चोल कला MCQ — 100 महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न हिंदी व्याख्या सहित। UPSC, UGC NET, SSC परीक्षाओं के लिए उपयोगी। बृहदेश्वर मंदिर, नटराज, द्रविड़ कला पर आधारित प्रश्न।
चोल कला MCQ: 100 बहुविकल्पीय प्रश्न | Chol Kala MCQ | Indian Art History
चोल कला MCQ — भारतीय कला इतिहास (Indian Art History) के इस विशेष संग्रह में आपका स्वागत है। चोल वंश (9वीं–13वीं शताब्दी) दक्षिण भारत का स्वर्णिम काल था जब मंदिर-स्थापत्य, कांस्य मूर्तिकला और भित्तिचित्रकारी अपने शिखर पर पहुंचे।
तंजावुर का बृहदेश्वर मंदिर, नटराज की विश्वप्रसिद्ध कांस्य प्रतिमा और द्रविड़ स्थापत्य शैली — ये सभी चोल कला की अमर धरोहर हैं। यहाँ प्रस्तुत 100 MCQ प्रश्न UPSC, UGC NET, SSC, राज्य PSC और कला इतिहास प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।
प्रत्येक प्रश्न के साथ विस्तृत व्याख्या दी गई है ताकि आप केवल उत्तर ही नहीं, बल्कि चोल कला का गहन ज्ञान भी प्राप्त कर सकें।
Table of Contents
खंड 1 — चोल कला MCQ (प्रश्न 1–10) | Chola Art History Section 1
1. चोल वंश की स्थापना किसने की थी?
A) राजराज चोल
B) विजयालय चोल
C) परांतक चोल
D) कुलोत्तुंग चोल
✅ उत्तर: B) विजयालय चोल | 📖 व्याख्या: विजयालय चोल ने 9वीं शताब्दी में चोल वंश की पुनर्स्थापना की।
2. बृहदेश्वर मंदिर किस शहर में स्थित है?
A) मदुरै
B) कांचीपुरम
C) तंजावुर
D) महाबलीपुरम
✅ उत्तर: C) तंजावुर | 📖 व्याख्या: तंजावुर (तंजोर) में राजराज चोल I द्वारा निर्मित बृहदेश्वर मंदिर स्थित है।
3. बृहदेश्वर मंदिर का निर्माण किसने करवाया?
A) कुलोत्तुंग चोल
B) राजेन्द्र चोल
C) राजराज चोल I
D) विक्रम चोल
✅ उत्तर: C) राजराज चोल I | 📖 व्याख्या: राजराज चोल I ने 1010 ई. में बृहदेश्वर मंदिर का निर्माण पूर्ण किया।
4. चोल कला की सबसे प्रसिद्ध कांस्य प्रतिमा कौन सी है?
A) गणेश
B) नटराज
C) विष्णु
D) पार्वती
✅ उत्तर: B) नटराज | 📖 व्याख्या: नटराज (शिव का नृत्य रूप) चोल कांस्य कला की सर्वोत्कृष्ट कृति मानी जाती है।
5. चोल कांस्य प्रतिमाओं के निर्माण में किस तकनीक का प्रयोग होता था?
A) सांड तकनीक
B) मधुमोम (Cire-perdue) तकनीक
C) सांचा तकनीक
D) पत्थर से ढालाई
✅ उत्तर: B) मधुमोम (Cire-perdue) तकनीक | 📖 व्याख्या: खोया मोम या मधुमोम तकनीक (lost-wax casting) से चोल कांस्य प्रतिमाएं बनाई जाती थीं।
6. चोल कला की प्रमुख विशेषता क्या है?
A) स्तूप निर्माण
B) द्रविड़ स्थापत्य शैली
C) गुफा चित्रकारी
D) मिनारें
✅ उत्तर: B) द्रविड़ स्थापत्य शैली | 📖 व्याख्या: चोल कला में द्रविड़ स्थापत्य शैली की प्रधानता है जिसमें विशाल विमान और गोपुरम बनाए जाते थे।
7. गंगैकोंडचोलपुरम का मंदिर किसने बनवाया?
A) राजराज I
B) कुलोत्तुंग I
C) राजेन्द्र चोल I
D) परांतक I
✅ उत्तर: C) राजेन्द्र चोल I | 📖 व्याख्या: राजेन्द्र चोल I ने अपनी उत्तर-विजय की स्मृति में गंगैकोंडचोलपुरम मंदिर बनवाया।
8. चोल मंदिरों का प्रवेश द्वार क्या कहलाता है?
A) विमान
B) गर्भगृह
C) गोपुरम
D) मंडपम
✅ उत्तर: C) गोपुरम | 📖 व्याख्या: मंदिर का विशाल सुसज्जित प्रवेश द्वार ‘गोपुरम’ कहलाता है।
9. बृहदेश्वर मंदिर किस देवता को समर्पित है?
A) विष्णु
B) शिव
C) ब्रह्मा
D) इंद्र
✅ उत्तर: B) शिव | 📖 व्याख्या: बृहदेश्वर मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और इसे ‘राजराजेश्वर’ भी कहा जाता है।
10. चोल कालीन मूर्तिकला में किस धातु का सर्वाधिक प्रयोग हुआ?
A) सोना
B) चांदी
C) कांस्य
D) लोहा
✅ उत्तर: C) कांस्य | 📖 व्याख्या: चोल मूर्तिकला में कांस्य (bronze) धातु का सर्वाधिक और कुशलता से प्रयोग हुआ।
📌 चोल कला में विशेषतः कांस्य मूर्तिकला और द्रविड़ स्थापत्य का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है। बृहदेश्वर मंदिर, गंगैकोंडचोलपुरम और ऐरावतेश्वर मंदिर UNESCO विश्व धरोहर हैं।
🏛️ खंड 2 — चोल कला MCQ (प्रश्न 11–20) | Chola Art History Section 2
11. चोल शासन के दौरान दक्षिण भारत में कौन सी भाषा प्रमुख थी?
A) तेलुगू
B) तमिल
C) कन्नड़
D) मलयालम
✅ उत्तर: B) तमिल | 📖 व्याख्या: चोल काल में तमिल भाषा और साहित्य का अत्यंत विकास हुआ।
12. चोल वंश का समय काल क्या था?
