पल्लव कला MCQ: 100 महत्वपूर्ण प्रश्न A/B/C/D विकल्प, सही उत्तर और व्याख्या सहित। UPSC, SSC, TET, State PSC परीक्षाओं के लिए उपयोगी। पल्लव वंश, महाबलिपुरम, कांचीपुरम, द्राविड़ स्थापत्य कला पर आधारित।
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पल्लव कला- परिचय
पल्लव कला MCQ — भारतीय कला इतिहास की परीक्षाओं में पल्लव कला एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। पल्लव वंश (लगभग 275–897 ईस्वी) ने दक्षिण भारत में द्राविड़ स्थापत्य कला की आधारशिला रखी और महाबलिपुरम तथा कांचीपुरम में अद्वितीय शैलोत्कीर्ण मंदिर, एकाश्म रथ और भव्य संरचनात्मक मंदिरों का निर्माण किया।
प्रस्तुत पल्लव कला MCQ संग्रह में 100 बहुविकल्पीय प्रश्न दिए गए हैं जो UPSC, SSC, TET, राज्य PSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी हैं। प्रत्येक प्रश्न के साथ चार विकल्प (A, B, C, D), सही उत्तर और एक पंक्ति की व्याख्या दी गई है। यह MCQ संग्रह छात्रों को भारतीय कला इतिहास के इस महत्वपूर्ण अध्याय को गहराई से समझने में सहायता करेगा।
पल्लव काल में कांचीपुरम का कैलाशनाथ मंदिर, महाबलिपुरम का Shore Temple, पाँच पांडव रथ, गंगावतरण शैल-चित्र और अनेक सुंदर गुफा मंदिर (मण्डपम) बनाए गए। पल्लव मूर्तिकला की सुकुमार और भावपूर्ण शैली आज भी विश्व-भर के कला-प्रेमियों को मुग्ध करती है। इन सभी पहलुओं पर आधारित यह MCQ प्रश्नोत्तरी आपकी परीक्षा की तैयारी को और अधिक प्रभावशाली बनाएगी।
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पल्लव कला MCQ — 100 प्रश्न (भाग 1: प्रश्न 1–25)
💡 पल्लव कला से संबंधित ये प्रश्न UPSC, SSC CGL, State PSC, TET, NET और अन्य सरकारी परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाते हैं। भारतीय कला इतिहास में पल्लव काल की द्राविड़ स्थापत्य शैली का विशेष महत्व है।
1. पल्लव वंश की स्थापना किसने की थी?
A) सिंहविष्णु
B) महेन्द्रवर्मन
C) नरसिंहवर्मन
D) परमेश्वरवर्मन
✔ सही उत्तर: A) सिंहविष्णु
📝 व्याख्या: पल्लव वंश की स्थापना लगभग 275 ईस्वी में सिंहविष्णु ने की थी, जिन्होंने कांचीपुरम को अपनी राजधानी बनाया।
2. पल्लव कला का प्रमुख केंद्र कौन-सा नगर था?
A) मदुरै
B) तंजावुर
C) कांचीपुरम
D) मदुरापट्टनम
✔ सही उत्तर: C) कांचीपुरम
📝 व्याख्या: कांचीपुरम पल्लव कला और स्थापत्य का प्रमुख केंद्र था जहाँ अनेक मंदिर निर्मित हुए।
3. महाबलिपुरम में रथ मंदिरों का निर्माण किसने करवाया?
A) सिंहविष्णु
B) महेन्द्रवर्मन प्रथम
C) नरसिंहवर्मन प्रथम
D) राजसिंह
✔ सही उत्तर: C) नरसिंहवर्मन प्रथम
📝 व्याख्या: नरसिंहवर्मन प्रथम (Mamalla) ने महाबलिपुरम में पाँच रथ मंदिरों का निर्माण करवाया जो पल्लव कला की उत्कृष्ट मिसाल हैं।
4. पाँच पांडव रथों में सबसे बड़ा रथ कौन-सा है?
A) द्रौपदी रथ
B) अर्जुन रथ
C) भीम रथ
D) धर्मराज रथ
✔ सही उत्तर: D) धर्मराज रथ
📝 व्याख्या: धर्मराज रथ पाँच पांडव रथों में सबसे बड़ा और बहुमंजिला रथ है जो पल्लव स्थापत्य की जटिलता दर्शाता है।
5. महाबलिपुरम के किस पल्लव राजा के नाम पर ‘मामल्लपुरम’ नाम पड़ा?
A) राजसिंह
B) नरसिंहवर्मन द्वितीय
C) नरसिंहवर्मन प्रथम
D) परमेश्वरवर्मन
✔ सही उत्तर: C) नरसिंहवर्मन प्रथम
📝 व्याख्या: नरसिंहवर्मन प्रथम का उपनाम ‘मामल्ल’ था जिसके कारण महाबलिपुरम को ‘मामल्लपुरम’ भी कहा जाता है।
6. ‘गंगावतरण’ या ‘अर्जुन की तपस्या’ नामक विशाल शैलोत्कीर्ण चित्र कहाँ स्थित है?
A) कांचीपुरम
B) महाबलिपुरम
C) तिरुपति
D) तंजावुर
✔ सही उत्तर: B) महाबलिपुरम
📝 व्याख्या: महाबलिपुरम में ‘अर्जुन की तपस्या’ या ‘गंगावतरण’ विश्व की सबसे बड़ी बेस-रिलीफ (शैलोत्कीर्ण) कलाकृतियों में से एक है।
7. पल्लव स्थापत्य की किस शैली में एकाश्म (monolith) मंदिरों का निर्माण हुआ?
A) द्राविड़ शैली
B) नागर शैली
C) वेसर शैली
D) चालुक्य शैली
✔ सही उत्तर: A) द्राविड़ शैली
📝 व्याख्या: पल्लव स्थापत्य द्राविड़ शैली का आरंभिक उदाहरण है जिसमें एकाश्म (एक ही पत्थर से बने) मंदिरों का निर्माण प्रमुख है।
8. कांचीपुरम का ‘कैलाशनाथ मंदिर’ किसने बनवाया?
A) नरसिंहवर्मन प्रथम
B) राजसिंह (नरसिंहवर्मन द्वितीय)
C) महेन्द्रवर्मन
D) परमेश्वरवर्मन द्वितीय
✔ सही उत्तर: B) राजसिंह (नरसिंहवर्मन द्वितीय)
📝 व्याख्या: कैलाशनाथ मंदिर का निर्माण राजसिंह (नरसिंहवर्मन द्वितीय) ने 8वीं शताब्दी में करवाया था, यह पल्लव काल का सबसे पूर्ण संरचनात्मक मंदिर है।
9. पल्लव काल में गुफा मंदिर बनाने की परंपरा किसने शुरू की?
A) सिंहविष्णु
B) महेन्द्रवर्मन प्रथम
C) नरसिंहवर्मन प्रथम
D) अपराजित
✔ सही उत्तर: B) महेन्द्रवर्मन प्रथम
📝 व्याख्या: महेन्द्रवर्मन प्रथम ने गुफा मंदिर (मण्डपम) बनाने की परंपरा शुरू की, जो पल्लव कला का प्रथम चरण माना जाता है।
10. महाबलिपुरम का ‘शोर टेम्पल’ (Shore Temple) किसने बनवाया?
A) महेन्द्रवर्मन
B) नरसिंहवर्मन प्रथम
C) राजसिंह
D) नंदिवर्मन
✔ सही उत्तर: C) राजसिंह
📝 व्याख्या: शोर टेम्पल का निर्माण राजसिंह (नरसिंहवर्मन द्वितीय) ने 8वीं शताब्दी में करवाया था, यह बंगाल की खाड़ी के तट पर स्थित है।
11. पल्लव कला में ‘मण्डपम’ किसे कहते हैं?
