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ओणम और केरल की कला — Pookalam से Mural तक

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ओणम और केरल की कला

ओणम और केरल की कला — Pookalam से Mural तक

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ओणम और केरल की कला — Pookalam से Mural तक: ओणम केरल का सबसे बड़ा सांस्कृतिक कला उत्सव है। जानें Pookalam, Kerala Mural Painting, Kathakali, Vallam Kali और पारंपरिक वेशभूषा की पूरी जानकारी हिंदी में। ओणम और केरल की कला — Pookalam से Mural तक परिचय: ओणम — केरल का सबसे बड़ा त्योहार और कला ...

ओणम और केरल की कला

ओणम और केरल की कला — Pookalam से Mural तक: ओणम केरल का सबसे बड़ा सांस्कृतिक कला उत्सव है। जानें Pookalam, Kerala Mural Painting, Kathakali, Vallam Kali और पारंपरिक वेशभूषा की पूरी जानकारी हिंदी में।

Table of Contents

ओणम और केरल की कला — Pookalam से Mural तक

परिचय: ओणम — केरल का सबसे बड़ा त्योहार और कला उत्सव

भारत एक ऐसा देश है जहाँ हर त्योहार अपने साथ एक अनूठी सांस्कृतिक विरासत लेकर आता है। लेकिन केरल का ओणम एक ऐसा पर्व है जो केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं, बल्कि यह एक संपूर्ण कला महोत्सव है। हर साल चिंगम माह (अगस्त-सितंबर) में मनाया जाने वाला यह त्योहार केरल की आत्मा को प्रतिबिंबित करता है।

ओणम की उत्पत्ति पौराणिक कथाओं से जुड़ी है। मान्यता है कि महाबली — एक महान असुर राजा जिसने केरल पर शासन किया और जिसके राज्य में प्रजा सुखी और समृद्ध थी — हर वर्ष इस दिन अपनी प्रजा से मिलने पाताल लोक से पृथ्वी पर आते हैं। इसी पुनर्मिलन की खुशी में केरल के लोग अपने घरों को सजाते हैं, पकवान बनाते हैं और विभिन्न लोक कलाओं का प्रदर्शन करते हैं।

ओणम दस दिनों तक चलता है, जिनमें अट्टम (पहला दिन) से लेकर थिरुवोणम (दसवाँ और सबसे महत्वपूर्ण दिन) तक हर दिन एक विशेष उत्सव होता है। इस दौरान केरल की गलियाँ, घर, मंदिर और सार्वजनिक स्थल भारतीय कला के जीवंत रूपों से भर जाते हैं।

जो बात ओणम को विशिष्ट बनाती है, वह यह है कि यह त्योहार धर्म, जाति और वर्ग से ऊपर उठकर मनाया जाता है। हिंदू हो, मुस्लिम हो या ईसाई — सभी केरलवासी इसे समान उत्साह से मनाते हैं। इसीलिए ओणम को केरल का राष्ट्रीय उत्सव भी कहा जाता है।

इस लेख में हम जानेंगे कि ओणम किस तरह केरल की विभिन्न कला परंपराओं — Pookalam, Mural Painting, Kathakali, Vallam Kali, और लोक नृत्यों — को एक मंच पर लाता है और उन्हें जीवित रखता है।

Pookalam: फूलों की रंगोली — कला और परंपरा

Pookalam क्या है?

Pookalam (पूकलम) ओणम का सबसे पहचानने योग्य और सबसे सुंदर कला रूप है। यह फूलों से बनाई जाने वाली एक विशाल और जटिल रंगोली होती है जिसे घर के आँगन या प्रवेश द्वार पर सजाया जाता है। “Poo” का अर्थ है फूल और “Kalam” का अर्थ है रंगोली या डिज़ाइन — इस प्रकार Pookalam का शाब्दिक अर्थ है फूलों की रंगोली

यह भारतीय लोक कला का एक जीवंत उदाहरण है जहाँ प्रकृति ही कलाकार का माध्यम बनती है। ताज़े फूलों की पंखुड़ियाँ, पत्तियाँ और कभी-कभी रंगीन चावल के दाने इसे तैयार करने में उपयोग होते हैं।

