कांचीपुरम कला MCQ — 100 प्रश्न उत्तर सहित। पल्लव वंश, मंदिर वास्तुकला, रेशमी साड़ी और द्रविड़ कला पर आधारित MCQ। UPSC, SSC, TNPSC परीक्षा हेतु उपयोगी।
कांचीपुरम कला MCQ — इस लेख में कांचीपुरम की मंदिर वास्तुकला, पल्लव वंश, द्रविड़ शैली, रेशमी साड़ी और GI टैग पर आधारित 100 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) उत्तर एवं हिंदी व्याख्या सहित दिए गए हैं। UPSC, SSC और TNPSC परीक्षा की तैयारी के लिए उपयोगी।
कांचीपुरम कला MCQ: Kanchipuram Art — 100 बहुविकल्पीय प्रश्न
परिचय: कांचीपुरम कला MCQ — इंडियन आर्ट हिस्ट्री पर आपका स्वागत है। कांचीपुरम, तमिलनाडु का यह प्राचीन नगर, भारतीय मंदिर वास्तुकला और रेशमी साड़ी कला का सबसे समृद्ध केंद्र रहा है।
यहाँ की द्रविड़ कला शैली ने पल्लव, चोल और विजयनगर शासकों के अधीन अपनी पराकाष्ठा छुई। इस पृष्ठ पर प्रस्तुत कांचीपुरम कला के 100 MCQ प्रश्न UPSC, SSC, TNPSC तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों के लिए उपयोगी हैं।
प्रत्येक प्रश्न का उत्तर और सरल हिंदी व्याख्या दी गई है ताकि कांचीपुरम की कला और संस्कृति को समझना आसान हो। Get All Art History At One Place — indianarthistory.com
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भाग 1: कांचीपुरम — परिचय और इतिहास (प्रश्न 1–25)
कांचीपुरम कला (Kanchipuram Art) भारतीय सांस्कृतिक विरासत का एक अभिन्न अंग है। भारतीय कला इतिहास के अध्ययन में कांचीपुरम का स्थान अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। द्रविड़ स्थापत्य, मंदिर वास्तुकला और रेशमी बुनाई—तीनों क्षेत्रों में कांचीपुरम अग्रणी है।
1. कांचीपुरम किस राज्य में स्थित है?
A) तमिलनाडु
B) केरल
C) कर्नाटक
D) आंध्र प्रदेश
✅ उत्तर: A) तमिलनाडु
📝 व्याख्या: कांचीपुरम तमिलनाडु राज्य में स्थित एक प्राचीन नगर है जो अपनी कला और मंदिरों के लिए विश्वप्रसिद्ध है।
2. कांचीपुरम को किस उपनाम से जाना जाता है?
A) मंदिरों का शहर
B) मूर्तियों का नगर
C) सोने की नगरी
D) कला की राजधानी
✅ उत्तर: A) मंदिरों का शहर
📝 व्याख्या: कांचीपुरम को ‘मंदिरों के शहर’ के नाम से जाना जाता है क्योंकि यहाँ सैकड़ों प्राचीन हिंदू मंदिर स्थित हैं।
3. कांचीपुरम की सबसे प्रसिद्ध कला किस रूप में जानी जाती है?
A) रेशमी साड़ियाँ
B) पत्थर की नक्काशी
C) धातु मूर्तियाँ
D) भित्ति चित्र
✅ उत्तर: A) रेशमी साड़ियाँ
📝 व्याख्या: कांचीपुरम की रेशमी साड़ियाँ विश्व भर में प्रसिद्ध हैं। इनकी बनावट और जरी का काम अद्वितीय है।
4. कांचीपुरम की रेशमी साड़ियों की विशेषता क्या है?
A) जरी का काम और सोने की बुनावट
B) केवल रंगीन बॉर्डर
C) हाथ की कढ़ाई
D) छपाई का काम
✅ उत्तर: A) जरी का काम और सोने की बुनावट
📝 व्याख्या: कांचीपुरम साड़ियाँ शुद्ध रेशम और सोने-चाँदी की जरी से बनाई जाती हैं जो इन्हें विशेष बनाती हैं।
5. पल्लव वंश ने कांचीपुरम में किस प्रकार की कला को बढ़ावा दिया?
A) मंदिर वास्तुकला
B) लोक चित्रकला
C) कांस्य मूर्तिकला
D) काष्ठ कला
✅ उत्तर: A) मंदिर वास्तुकला
📝 व्याख्या: पल्लव वंश ने कांचीपुरम में द्रविड़ शैली की मंदिर वास्तुकला को अत्यंत विकसित किया।
6. कांचीपुरम का कैलासनाथ मंदिर किस वंश ने बनवाया?
A) पल्लव वंश
B) चोल वंश
C) विजयनगर साम्राज्य
D) मौर्य वंश
✅ उत्तर: A) पल्लव वंश
📝 व्याख्या: कैलासनाथ मंदिर पल्लव राजा राजसिम्हा द्वारा 8वीं शताब्दी में बनवाया गया था।
7. कांचीपुरम कला शैली का सम्बन्ध किस वास्तु परंपरा से है?
A) द्रविड़ शैली
B) नागर शैली
C) वेसर शैली
D) बौद्ध शैली
✅ उत्तर: A) द्रविड़ शैली
📝 व्याख्या: कांचीपुरम की कला और वास्तुकला पूर्णतः द्रविड़ शैली पर आधारित है जो दक्षिण भारत की प्रमुख परंपरा है।
8. एकम्बरनाथ मंदिर किसको समर्पित है?
A) भगवान शिव
B) भगवान विष्णु
C) देवी दुर्गा
D) भगवान ब्रह्मा
✅ उत्तर: A) भगवान शिव
📝 व्याख्या: कांचीपुरम का एकम्बरनाथ मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और यह पंचभूत स्थलों में से एक है।
9. कांचीपुरम की साड़ियाँ बुनने में किस धागे का उपयोग होता है?
A) शुद्ध रेशम
B) सूती धागा
C) ऊनी धागा
D) नायलॉन धागा
✅ उत्तर: A) शुद्ध रेशम
📝 व्याख्या: कांचीपुरम साड़ियाँ शुद्ध मलबेरी रेशम से बनाई जाती हैं जो इन्हें चमकदार और टिकाऊ बनाता है।
10. वरदराज पेरुमल मंदिर कहाँ स्थित है?
A) कांचीपुरम
B) मदुरै
C) तंजावुर
D) चेन्नई
✅ उत्तर: A) कांचीपुरम
📝 व्याख्या: वरदराज पेरुमल मंदिर कांचीपुरम में स्थित है और यह वैष्णव संप्रदाय का एक महत्त्वपूर्ण तीर्थस्थल है।
💡 जानकारी: कांचीपुरम कला इतिहास की अधिक जानकारी के लिए indianarthistory.com पर जाएँ और Indian Art History WhatsApp Channel से जुड़ें।

11. कांचीपुरम में चोल वंश के योगदान का मुख्य क्षेत्र क्या था?