A) शिखर वाले मंदिर
B) स्तम्भयुक्त खुली गुफाएँ/बरामदे
C) तालाब के किनारे मंदिर
D) राजमहल
✔ सही उत्तर: B) स्तम्भयुक्त खुली गुफाएँ/बरामदे
📝 व्याख्या: पल्लव कला में ‘मण्डपम’ उन गुफा मंदिरों को कहते हैं जो पत्थर काटकर बनाई गई हैं और जिनमें स्तम्भयुक्त बरामदे होते हैं।
12. पल्लव मूर्तिकला की किस विशेषता को सर्वाधिक महत्व दिया जाता है?
A) भारी-भरकम आकृतियाँ
B) सुकुमार और भावपूर्ण अभिव्यक्ति
C) अमूर्त प्रतीक
D) ज्यामितीय डिजाइन
✔ सही उत्तर: B) सुकुमार और भावपूर्ण अभिव्यक्ति
📝 व्याख्या: पल्लव मूर्तिकला में सुकुमार, भावपूर्ण और जीवंत अभिव्यक्ति की विशेषता होती है जो मूर्तियों में प्राण फूँक देती है।
13. महाबलिपुरम के रथ मंदिरों में ‘द्रौपदी रथ’ किस देवी को समर्पित है?
A) लक्ष्मी
B) सरस्वती
C) दुर्गा
D) पार्वती
✔ सही उत्तर: C) दुर्गा
📝 व्याख्या: द्रौपदी रथ देवी दुर्गा को समर्पित है और यह पाँच रथों में सबसे छोटा है जो कि एक झोपड़ी के आकार का है।
14. पल्लव काल में निर्मित ‘वराह गुफा’ में कौन-सी प्रमुख पौराणिक कथा चित्रित है?
A) रामायण
B) कृष्णलीला
C) वराह अवतार द्वारा पृथ्वी उद्धार
D) गणेश जन्म
✔ सही उत्तर: C) वराह अवतार द्वारा पृथ्वी उद्धार
📝 व्याख्या: महाबलिपुरम की वराह गुफा में भगवान विष्णु के वराह अवतार द्वारा पृथ्वी देवी (भूदेवी) के उद्धार का दृश्य अंकित है।
15. पल्लव स्थापत्य के मुख्यतः कितने चरण माने जाते हैं?
A) दो
B) तीन
C) चार
D) पाँच
✔ सही उत्तर: C) चार
📝 व्याख्या: पल्लव स्थापत्य के चार प्रमुख चरण हैं: महेन्द्र शैली (गुफा), मामल्ल शैली (रथ), राजसिंह शैली (संरचनात्मक मंदिर), और नंदिवर्मन शैली।
16. पल्लव कला में ‘शिखर’ को किस नाम से जाना जाता है?
A) विमान
B) गोपुरम
C) मण्डप
D) प्राकार
✔ सही उत्तर: A) विमान
📝 व्याख्या: दक्षिण भारतीय (पल्लव सहित द्राविड़) स्थापत्य में मुख्य गर्भगृह के ऊपर की संरचना को ‘विमान’ कहा जाता है।
17. किस पल्लव राजा ने चित्रकारी को भी प्रोत्साहित किया और स्वयं कवि भी थे?
A) नरसिंहवर्मन
B) महेन्द्रवर्मन प्रथम
C) राजसिंह
D) अपराजित
✔ सही उत्तर: B) महेन्द्रवर्मन प्रथम
📝 व्याख्या: महेन्द्रवर्मन प्रथम स्वयं कवि, चित्रकार और संगीतज्ञ थे। उन्होंने ‘मत्तविलास प्रहसन’ नामक संस्कृत नाटक लिखा।
18. पल्लव कला में ‘गोपुरम’ का क्या अर्थ है?
A) मंदिर का मुख्य गर्भगृह
B) मंदिर का प्रवेश द्वार / टावर
C) मंदिर का स्तम्भ
D) मंदिर का तालाब
✔ सही उत्तर: B) मंदिर का प्रवेश द्वार / टावर
📝 व्याख्या: गोपुरम दक्षिण भारतीय मंदिर स्थापत्य में मंदिर परिसर के प्रवेश द्वार पर बना विशाल टावर होता है, जो पल्लव काल में विकसित हुआ।
19. महाबलिपुरम किस राज्य में स्थित है?
A) कर्नाटक
B) आंध्र प्रदेश
C) केरल
D) तमिलनाडु
✔ सही उत्तर: D) तमिलनाडु
📝 व्याख्या: महाबलिपुरम (मामल्लपुरम) तमिलनाडु राज्य में चेन्नई से लगभग 58 किमी दक्षिण में बंगाल की खाड़ी के तट पर स्थित है।
20. पल्लव काल में किस धर्म का सर्वाधिक प्रभाव था?
A) बौद्ध धर्म
B) जैन धर्म
C) शैव और वैष्णव हिंदू धर्म
D) सिख धर्म
✔ सही उत्तर: C) शैव और वैष्णव हिंदू धर्म
📝 व्याख्या: पल्लव काल में शैव और वैष्णव हिंदू धर्म का सर्वाधिक प्रभाव था, हालाँकि बौद्ध और जैन धर्म भी प्रचलित थे।
21. अर्जुन की तपस्या की चट्टान पर किस नदी का अवतरण दिखाया गया है?
A) यमुना
B) सरस्वती
C) गंगा
D) गोदावरी
✔ सही उत्तर: C) गंगा
📝 व्याख्या: महाबलिपुरम की ‘अर्जुन की तपस्या’ या ‘गंगावतरण’ की शैल-पटल पर गंगा नदी के पृथ्वी पर अवतरण का अद्भुत दृश्य उत्कीर्ण है।
22. पल्लव काल का सबसे प्रसिद्ध ब्रोंज़ (काँसे की) मूर्तिकला केंद्र कौन-सा था?
A) मदुरै
B) कांचीपुरम
C) तंजावुर
D) महाबलिपुरम
✔ सही उत्तर: B) कांचीपुरम
📝 व्याख्या: कांचीपुरम पल्लव काल में ब्रोंज़ (काँसे की) मूर्तिकला का प्रमुख केंद्र था। यहाँ से अनेक सुंदर ब्रोंज़ मूर्तियाँ प्राप्त हुई हैं।
23. पल्लव स्थापत्य की ‘महेन्द्र शैली’ की मुख्य विशेषता क्या है?
A) विशाल संरचनात्मक मंदिर
B) पत्थर काटकर बनाई गई गुफाएँ
C) एकाश्म रथ
D) विशाल गोपुरम
✔ सही उत्तर: B) पत्थर काटकर बनाई गई गुफाएँ
📝 व्याख्या: महेन्द्र शैली (महेन्द्रवर्मन प्रथम के काल में) की मुख्य विशेषता पत्थर काटकर (शैलोत्कीर्ण) बनाई गई गुफाएँ हैं।
24. पल्लव काल में नटराज की मूर्ति किस धातु से बनाई जाती थी?
A) सोना
B) काँसा (Bronze)
C) चाँदी
D) लोहा
✔ सही उत्तर: B) काँसा (Bronze)
📝 व्याख्या: पल्लव काल में नटराज सहित अनेक देवी-देवताओं की मूर्तियाँ काँसे (Bronze) से बनाई जाती थीं, यह परंपरा बाद में चोल काल में और भी विकसित हुई।
25. कांचीपुरम के ‘वैकुण्ठ पेरुमाल मंदिर’ का निर्माण किसने करवाया?
