⚠️ LT Grade जून 2026 परीक्षा! PDF + MCQ Bundle सिर्फ ₹299 👉 अभी खरीदें  |  📲 FREE Notes पाएं 👉 WhatsApp Join करें

कुषाण कला MCQ in Hindi | 100 Important Questions

admin

कुषाण कला MCQ in Hindi 100 Important Questions

कुषाण कला MCQ in Hindi | 100 Important Questions

By admin

Published on:

Follow Us

कुषाण कला MCQ in Hindi — यहाँ पढ़ें 100 महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित। गांधार कला, मथुरा कला, कनिष्क, बौद्ध कला और कुषाण वंश की कला एवं संस्कृति पर आधारित ये प्रश्न UPSC, SSC, राज्य PCS, NET, TGT/PGT और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। Indian Art History पर Get All Art History At One Place।

कुषाण कला MCQ in Hindi 100 Important Questions

कुषाण कला MCQ in Hindi — 100 बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर सहित। UPSC, SSC, PCS परीक्षाओं के लिए गांधार और मथुरा कला पर महत्वपूर्ण प्रश्न।

कुषाण कला MCQ in Hindi | 100 महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (A/B/C/D विकल्प सहित)

परिचय (Introduction)

कुषाण कला MCQ in Hindiभारतीय कला इतिहास की परीक्षा तैयारी के लिए यह संग्रह विशेष रूप से तैयार किया गया है। कुषाण वंश (लगभग प्रथम-तृतीय शताब्दी ईस्वी) ने भारतीय उपमहाद्वीप में मथुरा कला और गांधार कला जैसी दो महान कला शैलियों को जन्म दिया, जो यूनानी, रोमन और देशज भारतीय परंपराओं का अनूठा संगम हैं।

इस काल में बुद्ध की पहली मानवीय प्रतिमाओं का निर्माण हुआ जो विश्व कला इतिहास की एक क्रांतिकारी घटना थी। कनिष्क के शासनकाल में बौद्ध धर्म मध्य एशिया और चीन तक फैला और सिल्क रूट के माध्यम से कला-संस्कृति का अभूतपूर्व आदान-प्रदान हुआ।

यहाँ प्रस्तुत 100 कुषाण कला MCQ प्रश्न UPSC, SSC, राज्य PCS, NET, TGT/PGT और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे।

कुषाण कला — 100 MCQ प्रश्न (हिंदी में)

1. कुषाण वंश की स्थापना किसने की थी?

A) कनिष्क     B) विम कडफिसेस

C) कुजुल कडफिसेस     D) हुविष्क

✔ सही उत्तर: C) कुजुल कडफिसेस

💡 व्याख्या: कुजुल कडफिसेस ने प्रथम शताब्दी ईस्वी में कुषाण वंश की नींव रखी।


2. कुषाण काल की सबसे महत्वपूर्ण कला शैली कौन सी थी?

A) मथुरा कला शैली     B) गांधार कला शैली

C) दोनों A और B     D) कोई नहीं

✔ सही उत्तर: C) दोनों A और B

💡 व्याख्या: कुषाण काल में मथुरा और गांधार — दोनों प्रमुख कला शैलियाँ विकसित हुईं।


3. गांधार कला शैली पर किस विदेशी कला का सर्वाधिक प्रभाव था?

A) रोमन कला     B) यूनानी (ग्रीक) कला

C) फारसी कला     D) चीनी कला

✔ सही उत्तर: B) यूनानी (ग्रीक) कला

💡 व्याख्या: गांधार कला शैली पर हेलेनिस्टिक (यूनानी) कला का गहरा प्रभाव था।


4. मथुरा कला शैली का मुख्य केंद्र कहाँ था?

A) पाटलिपुत्र     B) मथुरा (उत्तर प्रदेश)

C) तक्षशिला     D) पेशावर

✔ सही उत्तर: B) मथुरा (उत्तर प्रदेश)

💡 व्याख्या: मथुरा उत्तर प्रदेश में स्थित था और यह कुषाण काल की देशज कला का केंद्र था।


5. कनिष्क प्रथम का शासन काल कब माना जाता है?

A) 78 ई. – 101 ई.     B) 100 ई. – 150 ई.

C) 50 ई. – 78 ई.     D) 200 ई. – 250 ई.

✔ सही उत्तर: A) 78 ई. – 101 ई.

💡 व्याख्या: कनिष्क प्रथम का शासनकाल सामान्यतः 78 ई. से 101 ई. के मध्य माना जाता है।


6. कुषाण काल में बुद्ध की प्रथम मानवीय प्रतिमा किस शैली में बनाई गई?

A) पाल शैली     B) गांधार शैली

C) मौर्य शैली     D) चोल शैली

✔ सही उत्तर: B) गांधार शैली

💡 व्याख्या: गांधार शैली में यूनानी प्रभाव से बुद्ध की पहली मानवीय मूर्तियाँ निर्मित हुईं।


7. मथुरा कला में मूर्तियाँ किस पत्थर से बनाई जाती थीं?

A) काला ग्रेनाइट     B) लाल बलुआ पत्थर (रेड सैंडस्टोन)

C) सफेद संगमरमर     D) काले पत्थर

✔ सही उत्तर: B) लाल बलुआ पत्थर (रेड सैंडस्टोन)

💡 व्याख्या: मथुरा की मूर्तियाँ विशेषतः सिकरी के लाल बलुआ पत्थर से निर्मित होती थीं।


8. गांधार कला का मुख्य क्षेत्र वर्तमान में किस देश में है?

A) भारत     B) ईरान

C) अफगानिस्तान और पाकिस्तान     D) चीन

✔ सही उत्तर: C) अफगानिस्तान और पाकिस्तान

💡 व्याख्या: गांधार क्षेत्र वर्तमान में अफगानिस्तान और उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान में पड़ता है।


9. कुषाण राजाओं ने अपने सिक्कों पर किन देवताओं को चित्रित किया?

A) केवल हिंदू देवता     B) केवल यूनानी देवता

C) हिंदू, बौद्ध और यूनानी देवता     D) केवल बौद्ध प्रतीक

✔ सही उत्तर: C) हिंदू, बौद्ध और यूनानी देवता

💡 व्याख्या: कुषाण सिक्कों पर धार्मिक सहिष्णुता दर्शाते हुए विभिन्न धर्मों के देवता अंकित हैं।


10. कनिष्क के शासनकाल में कौन सी बौद्ध संगीति आयोजित हुई थी?

A) प्रथम बौद्ध संगीति     B) द्वितीय बौद्ध संगीति

C) तृतीय बौद्ध संगीति     D) चतुर्थ बौद्ध संगीति

✔ सही उत्तर: D) चतुर्थ बौद्ध संगीति

💡 व्याख्या: कनिष्क ने कश्मीर में चतुर्थ बौद्ध संगीति आयोजित करवाई थी।


11. ‘बोधिसत्व’ की प्रतिमाएँ किस कुषाण कला शैली में विशेष रूप से बनाई गईं?

A) मथुरा शैली     B) अमरावती शैली

C) गांधार शैली     D) नागर शैली

✔ सही उत्तर: C) गांधार शैली

💡 व्याख्या: गांधार शैली में बोधिसत्व की मूर्तियाँ राजसी आभूषणों सहित बनाई जाती थीं।


12. कुषाण कला में ‘अभय मुद्रा’ का क्या अर्थ है?

