📲 FREE Art History PDF Notes पाएं!  👉 💬 WhatsApp Join करें  |  ✈️ Telegram Join करें

मैसूर चित्रकला MCQ | 100 बहुविकल्पीय प्रश्न हिंदी में

admin

मैसूर चित्रकला MCQ

मैसूर चित्रकला MCQ | 100 बहुविकल्पीय प्रश्न हिंदी में

By admin

Published on:

Follow Us

मैसूर चित्रकला MCQ हिंदी में — 100 महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर सहित। Mysore Painting GI Tag, गेसो तकनीक, Gold Leaf, वोडेयार राजवंश और हिंदू देवी-देवताओं पर आधारित। UPSC, KPSC परीक्षा के लिए उपयोगी। मैसूर चित्रकला MCQ 100 बहुविकल्पीय प्रश्न (हिन्दी में) — Mysore Painting MCQ in Hindi मैसूर चित्रकला (Mysore Painting) भारत के कर्नाटक राज्य ...

मैसूर चित्रकला MCQ

मैसूर चित्रकला MCQ हिंदी में — 100 महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर सहित। Mysore Painting GI Tag, गेसो तकनीक, Gold Leaf, वोडेयार राजवंश और हिंदू देवी-देवताओं पर आधारित। UPSC, KPSC परीक्षा के लिए उपयोगी।

मैसूर चित्रकला MCQ

100 बहुविकल्पीय प्रश्न (हिन्दी में) — Mysore Painting MCQ in Hindi

मैसूर चित्रकला (Mysore Painting) भारत के कर्नाटक राज्य की सबसे समृद्ध और भव्य चित्रकला परंपराओं में से एक है। यह कला मुख्यतः विजयनगर साम्राज्य की चित्रकला से विकसित होकर मैसूर के वोडेयार राजाओं के संरक्षण में फली-फूली। मैसूर चित्रकला की सबसे विशिष्ट पहचान है — ‘गेसो’ तकनीक से बनी उभरी हुई आकृतियों पर असली सोने की पत्तियाँ (Gold Leaf) चिपकाना।

इन चित्रों में हिंदू देवी-देवताओं, पौराणिक कथाओं और धार्मिक प्रसंगों को सूक्ष्म रेखाओं और चटख रंगों से अत्यंत कुशलता से उकेरा जाता है। वर्ष 2011 में भारत सरकार ने मैसूर चित्रकला को GI Tag (भौगोलिक संकेत) प्रदान किया, जो इसकी वैश्विक पहचान और महत्व को प्रमाणित करता है।

खंड 1: मैसूर चित्रकला MCQ — प्रश्न 1–25

प्र.1. मैसूर चित्रकला का उद्गम किस राज्य में हुआ?

(A) राजस्थान

(B) कर्नाटक

(C) तमिलनाडु

(D) केरल

✔ उत्तर: (B) कर्नाटक  |  व्याख्या: मैसूर कला कर्नाटक राज्य के मैसूर शहर में विकसित हुई, जो विजयनगर साम्राज्य की परंपरा से प्रेरित थी।

प्र.2. मैसूर कला किस साम्राज्य की परंपरा से विकसित हुई?

(A) मुगल साम्राज्य

(B) विजयनगर साम्राज्य

(C) मराठा साम्राज्य

(D) पाल साम्राज्य

✔ उत्तर: (B) विजयनगर साम्राज्य  |  व्याख्या: मैसूर कला मुख्यतः विजयनगर साम्राज्य की चित्रकला परंपरा से विकसित हुई जो 15वीं-17वीं शताब्दी में फली-फूली।

प्र.3. मैसूर कला में किस धातु का उपयोग पृष्ठभूमि सजाने में होता है?

(A) चाँदी

(B) ताँबा

(C) सोना (गोल्ड लीफ)

(D) पीतल

✔ उत्तर: (C) सोना (गोल्ड लीफ)  |  व्याख्या: मैसूर कला की मुख्य विशेषता ‘गेसो’ तकनीक से बनाई गई सोने की पत्तियों (Gold Leaf) का उपयोग है।

प्र.4. मैसूर कला में ‘गेसो’ किस काम आता है?

(A) रंग बनाने में

(B) उभरी हुई आकृतियाँ बनाने में

(C) कागज तैयार करने में

(D) ब्रश बनाने में

✔ उत्तर: (B) उभरी हुई आकृतियाँ बनाने में  |  व्याख्या: गेसो (Gesso) एक विशेष पेस्ट है जिससे आभूषण और सजावट की उभरी आकृतियाँ बनाई जाती हैं।

प्र.5. मैसूर कला का मुख्य विषयवस्तु क्या होती है?

(A) युद्ध दृश्य

(B) प्रकृति दृश्य

(C) हिंदू देवी-देवता

(D) पशु-पक्षी

✔ उत्तर: (C) हिंदू देवी-देवता  |  व्याख्या: मैसूर कला का मुख्य विषय हिंदू देवी-देवता, पौराणिक कथाएँ और धार्मिक प्रसंग हैं।

प्र.6. मैसूर चित्रकला में आकृतियों की रेखाएँ कैसी होती हैं?

(A) मोटी और अस्पष्ट

(B) पतली और सुघड़

(C) टेढ़ी-मेढ़ी

(D) अनियमित

✔ उत्तर: (B) पतली और सुघड़  |  व्याख्या: मैसूर कला में सूक्ष्म और पतली रेखाओं का प्रयोग किया जाता है जो इसकी बारीकी और कुशलता की पहचान है।

प्र.7. मैसूर कला में प्रमुख रूप से किन रंगों का उपयोग होता है?

(A) केवल काले और सफेद

(B) चटख और गहरे रंग

(C) हल्के पेस्टल रंग

(D) नीले और हरे रंग

✔ उत्तर: (B) चटख और गहरे रंग  |  व्याख्या: मैसूर कला में चमकीले और गहरे रंगों का उपयोग होता है जो प्राकृतिक स्रोतों से बनाए जाते थे।

प्र.8. मैसूर चित्रकला का शास्त्रीय ग्रंथ कौन सा है?

(A) अर्थशास्त्र

(B) चित्रसूत्र (विष्णुधर्मोत्तर पुराण)

(C) नाट्यशास्त्र

(D) मनुस्मृति

✔ उत्तर: (B) चित्रसूत्र (विष्णुधर्मोत्तर पुराण)  |  व्याख्या: विष्णुधर्मोत्तर पुराण के ‘चित्रसूत्र’ अध्याय से मैसूर चित्रकला के अनुपात और शैली प्रेरित हैं।

प्र.9. मैसूर वोडेयार शासकों ने चित्रकला को कैसे प्रोत्साहन दिया?

