गांधार शैली MCQ — 100 प्रश्न उत्तर सहित | परीक्षा के लिए

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गांधार शैली पर 100 बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर सहित। B.Ed, BA और competitive exams के लिए उपयोगी। ग्रीको-बौद्ध कला, कुषाण काल, विशेषताएं सब एक जगह। “पहले नोट्स पढ़ें: गांधार शैली की प्रमुख विशेषताएं “ गांधार शैली — परिचय गांधार शैली MCQ यहाँ गांधार शैली भारतीय कला इतिहास की एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण शैली है, जो मुख्यतः कुषाण ...

गांधार शैली MCQ — 100 प्रश्न उत्तर सहित | परीक्षा के लिए

गांधार शैली पर 100 बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर सहित। B.Ed, BA और competitive exams के लिए उपयोगी। ग्रीको-बौद्ध कला, कुषाण काल, विशेषताएं सब एक जगह।

“पहले नोट्स पढ़ें: गांधार शैली की प्रमुख विशेषताएं

गांधार शैली — परिचय

गांधार शैली MCQ

यहाँ गांधार शैली भारतीय कला इतिहास की एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण शैली है, जो मुख्यतः कुषाण काल (पहली–तीसरी शताब्दी CE) में वर्तमान पाकिस्तान और अफगानिस्तान के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में विकसित हुई। इस शैली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें पहली बार भगवान बुद्ध को मानव रूप में मूर्तिकला में दर्शाया गया — इससे पहले बुद्ध को केवल प्रतीकों जैसे चरण-चिह्न, बोधि वृक्ष और धर्मचक्र से व्यक्त किया जाता था। गांधार शैली पर यूनानी (Greek) और रोमन कला का गहरा प्रभाव है, जो सिकंदर के आक्रमण (326 BCE) के बाद इस क्षेत्र में आया — इसीलिए इसे “ग्रीको-बौद्ध शैली” भी कहते हैं। इस शैली की मूर्तियाँ ग्रे शिस्ट (नीले-भूरे पत्थर) से बनाई जाती थीं, जिनमें बुद्ध के चेहरे की बनावट यूनानी देवता अपोलो जैसी — घुंघराले बाल, लंबी नाक और शांत भाव — दिखती है, तथा वस्त्रों में रोमन टोगा जैसी गहरी सलवटें होती हैं। इस शैली में भारतीय तत्त्व जैसे कमल, धर्मचक्र, उष्णीष और बोधिसत्त्व भी पूरी तरह मौजूद हैं, जो इसे भारतीय और विदेशी संस्कृतियों के अद्भुत संगम का प्रतीक बनाते हैं। गांधार कला का प्रभाव सिल्क रोड के माध्यम से मध्य एशिया, चीन, जापान और कोरिया तक फैला, और आज भी यह शैली विश्व की श्रेष्ठतम कला परंपराओं में गिनी जाती है।

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गांधार शैली — 100 बहुविकल्पीय प्रश्न (उत्तर एवं विवरण सहित)


गांधार शैली MCQ
गांधार शैली MCQ

खंड 1: परिचय और इतिहास

प्रश्न 1. गांधार शैली का उद्भव किस काल में हुआ?

A) मौर्य काल

B) कुषाण काल

C) गुप्त काल

D) पाल काल

✅ उत्तर: B) कुषाण काल

📖 विवरण: गांधार शैली का विकास मुख्यतः कुषाण शासन काल (लगभग पहली–तीसरी शताब्दी CE) में हुआ, जब भारत-यूनानी और भारतीय कला का अद्भुत संगम हुआ।


प्रश्न 2. गांधार शैली का प्रमुख केंद्र कहाँ था?

A) वाराणसी

B) मथुरा

C) पेशावर और तक्षशिला क्षेत्र

D) पाटलिपुत्र

✅ उत्तर: C) पेशावर और तक्षशिला क्षेत्र

📖 विवरण: गांधार शैली का मुख्य केंद्र वर्तमान पाकिस्तान-अफगानिस्तान का उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र था, जिसमें पेशावर, तक्षशिला और स्वात घाटी प्रमुख थे।


प्रश्न 3. गांधार शैली को और किस नाम से जाना जाता है?

A) भारहुत शैली

B) ग्रीको-बौद्ध शैली

C) राजपूत शैली

D) बंगाल शैली

✅ उत्तर: B) ग्रीको-बौद्ध शैली

📖 विवरण: गांधार शैली यूनानी (ग्रीक) और बौद्ध कला का मिश्रण होने के कारण इसे ग्रीको-बौद्ध शैली भी कहते हैं।


प्रश्न 4. गांधार क्षेत्र वर्तमान में किस देश में स्थित है?

A) केवल भारत

B) केवल अफगानिस्तान

C) पाकिस्तान और अफगानिस्तान

D) नेपाल और भारत

✅ उत्तर: C) पाकिस्तान और अफगानिस्तान

📖 विवरण: गांधार क्षेत्र वर्तमान में पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी प्रांत (खैबर-पख्तूनख्वा) और पूर्वी अफगानिस्तान में फैला हुआ है।


प्रश्न 5. गांधार शैली पर किस विदेशी संस्कृति का सर्वाधिक प्रभाव था?

A) चीनी

B) रोमन और यूनानी

C) मिस्री

D) फारसी

✅ उत्तर: B) रोमन और यूनानी

📖 विवरण: सिकंदर के आक्रमण के बाद इस क्षेत्र में यूनानी और रोमन कला का गहरा प्रभाव पड़ा, जो गांधार शैली की मुख्य विशेषता बन गई।


खंड 2: शिल्प और सामग्री

प्रश्न 6. गांधार शैली की मूर्तियाँ किस पत्थर से बनाई जाती थीं?

A) संगमरमर

B) ग्रे शिस्ट (slate)

C) लाल बलुआ पत्थर

D) ग्रेनाइट

✅ उत्तर: B) ग्रे शिस्ट (slate)

📖 विवरण: गांधार मूर्तियाँ मुख्यतः नीले-भूरे ग्रे शिस्ट (नीली स्लेट) से बनाई जाती थीं, जो इस क्षेत्र में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध थी।


प्रश्न 7. गांधार शैली में किस धातु का भी प्रयोग होता था?

A) लोहा

B) चाँदी

C) स्टुको (Stucco)

D) टिन ✅ उत्तर:

C) स्टुको (Stucco)

📖 विवरण: पत्थर के अलावा गांधार कलाकारों ने स्टुको (चूने और रेत का मिश्रण) का भी भरपूर उपयोग किया, विशेषतः स्तूपों की सजावट में।


प्रश्न 8. गांधार शैली की मूर्तियों में कपड़े की अभिव्यक्ति किस शैली से प्रभावित थी?

A) भारतीय मूर्तिकला

B) रोमन-यूनानी टोगा शैली

C) चीनी वस्त्र शैली

D) फारसी पोशाक

✅ उत्तर: B) रोमन-यूनानी टोगा शैली

📖 विवरण: गांधार मूर्तियों में वस्त्रों की सलवटें और लहरें रोमन टोगा की तरह गहरी और स्पष्ट होती थीं, जो यूनानी प्रभाव को दर्शाती हैं।


खंड 3: बुद्ध की मूर्तियाँ

प्रश्न 9. गांधार शैली में पहली बार किसकी मूर्ति बनाई गई?

A) महावीर की

B) गौतम बुद्ध की मानव रूप में

C) ब्रह्मा की

D) इंद्र की

✅ उत्तर: B) गौतम बुद्ध की मानव रूप में

📖 विवरण: इससे पहले बुद्ध को चरण-चिह्न, छत्र आदि प्रतीकों से दर्शाया जाता था। गांधार शैली ने पहली बार बुद्ध को मानव रूप में मूर्तिकला में स्थापित किया।


प्रश्न 10. गांधार शैली में बुद्ध की मूर्तियों के बाल किस शैली में होते थे?

A) घुंघराले यूनानी बाल

B) मुंडे हुए सिर

C) लंबी जटाएँ

D) माथे पर तिलक

✅ उत्तर: A) घुंघराले यूनानी बाल

📖 विवरण: गांधार बुद्ध की मूर्तियों में बाल यूनानी देवता अपोलो की तरह घुंघराले और करीने से सजे होते थे, जो यूनानी प्रभाव का प्रमाण है।


प्रश्न 11. गांधार शैली की बुद्ध मूर्तियों में उष्णीष (उभरा भाग) क्या दर्शाता है?