A) ध्यान की अवस्था     B) निर्भयता / आशीर्वाद

C) भिक्षाटन     D) धर्मचक्र प्रवर्तन

✔ सही उत्तर: B) निर्भयता / आशीर्वाद

💡 व्याख्या: अभय मुद्रा में एक हाथ ऊपर उठाकर भय दूर करने और आशीर्वाद देने का भाव प्रकट किया जाता है।


13. कुषाण काल में निर्मित ‘कनिष्क बुद्ध’ प्रतिमा कहाँ संरक्षित है?

A) पटना संग्रहालय     B) मथुरा संग्रहालय

C) दिल्ली राष्ट्रीय संग्रहालय     D) लाहौर संग्रहालय

✔ सही उत्तर: B) मथुरा संग्रहालय

💡 व्याख्या: कनिष्क काल की प्रमुख बुद्ध प्रतिमाएँ मथुरा संग्रहालय में संरक्षित हैं।


14. गांधार कला में बुद्ध के बालों की शैली किस परंपरा से ली गई?

A) फारसी परंपरा     B) यूनानी/अपोलो देवता परंपरा

C) भारतीय यक्ष परंपरा     D) रोमन सम्राट परंपरा

✔ सही उत्तर: B) यूनानी/अपोलो देवता परंपरा

💡 व्याख्या: गांधार बुद्ध की लहरदार बाल शैली यूनानी देवता अपोलो की मूर्तियों से प्रेरित थी।


15. कुषाण काल में ‘स्तूप’ निर्माण का विकास किस धर्म से संबंधित था?

A) जैन धर्म     B) बौद्ध धर्म

C) हिंदू धर्म     D) पारसी धर्म

✔ सही उत्तर: B) बौद्ध धर्म

💡 व्याख्या: कुषाण काल में बौद्ध धर्म के प्रसार के साथ अनेक विशाल स्तूपों का निर्माण हुआ।


16. मथुरा कला में बुद्ध के सिर पर ‘उष्णीष’ का क्या प्रतीक है?

A) राजत्व     B) दिव्य ज्ञान और बुद्धत्व

C) योद्धा शक्ति     D) संपदा

✔ सही उत्तर: B) दिव्य ज्ञान और बुद्धत्व

💡 व्याख्या: उष्णीष (सिर पर उभार) बुद्ध की दिव्य प्रज्ञा और बुद्धत्व प्राप्ति का प्रतीक है।


17. कुषाण काल की किस इमारत के अवशेष तक्षशिला में मिले हैं?

A) महल     B) धर्मराजिका स्तूप

C) अशोक स्तंभ     D) हवेली

✔ सही उत्तर: B) धर्मराजिका स्तूप

💡 व्याख्या: तक्षशिला में धर्मराजिका स्तूप कुषाण काल की महत्वपूर्ण बौद्ध विरासत है।


18. कुषाण काल में ‘शालभंजिका’ (वृक्ष देवी) मूर्तियाँ किस कला शैली से जुड़ी थीं?

A) गांधार शैली     B) मथुरा शैली

C) अजंता शैली     D) मौर्य शैली

✔ सही उत्तर: B) मथुरा शैली

💡 व्याख्या: मथुरा शैली में शालभंजिका जैसी लोकप्रिय देशज आकृतियाँ प्रमुखता से बनाई गईं।


19. गांधार कला में बुद्ध के चित्रण में ‘नमिका’ (पतली मूंछें) किस प्रभाव से आई?

A) मिस्र की कला     B) हेलेनिस्टिक (यूनानी-रोमन) परंपरा

C) भारतीय मूर्तिकला     D) तिब्बती कला

✔ सही उत्तर: B) हेलेनिस्टिक (यूनानी-रोमन) परंपरा

💡 व्याख्या: गांधार बुद्ध के यूनानी-रोमन शारीरिक लक्षण हेलेनिस्टिक परंपरा से आए।


20. कुषाण काल के प्रमुख शासक कनिष्क की राजधानी क्या थी?

A) पाटलिपुत्र     B) उज्जैन

C) पुरुषपुर (पेशावर)     D) मथुरा

✔ सही उत्तर: C) पुरुषपुर (पेशावर)

💡 व्याख्या: कनिष्क की राजधानी पुरुषपुर थी, जो आज पाकिस्तान में पेशावर के नाम से जानी जाती है।

कुषाण कला MCQ in Hindi की यह प्रश्नोत्तरी परीक्षार्थियों के लिए विशेष रूप से तैयार की गई है। कुषाण कला प्रश्न हिंदी में प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे UPSC, SSC, राज्य PCS, NET और शिक्षक भर्ती परीक्षाओं में अत्यंत उपयोगी हैं।

21. मथुरा कला की मूर्तियों में ‘पारदर्शी वस्त्र’ की विशेषता किस भावना को व्यक्त करती है?

A) वैभव और शान     B) शारीरिक सौंदर्य और जीवंतता

C) तपस्या और वैराग्य     D) युद्ध वीरता

✔ सही उत्तर: B) शारीरिक सौंदर्य और जीवंतता

💡 व्याख्या: मथुरा कला में पारदर्शी वस्त्र मूर्ति के शारीरिक सौंदर्य और गतिशीलता को उभारने के लिए प्रयुक्त होते थे।


22. कुषाण कला की किस विशेषता ने इसे ‘अंतर्राष्ट्रीय कला’ का दर्जा दिया?

A) केवल भारतीय परंपरा     B) यूनानी, रोमन, ईरानी और भारतीय तत्वों का संगम

C) केवल बौद्ध प्रतीकों का प्रयोग     D) केवल हिंदू देवताओं का चित्रण

✔ सही उत्तर: B) यूनानी, रोमन, ईरानी और भारतीय तत्वों का संगम

💡 व्याख्या: कुषाण कला अपने बहुसांस्कृतिक मिश्रण के कारण विश्व की अनूठी अंतर्राष्ट्रीय कला शैली बनी।


23. कुषाण काल में ‘त्रिरत्न’ प्रतीक किस धर्म से संबंधित है?

A) हिंदू धर्म     B) जैन धर्म

C) बौद्ध धर्म     D) पारसी धर्म

✔ सही उत्तर: C) बौद्ध धर्म

💡 व्याख्या: त्रिरत्न (बुद्ध, धम्म, संघ) बौद्ध धर्म के तीन आधार स्तंभों का प्रतीक है।


24. ‘जातक’ कथाओं का चित्रण मुख्यतः किस कला शैली में हुआ?

A) गांधार     B) मथुरा

C) दोनों में     D) गुप्तकालीन

✔ सही उत्तर: C) दोनों में

💡 व्याख्या: जातक कथाओं के दृश्य मथुरा और गांधार — दोनों कला परंपराओं में उकेरे गए।


25. कनिष्क के सिक्कों पर कौन से यूनानी देवता का चित्र मिलता है?

A) जियस     B) हेलिओस (सूर्य देव)

C) एथेना     D) हर्मीज

✔ सही उत्तर: B) हेलिओस (सूर्य देव)

💡 व्याख्या: कनिष्क के सिक्कों पर यूनानी सूर्य देवता हेलिओस और भारतीय देवताओं दोनों का अंकन मिलता है।


26. कुषाण काल में ‘विहार’ (बौद्ध मठ) का क्या उद्देश्य था?