A) कांस्य मूर्तिकला
B) रेशम उद्योग
C) चित्रकला
D) मिट्टी के बर्तन
✅ उत्तर: A) कांस्य मूर्तिकला
📝 व्याख्या: चोल वंश ने कांचीपुरम और पूरे दक्षिण भारत में उत्कृष्ट कांस्य मूर्तिकला की परंपरा को विकसित किया।
12. कांचीपुरम का पुराना नाम क्या था?
A) काँचीपुरम / काँची
B) मयिलादुतुरै
C) तोंडैमंडलम
D) उपर्युक्त सभी
✅ उत्तर: A) काँचीपुरम / काँची
📝 व्याख्या: कांचीपुरम का पुराना नाम ‘काँची’ था। इसे ‘काञ्चीपुरम्’ भी कहा जाता है जो संस्कृत शब्द है।
13. कांचीपुरम की कला में ‘गोपुरम‘ का क्या अर्थ है?
A) मंदिर का प्रवेश द्वार मीनार
B) देवता की मूर्ति
C) मंदिर का मुख्य कक्ष
D) पूजा का स्थान
✅ उत्तर: A) मंदिर का प्रवेश द्वार मीनार
📝 व्याख्या: गोपुरम द्रविड़ शैली के मंदिरों का विशाल प्रवेश द्वार मीनार है जो कांचीपुरम कला की पहचान है।
14. कांचीपुरम की साड़ियों पर कौन-से पारंपरिक चित्र बुने जाते हैं?
A) मंदिर, हाथी और पशु-पक्षी
B) केवल फूल
C) ज्यामितीय आकृतियाँ
D) राजनीतिक प्रतीक
✅ उत्तर: A) मंदिर, हाथी और पशु-पक्षी
📝 व्याख्या: कांचीपुरम साड़ियों पर मंदिर, हाथी, मोर आदि पारंपरिक आकृतियाँ बुनी जाती हैं जो भारतीय कला की धरोहर हैं।
15. पल्लवों की राजधानी कहाँ थी?
A) कांचीपुरम
B) मदुरै
C) तंजावुर
D) महाबलीपुरम
✅ उत्तर: A) कांचीपुरम
📝 व्याख्या: पल्लव वंश की राजधानी कांचीपुरम थी जो उनके शासनकाल में कला और संस्कृति का महान केंद्र बनी।
16. कांचीपुरम के मंदिरों में ‘विमान’ क्या होता है?
A) मंदिर का शिखर
B) रथयात्रा का रथ
C) मंदिर का मुख्य हॉल
D) पवित्र तालाब
✅ उत्तर: A) मंदिर का शिखर
📝 व्याख्या: द्रविड़ वास्तुकला में ‘विमान’ मुख्य देवता के ऊपर बने पिरामिडनुमा शिखर को कहते हैं।
17. कांचीपुरम में ‘GI टैग’ किस उत्पाद को मिला है?
A) कांचीपुरम सिल्क साड़ी
B) पत्थर की मूर्तियाँ
C) ताँबे के बर्तन
D) काष्ठ कला
✅ उत्तर: A) कांचीपुरम सिल्क साड़ी
📝 व्याख्या: कांचीपुरम सिल्क साड़ी को भौगोलिक संकेत (GI Tag) प्राप्त है जो इसकी प्रामाणिकता की पहचान है।
18. कांचीपुरम में ‘कामाक्षी अम्मन मंदिर‘ किसको समर्पित है?
A) देवी पार्वती
B) देवी लक्ष्मी
C) देवी सरस्वती
D) देवी काली
✅ उत्तर: A) देवी पार्वती
📝 व्याख्या: कामाक्षी अम्मन मंदिर देवी पार्वती के कामाक्षी रूप को समर्पित है और यह शक्तिपीठों में गिना जाता है।
19. कांचीपुरम कला में ‘प्रभावली’ क्या है?
A) देवता के पीछे का आभामंडल
B) साड़ी का बॉर्डर
C) मंदिर का द्वार
D) नृत्य मुद्रा
✅ उत्तर: A) देवता के पीछे का आभामंडल
📝 व्याख्या: प्रभावली या प्रभा मंडल देवता की मूर्ति के पीछे बनाई जाने वाली आभा है जो दक्षिण भारतीय मूर्तिकला में आम है।
20. कांचीपुरम की बुनाई परंपरा में ‘कूटु’ तकनीक क्या है?
A) ताने और बाने को अलग-अलग बुनकर जोड़ना
B) साड़ी पर छपाई करना
C) धागे को रंगना
D) कढ़ाई करना
✅ उत्तर: A) ताने और बाने को अलग-अलग बुनकर जोड़ना
📝 व्याख्या: कांचीपुरम साड़ियों में ‘कूटु’ तकनीक में बॉर्डर और मुख्य कपड़े को अलग-अलग बुनकर जोड़ा जाता है।
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21. कांचीपुरम में किस नदी के किनारे अनेक मंदिर बने हैं?
A) वेगवती नदी
B) गंगा
C) कावेरी
D) गोदावरी
✅ उत्तर: A) वेगवती नदी
📝 व्याख्या: कांचीपुरम वेगवती नदी के किनारे स्थित है और इसी के किनारे अनेक प्राचीन मंदिर बने हुए हैं।
22. कांचीपुरम की कला में ‘षट्कोण’ का प्रयोग किस लिए होता है?
A) ज्यामितीय सजावट में
B) देवता की पहचान में
C) नक्काशी की माप में
D) तीर्थ यात्रा के चिह्न में
✅ उत्तर: A) ज्यामितीय सजावट में
📝 व्याख्या: दक्षिण भारतीय मंदिर कला में षट्कोण और अन्य ज्यामितीय आकृतियाँ सजावट के रूप में उकेरी जाती हैं।
23. महाबलीपुरम किस वंश की कला का केंद्र है?
A) पल्लव वंश
B) चोल वंश
C) पांड्य वंश
D) राष्ट्रकूट वंश
✅ उत्तर: A) पल्लव वंश
📝 व्याख्या: महाबलीपुरम पल्लव वंश की कला का प्रमुख केंद्र है और इसका सीधा सम्बन्ध कांचीपुरम की कला परंपरा से है।
24. कांचीपुरम साड़ी में ‘पल्लू’ पर किस प्रकार का काम होता है?
A) भारी जरी और बुटी का काम
B) केवल रंगाई
C) छपाई
D) कोई काम नहीं
✅ उत्तर: A) भारी जरी और बुटी का काम
📝 व्याख्या: कांचीपुरम साड़ी का पल्लू भारी जरी और पारंपरिक बुटी के काम से सजाया जाता है जो इसकी पहचान है।
25. कांचीपुरम की मूर्तिकला में ‘सप्तमातृका’ किसे कहते हैं?
