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चोल मंदिर कला MCQ | 100 बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर सहित

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चोल मंदिर कला MCQ 100 बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर सहित

चोल मंदिर कला MCQ | 100 बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर सहित

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चोल मंदिर कला MCQ — भारतीय कला इतिहास की परीक्षाओं के लिए 100 महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित। तंजावुर के विश्वप्रसिद्ध बृहदीश्वर मंदिर, नटराज कांस्य मूर्ति, द्रविड़ वास्तुकला और UNESCO विश्व धरोहर चोल मंदिरों से जुड़े इन प्रश्नों से UPSC, SSC, NET JRF, TET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करें। राजराजा चोल, गंगईकोंडचोलपुरम, ऐरावतेश्वर मंदिर, कांस्य मूर्तिकला और चोल शैली की वास्तुकला को इस MCQ सीरीज के माध्यम से गहराई से समझें। सभी प्रश्न A/B/C/D विकल्प और एक-पंक्ति हिंदी व्याख्या के साथ दिए गए हैं। Get All Art History At One Place — indianarthistory.com

चोल मंदिर कला MCQ 100 बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर सहित

चोल मंदिर कला MCQ — 100 महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित। बृहदीश्वर मंदिर, नटराज, द्रविड़ वास्तुकला और UNESCO चोल मंदिरों पर आधारित यह MCQ सीरीज UPSC, SSC, NET JRF और TET परीक्षाओं के लिए उपयोगी है। indianarthistory.com पर पढ़ें।

चोल मंदिर कला MCQ: 100 महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न | उत्तर एवं व्याख्या सहित

परिचय: चोल मंदिर कला

चोल मंदिर कला (Chola Temple Art) भारतीय कला इतिहास के सबसे गौरवशाली अध्यायों में से एक है। 9वीं से 13वीं शताब्दी के बीच दक्षिण भारत में फले-फूले चोल साम्राज्य ने वास्तुकला, मूर्तिकला और धातुशिल्प में अद्वितीय ऊँचाइयाँ प्राप्त कीं।

तंजावुर का विश्वप्रसिद्ध बृहदीश्वर मंदिर, गंगईकोंडचोलपुरम का भव्य मंदिर, और दारासुरम का ऐरावतेश्वर मंदिर — ये तीनों UNESCO विश्व धरोहर स्थल ‘ग्रेट लिविंग चोल टेम्पल्स’ के नाम से जाने जाते हैं।

द्रविड़ वास्तुकला की विशाल विमान शैली, नटराज कांस्य प्रतिमाएँ, और भित्तिचित्रों की समृद्ध परंपरा — यह सब मिलकर चोल कला को विश्व की सर्वश्रेष्ठ कलाओं में स्थान दिलाती है।

इस लेख में भारतीय कला इतिहास के इस महत्वपूर्ण विषय पर 100 MCQ प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित प्रस्तुत किए गए हैं, जो UPSC, SSC, NET, TET एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। Get All Art History At One Place — यही हमारा संकल्प है।

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चोल मंदिर कला MCQ — 100 प्रश्न

नीचे दिए गए सभी 100 चोल मंदिर कला MCQ प्रश्न उत्तर और एक-पंक्ति व्याख्या के साथ हैं। भारतीय कला इतिहास की परीक्षाओं के लिए ये प्रश्न अत्यंत उपयोगी हैं। द्रविड़ वास्तुकला, कांस्य मूर्तिकला और मंदिर परंपरा को समझने के लिए इन्हें ध्यानपूर्वक पढ़ें।

Q1. चोल साम्राज्य की स्थापना किसने की थी?

  (A) राजेंद्र चोल

  (B) विजयालय चोल

  (C) परांतक चोल

  (D) कुलोत्तुंग चोल

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: विजयालय चोल ने 9वीं शताब्दी में चोल साम्राज्य की स्थापना तंजावुर में की।

Q2. बृहदीश्वर मंदिर (Brihadeeswarar Temple) किसने बनवाया था?

  (A) राजराजा चोल प्रथम

  (B) राजेंद्र चोल

  (C) कुलोत्तुंग चोल

  (D) परांतक चोल

✔ सही उत्तर: (A)  |  व्याख्या: राजराजा चोल प्रथम ने 1010 ई. में तंजावुर में इस भव्य मंदिर का निर्माण कराया।

Q3. बृहदीश्वर मंदिर किस देवता को समर्पित है?