A) व्यापार केंद्र     B) भिक्षुओं का निवास और शिक्षा स्थल

C) राजकीय दरबार     D) सैन्य छावनी

✔ सही उत्तर: B) भिक्षुओं का निवास और शिक्षा स्थल

💡 व्याख्या: विहार बौद्ध भिक्षुओं के रहने, अध्ययन और धर्म-प्रचार के केंद्र थे।


27. मथुरा की ‘यक्षी’ मूर्तियाँ किस भावना को व्यक्त करती हैं?

A) वीरता     B) प्रजनन शक्ति और प्रकृति की समृद्धि

C) युद्ध विजय     D) ध्यान और तपस्या

✔ सही उत्तर: B) प्रजनन शक्ति और प्रकृति की समृद्धि

💡 व्याख्या: यक्षी मूर्तियाँ जल, वृक्ष और उर्वरता की देवी के रूप में प्रकृति की शक्ति का प्रतीक थीं।


28. गांधार कला में ‘कोरिंथियन स्तंभ शैली’ किस देश की वास्तुकला से ली गई?

A) फारस     B) मिस्र

C) यूनान (ग्रीस)     D) रोम

✔ सही उत्तर: C) यूनान (ग्रीस)

💡 व्याख्या: गांधार वास्तुकला में कोरिंथियन स्तंभों का प्रयोग यूनानी स्थापत्य परंपरा से लिया गया था।


29. कुषाण काल में बौद्ध चैत्य-गृह की छत का आकार कैसा होता था?

A) समतल (Flat)     B) अर्धवृत्ताकार (Barrel vault)

C) गुंबदाकार (Dome)     D) शंकु आकार

✔ सही उत्तर: B) अर्धवृत्ताकार (Barrel vault)

💡 व्याख्या: बौद्ध चैत्य-गृहों की छत अर्धवृत्ताकार (बैरल वॉल्ट) शैली में निर्मित होती थी।


30. ‘धर्मचक्र मुद्रा’ में बुद्ध किस घटना का प्रतीक हैं?

A) जन्म     B) ज्ञान प्राप्ति

C) प्रथम उपदेश (धर्मचक्र प्रवर्तन)     D) महापरिनिर्वाण

✔ सही उत्तर: C) प्रथम उपदेश (धर्मचक्र प्रवर्तन)

💡 व्याख्या: धर्मचक्र मुद्रा सारनाथ में बुद्ध के प्रथम उपदेश का प्रतीक है।


31. कुषाण काल में ‘पञ्चतंत्र’ और अन्य साहित्य किस भाषा में लिखे गए?

A) पाली     B) संस्कृत

C) प्राकृत     D) खरोष्ठी

✔ सही उत्तर: B) संस्कृत

💡 व्याख्या: कुषाण काल में संस्कृत साहित्य और कला का पुनरुत्थान हुआ।


32. मथुरा की ‘जैन तीर्थंकर’ मूर्तियाँ किस पत्थर से बनती थीं?

A) काला ग्रेनाइट     B) लाल बलुआ पत्थर

C) संगमरमर     D) चूना पत्थर

✔ सही उत्तर: B) लाल बलुआ पत्थर

💡 व्याख्या: मथुरा की जैन मूर्तियाँ भी लाल बलुआ पत्थर में ही बनाई जाती थीं।


33. कुषाण शासक ‘हुविष्क’ के सिक्कों पर कौन सा हिंदू देवता विशेष रूप से अंकित है?

A) इंद्र     B) शिव

C) विष्णु     D) सूर्य

✔ सही उत्तर: B) शिव

💡 व्याख्या: हुविष्क के सिक्कों पर शिव और उनके प्रतीक विशेष रूप से अंकित मिलते हैं।


34. गांधार शैली की मूर्तियाँ किस धातु से भी बनाई जाती थीं?

A) लोहा     B) ताँबा और कांस्य (Bronze)

C) सोना     D) जस्ता

✔ सही उत्तर: B) ताँबा और कांस्य (Bronze)

💡 व्याख्या: पत्थर के अलावा गांधार कला में कांस्य धातु की मूर्तियाँ भी बनाई जाती थीं।


35. कुषाण काल में ‘सिल्क रूट’ (रेशम मार्ग) का क्या महत्व था?

A) केवल व्यापार     B) कला और संस्कृति के आदान-प्रदान का मार्ग

C) सैन्य अभियान का मार्ग     D) धार्मिक तीर्थ यात्रा

✔ सही उत्तर: B) कला और संस्कृति के आदान-प्रदान का मार्ग

💡 व्याख्या: सिल्क रूट ने व्यापार के साथ-साथ भारतीय, चीनी, ईरानी और यूनानी कला परंपराओं का संगम संभव बनाया।


36. मथुरा कला में ‘संघाटी’ (भिक्षु वस्त्र) की विशेषता क्या थी?

A) मोटे और भारी     B) पतले और शरीर से चिपके हुए पारदर्शी

C) रंगीन और सजावटी     D) काले और गहरे

✔ सही उत्तर: B) पतले और शरीर से चिपके हुए पारदर्शी

💡 व्याख्या: मथुरा कला में बुद्ध का वस्त्र इतना पतला दिखाया जाता है कि शरीर के अंग स्पष्ट झलकते हैं।


37. कुषाण काल में ‘चैत्य’ का क्या अर्थ है?

A) बौद्ध भिक्षु का निवास     B) पूजा का स्थान / प्रार्थना भवन

C) बाजार     D) राजमहल

✔ सही उत्तर: B) पूजा का स्थान / प्रार्थना भवन

💡 व्याख्या: चैत्य बौद्ध पूजा-स्थल होता था जिसमें स्तूप के सामने उपासना की जाती थी।


38. गांधार कला में ‘एटलस’ (सहारा देने वाली आकृति) किस संस्कृति से आई?

A) भारतीय     B) यूनानी-रोमन

C) ईरानी     D) चीनी

✔ सही उत्तर: B) यूनानी-रोमन

💡 व्याख्या: गांधार स्तूपों पर भार उठाती आकृतियाँ (एटलस) यूनानी-रोमन शिल्पकला से ली गईं।


39. कुषाण काल में ‘बुद्ध जीवन चरित’ के किस प्रसंग को सर्वाधिक कला में दर्शाया गया?

A) जन्म     B) महाभिनिष्क्रमण (गृहत्याग)

C) ज्ञान प्राप्ति     D) ये सभी

✔ सही उत्तर: D) ये सभी

💡 व्याख्या: बुद्ध के जन्म, गृहत्याग, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण — सभी प्रसंगों को कला में उकेरा गया।


40. मथुरा में ‘कंकाली टीला’ किस धर्म की कला के लिए प्रसिद्ध है?

A) बौद्ध धर्म     B) जैन धर्म

C) हिंदू धर्म     D) पारसी धर्म

✔ सही उत्तर: B) जैन धर्म

💡 व्याख्या: कंकाली टीले से जैन मूर्तियों और आयागपट्टों का बड़ा संग्रह प्राप्त हुआ है।

गांधार कला और मथुरा कला MCQ हिंदी में — ये दोनों शैलियाँ कुषाण काल की प्रमुख कला परंपराएँ हैं जो आपकी परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। कुषाण कला objective questions in Hindi से आप अपनी तैयारी को और मजबूत बना सकते हैं।

41. कुषाण सिक्कों पर लिखावट किस लिपि में होती थी?