Pookalam बनाने की प्रक्रिया

Pookalam बनाना कोई साधारण काम नहीं है। यह एक सामूहिक कला है जिसमें परिवार के सभी सदस्य, विशेषकर महिलाएं और युवतियाँ, मिलकर भाग लेती हैं।

  • पहले दिन (अट्टम) एक छोटा और सरल डिज़ाइन बनाया जाता है।
  • हर अगले दिन उसी डिज़ाइन में एक नई परत या नया घेरा जोड़ा जाता है।
  • दसवें दिन (थिरुवोणम) तक Pookalam अपने सबसे भव्य और विशाल रूप में होता है।

डिज़ाइन आमतौर पर गोलाकार और सममित होते हैं, जो भारतीय मंडल कला से प्रेरित होते हैं। प्रत्येक वृत्त एक अलग रंग और अलग फूल की प्रजाति से भरा जाता है।

Pookalam में उपयोग होने वाले फूल

Pookalam में विशेष रूप से उन फूलों का उपयोग होता है जो केरल में ओणम के मौसम में खिलते हैं:

  • Thumba (सफेद) — सबसे पवित्र माना जाता है
  • Mukkutti (गुलाबी-बैंगनी)
  • Chethi (लाल)
  • Kanikkonna (पीला) — केरल का राज्य पुष्प
  • Chemparathi (हिबिस्कस)
  • Aripoo (नारंगी)

Pookalam प्रतियोगिताएं

ओणम के दौरान पूरे केरल में Pookalam प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं। स्कूलों, कॉलेजों, कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर ये प्रतियोगिताएं आयोजित होती हैं। Thrissur Pooram और Thiruvananthapuram में होने वाली प्रतियोगिताएं विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं, जहाँ हज़ारों लोग देश-विदेश से इन्हें देखने आते हैं।

Pookalam केवल एक सजावट नहीं बल्कि यह भारतीय कला की वह परंपरा है जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी हस्तांतरित होती आई है — माँ से बेटी को, दादी से पोती को।

Kerala Mural Painting और ओणम का संबंध

Kerala Mural Painting का परिचय

Kerala Mural Painting भारत की सबसे प्राचीन और समृद्ध दीवार चित्रकला परंपराओं में से एक है। यह शैली लगभग 7वीं से 12वीं शताब्दी के बीच विकसित हुई और केरल के मंदिरों, महलों और गिरजाघरों की दीवारों पर इसके अद्भुत उदाहरण देखने को मिलते हैं।

इस चित्रकला में मुख्यतः पाँच प्राकृतिक रंगों का उपयोग होता है:

  • पीला (हरताल से)
  • लाल (गेरू से)
  • हरा (नीलाम्बरी पत्तियों से)
  • नीला (नील से)
  • काला (जलाई हुई नारियल की खोपड़ी से)

सफेद रंग के लिए चूना पत्थर का उपयोग किया जाता था।

ओणम और Mural Painting का गहरा संबंध

ओणम के अवसर पर Kerala Mural Painting के विषय विशेष रूप से प्रासंगिक हो जाते हैं क्योंकि इनमें जो कथाएं चित्रित हैं, वे सीधे ओणम की पौराणिक पृष्ठभूमि से जुड़ी हैं:

1. वामन अवतार की कथा — भगवान विष्णु के पाँचवें अवतार वामन और महाबली की कहानी को केरल के कई मंदिरों में Mural के रूप में चित्रित किया गया है। यही कथा ओणम की आधारशिला है।

2. महाबली का स्वर्ण युग — महाबली के न्यायपूर्ण शासन का चित्रण भी इन भित्तिचित्रों में मिलता है।

3. त्रिविक्रम — वामन के विशाल रूप त्रिविक्रम का चित्रण, जो तीनों लोकों को तीन पगों में नापते हैं, Kerala Mural का एक लोकप्रिय विषय है।

प्रमुख Mural स्थल

  • Mattancherry Palace (Dutch Palace), Kochi — यहाँ रामायण और महाभारत के दृश्यों के साथ ही पौराणिक कथाओं के भव्य भित्तिचित्र हैं।
  • Vadakkunnathan Temple, Thrissur — यह केरल का सबसे पुराना मंदिर माना जाता है जहाँ अद्भुत Mural Paintings हैं।
  • Krishna Temple, Guruvayur — इस मंदिर में भी Kerala Mural की उत्कृष्ट कृतियाँ देखने को मिलती हैं।