  (A) विष्णु

  (B) ब्रह्मा

  (C) शिव

  (D) गणेश

✔ सही उत्तर: (C)  |  व्याख्या: यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और इसे ‘राजराजेश्वरम’ भी कहते हैं।

Q4. चोल मंदिर कला की प्रमुख विशेषता क्या है?

  (A) नागर शैली

  (B) द्रविड़ शैली

  (C) वेसर शैली

  (D) बेसर शैली

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: चोल मंदिर कला द्रविड़ शैली का उत्कृष्ट उदाहरण है जिसमें विशाल विमान और गोपुरम होते हैं।

Q5. तंजावुर बृहदीश्वर मंदिर का विमान कितना ऊँचा है?

  (A) 40 मीटर

  (B) 55 मीटर

  (C) 66 मीटर

  (D) 80 मीटर

✔ सही उत्तर: (C)  |  व्याख्या: बृहदीश्वर मंदिर का विमान लगभग 66 मीटर (216 फीट) ऊँचा है।

Q6. गंगईकोंडचोलपुरम मंदिर किसने बनवाया?

  (A) राजराजा चोल

  (B) राजेंद्र चोल प्रथम

  (C) विक्रम चोल

  (D) कुलोत्तुंग

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: राजेंद्र चोल प्रथम ने गंगा विजय के उपलक्ष्य में यह मंदिर बनवाया।

Q7. चोल कांस्य मूर्तिकला में सबसे प्रसिद्ध प्रतिमा कौन सी है?

  (A) नटराज

  (B) गणेश

  (C) पार्वती

  (D) विष्णु

✔ सही उत्तर: (A)  |  व्याख्या: नटराज (नृत्य करते शिव) चोल कांस्य मूर्तिकला की सबसे प्रतिष्ठित कृति है।

Q8. चोल कांस्य मूर्तियाँ किस विधि से बनाई जाती थीं?

  (A) पत्थर काटकर

  (B) लॉस्ट-वैक्स (Cire Perdue)

  (C) मिट्टी से

  (D) लकड़ी से

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: चोल कांस्य मूर्तियाँ ‘लॉस्ट-वैक्स’ या ‘मधुच्छिष्ट विधि’ से बनाई जाती थीं।

Q9. नटराज की मूर्ति में शिव का दाहिना पैर किस पर टिका है?

  (A) सर्प पर

  (B) कमल पर

  (C) अपस्मार पुरुष पर

  (D) पर्वत पर

✔ सही उत्तर: (C)  |  व्याख्या: नटराज में शिव का दाहिना पैर अज्ञान के प्रतीक अपस्मार पुरुष पर टिका है।

Q10. चोल काल में मंदिर का वह भाग जहाँ मुख्य देवता की प्रतिमा होती है, कहलाता है?

  (A) मंडप

  (B) गोपुरम

  (C) गर्भगृह

  (D) विमान

✔ सही उत्तर: (C)  |  व्याख्या: गर्भगृह वह पवित्र कक्ष है जहाँ मुख्य देवता की प्रतिमा स्थापित की जाती है।

चोल मंदिर कला (Chola Temple Art) भारतीय कला इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। द्रविड़ वास्तुकला, कांस्य मूर्तिकला और शिव भक्ति का यह अद्भुत संगम आज भी करोड़ों श्रद्धालुओं और कला प्रेमियों को आकर्षित करता है। indianarthistory.com पर भारतीय कला की हर शाखा का विस्तृत अध्ययन उपलब्ध है।

Q11. चोल मंदिरों में ‘विमान’ किसे कहते हैं?

  (A) मंदिर के सामने का तोरण

  (B) गर्भगृह के ऊपर का शिखर

  (C) मंदिर का प्रवेश द्वार

  (D) स्तंभों वाला हॉल

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: विमान गर्भगृह के ऊपर स्थित पिरामिडनुमा शिखर को कहते हैं, जो द्रविड़ शैली की पहचान है।

Q12. दारासुरम का ऐरावतेश्वर मंदिर किस चोल शासक ने बनवाया?

  (A) राजराजा चोल

  (B) राजेंद्र चोल

  (C) राजराजा चोल द्वितीय

  (D) परांतक चोल

✔ सही उत्तर: (C)  |  व्याख्या: राजराजा चोल द्वितीय ने 12वीं शताब्दी में दारासुरम में ऐरावतेश्वर मंदिर बनवाया।

Q13. चोल मंदिर कला में ‘गोपुरम’ क्या होता है?