A) पगड़ी

B) ज्ञान का प्रतीक

C) राजमुकुट

D) बाल की गाँठ

✅ उत्तर:

B) ज्ञान का प्रतीक

📖 विवरण: बुद्ध की मूर्तियों के मस्तिष्क के ऊपर उभरा हुआ भाग (उष्णीष) उनके असाधारण ज्ञान और दिव्यता का प्रतीक है।


प्रश्न 12. गांधार मूर्तियों में बुद्ध का चेहरा किसके समान दिखता है?

A) भारतीय राजा के समान

B) यूनानी देवता अपोलो के समान

C) चीनी साधु के समान

D) फारसी राजा के समान

✅ उत्तर: B) यूनानी देवता अपोलो के समान

📖 विवरण: गांधार बुद्ध की मूर्तियों में चेहरे की बनावट—लंबी नाक, पतले होंठ, गहरी आँखें—यूनानी देवता अपोलो से मिलती-जुलती है।


प्रश्न 13. गांधार शैली में बुद्ध के किस मुद्रा की मूर्ति सर्वाधिक बनाई गई?

A) ध्यान मुद्रा

B) अभय मुद्रा

C) वरद मुद्रा

D) सभी उपर्युक्त

✅ उत्तर: D) सभी उपर्युक्त

📖 विवरण: गांधार कलाकारों ने बुद्ध को विभिन्न मुद्राओं में उकेरा—ध्यान, अभय और वरद। ये मुद्राएँ बुद्ध के जीवन के विभिन्न क्षणों को दर्शाती हैं।


प्रश्न 14. गांधार शैली में मूर्तियों में शरीर का अंकन किस प्रकार है?

A) अतिशय सुंदर और सजा हुआ

B) यथार्थवादी और शारीरिक रचना के अनुसार

C) अलंकारहीन और सपाट

D) केवल ज्यामितीय

✅ उत्तर: B) यथार्थवादी और शारीरिक रचना के अनुसार

📖 विवरण: यूनानी प्रभाव के कारण गांधार मूर्तियों में शरीर की शारीरिक रचना (anatomy) का यथार्थवादी चित्रण होता है, जो भारतीय परंपरागत शैली से भिन्न है।


खंड 4: मुख्य विशेषताएँ

प्रश्न 15. मथुरा और गांधार शैली में प्रमुख अंतर क्या है?

A) मथुरा में विदेशी प्रभाव अधिक है

B) गांधार में विदेशी (यूनानी) प्रभाव अधिक है

C) दोनों एक समान हैं

D) मथुरा में बुद्ध की मूर्तियाँ नहीं बनीं

✅ उत्तर: B) गांधार में विदेशी (यूनानी) प्रभाव अधिक है

📖 विवरण: मथुरा शैली शुद्ध भारतीय परंपरा पर आधारित है, जबकि गांधार शैली यूनानी-रोमन प्रभाव से युक्त है। मथुरा की मूर्तियाँ मांसल और भारतीय चेहरे-मोहरे की हैं।


प्रश्न 16. गांधार शैली में मूर्तियों के वस्त्रों में कौन-सी विशेषता दिखती है?

A) वस्त्र पारदर्शी हैं

B) वस्त्र भारी और सलवटों से युक्त हैं

C) वस्त्र बिल्कुल नहीं हैं

D) केवल आभूषण दिखते हैं

✅ उत्तर: B) वस्त्र भारी और सलवटों से युक्त हैं

📖 विवरण: यूनानी रोमन शैली के अनुसार गांधार मूर्तियों के वस्त्रों में गहरी सलवटें और लहरें होती हैं, जैसे कोई भारी कपड़ा पहना गया हो।


प्रश्न 17. गांधार शैली में मूर्तियों का चेहरा-भाव (expression) कैसा होता है?

A) आनंदित और हँसता हुआ

B) शांत और ध्यानमग्न

C) क्रोधित

D) उदास

✅ उत्तर: B) शांत और ध्यानमग्न

📖 विवरण: गांधार बुद्ध और बोधिसत्त्व की मूर्तियों में चेहरे पर गहन शांति और ध्यान का भाव होता है, जो आध्यात्मिक चेतना को दर्शाता है।


प्रश्न 18. गांधार शैली में मूर्तियाँ किस धर्म से संबंधित अधिक हैं?

A) हिंदू धर्म

B) जैन धर्म

C) बौद्ध धर्म

D) पारसी धर्म

✅ उत्तर: C) बौद्ध धर्म

📖 विवरण: गांधार शैली की अधिकांश मूर्तियाँ बौद्ध धर्म से संबंधित हैं—बुद्ध, बोधिसत्त्व और बौद्ध जातक कथाओं के दृश्य।


खंड 5: बोधिसत्त्व और अन्य विषय

प्रश्न 19. गांधार शैली में बोधिसत्त्व की मूर्तियों में क्या विशेषता है?

A) भारी गहने और राजसी वस्त्र

B) साधारण वस्त्र और खाली हाथ

C) केवल कमल पकड़े हुए

D) योद्धा वेश

✅ उत्तर: A) भारी गहने और राजसी वस्त्र

📖 विवरण: बोधिसत्त्व को गांधार शैली में राजकुमार के रूप में दर्शाया गया है—बहुमूल्य आभूषण, मुकुट और सुंदर वस्त्र धारण किए हुए।


प्रश्न 20. गांधार शैली में ‘हरक्यूलीस’ जैसे पात्र का प्रयोग किस रूप में होता था?

A) मुख्य देवता के रूप में

B) बुद्ध के रक्षक वज्रपाणि के रूप में

C) राजा के रूप में

D) शत्रु के रूप में

✅ उत्तर: B) बुद्ध के रक्षक वज्रपाणि के रूप में

📖 विवरण: यूनानी वीर हरक्यूलीस की छवि को गांधार कलाकारों ने वज्रपाणि (बुद्ध के रक्षक) के रूप में अपनाया, जिसमें उसकी मजबूत काया और गदा का चित्रण था।


प्रश्न 21. गांधार शैली में जातक कथाओं का चित्रण किस रूप में होता था?

A) केवल लिखित रूप में

B) स्तूपों के पैनलों पर उभरी मूर्तियों (reliefs) में

C) ताम्रपत्र पर

D) कपड़े पर

✅ उत्तर: B) स्तूपों के पैनलों पर उभरी मूर्तियों (reliefs) में

📖 विवरण: जातक कथाएँ (बुद्ध के पूर्व जन्म की कहानियाँ) गांधार शैली में स्तूपों और विहारों के पैनलों पर उभरी मूर्तियों (bas-reliefs) में उत्कीर्ण की जाती थीं।


खंड 6: स्थापत्य और स्तूप

प्रश्न 22. गांधार शैली में स्तूपों का आकार कैसा होता था?

A) गोलार्ध जैसे सपाट

B) ऊँचे और संकरे बेलनाकार

C) ऊँचे ड्रम पर अर्धगोलाकार

D) वर्गाकार

✅ उत्तर: C) ऊँचे ड्रम पर अर्धगोलाकार

📖 विवरण: गांधार के स्तूप पहले के मौर्य स्तूपों की तुलना में अधिक ऊँचे और सुडौल थे—एक ऊँचे बेलनाकार ड्रम पर अर्धगोलाकार गुंबद होता था।


प्रश्न 23. प्रसिद्ध तक्षशिला किस प्रकार के अवशेषों के लिए जाना जाता है?

A) केवल सिक्के

B) गांधार शैली के स्तूप और विहार

C) गुफा चित्र

D) लोहे की वस्तुएँ

✅ उत्तर: B) गांधार शैली के स्तूप और विहार

📖 विवरण: तक्षशिला एक प्राचीन विश्वविद्यालय नगर था जहाँ गांधार शैली के अनेक स्तूप, विहार और मठ मिले हैं, जो इसे पुरातत्व की दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण बनाते हैं।


प्रश्न 24. गांधार क्षेत्र में सबसे महत्त्वपूर्ण स्तूप कौन-सा था?