A) राजसिंह
B) नंदिवर्मन द्वितीय
C) महेन्द्रवर्मन
D) परमेश्वरवर्मन
✔ सही उत्तर: B) नंदिवर्मन द्वितीय
📝 व्याख्या: कांचीपुरम का वैकुण्ठ पेरुमाल मंदिर नंदिवर्मन द्वितीय ने 8वीं शताब्दी में बनवाया था। इसमें पल्लव इतिहास के दृश्य उत्कीर्ण हैं।
पल्लव कला MCQ — भाग 2: प्रश्न 26–50
🔍 पल्लव वंश के राजाओं में महेन्द्रवर्मन प्रथम, नरसिंहवर्मन प्रथम (मामल्ल) और राजसिंह का कला और स्थापत्य में योगदान अतुलनीय है। महाबलिपुरम के मंदिर यूनेस्को विश्व धरोहर में शामिल हैं।
26. पल्लव कला में ‘त्रिमूर्ति गुफा’ में किन तीन देवताओं को दर्शाया गया है?
A) ब्रह्मा, विष्णु, शिव
B) गणेश, कार्तिकेय, शिव
C) राम, कृष्ण, विष्णु
D) इंद्र, वरुण, अग्नि
✔ सही उत्तर: A) ब्रह्मा, विष्णु, शिव
📝 व्याख्या: त्रिमूर्ति गुफा में हिंदू त्रिदेव ब्रह्मा (सृष्टिकर्ता), विष्णु (पालनकर्ता) और शिव (संहारकर्ता) की मूर्तियाँ हैं।
27. पल्लव कला में चित्रकारी के उदाहरण किस स्थान पर मिलते हैं?
A) महाबलिपुरम
B) कांचीपुरम के सित्तनवासल गुफा
C) तिरुपति
D) मदुरै
✔ सही उत्तर: B) कांचीपुरम के सित्तनवासल गुफा
📝 व्याख्या: सित्तनवासल (पुदुकोट्टई जिला, तमिलनाडु) की गुफाओं में पल्लव काल की उत्कृष्ट चित्रकारी मिलती है, जो अजंता शैली से प्रभावित है।
28. किस पल्लव राजा को ‘विचित्र चित्त’ (विचित्र मन वाला) की उपाधि दी गई थी?
A) नरसिंहवर्मन
B) महेन्द्रवर्मन प्रथम
C) राजसिंह
D) सिंहविष्णु
✔ सही उत्तर: B) महेन्द्रवर्मन प्रथम
📝 व्याख्या: महेन्द्रवर्मन प्रथम को ‘विचित्र चित्त’ (अद्भुत मन वाला) की उपाधि दी गई थी, जो उनकी बहुमुखी प्रतिभा को दर्शाती है।
29. महाबलिपुरम में ‘कृष्ण मण्डपम’ में कौन-सा दृश्य चित्रित है?
A) रासलीला
B) कृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाना
C) कालिया नाग दमन
D) मथुरा में कंस वध
✔ सही उत्तर: B) कृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाना
📝 व्याख्या: महाबलिपुरम के कृष्ण मण्डपम में भगवान कृष्ण द्वारा इंद्र के कोप से ग्रामवासियों की रक्षा हेतु गोवर्धन पर्वत उठाने का भव्य दृश्य उत्कीर्ण है।
30. पल्लव काल में प्रयुक्त लिपि का नाम क्या था?
A) ब्राह्मी
B) खरोष्ठी
C) ग्रंथ लिपि
D) देवनागरी
✔ सही उत्तर: C) ग्रंथ लिपि
📝 व्याख्या: पल्लव काल में मुख्यतः ‘ग्रंथ लिपि’ का प्रयोग होता था। यही लिपि आगे चलकर तमिल, तेलुगु और मलयालम लिपियों की जननी बनी।
31. पल्लव स्थापत्य के संदर्भ में ‘एकाश्म’ का क्या अर्थ है?
A) बहुत कठोर पत्थर
B) एक ही पत्थर से निर्मित
C) सोने से बना
D) मिट्टी से बना
✔ सही उत्तर: B) एक ही पत्थर से निर्मित
📝 व्याख्या: एकाश्म का अर्थ है एक ही विशाल पत्थर/चट्टान से काटकर बनाई गई संरचना। महाबलिपुरम के रथ इसी प्रकार निर्मित हैं।
32. पल्लव काल में संगीत और नृत्य के विकास में किसका योगदान था?
A) नरसिंहवर्मन
B) महेन्द्रवर्मन प्रथम
C) अपराजित
D) दंतिवर्मन
✔ सही उत्तर: B) महेन्द्रवर्मन प्रथम
📝 व्याख्या: महेन्द्रवर्मन प्रथम स्वयं संगीतज्ञ थे और उन्होंने संगीत व नृत्य कला को विशेष प्रोत्साहन दिया। उनके काल में भरतनाट्यम का विकास भी हुआ।
33. महाबलिपुरम का ‘Shore Temple’ किस यूनेस्को सूची में शामिल है?
A) अमूर्त सांस्कृतिक विरासत
B) विश्व धरोहर स्थल
C) वैश्विक जैव विविधता
D) उपरोक्त में से कोई नहीं
✔ सही उत्तर: B) विश्व धरोहर स्थल
📝 व्याख्या: महाबलिपुरम के स्मारक समूह (Shore Temple सहित) 1984 से यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल की सूची में शामिल हैं।
34. पल्लव काल में मंदिर के गर्भगृह को क्या कहा जाता था?
A) मण्डपम
B) विमान
C) गर्भगृह
D) शिखर
✔ सही उत्तर: C) गर्भगृह
📝 व्याख्या: पल्लव मंदिर स्थापत्य में सबसे पवित्र आंतरिक कक्ष जहाँ देवमूर्ति स्थापित होती है, उसे ‘गर्भगृह’ कहा जाता है।
35. पल्लव वंश के किस राजा ने पुलकेशिन II को पराजित किया था?
A) सिंहविष्णु
B) महेन्द्रवर्मन द्वितीय
C) नरसिंहवर्मन प्रथम
D) परमेश्वरवर्मन
✔ सही उत्तर: C) नरसिंहवर्मन प्रथम
📝 व्याख्या: नरसिंहवर्मन प्रथम ने चालुक्य राजा पुलकेशिन II को 642 ईस्वी में पराजित किया था। इसीलिए उन्हें ‘वातापीकोण्ड’ (वातापी का विजेता) भी कहा जाता है।
36. पल्लव काल में दक्षिण भारत से किन देशों के साथ सांस्कृतिक संपर्क था?
A) केवल श्रीलंका
B) दक्षिण-पूर्व एशिया (कम्बोडिया, जावा आदि)
C) केवल चीन
D) केवल अरब देश
✔ सही उत्तर: B) दक्षिण-पूर्व एशिया (कम्बोडिया, जावा आदि)
📝 व्याख्या: पल्लव काल में दक्षिण भारत का दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों (कम्बोडिया, जावा, सुमात्रा आदि) के साथ व्यापारिक और सांस्कृतिक संपर्क था।
37. महाबलिपुरम में कितने एकाश्म रथ मंदिर हैं?
A) तीन
B) चार
C) पाँच
D) सात
✔ सही उत्तर: C) पाँच
📝 व्याख्या: महाबलिपुरम में पाँच प्रसिद्ध एकाश्म रथ मंदिर हैं – धर्मराज, भीम, अर्जुन, नकुल-सहदेव और द्रौपदी रथ।
38. पल्लव काल की कला में किस देवता की आकृति सर्वाधिक मिलती है?