A) सात देवियों के समूह को
B) सात पवित्र पत्थरों को
C) सात मंदिरों को
D) सात नृत्य मुद्राओं को
✅ उत्तर: A) सात देवियों के समूह को
📝 व्याख्या: सप्तमातृका सात माताओं/देवियों का समूह है जिनकी मूर्तियाँ दक्षिण भारतीय मंदिरों में पाई जाती हैं।
✦ भाग 2: कांचीपुरम मंदिर कला और वास्तुकला (प्रश्न 26–50) ✦
कांचीपुरम मंदिर कला (Kanchipuram Temple Art) के अंतर्गत पल्लव कालीन गोपुरम, नक्काशी और मूर्तिशिल्प आते हैं। इंडियन आर्ट हिस्ट्री वेबसाइट पर आप दक्षिण भारतीय कला की संपूर्ण जानकारी हिंदी में पा सकते हैं।
26. कांचीपुरम में किस काल में कला का स्वर्णयुग माना जाता है?
A) पल्लव काल
B) मुगल काल
C) ब्रिटिश काल
D) गुप्त काल
✅ उत्तर: A) पल्लव काल
📝 व्याख्या: कांचीपुरम में पल्लव काल (6वीं-9वीं शताब्दी) को कला का स्वर्णयुग माना जाता है।
27. कांचीपुरम की कला में ‘अलिंद’ क्या है?
A) मंदिर का बरामदा
B) नृत्य का प्रकार
C) रेशम की बुनाई
D) देवता की पोशाक
✅ उत्तर: A) मंदिर का बरामदा
📝 व्याख्या: अलिंद दक्षिण भारतीय मंदिरों में मुख्य गर्भगृह के सामने बना बरामदा होता है।
28. कांचीपुरम में ‘वैकुंठ पेरुमल मंदिर‘ किसने बनवाया?
A) नंदिवर्मन द्वितीय
B) महेंद्रवर्मन प्रथम
C) राजसिम्हा
D) नरसिम्हवर्मन
✅ उत्तर: A) नंदिवर्मन द्वितीय
📝 व्याख्या: वैकुंठ पेरुमल मंदिर पल्लव राजा नंदिवर्मन द्वितीय ने 8वीं शताब्दी में बनवाया था।
29. कांचीपुरम में कितने शिव मंदिर हैं?
A) लगभग 108
B) 50
C) 200 से अधिक
D) केवल 20
✅ उत्तर: A) लगभग 108
📝 व्याख्या: कांचीपुरम को ‘शिव मंदिरों का नगर’ भी कहा जाता है जहाँ पारंपरिक रूप से लगभग 108 शिव मंदिर हैं।
30. कांचीपुरम की कला में ‘उत्सव मूर्ति’ का क्या प्रयोजन है?
A) त्योहारों में शोभायात्रा के लिए
B) घर में पूजा के लिए
C) बाजार में बेचने के लिए
D) संग्रहालय के लिए
✅ उत्तर: A) त्योहारों में शोभायात्रा के लिए
📝 व्याख्या: उत्सव मूर्तियाँ हल्की धातु से बनाई जाती हैं जिन्हें त्योहारों पर मंदिर के बाहर शोभायात्रा में ले जाया जाता है।
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31. कांचीपुरम में ‘चित्रगुप्त मंदिर’ किसे समर्पित है?
A) सूर्य देव
B) चित्रगुप्त
C) विष्णु
D) इंद्र
✅ उत्तर: A) सूर्य देव
📝 व्याख्या: कांचीपुरम का चित्रगुप्त मंदिर वास्तव में सूर्य देव को समर्पित है और यह पल्लव कालीन है।
32. कांचीपुरम साड़ी की बुनाई में मुख्यतः कौन-सा समुदाय लगा है?
A) देवांग और पट्टुनूलकारन
B) वेल्लाल
C) नायर
D) ब्राह्मण
✅ उत्तर: A) देवांग और पट्टुनूलकारन
📝 व्याख्या: कांचीपुरम साड़ी की बुनाई परंपरागत रूप से देवांग और पट्टुनूलकारन जाति के बुनकरों द्वारा की जाती है।
33. पल्लव राजा महेंद्रवर्मन प्रथम किस कला के समर्थक थे?
A) गुफा मंदिर कला
B) चित्रकला
C) संगीत और नृत्य
D) उपर्युक्त सभी
✅ उत्तर: D) उपर्युक्त सभी
📝 व्याख्या: महेंद्रवर्मन प्रथम स्वयं एक कलाकार थे और उन्होंने गुफा मंदिरों, चित्रकला, संगीत सभी में योगदान दिया।
34. कांचीपुरम में किस प्रकार के पत्थर का उपयोग मंदिर निर्माण में हुआ?
A) ग्रेनाइट
B) मार्बल
C) बलुआ पत्थर
D) चूना पत्थर
✅ उत्तर: A) ग्रेनाइट
📝 व्याख्या: कांचीपुरम के मंदिरों में मुख्यतः ग्रेनाइट पत्थर का उपयोग हुआ है जो इनकी मजबूती और टिकाऊपन का कारण है।
35. कांचीपुरम का ‘इरावतेश्वर मंदिर‘ (Iravatesvara) क्यों प्रसिद्ध है?
A) हाथी ऐरावत ने यहाँ पूजा की थी
B) इसकी ऊँचाई सबसे अधिक है
C) यह मंदिर सोने से बना है
D) यह सबसे पुराना मंदिर है
✅ उत्तर: A) हाथी ऐरावत ने यहाँ पूजा की थी
📝 व्याख्या: पुराणों के अनुसार इंद्र के हाथी ऐरावत ने इस मंदिर में पूजा की थी, इसलिए इसका नाम इरावतेश्वर पड़ा।
36. कांचीपुरम में ‘कुदल अलागर मंदिर‘ किसे समर्पित है?
A) भगवान विष्णु
B) भगवान शिव
C) देवी दुर्गा
D) भगवान मुरुगन
✅ उत्तर: A) भगवान विष्णु
📝 व्याख्या: कुदल अलागर मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है और यह विष्णुकांची का प्रमुख मंदिर है।
37. दक्षिण भारत में ‘तंजावुर पेंटिंग’ का कांचीपुरम से क्या संबंध है?
A) दोनों द्रविड़ कला की शाखाएँ हैं
B) दोनों एक ही हैं
C) कोई संबंध नहीं
D) तंजावुर शैली कांचीपुरम में शुरू हुई
✅ उत्तर: A) दोनों द्रविड़ कला की शाखाएँ हैं
📝 व्याख्या: तंजावुर पेंटिंग और कांचीपुरम कला दोनों द्रविड़ कला परंपरा की अलग-अलग शाखाएँ हैं।
38. कांचीपुरम की बुनाई में ‘कोरवाई’ तकनीक का अर्थ क्या है?
A) बॉर्डर को साड़ी से जोड़ने की विधि
B) रंगाई की विधि
C) धागे की कताई
D) कढ़ाई की विधि
✅ उत्तर: A) बॉर्डर को साड़ी से जोड़ने की विधि
📝 व्याख्या: कोरवाई एक पारंपरिक तकनीक है जिसमें साड़ी के बॉर्डर और मुख्य कपड़े को एक साथ बुना जाता है।
39. कांचीपुरम के मंदिरों में ‘अर्धमण्डप’ का क्या कार्य है?