A) 6वीं-8वीं शताब्दी
B) 9वीं-13वीं शताब्दी
C) 14वीं-16वीं शताब्दी
D) 3री-5वीं शताब्दी
✅ उत्तर: B) 9वीं-13वीं शताब्दी | 📖 व्याख्या: चोल वंश लगभग 848 ई. से 1279 ई. तक शक्तिशाली रहा।
13. बृहदेश्वर मंदिर का विमान कितना ऊंचा है?
A) 50 मीटर
B) 66 मीटर
C) 80 मीटर
D) 100 मीटर
✅ उत्तर: B) 66 मीटर | 📖 व्याख्या: बृहदेश्वर मंदिर का विमान लगभग 66 मीटर (216 फीट) ऊंचा है।
14. चोल कला में ‘विमान’ किसे कहते हैं?
A) उड़ने वाला यान
B) मंदिर का ऊंचा शिखर
C) पत्थर की मूर्ति
D) नृत्य मंडप
✅ उत्तर: B) मंदिर का ऊंचा शिखर | 📖 व्याख्या: विमान द्रविड़ मंदिरों का पिरामिड आकार का ऊंचा शिखर होता है।
15. नटराज की प्रतिमा में शिव किसे अपने पैर से दबाए हुए हैं?
A) राक्षस को
B) अपस्मार पुरुष (बौने) को
C) सर्प को
D) वृषभ को
✅ उत्तर: B) अपस्मार पुरुष (बौने) को | 📖 व्याख्या: नटराज शिव अज्ञान के प्रतीक अपस्मार पुरुष को अपने दाहिने पैर से दबाए हुए हैं।
16. चोल काल में दीवार चित्रकारी के लिए कौन सी शैली उपयोग में थी?
A) तैल चित्रकारी
B) फ्रेस्को तकनीक
C) जलरंग चित्रकारी
D) कोलाज तकनीक
✅ उत्तर: B) फ्रेस्को तकनीक | 📖 व्याख्या: चोल मंदिरों की दीवारों पर फ्रेस्को (प्लास्टर पर) चित्रकारी की जाती थी।
17. राजराज चोल I का शासनकाल कब था?
A) 785-815 ई.
B) 985-1014 ई.
C) 1070-1122 ई.
D) 1150-1200 ई.
✅ उत्तर: B) 985-1014 ई. | 📖 व्याख्या: राजराज चोल I का शासनकाल 985 से 1014 ई. तक था, जो चोल साम्राज्य का स्वर्णकाल था।
18. चोल कला में ‘मण्डपम’ क्या होता है?
A) मंदिर का जलकुंड
B) स्तंभों वाला हॉल
C) गर्भगृह
D) मंदिर की सीमा दीवार
✅ उत्तर: B) स्तंभों वाला हॉल | 📖 व्याख्या: मण्डपम मंदिर में स्तंभों से निर्मित एक खुला या अर्ध-खुला हॉल होता है।
19. प्रसिद्ध ‘चिदंबरम मंदिर’ किस देवता को समर्पित है?
A) विष्णु
B) नटराज शिव
C) दुर्गा
D) सुब्रमण्यम
✅ उत्तर: B) नटराज शिव | 📖 व्याख्या: चिदंबरम मंदिर नटराज रूप में शिव को समर्पित है और यह चोल कला का महत्वपूर्ण केंद्र है।
20. बृहदेश्वर मंदिर को UNESCO विश्व धरोहर का दर्जा कब मिला?
A) 1987
B) 1995
C) 2000
D) 2010
✅ उत्तर: A) 1987 | 📖 व्याख्या: बृहदेश्वर मंदिर को 1987 में UNESCO विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता दी गई।
🏛️ भारतीय मूर्तिकला के इतिहास में नटराज प्रतिमा चोल वंश की सर्वोच्च कलात्मक उपलब्धि मानी जाती है। Indian Art History पर ऐसे और भी अनेक विषयों पर MCQ उपलब्ध हैं।
🏛️ खंड 3 — चोल कला MCQ (प्रश्न 21–30) | Chola Art History Section 3
21. चोल कालीन नटराज प्रतिमाओं में आग का प्रभामंडल किसका प्रतीक है?
A) सूर्य
B) सृष्टि और प्रलय
C) युद्ध
D) कृषि
✅ उत्तर: B) सृष्टि और प्रलय | 📖 व्याख्या: नटराज की अग्नि प्रभामंडल (प्रभावली) सृष्टि की उत्पत्ति और प्रलय दोनों का प्रतीक है।
22. चोल शिल्पकला में ‘उर्ध्व-तांडव’ किसे दर्शाता है?
A) विष्णु का नृत्य
B) शिव का ऊर्ध्व नृत्य
C) इंद्र का नृत्य
D) कृष्ण का नृत्य
✅ उत्तर: B) शिव का ऊर्ध्व नृत्य | 📖 व्याख्या: उर्ध्व-तांडव में शिव एक पैर उठाकर ऊपर की ओर नृत्य की मुद्रा में होते हैं।
23. ‘देवी पार्वती’ की चोल कालीन प्रतिमाओं में कौन सा तत्व विशिष्ट है?
A) चार भुजाएं
B) सौम्य मुद्रा और त्रिभंग आसन
C) शस्त्र धारण
D) सिंह वाहन
✅ उत्तर: B) सौम्य मुद्रा और त्रिभंग आसन | 📖 व्याख्या: चोल पार्वती प्रतिमाओं में सौम्यता, त्रिभंग (तीन झुकाव) और अलंकरण विशेष है।
24. चोल मंदिरों की दीवारों पर उकेरी गई कथाएं किस ग्रंथ से ली जाती थीं?
A) वेद
B) पुराण और महाकाव्य
C) उपनिषद
D) अर्थशास्त्र
✅ उत्तर: B) पुराण और महाकाव्य | 📖 व्याख्या: चोल मंदिरों की भित्तिचित्र कथाएं रामायण, महाभारत और पुराणों से प्रेरित थीं।
25. तंजावुर मंदिर के शीर्ष पर रखी गई ‘कपोत’ (स्तूपिका) का वजन लगभग कितना है?