A) ब्रह्मा
B) विष्णु और शिव
C) गणेश
D) इंद्र
✔ सही उत्तर: B) विष्णु और शिव
📝 व्याख्या: पल्लव कला में शैव और वैष्णव दोनों प्रकार की मूर्तियाँ प्रचुर मात्रा में मिलती हैं। शिव, विष्णु, दुर्गा और गणेश की आकृतियाँ विशेष रूप से प्रचलित थीं।
39. पल्लव काल के किस ग्रंथ में चित्रकला के नियमों का वर्णन है?
A) सिलप्पदिकारम
B) मत्तविलास प्रहसन
C) मानसार
D) अर्थशास्त्र
✔ सही उत्तर: C) मानसार
📝 व्याख्या: मानसार एक प्राचीन संस्कृत ग्रंथ है जिसमें वास्तु, शिल्प और चित्रकला के नियमों का विस्तृत वर्णन है। यह पल्लव काल में प्रचलित था।
40. पल्लव शासकों में से किसने चीन को राजदूत भेजे?
A) सिंहविष्णु
B) नरसिंहवर्मन प्रथम
C) महेन्द्रवर्मन
D) राजसिंह
✔ सही उत्तर: B) नरसिंहवर्मन प्रथम
📝 व्याख्या: नरसिंहवर्मन प्रथम ने चीन के सम्राट के दरबार में राजदूत भेजे थे, जो पल्लव काल के अंतर्राष्ट्रीय संबंधों को दर्शाता है।
41. पल्लव काल में तमिल भक्ति साहित्य (नयनार और अलवार) का विकास किस क्षेत्र में हुआ?
A) संगम साहित्य
B) भक्ति आंदोलन
C) शैव और वैष्णव भक्ति काव्य
D) बौद्ध साहित्य
✔ सही उत्तर: C) शैव और वैष्णव भक्ति काव्य
📝 व्याख्या: पल्लव काल में नयनार (शैव भक्त) और अलवार (वैष्णव भक्त) संतों ने तमिल भक्ति काव्य की रचना की जो मंदिरों की कला से घनिष्ठ रूप से जुड़ी थी।
42. पाँच पांडव रथों में ‘नकुल-सहदेव रथ’ किस आकार का है?
A) वर्गाकार
B) वृत्ताकार (अप्सिडल)
C) आयताकार
D) अष्टभुज
✔ सही उत्तर: B) वृत्ताकार (अप्सिडल)
📝 व्याख्या: नकुल-सहदेव रथ अप्सिडल (एक सिरे पर गोल और दूसरे सिरे पर चौकोर) आकार का है, जो पल्लव स्थापत्य की विविधता को दर्शाता है।
43. पल्लव कला में ‘महिषासुरमर्दिनी’ की मूर्ति किस गुफा में मिलती है?
A) वराह गुफा
B) कृष्ण गुफा
C) महिषासुरमर्दिनी गुफा
D) पञ्च पांडव गुफा
✔ सही उत्तर: C) महिषासुरमर्दिनी गुफा
📝 व्याख्या: महाबलिपुरम में महिषासुरमर्दिनी गुफा में देवी दुर्गा के महिषासुर वध का अद्भुत शैलोत्कीर्ण दृश्य है जो पल्लव मूर्तिकला की उत्कृष्ट कृति है।
44. पल्लव काल में किस धातु से प्रतिमाएँ बनाने की ‘खोई मोम’ (lost wax) प्रक्रिया विकसित हुई?
A) सोना
B) काँसा (Bronze)
C) लोहा
D) चाँदी
✔ सही उत्तर: B) काँसा (Bronze)
📝 व्याख्या: ‘खोई मोम’ (Cire Perdue / Lost Wax) प्रक्रिया से काँसे की मूर्तियाँ बनाने की तकनीक पल्लव काल में विकसित हुई जो बाद में चोल काल में पूर्णता को पहुँची।
45. पल्लव काल की किस प्रसिद्ध रचना में समाज के विभिन्न वर्गों का व्यंग्यात्मक चित्रण है?
A) शिलप्पदिकारम
B) मणिमेकलै
C) मत्तविलास प्रहसन
D) तिरुवाचकम
✔ सही उत्तर: C) मत्तविलास प्रहसन
📝 व्याख्या: महेन्द्रवर्मन प्रथम द्वारा रचित ‘मत्तविलास प्रहसन’ संस्कृत नाटक में समाज के विभिन्न वर्गों का व्यंग्यात्मक चित्रण है।
46. पल्लव काल की स्थापत्य कला में ‘शिखर’ का आकार कैसा होता था?
A) गोलाकार
B) पिरामिडनुमा (सीढ़ीदार)
C) शंकु आकार
D) बेलनाकार
✔ सही उत्तर: B) पिरामिडनुमा (सीढ़ीदार)
📝 व्याख्या: पल्लव (द्राविड़) स्थापत्य में विमान (शिखर) पिरामिडनुमा सीढ़ीदार आकार का होता था, जो उत्तर भारतीय नागर शैली के घुमावदार शिखर से भिन्न है।
47. महाबलिपुरम के मंदिर परिसर को किस वर्ष यूनेस्को विश्व धरोहर का दर्जा मिला?
A) 1972
B) 1984
C) 1992
D) 2000
✔ सही उत्तर: B) 1984
📝 व्याख्या: महाबलिपुरम के स्मारक समूह को 1984 में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया। यह तमिलनाडु का पहला विश्व धरोहर स्थल है।
48. पल्लव काल में ‘भरतनाट्यम’ नृत्य का विकास किस मंदिर परंपरा से हुआ?
A) देवदासी परंपरा
B) बौद्ध परंपरा
C) जैन परंपरा
D) सूफी परंपरा
✔ सही उत्तर: A) देवदासी परंपरा
📝 व्याख्या: पल्लव काल में भरतनाट्यम नृत्य देवदासी परंपरा और मंदिर नृत्य के रूप में विकसित हुआ। इसके प्रमाण पल्लव मूर्तिकला में भी मिलते हैं।
49. पल्लव काल में मंदिर-निर्माण के लिए सर्वाधिक किस पत्थर का प्रयोग होता था?
A) संगमरमर
B) ग्रेनाइट
C) बलुआ पत्थर
D) चूना पत्थर
✔ सही उत्तर: B) ग्रेनाइट
📝 व्याख्या: पल्लव काल में मंदिर निर्माण के लिए मुख्यतः ग्रेनाइट पत्थर का प्रयोग किया जाता था जो तमिलनाडु में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध था।
50. कांचीपुरम के किस मंदिर को ‘पल्लव काल का सबसे बड़ा मंदिर’ माना जाता है?
A) एकम्बरनाथ मंदिर
B) कामाक्षी मंदिर
C) कैलाशनाथ मंदिर
D) वरदराज पेरुमाल मंदिर
✔ सही उत्तर: C) कैलाशनाथ मंदिर
📝 व्याख्या: कांचीपुरम का कैलाशनाथ मंदिर पल्लव काल का सबसे बड़ा और सबसे सुरक्षित मंदिर है। इसमें पल्लव कला की सभी विशेषताएँ देखी जा सकती हैं।
पल्लव कला MCQ — भाग 3: प्रश्न 51–75
✍️ पल्लव कला MCQ का यह भाग पल्लव मूर्तिकला, काँसे की प्रतिमाएँ, मंदिर शब्दावली और धार्मिक प्रतीकों पर आधारित है। ये प्रश्न आपकी कला इतिहास की समझ को गहरा करेंगे।
51. पल्लव काल में किस मूर्ति को ‘उमामहेश्वर’ कहा जाता था?