A) देवनागरी     B) खरोष्ठी और यूनानी लिपि

C) ब्राह्मी     D) फारसी

✔ सही उत्तर: B) खरोष्ठी और यूनानी लिपि

💡 व्याख्या: कुषाण सिक्कों पर खरोष्ठी और यूनानी (ग्रीक) दोनों लिपियों का प्रयोग होता था।


42. गांधार कला में ‘अकैंथस पत्तियों’ का अलंकरण किस शैली से आया?

A) भारतीय     B) कोरिंथियन (यूनानी)

C) ईरानी     D) मिस्री

✔ सही उत्तर: B) कोरिंथियन (यूनानी)

💡 व्याख्या: कोरिंथियन स्तंभों और अलंकरण में प्रयुक्त अकैंथस पत्तियाँ यूनानी शैली की पहचान हैं।


43. कुषाण काल में ‘महायान बौद्ध धर्म’ का प्रसार किस क्षेत्र में हुआ?

A) केवल दक्षिण भारत     B) मध्य एशिया, चीन और पूर्व एशिया

C) केवल श्रीलंका     D) अफ्रीका

✔ सही उत्तर: B) मध्य एशिया, चीन और पूर्व एशिया

💡 व्याख्या: कुषाण शासकों के संरक्षण में महायान बौद्ध धर्म मध्य एशिया और चीन तक फैला।


44. मथुरा की ‘आयागपट्ट’ क्या होते थे?

A) मंदिर के दरवाजे     B) जैन पूजा के लिए चौकोर पूजा पट्टिकाएँ

C) बौद्ध स्तूप का आधार     D) राजकीय घोषणा पत्र

✔ सही उत्तर: B) जैन पूजा के लिए चौकोर पूजा पट्टिकाएँ

💡 व्याख्या: आयागपट्ट जैन मंदिरों में पूजार्चन के लिए प्रयुक्त चतुर्भुज शिलापट्ट थे।


45. कुषाण काल में ‘तोरण’ (प्रवेश द्वार) पर कौन सी कथाएँ उकेरी जाती थीं?

A) महाभारत कथाएँ     B) जातक कथाएँ और बुद्ध जीवन प्रसंग

C) रामायण के दृश्य     D) वेदिक कहानियाँ

✔ सही उत्तर: B) जातक कथाएँ और बुद्ध जीवन प्रसंग

💡 व्याख्या: बौद्ध स्तूपों के तोरण द्वारों पर जातक कथाएँ और बुद्ध जीवन की घटनाएँ चित्रित होती थीं।


46. गांधार कला में बुद्ध का चित्रण करते समय ‘त्रिभंग मुद्रा’ का प्रयोग होता था या नहीं?

A) हाँ, प्रचुरता से     B) नहीं, गांधार में सीधा और कठोर आसन प्रयुक्त होता था

C) कभी-कभी     D) केवल बोधिसत्व में

✔ सही उत्तर: B) नहीं, गांधार में सीधा और कठोर आसन प्रयुक्त होता था

💡 व्याख्या: गांधार कला में यूनानी प्रभाव से मूर्तियाँ सीधी और कम गतिशील होती थीं; त्रिभंग मथुरा और गुप्त शैली में अधिक है।


47. कुषाण वंश का अंत किसने किया?

A) समुद्रगुप्त ने     B) गुप्त वंश ने

C) ससानी साम्राज्य ने     D) A और B दोनों

✔ सही उत्तर: D) A और B दोनों

💡 व्याख्या: कुषाण साम्राज्य का पतन ससानी (ईरानी) दबाव और गुप्त वंश के उदय के कारण हुआ।


48. मथुरा संग्रहालय का पूरा नाम क्या है?

A) भारत कला भवन     B) राजकीय संग्रहालय मथुरा

C) पुरातत्व संग्रहालय मथुरा     D) कुषाण कला केंद्र

✔ सही उत्तर: B) राजकीय संग्रहालय मथुरा

💡 व्याख्या: राजकीय संग्रहालय मथुरा में कुषाण और मथुरा कला शैली की सर्वश्रेष्ठ मूर्तियाँ संग्रहीत हैं।


49. गांधार क्षेत्र के किस स्थल पर बड़े पैमाने पर बौद्ध मठों के अवशेष मिले हैं?

A) मोहनजोदड़ो     B) तक्षशिला

C) हड़प्पा     D) नालंदा

✔ सही उत्तर: B) तक्षशिला

💡 व्याख्या: तक्षशिला (पाकिस्तान) में कुषाण काल के विशाल बौद्ध मठों के अवशेष मिले हैं।


50. कुषाण काल में ‘निर्वाण’ दृश्य किस मुद्रा में दर्शाया जाता था?

A) पद्मासन     B) शयन मुद्रा (महापरिनिर्वाण)

C) खड़े खड़े     D) वज्रासन

✔ सही उत्तर: B) शयन मुद्रा (महापरिनिर्वाण)

💡 व्याख्या: बुद्ध के महापरिनिर्वाण को शयन (लेटी हुई) मुद्रा में दर्शाया जाता था।


51. कुषाण कला में ‘अनिकोनिक’ (प्रतीक रूप) से ‘आइकोनिक’ (मानवीय रूप) की यात्रा का क्या अर्थ है?

A) बुद्ध का चित्रण प्रतीकों से मानवीय रूप में     B) केवल देवताओं के चित्रण में बदलाव

C) भवन निर्माण में परिवर्तन     D) सिक्कों में परिवर्तन

✔ सही उत्तर: A) बुद्ध का चित्रण प्रतीकों से मानवीय रूप में

💡 व्याख्या: शुरू में बुद्ध को पदचिह्न, छत्र, धर्मचक्र जैसे प्रतीकों से दर्शाया जाता था; कुषाण काल में मानवीय मूर्ति बनने लगी।


52. मथुरा कला में ‘पद्मासन’ बुद्ध की विशेषता क्या है?

A) खड़े आसन में     B) कमल पर बैठे, नग्न कंधों के साथ ध्यानस्थ

C) युद्ध मुद्रा में     D) नृत्य करते हुए

✔ सही उत्तर: B) कमल पर बैठे, नग्न कंधों के साथ ध्यानस्थ

💡 व्याख्या: मथुरा की पद्मासन बुद्ध प्रतिमाएँ ध्यान की अवस्था में, कमल पर आसीन और कंधे खुले दिखाई जाती हैं।


53. गांधार कला में ‘हेलो’ (दीप्ति चक्र) किस देवता की परंपरा से लिया गया?

A) अपोलो (सूर्य देव)     B) एरेस (युद्ध देव)

C) पोसाइडन     D) डीमीटर

✔ सही उत्तर: A) अपोलो (सूर्य देव)

💡 व्याख्या: बुद्ध के सिर के पीछे दीप्ति चक्र (प्रभामंडल) यूनानी सूर्य देव अपोलो की परंपरा से प्रेरित था।


54. कुषाण काल में ‘बौद्ध रेलिक्स’ (धातु-अवशेष) किसमें रखी जाती थीं?

A) मिट्टी के बर्तन में     B) स्तूप की ‘अंडा’ संरचना में

C) मंदिर के गर्भगृह में     D) राजकीय तिजोरी में

✔ सही उत्तर: B) स्तूप की ‘अंडा’ संरचना में

💡 व्याख्या: स्तूप की गोलाकार ‘अंड’ संरचना के भीतर बुद्ध या महापुरुषों के अवशेष (रेलिक्स) संरक्षित किए जाते थे।


55. कुषाण शासक ‘विम कडफिसेस’ का क्या योगदान था?