A) मुख्य मंडप से पहले का कक्ष
B) पूजा का मुख्य स्थान
C) प्रसाद वितरण स्थान
D) नृत्य हॉल
✅ उत्तर: A) मुख्य मंडप से पहले का कक्ष
📝 व्याख्या: अर्धमण्डप मंदिर का वह कक्ष है जो मुख्य गर्भगृह से पहले आता है और भक्तों के लिए एंट्री का काम करता है।
40. कांचीपुरम को ‘सर्व तीर्थ क्षेत्र’ क्यों कहा जाता है?
A) यहाँ शैव और वैष्णव दोनों क्षेत्र हैं
B) यहाँ केवल शैव मंदिर हैं
C) यहाँ बौद्ध मठ हैं
D) यह केवल जैन तीर्थ है
✅ उत्तर: A) यहाँ शैव और वैष्णव दोनों क्षेत्र हैं
📝 व्याख्या: कांचीपुरम में शिवकांची (शैव) और विष्णुकांची (वैष्णव) दोनों क्षेत्र हैं इसलिए इसे सर्व तीर्थ क्षेत्र कहते हैं।
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41. पल्लव कालीन ‘शोर मंदिर‘ कहाँ है?
A) महाबलीपुरम
B) कांचीपुरम
C) चेन्नई
D) तंजावुर
✅ उत्तर: A) महाबलीपुरम
📝 व्याख्या: शोर मंदिर महाबलीपुरम में स्थित है और यह कांचीपुरम से जुड़ी पल्लव कला का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
42. कांचीपुरम साड़ी को आधिकारिक GI टैग कब मिला?
A) 2005-06
B) 2010
C) 2000
D) 2015
✅ उत्तर: A) 2005-06
📝 व्याख्या: कांचीपुरम सिल्क को भारत में GI टैग के पहले बैच में 2005-06 में शामिल किया गया था।
43. कांचीपुरम के मंदिरों की नक्काशी में किस शैली की प्रधानता है?
A) द्रविड़ शैली
B) गांधार शैली
C) मथुरा शैली
D) अमरावती शैली
✅ उत्तर: A) द्रविड़ शैली
📝 व्याख्या: कांचीपुरम मंदिरों की नक्काशी में द्रविड़ शैली का पूर्ण वर्चस्व है।
44. कांचीपुरम की कला को UNESCO ने किस सूची में रखा है?
A) यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में नामांकित
B) अभी तक कोई मान्यता नहीं
C) राष्ट्रीय विरासत
D) एशियाई विरासत
✅ उत्तर: A) यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में नामांकित
📝 व्याख्या: कांचीपुरम के कुछ स्मारक यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल सूची में नामांकन के लिए प्रस्तावित हैं।
45. कांचीपुरम में ‘अष्टभुज विष्णु’ की मूर्ति किस मंदिर में है?
A) वैकुंठ पेरुमल मंदिर
B) एकम्बरनाथ मंदिर
C) कामाक्षी मंदिर
D) चित्रगुप्त मंदिर
✅ उत्तर: A) वैकुंठ पेरुमल मंदिर
📝 व्याख्या: वैकुंठ पेरुमल मंदिर में विष्णु की चतुर्भुज और अष्टभुज अनेक मूर्तियाँ स्थित हैं।
46. कांचीपुरम में ‘पंचरथ’ शैली किसने विकसित की?
A) पल्लव राजाओं ने
B) चोल राजाओं ने
C) विजयनगर राजाओं ने
D) मौर्य राजाओं ने
✅ उत्तर: A) पल्लव राजाओं ने
📝 व्याख्या: पल्लव राजाओं ने महाबलीपुरम में पंचरथ (पाँच रथ) शैली विकसित की जो कांचीपुरम-महाबलीपुरम कला क्षेत्र की देन है।
47. कांचीपुरम की कला में ‘त्रिभंग’ मुद्रा का क्या अर्थ है?
A) तीन स्थानों पर झुका हुआ शरीर
B) तीन हाथों वाली मूर्ति
C) तीन सिर वाली प्रतिमा
D) तीन पैरों वाली मूर्ति
✅ उत्तर: A) तीन स्थानों पर झुका हुआ शरीर
📝 व्याख्या: त्रिभंग मुद्रा में शरीर गर्दन, कमर और घुटने पर तीन जगह मुड़ा होता है जो एक सुंदर S आकार बनाता है।
48. कांचीपुरम में भरतनाट्यम से संबंधित मूर्तियाँ कहाँ मिलती हैं?
A) मंदिरों की दीवारों पर
B) संग्रहालयों में केवल
C) बाजारों में
D) गुफाओं में
✅ उत्तर: A) मंदिरों की दीवारों पर
📝 व्याख्या: कांचीपुरम के मंदिरों की दीवारों पर भरतनाट्यम की विविध मुद्राएँ उकेरी गई हैं जो नृत्य कला का इतिहास दर्शाती हैं।
49. कांचीपुरम की कला में ‘दशावतार’ किसे कहते हैं?
A) विष्णु के दस अवतार
B) दस मंदिरों के समूह को
C) दस देवियों को
D) दस प्रकार की साड़ियों को
✅ उत्तर: A) विष्णु के दस अवतार
📝 व्याख्या: दशावतार भगवान विष्णु के दस प्रमुख अवतार हैं जिनकी मूर्तियाँ कांचीपुरम के वैष्णव मंदिरों में उकेरी गई हैं।
50. कांचीपुरम में ‘सहस्रलिंग’ क्या है?
A) हजारों शिवलिंगों का समूह
B) एक विशाल शिवलिंग
C) सोने का शिवलिंग
D) पानी में डूबा शिवलिंग
✅ उत्तर: A) हजारों शिवलिंगों का समूह
📝 व्याख्या: सहस्रलिंग का शाब्दिक अर्थ हजार शिवलिंग है। कुछ मंदिरों में छोटे-छोटे अनेक शिवलिंग एक ही शिला पर उकेरे गए हैं।
✦ भाग 3: कांचीपुरम रेशमी साड़ी और बुनाई कला (प्रश्न 51–75) ✦
कांचीपुरम सिल्क साड़ी (Kanchipuram Silk Saree) GI टैग प्राप्त एक प्रामाणिक भारतीय उत्पाद है। PS Artworks जैसी संस्थाएँ इस पारंपरिक कला को संरक्षित और प्रचारित कर रही हैं। कांचीपुरम की बुनाई कला न केवल आर्थिक दृष्टि से बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी अमूल्य है।
51. कांचीपुरम की रेशमी साड़ियों में कितने प्रकार की बुनाई होती है?