(A) केवल मंदिरों में चित्र बनवाकर

(B) राजदरबार में चित्रकारों को संरक्षण देकर

(C) विदेश से कलाकार बुलाकर

(D) चित्रशाला खोलकर

✔ उत्तर: (B) राजदरबार में चित्रकारों को संरक्षण देकर  |  व्याख्या: मैसूर के वोडेयार राजाओं ने अपने दरबार में चित्रकारों को आश्रय और प्रोत्साहन दिया।

प्र.10. मैसूर कला में किस पारंपरिक माध्यम पर चित्र बनाए जाते हैं?

(A) केवल दीवारों पर

(B) कागज, कपड़े और लकड़ी पर

(C) ताड़ के पत्तों पर

(D) केवल कैनवास पर

✔ उत्तर: (B) कागज, कपड़े और लकड़ी पर  |  व्याख्या: मैसूर कला परंपरागत रूप से कागज, कपड़े और लकड़ी के पटल पर बनाई जाती है।

📌 मैसूर चित्रकला MCQ | Mysore Painting Questions in Hindi — मैसूर पेंटिंग के ये प्रश्न UPSC, KPSC, कर्नाटक TET, कला इतिहास परीक्षाओं के लिए विशेष रूप से उपयोगी हैं। मैसूर चित्रकला में सोने का काम, गेसो तकनीक, वोडेयार राजवंश और हिंदू देवी-देवताओं का चित्रण इस परंपरागत कला को अद्वितीय बनाता है।

प्र.11. मैसूर Art की पृष्ठभूमि में सोने का काम क्या कहलाता है?

(A) पिचवई

(B) थंजावुर शैली

(C) गोल्ड लीफ वर्क

(D) मीनाकारी

✔ उत्तर: (C) गोल्ड लीफ वर्क  |  व्याख्या: मैसूर Art में पृष्ठभूमि और आभूषणों में असली सोने की पत्तियाँ (Gold Leaf) चिपकाई जाती हैं।

प्र.12. मैसूर Art में भगवान गणेश की कौन सी विशेषता प्रमुखता से दिखाई जाती है?

(A) केवल चार भुजाएँ

(B) विस्तृत आभूषण और सजावट

(C) बिना आभूषण के सरल रूप

(D) केवल लाल रंग में

✔ उत्तर: (B) विस्तृत आभूषण और सजावट  |  व्याख्या: मैसूर कला में गणेश को बहुत सुंदर और विस्तृत आभूषणों से सजाकर चित्रित किया जाता है।

प्र.13. मैसूर Art में रंग बनाने के लिए किन सामग्रियों का उपयोग होता था?

(A) सिंथेटिक रसायन

(B) खनिज, पत्थर और वनस्पति

(C) केवल फूलों के रस

(D) विदेशी रंग

✔ उत्तर: (B) खनिज, पत्थर और वनस्पति  |  व्याख्या: पारंपरिक मैसूर कला में हरिताल, हिंगुल जैसे खनिज और वनस्पति से बने प्राकृतिक रंगों का प्रयोग होता था।

प्र.14. मैसूर Art और तंजावुर चित्रकला में मुख्य अंतर क्या है?

(A) दोनों एक ही हैं

(B) मैसूर में सूक्ष्म रेखाएँ, तंजावुर में बोल्ड रेखाएँ

(C) तंजावुर में सोना नहीं होता

(D) मैसूर में देवता नहीं होते

✔ उत्तर: (B) मैसूर में सूक्ष्म रेखाएँ, तंजावुर में बोल्ड रेखाएँ  |  व्याख्या: मैसूर में बारीक और सूक्ष्म रेखाएँ होती हैं जबकि तंजावुर में मोटे और उभरे हुए आभूषण अधिक होते हैं।

प्र.15. मैसूर कला में चेहरे की बनावट कैसी होती है?

(A) गोल और मोटी

(B) लम्बी और कोणीय

(C) अंडाकार और सुडौल

(D) चौकोर और भारी

✔ उत्तर: (C) अंडाकार और सुडौल  |  व्याख्या: मैसूर कला में मुखाकृति अंडाकार, नयन बादाम जैसे और नाक-नक्श सुडौल होते हैं।

प्र.16. मैसूर चित्रकला को किस वर्ष GI Tag मिला?

(A) 2005

(B) 2011

(C) 2013

(D) 2018

✔ उत्तर: (B) 2011  |  व्याख्या: मैसूर कला को वर्ष 2011 में भारत सरकार द्वारा भौगोलिक संकेत (GI Tag) प्रदान किया गया।

प्र.17. मैसूर कला में पृष्ठभूमि का रंग प्रमुखतः कैसा होता है?

(A) सफेद

(B) काला

(C) लाल या हरा

(D) नीला

✔ उत्तर: (C) लाल या हरा  |  व्याख्या: मैसूर Art में पृष्ठभूमि में प्रायः गहरा लाल या हरा रंग प्रयुक्त होता है जिस पर सोने की सजावट की जाती है।

प्र.18. मैसूर Art किस धर्म की कला से सर्वाधिक प्रभावित है?

(A) इस्लाम

(B) बौद्ध धर्म

(C) हिंदू धर्म

(D) जैन धर्म

✔ उत्तर: (C) हिंदू धर्म  |  व्याख्या: मैसूर कला हिंदू धर्म की पौराणिक कथाओं, देवी-देवताओं और धार्मिक ग्रंथों से गहराई से प्रेरित है।

प्र.19. मैसूर कला में वस्त्रों का चित्रण कैसा होता है?

(A) सादा और रंगहीन

(B) बारीक बुनावट और नक्काशी वाले

(C) बिना सीमा के

(D) काले वस्त्र

✔ उत्तर: (B) बारीक बुनावट और नक्काशी वाले  |  व्याख्या: मैसूर कला में देवी-देवताओं के वस्त्रों में बारीक बुनावट, कढ़ाई और सजावट की अत्यंत सूक्ष्म चित्रण होती है।

प्र.20. किस मैसूर शासक के काल में चित्रकला सर्वाधिक फली-फूली?

