Art

Anupam Sud’s Contribution to Women in Art
Anupam Sud holds a unique and powerful place in the history of Indian art, particularly as a trailblazer for women ...

भारत में प्रसिद्ध बौद्ध तीर्थस्थल | Famous Buddhist Pilgrimage Sites in India
बौद्ध तीर्थस्थल राज्य स्पितुक मठ, शे (Shey) मठ लद्दाख (जम्मू-कश्मीर) धनखड़ मठ, की (Key) मठ, ताबो मठ हिमाचल प्रदेश तवांग ...
विमल दास गुप्ता | Vimal Das Gupta
श्री दासगुप्ता का जन्म 28 दिसम्बर 1917 को बंगाल में हुआ था। आपका बचपन आपके ताऊजी के पास बरहमपुर (ब्रह्मपुर) ...
जगन्नाथ मुरलीधर अहिवासी | Jagannath Muralidhar Ahivasi
श्री अहिवासी का जन्म 6 जुलाई 1901 को ब्रज भूमि में गोकुल के निकट बल्देव ग्राम में हुआ था। जब ...

परमानन्द चोयल: जीवन परिचय, कला शैली, योगदान और उपलब्धियाँ | भारतीय आधुनिक चित्रकला अध्ययन
परमानन्द चोयल भारतीय आधुनिक चित्रकला के प्रमुख कलाकार और कला शिक्षक थे। इस लेख में उनके जीवन, कला शैली, योगदान, ...
गणेश पाइन | Ganesh Pyne
गणेश पाइन का जन्म 19 जून 1937 को कलकत्ता में हुआ था। उन्होंने कलकत्ता कला महाविद्यालय से 1959 में ड्राइंग ...
रविशंकर रावल | Ravi Shankar Rawal
आप गुजरात के प्रसिद्ध चित्रकार थे । आपने बम्बई में कला की शिक्षा ग्रहण की और वहां आप पर पाश्चात्य ...

बीरेश्वर भट्टाचार्जी | बिहार के आधुनिक कला-आंदोलन के पुरोधा
बीरेश्वर भट्टाचार्जी (जन्म: 25 जुलाई 1935, ढाका) बिहार के आधुनिक कला-आंदोलन के उन अग्रदूतों में हैं जिन्होंने अपनी तूलिका, अपनी लेखनी और अपने शिक्षण — तीनों से एक पूरी पीढ़ी को कला की नई भाषा दी। विभाजन की पीड़ा को सहते हुए वे ढाका से पटना आए, Government College of Arts & Crafts से Fine Arts में Diploma लिया और तुर्की सरकार की प्रतिष्ठित छात्रवृत्ति पर Academy of Fine Arts, इस्तम्बूल पहुँचे। इटली और पेरिस की कला-यात्रा में Marcel Duchamp, Marino Marini और Arte Povera जैसे विश्व-प्रसिद्ध कला-आंदोलनों से प्रेरणा लेकर वे 1969 में पटना लौटे और Neo-Dynamism जैसे क्रांतिकारी प्रयोग किए। उन्होंने Triangle Artist Group की स्थापना की, ललित कला अकादमी, पटना के अध्यक्ष के रूप में बिहार की कला को राष्ट्रीय मंच दिलाया और बिहार को प्रथम कलाकार सम्मान पाने वाले कलाकार बने। उनकी कला में यथार्थवाद और अतियथार्थवाद का अनूठा समन्वय है। इस लेख में उनके जीवन, कला-शैली, प्रदर्शनियों, पुरस्कारों के साथ-साथ 20 MCQs, FAQs और एक विस्तृत चित्र-तालिका भी प्रस्तुत की गई है।

रवि वर्मा | Ravi Verma Biography
रवि वर्मा का जन्म केरल के किलिमन्नूर ग्राम में अप्रैल सन् 1848 ई० में हुआ था। यह कोट्टायम से 24 ...