A) 10 टन
B) 20 टन
C) 80 टन
D) 5 टन
✅ उत्तर: C) 80 टन | 📖 व्याख्या: तंजावुर बृहदेश्वर मंदिर के शीर्ष पर एकल पत्थर की कपोत का वजन लगभग 80 टन है।
26. चोल काल में मंदिर का ‘गर्भगृह’ किसे कहते हैं?
A) प्रवेश द्वार
B) मुख्य देवता का कक्ष
C) जलाशय
D) नृत्य मंच
✅ उत्तर: B) मुख्य देवता का कक्ष | 📖 व्याख्या: गर्भगृह मंदिर का अंतःकक्ष होता है जहां मुख्य देवता की प्रतिमा स्थापित होती है।
27. चोल कालीन कांस्य प्रतिमाओं में ‘अभयमुद्रा’ का क्या अर्थ है?
A) भय दिखाना
B) आशीर्वाद और भय-निवारण
C) युद्ध की तैयारी
D) ध्यान मुद्रा
✅ उत्तर: B) आशीर्वाद और भय-निवारण | 📖 व्याख्या: अभयमुद्रा में हथेली बाहर की ओर उठी होती है जो भक्तों को भय-मुक्ति और आशीर्वाद का संकेत है।
28. राजराज चोल I के काल की दीवार चित्रकारी कहाँ मिलती है?
A) अजंता गुफाओं में
B) तंजावुर बृहदेश्वर मंदिर में
C) एलोरा गुफाओं में
D) मामल्लपुरम में
✅ उत्तर: B) तंजावुर बृहदेश्वर मंदिर में | 📖 व्याख्या: बृहदेश्वर मंदिर के प्रदक्षिणा मार्ग की दीवारों पर राजराज I कालीन चित्रकारी है।
29. चोल कला में ‘प्रभावली’ क्या होती है?
A) देवी का नाम
B) प्रतिमा के चारों ओर की आभामंडल सजावट
C) मंदिर का कुंड
D) शिलालेख
✅ उत्तर: B) प्रतिमा के चारों ओर की आभामंडल सजावट | 📖 व्याख्या: प्रभावली देवता की प्रतिमा के चारों ओर बनाई गई अलंकृत आभामंडल (halo) होती है।
30. तंजावुर मंदिर का निर्माण किस पत्थर से हुआ?
A) संगमरमर
B) बलुआ पत्थर
C) ग्रेनाइट
D) चूना पत्थर
✅ उत्तर: C) ग्रेनाइट | 📖 व्याख्या: बृहदेश्वर मंदिर पूर्णतः ग्रेनाइट पत्थर से निर्मित है और यह विश्व के सबसे बड़े ग्रेनाइट मंदिरों में से एक है।
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🏛️ खंड 4 — चोल कला MCQ (प्रश्न 31–40) | Chola Art History Section 4
31. ‘अर्धनारीश्वर’ की चोल प्रतिमा में किन दो देवताओं का मिलन दर्शाया गया है?
A) विष्णु और लक्ष्मी
B) शिव और पार्वती
C) ब्रह्मा और सरस्वती
D) इंद्र और इंद्राणी
✅ उत्तर: B) शिव और पार्वती | 📖 व्याख्या: अर्धनारीश्वर में शिव (दाएं) और पार्वती (बाएं) का संयुक्त रूप दर्शाया गया है।
32. चोल काल में ‘देवदासी’ प्रथा किससे जुड़ी थी?
A) व्यापार
B) मंदिर नृत्य सेवा
C) खेती
D) शिक्षा
✅ उत्तर: B) मंदिर नृत्य सेवा | 📖 व्याख्या: देवदासियां मंदिरों में देवताओं की सेवा में नृत्य और संगीत प्रस्तुत करती थीं।
33. चोल वंश का राजकीय चिह्न क्या था?
A) सिंह
B) बाघ (व्याघ्र)
C) हाथी
D) मोर
✅ उत्तर: B) बाघ (व्याघ्र) | 📖 व्याख्या: बाघ (व्याघ्र) चोल वंश का राजकीय चिह्न था जो उनके ध्वज और मुद्राओं पर अंकित होता था।
34. ‘सोमस्कंद’ प्रतिमा में कौन-कौन से देवता हैं?
A) शिव, पार्वती और स्कंद
B) विष्णु, लक्ष्मी और गणेश
C) ब्रह्मा, विष्णु और महेश
D) इंद्र, अग्नि और वरुण
✅ उत्तर: A) शिव, पार्वती और स्कंद | 📖 व्याख्या: सोमस्कंद में शिव, पार्वती और उनके पुत्र स्कंद (कार्तिकेय/मुरुगन) एक साथ बैठे दिखाए जाते हैं।
35. चोल कालीन मंदिरों में ‘देवकोष्ठ’ क्या होते हैं?
A) खजाने के कक्ष
B) दीवार की आलों में देवता प्रतिमाएं
C) जल भंडार
D) अन्न भंडार
✅ उत्तर: B) दीवार की आलों में देवता प्रतिमाएं | 📖 व्याख्या: देवकोष्ठ मंदिर की बाहरी दीवारों में बनाए गए आले होते हैं जिनमें देव प्रतिमाएं स्थापित होती हैं।
36. चोल काल में किस नृत्य शैली का सर्वाधिक विकास हुआ?
A) कथक
B) भरतनाट्यम
C) ओडिसी
D) कुचिपुड़ी
✅ उत्तर: B) भरतनाट्यम | 📖 व्याख्या: भरतनाट्यम नृत्य शैली का मूल और विकास चोल काल के मंदिरों से जुड़ा हुआ है।
37. चोल कालीन विष्णु प्रतिमाओं में ‘शेषशायी’ मुद्रा में क्या दर्शाया जाता है?
A) विष्णु सिंहासन पर बैठे
B) विष्णु शेषनाग पर शयन करते
C) विष्णु युद्ध करते
D) विष्णु नृत्य करते
✅ उत्तर: B) विष्णु शेषनाग पर शयन करते | 📖 व्याख्या: शेषशायी प्रतिमा में विष्णु अनंत शेषनाग पर लेटे हुए योगनिद्रा में दिखाए जाते हैं।
38. चोल काल में ‘उत्सवमूर्ति’ का क्या प्रयोजन था?