(A) टीपू सुल्तान

(B) कृष्णराज वोडेयार III

(C) हैदर अली

(D) चामराज वोडेयार

✔ उत्तर: (B) कृष्णराज वोडेयार III  |  व्याख्या: 19वीं शताब्दी में कृष्णराज वोडेयार तृतीय के शासनकाल में मैसूर चित्रकला का सर्वाधिक विकास हुआ।

🎨 मैसूर चित्रकला की विशेषताएँ: गेसो तकनीक, गोल्ड लीफ वर्क, प्राकृतिक रंग और सूक्ष्म रेखाएँ इस कला की मुख्य पहचान हैं। indianarthistory.com पर मैसूर चित्रकला, तंजावुर पेंटिंग सहित भारतीय कला इतिहास के सभी विषय पढ़ें।

प्र.21. मैसूर चित्रकला में सोने की पत्तियाँ लगाने से पहले क्या किया जाता है?

(A) चित्र को धूप में सुखाया जाता है

(B) गेसो से उभरी आकृति बनाई जाती है

(C) चित्र को वार्निश किया जाता है

(D) रंग हटाया जाता है

✔ उत्तर: (B) गेसो से उभरी आकृति बनाई जाती है  |  व्याख्या: सोने की पत्तियाँ चिपकाने से पहले गेसो पेस्ट से उभरी आकृतियाँ बनाई जाती हैं।

प्र.22. मैसूर चित्रकला का सबसे प्रसिद्ध विषय कौन सा है?

(A) शिव तांडव

(B) दशावतार

(C) राम दरबार

(D) बालकृष्ण

✔ उत्तर: (C) राम दरबार  |  व्याख्या: राम दरबार (भगवान राम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान) मैसूर चित्रकला का सर्वाधिक लोकप्रिय विषय है।

प्र.23. मैसूर चित्रकला में ब्रश किससे बनाए जाते थे?

(A) सूखी घास से

(B) गिलहरी के बालों से

(C) ऊँट के बालों से

(D) नायलॉन से

✔ उत्तर: (B) गिलहरी के बालों से  |  व्याख्या: पारंपरिक मैसूर चित्रकला में गिलहरी के बालों (squirrel hair) से बने बारीक ब्रश उपयोग किए जाते थे।

प्र.24. मैसूर चित्रकला में देवताओं के आसन का चित्रण कैसा होता है?

(A) खड़ी मुद्रा

(B) कमल के फूल पर आसीन

(C) सिंहासन पर बैठे

(D) कमल और सिंहासन दोनों

✔ उत्तर: (D) कमल और सिंहासन दोनों  |  व्याख्या: मैसूर चित्रकला में देवताओं को कमल के आसन पर या भव्य सिंहासन पर बैठे हुए दर्शाया जाता है।

प्र.25. मैसूर पेंटिंग में निम्न में से कौन सा देवता सर्वाधिक चित्रित किया जाता है?

(A) भगवान शिव

(B) भगवान विष्णु

(C) भगवान ब्रह्मा

(D) भगवान इंद्र

✔ उत्तर: (B) भगवान विष्णु  |  व्याख्या: मैसूर चित्रकला में वैष्णव परंपरा का प्रभाव अधिक है, अतः भगवान विष्णु और उनके अवतार अधिक चित्रित होते हैं।

खंड 2: मैसूर चित्रकला MCQ — प्रश्न 26–50

प्र.26. मैसूर चित्रकला में चित्र के चारों ओर क्या होता है?

(A) कोई सीमा नहीं

(B) सोने से सजी सजावटी सीमा (Border)

(C) काली सीमा

(D) लाल धारियाँ

✔ उत्तर: (B) सोने से सजी सजावटी सीमा (Border)  |  व्याख्या: मैसूर चित्रकला में चित्र के चारों ओर सोने की जटिल और सजावटी सीमा बनाई जाती है।

प्र.27. मैसूर चित्रकला में ‘नयन’ (आँखें) का चित्रण कैसा होता है?

(A) छोटी और गोल

(B) बादाम जैसी और लंबी

(C) त्रिकोणीय

(D) आधी बंद

✔ उत्तर: (B) बादाम जैसी और लंबी  |  व्याख्या: मैसूर चित्रकला में देवी-देवताओं की आँखें बादाम के आकार की, लंबी और कमनीय होती हैं।

प्र.28. मैसूर चित्रकला के चित्रकारों को क्या कहा जाता है?

(A) मूर्तिकार

(B) चित्रकार / Chitrakar

(C) शिल्पी

(D) वास्तुकार

✔ उत्तर: (B) चित्रकार / Chitrakar  |  व्याख्या: मैसूर चित्रकला के कलाकारों को परंपरागत रूप से ‘चित्रकार’ कहा जाता है और यह कला पीढ़ी-दर-पीढ़ी परिवारों में आगे बढ़ती है।

प्र.29. मैसूर चित्रकला में किस पशु को विशेष महत्व दिया जाता है?

(A) शेर

(B) हाथी

(C) गाय

(D) बाघ

✔ उत्तर: (B) हाथी  |  व्याख्या: मैसूर महल और कर्नाटक संस्कृति में हाथी का विशेष स्थान है और मैसूर चित्रकला में भी हाथियों का भव्य चित्रण होता है।

प्र.30. मैसूर चित्रकला में ‘दशावतार’ का चित्रण किस देवता से संबंधित है?

(A) शिव

(B) विष्णु

(C) राम

(D) कृष्ण

✔ उत्तर: (B) विष्णु  |  व्याख्या: दशावतार भगवान विष्णु के दस प्रमुख अवतार हैं जिनका मैसूर चित्रकला में विस्तार से चित्रण होता है।

📚 Mysore Painting MCQ in Hindi — परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण: मैसूर चित्रकला का GI Tag 2011 में मिला, यह कला विजयनगर साम्राज्य से प्रेरित है। Indian Art History के WhatsApp Channel से जुड़ें और Facebook Page लाइक करें।

प्र.31. मैसूर चित्रकला की शैली किस प्रकार की है?

(A) यथार्थवादी (Realistic)

(B) आदर्शवादी/औपचारिक (Idealized)

(C) अमूर्त (Abstract)

(D) छापामार (Impressionist)

✔ उत्तर: (B) आदर्शवादी/औपचारिक (Idealized)  |  व्याख्या: मैसूर चित्रकला में आदर्शवादी शैली का पालन होता है जहाँ देवी-देवताओं को शास्त्रीय अनुपात और परंपरागत रूप में दर्शाया जाता है।

प्र.32. मैसूर चित्रकला में चित्र तैयार करने की प्रक्रिया में पहला चरण क्या है?

(A) सोना लगाना

(B) रेखाचित्र (Sketch) बनाना

(C) रंग भरना

(D) गेसो लगाना

✔ उत्तर: (B) रेखाचित्र (Sketch) बनाना  |  व्याख्या: मैसूर चित्रकला में सबसे पहले पेंसिल या चारकोल से रेखाचित्र बनाया जाता है।

प्र.33. मैसूर चित्रकला में किसका चित्रण ‘चामुण्डेश्वरी देवी’ के रूप में होता है?