A) सारनाथ स्तूप

B) धर्मराजिका स्तूप (तक्षशिला)

C) सांची स्तूप

D) भरहुत स्तूप

✅ उत्तर: B) धर्मराजिका स्तूप (तक्षशिला)

📖 विवरण: तक्षशिला का धर्मराजिका स्तूप गांधार क्षेत्र के प्रमुख स्तूपों में से एक है। ऐसी मान्यता है कि यह अशोक द्वारा बनवाया गया था और बाद में इसे विस्तृत किया गया।


प्रश्न 25. गांधार शैली के स्तूपों में सजावट का मुख्य माध्यम क्या था?

A) भित्तिचित्र

B) उभरी मूर्तियाँ और स्तंभ

C) रंगीन काँच

D) सोने की पत्तियाँ

✅ उत्तर: B) उभरी मूर्तियाँ और स्तंभ

📖 विवरण: गांधार स्तूपों को पत्थर और स्टुको की उभरी हुई मूर्तियों (reliefs), अलंकृत स्तंभों और पैनलों से सजाया जाता था।


खंड 7: कुषाण वंश

प्रश्न 26. गांधार शैली का सबसे बड़ा संरक्षक कुषाण राजा कौन था?

A) अशोक

B) कनिष्क प्रथम

C) हर्षवर्धन

D) समुद्रगुप्त

✅ उत्तर: B) कनिष्क प्रथम

📖 विवरण: कुषाण सम्राट कनिष्क प्रथम (लगभग 127-150 CE) गांधार शैली का महान संरक्षक था। उसने बौद्ध धर्म को राजाश्रय दिया और अनेक स्तूप और विहार बनवाए।


प्रश्न 27. कनिष्क द्वारा बनवाया गया सबसे प्रसिद्ध स्तूप कहाँ था?

A) वाराणसी

B) पेशावर (पुरुषपुर)

C) लाहौर

D) काबुल

✅ उत्तर: B) पेशावर (पुरुषपुर)

📖 विवरण: कनिष्क ने पेशावर (प्राचीन पुरुषपुर) में एक विशाल स्तूप बनवाया था, जिसे प्राचीन काल के सबसे ऊँचे स्तूपों में से एक माना जाता है।


प्रश्न 28. कुषाण सिक्कों में कौन-सी विशेषता गांधार कला से मेल खाती है?

A) केवल भारतीय देवता

B) भारतीय और यूनानी दोनों प्रकार के देवताओं का अंकन

C) केवल पशु चित्र

D) केवल राजा का चित्र

✅ उत्तर: B) भारतीय और यूनानी दोनों प्रकार के देवताओं का अंकन

📖 विवरण: कुषाण सिक्कों में शिव, बुद्ध के साथ-साथ यूनानी देवता हेलिओस, सेलेन आदि भी दिखते हैं, जो सांस्कृतिक मिश्रण को दर्शाता है।


खंड 8: यूनानी प्रभाव

प्रश्न 29. गांधार शैली में किस यूनानी देवता से बुद्ध की मूर्तियाँ सबसे अधिक प्रभावित थीं?

A) ज्यूस

B) अपोलो

C) एथेना

D) पोसाइडन

✅ उत्तर: B) अपोलो

📖 विवरण: बुद्ध की मूर्तियों की चेहरे की बनावट—घुंघराले बाल, लंबी नाक, शांत भाव—यूनानी देवता अपोलो की मूर्तियों से सर्वाधिक प्रभावित थी।


प्रश्न 30. सिकंदर के भारत आक्रमण का गांधार कला पर क्या प्रभाव पड़ा?

A) कोई प्रभाव नहीं

B) यूनानी शिल्पकला का समावेश हुआ

C) भारतीय कला नष्ट हो गई

D) केवल युद्ध दृश्य बने

✅ उत्तर: B) यूनानी शिल्पकला का समावेश हुआ

📖 विवरण: सिकंदर के 326 BCE में आक्रमण के बाद इस क्षेत्र में यूनानी बस्तियाँ बसीं। इससे यूनानी शिल्पकला, स्थापत्य और सौंदर्यबोध का स्थानीय बौद्ध कला में मिश्रण हुआ।


प्रश्न 31. गांधार शैली में कोरिंथियन (Corinthian) स्तंभ शीर्ष का प्रयोग किसका प्रभाव है?

A) चीनी

B) फारसी

C) यूनानी-रोमन

D) मिस्री

✅ उत्तर: C) यूनानी-रोमन

📖 विवरण: गांधार के अनेक स्तूपों में कोरिंथियन शैली के स्तंभ शीर्ष मिले हैं, जो यूनानी-रोमन स्थापत्य परंपरा से सीधे उधार लिए गए थे।


खंड 9: भारतीय तत्त्व

प्रश्न 32. गांधार शैली में कौन-से भारतीय तत्त्व मौजूद हैं?

A) लोटस (कमल), धर्मचक्र

B) मेनोरा

C) क्रॉस

D) स्फिंक्स

✅ उत्तर: A) लोटस (कमल), धर्मचक्र

📖 विवरण: विदेशी प्रभावों के बावजूद गांधार शैली में कमल, धर्मचक्र, त्रिशूल जैसे भारतीय और बौद्ध प्रतीक सदा मौजूद रहे।


प्रश्न 33. गांधार शैली में बुद्ध के 32 महापुरुष लक्षणों में से कौन-सा प्रमुखता से दिखता है?

A) उष्णीष (मस्तक का उभार)

B) नीले बाल

C) छह भुजाएँ

D) पशु मुख

✅ उत्तर: A) उष्णीष (मस्तक का उभार)

📖 विवरण: बुद्ध के 32 महापुरुष लक्षणों में उष्णीष (मस्तक के ऊपर उभरा हुआ गुंबद) गांधार मूर्तियों में स्पष्ट रूप से दर्शाया गया है।


खंड 10: प्रमुख स्थल

प्रश्न 34. स्वात घाटी किस देश में है और गांधार कला से क्यों महत्त्वपूर्ण है?

A) अफगानिस्तान, केवल युद्ध के कारण

B) पाकिस्तान, यहाँ बड़ी संख्या में गांधार मूर्तियाँ मिली हैं

C) भारत, यहाँ अशोक के शिलालेख हैं

D) नेपाल, लुंबिनी के कारण

✅ उत्तर: B) पाकिस्तान, यहाँ बड़ी संख्या में गांधार मूर्तियाँ मिली हैं

📖 विवरण: पाकिस्तान की स्वात घाटी (प्राचीन उद्यान) गांधार कला का एक प्रमुख केंद्र थी जहाँ से अनेक बुद्ध और बोधिसत्त्व की मूर्तियाँ खोजी गई हैं।


प्रश्न 35. पेशावर संग्रहालय किस कला शैली के संग्रह के लिए प्रसिद्ध है?

A) मुगल

B) गांधार

C) राजपूत

D) द्रविड़

✅ उत्तर: B) गांधार

📖 विवरण: पेशावर संग्रहालय (पाकिस्तान) में गांधार शैली की मूर्तियों का विश्व के सर्वोत्तम संग्रहों में से एक है।


प्रश्न 36. बामियान में बुद्ध की विशाल मूर्तियाँ किस शैली से संबंधित थीं?

A) मथुरा शैली

B) गांधार शैली का विस्तार

C) गुप्त शैली

D) चोल शैली

✅ उत्तर: B) गांधार शैली का विस्तार

📖 विवरण: अफगानिस्तान के बामियान में पहाड़ों में उकेरी गई विशाल बुद्ध मूर्तियाँ (जिन्हें 2001 में तालिबान ने नष्ट किया) गांधार शैली के प्रभाव में बनी थीं।


खंड 11: कला का प्रसार

प्रश्न 37. गांधार शैली का प्रभाव किन देशों तक पहुँचा?

A) केवल भारत

B) चीन, जापान, कोरिया और मध्य एशिया

C) केवल यूरोप

D) केवल अफ्रीका

✅ उत्तर: B) चीन, जापान, कोरिया और मध्य एशिया

📖 विवरण: सिल्क रोड के माध्यम से गांधार शैली का प्रभाव मध्य एशिया, चीन, कोरिया और जापान तक फैला। इन देशों में बुद्ध की प्रतिमाओं पर गांधार का प्रभाव स्पष्ट दिखता है।


प्रश्न 38. गांधार शैली और सिल्क रोड का क्या संबंध है?