  (A) मंदिर की दीवार

  (B) प्रवेश द्वार का विशाल टॉवर

  (C) जलाशय

  (D) नृत्यशाला

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: गोपुरम मंदिर के प्रवेश द्वार पर बना भव्य और ऊँचा टॉवर होता है।

Q14. UNESCO ने चोल मंदिरों को विश्व धरोहर स्थल कब घोषित किया?

  (A) 1980

  (B) 1987

  (C) 1997

  (D) 2004

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: UNESCO ने 1987 में तंजावुर, गंगईकोंडचोलपुरम और दारासुरम के महान चोल मंदिरों को विश्व धरोहर घोषित किया।

Q15. चोल मंदिरों में ‘मंडप’ किसे कहते हैं?

  (A) स्तंभों वाला खुला हॉल

  (B) मुख्य मंदिर

  (C) प्रवेश द्वार

  (D) तालाब

✔ सही उत्तर: (A)  |  व्याख्या: मंडप मंदिर परिसर में स्तंभों पर टिका खुला या बंद सभागार होता है।

Q16. चोल मूर्तिकला में ‘त्रिभंग’ मुद्रा क्या है?

  (A) दो बिंदुओं पर मोड़ की मुद्रा

  (B) तीन बिंदुओं पर मोड़ की मुद्रा

  (C) सीधी खड़ी मुद्रा

  (D) बैठी मुद्रा

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: त्रिभंग में शरीर तीन स्थानों (गर्दन, कमर, घुटने) पर मुड़ा होता है, जो शास्त्रीय सौंदर्य का प्रतीक है।

Q17. चोल काल की ‘अर्धनारीश्वर’ प्रतिमा किसका प्रतीक है?

  (A) विष्णु-लक्ष्मी

  (B) शिव-पार्वती का संयुक्त रूप

  (C) ब्रह्मा-सरस्वती

  (D) इंद्र-इंद्राणी

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: अर्धनारीश्वर प्रतिमा में शरीर के बाईं ओर पार्वती और दाईं ओर शिव का रूप है।

Q18. चोल काल में तंजावुर किस नाम से प्रसिद्ध था?

  (A) मदुरई

  (B) थंजावूर

  (C) काँचीपुरम

  (D) मामल्लपुरम

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: तंजावुर को ‘थंजावूर’ भी कहा जाता है और यह चोल साम्राज्य की राजधानी थी।

Q19. बृहदीश्वर मंदिर की छत पर एकल पत्थर से बनी ‘शिलालेख’ संरचना क्या है?

  (A) कलश

  (B) स्तूप

  (C) लिंगम

  (D) कुम्भम

✔ सही उत्तर: (A)  |  व्याख्या: बृहदीश्वर मंदिर के शिखर पर एकल ग्रेनाइट पत्थर से बना 80 टन का कलश (शिकारा) है।

Q20. चोल काल की कला किस धर्म से मुख्यतः प्रभावित थी?

  (A) बौद्ध धर्म

  (B) जैन धर्म

  (C) हिंदू धर्म (शैव)

  (D) इस्लाम

✔ सही उत्तर: (C)  |  व्याख्या: चोल कला मुख्यतः शैव हिंदू धर्म से प्रेरित थी और अधिकांश मंदिर भगवान शिव को समर्पित हैं।

बृहदीश्वर मंदिर तंजावुर (Brihadeeswarar Temple Thanjavur) द्रविड़ वास्तुकला की सबसे भव्य कृति है। चोल मंदिर MCQ की यह श्रृंखला UPSC, SSC, TET और कला इतिहास की परीक्षाओं के लिए विशेष रूप से तैयार की गई है। नटराज कांस्य मूर्ति (Nataraja Bronze Sculpture) विश्व की सबसे प्रसिद्ध भारतीय कला कृतियों में से एक है।

Q21. चोल काल में ‘देवदासी’ प्रथा मंदिर कला से कैसे जुड़ी थी?

  (A) मूर्ति बनाने में

  (B) मंदिर नृत्य की परंपरा

  (C) पेंटिंग में

  (D) वास्तुकला में

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: देवदासियाँ मंदिरों में नृत्य और संगीत प्रस्तुत करती थीं, जो भक्ति की एक महत्वपूर्ण विधि थी।

Q22. चोल कांस्य मूर्तियों में मुख्यतः किस धातु का प्रयोग होता था?