A) तीन मुख्य प्रकार
B) केवल एक
C) दस से अधिक
D) पाँच
✅ उत्तर: A) तीन मुख्य प्रकार
📝 व्याख्या: कांचीपुरम साड़ियों में मुख्यतः तीन प्रकार की बुनाई होती है: मुनिया बॉर्डर, कोरवाई और कड्डी।
52. कांचीपुरम में ‘श्रीकाल हस्ती’ जैसी कला शैली का सम्बन्ध किससे है?
A) शिव की पूजा परंपरा
B) बौद्ध कला
C) जैन कला
D) वैष्णव कला
✅ उत्तर: A) शिव की पूजा परंपरा
📝 व्याख्या: श्रीकाल हस्ती और कांचीपुरम दोनों ही शैव परंपरा के महत्त्वपूर्ण केंद्र हैं और इनकी कला शिव आराधना से जुड़ी है।
53. कांचीपुरम की कला में ‘नटराज’ की मूर्ति किस धातु से बनाई जाती है?
A) कांसा (Bronze)
B) सोना
C) चाँदी
D) ताँबा
✅ उत्तर: A) कांसा (Bronze)
📝 व्याख्या: नटराज और अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियाँ पंचलोह (पाँच धातुओं के मिश्रण) से बनाई जाती हैं जिसमें कांसा मुख्य है।
54. कांचीपुरम में ‘अच्चपम’ क्या है?
A) पारंपरिक मिठाई/नाश्ता
B) कला का एक प्रकार
C) मंदिर का हिस्सा
D) नृत्य शैली
✅ उत्तर: A) पारंपरिक मिठाई/नाश्ता
📝 व्याख्या: अच्चपम कांचीपुरम का एक प्रसिद्ध पारंपरिक तला हुआ नाश्ता है जो यहाँ की खाद्य संस्कृति का हिस्सा है।
55. कांचीपुरम कला में ‘कल्याण मण्डप’ का प्रयोजन क्या है?
A) देवताओं के विवाह उत्सव हेतु
B) राजाओं के दरबार हेतु
C) बाजार हेतु
D) शिक्षा हेतु
✅ उत्तर: A) देवताओं के विवाह उत्सव हेतु
📝 व्याख्या: कल्याण मण्डप वह हॉल है जहाँ मंदिर के उत्सवों में देवताओं के विवाह (कल्याणोत्सव) का आयोजन होता है।
56. कांचीपुरम की चित्रकला में किस रंग का अधिक उपयोग होता है?
A) लाल, पीला और हरा
B) केवल काला-सफेद
C) नीला और बैंगनी
D) केवल सोने का रंग
✅ उत्तर: A) लाल, पीला और हरा
📝 व्याख्या: दक्षिण भारतीय पारंपरिक चित्रकला में लाल, पीला, हरा और सोने के रंगों का प्रमुख रूप से उपयोग होता है।
57. कांचीपुरम में ‘थिरुपरुतिकुन्रम‘ (Thiruparuthikunram) क्या है?
A) एक जैन मंदिर
B) बौद्ध स्तूप
C) हिंदू मंदिर
D) मस्जिद
✅ उत्तर: A) एक जैन मंदिर
📝 व्याख्या: थिरुपरुतिकुन्रम कांचीपुरम में स्थित एक प्राचीन जैन मंदिर है जो यहाँ की धार्मिक विविधता को दर्शाता है।
58. कांचीपुरम की बुनाई में ‘मुनिया’ बॉर्डर किस चिह्न से बनती है?
A) तोते की आकृति
B) फूल की आकृति
C) सितारे की आकृति
D) हाथी की आकृति
✅ उत्तर: A) तोते की आकृति
📝 व्याख्या: मुनिया बॉर्डर में तोते (मुनिया पक्षी) की आकृति बुनी जाती है जो कांचीपुरम साड़ी की एक विशेष पहचान है।
59. पल्लव राजा नरसिम्हवर्मन प्रथम का उपाधि नाम क्या था?
A) महामल्ल
B) राजसिम्हा
C) अपराजित
D) महेंद्र
✅ उत्तर: A) महामल्ल
📝 व्याख्या: नरसिम्हवर्मन प्रथम को ‘महामल्ल’ की उपाधि दी गई थी और महाबलीपुरम का नाम उन्हीं के नाम पर है।
60. कांचीपुरम में ‘उच्छी पिल्लैयार’ मंदिर किस पहाड़ी पर है?
A) एकाम्बरनाथ पहाड़ी पर
B) एकम्ब पहाड़ी पर
C) कांची पहाड़ी पर
D) गणेश पहाड़ी पर
✅ उत्तर: A) एकाम्बरनाथ पहाड़ी पर
📝 व्याख्या: उच्छी पिल्लैयार (गणेश) मंदिर कांचीपुरम में एक पहाड़ी की चोटी पर स्थित है और यहाँ से शहर का सुंदर दृश्य दिखता है।
💡 जानकारी: कांचीपुरम कला इतिहास की अधिक जानकारी के लिए indianarthistory.com पर जाएँ और Indian Art History WhatsApp Channel से जुड़ें। PS Artworks पर कला सामग्री उपलब्ध है।
61. कांचीपुरम की मूर्तिकला में ‘सिंहमुख’ का क्या अर्थ है?
A) शेर के मुख वाली नक्काशी
B) राजा की मूर्ति
C) देवी की प्रतिमा
D) नाग की आकृति
✅ उत्तर: A) शेर के मुख वाली नक्काशी
📝 व्याख्या: सिंहमुख (कीर्तिमुख) शेर या राक्षस के मुख की आकृति है जो मंदिरों के प्रवेश द्वार पर अंकित की जाती है।
62. कांचीपुरम में ‘पेरियपेरुमाल मंदिर’ किसे समर्पित है?
A) भगवान विष्णु
B) भगवान शिव
C) भगवान मुरुगन
D) भगवान गणेश
✅ उत्तर: A) भगवान विष्णु
📝 व्याख्या: पेरियपेरुमाल मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है जो कांचीपुरम के वैष्णव मंदिरों में से एक है।
63. कांचीपुरम की कला में ‘पुष्करिणी’ क्या है?
A) मंदिर का पवित्र तालाब
B) फूलों की माला
C) नृत्य का प्रकार
D) मंदिर का प्रवेश द्वार
✅ उत्तर: A) मंदिर का पवित्र तालाब
📝 व्याख्या: पुष्करिणी मंदिर परिसर में बना पवित्र तालाब है जिसमें भक्त स्नान करते हैं और जो मंदिर स्थापत्य का अंग है।
64. कांचीपुरम में आदि शंकराचार्य से संबंधित कौन-सा स्थान है?
A) कामकोटि पीठ
B) शारदा पीठ
C) ज्योतिर्मठ
D) द्वारका पीठ
✅ उत्तर: A) कामकोटि पीठ
📝 व्याख्या: कांचीपुरम में आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित कामकोटि पीठ स्थित है जो अद्वैत वेदांत का प्रमुख केंद्र है।
65. कांचीपुरम की साड़ियों में ‘रुद्राक्षम’ डिज़ाइन किसे दर्शाता है?