A) कोई संबंध नहीं

B) सिल्क रोड के व्यापारियों ने कला को फैलाया

C) केवल रेशम का व्यापार था

D) सिल्क रोड पर मूर्तियाँ बिकती थीं

✅ उत्तर: B) सिल्क रोड के व्यापारियों ने कला को फैलाया

📖 विवरण: गांधार क्षेत्र सिल्क रोड पर स्थित था। इस व्यापार मार्ग के माध्यम से न केवल वस्तुएँ बल्कि कलात्मक विचार, शिल्पकला और बौद्ध धर्म भी पूर्व और पश्चिम में फैले।


खंड 12: अवनति और संरक्षण

प्रश्न 39. गांधार शैली का पतन कब और क्यों हुआ?

A) अशोक की मृत्यु के बाद

B) हूण आक्रमण और कुषाण साम्राज्य के पतन के बाद

C) अकबर के काल में

D) ब्रिटिश काल में

✅ उत्तर: B) हूण आक्रमण और कुषाण साम्राज्य के पतन के बाद

📖 विवरण: पाँचवीं शताब्दी CE में हूण आक्रमणों और कुषाण साम्राज्य के विघटन के साथ गांधार शैली का पतन हुआ। इन आक्रमणों में अनेक स्तूप और विहार नष्ट हुए।


प्रश्न 40. गांधार कला के संरक्षण में सबसे बड़ी चुनौती क्या है?

A) पत्थर का घिसना

B) अवैध उत्खनन और तस्करी

C) रंग का फीका पड़ना

D) नमी

✅ उत्तर: B) अवैध उत्खनन और तस्करी 📖 विवरण: गांधार क्षेत्र में अस्थिर राजनीतिक स्थिति के कारण अवैध उत्खनन और मूर्तियों की तस्करी एक गंभीर समस्या है, जिससे यह अमूल्य सांस्कृतिक विरासत नष्ट हो रही है।


खंड 13: महत्त्वपूर्ण व्यक्ति

प्रश्न 41. गांधार कला के अध्ययन में किस विद्वान ने महत्त्वपूर्ण योगदान दिया?

A) जेम्स प्रिंसेप

B) सर जॉन मार्शल

C) अलेक्जेंडर कनिंघम

D) B और C दोनों

✅ उत्तर: D) B और C दोनों

📖 विवरण: सर जॉन मार्शल और अलेक्जेंडर कनिंघम ने गांधार क्षेत्र में पुरातात्विक उत्खनन और शोध में अत्यंत महत्त्वपूर्ण योगदान दिया।


खंड 14: तुलनात्मक प्रश्न

प्रश्न 42. सांची के स्तूप की कला और गांधार शैली में क्या मुख्य अंतर है?

A) सांची में यूनानी प्रभाव है

B) सांची में बुद्ध की मानव रूप में मूर्ति नहीं है

C) गांधार में केवल जानवर हैं

D) दोनों एक ही काल की हैं

✅ उत्तर: B) सांची में बुद्ध की मानव रूप में मूर्ति नहीं है

📖 विवरण: सांची स्तूप (मौर्य/शुंग काल) में बुद्ध को प्रतीकों (पदचिह्न, छत्र, बोधि वृक्ष) से दर्शाया गया है। गांधार शैली ने पहली बार बुद्ध को मानव रूप में मूर्ति में दिखाया।


प्रश्न 43. अजंता की चित्रकला और गांधार शैली में क्या संबंध है?

A) दोनों एक ही शैली हैं

B) दोनों बौद्ध हैं लेकिन शैलीगत रूप से भिन्न हैं

C) अजंता गांधार से पुरानी है

D) कोई संबंध नहीं

✅ उत्तर: B) दोनों बौद्ध हैं लेकिन शैलीगत रूप से भिन्न हैं

📖 विवरण: अजंता (गुप्त काल) और गांधार दोनों बौद्ध कला की परंपराएँ हैं, लेकिन अजंता में भारतीय शैली, सौंदर्य और रंगीन भित्तिचित्र हैं जबकि गांधार में यूनानी प्रभाव और पाषाण मूर्तियाँ।


खंड 15: विविध MCQ

प्रश्न 44. गांधार शैली में ‘नमस्ते मुद्रा’ जैसे किस भारतीय तत्त्व का समावेश है?

A) अंजलि मुद्रा (हाथ जोड़ना)

B) वज्र पकड़ना

C) तलवार उठाना

D) धनुष धारण करना

✅ उत्तर: A) अंजलि मुद्रा (हाथ जोड़ना)

📖 विवरण: गांधार मूर्तियों में उपासक और भक्त पात्रों को अंजलि मुद्रा में दर्शाया गया है, जो भारतीय आध्यात्मिक परंपरा का अभिन्न अंग है।


प्रश्न 45. प्रसिद्ध ‘भूखे बुद्ध’ (Fasting Buddha) की मूर्ति किस शैली में है?

A) मथुरा शैली

B) गांधार शैली

C) अमरावती शैली

D) पाल शैली

✅ उत्तर: B) गांधार शैली

📖 विवरण: लाहौर संग्रहालय में रखी ‘भूखे बुद्ध’ की मूर्ति गांधार शैली की उत्कृष्ट कृति है। इसमें बुद्ध की तपस्या के दौरान की अस्थिपंजर-सी काया को यथार्थवादी तरीके से उकेरा गया है।


प्रश्न 46. गांधार शैली में निम्न में से कौन-सी विशेषता नहीं पाई जाती?

A) यथार्थवादी शारीरिक अंकन

B) चटकीले रंगों का प्रयोग

C) यूनानी प्रभाव

D) बुद्ध की मानव रूप में मूर्ति

✅ उत्तर: B) चटकीले रंगों का प्रयोग

📖 विवरण: गांधार मूर्तियाँ मुख्यतः ग्रे शिस्ट पत्थर से बनी हैं और इनमें रंग का प्रयोग सीमित है। चटकीले रंग गुप्त काल या राजपूत चित्रकला की विशेषता है।


प्रश्न 47. गांधार शैली में सबसे अधिक किस विषय पर मूर्तियाँ बनाई गईं?

A) राजदरबार के दृश्य

B) बुद्ध के जीवन की घटनाएँ

C) युद्ध के दृश्य

D) प्राकृतिक दृश्य

✅ उत्तर: B) बुद्ध के जीवन की घटनाएँ

📖 विवरण: महाभिनिष्क्रमण, महापरिनिर्वाण, प्रथम उपदेश, जन्म—बुद्ध के जीवन के महत्त्वपूर्ण क्षणों को गांधार कलाकारों ने पैनलों और मूर्तियों में उकेरा।


प्रश्न 48. गांधार शैली में ‘महाभिनिष्क्रमण’ का चित्रण किस घटना को दर्शाता है?

A) बुद्ध का जन्म

B) सिद्धार्थ का गृह त्याग

C) बुद्ध का प्रथम उपदेश

D) महापरिनिर्वाण

✅ उत्तर: B) सिद्धार्थ का गृह त्याग

📖 विवरण: महाभिनिष्क्रमण सिद्धार्थ गौतम द्वारा राजमहल और संसार का त्याग करने की घटना है। गांधार कला में इस दृश्य को भव्य रूप से उकेरा गया है।


प्रश्न 49. गांधार शैली में ‘मार विजय’ का दृश्य क्या दर्शाता है?

A) युद्ध में विजय

B) बुद्ध का राक्षस मार की सेना पर आध्यात्मिक विजय

C) कुषाण राजा की विजय

D) प्रकृति पर विजय

✅ उत्तर: B) बुद्ध का राक्षस मार की सेना पर आध्यात्मिक विजय

📖 विवरण: मार विजय बौद्ध कला का लोकप्रिय दृश्य है जिसमें बुद्ध को ध्यान में बैठे दिखाया जाता है और राक्षस मार अपनी सेना के साथ उन्हें विचलित करने का असफल प्रयास करता है।


प्रश्न 50. गांधार शैली में ‘ध्यान मुद्रा’ में बुद्ध की मूर्ति में हाथ किस प्रकार होते हैं?

