Nandlal Bose paintings

संविधान की Original Copy — नंदलाल बोस ने हर Page पर क्या छुपाया?
जानिए कैसे नंदलाल बोस ने भारत के संविधान की मूल प्रति में सिंधु घाटी से लेकर गांधी तक की पूरी ...

नंदलाल बोस जीवनी | Nandlal Bose Biography in Hindi
नंदलाल बोस — एक ऐसे कलाकार जिनकी तूलिका ने न केवल कैनवास को बल्कि पूरे राष्ट्र को रंगा। 3 दिसंबर 1882 को जन्मे इस महान चित्रकार ने भारतीय कला को पश्चिमी प्रभाव से मुक्त कर उसे उसकी असली पहचान दिलाई। अवनींद्रनाथ ठाकुर के शिष्य, रवींद्रनाथ टैगोर के सहयोगी और महात्मा गांधी के प्रिय कलाकार — नंदलाल बोस का जीवन कला, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत संगम था। उन्होंने शांतिनिकेतन के कला भवन को एक तीर्थस्थल बना दिया, 1938 के हरिपुरा कांग्रेस के लिए ग्रामीण भारत की आत्मा को 83 पोस्टरों में उतारा और स्वतंत्र भारत के संविधान की मूल प्रति को अपने चित्रों से सजाकर इतिहास रच दिया। पद्म विभूषण से सम्मानित इस युगपुरुष की कला आज भी उतनी ही जीवंत है — क्योंकि उसमें भारत की आत्मा बोलती है।
Nandlal Bose paintings
संविधान की Original Copy — नंदलाल बोस ने हर Page पर क्या छुपाया?
जानिए कैसे नंदलाल बोस ने भारत के संविधान की मूल प्रति में सिंधु घाटी से लेकर गांधी तक की पूरी सभ्यता को चित्रित किया ...
नंदलाल बोस जीवनी | Nandlal Bose Biography in Hindi
नंदलाल बोस — एक ऐसे कलाकार जिनकी तूलिका ने न केवल कैनवास को बल्कि पूरे राष्ट्र को रंगा। 3 दिसंबर 1882 को जन्मे इस महान चित्रकार ने भारतीय कला को पश्चिमी प्रभाव से मुक्त कर उसे उसकी असली पहचान दिलाई। अवनींद्रनाथ ठाकुर के शिष्य, रवींद्रनाथ टैगोर के सहयोगी और महात्मा गांधी के प्रिय कलाकार — नंदलाल बोस का जीवन कला, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत संगम था। उन्होंने शांतिनिकेतन के कला भवन को एक तीर्थस्थल बना दिया, 1938 के हरिपुरा कांग्रेस के लिए ग्रामीण भारत की आत्मा को 83 पोस्टरों में उतारा और स्वतंत्र भारत के संविधान की मूल प्रति को अपने चित्रों से सजाकर इतिहास रच दिया। पद्म विभूषण से सम्मानित इस युगपुरुष की कला आज भी उतनी ही जीवंत है — क्योंकि उसमें भारत की आत्मा बोलती है।