A) रुद्राक्ष की माला जैसी आकृति
B) शिव की आँख
C) पानी की लहरें
D) सूर्य किरण
✅ उत्तर: A) रुद्राक्ष की माला जैसी आकृति
📝 व्याख्या: रुद्राक्षम कांचीपुरम साड़ियों में एक पारंपरिक डिज़ाइन है जो रुद्राक्ष के दाने जैसी गोल-गोल आकृतियों से बना होता है।
66. कांचीपुरम के किस मंदिर में आम का पेड़ 3500 वर्ष पुराना माना जाता है?
A) एकम्बरनाथ मंदिर
B) कामाक्षी मंदिर
C) वरदराज मंदिर
D) चित्रगुप्त मंदिर
✅ उत्तर: A) एकम्बरनाथ मंदिर
📝 व्याख्या: एकम्बरनाथ मंदिर में एक पवित्र आम का वृक्ष है जिसे स्थानीय मान्यताओं के अनुसार साढ़े तीन हजार वर्ष पुराना कहा जाता है।
67. कांचीपुरम का ‘विष्णुकांची’ क्षेत्र कहाँ है?
A) शहर के पूर्वी भाग में
B) शहर के पश्चिमी भाग में
C) शहर के मध्य में
D) शहर से बाहर
✅ उत्तर: A) शहर के पूर्वी भाग में
📝 व्याख्या: विष्णुकांची कांचीपुरम के एक हिस्से को कहते हैं जहाँ वैष्णव मंदिरों की अधिकता है।
68. कांचीपुरम में किस धर्म का प्रभाव 8वीं-9वीं शताब्दी में रहा?
A) शैव और वैष्णव दोनों
B) केवल जैन
C) केवल बौद्ध
D) इस्लाम
✅ उत्तर: A) शैव और वैष्णव दोनों
📝 व्याख्या: 8वीं-9वीं शताब्दी में कांचीपुरम में शैव और वैष्णव दोनों धर्मों का गहरा प्रभाव था।
69. कांचीपुरम की साड़ी पर ‘चेक डिज़ाइन’ का क्या नाम है?
A) कट्टम
B) पैसली
C) बुटा
D) लहरिया
✅ उत्तर: A) कट्टम
📝 व्याख्या: कांचीपुरम साड़ी में चेक या वर्गाकार डिज़ाइन को ‘कट्टम’ कहा जाता है जो एक क्लासिक पैटर्न है।
70. कांचीपुरम के मंदिर चित्रों में किस पौराणिक कथा का चित्रण है?
A) रामायण और महाभारत
B) केवल रामायण
C) केवल बौद्ध कथाएँ
D) केवल जैन कथाएँ
✅ उत्तर: A) रामायण और महाभारत
📝 व्याख्या: कांचीपुरम के मंदिरों की दीवारों पर रामायण, महाभारत और पुराणों के दृश्य उकेरे गए हैं।
💡 जानकारी: कांचीपुरम कला इतिहास की अधिक जानकारी के लिए indianarthistory.com पर जाएँ और Indian Art History WhatsApp Channel से जुड़ें। PS Artworks पर कला सामग्री उपलब्ध है।
71. कांचीपुरम में ‘शिवगंगा’ तालाब का क्या महत्त्व है?
A) एकम्बरनाथ मंदिर का पवित्र तालाब
B) विष्णु का तालाब
C) जैन मंदिर का तालाब
D) शाही स्नानागार
✅ उत्तर: A) एकम्बरनाथ मंदिर का पवित्र तालाब
📝 व्याख्या: शिवगंगा तालाब एकम्बरनाथ मंदिर का पवित्र जलाशय है जिसमें स्नान को पुण्यदायक माना जाता है।
72. कांचीपुरम की कला परंपरा में ‘पट्टदकल’ से क्या सम्बन्ध है?
A) दोनों द्रविड़ स्थापत्य के केंद्र हैं
B) दोनों एक ही स्थान पर हैं
C) कोई सम्बन्ध नहीं
D) पट्टदकल कांचीपुरम का उपनगर है
✅ उत्तर: A) दोनों द्रविड़ स्थापत्य के केंद्र हैं
📝 व्याख्या: पट्टदकल (कर्नाटक) और कांचीपुरम दोनों ही द्रविड़ स्थापत्य के महत्त्वपूर्ण केंद्र हैं।
73. कांचीपुरम साड़ी की ‘जरी’ किस धातु से बनी होती है?
A) सोने और चाँदी के तार
B) ताँबे के तार
C) एल्युमीनियम
D) नायलॉन
✅ उत्तर: A) सोने और चाँदी के तार
📝 व्याख्या: असली कांचीपुरम साड़ी की जरी शुद्ध सोने और चाँदी के तारों से बनाई जाती है जो इसे महंगी और मूल्यवान बनाती है।
74. कांचीपुरम के मंदिरों में ‘नवग्रह’ की मूर्तियाँ किस प्रकार बनाई जाती हैं?
A) नौ ग्रहों को मानव रूप में
B) नौ पशुओं के रूप में
C) नौ फूलों के रूप में
D) केवल सूर्य और चंद्र के रूप में
✅ उत्तर: A) नौ ग्रहों को मानव रूप में
📝 व्याख्या: दक्षिण भारतीय मंदिरों में नवग्रह (नौ ग्रह) मानव रूप में एक साथ एक पंक्ति में बनाए जाते हैं।
75. कांचीपुरम में ‘ब्रह्मा’ का मंदिर कहाँ है?
A) कांचीपुरम में एक प्राचीन ब्रह्मा मंदिर है
B) कांचीपुरम में कोई ब्रह्मा मंदिर नहीं
C) ब्रह्मा केवल पुष्कर में पूजे जाते हैं
D) उत्तर भारत में
✅ उत्तर: A) कांचीपुरम में एक प्राचीन ब्रह्मा मंदिर है
📝 व्याख्या: कांचीपुरम में एक प्राचीन ब्रह्मा मंदिर है जो इस क्षेत्र की धार्मिक विविधता को प्रकट करता है।
✦ भाग 4: कांचीपुरम — विविध कला प्रश्न (प्रश्न 76–100) ✦
कांचीपुरम MCQ (Kanchipuram MCQ) तैयार करने का उद्देश्य UPSC, SSC, TNPSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों को कला इतिहास MCQ के माध्यम से सरल और प्रभावी तरीके से जानकारी देना है।
76. कांचीपुरम की बुनाई में शुद्धता की जाँच कैसे होती है?
A) जलाने पर केश जैसी गंध आती है
B) रंग नहीं छूटता
C) पानी में नहीं डूबती
D) वजन से
✅ उत्तर: A) जलाने पर केश जैसी गंध आती है
📝 व्याख्या: शुद्ध रेशम को जलाने पर बालों जैसी गंध आती है और राख मुलायम होती है, यही कांचीपुरम सिल्क की असली पहचान है।
77. कांचीपुरम कला का अध्ययन किस संग्रहालय में किया जा सकता है?