(A) लक्ष्मी

(B) दुर्गा का एक रूप

(C) सरस्वती

(D) पार्वती

✔ उत्तर: (B) दुर्गा का एक रूप  |  व्याख्या: चामुण्डेश्वरी मैसूर की अधिष्ठात्री देवी हैं जो दुर्गा का ही एक रूप हैं और मैसूर चित्रकला में विशेष स्थान रखती हैं।

प्र.34. मैसूर चित्रकला में ‘अलंकरण’ (Ornamentation) की विशेषता क्या है?

(A) न्यूनतम सजावट

(B) अत्यधिक और विस्तृत आभूषण

(C) केवल सोने का उपयोग

(D) कोई आभूषण नहीं

✔ उत्तर: (B) अत्यधिक और विस्तृत आभूषण  |  व्याख्या: मैसूर चित्रकला की पहचान उसके अत्यंत विस्तृत, बारीक और भव्य आभूषणों के चित्रण से होती है।

प्र.35. मैसूर चित्रकला किस प्रमुख शैली में वर्गीकृत है?

(A) लोक कला

(B) दरबारी/शास्त्रीय कला

(C) जनजातीय कला

(D) आधुनिक कला

✔ उत्तर: (B) दरबारी/शास्त्रीय कला  |  व्याख्या: मैसूर चित्रकला एक परिष्कृत दरबारी और शास्त्रीय कला है जो राजाओं के संरक्षण में विकसित हुई।

प्र.36. मैसूर चित्रकला में ‘अष्टलक्ष्मी’ का चित्रण किससे संबंधित है?

(A) आठ दिशाओं से

(B) देवी लक्ष्मी के आठ रूपों से

(C) आठ ग्रहों से

(D) आठ देवियों से

✔ उत्तर: (B) देवी लक्ष्मी के आठ रूपों से  |  व्याख्या: अष्टलक्ष्मी देवी लक्ष्मी के आठ विभिन्न रूप हैं जिनका मैसूर चित्रकला में सुंदर और विस्तृत चित्रण होता है।

प्र.37. मैसूर Painting के चित्रकारों की परंपरागत जाति कौन-सी है?

(A) ब्राह्मण

(B) विश्वकर्मा समुदाय

(C) वेलालर

(D) नायर

✔ उत्तर: (B) विश्वकर्मा समुदाय  |  व्याख्या: मैसूर Painting परंपरागत रूप से विश्वकर्मा समुदाय के चित्रकारों द्वारा की जाती रही है।

प्र.38. मैसूर Painting में वर्तमान में किस संस्था द्वारा इसे संरक्षित किया जा रहा है?

(A) IGNCA

(B) कर्नाटक चित्रकला परिषद

(C) ललित कला अकादमी दिल्ली

(D) राष्ट्रीय संग्रहालय

✔ उत्तर: (B) कर्नाटक चित्रकला परिषद  |  व्याख्या: बेंगलुरु स्थित कर्नाटक चित्रकला परिषत (Chitrakala Parishath) मैसूर चित्रकला के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

प्र.39. मैसूर चित्रकला में ‘रामायण’ के किस प्रसंग का सर्वाधिक चित्रण होता है?

(A) राम वनवास

(B) सुंदरकांड

(C) राम दरबार / पट्टाभिषेक

(D) लंका युद्ध

✔ उत्तर: (C) राम दरबार / पट्टाभिषेक  |  व्याख्या: मैसूर Painting में रामायण का सर्वाधिक लोकप्रिय प्रसंग ‘राम पट्टाभिषेक’ या ‘राम दरबार’ है।

प्र.40. मैसूर चित्रकला में हनुमान का चित्रण किस रूप में होता है?

(A) युद्ध में लड़ते हुए

(B) राम-सीता की भक्ति में, संजीवनी बूटी लेकर

(C) बाल रूप में

(D) रावण से वार्ता करते

✔ उत्तर: (B) राम-सीता की भक्ति में, संजीवनी बूटी लेकर  |  व्याख्या: मैसूर Painting में हनुमान को प्रायः राम-सीता के भक्त के रूप में या संजीवनी बूटी लेकर उड़ते हुए चित्रित किया जाता है।

🏛️ भारतीय चित्रकला परंपरा में मैसूर चित्रकला का विशेष स्थान है। यह दक्षिण भारतीय शास्त्रीय कला का श्रेष्ठतम उदाहरण है। मैसूर के वोडेयार शासकों ने इस कला को राजदरबार में प्रमुख स्थान दिया। indianarthistory.com — Get All Art History At One Place.

प्र.41. मैसूर चित्रकला में चित्र पर वार्निश का उपयोग किसलिए होता है?

(A) रंग चमकाने के लिए

(B) चित्र को टिकाऊ और सुरक्षित बनाने के लिए

(C) सोना लगाने के लिए

(D) कागज सख्त करने के लिए

✔ उत्तर: (B) चित्र को टिकाऊ और सुरक्षित बनाने के लिए  |  व्याख्या: मैसूर चित्रकला में अंत में वार्निश लगाया जाता है जो चित्र की रक्षा करता है।

प्र.42. मैसूर चित्रकला में ‘भूमि’ (Ground Preparation) कैसे तैयार की जाती है?

(A) सीधे कागज पर रंग लगाया जाता है

(B) कागज/बोर्ड पर खड़िया और अरबी गोंद का लेप

(C) केवल कपड़े पर काम होता है

(D) मिट्टी का लेप

✔ उत्तर: (B) कागज/बोर्ड पर खड़िया और अरबी गोंद का लेप  |  व्याख्या: मैसूर चित्रकला में चित्र की भूमि तैयार करने के लिए खड़िया मिट्टी और अरबी गोंद का मिश्रण लगाया जाता है।

प्र.43. मैसूर चित्रकला में देवी सरस्वती को किन प्रतीकों के साथ दिखाया जाता है?

(A) कमल और शंख

(B) वीणा, पुस्तक और कमल

(C) त्रिशूल और डमरू

(D) चक्र और गदा

✔ उत्तर: (B) वीणा, पुस्तक और कमल  |  व्याख्या: मैसूर चित्रकला में देवी सरस्वती को वीणा, पुस्तक, कमल और हंस के साथ चित्रित किया जाता है।

प्र.44. मैसूर शहर का पुराना नाम क्या था?