A) शिव-पार्वती की युगल मूर्ति
B) केवल शिव की मूर्ति
C) केवल पार्वती की मूर्ति
D) गणेश और शिव की युगल मूर्ति
✔ सही उत्तर: A) शिव-पार्वती की युगल मूर्ति
📝 व्याख्या: पल्लव मूर्तिकला में शिव और पार्वती की एक साथ बैठी युगल मूर्ति को ‘उमामहेश्वर’ कहा जाता था, जो पल्लव काल में बहुत लोकप्रिय थी।
52. पल्लव काल की मूर्तिकला में स्त्री आकृतियों की विशेषता क्या है?
A) अत्यंत कृशकाय
B) सुगठित, कोमल और भावपूर्ण
C) भारी-भरकम
D) अमूर्त और रेखात्मक
✔ सही उत्तर: B) सुगठित, कोमल और भावपूर्ण
📝 व्याख्या: पल्लव मूर्तिकला में स्त्री आकृतियाँ सुगठित, कोमल और भावपूर्ण होती हैं जो सौंदर्य और गरिमा का अद्भुत संयोजन प्रस्तुत करती हैं।
53. पल्लव काल में ‘त्रिभंग’ मुद्रा क्या है?
A) तीन भुजाओं वाली मूर्ति
B) तीन स्थानों पर मुड़ी हुई शरीर मुद्रा
C) तीन चेहरों वाली मूर्ति
D) तीन पैरों पर खड़ी मूर्ति
✔ सही उत्तर: B) तीन स्थानों पर मुड़ी हुई शरीर मुद्रा
📝 व्याख्या: त्रिभंग भारतीय मूर्तिकला की एक मुद्रा है जिसमें मूर्ति का शरीर गर्दन, कमर और घुटने पर तीन स्थानों पर मुड़ा हुआ होता है, जो पल्लव मूर्तियों में प्रचलित थी।
54. पल्लव काल में ‘विष्णु की शयन मुद्रा’ को क्या कहते हैं?
A) सुप्त विष्णु
B) अनंतशयन
C) योगनिद्रा विष्णु
D) उपरोक्त सभी
✔ सही उत्तर: D) उपरोक्त सभी
📝 व्याख्या: क्षीरसागर में शेषनाग पर लेटे विष्णु की मूर्ति को ‘अनंतशयन’, ‘सुप्त विष्णु’ या ‘योगनिद्रा विष्णु’ कहते हैं। पल्लव गुफाओं में यह दृश्य मिलता है।
55. पल्लव काल में किस प्रकार के अलंकरण (ornamentation) का प्रयोग मंदिर स्तम्भों पर होता था?
A) केवल ज्यामितीय
B) सिंह, हाथी और पुष्प-पत्र आकृतियाँ
C) केवल ग्रंथ लिपि लेख
D) केवल अमूर्त आकृतियाँ
✔ सही उत्तर: B) सिंह, हाथी और पुष्प-पत्र आकृतियाँ
📝 व्याख्या: पल्लव मंदिर स्तम्भों पर सिंह (शार्दूल), हाथी, पुष्प-पत्र और मिथुन आकृतियों का सुंदर अलंकरण होता था।
56. महाबलिपुरम में ‘अर्जुन रथ’ किस आकार का है?
A) वर्गाकार एवं बहुमंजिला
B) आयताकार और एकमंजिला
C) वर्गाकार और एकमंजिला
D) गोलाकार
✔ सही उत्तर: A) वर्गाकार एवं बहुमंजिला
📝 व्याख्या: अर्जुन रथ वर्गाकार आधार पर दो मंजिला बनाया गया है। इसमें सुंदर मूर्तियाँ और अलंकरण हैं जो पल्लव शिल्पकारिता का उत्तम नमूना है।
57. पल्लव कला में ‘महिषासुरमर्दिनी’ पैनल में देवी दुर्गा को कितनी भुजाओं के साथ दर्शाया गया है?
A) चार
B) छह
C) आठ
D) दस
✔ सही उत्तर: C) आठ
📝 व्याख्या: महाबलिपुरम के महिषासुरमर्दिनी पैनल में देवी दुर्गा को अष्टभुजा (आठ भुजाओं वाली) रूप में महिषासुर का वध करते हुए दिखाया गया है।
58. पल्लव कला का आरंभिक काल लगभग कब से माना जाता है?
A) 100 ईस्वी
B) 275 ईस्वी
C) 500 ईस्वी
D) 700 ईस्वी
✔ सही उत्तर: B) 275 ईस्वी
📝 व्याख्या: पल्लव कला का आरंभिक काल लगभग 275 ईस्वी से माना जाता है जब सिंहविष्णु ने पल्लव वंश की स्थापना की थी।
59. पल्लव स्थापत्य की किस शैली में मंदिरों का निर्माण मुक्त-खड़े (free-standing) रूप में हुआ?
A) महेन्द्र शैली
B) मामल्ल शैली
C) राजसिंह शैली
D) नंदिवर्मन शैली
✔ सही उत्तर: C) राजसिंह शैली
📝 व्याख्या: राजसिंह शैली में पहली बार मुक्त-खड़े (free-standing) संरचनात्मक मंदिरों का निर्माण हुआ। कैलाशनाथ और शोर टेम्पल इसके उत्तम उदाहरण हैं।
60. पल्लव काल में शिव की किस रूप में सर्वाधिक पूजा होती थी?
A) लिंग रूप
B) नटराज रूप
C) उमामहेश्वर रूप
D) दक्षिणामूर्ति रूप
✔ सही उत्तर: A) लिंग रूप
📝 व्याख्या: पल्लव काल में शिव की पूजा मुख्यतः लिंग रूप में होती थी। मंदिरों के गर्भगृहों में शिवलिंग की स्थापना की जाती थी।
61. महाबलिपुरम में ‘पञ्च पांडव गुफा’ किससे संबंधित है?
A) महाभारत के पाँच पांडवों से
B) पाँच शैव संत
C) पाँच देवियाँ
D) पाँच पल्लव राजा
✔ सही उत्तर: A) महाभारत के पाँच पांडवों से
📝 व्याख्या: पञ्च पांडव गुफा को महाभारत के पाँच पांडव भाइयों के नाम पर जाना जाता है, हालाँकि इनका पाँच पांडवों से कोई ऐतिहासिक संबंध नहीं है।
62. पल्लव काल की मूर्तिकला में ‘द्वारपाल’ किसे कहते हैं?
A) द्वार पर खड़े पहरेदार की मूर्ति
B) मंदिर के अंदर की मूर्ति
C) छत पर बनी मूर्ति
D) तालाब के किनारे मूर्ति
✔ सही उत्तर: A) द्वार पर खड़े पहरेदार की मूर्ति
📝 व्याख्या: पल्लव मंदिरों के द्वार पर ‘द्वारपाल’ (गार्ड / पहरेदार) की मूर्तियाँ लगाई जाती थीं जो मंदिर की रक्षा के प्रतीक थे।
63. कांचीपुरम के कैलाशनाथ मंदिर की मुख्य विशेषता क्या है?
A) यह ईंटों से बना है
B) यह बलुआ पत्थर से बना है और फ्रेस्को चित्रकारी से सजा है
C) यह केवल लकड़ी से बना है
D) यह पहाड़ काटकर बना है
✔ सही उत्तर: B) यह बलुआ पत्थर से बना है और फ्रेस्को चित्रकारी से सजा है
📝 व्याख्या: कैलाशनाथ मंदिर बलुआ पत्थर से निर्मित है और इसकी दीवारों पर पल्लव काल की फ्रेस्को (भित्ति) चित्रकारी के अवशेष पाए जाते हैं।
64. पल्लव काल में ‘तिरुवल्लुवर’ की रचना ‘तिरुक्कुरल’ किस भाषा में लिखी गई?