A) ऊपर उठे हुए

B) गोद में रखे, एक दूसरे के ऊपर

C) नमस्कार की मुद्रा में

D) जमीन को छूते हुए

✅ उत्तर: B) गोद में रखे, एक दूसरे के ऊपर

📖 विवरण: ध्यान मुद्रा में दोनों हाथ गोद में रखे होते हैं—दाहिना हाथ बाएँ हाथ के ऊपर, दोनों हथेलियाँ ऊपर। यह गहन ध्यान की अवस्था को दर्शाती है।


प्रश्न 51. गांधार शैली में ‘भूमिस्पर्श मुद्रा’ का अर्थ क्या है?

A) हाथ ऊपर करना

B) दाहिने हाथ की अंगुलियाँ जमीन की ओर करना—ज्ञान प्राप्ति का क्षण

C) दोनों हाथ जोड़ना

D) हाथ छाती के सामने

✅ उत्तर: B) दाहिने हाथ की अंगुलियाँ जमीन की ओर करना—ज्ञान प्राप्ति का क्षण

📖 विवरण: भूमिस्पर्श मुद्रा में दाहिने हाथ की अंगुलियाँ जमीन की ओर होती हैं। यह उस क्षण को दर्शाती है जब बुद्ध ने पृथ्वी को साक्षी मानकर ज्ञान प्राप्त किया।


प्रश्न 52. गांधार क्षेत्र में ‘विहार’ (Vihara) क्या होता था?

A) युद्ध का मैदान

B) बौद्ध भिक्षुओं का मठ/आवास

C) बाजार

D) राजमहल

✅ उत्तर: B) बौद्ध भिक्षुओं का मठ/आवास

📖 विवरण: विहार बौद्ध भिक्षुओं के निवास और अध्ययन का स्थान होता था। गांधार क्षेत्र में अनेक विहार मिले हैं जो कलाकृतियों से समृद्ध थे।


प्रश्न 53. गांधार शैली में ‘धर्मचक्र’ (Dharmachakra) किसका प्रतीक है?

A) राजशक्ति

B) बुद्ध के प्रथम उपदेश (धर्मचक्रप्रवर्तन)

C) सूर्य देवता

D) युद्ध

✅ उत्तर: B) बुद्ध के प्रथम उपदेश (धर्मचक्रप्रवर्तन)

📖 विवरण: धर्मचक्र बुद्ध के सारनाथ में दिए गए प्रथम उपदेश का प्रतीक है जिसे ‘धर्मचक्रप्रवर्तन’ कहते हैं। गांधार मूर्तियों में यह महत्त्वपूर्ण प्रतीक के रूप में मिलता है।


प्रश्न 54. गांधार शैली में ‘कमल’ (Lotus) फूल किसका प्रतीक है?

A) युद्ध

B) पवित्रता और ज्ञान

C) धन

D) प्रेम

✅ उत्तर: B) पवित्रता और ज्ञान

📖 विवरण: कमल कीचड़ में खिलने के बावजूद शुद्ध रहता है—यह पवित्रता, ज्ञान और बोधि का प्रतीक है। गांधार मूर्तियों में बुद्ध और बोधिसत्त्व प्रायः कमल पर विराजित दिखाए जाते हैं।


प्रश्न 55. गांधार शैली में ‘पद्मपाणि’ बोधिसत्त्व किस हाथ में क्या धारण करते हैं?

A) दाएँ हाथ में तलवार

B) बाएँ हाथ में कमल

C) दोनों हाथ खाली

D) दाएँ हाथ में वज्र

✅ उत्तर: B) बाएँ हाथ में कमल

📖 विवरण: पद्मपाणि (अवलोकितेश्वर का एक रूप) का अर्थ है ‘जिसके हाथ में कमल है’। गांधार कला में इन्हें बाएँ हाथ में कमल पकड़े दिखाया जाता है।


प्रश्न 56. गांधार शैली में ‘वज्रपाणि’ बोधिसत्त्व का क्या कार्य है?

A) बुद्ध की शिक्षा देना

B) बुद्ध की रक्षा करना

C) व्यापार करना

D) युद्ध लड़ना

✅ उत्तर: B) बुद्ध की रक्षा करना

📖 विवरण: वज्रपाणि बुद्ध के रक्षक देवता हैं जो वज्र (वज्रायुध) धारण करते हैं। गांधार मूर्तियों में वज्रपाणि को अक्सर हरक्यूलीस की शारीरिक बनावट के साथ दिखाया गया है।


प्रश्न 57. गांधार शैली में ‘मैत्रेय’ (Maitreya) बोधिसत्त्व कौन हैं?

A) वर्तमान बुद्ध

B) भविष्य के बुद्ध

C) अतीत के बुद्ध

D) बुद्ध के शिष्य

✅ उत्तर: B) भविष्य के बुद्ध

📖 विवरण: मैत्रेय बोधिसत्त्व भविष्य के बुद्ध माने जाते हैं जो अभी तुषित स्वर्ग में हैं। गांधार कला में इन्हें राजसी वस्त्रों और कमंडलु के साथ दिखाया जाता है।


प्रश्न 58. गांधार मूर्तिकला में ‘अभय मुद्रा’ का अर्थ क्या है?

A) भय का प्रदर्शन

B) अभय देना, भय मत करो

C) आशीर्वाद देना

D) युद्ध के लिए तैयार

✅ उत्तर: B) अभय देना, भय मत करो

📖 विवरण: अभय मुद्रा में दाहिना हाथ ऊपर उठा होता है और हथेली बाहर की ओर होती है। यह सुरक्षा और निर्भयता का संदेश देती है।


प्रश्न 59. किस शासक वंश ने गांधार में ‘इंडो-ग्रीक राज्य’ स्थापित किया था?

A) मौर्य वंश

B) बैक्ट्रियन यूनानी शासक

C) गुप्त वंश

D) पाल वंश

✅ उत्तर: B) बैक्ट्रियन यूनानी शासक

📖 विवरण: सिकंदर के उत्तराधिकारियों ने बैक्ट्रिया (अफगानिस्तान) में राज्य स्थापित किया। इंडो-ग्रीक शासकों ने गांधार में शासन करते हुए बौद्ध धर्म को संरक्षण दिया।


प्रश्न 60. राजा मिलिंद (Menander) का गांधार कला से क्या संबंध है?

A) उन्होंने गांधार नष्ट किया

B) वे इंडो-ग्रीक बौद्ध शासक थे जिन्होंने कला को प्रोत्साहन दिया

C) वे मुगल शासक थे

D) वे चीनी राजदूत थे

✅ उत्तर: B) वे इंडो-ग्रीक बौद्ध शासक थे जिन्होंने कला को प्रोत्साहन दिया

📖 विवरण: राजा मिलिंद (Menander I) इंडो-ग्रीक शासक थे जो बौद्ध धर्म की ओर आकर्षित हुए। ‘मिलिंदपन्ह’ ग्रंथ में उनके नागसेन से धर्म संबंधी संवाद प्रसिद्ध हैं।


प्रश्न 61. गांधार शैली का प्रभाव किस मार्ग से पूर्व एशिया पहुँचा?

A) समुद्री मार्ग केवल

B) सिल्क रोड (स्थल मार्ग)

C) वायु मार्ग

D) नदी मार्ग

✅ उत्तर: B) सिल्क रोड (स्थल मार्ग)

📖 विवरण: सिल्क रोड—मध्य एशिया, चीन, मंगोलिया और जापान तक फैले व्यापार मार्ग—के जरिए गांधार की बौद्ध कला का प्रसार हुआ।


प्रश्न 62. चीन में ‘युनगांग गुफाओं’ (Yungang Caves) पर गांधार शैली का प्रभाव किसमें दिखता है?

A) चित्रकला में

B) बुद्ध मूर्तियों की शैली में

C) वास्तुकला में

D) शिलालेखों में

✅ उत्तर: B) बुद्ध मूर्तियों की शैली में

📖 विवरण: चीन की युनगांग और लोंगमेन गुफाओं में बुद्ध की मूर्तियाँ गांधार शैली से प्रेरित हैं—विशेषतः वस्त्रों की सलवटें और शरीर के अनुपात में।


प्रश्न 63. गांधार कला का भारतीय कला इतिहास में सबसे महत्त्वपूर्ण योगदान क्या है?