A) बौद्ध धर्म का प्रसार     B) शिव की उपासना और सोने के सिक्के जारी करना

C) मथुरा की स्थापना     D) ग्रंथ लेखन

✔ सही उत्तर: B) शिव की उपासना और सोने के सिक्के जारी करना

💡 व्याख्या: विम कडफिसेस ने उच्च गुणवत्ता के सोने के सिक्के जारी किए और शिव को राजकीय देवता बनाया।


56. कुषाण काल में ‘पेशावर का बड़ा स्तूप’ किस शासक ने बनवाया?

A) अशोक     B) कनिष्क

C) विम कडफिसेस     D) हुविष्क

✔ सही उत्तर: B) कनिष्क

💡 व्याख्या: पेशावर का कनिष्क महास्तूप अपने समय की सबसे ऊँची और विशाल बौद्ध स्थापत्य कृतियों में था।

57. गांधार मूर्तिकला में बुद्ध के ‘उष्णीष’ को किस रूप में दर्शाया गया?


A) बंधे हुए बाल     B) लहरदार (wavy) बाल, यूनानी शैली में

C) मुंडित (बिना बाल का)     D) टोपी या पगड़ी

✔ सही उत्तर: B) लहरदार (wavy) बाल, यूनानी शैली में

💡 व्याख्या: गांधार बुद्ध की उष्णीष में लहरदार बाल दिखाए जाते हैं जो यूनानी मूर्तिकला का प्रभाव है।


58. कुषाण कला में ‘कार्तिकेय’ (स्कंद) की मूर्तियाँ किस तरह दिखाई गई हैं?

A) बच्चे के रूप में     B) युद्ध देवता, भाला और मोर के साथ

C) ध्यान मुद्रा में     D) साधु के वेश में

✔ सही उत्तर: B) युद्ध देवता, भाला और मोर के साथ

💡 व्याख्या: कुषाण सिक्कों और मूर्तियों में कार्तिकेय को युद्ध देवता के रूप में भाला और मोर के साथ दर्शाया गया।


59. मथुरा कला और गांधार कला में सबसे बड़ा अंतर क्या था?

A) सामग्री और विदेशी प्रभाव की मात्रा     B) केवल रंग में अंतर

C) केवल आकार में अंतर     D) दोनों एक जैसी ही थीं

✔ सही उत्तर: A) सामग्री और विदेशी प्रभाव की मात्रा

💡 व्याख्या: मथुरा शैली शुद्ध भारतीय लाल पत्थर में देशज परंपरा की थी, जबकि गांधार ग्रे शिस्ट पत्थर में यूनानी प्रभाव से भरपूर थी।


60. कुषाण काल की मूर्तियों में ‘भूमिस्पर्श मुद्रा’ किस घटना की याद दिलाती है?

A) बुद्ध के जन्म की     B) मार विजय और ज्ञान प्राप्ति की

C) प्रथम उपदेश की     D) गृहत्याग की

✔ सही उत्तर: B) मार विजय और ज्ञान प्राप्ति की

💡 व्याख्या: भूमिस्पर्श मुद्रा में बुद्ध मार (शैतान) पर विजय और बोधगया में ज्ञान प्राप्ति का स्मरण कराते हैं।

कुषाण वंश की कला एवं संस्कृति MCQ — भारतीय कला इतिहास में कुषाण काल एक स्वर्णिम अध्याय है। कुषाण कला बहुविकल्पीय प्रश्न हिंदी में अध्ययन करने से न केवल परीक्षा में सफलता मिलती है बल्कि भारतीय सांस्कृतिक विरासत की गहरी समझ भी विकसित होती है।

61. कुषाण काल में ‘कमल’ का प्रतीकात्मक क्या अर्थ था?

A) युद्ध     B) पवित्रता, शुद्धता और दिव्यता

C) धन-संपदा     D) मृत्यु

✔ सही उत्तर: B) पवित्रता, शुद्धता और दिव्यता

💡 व्याख्या: कमल का पुष्प बौद्ध और हिंदू दोनों परंपराओं में पवित्रता और आत्मिक उत्थान का प्रतीक है।


62. कुषाण काल में किस स्थान पर ‘सुरख कोटल’ नामक अग्नि मंदिर की खोज हुई?

A) भारत में     B) अफगानिस्तान में

C) ईरान में     D) उज्बेकिस्तान में

✔ सही उत्तर: B) अफगानिस्तान में

💡 व्याख्या: अफगानिस्तान में सुरख कोटल स्थल पर कुषाण काल का अग्नि मंदिर और कनिष्क की विशाल प्रतिमा के टुकड़े मिले।


63. मथुरा शैली में नारी मूर्तियाँ किस कला तत्व के लिए प्रसिद्ध हैं?

A) पतली-दुबली, नाजुक आकृति     B) भरे-पूरे शरीर, त्रिभंग मुद्रा और जीवंत भाव

C) सैनिक वेशभूषा     D) बड़े सिर और छोटे शरीर

✔ सही उत्तर: B) भरे-पूरे शरीर, त्रिभंग मुद्रा और जीवंत भाव

💡 व्याख्या: मथुरा की नारी मूर्तियाँ अपनी लावण्यपूर्ण देह, त्रिभंग मुद्रा और जीवंत भावों के लिए विख्यात हैं।


64. कुषाण काल में ‘श्रेणी’ (व्यापारिक संघ) की क्या भूमिका थी?

A) युद्ध लड़ना     B) कला और मंदिर निर्माण को संरक्षण देना

C) कृषि कार्य     D) धर्म प्रसार

✔ सही उत्तर: B) कला और मंदिर निर्माण को संरक्षण देना

💡 व्याख्या: व्यापारी श्रेणियाँ बौद्ध स्तूपों, विहारों और कला निर्माण की प्रमुख दानकर्ता थीं।


65. गांधार कला में ‘फ्रीज’ (Frieze) पर कौन से दृश्य उकेरे जाते थे?

A) युद्ध के दृश्य     B) बुद्ध के जीवन और जातक कथाओं के दृश्य

C) राजसी शिकार के दृश्य     D) ऋतु चक्र के दृश्य

✔ सही उत्तर: B) बुद्ध के जीवन और जातक कथाओं के दृश्य

💡 व्याख्या: गांधार स्तूपों के फ्रीज पर बुद्ध जीवन की कथाएँ और जातक दृश्य कथात्मक शैली में दिखाए जाते थे।


66. कुषाण काल में ‘वासुदेव’ (विष्णु) की मूर्तियाँ किस शैली में बनी थीं?

A) गांधार शैली     B) मथुरा शैली

C) गुप्त शैली     D) पाल शैली

✔ सही उत्तर: B) मथुरा शैली

💡 व्याख्या: कुषाण काल में मथुरा से वासुदेव-विष्णु की अनेक प्रतिमाएँ प्राप्त हुई हैं।


67. ‘तक्षशिला’ को प्राचीन काल में ‘उच्च शिक्षा का केंद्र’ क्यों माना जाता था?