ओणम के दौरान इन मंदिरों और महलों में भारतीय भित्तिचित्र कला को देखने वाले पर्यटकों की भीड़ काफी बढ़ जाती है। कई कलाकार इस मौसम में Mural Painting की कार्यशालाएं भी आयोजित करते हैं।

आधुनिक समय में Mural Art और ओणम

आज के समय में Kerala Mural Art केवल मंदिरों तक सीमित नहीं रहा। ओणम के अवसर पर:

  • घरों की दीवारों पर Mural-inspired डिज़ाइन बनाए जाते हैं।
  • ओणम के पैकेजिंग और सजावटी सामग्री पर Mural के रूपांकन दिखते हैं।
  • कपड़ों पर Mural-inspired प्रिंट बहुत लोकप्रिय हो गए हैं।
  • कई युवा कलाकार डिजिटल माध्यम में Mural Art को पुनर्जीवित कर रहे हैं।

Kathakali: ओणम पर Performance Art

Kathakali — एक संपूर्ण कला रूप

Kathakali केरल का सबसे प्रसिद्ध शास्त्रीय नृत्य-नाट्य रूप है और इसे भारत की आठ शास्त्रीय नृत्य शैलियों में से एक माना जाता है। “Katha” का अर्थ है कहानी और “Kali” का अर्थ है कला/प्रदर्शन — अर्थात कहानी कहने की कला

Kathakali की विशेषता है इसकी:

  • विस्तृत मुखसज्जा (Makeup) — जिसे “Chutti” कहते हैं
  • भव्य वेशभूषा
  • हस्तमुद्राएं (Mudras)
  • नेत्र संचालन (Eye movements)
  • शरीर भाषा और भाव-भंगिमाएं

ओणम और Kathakali का अटूट संबंध

ओणम के दस दिनों में Kathakali प्रदर्शन एक अनिवार्य अंग है। इस दौरान विशेष रूप से उन कथाओं का मंचन किया जाता है जो ओणम से संबंधित हैं:

1. बलि विजयम — महाबली और वामन की कथा का Kathakali में विशेष मंचन होता है।

2. गजेंद्र मोक्षम — भगवान विष्णु की लीलाओं पर आधारित यह प्रसंग भी Kathakali में लोकप्रिय है।

3. कालिया मर्दनम — कृष्ण की कथाएं भी ओणम के मौसम में अक्सर प्रस्तुत की जाती हैं।

Kathakali Makeup — एक कला अपने आप में

Kathakali की मुखसज्जा इतनी जटिल और विस्तृत होती है कि इसे पूरा तैयार होने में 4 से 6 घंटे लग सकते हैं। यह मुखसज्जा ही पात्र के चरित्र को दर्शाती है:

  • पच्चा (हरा चेहरा) — नायक या देवता
  • कत्ति (हरा-लाल) — विलेन या अहंकारी पात्र
  • थाड़ी (दाढ़ी) — हनुमान जैसे वानर पात्र
  • करी (काला) — राक्षसी या नकारात्मक पात्र
  • मिन्नु (सुनहरा) — देवी या स्त्री पात्र

ओणम पर Kathakali महोत्सव

ओणम के दौरान केरल में Kathakali Utsavam आयोजित होते हैं जहाँ देश-विदेश के कलाकार एकत्रित होते हैं। Kerala Kalamandalam — जो भारतीय शास्त्रीय कला का सर्वोच्च संस्थान है — इस दौरान विशेष कार्यक्रमों का आयोजन करता है। थिरुवोणम की रात Kathakali का विशेष रात्रि-प्रदर्शन होता है जो रात भर चलता है।

Vallam Kali (Boat Race): Visual Spectacle as Art

Vallam Kali क्या है?