A) युद्ध में ले जाना
B) उत्सव और जुलूस में प्रयोग
C) व्यापार वस्तु
D) घर में पूजा
✅ उत्तर: B) उत्सव और जुलूस में प्रयोग | 📖 व्याख्या: उत्सवमूर्तियां (processional images) त्योहारों में जुलूस में निकाली जाती थीं।
39. गंगैकोंडचोलपुरम मंदिर की विशेषता क्या है?
A) इसका शिखर सीधा है
B) इसका विमान थोड़ा वक्र (curved) है
C) यह लकड़ी से बना है
D) इसमें कोई मूर्ति नहीं है
✅ उत्तर: B) इसका विमान थोड़ा वक्र (curved) है | 📖 व्याख्या: गंगैकोंडचोलपुरम के विमान में हल्की वक्रता है जो इसे तंजावुर के सीधे विमान से अलग बनाती है।
40. चोल काल की ‘त्रिपुरांतक’ प्रतिमा में शिव क्या कर रहे हैं?
A) नृत्य
B) तीन दुर्गों का नाश
C) योग साधना
D) गंगा धारण
✅ उत्तर: B) तीन दुर्गों का नाश | 📖 व्याख्या: त्रिपुरांतक में शिव को तीन असुर-दुर्गों (त्रिपुर) को नष्ट करते हुए दिखाया गया है।
📚 Chol Kala (चोल कला) के अंतर्गत नटराज, सोमस्कंद, पार्वती, उमामहेश्वर जैसी अनेक कांस्य प्रतिमाएं आती हैं। ये सभी खोया-मोम तकनीक से निर्मित हैं।
🏛️ खंड 5 — चोल कला MCQ (प्रश्न 41–50) | Chola Art History Section 5
41. चोल कालीन मंदिरों में ‘प्रदक्षिणापथ’ क्या होता है?
A) मंदिर का द्वार
B) देवता की परिक्रमा मार्ग
C) जल स्रोत
D) अन्न भंडार
✅ उत्तर: B) देवता की परिक्रमा मार्ग | 📖 व्याख्या: प्रदक्षिणापथ गर्भगृह के चारों ओर बना परिक्रमा मार्ग है।
42. ‘कल्याण सुंदर’ प्रतिमा में क्या दृश्य है?
A) युद्ध
B) शिव-पार्वती विवाह
C) कृष्ण लीला
D) विष्णु-लक्ष्मी
✅ उत्तर: B) शिव-पार्वती विवाह | 📖 व्याख्या: कल्याण सुंदर में शिव और पार्वती के विवाह का मंगलकारी दृश्य दर्शाया जाता है।
43. चोल साम्राज्य का सबसे बड़ा विस्तार किसके शासन में हुआ?
A) राजराज I
B) राजेन्द्र I
C) कुलोत्तुंग I
D) विक्रम चोल
✅ उत्तर: B) राजेन्द्र I | 📖 व्याख्या: राजेन्द्र चोल I के शासन में चोल साम्राज्य उत्तर में बंगाल और समुद्र-पार मलाया तक फैला।
44. चोल कला में ‘वृषभ’ (नंदी) किस देवता का वाहन है?
A) विष्णु
B) ब्रह्मा
C) शिव
D) इंद्र
✅ उत्तर: C) शिव | 📖 व्याख्या: वृषभ (नंदी बैल) शिव का वाहन और मंदिर का द्वारपाल है।
45. ‘तिरुवलंगाडु’ नृत्य ताम्रलेख किस चोल राजा से संबंधित है?
A) राजराज I
B) राजेन्द्र I
C) परांतक I
D) कुलोत्तुंग I
✅ उत्तर: A) राजराज I | 📖 व्याख्या: तिरुवलंगाडु ताम्रपत्र राजराज I की उपलब्धियों का विवरण देते हैं।
46. चोल कालीन ‘दुर्गा महिषासुरमर्दिनी’ प्रतिमा में देवी के कितने हाथ होते हैं?
A) 2
B) 4
C) 8 या अधिक
D) 6
✅ उत्तर: C) 8 या अधिक | 📖 व्याख्या: महिषासुरमर्दिनी रूप में दुर्गा के आठ या अधिक हाथ होते हैं जिनमें विविध अस्त्र-शस्त्र होते हैं।
47. चोल कालीन मंदिरों में ‘शिलालेख’ किस भाषा में होते थे?
A) केवल संस्कृत
B) तमिल और संस्कृत दोनों
C) केवल तेलुगू
D) केवल पाली
✅ उत्तर: B) तमिल और संस्कृत दोनों | 📖 व्याख्या: चोल शिलालेख मुख्यतः तमिल में और कुछ संस्कृत में भी उत्कीर्ण किए गए।
48. चोल काल में ‘आगम शास्त्र’ का क्या महत्व था?
A) व्यापार नियम
B) मंदिर निर्माण और पूजा के नियम
C) युद्ध नियम
D) कृषि नियम
✅ उत्तर: B) मंदिर निर्माण और पूजा के नियम | 📖 व्याख्या: आगम शास्त्र मंदिर निर्माण, मूर्ति लक्षण और पूजा-अर्चना के विस्तृत नियम निर्धारित करते थे।
49. तंजावुर बृहदेश्वर मंदिर में स्थापित शिवलिंग की ऊंचाई कितनी है?
A) 2 मीटर
B) 3.7 मीटर
C) 5 मीटर
D) 8 मीटर
✅ उत्तर: B) 3.7 मीटर | 📖 व्याख्या: बृहदेश्वर मंदिर का शिवलिंग लगभग 3.7 मीटर ऊंचा और विशाल है।
50. चोल कला में ‘सप्तमातृका’ कौन हैं?