  (A) सोना

  (B) चाँदी

  (C) कांसा (ताँबा-टिन मिश्रण)

  (D) लोहा

✔ सही उत्तर: (C)  |  व्याख्या: चोल मूर्तियाँ मुख्यतः कांसे (ताँबा, टिन और अन्य धातुओं के मिश्रण) से बनाई जाती थीं।

Q23. बृहदीश्वर मंदिर परिसर में ‘नंदी’ की विशालकाय प्रतिमा कहाँ स्थित है?

  (A) गर्भगृह में

  (B) मंदिर के सामने मंडप में

  (C) गोपुरम पर

  (D) तालाब के पास

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: नंदी की विशाल एकाश्म प्रतिमा मंदिर के प्रवेश मंडप के सामने स्थापित है।

Q24. चोल मंदिर निर्माण में मुख्यतः किस पत्थर का प्रयोग हुआ?

  (A) संगमरमर

  (B) ग्रेनाइट

  (C) बलुआ पत्थर

  (D) चूना पत्थर

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: चोल मंदिर मुख्यतः ग्रेनाइट से निर्मित हैं जो उनकी दीर्घायु और मजबूती का रहस्य है।

Q25. चोल काल में ‘पुष्करणी’ क्या होती थी?

  (A) मंदिर का प्रवेश द्वार

  (B) मंदिर परिसर में पवित्र जलाशय

  (C) भोजशाला

  (D) शस्त्रागार

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: पुष्करणी मंदिर परिसर में स्थित पवित्र सरोवर होता था जहाँ श्रद्धालु स्नान करते थे।

Q26. नटराज प्रतिमा में ‘अग्नि’ किसका प्रतीक है?

  (A) सृजन का

  (B) विनाश और पुनर्निर्माण का

  (C) ज्ञान का

  (D) शक्ति का

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: नटराज की हथेली में अग्नि ब्रह्मांड के विनाश और पुनर्सृजन के चक्र का प्रतीक है।

Q27. चोल काल में मंदिर भित्तिचित्र किस शैली में बनाए जाते थे?

  (A) फ्रेस्को

  (B) टेम्परा

  (C) तैलचित्र

  (D) जल रंग

✔ सही उत्तर: (A)  |  व्याख्या: चोल मंदिरों में फ्रेस्को (गीले प्लास्टर पर) तकनीक से चित्र बनाए जाते थे।

Q28. राजराजा चोल प्रथम का शासनकाल कब था?

  (A) 850-870 ई.

  (B) 985-1014 ई.

  (C) 1070-1120 ई.

  (D) 1150-1200 ई.

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: राजराजा चोल प्रथम का शासनकाल 985-1014 ई. था, जो चोल कला का स्वर्णकाल माना जाता है।

Q29. चोल मंदिर कला में ‘देव कोष्ठ’ किसे कहते हैं?

  (A) मंदिर की दीवार पर बनी छोटी देव प्रतिमाओं की आले

  (B) मंदिर का खजाना

  (C) पूजा का कमरा

  (D) प्रसाद स्थल

✔ सही उत्तर: (A)  |  व्याख्या: दीवार में बनी आलों (niches) में देवी-देवताओं की छोटी मूर्तियाँ रखी जाती थीं जिन्हें देव कोष्ठ कहते हैं।

Q30. चोल काल में ‘कोलम’ (Kolam) कला किससे संबंधित थी?

  (A) मूर्तिकला

  (B) ज्यामितीय रंगोली

  (C) नृत्य

  (D) संगीत

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: कोलम चावल के आटे से बनाई जाने वाली ज्यामितीय रंगोली की दक्षिण भारतीय परंपरा है।

चोल कांस्य मूर्तिकला (Chola Bronze Sculpture) की लॉस्ट-वैक्स तकनीक आज भी तमिलनाडु के कारीगरों द्वारा अपनाई जाती है। भारतीय कला इतिहास MCQ की यह सीरीज आपको चोल साम्राज्य की कला, संस्कृति, धर्म और वास्तुकला की गहरी समझ देगी।

Q31. चोल शासकों ने कौन सा नृत्य रूप संरक्षित किया जो आज ‘भरतनाट्यम’ है?