A) कांचीपुरम कुप्पुसामी मंदिर संग्रहालय
B) राष्ट्रीय संग्रहालय दिल्ली
C) मद्रास संग्रहालय
D) उपर्युक्त सभी
✅ उत्तर: D) उपर्युक्त सभी
📝 व्याख्या: कांचीपुरम कला मद्रास संग्रहालय, राष्ट्रीय संग्रहालय दिल्ली और स्थानीय संग्रहालयों में देखी जा सकती है।
78. कांचीपुरम में ‘श्रावण’ माह में कौन-सा विशेष उत्सव होता है?
A) आदि पेरुक्कू
B) दीवाली
C) पोंगल
D) नवरात्र
✅ उत्तर: A) आदि पेरुक्कू
📝 व्याख्या: आदि पेरुक्कू तमिल कैलेंडर के आदि (श्रावण) माह में मनाया जाता है जो जल और प्रकृति की पूजा का उत्सव है।
79. कांचीपुरम के मंदिरों में ‘शिलालेख’ किस भाषा में हैं?
A) तमिल और संस्कृत दोनों
B) केवल संस्कृत
C) केवल तमिल
D) तेलुगु
✅ उत्तर: A) तमिल और संस्कृत दोनों
📝 व्याख्या: कांचीपुरम के मंदिरों में तमिल और संस्कृत दोनों भाषाओं में शिलालेख मिलते हैं जो इस स्थान की सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाते हैं।
80. कांचीपुरम की कला में ‘सुकनासिका’ क्या है?
A) विमान (शिखर) के सामने का उभरा भाग
B) मंदिर का द्वार
C) देवता की नाक की आकृति
D) झरोखा
✅ उत्तर: A) विमान (शिखर) के सामने का उभरा भाग
📝 व्याख्या: सुकनासिका द्रविड़ मंदिरों में विमान से आगे निकला हुआ वह भाग है जो अर्धमंडप के ऊपर होता है।
💡 जानकारी: कांचीपुरम कला इतिहास की अधिक जानकारी के लिए indianarthistory.com पर जाएँ और Indian Art History WhatsApp Channel से जुड़ें। PS Artworks पर कला सामग्री उपलब्ध है।
81. कांचीपुरम में ‘अनंत पद्मनाभ’ मंदिर कहाँ है?
A) कांचीपुरम में
B) केरल में
C) मदुरै में
D) चेन्नई में
✅ उत्तर: A) कांचीपुरम में
📝 व्याख्या: कांचीपुरम में अनंत पद्मनाभ मंदिर स्थित है जो भगवान विष्णु के शेषशायी रूप को समर्पित है।
82. कांचीपुरम की साड़ी उद्योग में ‘हैंडलूम’ और ‘पावरलूम’ में क्या अंतर है?
A) हैंडलूम हाथ से और पावरलूम मशीन से बनती है
B) दोनों एक समान हैं
C) पावरलूम अधिक महंगी है
D) हैंडलूम मशीन से बनती है
✅ उत्तर: A) हैंडलूम हाथ से और पावरलूम मशीन से बनती है
📝 व्याख्या: असली कांचीपुरम साड़ी हैंडलूम (हाथ करघे) पर बनती है जो GI टैग के लिए अनिवार्य शर्त है।
83. कांचीपुरम के मंदिरों में ‘थेर’ (Ther) क्या है?
A) रथोत्सव का विशाल लकड़ी का रथ
B) मंदिर का प्रवेश द्वार
C) पवित्र जल
D) प्रसाद का प्रकार
✅ उत्तर: A) रथोत्सव का विशाल लकड़ी का रथ
📝 व्याख्या: थेर विशाल लकड़ी का रथ है जिसे त्योहारों पर खींचा जाता है। कांचीपुरम में रथोत्सव एक प्रमुख आयोजन है।
84. कांचीपुरम में ‘पंचभूत’ में से कौन-सा तत्त्व एकम्बरनाथ से जुड़ा है?
A) पृथ्वी (Earth)
B) जल (Water)
C) अग्नि (Fire)
D) वायु (Air)
✅ उत्तर: A) पृथ्वी (Earth)
📝 व्याख्या: एकम्बरनाथ मंदिर में शिव का पृथ्वीलिंग है और यह पंचभूत स्थलों में पृथ्वी तत्त्व का प्रतिनिधित्व करता है।
85. कांचीपुरम की कला में ‘अलगट्टू’ क्या है?
A) साड़ी बुनाई की एक पारंपरिक प्रक्रिया
B) नृत्य का नाम
C) मंदिर का एक भाग
D) पूजा सामग्री
✅ उत्तर: A) साड़ी बुनाई की एक पारंपरिक प्रक्रिया
📝 व्याख्या: अलगट्टू बुनाई से पहले धागे को व्यवस्थित करने की पारंपरिक प्रक्रिया है जो कांचीपुरम बुनकर परंपरा का हिस्सा है।
86. कांचीपुरम की मंदिर कला में ‘दीपलक्ष्मी’ का क्या अर्थ है?
A) दीपक के आकार में बनी लक्ष्मी मूर्ति
B) दीपक की पूजा
C) लक्ष्मी का एक अवतार
D) दीपमाला उत्सव
✅ उत्तर: A) दीपक के आकार में बनी लक्ष्मी मूर्ति
📝 व्याख्या: दीपलक्ष्मी एक छोटी देवी मूर्ति है जो दीपाधार के रूप में बनाई जाती है और दक्षिण भारतीय मंदिरों में आम है।
87. कांचीपुरम के किस मंदिर में 100 वर्ष में एक बार पानी भरता है?
A) वरदराज पेरुमल मंदिर
B) एकम्बरनाथ मंदिर
C) कामाक्षी मंदिर
D) चित्रगुप्त मंदिर
✅ उत्तर: A) वरदराज पेरुमल मंदिर
📝 व्याख्या: वरदराज पेरुमल मंदिर में एक तालाब है जिसमें कहा जाता है कि 40 वर्षों में एक बार विशेष अनुष्ठान होता है।
88. कांचीपुरम साड़ी में किस रंग संयोजन को ‘कण्ट्रास्ट’ कहा जाता है?
A) बॉर्डर और मुख्य कपड़े का अलग रंग
B) पल्लू का रंग
C) जरी का रंग
D) धागे का रंग
✅ उत्तर: A) बॉर्डर और मुख्य कपड़े का अलग रंग
📝 व्याख्या: कांचीपुरम साड़ी में बॉर्डर और मुख्य कपड़े को जानबूझ कर विपरीत रंगों में बनाया जाता है जिसे कण्ट्रास्ट कहते हैं।
89. कांचीपुरम में ‘श्री शंकर मठ’ किससे संबंधित है?
A) आदि शंकराचार्य से
B) रामानुजाचार्य से
C) माधवाचार्य से
D) वल्लभाचार्य से
✅ उत्तर: A) आदि शंकराचार्य से
📝 व्याख्या: कांचीपुरम का श्री शंकर मठ आदि शंकराचार्य की परंपरा से जुड़ा है और अद्वैत वेदांत का प्रचार करता है।
90. कांचीपुरम की कला में ‘उडुम्बु’ आकृति क्या है?