A) सात ग्रह
B) सात देवियां
C) सात नदियां
D) सात ऋषि
✅ उत्तर: B) सात देवियां | 📖 व्याख्या: सप्तमातृका सात देवी माताएं हैं — ब्राह्मी, माहेश्वरी, कौमारी, वैष्णवी, वाराही, इंद्राणी और चामुंडा।
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🏛️ खंड 6 — चोल कला MCQ (प्रश्न 51–60) | Chola Art History Section 6
51. चोल काल में ‘पंचलोह’ किसे कहते हैं?
A) पांच अनाज
B) पांच धातुओं का मिश्रण
C) पांच नदियां
D) पांच वेद
✅ उत्तर: B) पांच धातुओं का मिश्रण | 📖 व्याख्या: पंचलोह सोना, चांदी, तांबा, जस्ता और लोहे का मिश्रण है जिससे देव प्रतिमाएं बनती हैं।
52. चोल कालीन ‘विनायक’ (गणेश) प्रतिमा की प्रमुख विशेषता क्या है?
A) दस सिर
B) गज मुख, एक दांत और मोदक
C) चार पैर
D) शस्त्र धारण
✅ उत्तर: B) गज मुख, एक दांत और मोदक | 📖 व्याख्या: गणेश की प्रतिमा में हाथी का सिर, एक टूटा दांत और मोदक (लड्डू) विशेष लक्षण हैं।
53. चोल काल में ‘शिल्पशास्त्र’ किस विषय पर था?
A) कृषि
B) मूर्तिकला और वास्तुकला के नियम
C) व्यापार
D) संगीत
✅ उत्तर: B) मूर्तिकला और वास्तुकला के नियम | 📖 व्याख्या: शिल्पशास्त्र मंदिर निर्माण, मूर्ति अनुपात और शिल्प के विस्तृत नियम बताने वाला ग्रंथ है।
54. ‘ऐरावतेश्वर मंदिर’ कहाँ स्थित है?
A) तंजावुर
B) दारासुरम
C) कांचीपुरम
D) मदुरई
✅ उत्तर: B) दारासुरम | 📖 व्याख्या: ऐरावतेश्वर मंदिर दारासुरम (तमिलनाडु) में है और यह भी UNESCO विश्व धरोहर है।
55. चोल कला में ‘लिंगोद्भव’ प्रतिमा किसे दर्शाती है?
A) शिव का जन्म
B) शिवलिंग से शिव का प्रकट होना
C) राजा का जन्म
D) ब्रह्मा का प्रकट होना
✅ उत्तर: B) शिवलिंग से शिव का प्रकट होना | 📖 व्याख्या: लिंगोद्भव में शिव को ज्योतिर्लिंग से प्रकट होते हुए दिखाया जाता है।
56. चोल काल में ‘देवदान’ से क्या तात्पर्य था?
A) युद्ध में जीती भूमि
B) मंदिर को भूमि-दान
C) व्यापार कर
D) सैनिक वेतन
✅ उत्तर: B) मंदिर को भूमि-दान | 📖 व्याख्या: देवदान मंदिर के रख-रखाव और पूजा के लिए राजाओं द्वारा दी गई भूमि थी।
57. बृहदेश्वर मंदिर के नंदी (वृषभ) की मूर्ति का वजन लगभग कितना है?
A) 5 टन
B) 10 टन
C) 20 टन
D) 25 टन
✅ उत्तर: D) 25 टन | 📖 व्याख्या: बृहदेश्वर मंदिर के सामने एकल पत्थर से निर्मित नंदी की मूर्ति लगभग 25 टन की है।
58. चोल काल में मंदिर की ‘प्राकार’ दीवार किसे कहते हैं?
A) गर्भगृह की दीवार
B) मंदिर की बाहरी परिसर दीवार
C) छत
D) जलकुंड की दीवार
✅ उत्तर: B) मंदिर की बाहरी परिसर दीवार | 📖 व्याख्या: प्राकार मंदिर की आयताकार बाहरी परिसर दीवार है जो पूरे मंदिर परिसर को घेरती है।
59. ‘चंडेश्वर’ की चोल प्रतिमा में क्या दर्शाया जाता है?
A) योद्धा
B) शिव का भक्त जो अनुग्रह प्राप्त करता है
C) व्यापारी
D) कृषक
✅ उत्तर: B) शिव का भक्त जो अनुग्रह प्राप्त करता है | 📖 व्याख्या: चंडेश्वर शिव के परम भक्त हैं और चोल मंदिरों में उनकी प्रतिमा शिव के अनुग्रह प्राप्त करते दर्शाई जाती है।
60. चोल कालीन कांस्य प्रतिमाओं में आभूषण किस सामग्री से बने होते थे?
A) पत्थर
B) लकड़ी
C) मोम के सांचे से ढली धातु
D) मिट्टी
✅ उत्तर: C) मोम के सांचे से ढली धातु | 📖 व्याख्या: कांस्य प्रतिमाओं के आभूषण भी खोया-मोम तकनीक से ही एक साथ ढाले जाते थे।
🏛️ खंड 7 — चोल कला MCQ (प्रश्न 61–70) | Chola Art History Section 7
61. चोल काल में ‘तेवारम’ क्या था?
A) युद्धगीत
B) शैव संतों की भक्ति कविताएं
C) व्यापारिक विवरण
D) राजकीय आदेश
✅ उत्तर: B) शैव संतों की भक्ति कविताएं | 📖 व्याख्या: तेवारम तमिल नयनमार संतों की शिव-भक्ति की पवित्र कविताएं हैं।
62. चोल साम्राज्य की राजधानी क्या थी?
A) मदुरई
B) कांचीपुरम
C) तंजावुर
D) पुहार
✅ उत्तर: C) तंजावुर | 📖 व्याख्या: तंजावुर (Thanjavur/Tanjore) चोल साम्राज्य की मुख्य राजधानी था।
63. चोल कालीन स्थापत्य की ‘वेसर’ शैली किसका मिश्रण है?
A) नागर और द्रविड़
B) गुप्त और मौर्य
C) बौद्ध और जैन
D) इस्लामी और हिंदू
✅ उत्तर: A) नागर और द्रविड़ | 📖 व्याख्या: वेसर शैली उत्तर भारतीय नागर और दक्षिण भारतीय द्रविड़ शैलियों का मिश्रण है।
64. तंजावुर बृहदेश्वर मंदिर को ‘पेरुवुडैयार कोविल’ भी कहा जाता है, इसका क्या अर्थ है?