  (A) कुचिपुड़ी

  (B) कथकली

  (C) सादिर नृत्य

  (D) ओडिशी

✔ सही उत्तर: (C)  |  व्याख्या: चोल काल में ‘सादिर’ नृत्य का संरक्षण हुआ जो आज भरतनाट्यम के रूप में जाना जाता है।

Q32. चोल मंदिरों में ‘विमान’ और पल्लव मंदिरों के रथों में क्या अंतर है?

  (A) चोल विमान छोटे हैं

  (B) चोल विमान पिरामिडनुमा और बड़े हैं

  (C) पल्लव रथ बड़े हैं

  (D) कोई अंतर नहीं

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: चोल विमान पल्लव रथों से कहीं अधिक विशाल और बहुमंजिला पिरामिड आकार के हैं।

Q33. ‘महाबलीपुरम’ किस राजवंश की कला का केंद्र था?

  (A) चोल

  (B) पल्लव

  (C) राष्ट्रकूट

  (D) चालुक्य

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: महाबलीपुरम (मामल्लपुरम) पल्लव राजवंश की कला का प्रमुख केंद्र था जो चोल युग से पूर्व था।

Q34. चोल काल में ‘उत्सव मूर्ति’ का क्या महत्व था?

  (A) युद्ध में प्रयुक्त मूर्ति

  (B) जुलूस में निकाली जाने वाली कांस्य मूर्ति

  (C) घर में पूजा की मूर्ति

  (D) राजा की प्रतिमा

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: उत्सव मूर्तियाँ त्योहारों पर मंदिर से बाहर जुलूस में निकाली जाने वाली कांस्य प्रतिमाएँ थीं।

Q35. बृहदीश्वर मंदिर के शिखर की छाया दिन में जमीन पर क्यों नहीं पड़ती?

  (A) क्योंकि यह पारदर्शी है

  (B) क्योंकि इसका निर्माण ऐसे कोण पर हुआ है

  (C) यह असत्य है

  (D) क्योंकि यह चाँदी से बना है

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: ऐसा माना जाता है कि शिखर के विशेष झुकाव और ऊँचाई के कारण दोपहर में उसकी छाया परिसर में नहीं पड़ती।

Q36. चोल कला में ‘पंचलोह’ मूर्ति किससे बनती है?

  (A) पाँच रत्नों से

  (B) सोना, चाँदी, ताँबा, टिन, सीसा के मिश्रण से

  (C) केवल ताँबे से

  (D) मिट्टी और धातु से

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: पंचलोह का अर्थ है पाँच धातुओं (सोना, चाँदी, ताँबा, टिन, सीसा) का मिश्रण, जिससे पवित्र मूर्तियाँ बनती हैं।

Q37. चोल मंदिर कला में ‘अलिंदम’ (अर्धमंडप) का क्या कार्य था?

  (A) भण्डारण

  (B) मुख्य मंदिर और मंडप के बीच की कड़ी

  (C) जलाशय

  (D) नृत्यशाला

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: अलिंदम या अर्धमंडप मुख्य मंदिर (गर्भगृह) और बाहरी मंडप के बीच संक्रमण स्थान होता है।

Q38. चोल काल के प्रमुख कवि ‘तिरुवल्लुवर’ की रचना कौन सी है?

  (A) तिरुक्कुरल

  (B) रामायण

  (C) महाभारत

  (D) तोल्काप्पियम

✔ सही उत्तर: (A)  |  व्याख्या: तिरुवल्लुवर ने ‘तिरुक्कुरल’ लिखी जो नैतिकता, प्रेम और राजनीति पर तमिल का महाग्रंथ है।

Q39. चोल साम्राज्य का सबसे दक्षिणी विस्तार कहाँ तक था?

  (A) कन्याकुमारी

  (B) श्रीलंका

  (C) मालदीव

  (D) जावा

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: चोल साम्राज्य ने श्रीलंका को भी जीता था और वहाँ अपनी कला-संस्कृति का प्रसार किया।

Q40. तंजावुर चित्रकला शैली की उत्पत्ति किस काल में हुई?