Vallam Kali (वल्लम काली) — या Snake Boat Race — ओणम का सबसे रोमांचक और दर्शनीय आयोजन है। यह केरल की नदियों और बैकवाटर में आयोजित होने वाली पारंपरिक नाव दौड़ है जिसे देखने के लिए लाखों दर्शक उमड़ते हैं।

“Vallam” का अर्थ है नाव और “Kali” का अर्थ है खेल — लेकिन Vallam Kali केवल एक खेल नहीं, यह एक जीवंत कला और सांस्कृतिक दृश्य है।

Chundan Vallam — साँप नाव की कला

इन नाव दौड़ों में जो नावें उपयोग होती हैं उन्हें Chundan Vallam (Snake Boat) कहते हैं। इनकी विशेषताएं हैं:

  • लंबाई लगभग 100-138 फीट
  • आकार एक उठे हुए साँप के फन जैसा
  • एक नाव में 100-150 नाविक एक साथ बैठते हैं
  • नाव की नोक पर सुनहरी छत्री होती है
  • पूरी नाव को रंग-बिरंगी रेशमी झालरों से सजाया जाता है

इन नावों का निर्माण स्वयं एक भारतीय शिल्पकला है। तेक्कु (Teak) और आँजलि की लकड़ी से बनी इन नावों पर काजू के तेल, अंडे और मछली के तेल का लेप लगाया जाता है।

Vallamkali के प्रमुख आयोजन

1. Nehru Trophy Boat Race — यह सबसे प्रसिद्ध नाव दौड़ है जो Alappuzha (Alleppey) में Punnamada Lake पर आयोजित होती है। इसे 1952 में पहली बार आयोजित किया गया था।

2. Champakulam Moolam Boat Race — यह केरल की सबसे पुरानी Vallam Kali मानी जाती है जो Champakulam में आयोजित होती है।

3. Payippad Jalotsavam — Haripad के पास यह भी एक प्रमुख नाव दौड़ है।

Vallam Kali — एक Visual Art के रूप में

Vallam Kali को हम किस दृष्टि से कला कह सकते हैं?

रंग और डिज़ाइन — नावों की सजावट, रंग-बिरंगी छतरियाँ और झालरें एक जीवंत रंगचित्र बनाती हैं।

लय और ताल — नाविकों के एक साथ चप्पू चलाने की लय और उनके गाने जाते Vanchipattu (नाव गीत) एक सामूहिक संगीत कला का रूप है।

Vanchipattu — नाव का गीत — नाव दौड़ के दौरान गाए जाने वाले ये गीत केरल की लोक संगीत परंपरा का अभिन्न हिस्सा हैं। इनमें ओणम की महिमा, महाबली की कथा और केरल की प्रकृति का वर्णन होता है।

सामूहिक नृत्य जैसी गति — जब 100 नाविक एक साथ, एक ताल में, एक दिशा में चप्पू चलाते हैं, तो यह दृश्य एक समूह नृत्य जैसा लगता है — पानी पर कला का प्रदर्शन।

ओणम की पारंपरिक वेशभूषा और कला

केरल की पारंपरिक वेशभूषा

ओणम पर केरल की पारंपरिक वस्त्र कला अपने सबसे शुद्ध रूप में दिखती है। इस त्योहार पर लोग विशेष रूप से पारंपरिक केरलीय वेशभूषा पहनते हैं:

महिलाओं की वेशभूषा:

  • Kasavu Saree (Mundum Neriyathum) — यह केरल की पहचान है। सफेद रंग की इस साड़ी पर सोने के रंग की (Kasavu) बॉर्डर होती है। इसे दो भागों में पहना जाता है — Mundu (नीचे का भाग) और Neriyathu (ऊपर का भाग)।
  • बाल में Pookkapu (फूलों का गजरा)
  • पारंपरिक सोने के गहने

पुरुषों की वेशभूषा:

  • Mundu — सफेद धोती जिस पर Kasavu की बॉर्डर होती है
  • Jubba या Kora Mundu — सफेद कुर्ता

Kasavu — वस्त्र में कला

Kasavu की बुनाई अपने आप में एक महीन कला है। केरल के Balaramapuram और Chendamangalam क्षेत्र इस विशेष वस्त्र के लिए प्रसिद्ध हैं। यहाँ के बुनकर पीढ़ियों से इस परंपरा को जीवित रखे हुए हैं।

Kasavu Saree की विशेषताएं:

  • शुद्ध सूत या रेशम का आधार
  • असली सोने के धागों (Zari) से बुनी गई बॉर्डर
  • न्यूनतम डिज़ाइन, अधिकतम शालीनता
  • सफेद रंग — शुद्धता और उत्सव का प्रतीक

ओणम का आभूषण और श्रृंगार कला

ओणम पर महिलाएं केरल की पारंपरिक ज्वेलरी पहनती हैं जो अपने आप में एक धातु शिल्प कला है:

  • Nagapadam Necklace — सर्प के फन के आकार का हार
  • Karimani Mala — काले मनकों की माला
  • Pallakka — हरे पत्थर की बालियाँ
  • Lakshmi Haar — देवी लक्ष्मी के रूपांकन वाला हार

वेशभूषा और ओणम का सामाजिक संदेश

ओणम पर एक विशेष परंपरा है जिसे “Onappaattu” कहते हैं। पुराने समय में जमींदार और राजा ओणम के अवसर पर अपने कर्मचारियों और प्रजा को नए वस्त्र देते थे। यह परंपरा आज भी किसी न किसी रूप में जारी है — नियोक्ता अपने कर्मचारियों को ओणम भत्ता देते हैं। इस सामाजिक समता के संदेश को भारतीय त्योहारों की परंपरा में एक अद्वितीय स्थान प्राप्त है।

केरल की अन्य लोक कलाएं जो ओणम पर दिखती हैं

ओणम केवल Pookalam, Kathakali और नाव दौड़ तक सीमित नहीं है। इस दौरान केरल की कई अन्य लोक कलाएं भी जीवंत हो उठती हैं:

1. Thiruvathira Kali

Thiruvathira Kali महिलाओं का एक समूह नृत्य है जो ओणम के अवसर पर विशेष रूप से किया जाता है। इस नृत्य में महिलाएं एक वृत्त बनाकर नाचती हैं और ताली बजाती हैं।

विशेषताएं:

  • गोलाकार नृत्य शैली
  • सुंदर हस्तमुद्राएं
  • Kasavu Saree में प्रदर्शन
  • नृत्य के साथ लोकगीत

यह भारतीय लोक नृत्य की उस परंपरा का हिस्सा है जो स्त्रीशक्ति और सामूहिकता का उत्सव मनाती है।

2. Pulikali (Tiger Play)

Pulikali ओणम का सबसे अनोखा और रंगीन लोक कला रूप है। इसमें कलाकार अपने पूरे शरीर पर बाघ या तेंदुए के समान रंग-बिरंगे डिज़ाइन बनाते हैं और फिर सड़कों पर नृत्य करते हैं।

  • Thrissur में Pulikali विशेष रूप से प्रसिद्ध है
  • शरीर पर रंग बनाने में 4-6 घंटे लगते हैं
  • यह शरीर कला (Body Art) का एक अनूठा उदाहरण है
  • चतुर्थी (चौथे दिन) को यह विशेष रूप से मनाया जाता है

3. Kummatti Kali

Kummatti Kali एक अन्य मुखौटा नृत्य है जो ओणम के दौरान किया जाता है। इसमें कलाकार रंग-बिरंगे लकड़ी के मुखौटे पहनते हैं जो देवताओं, पशुओं और पौराणिक पात्रों को दर्शाते हैं।

यह भारतीय मुखौटा कला की एक विरल परंपरा है जो केरल में आज भी जीवित है।

4. Thumbi Thullal

Thumbi Thullal बालिकाओं और युवतियों का एक पारंपरिक नृत्य है। इसमें लड़कियाँ Dragonfly (Thumbi — हिंदी में व्याध-पतंग) की नकल करते हुए नृत्य करती हैं।

5. Onathaallu (ओणम के खेल और कुश्ती)

Onathaallu या पारंपरिक मार्शल आर्ट — Kalaripayattu — का प्रदर्शन भी ओणम पर होता है। Kalaripayattu को विश्व का सबसे प्राचीन मार्शल आर्ट माना जाता है और यह केरल की धरोहर है।

Kalaripayattu की विशेषताएं:

  • तलवार, ढाल और भाले से युद्ध
  • लचीली और तेज़ शारीरिक गतिविधियाँ
  • नृत्य जैसी लय में युद्ध कला
  • Gurukkal (गुरु) के मार्गदर्शन में सीखी जाती है