A) संस्कृत
B) तेलुगु
C) तमिल
D) कन्नड़
✔ सही उत्तर: C) तमिल
📝 व्याख्या: तिरुवल्लुवर की प्रसिद्ध नैतिक रचना ‘तिरुक्कुरल’ तमिल भाषा में लिखी गई है। हालाँकि इनका काल कुछ विद्वान पल्लव काल से पहले मानते हैं।
65. पल्लव काल की कला में ‘यक्ष’ और ‘यक्षिणी’ को किस रूप में चित्रित किया जाता था?
A) भयंकर राक्षस
B) प्रकृति की रक्षक और समृद्धि की देवियाँ
C) युद्ध के देवता
D) जल के देवता
✔ सही उत्तर: B) प्रकृति की रक्षक और समृद्धि की देवियाँ
📝 व्याख्या: पल्लव कला में यक्ष और यक्षिणी को प्रकृति के संरक्षक और समृद्धि प्रदाता के रूप में चित्रित किया जाता था। इनकी मूर्तियाँ मंदिरों को सजाती थीं।
66. पल्लव कला पर किस प्राचीन विदेशी कला का प्रभाव दिखता है?
A) ग्रीक और रोमन
B) चीनी
C) मिस्री
D) फारसी
✔ सही उत्तर: A) ग्रीक और रोमन
📝 व्याख्या: पल्लव कला पर समुद्री व्यापार के माध्यम से ग्रीक और रोमन कला का कुछ प्रभाव दिखता है, विशेषकर मूर्तियों के वस्त्र और अलंकरण में।
67. पल्लव काल में ‘पुष्करिणी’ का क्या अर्थ है?
A) मंदिर का मुख्य द्वार
B) मंदिर का कमल-सरोवर/तालाब
C) मंदिर का रथ
D) मंदिर की छत
✔ सही उत्तर: B) मंदिर का कमल-सरोवर/तालाब
📝 व्याख्या: पुष्करिणी मंदिर परिसर में बना पवित्र तालाब होता था जिसमें भक्त स्नान करते थे। पल्लव काल के मंदिरों में यह अनिवार्य अंग था।
68. पल्लव काल की मूर्तिकला में ‘अभय मुद्रा’ का क्या अर्थ है?
A) डर दिखाना
B) आशीर्वाद देना और भय दूर करना
C) युद्ध की मुद्रा
D) ध्यान की मुद्रा
✔ सही उत्तर: B) आशीर्वाद देना और भय दूर करना
📝 व्याख्या: अभय मुद्रा में हाथ ऊपर उठाकर हथेली सामने दिखाई जाती है जो आशीर्वाद और भय से मुक्ति का प्रतीक है। यह पल्लव देवमूर्तियों में सामान्य है।
69. पल्लव काल में ‘पल्लव ग्रंथ’ लिपि का विकास कहाँ हुआ?
A) उत्तर भारत में
B) कांचीपुरम में
C) महाबलिपुरम में
D) तंजावुर में
✔ सही उत्तर: B) कांचीपुरम में
📝 व्याख्या: ग्रंथ लिपि का विकास पल्लव काल में कांचीपुरम में संस्कृत लेखन के लिए हुआ। यह लिपि बाद में दक्षिण-पूर्व एशिया में भी पहुँची।
70. पल्लव काल में नरसिंह अवतार को किस रूप में दर्शाया जाता था?
A) मानव रूप
B) अर्ध-सिंह अर्ध-मानव रूप
C) केवल सिंह रूप
D) पक्षी रूप
✔ सही उत्तर: B) अर्ध-सिंह अर्ध-मानव रूप
📝 व्याख्या: पल्लव कला में विष्णु के नरसिंह अवतार को ‘नरसिंह’ (आधा मानव, आधा सिंह) रूप में दर्शाया जाता था जो हिरण्यकश्यपु का वध करते हैं।
71. महाबलिपुरम में ‘बटर बॉल’ (Krishna’s Butter Ball) क्या है?
A) एक मंदिर
B) एक विशाल गोलाकार प्राकृतिक शिला
C) एक मूर्ति
D) एक तालाब
✔ सही उत्तर: B) एक विशाल गोलाकार प्राकृतिक शिला
📝 व्याख्या: महाबलिपुरम में ‘बटर बॉल’ एक विशाल प्राकृतिक गोलाकार ग्रेनाइट शिला है जो एक छोटी ढलान पर टिकी है। यह पर्यटकों का प्रमुख आकर्षण है।
72. पल्लव काल में किस कला में ‘गज-सिंह’ (शार्दूल) आकृति का प्रयोग होता था?
A) चित्रकारी में
B) मंदिर के स्तम्भों और दीवारों की नक्काशी में
C) ताम्रपत्र लेखन में
D) कपड़ा बुनाई में
✔ सही उत्तर: B) मंदिर के स्तम्भों और दीवारों की नक्काशी में
📝 व्याख्या: ‘शार्दूल’ (गज-सिंह = हाथी का शरीर और सिंह का सिर) पल्लव मंदिरों के स्तम्भों और दीवारों की नक्काशी में बहुलता से प्रयुक्त एक सजावटी आकृति है।
73. पल्लव काल के स्थापत्य में ‘प्राकार’ का क्या अर्थ है?
A) मंदिर का मुख्य हॉल
B) मंदिर परिसर की चहारदीवारी
C) मंदिर का शिखर
D) मंदिर की सीढ़ियाँ
✔ सही उत्तर: B) मंदिर परिसर की चहारदीवारी
📝 व्याख्या: ‘प्राकार’ मंदिर परिसर के चारों ओर बनी दीवार होती है। पल्लव काल में मंदिर परिसर ‘प्राकार’ और ‘गोपुरम’ से युक्त होते थे।
74. पल्लव कला में ‘वासुदेव’ किसका नाम है?
A) शिव
B) गणेश
C) विष्णु/कृष्ण
D) ब्रह्मा
✔ सही उत्तर: C) विष्णु/कृष्ण
📝 व्याख्या: पल्लव कला में ‘वासुदेव’ भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण का एक प्रमुख नाम है। वैष्णव भक्ति में इस नाम का विशेष महत्व है।
75. किस पल्लव राजा ने ‘शिवमंदिरपल्लव’ की उपाधि ग्रहण की थी?
A) महेन्द्रवर्मन
B) नरसिंहवर्मन प्रथम
C) राजसिंह (नरसिंहवर्मन द्वितीय)
D) अपराजित
✔ सही उत्तर: C) राजसिंह (नरसिंहवर्मन द्वितीय)
📝 व्याख्या: राजसिंह ने ‘शिवमंदिरपल्लव’ सहित कई उपाधियाँ ग्रहण की थीं। उनके काल में कांचीपुरम और महाबलिपुरम में उत्कृष्ट मंदिरों का निर्माण हुआ।
पल्लव कला MCQ — भाग 4: प्रश्न 76–100
📖 पल्लव काल की कला के अंतिम भाग में सांस्कृतिक प्रभाव, विदेशी संबंध, धर्म और लोक कला से संबंधित प्रश्न हैं। अधिक अध्ययन सामग्री के लिए indianarthistory.com विजिट करें।
76. पल्लव काल में ‘अग्नि’ देवता को किस रूप में दर्शाया जाता था?
A) बुजुर्ग मनुष्य
B) चमकीली लौ के साथ
C) दाढ़ी वाले अग्नि देवता जिनके बाल ऊपर उठे हों
D) बालक के रूप में
✔ सही उत्तर: C) दाढ़ी वाले अग्नि देवता जिनके बाल ऊपर उठे हों
📝 व्याख्या: पल्लव मूर्तिकला में अग्नि देवता को दाढ़ी-मूँछयुक्त, ऊपर उठे बालों वाले और ज्वाला धारण किए रूप में दर्शाया जाता था।
77. पल्लव काल में ‘गोपुरम’ की स्थापत्य विशेषता में कौन-सी बात सबसे महत्वपूर्ण है?