(A) महिषासुरपुर / महिषूरु

(B) कावेरीपट्टनम

(C) श्रीरंगपट्टनम

(D) चामराजनगर

✔ उत्तर: (A) महिषासुरपुर / महिषूरु  |  व्याख्या: मैसूर का प्राचीन नाम महिषासुरपुर (महिषूरु) था जो राक्षस महिषासुर की पराजय से जुड़ी पौराणिक कथा से संबंधित है।

प्र.45. मैसूर Painting में ‘गोपियाँ’ किस संदर्भ में चित्रित होती हैं?

(A) युद्ध दृश्यों में

(B) श्रीकृष्ण की रास लीला में

(C) मंदिर निर्माण में

(D) बाज़ार दृश्यों में

✔ उत्तर: (B) श्रीकृष्ण की रास लीला में  |  व्याख्या: मैसूर चित्रकला में गोपियाँ श्रीकृष्ण के साथ रास लीला के दृश्यों में सुंदर वस्त्रों और आभूषणों से सजी दर्शायी जाती हैं।

प्र.46. मैसूर चित्रकला में ‘पंचतंत्र’ का चित्रण किस उद्देश्य से होता था?

(A) मनोरंजन के लिए

(B) नैतिक शिक्षा के लिए

(C) राजनीतिक प्रचार के लिए

(D) व्यापार के लिए

✔ उत्तर: (B) नैतिक शिक्षा के लिए  |  व्याख्या: पंचतंत्र का चित्रण नैतिक मूल्यों और जीवन की शिक्षाओं को दृश्यात्मक रूप से प्रस्तुत करने के लिए होता था।

प्र.47. मैसूर चित्रकला में ‘विजयदशमी’ उत्सव का चित्रण क्यों महत्वपूर्ण है?

(A) क्योंकि मैसूर का दशहरा विश्वप्रसिद्ध है

(B) क्योंकि इसमें हाथियों का जुलूस होता है

(C) क्योंकि वोडेयार राजा इसे मनाते थे

(D) सभी कारण

✔ उत्तर: (D) सभी कारण  |  व्याख्या: मैसूर का दशहरा विश्वप्रसिद्ध है और मैसूर Painting में इस उत्सव के भव्य जुलूस और राजसी दृश्यों का विस्तृत चित्रण मिलता है।

प्र.48. मैसूर Painting में ‘अनंतशयन’ का दृश्य किसे दर्शाता है?

(A) शिव की समाधि

(B) विष्णु का शेषनाग पर विश्राम

(C) ब्रह्मा का ध्यान

(D) इंद्र का दरबार

✔ उत्तर: (B) विष्णु का शेषनाग पर विश्राम  |  व्याख्या: ‘अनंतशयन’ भगवान विष्णु की शेषनाग पर शयन करती मुद्रा है जो मैसूर चित्रकला में एक प्रमुख विषय है।

प्र.49. निम्न में से कौन से प्रसिद्ध मैसूर चित्रकार हैं?

(A) वी. कृष्णप्पा

(B) राजा रवि वर्मा

(C) अमृता शेरगिल

(D) एम. एफ. हुसैन

✔ उत्तर: (A) वी. कृष्णप्पा  |  व्याख्या: वी. कृष्णप्पा मैसूर चित्रकला के प्रसिद्ध आधुनिक चित्रकार हैं जिन्होंने इस परंपरा को जीवित रखा है।

प्र.50. मैसूर चित्रकला में ‘नटराज’ का चित्रण किस देवता का है?

(A) विष्णु

(B) गणेश

(C) शिव

(D) ब्रह्मा

✔ उत्तर: (C) शिव  |  व्याख्या: नटराज भगवान शिव का नृत्य रूप है और मैसूर चित्रकला में शिव के इस रूप का भव्य और सुंदर चित्रण होता है।

मैसूर चित्रकला MCQ: इन 100 प्रश्नों में मैसूर पेंटिंग के इतिहास, तकनीक, रंग, विषयवस्तु, प्रमुख चित्रकारों, GI Tag और संरक्षण पर महत्वपूर्ण प्रश्न शामिल हैं। Indian Art History Facebook Page को Follow करें।

खंड 3: मैसूर चित्रकला MCQ — प्रश्न 51–75

प्र.51. मैसूर चित्रकला में किस रंग को ‘शुभता’ का प्रतीक माना जाता है?

(A) काला

(B) पीला/सुनहरा

(C) नीला

(D) लाल

✔ उत्तर: (B) पीला/सुनहरा  |  व्याख्या: मैसूर चित्रकला में पीला और सुनहरा रंग समृद्धि, शुभता और दिव्यता का प्रतीक माना जाता है।

प्र.52. मैसूर चित्रकला में ‘सुदर्शन चक्र’ किसके हाथ में होता है?

(A) शिव

(B) विष्णु

(C) इंद्र

(D) राम

✔ उत्तर: (B) विष्णु  |  व्याख्या: सुदर्शन चक्र भगवान विष्णु का दिव्यास्त्र है और मैसूर चित्रकला में विष्णु को इसे धारण किए चित्रित किया जाता है।

प्र.53. मैसूर महल में स्थित चित्रों की शैली किस प्रकार की है?

(A) केवल मैसूर शैली

(B) मैसूर और यूरोपीय शैली का मिश्रण

(C) मुगल शैली

(D) राजपूत शैली

✔ उत्तर: (B) मैसूर और यूरोपीय शैली का मिश्रण  |  व्याख्या: मैसूर महल में पारंपरिक मैसूर शैली के साथ-साथ कुछ यूरोपीय प्रभाव भी दिखता है जो 19वीं-20वीं शताब्दी में आया।

प्र.54. मैसूर Painting में ‘षण्मुख’ (कार्तिकेय) को किस रूप में चित्रित किया जाता है?

(A) युद्ध में लड़ते हुए

(B) मयूर पर सवार, भाला लिए हुए

(C) ध्यान में बैठे

(D) बाल रूप में

✔ उत्तर: (B) मयूर पर सवार, भाला लिए हुए  |  व्याख्या: कार्तिकेय/मुरुगन को मैसूर चित्रकला में मयूर पर सवार और भाला (Vel) लिए योद्धा के रूप में चित्रित किया जाता है।

प्र.55. मैसूर चित्रकला में ‘रंग पूजा’ का क्या अर्थ है?

(A) रंगों को पूजना

(B) चित्र बनाने से पहले देवता को रंग अर्पित करना

(C) होली उत्सव

(D) रंग बनाने की प्रक्रिया

✔ उत्तर: (B) चित्र बनाने से पहले देवता को रंग अर्पित करना  |  व्याख्या: पारंपरिक मैसूर चित्रकारों में रंग पूजा की प्रथा थी जिसमें कार्य शुरू करने से पहले रंगों और औज़ारों की पूजा की जाती थी।

प्र.56. मैसूर चित्रकला में ‘पद्मासन’ और ‘सुखासन’ क्या दर्शाते हैं?