6. Kolkali और Parichamuttu

Kolkali एक छड़ी नृत्य है जिसमें पुरुष हाथों में छड़ियाँ लेकर एक लय में नृत्य करते हुए उन्हें आपस में टकराते हैं। Parichamuttu में ढाल और तलवार का उपयोग होता है।

दोनों केरल की लोक कला के महत्वपूर्ण अंग हैं जो ओणम पर सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत किए जाते हैं।

7. Sadya — पाक कला का उत्सव

ओणम का उल्लेख Sadya के बिना अधूरा है। Sadya केरल की पाक कला का सर्वोच्च उदाहरण है — यह एक विशाल शाकाहारी भोज है जो केले के पत्ते पर 26 से अधिक व्यंजनों के साथ परोसा जाता है।

Sadya में शामिल प्रमुख व्यंजन:

  • Avial — मिश्रित सब्जियाँ और नारियल
  • Olan — लौकी और नारियल दूध
  • Thoran — नारियल के साथ पकी सब्जियाँ
  • Rasam और Sambar
  • Payasam — 2-3 प्रकार की खीर
  • Pachadi, Kichadi, Pickles

Sadya की प्रस्तुति भी एक कला है — व्यंजनों का सही क्रम, केले के पत्ते की सही दिशा, और खाने का सही तरीका सब मिलकर एक सांस्कृतिक अनुभव बनाते हैं।

परीक्षा उपयोगी तथ्य + 20 MCQ

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

तथ्यविवरण
ओणम का महीनाचिंगम (मलयालम कैलेंडर) — अगस्त-सितंबर
ओणम के दिन10 दिन (अट्टम से थिरुवोणम)
Pookalam की शुरुआतअट्टम (पहले दिन)
Kathakali की उत्पत्ति17वीं शताब्दी, केरल
Snake Boat Race का नामChundan Vallam / Vallam Kali
Nehru Trophy Boat Race का स्थानPunnamada Lake, Alappuzha
Kerala का राज्य पुष्पKanikkonna (Golden Shower Tree)
Kasavu Saree बुनाई केंद्रBalaramapuram, Chendamangalam
Kalaripayattuविश्व का प्राचीनतम मार्शल आर्ट
Kerala Mural की उत्पत्ति7वीं-12वीं शताब्दी
Pulikali का मुख्य केंद्रThrissur
Sadya में व्यंजन26+ शाकाहारी व्यंजन
Thiruvathiraमहिलाओं का समूह नृत्य
Kerala KalamandalamUNESCO मान्यता प्राप्त संस्थान
ओणम का दूसरा नामKerala का राष्ट्रीय त्योहार

बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ)

Q1. ओणम किस मलयालम महीने में मनाया जाता है?

  • A) Medam
  • B) Chingam ✅
  • C) Karkidakam
  • D) Mithunam

Q2. Pookalam किससे बनाया जाता है?

  • A) रंगीन पाउडर
  • B) ताज़े फूलों की पंखुड़ियाँ ✅
  • C) रंगीन रेत
  • D) उपरोक्त सभी

Q3. ओणम के सबसे महत्वपूर्ण दिन का नाम क्या है?

  • A) अट्टम
  • B) उत्राडम
  • C) थिरुवोणम ✅
  • D) पूरादम

Q4. Chundan Vallam किसे कहते हैं?

  • A) ओणम के फूल को
  • B) Snake Boat को ✅
  • C) Kathakali के पात्र को
  • D) पारंपरिक साड़ी को

Q5. Kerala Mural Painting में कितने प्राकृतिक रंगों का उपयोग होता है?

  • A) तीन
  • B) चार
  • C) पाँच ✅
  • D) सात

Q6. Kathakali में हरे रंग के चेहरे (Pachcha) वाला पात्र कौन होता है?

  • A) विलेन
  • B) नायक या देवता ✅
  • C) राक्षस
  • D) स्त्री पात्र

Q7. Pulikali किस जिले में विशेष रूप से प्रसिद्ध है?

  • A) Kochi
  • B) Thiruvananthapuram
  • C) Thrissur ✅
  • D) Kozhikode

Q8. Kalaripayattu क्या है?