कालीघाट चित्रकारी | Kalighat Painting
कालीघाट चित्रकला का नाम इसके मूल स्थान कोलकाता में कालीघाट के नाम पर पड़ा है। कालीघाट कोलकाता में काली मंदिर के ...
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Anupam Sud’s Contribution to Women in Art
Anupam Sud holds a unique and powerful place in the history of Indian art, particularly as a trailblazer for women in the field of ...
भारत में प्रसिद्ध बौद्ध तीर्थस्थल | Famous Buddhist Pilgrimage Sites in India
बौद्ध तीर्थस्थल राज्य स्पितुक मठ, शे (Shey) मठ लद्दाख (जम्मू-कश्मीर) धनखड़ मठ, की (Key) मठ, ताबो मठ हिमाचल प्रदेश तवांग मठ अरणाचल प्रदेश रूमटेक ...
विमल दास गुप्ता | Vimal Das Gupta
श्री दासगुप्ता का जन्म 28 दिसम्बर 1917 को बंगाल में हुआ था। आपका बचपन आपके ताऊजी के पास बरहमपुर (ब्रह्मपुर) गांव में व्यतीत हुआ ...
जगन्नाथ मुरलीधर अहिवासी | Jagannath Muralidhar Ahivasi
श्री अहिवासी का जन्म 6 जुलाई 1901 को ब्रज भूमि में गोकुल के निकट बल्देव ग्राम में हुआ था। जब आप केवल चार वर्ष ...
परमानन्द चोयल: जीवन परिचय, कला शैली, योगदान और उपलब्धियाँ | भारतीय आधुनिक चित्रकला अध्ययन
परमानन्द चोयल भारतीय आधुनिक चित्रकला के प्रमुख कलाकार और कला शिक्षक थे। इस लेख में उनके जीवन, कला शैली, योगदान, उपलब्धियाँ और भारतीय कला ...
गणेश पाइन | Ganesh Pyne
गणेश पाइन का जन्म 19 जून 1937 को कलकत्ता में हुआ था। उन्होंने कलकत्ता कला महाविद्यालय से 1959 में ड्राइंग एण्ड पेण्टिंग में डिप्लोमा ...
रविशंकर रावल | Ravi Shankar Rawal
आप गुजरात के प्रसिद्ध चित्रकार थे । आपने बम्बई में कला की शिक्षा ग्रहण की और वहां आप पर पाश्चात्य शैली का प्रभाव पड़ा। ...
बीरेश्वर भट्टाचार्जी | बिहार के आधुनिक कला-आंदोलन के पुरोधा
बीरेश्वर भट्टाचार्जी (जन्म: 25 जुलाई 1935, ढाका) बिहार के आधुनिक कला-आंदोलन के उन अग्रदूतों में हैं जिन्होंने अपनी तूलिका, अपनी लेखनी और अपने शिक्षण — तीनों से एक पूरी पीढ़ी को कला की नई भाषा दी। विभाजन की पीड़ा को सहते हुए वे ढाका से पटना आए, Government College of Arts & Crafts से Fine Arts में Diploma लिया और तुर्की सरकार की प्रतिष्ठित छात्रवृत्ति पर Academy of Fine Arts, इस्तम्बूल पहुँचे। इटली और पेरिस की कला-यात्रा में Marcel Duchamp, Marino Marini और Arte Povera जैसे विश्व-प्रसिद्ध कला-आंदोलनों से प्रेरणा लेकर वे 1969 में पटना लौटे और Neo-Dynamism जैसे क्रांतिकारी प्रयोग किए। उन्होंने Triangle Artist Group की स्थापना की, ललित कला अकादमी, पटना के अध्यक्ष के रूप में बिहार की कला को राष्ट्रीय मंच दिलाया और बिहार को प्रथम कलाकार सम्मान पाने वाले कलाकार बने। उनकी कला में यथार्थवाद और अतियथार्थवाद का अनूठा समन्वय है। इस लेख में उनके जीवन, कला-शैली, प्रदर्शनियों, पुरस्कारों के साथ-साथ 20 MCQs, FAQs और एक विस्तृत चित्र-तालिका भी प्रस्तुत की गई है।
रवि वर्मा | Ravi Verma Biography
रवि वर्मा का जन्म केरल के किलिमन्नूर ग्राम में अप्रैल सन् 1848 ई० में हुआ था। यह कोट्टायम से 24 मील दूर है। वे ...
कालीघाट चित्रकारी | Kalighat Painting
कालीघाट चित्रकला का नाम इसके मूल स्थान कोलकाता में कालीघाट के नाम पर पड़ा है। कालीघाट कोलकाता में काली मंदिर के पास एक बाजार है। ...