A) छोटा मंदिर
B) महान मंदिर
C) जल मंदिर
D) सोने का मंदिर
✅ उत्तर: B) महान मंदिर | 📖 व्याख्या: पेरुवुडैयार कोविल का अर्थ तमिल में ‘महान (बड़े) स्वामी का मंदिर’ है।
65. चोल कालीन चित्रकारी में प्राकृतिक रंगों में कौन सा रंग प्रमुख था?
A) नीला
B) लाल और पीला (गेरू व हल्दी)
C) हरा
D) सफेद
✅ उत्तर: B) लाल और पीला (गेरू व हल्दी) | 📖 व्याख्या: चोल भित्तिचित्रों में गेरू (लाल) और हल्दी (पीला) जैसे प्राकृतिक खनिज रंगों का उपयोग था।
66. ‘उमामहेश्वर’ प्रतिमा में क्या दृश्य है?
A) युद्ध का
B) शिव और पार्वती साथ बैठे
C) गणेश का जन्म
D) विष्णु और लक्ष्मी
✅ उत्तर: B) शिव और पार्वती साथ बैठे | 📖 व्याख्या: उमामहेश्वर में शिव (महेश्वर) और उनकी पत्नी पार्वती (उमा) एक साथ बैठे दर्शाए जाते हैं।
67. चोल काल में ‘ब्रह्मा’ की प्रतिमा में कितने सिर होते हैं?
A) एक
B) दो
C) चार
D) छह
✅ उत्तर: C) चार | 📖 व्याख्या: ब्रह्मा की प्रतिमा में चार सिर और चार हाथ होते हैं जो चारों दिशाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं।
68. चोल कालीन मूर्तिकला में ‘त्रिभंग’ मुद्रा क्या है?
A) तीन हथियार
B) शरीर की तीन बिंदुओं पर मोड़
C) तीन सिर
D) तीन पैर
✅ उत्तर: B) शरीर की तीन बिंदुओं पर मोड़ | 📖 व्याख्या: त्रिभंग मुद्रा में शरीर गर्दन, कमर और घुटने पर तीन स्थानों पर मुड़ा होता है जो सौंदर्य का प्रतीक है।
69. चोल काल में सबसे बड़े ‘जलाशय’ (तड़ाग) का निर्माण किसने किया?
A) राजराज I
B) राजेन्द्र I
C) कुलोत्तुंग I
D) विक्रम चोल
✅ उत्तर: B) राजेन्द्र I | 📖 व्याख्या: राजेन्द्र चोल I ने गंगैकोंडचोलपुरम में विशाल ‘चोलगंगम’ जलाशय का निर्माण किया।
70. चोल कला में ‘हरिहर’ प्रतिमा किसे दर्शाती है?
A) शिव और ब्रह्मा
B) विष्णु और शिव का मिलित रूप
C) गणेश और कार्तिकेय
D) राम और कृष्ण
✅ उत्तर: B) विष्णु और शिव का मिलित रूप | 📖 व्याख्या: हरिहर प्रतिमा विष्णु (हरि) और शिव (हर) के संयुक्त रूप को दर्शाती है।
🏛️ खंड 8 — चोल कला MCQ (प्रश्न 71–80) | Chola Art History Section 8
71. चोल काल में ‘नायनमार’ कौन थे?
A) राजा
B) शैव भक्त-संत
C) व्यापारी
D) सेनापति
✅ उत्तर: B) शैव भक्त-संत | 📖 व्याख्या: नायनमार 63 तमिल शैव संत थे जिनकी भक्ति कविताएं (तेवारम) आज भी पूजनीय हैं।
72. ‘सुब्रह्मण्यम’ (कार्तिकेय/मुरुगन) की चोल प्रतिमा में उनका वाहन क्या है?
A) हाथी
B) मोर
C) वृषभ
D) सर्प
✅ उत्तर: B) मोर | 📖 व्याख्या: सुब्रह्मण्यम (मुरुगन) का वाहन मोर है और हाथ में वेल (भाला) होता है।
73. चोल काल में ‘श्रीविल्लिपुत्तूर मंदिर’ किससे प्रसिद्ध है?
A) शिव पूजा
B) विष्णु भक्त आंडाल का जन्म स्थान
C) बौद्ध केंद्र
D) जैन मंदिर
✅ उत्तर: B) विष्णु भक्त आंडाल का जन्म स्थान | 📖 व्याख्या: श्रीविल्लिपुत्तूर वैष्णव भक्त-संत आंडाल (गोदम्बा) का जन्म स्थान और प्रसिद्ध केंद्र है।
74. चोल कालीन ‘विजयालय चोलीश्वरम’ मंदिर कहाँ है?
A) तंजावुर
B) नर्तमलाई
C) कांचीपुरम
D) महाबलीपुरम
✅ उत्तर: B) नर्तमलाई | 📖 व्याख्या: विजयालय चोलीश्वरम मंदिर नर्तमलाई (पुदुकोट्टई जिला) में है, जो चोल कला का प्रारंभिक उदाहरण है।
75. चोल काल में ‘अलवार’ कौन थे?
A) शैव संत
B) वैष्णव भक्त-संत
C) बौद्ध भिक्षु
D) राजा
✅ उत्तर: B) वैष्णव भक्त-संत | 📖 व्याख्या: अलवार 12 तमिल वैष्णव भक्त-संत थे जिनकी प्रबंध (दिव्य प्रबंध) रचनाएं पवित्र मानी जाती हैं।
76. चोल काल में ‘कांस्य प्रतिमा निर्माण’ में सर्वाधिक कुशल कौन थे?
A) राजा स्वयं
B) स्थपति (शिल्पकार)
C) पुजारी
D) सेनापति
✅ उत्तर: B) स्थपति (शिल्पकार) | 📖 व्याख्या: स्थपति परंपरागत शिल्पकार परिवारों से थे जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी कांस्य और पत्थर शिल्प में निपुण थे।
77. ‘चोल भित्तिचित्र’ में कौन सी कथा सर्वाधिक चित्रित है?