  (A) संगम काल

  (B) पल्लव काल

  (C) मराठा काल (चोल परंपरा में)

  (D) ब्रिटिश काल

✔ सही उत्तर: (C)  |  व्याख्या: तंजावुर चित्रकला शैली की उत्पत्ति मराठा शासनकाल में हुई लेकिन यह चोल और विजयनगर परंपराओं का विस्तार है।

द्रविड़ शैली की वास्तुकला में गोपुरम, विमान, गर्भगृह, मंडप और प्राकार जैसे तत्व मिलकर एक संपूर्ण मंदिर परिसर बनाते हैं। चोल मंदिर कला MCQ के माध्यम से आप भारतीय कला के इस स्वर्णिम अध्याय को आत्मसात कर सकते हैं।

Q41. चोल काल में ‘कीर्ति मुख’ क्या है?

  (A) राजा का चित्र

  (B) प्रवेश द्वार पर भयंकर मुख की आकृति

  (C) देवी की प्रतिमा

  (D) मंदिर का झंडा

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: कीर्ति मुख एक राक्षसी मुख की आकृति है जो मंदिर के प्रवेश द्वार पर नकारात्मक शक्तियों को दूर रखने के लिए लगाई जाती थी।

Q42. राजेंद्र चोल ने गंगा जल किस उद्देश्य से मँगवाया था?

  (A) पीने के लिए

  (B) अपनी राजधानी के कुंड में भरने के लिए

  (C) युद्ध के लिए

  (D) सिंचाई के लिए

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: उत्तर भारत विजय के बाद राजेंद्र चोल ने गंगाजल अपनी नई राजधानी गंगईकोंड चोलपुरम के विशाल कुंड में भरवाया।

Q43. चोल मंदिर भित्तिचित्रों में कौन सी कहानियाँ अंकित होती थीं?

  (A) मुगल इतिहास

  (B) शैव पुराण और राजाओं की गाथाएँ

  (C) बौद्ध जातक कथाएँ

  (D) यूनानी पुराण

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: चोल मंदिर भित्तिचित्रों में शिव पुराण, राजराजा की युद्ध गाथाएँ और अन्य शैव कथाएँ चित्रित होती थीं।

Q44. चोल कांस्य नटराज प्रतिमा में ‘दमरु’ का क्या महत्व है?

  (A) सृजन का ध्वनि प्रतीक

  (B) युद्ध का शस्त्र

  (C) धन का प्रतीक

  (D) समय का नाश

✔ सही उत्तर: (A)  |  व्याख्या: नटराज के हाथ में दमरु सृजन की प्राथमिक ध्वनि ‘नाद ब्रह्म’ का प्रतीक है।

Q45. चोल काल की मंदिर वास्तुकला में ‘प्राकार’ किसे कहते हैं?

  (A) मंदिर का शिखर

  (B) मंदिर की परिधि दीवार

  (C) पूजा की वेदी

  (D) जलकुंड

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: प्राकार मंदिर परिसर के चारों ओर बनाई गई प्रांगण दीवार होती है।

Q46. चोल काल की सबसे प्रसिद्ध ‘उमा महेश्वर’ प्रतिमा किस अवस्था में है?

  (A) खड़ी मुद्रा

  (B) नृत्य मुद्रा

  (C) बैठी (आसन) मुद्रा

  (D) युद्ध मुद्रा

✔ सही उत्तर: (C)  |  व्याख्या: उमा महेश्वर की चोल काँस्य प्रतिमाएँ प्रायः कैलाश पर्वत पर बैठी युगल (शिव-पार्वती) मुद्रा में होती हैं।

Q47. महान चोल मंदिरों में से ‘ऐरावतेश्वर मंदिर’ किसको समर्पित है?

  (A) इंद्र के हाथी ऐरावत द्वारा पूजित शिव को

  (B) ब्रह्मा को

  (C) विष्णु को

  (D) दुर्गा को

✔ सही उत्तर: (A)  |  व्याख्या: ऐरावतेश्वर मंदिर उस शिव को समर्पित है जिन्हें इंद्र के ऐरावत हाथी ने पूजा की थी।

Q48. चोल कला में ‘सोमस्कंद’ प्रतिमा में कौन से तीन देवता होते हैं?

  (A) शिव-पार्वती-गणेश

  (B) शिव-पार्वती-स्कंद (मुरुगन)

  (C) ब्रह्मा-विष्णु-महेश

  (D) इंद्र-वरुण-अग्नि

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: सोमस्कंद में ‘स’ = उमा/पार्वती, ‘स्कंद’ = कार्तिकेय, और ‘सोम’ = चंद्रशेखर शिव होते हैं।

Q49. चोल काल के मंदिर स्तंभों पर प्रायः किसकी आकृति होती है?