A) पहली बार भित्तिचित्र

B) बुद्ध के मानव रूप की मूर्ति की परंपरा की शुरुआत

C) पहली बार मंदिर निर्माण

D) पहली बार सोने का प्रयोग

✅ उत्तर: B) बुद्ध के मानव रूप की मूर्ति की परंपरा की शुरुआत

📖 विवरण: गांधार कला का सबसे महत्त्वपूर्ण और स्थायी योगदान बुद्ध की मानव रूप में मूर्ति की परंपरा की शुरुआत करना है। यह परंपरा समूचे एशिया में फैली और आज भी जीवित है।


प्रश्न 64. गांधार शैली में ‘उरणा’ (Urna) क्या है?

A) एक आभूषण

B) भौंहों के बीच बाल का चक्र—ज्ञान का प्रतीक

C) एक शस्त्र

D) एक वाद्य यंत्र

✅ उत्तर: B) भौंहों के बीच बाल का चक्र—ज्ञान का प्रतीक

📖 विवरण: उरणा बुद्ध की भौंहों के मध्य बाल का एक सफेद कुंडलित वलय है जो प्रकाश और ज्ञान का प्रतीक माना जाता है। यह बुद्ध के 32 महापुरुष लक्षणों में से एक है।


प्रश्न 65. गांधार शैली में मूर्तियों का सबसे महत्त्वपूर्ण नवाचार क्या था?

A) पहली बार रंगीन मूर्ति

B) पहली बार बुद्ध का मानव रूप में चित्रण

C) पहली बार पत्थर की मूर्ति

D) पहली बार धातु की मूर्ति

✅ उत्तर: B) पहली बार बुद्ध का मानव रूप में चित्रण

📖 विवरण: गांधार शैली का सबसे महत्त्वपूर्ण योगदान यह है कि पहली बार बुद्ध को मानव रूप में मूर्ति में दर्शाया गया। इससे पहले केवल प्रतीकों का प्रयोग होता था।


प्रश्न 66. गांधार कला में किस चीनी तीर्थयात्री का यात्रा विवरण महत्त्वपूर्ण स्रोत है?

A) फाह्यान और ह्वेनसांग

B) कोलंबस

C) इब्न बतूता

D) मार्को पोलो

✅ उत्तर: A) फाह्यान और ह्वेनसांग

📖 विवरण: फाह्यान (5वीं शताब्दी CE) और ह्वेनसांग (7वीं शताब्दी CE) ने गांधार क्षेत्र की यात्रा की और यहाँ के स्तूपों, मठों और बौद्ध धर्म का विस्तृत विवरण लिखा।


प्रश्न 67. गांधार शैली में ‘सिंह’ (Lion) किसका प्रतीक है?

A) राजशक्ति

B) बुद्ध की शक्ति और साहस (‘शाक्यसिंह’)

C) युद्ध का देवता D) वन का राजा

✅ उत्तर: B) बुद्ध की शक्ति और साहस (‘शाक्यसिंह’)

📖 विवरण: बुद्ध को ‘शाक्यसिंह’ (शाक्य वंश का सिंह) कहा जाता है। गांधार मूर्तियों में सिंह बुद्ध के सिंहासन पर और पैरों के नीचे रक्षक के रूप में दिखाया जाता है।


प्रश्न 68. गांधार शैली में ‘त्रिभंग’ (Tribhanga) मुद्रा क्या है?

A) तीन भागों में झुकी हुई शरीर मुद्रा

B) तीन हाथों वाली मूर्ति

C) तीन देवताओं की एक साथ मूर्ति

D) तीन पैरों पर खड़ी मूर्ति

✅ उत्तर: A) तीन भागों में झुकी हुई शरीर मुद्रा

📖 विवरण: त्रिभंग एक लहरदार शारीरिक मुद्रा है जिसमें शरीर के तीन भाग—सिर, कमर और घुटने—अलग-अलग दिशाओं में झुके होते हैं। यह भारतीय कला की विशेषता है।


प्रश्न 69. गांधार शैली में ‘नाग’ (serpent) का प्रतीक किस रूप में आता है?

A) बुरे शकुन के रूप में

B) बुद्ध के ऊपर छत्र देने वाले रक्षक के रूप में

C) दुश्मन के रूप में

D) खाद्य के रूप में

✅ उत्तर: B) बुद्ध के ऊपर छत्र देने वाले रक्षक के रूप में

📖 विवरण: गांधार कला में नागराज मुचलिंद को बुद्ध के ऊपर अपने फन फैलाकर उनकी रक्षा करते दिखाया जाता है—यह बौद्ध परंपरा का प्रसिद्ध दृश्य है।


प्रश्न 70. गांधार शैली में ‘पारदर्शी वस्त्र’ (wet drapery) किस परंपरा से आई?

A) चीनी रेशम की

B) यूनानी मूर्तिकला की

C) भारतीय मलमल की

D) फारसी कपड़े की

✅ उत्तर: B) यूनानी मूर्तिकला की

📖 विवरण: यूनानी मूर्तिकला में ‘wet drapery’ तकनीक प्रसिद्ध थी जिसमें वस्त्र इतने पतले और शरीर से चिपके दिखाए जाते थे मानो गीले हों। गांधार की कुछ मूर्तियों में यह तकनीक दिखती है।


प्रश्न 71. गांधार शैली में ‘महापरिनिर्वाण’ (Mahaparinirvana) का दृश्य किस प्रकार दर्शाया जाता है?

A) बुद्ध खड़े हैं

B) बुद्ध दाहिनी करवट लेटे हैं

C) बुद्ध आकाश में हैं

D) बुद्ध ध्यान में बैठे हैं

✅ उत्तर: B) बुद्ध दाहिनी करवट लेटे हैं

📖 विवरण: महापरिनिर्वाण दृश्य में बुद्ध दाहिनी करवट लेटे हुए शांत मुद्रा में दिखाए जाते हैं। चारों ओर शोक में भिक्षु, देवता और भक्त हैं।


प्रश्न 72. गांधार शैली में ‘संबोधि’ (Enlightenment) के दृश्य में बोधि वृक्ष के नीचे बुद्ध किस मुद्रा में हैं?

A) खड़े हुए

B) भूमिस्पर्श मुद्रा में बैठे

C) लेटे हुए

D) नृत्य करते हुए

✅ उत्तर: B) भूमिस्पर्श मुद्रा में बैठे

📖 विवरण: ज्ञान प्राप्ति के क्षण में बुद्ध बोधि वृक्ष के नीचे भूमिस्पर्श मुद्रा में ध्यानमग्न दिखाए जाते हैं—यह गांधार कला का अत्यंत लोकप्रिय दृश्य है।


प्रश्न 73. गांधार शैली में ‘श्रावस्ती’ नगर का क्या महत्त्व है?

A) बुद्ध का जन्मस्थान

B) यहाँ बुद्ध ने अधिकतम समय बिताया और चमत्कार किए

C) बुद्ध का महापरिनिर्वाण स्थल

D) यहाँ प्रथम उपदेश दिया

✅ उत्तर: B) यहाँ बुद्ध ने अधिकतम समय बिताया और चमत्कार किए

📖 विवरण: श्रावस्ती में बुद्ध ने अनेक वर्षावास बिताए और ‘श्रावस्ती का महाचमत्कार’ यहीं हुआ। गांधार कला में श्रावस्ती से संबंधित अनेक दृश्य मिलते हैं।


प्रश्न 74. गांधार शैली में ‘त्रिरत्न’ (Three Jewels) का क्या अर्थ है?

A) सोना, चाँदी, हीरा

B) बुद्ध, धर्म और संघ

C) तीन देवता

D) तीन राजा

✅ उत्तर: B) बुद्ध, धर्म और संघ

📖 विवरण: बौद्ध धर्म में त्रिरत्न—बुद्ध, धर्म (शिक्षा) और संघ (भिक्षु समुदाय)—का विशेष महत्त्व है। गांधार मूर्तियों पर इसका प्रतीकात्मक अंकन मिलता है।


प्रश्न 75. गांधार शैली में ‘शिशु बुद्ध’ के जन्म का दृश्य किस तरह दर्शाया जाता है?