A) बुद्ध की जीवनकथा
B) शिव-पार्वती के प्रसंग
C) मुगल दरबार
D) समुद्र यात्रा
✅ उत्तर: B) शिव-पार्वती के प्रसंग | 📖 व्याख्या: चोल भित्तिचित्रों में शिव-पार्वती, शिव के विभिन्न रूप और नायनमारों की भक्ति कथाएं प्रमुखता से चित्रित हैं।
78. ‘देवसेनापति’ प्रतिमा किसकी है?
A) इंद्र की
B) कार्तिकेय/सुब्रह्मण्यम की
C) भीम की
D) अर्जुन की
✅ उत्तर: B) कार्तिकेय/सुब्रह्मण्यम की | 📖 व्याख्या: देवताओं के सेनापति कार्तिकेय (सुब्रह्मण्यम) को देवसेनापति कहा जाता है।
79. चोल काल में ‘श्रीकोविल’ क्या होता है?
A) राजमहल
B) केरल में मंदिर का गर्भगृह
C) जलाशय
D) बाजार
✅ उत्तर: B) केरल में मंदिर का गर्भगृह | 📖 व्याख्या: श्रीकोविल दक्षिण भारत के मंदिरों, विशेषतः केरल में, गर्भगृह को कहते हैं।
80. चोल कालीन ‘कल्लणई बाँध’ किस नदी पर बना है?
A) कृष्णा
B) कावेरी
C) गोदावरी
D) तुंगभद्रा
✅ उत्तर: B) कावेरी | 📖 व्याख्या: कल्लणई (ग्रैंड एनिकट) बाँध कावेरी नदी पर बना विश्व के सबसे पुराने जल-संरचनाओं में से एक है।
🏛️ खंड 9 — चोल कला MCQ (प्रश्न 81–90) | Chola Art History Section 9
81. चोल काल में ‘मूलस्थानम’ किसे कहते हैं?
A) मंदिर का प्रवेश द्वार
B) मूल देवता का मुख्य स्थान
C) जलकुंड
D) उत्सव मैदान
✅ उत्तर: B) मूल देवता का मुख्य स्थान | 📖 व्याख्या: मूलस्थानम गर्भगृह में मूल (स्थाई) देवता की प्रतिमा का स्थान है।
82. ‘चोल नरेश राजेन्द्र I’ ने अपनी समुद्री जीत के बाद कौन सी उपाधि धारण की?
A) चक्रवर्ती
B) मुडिकोंड चोल
C) कडारम कोंड (समुद्र विजेता)
D) त्रिभुवन चक्रवर्ती
✅ उत्तर: C) कडारम कोंड (समुद्र विजेता) | 📖 व्याख्या: राजेन्द्र I ने श्रीविजय और मलाया पर नौसैनिक विजय के बाद ‘कडारम कोंड’ (मलाया-विजेता) उपाधि ग्रहण की।
83. चोल काल में ‘पल्लव’ कला से चोल कला में क्या परिवर्तन आया?
A) पत्थर का प्रयोग बंद हुआ
B) विमान और कांस्य प्रतिमाओं का अधिक विकास
C) मंदिर बनने बंद हुए
D) चित्रकारी समाप्त हुई
✅ उत्तर: B) विमान और कांस्य प्रतिमाओं का अधिक विकास | 📖 व्याख्या: चोल कला में पल्लव कला से आगे बढ़कर विशाल विमान और परिष्कृत कांस्य प्रतिमाओं का उत्कर्ष हुआ।
84. चोल मंदिर में ‘अर्धमंडप’ की भूमिका क्या है?
A) भोजन स्थान
B) गर्भगृह और मुख्य मंडप के बीच का कक्ष
C) जल भंडारण
D) शस्त्रागार
✅ उत्तर: B) गर्भगृह और मुख्य मंडप के बीच का कक्ष | 📖 व्याख्या: अर्धमंडप गर्भगृह के ठीक आगे स्थित एक छोटा अंतराल कक्ष होता है।
85. ‘ऐरावतेश्वर मंदिर’ का निर्माण किस चोल राजा ने करवाया?
A) राजराज II
B) राजेन्द्र II
C) कुलोत्तुंग I
D) विक्रम चोल
✅ उत्तर: A) राजराज II | 📖 व्याख्या: ऐरावतेश्वर मंदिर (दारासुरम) का निर्माण राजराज चोल II ने 12वीं शताब्दी में करवाया।
86. चोल कालीन ‘हयग्रीव’ प्रतिमा किस देवता की है?
A) शिव
B) विष्णु का अश्व-मुख अवतार
C) ब्रह्मा
D) इंद्र
✅ उत्तर: B) विष्णु का अश्व-मुख अवतार | 📖 व्याख्या: हयग्रीव विष्णु का घोड़े के मुख वाला अवतार है जो वेदों की रक्षा के लिए प्रकट हुए।
87. चोल काल में ‘वाहन मंडप’ किसलिए बनाया जाता था?
A) राजा के वाहन के लिए
B) देवता के वाहन की प्रतिमा रखने के लिए
C) रथ रखने के लिए
D) हाथी बांधने के लिए
✅ उत्तर: B) देवता के वाहन की प्रतिमा रखने के लिए | 📖 व्याख्या: वाहन मंडप में देवता के वाहन (जैसे शिव का नंदी, विष्णु का गरुड़) की प्रतिमा स्थापित होती है।
88. चोल काल में तमिल साहित्य के प्रसिद्ध ग्रंथ ‘कंबरामायण’ की रचना किसने की?
A) तिरुवल्लुवर
B) कंबन
C) इलांगो
D) नम्मालवार
✅ उत्तर: B) कंबन | 📖 व्याख्या: कंबन ने चोल काल में महाकाव्य ‘कंबरामायण’ की रचना की जो तमिल साहित्य की अमर कृति है।
89. बृहदेश्वर मंदिर परिसर कौन-सी नदी के तट पर है?