  (A) सिंह

  (B) हाथी

  (C) सिंह का शरीर और घोड़े का सिर (यज्ञी)

  (D) मोर

✔ सही उत्तर: (C)  |  व्याख्या: चोल स्तंभों पर ‘यज्ञी’ या ‘व्याल’ (सिंह शरीर और घोड़ा सिर वाला) की आकृति सामान्य है।

Q50. तंजावुर बृहदीश्वर मंदिर के शिखर पर ‘अष्ट दिक्पाल’ क्या होते हैं?

  (A) आठ दिशाओं के रक्षक देवता

  (B) आठ नदियाँ

  (C) आठ ग्रह

  (D) आठ देवी

✔ सही उत्तर: (A)  |  व्याख्या: अष्ट दिक्पाल आठ दिशाओं के रक्षक देव हैं जो मंदिर शिखर की रक्षा करते हैं।

UNESCO विश्व धरोहर चोल मंदिर (UNESCO World Heritage Chola Temples) भारत की सांस्कृतिक धरोहर के प्रतीक हैं। indianarthistory.com पर भारतीय कला इतिहास के अनेक विषयों पर MCQ, नोट्स और विशेष लेख उपलब्ध हैं।

Q51. चोल काल में ‘शिल्पशास्त्र’ का क्या तात्पर्य है?

  (A) युद्ध की कला

  (B) मंदिर निर्माण और मूर्तिकला के नियमों का ग्रंथ

  (C) नृत्यशास्त्र

  (D) कृषि विज्ञान

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: शिल्पशास्त्र ग्रंथ भारतीय वास्तुकला, मूर्तिकला और शिल्प के नियमों और अनुपातों का संहिता है।

Q52. चोल काल में मंदिर परिसर का सबसे पवित्र भाग कौन सा था?

  (A) गोपुरम

  (B) गर्भगृह

  (C) मंडप

  (D) पुष्करणी

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: गर्भगृह सबसे पवित्र और अंधेरा कक्ष होता था जहाँ केवल पुजारियों को प्रवेश की अनुमति थी।

Q53. चोल काल के ‘आगम’ ग्रंथ किससे संबंधित हैं?

  (A) व्याकरण

  (B) मंदिर अनुष्ठान और पूजा विधि

  (C) कृषि

  (D) सैन्य विज्ञान

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: आगम ग्रंथ शैव मंदिरों की पूजा पद्धति, मंदिर निर्माण के नियम और धार्मिक अनुष्ठानों का विवरण देते हैं।

Q54. चोल काल में ‘ब्रह्मोत्सव’ किसे कहते थे?

  (A) ब्रह्मा की पूजा

  (B) दस दिवसीय वार्षिक मंदिर उत्सव

  (C) राजाभिषेक

  (D) युद्धोत्सव

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: ब्रह्मोत्सव चोल मंदिरों में मनाया जाने वाला वार्षिक दस दिवसीय महोत्सव था।

Q55. चोल काल में ‘विल्लुपट्टू’ क्या था?

  (A) तीरंदाजी

  (B) धनुष से बजाया जाने वाला वाद्य और गायन

  (C) नृत्य

  (D) चित्रकला

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: विल्लुपट्टू धनुष (विल्लु) को वाद्य यंत्र के रूप में प्रयोग करते हुए लोक गायन की एक तमिल परंपरा है।

Q56. बृहदीश्वर मंदिर किस स्थान पर स्थित है?

  (A) मदुरई

  (B) तंजावुर

  (C) चेन्नई

  (D) कोयंबटूर

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: बृहदीश्वर (Brihadeeswarar) मंदिर तमिलनाडु के तंजावुर (थंजावूर) में स्थित है।

Q57. चोल काल की मूर्तिकला में ‘अभय मुद्रा’ का क्या अर्थ है?

  (A) आशीर्वाद और भयमुक्ति

  (B) युद्ध की चुनौती

  (C) समर्पण

  (D) ध्यान

✔ सही उत्तर: (A)  |  व्याख्या: अभय मुद्रा में हथेली ऊपर की ओर उठी होती है जो भक्त को भयमुक्ति और आशीर्वाद का संकेत देती है।

Q58. चोल काल में ‘वरद मुद्रा’ का क्या अर्थ है?