A) माया देवी के बगल से बालक का प्रादुर्भाव

B) बादल से गिरता बच्चा

C) नदी में तैरता बच्चा

D) राजसिंहासन पर बच्चा

✅ उत्तर: A) माया देवी के बगल से बालक का प्रादुर्भाव

📖 विवरण: गांधार कला में बुद्ध के जन्म का दृश्य दिखाया जाता है जिसमें माया देवी एक वृक्ष की शाखा पकड़े खड़ी हैं और शिशु बोधिसत्त्व उनकी बगल से प्रकट होते हैं।


प्रश्न 76. गांधार शैली में ‘मैत्रेय’ बोधिसत्त्व को किसके साथ चित्रित किया जाता है?

A) तलवार

B) कमंडलु (water pot)

C) ढाल D) वीणा

✅ उत्तर: B) कमंडलु (water pot)

📖 विवरण: मैत्रेय बोधिसत्त्व को गांधार कला में कमंडलु (जल-पात्र) के साथ दिखाया जाता है, जो उनकी पहचान का एक विशेष प्रतीक है।


प्रश्न 77. गांधार शैली में ‘गंधर्व’ (Gandharva) का चित्रण किस रूप में होता है?

A) स्वर्गीय संगीतकार और नर्तक

B) युद्धवीर

C) व्यापारी

D) किसान ✅ उत्तर: A) स्वर्गीय संगीतकार और नर्तक

📖 विवरण: गंधर्व हिंदू-बौद्ध पौराणिक कथाओं में स्वर्गीय संगीतकार हैं। गांधार मूर्तियों में इन्हें बुद्ध के जन्म और अन्य दृश्यों में संगीत बजाते और नृत्य करते दिखाया जाता है।


प्रश्न 78. गांधार क्षेत्र में ‘कुषाण साम्राज्य’ की राजधानी क्या थी?

A) तक्षशिला

B) पुरुषपुर (पेशावर)

C) काबुल

D) कंधार

✅ उत्तर: B) पुरुषपुर (पेशावर)

📖 विवरण: कुषाण साम्राज्य की राजधानी पुरुषपुर (वर्तमान पेशावर) थी। यह गांधार कला का सबसे महत्त्वपूर्ण केंद्र था।


प्रश्न 79. गांधार शैली में ‘यक्ष’ और ‘यक्षिणी’ का चित्रण किस रूप में मिलता है?

A) मुख्य देवता के रूप में

B) स्तूपों के द्वारपाल और भक्त के रूप में

C) दानव के रूप में

D) चित्रण नहीं

✅ उत्तर: B) स्तूपों के द्वारपाल और भक्त के रूप में

📖 विवरण: यक्ष और यक्षिणी भारतीय परंपरा में प्रकृति-आत्माएँ हैं। गांधार कला में इन्हें स्तूपों के प्रवेशद्वार पर रक्षक और बौद्ध पूजा में भक्त के रूप में दिखाया जाता है।


प्रश्न 80. गांधार शैली में बुद्ध की ‘त्रयी’ (Triad) में क्या होता है?

A) केवल बुद्ध

B) बुद्ध के बाईं-दाईं ओर दो बोधिसत्त्व

C) तीन बुद्ध एक साथ

D) तीन देवता

✅ उत्तर: B) बुद्ध के बाईं-दाईं ओर दो बोधिसत्त्व

📖 विवरण: गांधार त्रयी (Triad) में केंद्र में बुद्ध होते हैं और दोनों ओर बोधिसत्त्व (जैसे पद्मपाणि और वज्रपाणि) खड़े होते हैं। यह व्यवस्था महायान बौद्ध धर्म का प्रभाव दर्शाती है।


प्रश्न 81. गांधार शैली में किस बौद्ध जातक की कहानी सर्वाधिक लोकप्रिय थी? A) शिबि जातक (बाज को कबूतर देना) B) पंचतंत्र C) रामायण D) महाभारत ✅ उत्तर: A) शिबि जातक 📖 विवरण: शिबि जातक में बोधिसत्त्व राजा शिबि अपने शरीर का मांस देकर एक कबूतर की जान बचाते हैं। गांधार कला में यह और अन्य जातक कथाएँ प्रमुखता से उकेरी गई हैं।


प्रश्न 82. गांधार शैली की कालावधि (period) क्या मानी जाती है?

A) 500 BCE – 200 BCE

B) 1st century BCE – 5th century CE

C) 700 CE – 1000 CE

D) 200 BCE – 100 BCE

✅ उत्तर: B) 1st century BCE – 5th century CE

📖 विवरण: गांधार शैली का उदय पहली शताब्दी BCE में इंडो-ग्रीक काल में हुआ और यह पाँचवीं शताब्दी CE में हूण आक्रमण तक चलती रही।


प्रश्न 83. गांधार क्षेत्र में आक्रमण करने वाले हूण कौन थे?

A) यूरोप के लोग

B) मध्य एशिया के खानाबदोश आक्रमणकारी

C) अरब व्यापारी

D) चीनी सैनिक

✅ उत्तर: B) मध्य एशिया के खानाबदोश आक्रमणकारी

📖 विवरण: हूण मध्य एशिया के खानाबदोश योद्धा थे जिन्होंने 5वीं शताब्दी में गांधार क्षेत्र पर आक्रमण किया और अनेक बौद्ध मठों और स्तूपों को नष्ट किया।


प्रश्न 84. गांधार क्षेत्र में कौन-सी भाषा प्रमुख थी?

A) संस्कृत

B) गांधारी प्राकृत और खरोष्ठी लिपि

C) तमिल

D) अरबी

✅ उत्तर: B) गांधारी प्राकृत और खरोष्ठी लिपि

📖 विवरण: गांधार क्षेत्र में गांधारी प्राकृत भाषा और खरोष्ठी लिपि का प्रयोग होता था। यहाँ के बौद्ध ग्रंथ इसी भाषा-लिपि में लिखे गए।


प्रश्न 85. गांधार शैली में ‘स्तूप’ के शीर्ष पर ‘हार्मिका’ क्या होती है?

A) एक देवता की मूर्ति

B) छतरी जैसी संरचना जो बुद्ध के अवशेषों का प्रतीक है

C) एक घंटी

D) एक दर्पण

✅ उत्तर: B) छतरी जैसी संरचना जो बुद्ध के अवशेषों का प्रतीक है

📖 विवरण: हार्मिका स्तूप के शीर्ष पर एक वर्गाकार अलंकृत भाग है जिसके ऊपर छत्रावली (chattravali) होती है। यह बौद्ध ब्रह्मांड विज्ञान का प्रतीक है।


प्रश्न 86. गांधार शैली में ‘संघाराम’ क्या है?

A) एक प्रकार का अनाज

B) बौद्ध मठ परिसर जिसमें विहार और स्तूप हों

C) एक युद्धक्षेत्र

D) एक बाजार

✅ उत्तर: B) बौद्ध मठ परिसर जिसमें विहार और स्तूप हों

📖 विवरण: संघाराम एक बड़ा बौद्ध मठ परिसर होता था जिसमें भिक्षुओं के कक्ष (विहार), पूजा के स्तूप और शैक्षिक भवन होते थे।


प्रश्न 87. गांधार शैली में ‘प्रदक्षिणा पथ’ का क्या महत्त्व है?

A) व्यायाम के लिए

B) श्रद्धालु भक्त बुद्ध के सम्मान में परिक्रमा करते थे

C) व्यापार के लिए

D) रक्षा के लिए

✅ उत्तर: B) श्रद्धालु भक्त बुद्ध के सम्मान में परिक्रमा करते थे

📖 विवरण: प्रदक्षिणा (circumambulation) बौद्ध और हिंदू दोनों परंपराओं में पवित्र स्थान की घड़ी की दिशा में परिक्रमा है। गांधार स्तूपों में यह पथ मूर्तियों से सजाया जाता था।


प्रश्न 88. गांधार शैली के संदर्भ में ‘बैक्ट्रिया’ (Bactria) कहाँ स्थित था?

A) वर्तमान उत्तरी अफगानिस्तान

B) वर्तमान ईरान

C) वर्तमान भारत

D) वर्तमान चीन

✅ उत्तर: A) वर्तमान उत्तरी अफगानिस्तान

📖 विवरण: बैक्ट्रिया वर्तमान उत्तरी अफगानिस्तान और दक्षिणी उज्बेकिस्तान में था। यह इंडो-ग्रीक और कुषाण कला का महत्त्वपूर्ण केंद्र था।


प्रश्न 89. गांधार शैली में ‘लंबे कान’ (elongated earlobes) किसके प्रतीक हैं?