A) यह एक व्यापारिक नगर था     B) यहाँ विश्व के प्रथम विश्वविद्यालय में आयुर्वेद, दर्शन और कला की शिक्षा दी जाती थी

C) यह एक सैन्य केंद्र था     D) यहाँ केवल बौद्ध भिक्षु रहते थे

✔ सही उत्तर: B) यहाँ विश्व के प्रथम विश्वविद्यालय में आयुर्वेद, दर्शन और कला की शिक्षा दी जाती थी

💡 व्याख्या: तक्षशिला विश्व के प्राचीनतम विश्वविद्यालय नगरों में था, जहाँ बहुविध विषयों की शिक्षा दी जाती थी।


68. मथुरा और गांधार — दोनों शैलियों में बुद्ध के किस शारीरिक लक्षण को ‘महापुरुष लक्षण’ कहा जाता था?

A) लंबा कद     B) 32 लक्षण जैसे उष्णीष, जालांगुलि (जालीदार अंगुलियाँ), दीर्घ कर्ण

C) बड़ी आँखें     D) चौड़े कंधे

✔ सही उत्तर: B) 32 लक्षण जैसे उष्णीष, जालांगुलि (जालीदार अंगुलियाँ), दीर्घ कर्ण

💡 व्याख्या: बौद्ध ग्रंथों में बुद्ध के 32 महापुरुष लक्षण वर्णित हैं जिन्हें मूर्तियों में दर्शाने का प्रयास किया गया।


69. कुषाण काल में ‘बामियान’ (अफगानिस्तान) की विशालकाय बुद्ध प्रतिमाएँ किस शैली की हैं?

A) शुद्ध मथुरा शैली     B) गांधार-कुषाण शैली

C) गुप्तकालीन शैली     D) तिब्बती शैली

✔ सही उत्तर: B) गांधार-कुषाण शैली

💡 व्याख्या: बामियान की विशाल बुद्ध मूर्तियाँ गांधार-कुषाण कला परंपरा की उत्कृष्ट अभिव्यक्ति थीं।


70. कुषाण काल की कला में ‘गंधर्व’ और ‘अप्सरा’ मूर्तियाँ किसका प्रतीक थीं?

A) युद्ध वीरों का     B) स्वर्गीय संगीतकारों और नृत्यांगनाओं का

C) व्यापारियों का     D) किसानों का

✔ सही उत्तर: B) स्वर्गीय संगीतकारों और नृत्यांगनाओं का

💡 व्याख्या: कुषाण स्तूपों पर गंधर्व और अप्सरा की आकृतियाँ दिव्य संगीत और नृत्य का प्रतीक हैं।


71. मथुरा कला में ‘अर्धनारीश्वर’ प्रतिमा किन दो तत्वों का संगम है?

A) विष्णु और ब्रह्मा     B) शिव (पुरुष तत्व) और पार्वती (स्त्री तत्व)

C) इंद्र और इंद्राणी     D) राम और सीता

✔ सही उत्तर: B) शिव (पुरुष तत्व) और पार्वती (स्त्री तत्व)

💡 व्याख्या: अर्धनारीश्वर प्रतिमा शिव-पार्वती के मिलन और सृष्टि के द्वैत-अद्वैत का प्रतीक है।


72. कुषाण काल में ‘मिहिरकुल’ कौन था?

A) एक बौद्ध भिक्षु     B) एक क्रूर हूण शासक जिसने कुषाण उत्तराधिकारी राज्यों पर आक्रमण किया

C) कनिष्क का पुत्र     D) एक कवि

✔ सही उत्तर: B) एक क्रूर हूण शासक जिसने कुषाण उत्तराधिकारी राज्यों पर आक्रमण किया

💡 व्याख्या: मिहिरकुल हूण शासक था जिसने कुषाण के उत्तरवर्ती काल में उत्तर भारत पर विध्वंसकारी आक्रमण किए।


73. कुषाण काल में ‘नट’ और ‘नर्तक’ की मूर्तियाँ मुख्यतः किस स्थल से प्राप्त हुई हैं?

A) सांची     B) मथुरा

C) अजंता     D) बोधगया

✔ सही उत्तर: B) मथुरा

💡 व्याख्या: मथुरा खुदाई में नर्तकों, संगीतकारों और लोक जीवन दर्शाती अनेक मूर्तियाँ प्राप्त हुई हैं।


74. गांधार कला में ‘माया देवी’ (बुद्ध की माता) के जन्म दृश्य में कौन सा पेड़ दिखाया जाता है?

A) पीपल     B) आम

C) साल वृक्ष     D) बरगद

✔ सही उत्तर: C) साल वृक्ष

💡 व्याख्या: बौद्ध परंपरा के अनुसार बुद्ध का जन्म लुंबिनी में माया देवी द्वारा साल वृक्ष की शाखा पकड़े हुए हुआ था।


75. कुषाण काल में किस स्थल पर ‘कनिष्क की अष्टभुजी प्रतिमा’ के टुकड़े मिले?

A) मथुरा     B) सुरख कोटल, अफगानिस्तान

C) सांची     D) नालंदा

✔ सही उत्तर: B) सुरख कोटल, अफगानिस्तान

💡 व्याख्या: अफगानिस्तान के सुरख कोटल में खुदाई में कनिष्क की विशाल मूर्ति के टुकड़े और अभिलेख प्राप्त हुए।


76. मथुरा कला में ‘नाग’ की मूर्तियाँ किसकी पूजा से जुड़ी थीं?

A) वृष्टि और उर्वरता देवता     B) जल, भूमि और रक्षक के रूप में नाग पूजा

C) मृत्यु देवता     D) वायु देवता

✔ सही उत्तर: B) जल, भूमि और रक्षक के रूप में नाग पूजा

💡 व्याख्या: मथुरा क्षेत्र में नाग पूजा की प्राचीन परंपरा थी; नाग जल और भूमि के रक्षक के रूप में पूजे जाते थे।


77. कुषाण काल में ‘यूनानी देवता हेरेक्लीस’ को भारतीय कला में किस रूप में अपनाया गया?

A) विष्णु के रूप में     B) वज्रपाणि (बुद्ध के रक्षक) के रूप में

C) गणेश के रूप में     D) इंद्र के रूप में

✔ सही उत्तर: B) वज्रपाणि (बुद्ध के रक्षक) के रूप में

💡 व्याख्या: गांधार कला में हेरेक्लीस को वज्र धारण करने वाले वज्रपाणि में रूपांतरित कर बुद्ध का रक्षक बनाया गया।


78. गांधार कला में ‘ग्रे शिस्ट’ (Grey Schist) पत्थर का उपयोग क्यों होता था?

A) यह बहुत सस्ता था     B) यह स्थानीय रूप से उपलब्ध और महीन नक्काशी के योग्य था

C) यह बहुत कठोर था     D) इसे यूनान से मँगाया जाता था

✔ सही उत्तर: B) यह स्थानीय रूप से उपलब्ध और महीन नक्काशी के योग्य था

💡 व्याख्या: गांधार क्षेत्र (पाकिस्तान-अफगानिस्तान) में ग्रे शिस्ट पत्थर स्थानीय रूप से प्रचुर था और इसमें सूक्ष्म नक्काशी आसान थी।


79. कुषाण काल में ‘शक’ और ‘कुषाण’ की कला परंपराओं में क्या समानता थी?

A) दोनों ने मूर्तिकला को अस्वीकार किया     B) दोनों ने विदेशी और भारतीय कला तत्वों का मिश्रण किया

C) दोनों केवल ताँबे के बर्तन बनाते थे     D) दोनों में कोई समानता नहीं थी

✔ सही उत्तर: B) दोनों ने विदेशी और भारतीय कला तत्वों का मिश्रण किया

💡 व्याख्या: शक और कुषाण — दोनों विदेशी मूल के थे लेकिन उन्होंने भारतीय कला परंपराओं को आत्मसात किया और विदेशी तत्वों से समृद्ध किया।


80. मथुरा कला में ‘बलदेव’ (बलराम) की प्रतिमाएँ किस विशेषता से पहचानी जाती हैं?