A) छिपकली की आकृति
B) बाघ की आकृति
C) मोर की आकृति
D) हाथी की आकृति
✅ उत्तर: A) छिपकली की आकृति
📝 व्याख्या: उडुम्बु (गिरगिट/छिपकली) की आकृति कुछ दक्षिण भारतीय मंदिरों की छत पर बनाई जाती है जिसे छूने से पुण्य माना जाता है।
💡 जानकारी: कांचीपुरम कला इतिहास की अधिक जानकारी के लिए indianarthistory.com पर जाएँ और Indian Art History WhatsApp Channel से जुड़ें। PS Artworks पर कला सामग्री उपलब्ध है।
91. कांचीपुरम के पल्लव मंदिरों में ‘कीर्तिमुख’ की आकृति कहाँ होती है?
A) मुख्य द्वार के ऊपर
B) गर्भगृह में
C) फर्श पर
D) तालाब के किनारे
✅ उत्तर: A) मुख्य द्वार के ऊपर
📝 व्याख्या: कीर्तिमुख (राक्षसी मुख) की आकृति मंदिर के प्रवेश द्वार के ऊपर बनाई जाती है जो बुरी शक्तियों को दूर रखती है।
92. कांचीपुरम की सिल्क इंडस्ट्री कितने परिवारों को रोजगार देती है?
A) हजारों परिवारों को
B) केवल 50 परिवारों को
C) एक लाख से अधिक को
D) केवल सरकारी कर्मचारियों को
✅ उत्तर: A) हजारों परिवारों को
📝 व्याख्या: कांचीपुरम की सिल्क बुनाई उद्योग हजारों बुनकर परिवारों की आजीविका का मुख्य साधन है।
93. कांचीपुरम की कला में ‘यक्ष-यक्षिणी’ कौन होते हैं?
A) मंदिर रक्षक अर्ध देवता
B) मुख्य देवता
C) बुरे दानव
D) पुजारी वर्ग
✅ उत्तर: A) मंदिर रक्षक अर्ध देवता
📝 व्याख्या: यक्ष और यक्षिणी अर्धदेवता हैं जिनकी आकृतियाँ मंदिर की रक्षा करने वाले द्वारपाल के रूप में उकेरी जाती हैं।
94. कांचीपुरम में ‘देवी कामाक्षी’ की मूर्ति किस मुद्रा में है?
A) पद्मासन (कमल मुद्रा)
B) नृत्य मुद्रा
C) खड़ी हुई मुद्रा
D) शयन मुद्रा
✅ उत्तर: A) पद्मासन (कमल मुद्रा)
📝 व्याख्या: कामाक्षी अम्मन मंदिर में देवी की मूर्ति पद्मासन मुद्रा में बैठी है जो शक्ति पीठ की विशेषता है।
95. कांचीपुरम की परंपरागत कला को अगली पीढ़ी को कैसे सिखाया जाता है?
A) गुरु-शिष्य परंपरा से
B) स्कूल में
C) ऑनलाइन माध्यम से
D) विदेश में
✅ उत्तर: A) गुरु-शिष्य परंपरा से
📝 व्याख्या: कांचीपुरम की बुनाई और मंदिर कला की परंपरा गुरु-शिष्य परंपरा के माध्यम से पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ती आई है।
96. कांचीपुरम के मंदिरों में ‘षोडशोपचार पूजा’ क्या है?
A) सोलह सेवाओं से की जाने वाली पूजा
B) दस पुजारियों द्वारा पूजा
C) छह घंटे की पूजा
D) सोलह देवों की पूजा
✅ उत्तर: A) सोलह सेवाओं से की जाने वाली पूजा
📝 व्याख्या: षोडशोपचार पूजा में सोलह प्रकार की सेवाएँ (आह्वान, स्नान, वस्त्र, भोग आदि) देवता को अर्पित की जाती हैं।
97. कांचीपुरम की कला और संस्कृति को ऑनलाइन कहाँ पढ़ा जा सकता है?
A) indianarthistory.com पर
B) केवल पुस्तकों में
C) केवल विश्वविद्यालयों में
D) सरकारी वेबसाइट पर
✅ उत्तर: A) indianarthistory.com पर
📝 व्याख्या: कांचीपुरम कला सहित संपूर्ण भारतीय कला इतिहास की जानकारी indianarthistory.com पर हिंदी में उपलब्ध है।
98. कांचीपुरम की कला को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर कौन प्रचारित करता है?
A) भारत सरकार और कला संस्थाएँ
B) केवल निजी व्यापारी
C) कोई नहीं
D) केवल स्थानीय लोग
✅ उत्तर: A) भारत सरकार और कला संस्थाएँ
📝 व्याख्या: भारत सरकार के हस्तशिल्प और हस्तकरघा बोर्ड तथा विभिन्न कला संस्थाएँ कांचीपुरम कला को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर प्रचारित करती हैं।
99. कांचीपुरम में सबसे ऊँचा गोपुरम किस मंदिर का है?
A) एकम्बरनाथ मंदिर
B) कामाक्षी मंदिर
C) वरदराज मंदिर
D) वैकुंठ पेरुमल मंदिर
✅ उत्तर: A) एकम्बरनाथ मंदिर
📝 व्याख्या: एकम्बरनाथ मंदिर का गोपुरम कांचीपुरम में सबसे ऊँचा है जो लगभग 59 मीटर (194 फीट) ऊँचा है।
100. कांचीपुरम कला MCQ का अध्ययन क्यों महत्त्वपूर्ण है?
A) कला इतिहास, प्रतियोगी परीक्षा और सांस्कृतिक ज्ञान हेतु
B) केवल मनोरंजन हेतु
C) केवल विदेशी पर्यटकों हेतु
D) केवल कला विद्यार्थियों हेतु
✅ उत्तर: A) कला इतिहास, प्रतियोगी परीक्षा और सांस्कृतिक ज्ञान हेतु
📝 व्याख्या: कांचीपुरम कला MCQ का अध्ययन UPSC, SSC, तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ-साथ भारतीय कला इतिहास की समझ के लिए अत्यंत उपयोगी है।
✦ निष्कर्ष (Conclusion) ✦
निष्कर्ष: कांचीपुरम कला MCQ के इस संग्रह में हमने कांचीपुरम की कला, मंदिर वास्तुकला, रेशमी साड़ी उद्योग और पल्लव-चोल काल की सांस्कृतिक धरोहर को 100 प्रश्नों के माध्यम से समेटा है।
कांचीपुरम सिल्क साड़ी से लेकर एकम्बरनाथ मंदिर, कैलासनाथ मंदिर और गोपुरम तक — यह सभी भारतीय कला इतिहास की अनमोल धरोहरें हैं। आशा है यह कांचीपुरम कला MCQ संग्रह आपकी परीक्षा की तैयारी और कला ज्ञान दोनों में उपयोगी सिद्ध होगा।
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