान ने ‘भारतीय कला का विश्वकोश’ कहा है?

(A) रवींद्रनाथ टैगोर

(B) स्टेला क्रामरिश

(C) आनंद कुमारस्वामी

(D) पर्सी ब्राउन

✅ सही उत्तर: (C)  |  आनंद कुमारस्वामी ने विष्णुधर्मोत्तर पुराण को ‘भारतीय कला का विश्वकोश’ की संज्ञा दी।

प्र. 95. चित्रसूत्र में ‘आभरण’ (आभूषण) के चित्रण के बारे में क्या निर्देश है?

(A) आभूषणों का चित्रण अनावश्यक है

(B) आभूषण शास्त्रीय नियमों और प्रतिमा-विधान के अनुसार होने चाहिए

(C) आभूषण कलाकार की इच्छा पर निर्भर हैं

(D) केवल सोने के आभूषण दिखाने चाहिए

✅ सही उत्तर: (B)  |  आभूषणों का चित्रण शास्त्रीय नियमों और प्रतिमा-विधान के अनुसार करना आवश्यक है।

प्र. 96. विष्णुधर्मोत्तर पुराण का तृतीय खंड कितने अध्यायों में विभाजित है?

(A) लगभग 50

(B) लगभग 85

(C) लगभग 118

(D) लगभग 150

✅ सही उत्तर: (C)  |  तृतीय खंड में लगभग 118 अध्याय हैं जिनमें विविध कलाओं का वर्णन है।

प्र. 97. चित्रसूत्र के अनुसार ‘पीत’ (पीला) रंग किसका प्रतीक है?

(A) वीरता

(B) ज्ञान और समृद्धि

(C) करुणा

(D) क्रोध

✅ सही उत्तर: (B)  |  पीत रंग को ज्ञान, समृद्धि और देव-शक्ति का प्रतीक माना गया है।

प्र. 98. विष्णुधर्मोत्तर पुराण में ‘दुर्गा’ की प्रतिमा का कैसा वर्णन है?

(A) द्विभुज

(B) चतुर्भुज

(C) अष्टभुज या दशभुज

(D) षोडशभुज

✅ सही उत्तर: (C)  |  दुर्गा की प्रतिमा आठ अथवा दस भुजाओं वाली बताई गई है।

प्र. 99. चित्रसूत्र में ‘मुद्रा’ शब्द का प्रयोग किस अर्थ में है?

(A) मुद्रा (currency)

(B) शरीर की विशेष स्थिति और भंगिमा

(C) चित्रकार की छाप

(D) रंग का पात्र

✅ सही उत्तर: (B)  |  ‘मुद्रा’ शब्द शरीर की विशेष स्थिति, हस्त-भंगिमा और भावपूर्ण अभिव्यक्ति के लिए प्रयुक्त है।

प्र. 100. विष्णुधर्मोत्तर पुराण में ‘चित्रकार’ के लिए किस शब्द का प्रयोग है?

(A) शिल्पी

(B) आलेखक / चित्रकृत

(C) रंगकार

(D) रूपकार

✅ सही उत्तर: (B)  |  इसमें चित्रकार के लिए ‘आलेखक’ और ‘चित्रकृत’ शब्दों का प्रयोग मिलता है।

प्र. 101. चित्रसूत्र में चित्रकला को किस ‘विद्या’ की श्रेणी में रखा गया है?

(A) शूद्र विद्या

(B) क्षत्रिय विद्या

(C) ब्रह्म विद्या (दिव्य कला)

(D) वणिक विद्या

✅ सही उत्तर: (C)  |  चित्रसूत्र में चित्रकला को ‘ब्रह्म विद्या’ अर्थात दिव्य कला की श्रेणी में रखा गया है।

प्र. 102. विष्णुधर्मोत्तर पुराण में ‘मत्स्य अवतार’ की प्रतिमा का क्या स्वरूप है?

(A) पूर्णतः मछली

(B) मानव शरीर और मछली का मुख

(C) अर्ध मानव-अर्ध मछली

(D) मछली के ऊपर विष्णु

✅ सही उत्तर: (C)  |  मत्स्य अवतार की प्रतिमा में ऊपरी भाग मानव और निचला भाग मछली का होता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

विष्णुधर्मोत्तर पुराण MCQ in Hindi के इन 100 प्रश्नों के माध्यम से आपने भारतीय कला के सबसे महत्त्वपूर्ण ग्रंथ का समग्र परिचय प्राप्त किया।

विष्णुधर्मोत्तर पुराण का ‘चित्रसूत्र’ भारतीय चित्रकला, मूर्तिकला और प्रतिमाशास्त्र के सैद्धांतिक आधारों को समझने का सर्वश्रेष्ठ स्रोत है। चित्रकला के षडंगरूपभेद, प्रमाण, भाव, लावण्ययोजना, सादृश्य और वर्णिका भंगभारतीय कला की विशिष्टता को परिभाषित करते हैं।

UPSC, UGC NET, राज्य सेवा आयोग और कला विश्वविद्यालय परीक्षाओं में विष्णुधर्मोत्तर पुराण से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से आते हैं।

इन MCQ प्रश्नों का नियमित अभ्यास आपको परीक्षा में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने में सहायक होगा। Indian Art History — indianarthistory.com — पर भारतीय कला इतिहास की सम्पूर्ण अध्ययन सामग्री निःशुल्क उपलब्ध है।

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