(A) नृत्य मुद्राएँ

(B) देवताओं की बैठने की आसन मुद्राएँ

(C) युद्ध की मुद्राएँ

(D) अभिवादन मुद्राएँ

✔ उत्तर: (B) देवताओं की बैठने की आसन मुद्राएँ  |  व्याख्या: मैसूर Painting में देवताओं को पद्मासन और सुखासन में ध्यानस्थ या आशीर्वाद देते दर्शाया जाता है।

प्र.57. मैसूर चित्रकला में ‘तुलाभारम’ का दृश्य किससे संबंधित है?

(A) कृष्ण को तुलसी से तोलना

(B) राम का राज्याभिषेक

(C) हनुमान का जन्म

(D) शिव की पूजा

✔ उत्तर: (A) कृष्ण को तुलसी से तोलना  |  व्याख्या: ‘तुलाभारम’ वह दृश्य है जब सत्यभामा ने कृष्ण को सोने से और रुक्मिणी ने तुलसी के पत्तों से तोला था।

प्र.58. मैसूर चित्रकला में ‘गजलक्ष्मी’ का चित्रण कैसा होता है?

(A) लक्ष्मी को हाथियों के बीच बैठे हुए

(B) लक्ष्मी हाथी की सवारी करते हुए

(C) लक्ष्मी हाथी को पालते हुए

(D) हाथी पर राजा

✔ उत्तर: (A) लक्ष्मी को हाथियों के बीच बैठे हुए  |  व्याख्या: गजलक्ष्मी में देवी लक्ष्मी को दोनों ओर हाथियों द्वारा जलाभिषेक करते हुए कमल पर बैठे दिखाया जाता है।

प्र.59. मैसूर चित्रकला में किस माध्यम का उपयोग सर्वाधिक होता है?

(A) तेल रंग (Oil Colors)

(B) जल रंग (Watercolors) और प्राकृतिक रंग

(C) एक्रेलिक

(D) पेस्टल

✔ उत्तर: (B) जल रंग (Watercolors) और प्राकृतिक रंग  |  व्याख्या: मैसूर चित्रकला में परंपरागत रूप से जल रंग और प्राकृतिक खनिज-वनस्पति से बने रंगों का उपयोग होता है।

प्र.60. मैसूर चित्रकला में ‘पंचमुखी हनुमान’ का चित्रण क्यों होता है?

(A) पाँच देवताओं का प्रतीक

(B) हनुमान के पाँच दिव्य रूपों का

(C) रावण का वध करने के लिए धारण किया गया रूप

(D) B और C दोनों

✔ उत्तर: (D) B और C दोनों  |  व्याख्या: पंचमुखी हनुमान हनुमान के पाँच दिव्य मुखों वाला रूप है जो उन्होंने अहिरावण का वध करने के लिए धारण किया था।

 Mysore Painting Key Facts: मैसूर Painting में Gold Leaf Work, Gesso Technique, Hindu Deities, Vijayanagara Legacy और Wodeyar Patronage प्रमुख विषय हैं। indianarthistory.com पर इस कला से जुड़े अधिक MCQ और लेख पाएँ।

प्र.61. मैसूर चित्रकला को पुनर्जीवित करने में किस संस्था ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई?

(A) जे.जे. स्कूल ऑफ आर्ट

(B) मैसूर विश्वविद्यालय कला विभाग

(C) दिल्ली कला महाविद्यालय

(D) शांतिनिकेतन

✔ उत्तर: (B) मैसूर विश्वविद्यालय कला विभाग  |  व्याख्या: मैसूर विश्वविद्यालय ने मैसूर चित्रकला की परंपराओं के शोध और संरक्षण में योगदान दिया।

प्र.62. मैसूर चित्रकला में ‘बालकृष्ण’ को किस रूप में दर्शाया जाता है?

(A) रोते हुए बच्चे

(B) माखन खाते या नाचते हुए बाल कृष्ण

(C) युद्ध करते हुए

(D) ध्यान में बैठे

✔ उत्तर: (B) माखन खाते या नाचते हुए बाल कृष्ण  |  व्याख्या: मैसूर चित्रकला में बालकृष्ण को माखन चुराते हुए, नाचते हुए या माँ यशोदा की गोद में खेलते हुए सुंदर रूप में दर्शाया जाता है।

प्र.63. मैसूर चित्रकला में ‘त्रिमूर्ति’ का चित्रण किसे दर्शाता है?

(A) तीन ऋषि

(B) ब्रह्मा, विष्णु और महेश (शिव)

(C) तीन राजा

(D) तीन देवियाँ

✔ उत्तर: (B) ब्रह्मा, विष्णु और महेश (शिव)  |  व्याख्या: त्रिमूर्ति हिंदू धर्म की तीन मुख्य शक्तियों ब्रह्मा, विष्णु और शिव का सम्मिलित स्वरूप है।

प्र.64. मैसूर Painting में ‘प्रभामंडल’ (Halo) का क्या महत्व है?

(A) कोई महत्व नहीं

(B) देवत्व और दिव्य ऊर्जा का प्रतीक

(C) राजसत्ता का प्रतीक

(D) सूर्य का प्रतीक

✔ उत्तर: (B) देवत्व और दिव्य ऊर्जा का प्रतीक  |  व्याख्या: मैसूर चित्रकला में देवी-देवताओं के सिर के पीछे प्रभामंडल उनकी दिव्य शक्ति और पवित्रता का प्रतीक है।

प्र.65. मैसूर चित्रकला में लाल रंग का क्या प्रतीकात्मक अर्थ है?

(A) शोक

(B) शक्ति, ऊर्जा और शुभता

(C) शांति

(D) वैराग्य

✔ उत्तर: (B) शक्ति, ऊर्जा और शुभता  |  व्याख्या: मैसूर Painting में लाल रंग शक्ति, दिव्य ऊर्जा और मांगलिकता का प्रतीक है।

प्र.66. मैसूर चित्रकला में ‘गोकुल’ और ‘वृंदावन’ के दृश्य किस देवता से संबंधित हैं?

(A) राम

(B) विष्णु

(C) कृष्ण

(D) शिव

✔ उत्तर: (C) कृष्ण  |  व्याख्या: गोकुल और वृंदावन भगवान कृष्ण की लीलाभूमि हैं और मैसूर चित्रकला में कृष्ण की बाल लीलाओं के अनेक सुंदर चित्र मिलते हैं।

प्र.67. मैसूर Art के चित्रों का आकार सामान्यतः कैसा होता है?