A) चक्र और शंख     B) हल और मूसल के साथ

C) वीणा के साथ     D) कमल के साथ

✔ सही उत्तर: B) हल और मूसल के साथ

💡 व्याख्या: मथुरा की बलदेव मूर्तियों में उनके पारंपरिक आयुध — हल (लाँगल) और मूसल — विशेषत: दर्शाए जाते हैं।

Indian Art History — कुषाण कला MCQ Hindi। इस वेबसाइट पर आपको भारतीय कला इतिहास के सभी महत्वपूर्ण विषयों पर हिंदी में प्रश्नोत्तरी, नोट्स और अध्ययन सामग्री मिलती है। हमारे WhatsApp चैनल और Facebook पेज से जुड़कर नियमित अपडेट पाएँ।

81. कुषाण काल में ‘शिव लिंग’ पूजा का साक्ष्य किस स्थान से मिलता है?

A) अजंता     B) मथुरा की खुदाई

C) केवल दक्षिण भारत से     D) नालंदा

✔ सही उत्तर: B) मथुरा की खुदाई

💡 व्याख्या: मथुरा खुदाई में कुषाण कालीन शिव लिंग के अनेक नमूने प्राप्त हुए हैं।


82. गांधार कला में ‘जातक दृश्यों’ को किस शैली में दिखाया जाता था?

A) एकल (Single) दृश्य     B) क्रमिक (Continuous Narrative) शैली में

C) केवल मुखाकृति     D) रेखाचित्र शैली में

✔ सही उत्तर: B) क्रमिक (Continuous Narrative) शैली में

💡 व्याख्या: गांधार फ्रीज पर जातक कथाएँ एक के बाद एक दृश्यों में क्रमिक कथाशैली में दर्शाई जाती थीं।


83. कुषाण काल में ‘मातृका’ मूर्तियाँ क्या प्रतीक थीं?

A) युद्ध की देवियाँ     B) माता देवियाँ जो संतान, स्वास्थ्य और समृद्धि देती थीं

C) नदी देवियाँ     D) वन देवियाँ

✔ सही उत्तर: B) माता देवियाँ जो संतान, स्वास्थ्य और समृद्धि देती थीं

💡 व्याख्या: मातृका (माता देवियों) की लोक पूजा परंपरा प्रजनन, स्वास्थ्य और कल्याण से जुड़ी थी।


84. कुषाण काल में ‘बाघ गुफाओं’ (Bagh Caves) की चित्रकला किस विषय पर आधारित थी?

A) बौद्ध धर्म     B) हिंदू देवी-देवता

C) जैन तीर्थंकर     D) कुषाण इतिहास

✔ सही उत्तर: A) बौद्ध धर्म

💡 व्याख्या: मध्यप्रदेश की बाघ गुफाएँ अजंता की तरह बौद्ध धर्म पर आधारित भित्ति चित्रों के लिए प्रसिद्ध हैं।


85. कुषाण काल में ‘हार्मिका’ स्तूप का वह भाग कौन सा था?

A) स्तूप का आधार     B) अंड (गोलाकार भाग) के ऊपर चौकोर बाड़ी जैसी संरचना

C) प्रवेश द्वार     D) छत्र

✔ सही उत्तर: B) अंड (गोलाकार भाग) के ऊपर चौकोर बाड़ी जैसी संरचना

💡 व्याख्या: हार्मिका अंड के ऊपर चौकोर आकार की संरचना होती थी जो पवित्र क्षेत्र का परिसीमन करती थी।


86. मथुरा कला के किस विद्वान ने इसे ‘Pure Indian Art’ कहा?

A) जॉन मार्शल     B) विन्सेंट स्मिथ

C) अनंद कुमारस्वामी     D) फर्ग्यूसन

✔ सही उत्तर: C) अनंद कुमारस्वामी

💡 व्याख्या: कुमारस्वामी ने मथुरा कला को शुद्ध भारतीय परंपरा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।


87. कुषाण काल में ‘देवनागरी लिपि’ का प्रयोग होता था या नहीं?

A) हाँ, व्यापक रूप से     B) नहीं; ब्राह्मी और खरोष्ठी का प्रयोग होता था

C) केवल धार्मिक ग्रंथों में     D) केवल सिक्कों पर

✔ सही उत्तर: B) नहीं; ब्राह्मी और खरोष्ठी का प्रयोग होता था

💡 व्याख्या: कुषाण काल में लेखन के लिए ब्राह्मी (भारत में) और खरोष्ठी (उत्तर-पश्चिम में) प्रमुख लिपियाँ थीं।


88. गांधार कला में ‘द्रापरी’ (वस्त्र की सलवटें) की विशेषता क्या थी?

A) कोई सलवटें नहीं     B) प्राकृतिक, सजीव यूनानी शैली की सलवटें

C) ज्यामितीय डिजाइन     D) रंगीन कशीदाकारी

✔ सही उत्तर: B) प्राकृतिक, सजीव यूनानी शैली की सलवटें

💡 व्याख्या: गांधार मूर्तियों के वस्त्रों में प्राकृतिक गुरुत्वाकर्षण के अनुरूप सलवटें यूनानी यथार्थवादी शैली को दर्शाती हैं।


89. कुषाण काल में ‘सहाराव घाटी’ (Swat Valley) में किस प्रकार की बौद्ध संरचनाएँ मिली हैं?

A) केवल स्तूप     B) स्तूप, विहार और चैत्य

C) केवल गुफाएँ     D) केवल मंदिर

✔ सही उत्तर: B) स्तूप, विहार और चैत्य

💡 व्याख्या: पाकिस्तान की स्वात घाटी में कुषाण काल के स्तूप, विहार और चैत्य-गृह सभी प्रकार की संरचनाएँ मिली हैं।


90. मथुरा कला में ‘कुबेर’ की प्रतिमाएँ किस रूप में बनाई जाती थीं?

A) पतले और लंबे     B) मोटे-तगड़े, धन-भंडार के साथ

C) योद्धा के रूप में     D) संन्यासी के रूप में

✔ सही उत्तर: B) मोटे-तगड़े, धन-भंडार के साथ

💡 व्याख्या: धन के देवता कुबेर को मोटे, भारी-भरकम शरीर और धन-थैली के साथ दर्शाया जाता था।


91. कुषाण काल में ‘सुर्ख्र’ खनन स्थल (वर्तमान अफगानिस्तान) किस लिए प्रसिद्ध था?

A) सोने की खदान     B) लापीस लाजूली (नीले रत्न) की खदान

C) लोहे की खदान     D) हीरे की खदान

✔ सही उत्तर: B) लापीस लाजूली (नीले रत्न) की खदान

💡 व्याख्या: अफगानिस्तान के बदख्शाँ क्षेत्र की लापीस लाजूली खदानें प्राचीन काल से ही विश्व प्रसिद्ध थीं।


92. कुषाण काल में ‘खरोष्ठी लिपि’ किस दिशा में लिखी जाती थी?