  • A) केरल का लोक नृत्य
  • B) विश्व का प्राचीनतम मार्शल आर्ट ✅
  • C) नाव दौड़ का प्रकार
  • D) पारंपरिक वस्त्र

Q9. Nehru Trophy Boat Race किस स्थान पर आयोजित होती है?

  • A) Kovalam Beach
  • B) Ashtamudi Lake
  • C) Punnamada Lake, Alappuzha ✅
  • D) Vembanad Lake

Q10. ओणम की Sadya (भोज) किस पर परोसी जाती है?

  • A) थाली में
  • B) मिट्टी के बर्तन में
  • C) केले के पत्ते पर ✅
  • D) कमल के पत्ते पर

Q11. Kasavu Saree की बॉर्डर किससे बनी होती है?

  • A) चाँदी के धागे
  • B) सोने के धागे (Zari) ✅
  • C) रेशम के धागे
  • D) सूती धागे

Q12. Thiruvathira Kali किसका नृत्य है?

  • A) पुरुषों का
  • B) बच्चों का
  • C) महिलाओं का ✅
  • D) सभी का

Q13. Mattancherry Palace कहाँ स्थित है?

  • A) Thrissur
  • B) Kochi ✅
  • C) Thiruvananthapuram
  • D) Kozhikode

Q14. Kerala का राज्य पुष्प कौन सा है?

  • A) Thumba
  • B) Chemparathi
  • C) Kanikkonna ✅
  • D) Mukkutti

Q15. Pookalam बनाने में पहले दिन क्या होता है?

  • A) सबसे बड़ा डिज़ाइन बनाया जाता है
  • B) छोटा और सरल डिज़ाइन बनाया जाता है ✅
  • C) कोई डिज़ाइन नहीं बनाया जाता
  • D) केवल सफेद फूल रखे जाते हैं

Q16. Vanchipattu क्या है?

  • A) Kathakali का एक रूप
  • B) नाव दौड़ के दौरान गाया जाने वाला गीत ✅
  • C) Pookalam का एक प्रकार
  • D) पारंपरिक आभूषण

Q17. Kerala Mural Painting की उत्पत्ति किस शताब्दी में हुई?

  • A) 3वीं-5वीं शताब्दी
  • B) 7वीं-12वीं शताब्दी ✅
  • C) 14वीं-16वीं शताब्दी
  • D) 18वीं शताब्दी

Q18. ओणम के दौरान दिया जाने वाला वस्त्र भत्ता क्या कहलाता है?

  • A) Onappaattu ✅
  • B) Onasadya
  • C) Onavillu
  • D) Onathaallu

Q19. Kathakali को पूरी तरह तैयार होने में कितना समय लगता है?

  • A) 1-2 घंटे
  • B) 2-3 घंटे
  • C) 4-6 घंटे ✅
  • D) 8-10 घंटे

Q20. Kummatti Kali में क्या पहना जाता है?

  • A) विशेष कपड़े
  • B) लकड़ी के मुखौटे ✅
  • C) पशु की खाल
  • D) फूलों की माला

FAQs

Q1. ओणम क्यों मनाया जाता है?

ओणम पौराणिक राजा महाबली की वार्षिक पृथ्वी यात्रा के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। मान्यता है कि महाबली एक न्यायप्रिय और दानी राजा थे जिनके राज्य में सब सुखी थे। भगवान विष्णु ने वामन रूप में उन्हें पाताल भेजा लेकिन उनकी भक्ति और प्रेम के कारण उन्हें वार्षिक रूप से अपनी प्रजा से मिलने की अनुमति दी गई। इसी पुनर्मिलन का उत्सव ओणम है।


Q2. Pookalam बनाने में किस फूल का सबसे अधिक उपयोग होता है?

Pookalam में Thumba (सफेद फूल) को सबसे पवित्र माना जाता है, लेकिन सबसे अधिक विविधता और रंग के लिए Chethi, Mukkutti, Kanikkonna, और Chemparathi का उपयोग होता है। ये सभी फूल ओणम के मौसम में केरल में प्राकृतिक रूप से उगते हैं।


Q3. क्या ओणम केवल हिंदुओं का त्योहार है?