(A) बहुत बड़े (भित्तिचित्र)

(B) मध्यम से लघु आकार

(C) बहुत छोटे (सूक्ष्म)

(D) अनियमित आकार

✔ उत्तर: (B) मध्यम से लघु आकार  |  व्याख्या: मैसूर Art परंपरागत रूप से मध्यम से लघु आकार में बनाई जाती है जो घरों और मंदिरों में स्थापना के लिए उपयुक्त होती है।

प्र.68. मैसूर चित्रकला को कौन-सी अंतर्राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त है?

(A) UNESCO सांस्कृतिक धरोहर

(B) GI Tag (भौगोलिक संकेत)

(C) World Heritage

(D) UNESCO और GI दोनों

✔ उत्तर: (B) GI Tag (भौगोलिक संकेत)  |  व्याख्या: मैसूर चित्रकला को भारत सरकार द्वारा GI Tag (Geographic Indication Tag) प्रदान किया गया है।

प्र.69. मैसूर चित्रकला में ‘द्वारपाल’ का चित्रण कहाँ होता है?

(A) चित्र के केंद्र में

(B) मंदिर और महल के द्वारों पर

(C) पृष्ठभूमि में

(D) ऊपरी कोनों में

✔ उत्तर: (B) मंदिर और महल के द्वारों पर  |  व्याख्या: मैसूर चित्रकला में द्वारपाल देवताओं का चित्रण मंदिरों और महलों के प्रवेश द्वारों की सुरक्षा के प्रतीक के रूप में होता है।

प्र.70. मैसूर Art में ‘किरीट’ (Crown) कैसा होता है?

(A) सरल और सादा

(B) जटिल, बहुस्तरीय और सोने से अलंकृत

(C) केवल गोल आकार

(D) फूलों का बना

✔ उत्तर: (B) जटिल, बहुस्तरीय और सोने से अलंकृत  |  व्याख्या: मैसूर Art में देवताओं के मुकुट बहुत जटिल, बहुस्तरीय और सोने की पत्तियों से सजे होते हैं।

📖 मैसूर Art नोट्स: विष्णु के दशावतार, राम दरबार, कृष्ण लीला, शिव नटराज और देवी दुर्गा जैसे विषय सर्वाधिक लोकप्रिय हैं। Indian Art History WhatsApp Channel जॉइन करें।

प्र.71. मैसूर चित्रकला में ‘शंख’ का प्रतीकात्मक अर्थ क्या है?

(A) युद्ध का संकेत

(B) दिव्य ध्वनि, शुभता और विष्णु की शक्ति

(C) सागर का प्रतीक

(D) मछुआरों का प्रतीक

✔ उत्तर: (B) दिव्य ध्वनि, शुभता और विष्णु की शक्ति  |  व्याख्या: शंख मैसूर चित्रकला में दिव्य ध्वनि, ब्रह्मांडीय स्पंदन और भगवान विष्णु की शक्ति का प्रतीक है।

प्र.72. मैसूर चित्रकला में ‘नीलवर्ण’ (नीला रंग) किस देवता से विशेष रूप से जुड़ा है?

(A) शिव

(B) श्रीकृष्ण और विष्णु

(C) गणेश

(D) इंद्र

✔ उत्तर: (B) श्रीकृष्ण और विष्णु  |  व्याख्या: मैसूर Artमें नीला रंग भगवान कृष्ण और विष्णु की त्वचा का रंग दर्शाता है जो उनके दिव्य स्वरूप का प्रतीक है।

प्र.73. मैसूर चित्रकला में ‘पल्लव’ (Creeper designs) का उपयोग किस लिए होता है?

(A) केवल पृष्ठभूमि में

(B) सीमा (Border) और सजावट में

(C) देवताओं के वस्त्रों पर

(D) सभी स्थानों पर

✔ उत्तर: (D) सभी स्थानों पर  |  व्याख्या: लता-पल्लव के डिज़ाइन मैसूर चित्रकला में सीमाओं, सजावट, वस्त्रों और पृष्ठभूमि सभी जगह सौंदर्य बढ़ाने के लिए उपयोग होते हैं।

प्र.74. मैसूर Art किस भारतीय चित्रकला परंपरा का हिस्सा है?

(A) उत्तर भारतीय चित्रकला

(B) दक्षिण भारतीय शास्त्रीय चित्रकला

(C) पूर्वी भारतीय चित्रकला

(D) जनजातीय चित्रकला

✔ उत्तर: (B) दक्षिण भारतीय शास्त्रीय चित्रकला  |  व्याख्या: मैसूर Artदक्षिण भारत की समृद्ध शास्त्रीय चित्रकला परंपरा का अभिन्न अंग है।

प्र.75. मैसूर Artमें ‘दीपलक्ष्मी’ का चित्रण किस अवसर पर महत्वपूर्ण है?

(A) नवरात्रि

(B) दीपावली

(C) होली

(D) उगादि

✔ उत्तर: (B) दीपावली  |  व्याख्या: दीपावली के अवसर पर दीपलक्ष्मी का चित्रण मैसूर चित्रकला में विशेष रूप से लोकप्रिय और शुभ माना जाता है।

खंड 4: मैसूर चित्रकला MCQ — प्रश्न 76–100

प्र.76. मैसूर चित्रकला में ‘मत्स्यावतार’ का चित्रण किससे संबंधित है?

(A) गंगा अवतरण

(B) विष्णु के प्रथम अवतार मत्स्य से

(C) सागर मंथन से

(D) रामायण से

✔ उत्तर: (B) विष्णु के प्रथम अवतार मत्स्य से  |  व्याख्या: मत्स्यावतार भगवान विष्णु का प्रथम अवतार है जिसमें उन्होंने मछली का रूप धारण कर प्रलय से वेदों की रक्षा की थी।

प्र.77. मैसूर चित्रकला में ‘नृसिंहावतार’ का चित्रण कौन सा प्रसंग दिखाता है?

(A) समुद्र मंथन

(B) हिरण्यकश्यप वध और प्रह्लाद की रक्षा

(C) कालिया मर्दन

(D) लंका युद्ध

✔ उत्तर: (B) हिरण्यकश्यप वध और प्रह्लाद की रक्षा  |  व्याख्या: नृसिंहावतार में विष्णु ने नर-सिंह रूप में हिरण्यकश्यप का वध किया और भक्त प्रह्लाद की रक्षा की।

प्र.78. मैसूर चित्रकला में ‘कमल’ का क्या प्रतीकात्मक महत्व है?