A) बाएँ से दाएँ     B) दाएँ से बाएँ

C) ऊपर से नीचे     D) नीचे से ऊपर

✔ सही उत्तर: B) दाएँ से बाएँ

💡 व्याख्या: खरोष्ठी लिपि अरबी की तरह दाएँ से बाएँ लिखी जाती थी और उत्तर-पश्चिम भारत में प्रचलित थी।


93. गांधार कला में ‘स्तूप के चारों कोनों’ पर क्या होता था?

A) युद्ध के झंडे     B) छत्र (parasol) और दिशा रक्षक देवता

C) मूर्तियों की दुकानें     D) ज्योतिष पट्टिकाएँ

✔ सही उत्तर: B) छत्र (parasol) और दिशा रक्षक देवता

💡 व्याख्या: स्तूपों के चारों कोनों और शीर्ष पर छत्र तथा दिशापाल देवताओं की आकृतियाँ अंकित होती थीं।


94. कुषाण काल में ‘मंजुश्री’ (ज्ञान के बोधिसत्व) की प्रतिमाएँ किस हाथ में ली हुई पुस्तक के साथ होती हैं?

A) तलवार और पुस्तक     B) कमल और पुस्तक

C) धनुष और पुस्तक     D) चक्र और पुस्तक

✔ सही उत्तर: A) तलवार और पुस्तक

💡 व्याख्या: मंजुश्री बोधिसत्व की प्रतिमा में ज्ञान की तलवार और प्रज्ञापारमिता पुस्तक प्रमुख प्रतीक हैं।


95. कुषाण काल की कला में ‘नंदी’ (शिव का वाहन) का पहला चित्रण कब मिलता है?

A) मौर्य काल में     B) कुषाण काल में

C) गुप्त काल में     D) मध्यकाल में

✔ सही उत्तर: B) कुषाण काल में

💡 व्याख्या: कुषाण काल में शिव के वाहन नंदी बैल का सुस्पष्ट मूर्तिकला में चित्रण आरंभ हुआ।


96. मथुरा की ‘वृष्णि वीरों’ की मूर्तियाँ किस परंपरा से जुड़ी हैं?

A) बौद्ध     B) वैष्णव (कृष्ण-बलराम पूजा)

C) जैन     D) शैव

✔ सही उत्तर: B) वैष्णव (कृष्ण-बलराम पूजा)

💡 व्याख्या: मथुरा में वृष्णि वंश के देवताओं कृष्ण और बलराम की वैष्णव पूजा परंपरा बहुत प्राचीन थी।


97. कुषाण कला को ‘Indo-Greek Art’ भी क्यों कहा जाता है?

A) क्योंकि कुषाण यूनानी थे     B) क्योंकि इसमें भारतीय विषयवस्तु और यूनानी शिल्प का अनूठा संगम है

C) क्योंकि यह यूनान में बनी     D) क्योंकि यूनानी कलाकारों ने इसे बनाया

✔ सही उत्तर: B) क्योंकि इसमें भारतीय विषयवस्तु और यूनानी शिल्प का अनूठा संगम है

💡 व्याख्या: इंडो-ग्रीक या ग्रीको-बौद्धिस्ट आर्ट में भारतीय आध्यात्मिक विषयों को यूनानी तकनीक और शैली में अभिव्यक्त किया गया।


98. कुषाण काल में ‘सिक्कों पर राजा का चित्रण’ किस परंपरा का प्रारंभ था?

A) भारत में राजा के चित्र वाले सिक्के     B) बिना चित्र के केवल लेख वाले सिक्के

C) धार्मिक प्रतीकों के सिक्के     D) पशु चित्रों के सिक्के

✔ सही उत्तर: A) भारत में राजा के चित्र वाले सिक्के

💡 व्याख्या: कुषाण राजाओं ने भारत में पहली बार सिक्कों पर अपना स्पष्ट चित्र अंकित करवाने की परंपरा आरंभ की।


99. कुषाण काल में ‘कपिशा’ (आधुनिक बेग्राम, अफगानिस्तान) का क्या महत्व था?

A) यह केवल कृषि केंद्र था     B) यह कुषाणों की ग्रीष्मकालीन राजधानी और व्यापार केंद्र था

C) यह केवल बौद्ध तीर्थ था     D) यह एक सैन्य छावनी थी

✔ सही उत्तर: B) यह कुषाणों की ग्रीष्मकालीन राजधानी और व्यापार केंद्र था

💡 व्याख्या: बेग्राम (कपिशा) कुषाणों की ग्रीष्मकालीन राजधानी थी जहाँ से रोमन, चीनी और भारतीय कला के खजाने मिले।


100. कुषाण कला का भारतीय कला इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण योगदान क्या था?

A) केवल मंदिर निर्माण     B) बुद्ध की पहली मानवीय प्रतिमाएँ बनाना और अंतर्राष्ट्रीय कला का विकास

C) केवल सिक्का निर्माण     D) केवल साहित्य

✔ सही उत्तर: B) बुद्ध की पहली मानवीय प्रतिमाएँ बनाना और अंतर्राष्ट्रीय कला का विकास

💡 व्याख्या: कुषाण काल बुद्ध की मानवीय मूर्ति के उद्भव और पूर्व-पश्चिम कला के ऐतिहासिक संगम के लिए सबसे महत्वपूर्ण है।

निष्कर्ष (Conclusion)

कुषाण कला MCQ in Hindi — इन 100 बहुविकल्पीय प्रश्नों का अध्ययन करने के बाद आप कुषाण काल की कला, स्थापत्य और सांस्कृतिक विरासत को गहराई से समझ सकेंगे। कुषाण काल भारतीय कला इतिहास का वह स्वर्णिम अध्याय है जिसमें मथुरा और गांधार शैलियों के माध्यम से बुद्ध की पहली मानवीय प्रतिमाएँ अस्तित्व में आईं।

इस काल की कला ने पूर्व और पश्चिम के सांस्कृतिक सेतु का कार्य किया और बौद्ध धर्म को एशिया के कोने-कोने तक पहुँचाया। प्रतियोगी परीक्षाओं में कुषाण कला से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं, इसलिए इन MCQ प्रश्नों को बार-बार दोहराना और उनकी व्याख्या समझना अत्यंत लाभकारी है। Indian Art History वेबसाइट पर भारतीय कला के हर पहलू पर हिंदी में अध्ययन सामग्री उपलब्ध है।

कुषाण कला प्रश्नावली हिंदी — UPSC art and culture में कुषाण काल से अनेक प्रश्न पूछे जाते हैं। कनिष्क, गांधार शैली, मथुरा शैली, बुद्ध प्रतिमाएँ — ये सभी विषय परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

हमसे जुड़ें — Indian Art History

🌐 Website: https://indianarthistory.com/

📱 WhatsApp Channel (Indian Art History): https://whatsapp.com/channel/0029VbAscJK60eBkuh69WA3T

👍 Facebook (Indian Art History): https://www.facebook.com/profile.php?id=100080921703339

© Indian Art History | Get All Art History At One Place | www.indianarthistory.com

Related Post

Leave a Comment

⏰ जून 2026 से पहले

LT Grade Art की तैयारी पूरी करें!

हजारों छात्र पहले ही तैयारी शुरू कर चुके हैं 📈

Complete Bundle में मिलेगा:

✅ सम्पूर्ण PDF Notes

✅ 660+ MCQ प्रश्न उत्तर सहित

✅ Previous Year Questions

सिर्फ ₹299

🎯 अभी खरीदें

Instant Download ✅ Secure Payment ✅