नहीं, ओणम केरल का सांस्कृतिक त्योहार है जो सभी धर्मों के लोगों द्वारा समान रूप से मनाया जाता है। हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, सिख — सभी केरलवासी इसे अपना त्योहार मानते हैं। इसीलिए ओणम को सही मायने में Kerala का राष्ट्रीय पर्व कहा जाता है।


Q4. Kathakali कहाँ सीखी जा सकती है?

Kathakali सीखने का सबसे प्रतिष्ठित संस्थान Kerala Kalamandalam है जो Thrissur जिले में Cheruthuruthy में स्थित है। इसे UNESCO ने Deemed University का दर्जा दिया है। इसके अलावा Kerala के अनेक नृत्य विद्यालयों में Kathakali की शिक्षा दी जाती है।


Q5. Vallam Kali (Snake Boat Race) में कितनी नावें भाग लेती हैं?

Nehru Trophy Boat Race जैसे बड़े आयोजन में 60 से अधिक Chundan Vallam (Snake Boat) भाग लेती हैं। हर नाव में 100-150 नाविक होते हैं, इस तरह इस एक आयोजन में हज़ारों प्रतिभागी एक साथ होते हैं।


Q6. Kasavu Saree की असली पहचान कैसे करें?

असली Kasavu Saree की पहचान उसकी शुद्ध सूती या रेशमी बनावट और असली सोने की Zari से होती है। Balaramapuram और Chendamangalam के हथकरघा बुनकरों द्वारा बनाई गई Kasavu Sarees को GI Tag (Geographical Indication) प्राप्त है।


Q7. Kerala Mural Painting क्या है और यह कहाँ देखी जा सकती है?

Kerala Mural Painting एक प्राचीन भित्तिचित्र कला है जो मंदिरों और महलों की दीवारों पर बनाई जाती है। इसे देखने के लिए आप Mattancherry Palace (Kochi), Vadakkunnathan Temple (Thrissur), और Krishnapuram Palace (Alappuzha) जा सकते हैं।


Q8. ओणम की Sadya में कितने व्यंजन होते हैं?

पारंपरिक ओणम Sadya में 26 से 64 तक व्यंजन हो सकते हैं! यह परिवार और क्षेत्र के अनुसार भिन्न होती है। न्यूनतम Sadya में भी Rice, Sambar, Rasam, Avial, Olan, Thoran, Pachadi, और दो प्रकार के Payasam अनिवार्य होते हैं।


Q9. Pulikali कब मनाया जाता है?

Pulikali ओणम उत्सव के चौथे दिन (Nalambam) मनाया जाता है। Thrissur में यह विशेष रूप से भव्य होता है जहाँ सैकड़ों कलाकार बाघ और शेर के रूप में सजकर सड़कों पर नृत्य करते हैं।


Q10. क्या विदेश में भी ओणम मनाया जाता है?

हाँ, जहाँ-जहाँ Kerala के लोग बसे हैं — खाड़ी देशों (UAE, Qatar, Kuwait), यूरोप, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया — वहाँ ओणम बड़े उत्साह से मनाया जाता है। Kerala Diaspora ने ओणम को एक वैश्विक उत्सव बना दिया है। विदेशों में Pookalam प्रतियोगिताएं, Sadya और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं।


निष्कर्ष

ओणम केवल एक त्योहार नहीं — यह केरल की आत्मा का उत्सव है। यह वह पर्व है जो Pookalam की रंगीन दुनिया से लेकर Kathakali के भव्य अभिनय तक, Kerala Mural की रहस्यमयी कला से लेकर Vallam Kali के रोमांच तक, Kasavu की शालीन सुंदरता से लेकर Sadya के स्वादिष्ट विविधता तक — हर रूप में कला को जीवित रखता है।

जब महाबली अपनी प्रजा से मिलने आते हैं, तो केरल अपनी पूरी कलात्मक आत्मा के साथ उनका स्वागत करता है। और इसी स्वागत में छुपी है वह अमर परंपरा जो सदियों से भारतीय कला और संस्कृति को जीवंत रखे हुए है।


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यह लेख Indian Art History की ओर से ओणम और केरल की समृद्ध कला परंपरा को समर्पित है।

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