A) भारी कुंडल पहनने का निशान

B) बुद्ध की दिव्यता और महापुरुष होने का लक्षण

C) गरीबी का प्रतीक

D) यूनानी प्रभाव

✅ उत्तर: B) बुद्ध की दिव्यता और महापुरुष होने का लक्षण

📖 विवरण: बुद्ध के राजकुमार काल में भारी कुंडल पहनने से उनके कान लंबे हो गए थे। यह बाद में उनके महापुरुष लक्षण का प्रतीक बन गया।


प्रश्न 90. गांधार कला के अध्ययन हेतु कौन-सा संग्रहालय विश्व में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है?

A) ब्रिटिश संग्रहालय, लंदन

B) नेशनल म्यूजियम, दिल्ली

C) पेशावर संग्रहालय, पाकिस्तान

D) मेट्रोपॉलिटन म्यूजियम, न्यूयॉर्क

✅ उत्तर: C) पेशावर संग्रहालय, पाकिस्तान

📖 विवरण: पेशावर संग्रहालय में गांधार मूर्तियों का विश्व का सबसे बड़ा और सर्वोत्तम संग्रह है। इसके अलावा लाहौर संग्रहालय और ब्रिटिश संग्रहालय में भी महत्त्वपूर्ण संग्रह हैं।


प्रश्न 91. गांधार शैली के अवनति के बाद इस क्षेत्र में कौन-सी नई बौद्ध कला शैली विकसित हुई?

A) अमरावती

B) काश्मीर शैली

C) गुप्त शैली

D) पाल शैली

✅ उत्तर: B) काश्मीर शैली

📖 विवरण: गांधार शैली के बाद काश्मीर में एक नई बौद्ध कला शैली विकसित हुई जिसमें गांधार और गुप्त दोनों के तत्त्व थे। यह बाद में तिब्बती कला को भी प्रभावित करती रही।


प्रश्न 92. गांधार शैली में ‘इंद्र’ (Indra) देवता को किस रूप में दिखाया जाता है?

A) वज्र धारण किए बुद्ध के साथी के रूप में

B) युद्ध में

C) अकेले

D) पशु पर सवार

✅ उत्तर: A) वज्र धारण किए बुद्ध के साथी के रूप में

📖 विवरण: गांधार कला में इंद्र को बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और अन्य महत्त्वपूर्ण क्षणों में देवता के रूप में उपस्थित दिखाया जाता है।


प्रश्न 93. गांधार शैली में ‘श्रावस्ती के चमत्कार’ का दृश्य क्या है?

A) बुद्ध की तैरती हुई मूर्ति

B) बुद्ध का आग और जल से घिरा बहुरूपी प्रदर्शन

C) बुद्ध का शेर पर सवार होना

D) बुद्ध का गायब होना

✅ उत्तर: B) बुद्ध का आग और जल से घिरा बहुरूपी प्रदर्शन

📖 विवरण: श्रावस्ती के चमत्कार में बुद्ध ने एक साथ अनेक रूप धारण किए और आग-जल का प्रदर्शन किया। यह गांधार कला में एक लोकप्रिय दृश्य है।


प्रश्न 94. गांधार शैली में ‘जौलियाँ मठ’ (Jaulian Monastery) की क्या विशेषता है?

A) सबसे बड़ा पुस्तकालय

B) स्तूप और कक्षों में गांधार मूर्तियाँ

C) केवल एक स्तंभ

D) भूमिगत मंदिर

✅ उत्तर: B) स्तूप और कक्षों में गांधार मूर्तियाँ

📖 विवरण: तक्षशिला के पास जौलियाँ मठ एक प्रमुख गांधार पुरातात्विक स्थल है जहाँ अनेक स्तूप, भिक्षु कक्ष और गांधार शैली की मूर्तियाँ मिली हैं।


प्रश्न 95. गांधार शैली में बामियान के बुद्ध को किसने नष्ट किया?

A) मुगल शासकों ने

B) तालिबान ने 2001 में

C) ब्रिटिश सेना ने

D) भूकंप से नष्ट हुए

✅ उत्तर: B) तालिबान ने 2001 में

📖 विवरण: अफगानिस्तान के बामियान में पहाड़ में उकेरी गई विशाल बुद्ध प्रतिमाओं को तालिबान शासन ने मार्च 2001 में विस्फोटकों से नष्ट कर दिया। यह विश्व धरोहर की अपूरणीय क्षति थी।


प्रश्न 96. गांधार शैली में ‘कनिष्क स्तूप’ के बारे में ह्वेनसांग ने क्या बताया?

A) 50 फुट ऊँचा

B) 400 फुट से अधिक ऊँचा—विश्व का सबसे ऊँचा स्तूप

C) 10 मीटर ऊँचा

D) 100 मीटर ऊँचा

✅ उत्तर: B) 400 फुट से अधिक ऊँचा—विश्व का सबसे ऊँचा स्तूप

📖 विवरण: चीनी तीर्थयात्री ह्वेनसांग ने पेशावर के कनिष्क स्तूप को विश्व का सबसे ऊँचा स्तूप बताया। यह अब अस्तित्व में नहीं है किंतु उसकी नींव के अवशेष खोजे गए हैं।


प्रश्न 97. गांधार शैली में ‘शाहजी-की-ढेरी’ उत्खनन स्थल पर क्या मिला?

A) सोने के सिक्के

B) कनिष्क का बुद्ध अवशेष संदूक

C) अशोक का शिलालेख

D) हड़प्पा कालीन वस्तुएँ

✅ उत्तर: B) कनिष्क का बुद्ध अवशेष संदूक

📖 विवरण: पेशावर के पास शाहजी-की-ढेरी में उत्खनन में कनिष्क का अवशेष संदूक (Kanishka casket) मिला जिस पर बुद्ध और बोधिसत्त्व की गांधार शैली में मूर्तियाँ उत्कीर्ण हैं।


प्रश्न 98. गांधार कला में ‘अमरावती शैली’ से क्या अंतर है?

A) अमरावती दक्षिण भारत की है, गांधार उत्तर-पश्चिम की

B) दोनों एक ही हैं C) अमरावती में यूनानी प्रभाव अधिक है

D) गांधार में रंगीन चित्र हैं

✅ उत्तर: A) अमरावती दक्षिण भारत की है, गांधार उत्तर-पश्चिम की

📖 विवरण: अमरावती शैली आंध्र प्रदेश (दक्षिण भारत) की है जिसमें श्वेत संगमरमर और गतिशील रेखाएँ हैं। गांधार उत्तर-पश्चिम में ग्रे शिस्ट और यूनानी प्रभाव के साथ विकसित हुई।


प्रश्न 99. गांधार शैली में ‘देवदूत’ (Cherubs/Putti) जैसे पात्र कहाँ से आए?

A) भारतीय गंधर्व से

B) यूनानी-रोमन परंपरा से

C) चीनी कला से

D) मिस्री पौराणिक कथाओं से

✅ उत्तर: B) यूनानी-रोमन परंपरा से

📖 विवरण: गांधार मूर्तियों में पंखों वाले देवदूत (putti/cherubs) यूनानी-रोमन कला परंपरा से आए। इन्हें स्तूपों पर बुद्ध के जीवन दृश्यों में अक्सर दिखाया गया।


प्रश्न 100. गांधार शैली का सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण और स्थायी योगदान क्या है?

A) पहली बार भित्तिचित्र बनाना

B) बुद्ध को मानव रूप में मूर्ति में दर्शाने की परंपरा आरंभ करना

C) पहली बार मंदिर निर्माण

D) पहली बार सोने का प्रयोग

✅ उत्तर: B) बुद्ध को मानव रूप में मूर्ति में दर्शाने की परंपरा आरंभ करना

📖 विवरण: गांधार कला का सबसे महत्त्वपूर्ण और स्थायी योगदान बुद्ध की मानव रूप में मूर्ति की परंपरा की शुरुआत करना है। यह परंपरा समूचे एशिया में फैली और आज भी जीवित है।


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