A) यह मंदिर के अंदर बनाया जाता था
B) यह मंदिर के प्रवेश द्वार पर ऊँचा टावर होता था
C) यह केवल लकड़ी से बनता था
D) यह केवल बौद्ध मंदिरों में होता था
✔ सही उत्तर: B) यह मंदिर के प्रवेश द्वार पर ऊँचा टावर होता था
📝 व्याख्या: गोपुरम दक्षिण भारतीय मंदिर स्थापत्य में प्रवेश द्वार पर बना विशाल ऊँचा टावर है जो पल्लव काल में विकसित हुआ और द्राविड़ शैली की पहचान बन गया।
78. पल्लव काल में किस देवी-देवता की ‘दक्षिणामूर्ति’ प्रतिमा मंदिर के दक्षिणी भाग में रखी जाती थी?
A) विष्णु
B) ब्रह्मा
C) शिव
D) दुर्गा
✔ सही उत्तर: C) शिव
📝 व्याख्या: ‘दक्षिणामूर्ति’ शिव का वह रूप है जो दक्षिण दिशा में मुँह करके बैठे होते हैं और ज्ञान का उपदेश देते हैं। पल्लव मंदिरों में यह मूर्ति दक्षिणी दीवार पर रखी जाती थी।
79. पल्लव कला में ‘समभंग’ मुद्रा का क्या अर्थ है?
A) एक ओर झुका शरीर
B) सीधा और संतुलित खड़ा शरीर
C) बैठी हुई मुद्रा
D) नृत्य करती मुद्रा
✔ सही उत्तर: B) सीधा और संतुलित खड़ा शरीर
📝 व्याख्या: ‘समभंग’ मूर्तिकला में वह मुद्रा है जिसमें शरीर बिना किसी झुकाव के सीधा और संतुलित खड़ा होता है। यह देवताओं की मूर्तियों में प्रयुक्त होती है।
80. पल्लव काल में ‘उरुभंग’ का संस्कृत नाटकों में क्या महत्व था?
A) यह एक नृत्य शैली थी
B) यह एक संस्कृत नाटक था
C) यह एक चित्रकारी शैली थी
D) यह एक मंदिर शैली थी
✔ सही उत्तर: B) यह एक संस्कृत नाटक था
📝 व्याख्या: ‘उरुभंग’ भास द्वारा रचित संस्कृत नाटक है जिसमें महाभारत के दुर्योधन के अंतिम क्षणों का मार्मिक चित्रण है। पल्लव काल में संस्कृत नाट्य साहित्य उन्नत था।
81. पल्लव काल में बंदरगाह के रूप में कौन-सा स्थान प्रसिद्ध था?
A) कांचीपुरम
B) महाबलिपुरम
C) तंजावुर
D) मदुरै
✔ सही उत्तर: B) महाबलिपुरम
📝 व्याख्या: महाबलिपुरम (मामल्लपुरम) पल्लव काल में एक प्रमुख बंदरगाह था जहाँ से दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ व्यापार होता था। यहाँ से पल्लव संस्कृति और धर्म विदेशों में फैला।
82. पल्लव काल में ‘अलवार’ संत किस भाषा में भक्ति गीत गाते थे?
A) संस्कृत
B) तमिल
C) तेलुगु
D) मलयालम
✔ सही उत्तर: B) तमिल
📝 व्याख्या: अलवार वैष्णव भक्त संत थे जो तमिल भाषा में भक्ति गीत (दिव्यप्रबंधम) गाते थे। इनका पल्लव काल की कला और साहित्य पर गहरा प्रभाव था।
83. पल्लव काल में किस प्रकार की कला को ‘लोक कला’ कहा जाता था?
A) मंदिर स्थापत्य
B) ताम्रपत्र लेखन
C) कोलम/रंगोली एवं लोक चित्रकारी
D) शैलोत्कीर्ण मूर्तिकला
✔ सही उत्तर: C) कोलम/रंगोली एवं लोक चित्रकारी
📝 व्याख्या: पल्लव काल में कोलम (तमिल रंगोली), लोक चित्रकारी और लोक नृत्य जैसी लोक कलाएँ सामान्य जनता में प्रचलित थीं जो आज भी तमिलनाडु में जीवित हैं।
84. पल्लव कला में ‘विष्णु के वामन अवतार’ को किस रूप में चित्रित किया जाता था?
A) विशाल दैत्य
B) छोटे बौने ब्राह्मण
C) योद्धा
D) वृद्ध संत
✔ सही उत्तर: B) छोटे बौने ब्राह्मण
📝 व्याख्या: पल्लव मूर्तिकला में विष्णु के वामन अवतार को छोटे बौने ब्राह्मण बालक के रूप में चित्रित किया जाता था जो बलि राजा से तीन पग भूमि माँगते हैं।
85. पल्लव काल में ‘तिरुवेंकटम’ (तिरुपति) किस क्षेत्र में था?
A) पल्लव राज्य के अंतर्गत
B) चोल राज्य के अंतर्गत
C) पांड्य राज्य के अंतर्गत
D) चालुक्य राज्य के अंतर्गत
✔ सही उत्तर: A) पल्लव राज्य के अंतर्गत
📝 व्याख्या: तिरुपति का प्रसिद्ध वेंकटेश्वर मंदिर पल्लव राज्य के अंतर्गत था और पल्लव राजाओं ने इस मंदिर को संरक्षण प्रदान किया था।
86. महाबलिपुरम की गुफाओं में ‘अनंतशयन विष्णु’ किस स्थान में है?
A) वराह गुफा
B) महिषासुरमर्दिनी गुफा
C) कृष्ण गुफा
D) तिगवा गुफा
✔ सही उत्तर: B) महिषासुरमर्दिनी गुफा
📝 व्याख्या: महाबलिपुरम की महिषासुरमर्दिनी गुफा में एक ओर महिषासुरमर्दिनी और दूसरी ओर अनंतशयन विष्णु (शेषशयन विष्णु) का भव्य पैनल है।
87. पल्लव काल में ‘कलहस्ती’ किस देवता का प्रसिद्ध तीर्थ स्थल था?
A) विष्णु
B) शिव
C) ब्रह्मा
D) गणेश
✔ सही उत्तर: B) शिव
📝 व्याख्या: श्रीकालहस्ती (आंध्र प्रदेश) भगवान शिव का प्रसिद्ध तीर्थ स्थल था जो पल्लव राज्य क्षेत्र में था। यहाँ शिव वायु-लिंग रूप में पूजित हैं।
88. पल्लव काल की मूर्तिकला में ‘गण’ (Gana) कौन होते हैं?
A) देवताओं के सेवक/अनुचर
B) शत्रु सेना
C) पल्लव राजा
D) व्यापारी
✔ सही उत्तर: A) देवताओं के सेवक/अनुचर
📝 व्याख्या: ‘गण’ शिव के अनुचर होते हैं। पल्लव मूर्तिकला में गणों को अक्सर हास्यपूर्ण, बौने और विचित्र रूपों में देवताओं के चारों ओर दर्शाया जाता था।
89. पल्लव काल में महाबलिपुरम के मंदिरों की छत पर कौन-सी आकृति प्रमुख थी?
A) शेर
B) हाथी
C) नंदी (बैल)
D) मोर
✔ सही उत्तर: C) नंदी (बैल)
📝 व्याख्या: पल्लव शैव मंदिरों की छत पर नंदी (बैल) की प्रतिमाएँ लगाई जाती थीं क्योंकि नंदी शिव का वाहन और द्वारपाल है।
90. पल्लव काल में ‘सप्त पगोडा’ (Seven Pagodas) किस स्थान को कहा जाता था?