(A) प्रकृति प्रेम

(B) पवित्रता, ज्ञान और दिव्यता

(C) जल का प्रतीक

(D) वसंत ऋतु

✔ उत्तर: (B) पवित्रता, ज्ञान और दिव्यता  |  व्याख्या: मैसूर चित्रकला में कमल पवित्रता, आत्मिक ज्ञान और दिव्यता का प्रतीक है; देवी-देवता प्रायः कमल पर विराजमान होते हैं।

प्र.79. मैसूर चित्रकला में सोने की पत्तियाँ चिपकाने के लिए किस गोंद का उपयोग होता है?

(A) फेविकोल

(B) अरबी गोंद (Gum Arabic)

(C) लाख

(D) सिंथेटिक ग्लू

✔ उत्तर: (B) अरबी गोंद (Gum Arabic)  |  व्याख्या: मैसूर चित्रकला में सोने की पत्तियाँ चिपकाने के लिए पारंपरिक रूप से अरबी गोंद (Gum Arabic) का उपयोग होता है।

प्र.80. मैसूर चित्रकला का भविष्य सुनिश्चित करने के लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं?

(A) सरकारी योजनाएँ

(B) ऑनलाइन प्रशिक्षण और डिजिटल विपणन

(C) अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनियाँ

(D) सभी प्रयास

✔ उत्तर: (D) सभी प्रयास  |  व्याख्या: मैसूर चित्रकला को बचाने के लिए सरकारी अनुदान, ऑनलाइन कक्षाएँ, डिजिटल मार्केटिंग और प्रदर्शनियाँ सभी तरह के प्रयास हो रहे हैं।

🎯 Mysore Painting MCQ Hindi: इस लेख के सभी 100 प्रश्न मैसूर चित्रकला की तकनीक, इतिहास, शैली और धार्मिक महत्व पर आधारित हैं। UPSC, State PSC, Art Exam के लिए उपयोगी। indianarthistory.com से और सीखें।

प्र.81. मैसूर चित्रकला में ‘त्रिविक्रम’ का चित्रण किससे संबंधित है?

(A) शिव के तांडव से

(B) वामन अवतार से

(C) नरसिंह अवतार से

(D) परशुराम से

✔ उत्तर: (B) वामन अवतार से  |  व्याख्या: त्रिविक्रम भगवान विष्णु के वामन अवतार का वह रूप है जब उन्होंने तीन पगों में तीनों लोकों को नापा था।

प्र.82. मैसूर चित्रकला में ‘सप्त मातृकाएँ’ क्या हैं?

(A) सात नदियाँ

(B) सात माँ देवियों का समूह

(C) सात ग्रह

(D) सात रंग

✔ उत्तर: (B) सात माँ देवियों का समूह  |  व्याख्या: सप्त मातृकाएँ सात देवियाँ हैं — ब्राह्मी, माहेश्वरी, कौमारी, वैष्णवी, वाराही, इंद्राणी और चामुण्डा।

प्र.83. मैसूर चित्रकला में ‘तोरणम्’ (Torana) का क्या अर्थ है?

(A) दीपक

(B) सजावटी चाप/प्रवेशद्वार

(C) फूलमाला

(D) पर्दा

✔ उत्तर: (B) सजावटी चाप/प्रवेशद्वार  |  व्याख्या: मैसूर चित्रकला में तोरणम् एक सजावटी चाप है जो देवताओं के आसन के ऊपर बनाया जाता है।

प्र.84. मैसूर चित्रकला का विस्तार किस काल में सबसे अधिक हुआ?

(A) 10वीं-12वीं शताब्दी

(B) 17वीं-19वीं शताब्दी

(C) 5वीं-7वीं शताब्दी

(D) 20वीं शताब्दी

✔ उत्तर: (B) 17वीं-19वीं शताब्दी  |  व्याख्या: मैसूर चित्रकला का स्वर्णकाल 17वीं से 19वीं शताब्दी के बीच था जब वोडेयार राजाओं ने इसे राजाश्रय दिया।

प्र.85. मैसूर चित्रकला की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता जो इसे अन्य शैलियों से अलग करती है, वह क्या है?

(A) केवल धार्मिक विषय

(B) गेसो तकनीक और सोने की पत्तियों का उपयोग

(C) केवल प्राकृतिक रंग

(D) बड़े आकार के चित्र

✔ उत्तर: (B) गेसो तकनीक और सोने की पत्तियों का उपयोग  |  व्याख्या: मैसूर चित्रकला की सबसे विशिष्ट पहचान गेसो तकनीक से बनी उभरी आकृतियों पर असली सोने की पत्तियाँ (Gold Leaf) चिपकाना है।

🔑 मैसूर चित्रकला के महत्वपूर्ण बिंदु: GI Tag 2011 | मूल — विजयनगर साम्राज्य | विशेषता — Gold Leaf + Gesso | विषय — हिंदू देवी-देवता | प्रमुख शासक — कृष्णराज वोडेयार III। indianarthistory.com

निष्कर्ष (Conclusion) — मैसूर चित्रकला

मैसूर चित्रकला (Mysore Painting) भारतीय कला इतिहास की एक अमूल्य धरोहर है जो सदियों से दक्षिण भारत की सांस्कृतिक पहचान को जीवंत रखे हुए है।

इस चित्रकला में गेसो तकनीक, असली सोने की पत्तियों का उपयोग, सूक्ष्म रेखाओं की कुशलता और हिंदू पौराणिक कथाओं का भव्य चित्रण — ये सभी विशेषताएँ मिलकर इसे विश्व की श्रेष्ठतम चित्रकला परंपराओं में स्थान दिलाती हैं। वर्ष 2011 में मिले GI Tag ने इस कला की वैश्विक पहचान को और सुदृढ़ किया है।

इन 100 मैसूर चित्रकला MCQ प्रश्नों के माध्यम से आपने इस अद्भुत कला के इतिहास, तकनीक, विषयवस्तु और सांस्कृतिक महत्व को गहराई से समझा होगा। ये प्रश्न UPSC, KPSC, राज्य लोक सेवा आयोग, कला इतिहास परीक्षाओं और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। मैसूर चित्रकला जैसी भारतीय कला परंपराओं को जानना और संरक्षित करना हम सभी का दायित्व है।

🌐 indianarthistory.com

Get All Art History At One Place

💬 WhatsApp: Indian Art History  |  📘 Facebook: Indian Art History

Related Post

Leave a Comment