A) कृष्णा
B) कावेरी
C) पलार
D) वैगई
✅ उत्तर: B) कावेरी | 📖 व्याख्या: तंजावुर कावेरी नदी के डेल्टा क्षेत्र में स्थित है और बृहदेश्वर मंदिर भी इसी क्षेत्र में है।
90. चोल काल में ‘अष्टभुजी दुर्गा’ प्रतिमा में देवी के आठ हाथों में क्या होता है?
A) फूल
B) विभिन्न अस्त्र-शस्त्र
C) फल
D) दीपक
✅ उत्तर: B) विभिन्न अस्त्र-शस्त्र | 📖 व्याख्या: अष्टभुजी दुर्गा के आठ हाथों में शूल, तलवार, धनुष, पाश आदि विभिन्न अस्त्र-शस्त्र होते हैं।
🏛️ खंड 10 — चोल कला MCQ (प्रश्न 91–100) | Chola Art History Section 10
91. चोल काल में ‘राजगोपुरम’ और सामान्य ‘गोपुरम’ में क्या अंतर है?
A) राजगोपुरम छोटा होता है
B) राजगोपुरम सबसे बड़ा और मुख्य प्रवेश द्वार होता है
C) राजगोपुरम लकड़ी का होता है
D) कोई अंतर नहीं
✅ उत्तर: B) राजगोपुरम सबसे बड़ा और मुख्य प्रवेश द्वार होता है | 📖 व्याख्या: राजगोपुरम मंदिर का सर्वोच्च और मुख्य (राजकीय) प्रवेश द्वार होता है।
92. चोल काल में कला का संरक्षण किसने किया?
A) केवल राजाओं ने
B) राजाओं, व्यापारियों और श्रेणियों (guilds) ने
C) केवल पुजारियों ने
D) केवल किसानों ने
✅ उत्तर: B) राजाओं, व्यापारियों और श्रेणियों (guilds) ने | 📖 व्याख्या: चोल कला का संरक्षण राजाओं के साथ-साथ धनी व्यापारी वर्ग और शिल्पकार संघों ने मिलकर किया।
93. ‘चोल कला’ और ‘पल्लव कला’ में कौन सी समानता है?
A) दोनों में मीनार हैं
B) दोनों में द्रविड़ शैली का प्रयोग
C) दोनों में मुगल प्रभाव
D) दोनों लकड़ी से निर्मित हैं
✅ उत्तर: B) दोनों में द्रविड़ शैली का प्रयोग | 📖 व्याख्या: पल्लव और चोल दोनों कला शैलियों में द्रविड़ स्थापत्य का प्रयोग किया गया।
94. चोल काल में ‘रंगमंडप’ किस कार्य के लिए था?
A) राजदरबार
B) नृत्य और संगीत प्रदर्शन
C) अन्न भंडारण
D) शस्त्र रखना
✅ उत्तर: B) नृत्य और संगीत प्रदर्शन | 📖 व्याख्या: रंगमंडप मंदिर परिसर में देवताओं के समक्ष नृत्य और संगीत प्रदर्शन का मंच होता था।
95. चोल काल में ‘विष्णु के दशावतार’ किस प्रतिमा समूह में दर्शाए जाते हैं?
A) शिव प्रतिमाओं में
B) विष्णु मंदिरों की दीवारों और प्रतिमाओं में
C) गणेश प्रतिमाओं में
D) ब्रह्मा प्रतिमाओं में
✅ उत्तर: B) विष्णु मंदिरों की दीवारों और प्रतिमाओं में | 📖 व्याख्या: विष्णु के दस अवतार (दशावतार) चोल काल के वैष्णव मंदिरों में विस्तार से दर्शाए जाते हैं।
96. ‘चोल नरेश कुलोत्तुंग I’ ने किस क्षेत्र में विशेष योगदान दिया?
A) सैन्य विजय
B) मंदिर निर्माण और प्रशासनिक सुधार
C) समुद्री व्यापार
D) साहित्य रचना
✅ उत्तर: B) मंदिर निर्माण और प्रशासनिक सुधार | 📖 व्याख्या: कुलोत्तुंग I ने कर सुधार (sungam tarittaan) और मंदिर निर्माण में विशेष रुचि ली।
97. चोल काल में ‘मूर्ति प्रतिष्ठापन’ विधि को क्या कहते हैं?
A) संस्कार
B) कुम्भाभिषेक
C) यज्ञ
D) होम
✅ उत्तर: B) कुम्भाभिषेक | 📖 व्याख्या: कुम्भाभिषेक मंदिर या मूर्ति की प्रतिष्ठापना और पवित्रीकरण का मुख्य अनुष्ठान है।
98. चोल कालीन ‘मामल्लपुरम’ (महाबलीपुरम) की कला किस वंश से संबंधित है?
A) चोल
B) पल्लव
C) राष्ट्रकूट
D) चालुक्य
✅ उत्तर: B) पल्लव | 📖 व्याख्या: महाबलीपुरम की रथ मंदिर और उत्कीर्णन कला पल्लव वंश (विशेषतः नरसिम्हवर्मन I) की है।
99. चोल काल में कांस्य प्रतिमाओं के लिए ‘स्थपति’ परिवार कहाँ से थे?
A) उत्तर भारत
B) श्रीलंका
C) स्वामीमलई (तमिलनाडु)
D) केरल
✅ उत्तर: C) स्वामीमलई (तमिलनाडु) | 📖 व्याख्या: स्वामीमलई (तमिलनाडु) आज भी पारंपरिक चोल कांस्य शिल्पकारों (स्थपति) का केंद्र है।
100. चोल कला का अंतिम महान शासक कौन था?
A) राजराज III
B) कुलोत्तुंग III
C) राजेन्द्र III
D) परांतक II
✅ उत्तर: C) राजेन्द्र III | 📖 व्याख्या: राजेन्द्र III (1246-1279 ई.) चोल वंश का अंतिम शासक था जिसके बाद चोल वंश का पतन हुआ।
निष्कर्ष | Conclusion — चोल कला MCQ
इस चोल कला MCQ संग्रह में हमने बृहदेश्वर मंदिर, नटराज कांस्य प्रतिमा, द्रविड़ स्थापत्य शैली, गोपुरम, विमान और चोल कालीन मूर्तिकला के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं को 100 MCQ प्रश्नों के माध्यम से समाहित किया है।
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