A) कांचीपुरम
B) महाबलिपुरम
C) तंजावुर
D) मदुरै
✔ सही उत्तर: B) महाबलिपुरम
📝 व्याख्या: यूरोपीय नाविक महाबलिपुरम को ‘सेवेन पगोडा’ (सात पगोडा) कहते थे क्योंकि यहाँ अनेक मंदिर थे जो दूर से समुद्र में दिखते थे।
91. पल्लव काल में किस देश से व्यापार करने पल्लव व्यापारी जाते थे?
A) जापान
B) श्रीलंका, जावा, सुमात्रा
C) मेसोपोटामिया
D) रोम
✔ सही उत्तर: B) श्रीलंका, जावा, सुमात्रा
📝 व्याख्या: पल्लव काल में व्यापारी श्रीलंका, जावा, सुमात्रा, कम्बोडिया आदि दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ व्यापार करते थे और साथ में संस्कृति भी ले जाते थे।
92. पल्लव काल में ‘गजेंद्रमोक्ष’ पैनल में किस पौराणिक कथा का चित्रण है?
A) गज (हाथी) और विष्णु की कथा
B) गज और शिव की कथा
C) गज और ब्रह्मा की कथा
D) गज और इंद्र की कथा
✔ सही उत्तर: A) गज (हाथी) और विष्णु की कथा
📝 व्याख्या: गजेंद्रमोक्ष पैनल में उस कथा का चित्रण है जिसमें भगवान विष्णु ने मगरमच्छ की पकड़ से गजेंद्र (हाथियों के राजा) को मुक्त किया था।
93. पल्लव काल में कला और शिल्प का संरक्षण कौन करता था?
A) केवल धनी व्यापारी
B) केवल साधारण जनता
C) राजा, मंदिर और धनाढ्य व्यापारी
D) केवल विदेशी राजदूत
✔ सही उत्तर: C) राजा, मंदिर और धनाढ्य व्यापारी
📝 व्याख्या: पल्लव काल में कला और शिल्प का संरक्षण मुख्यतः राजा और राजपरिवार, मंदिर प्रशासन तथा धनाढ्य व्यापारी वर्ग द्वारा किया जाता था।
94. पल्लव काल के बाद दक्षिण भारत में कौन-सा राजवंश आया जिसने पल्लव कला को आगे बढ़ाया?
A) मौर्य
B) गुप्त
C) चोल
D) राष्ट्रकूट
✔ सही उत्तर: C) चोल
📝 व्याख्या: पल्लव वंश के पतन के बाद चोल वंश ने दक्षिण भारत में शासन किया और पल्लव कला की विरासत को आगे बढ़ाते हुए तंजावुर के बृहदेश्वर मंदिर जैसी उत्कृष्ट कृतियाँ बनाईं।
95. पल्लव काल की कला का सबसे महत्वपूर्ण योगदान भारतीय कला इतिहास में क्या है?
A) बौद्ध स्तूपों का निर्माण
B) द्राविड़ स्थापत्य शैली की नींव
C) गुफा चित्रकारी
D) मूर्ति निर्माण में लोहे का प्रयोग
✔ सही उत्तर: B) द्राविड़ स्थापत्य शैली की नींव
📝 व्याख्या: पल्लव काल का सबसे महत्वपूर्ण योगदान द्राविड़ (दक्षिण भारतीय) स्थापत्य शैली की नींव रखना है। विमान, गोपुरम और मण्डपम का विकास इसी काल में हुआ।
96. पल्लव काल में ‘वेणु गोपाल’ किसकी छवि है?
A) शिव
B) कृष्ण बाँसुरी बजाते हुए
C) राम धनुष लिए
D) गणेश
✔ सही उत्तर: B) कृष्ण बाँसुरी बजाते हुए
📝 व्याख्या: ‘वेणु गोपाल’ वह छवि है जिसमें भगवान कृष्ण बाँसुरी (वेणु) बजाते हुए दिखाई देते हैं। पल्लव मंदिरों में कृष्ण की यह छवि बहुत प्रिय थी।
97. पल्लव काल में ‘सुब्रह्मण्य’ (मुरुगन) को किस रूप में पूजा जाता था?
A) युद्ध के देवता
B) विद्या के देवता
C) वर्षा के देवता
D) धन के देवता
✔ सही उत्तर: A) युद्ध के देवता
📝 व्याख्या: सुब्रह्मण्य (कार्तिकेय/मुरुगन) को तमिल संस्कृति में युद्ध और वीरता के देवता के रूप में पूजा जाता था। पल्लव काल में उनकी पूजा अत्यंत प्रचलित थी।
98. पल्लव काल की कला में ‘सदाशिव’ या ‘महेश’ मूर्ति में शिव को कितने मुखों के साथ दिखाया जाता है?
A) एक
B) दो
C) तीन
D) पाँच
✔ सही उत्तर: D) पाँच
📝 व्याख्या: पल्लव मूर्तिकला में ‘सदाशिव’ या ‘पंचमुख शिव’ को पाँच मुखों के साथ दर्शाया जाता है जो शिव के पाँच तत्वों (भूमि, जल, अग्नि, वायु, आकाश) का प्रतिनिधित्व करते हैं।
99. पल्लव काल के बाद के किस मंदिर की प्रेरणा सीधे पल्लव शिल्प से ली गई है?
A) खजुराहो
B) तंजावुर का बृहदेश्वर मंदिर
C) कोणार्क का सूर्य मंदिर
D) दिलवाड़ा का जैन मंदिर
✔ सही उत्तर: B) तंजावुर का बृहदेश्वर मंदिर
📝 व्याख्या: चोल काल का तंजावुर का बृहदेश्वर मंदिर सीधे पल्लव स्थापत्य परंपरा से प्रेरित है। पल्लव कला में जो द्राविड़ शैली की नींव पड़ी, वह चोल काल में अपने चरमोत्कर्ष पर पहुँची।
100. पल्लव काल में ‘ललिता महल’ या ‘राजमहल’ शैली की कला का सबसे अच्छा उदाहरण कहाँ मिलता है?
A) महाबलिपुरम की गुफाओं में
B) कांचीपुरम के मंदिरों में
C) तमिलनाडु के ताम्रपत्रों में
D) अजंता की गुफाओं में
✔ सही उत्तर: B) कांचीपुरम के मंदिरों में
📝 व्याख्या: पल्लव राजाओं की संरक्षकता में कांचीपुरम के मंदिरों में दरबारी और राजकीय कला परंपरा का सर्वोत्तम विकास हुआ, जहाँ कैलाशनाथ और वैकुण्ठ पेरुमाल मंदिर इसके उत्तम उदाहरण हैं।
निष्कर्ष
उपर्युक्त पल्लव कला MCQ संग्रह में 100 महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्नों के माध्यम से पल्लव वंश की कला, स्थापत्य, मूर्तिकला और सांस्कृतिक योगदान को व्यापक रूप से कवर किया गया है।
पल्लव काल भारतीय कला इतिहास का एक स्वर्णिम अध्याय है जिसने द्राविड़ स्थापत्य की नींव रखी और दक्षिण-पूर्व एशिया तक भारतीय संस्कृति का विस्तार किया।
महाबलिपुरम के रथ मंदिर, गंगावतरण शैल-उत्कीर्णन, कांचीपुरम का कैलाशनाथ मंदिर और असंख्य गुफा मंदिर पल्लव कला की अमर कीर्ति के प्रमाण हैं। ये स्मारक न केवल भारतीय सांस्कृतिक धरोहर हैं, बल्कि विश्व की कला-सम्पत्ति भी हैं।
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