  (A) वरदान देने की मुद्रा

  (B) युद्ध की मुद्रा

  (C) ध्यान मुद्रा

  (D) नृत्य मुद्रा

✔ सही उत्तर: (A)  |  व्याख्या: वरद मुद्रा में हथेली नीचे की ओर होती है जो वरदान देने या कृपा बरसाने का संकेत करती है।

Q59. चोल काल के ‘कीर्ति स्तंभ’ (जयस्तंभ) का निर्माण किसलिए होता था?

  (A) दिशा दिखाने के लिए

  (B) विजय का उत्सव मनाने के लिए

  (C) जल के स्रोत के रूप में

  (D) पूजा के लिए

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: विजयी चोल राजा अपनी सैन्य सफलताओं का उत्सव मनाने के लिए जयस्तंभ (कीर्ति स्तंभ) बनवाते थे।

Q60. चोल काल की ‘पट्टदक्कल’ कला किस राज्य में है?

  (A) तमिलनाडु

  (B) केरल

  (C) कर्नाटक

  (D) आंध्र प्रदेश

✔ सही उत्तर: (C)  |  व्याख्या: पट्टदक्कल कर्नाटक में स्थित है और यह चालुक्य कला का केंद्र था, हालाँकि इसमें चोल प्रभाव भी दिखता है।

राजराजा चोल प्रथम (Rajaraja Chola I) और राजेंद्र चोल (Rajendra Chola) के शासनकाल में चोल मंदिर कला अपने चरमोत्कर्ष पर पहुँची। नटराज, सोमस्कंद, कल्याणसुंदर और उमामहेश्वर जैसी कांस्य प्रतिमाएँ चोल शिल्पकारों की अद्वितीय प्रतिभा का प्रमाण हैं।

Q61. चोल काल में ‘नायनार’ कौन थे?

  (A) शैव भक्त कवि-संत

  (B) सैनिक

  (C) व्यापारी

  (D) चित्रकार

✔ सही उत्तर: (A)  |  व्याख्या: नायनार 63 शैव भक्त संत थे जिन्होंने तमिल में भक्ति काव्य लिखे और चोल कला को प्रेरणा दी।

Q62. चोल काल में ‘तेवारम’ किन संतों की रचनाएँ हैं?

  (A) अलवार संत

  (B) नायनार संत (अप्पर, सुंदरर, तिरुज्ञान संबंदर)

  (C) बौद्ध भिक्षु

  (D) जैन मुनि

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: तेवारम तीन प्रमुख नायनार संतों – अप्पर, सुंदरर और तिरुज्ञान संबंदर की शैव भजन रचनाएँ हैं।

Q63. चोल काल में ‘मणि मेखलई’ और ‘शिलप्पदिकारम’ क्या हैं?

  (A) शिल्पशास्त्र के ग्रंथ

  (B) तमिल महाकाव्य

  (C) राजाओं की जीवनियाँ

  (D) धर्मशास्त्र

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: ये दोनों प्राचीन तमिल महाकाव्य हैं। शिलप्पदिकारम इलांगो आदिगल द्वारा और मणिमेखलई सत्तनार द्वारा रचित है।

Q64. चोल काल में किस प्रकार की राज्य व्यवस्था थी?

  (A) लोकतंत्र

  (B) सामंतवाद

  (C) राजतंत्र (केंद्रीकृत)

  (D) कुलीनतंत्र

✔ सही उत्तर: (C)  |  व्याख्या: चोल साम्राज्य एक केंद्रीकृत राजतंत्र था जहाँ राजा सर्वोच्च शासक और मंदिरों का संरक्षक होता था।

Q65. चोल काल में ‘ग्राम सभा’ (उर) किसे कहते थे?

  (A) नगर परिषद

  (B) ब्राह्मण गाँवों में स्वशासी सभा

  (C) सेना की इकाई

  (D) व्यापार संघ

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: उर या ग्राम सभा ब्राह्मण गाँवों की स्वशासी सभा थी जो स्थानीय प्रशासन और न्याय करती थी।

Q66. चोल काल के तंजावुर बृहदीश्वर मंदिर का निर्माण किस वर्ष पूरा हुआ?

  (A) 985 ई.

  (B) 1000 ई.

  (C) 1010 ई.

  (D) 1025 ई.

✔ सही उत्तर: (C)  |  व्याख्या: बृहदीश्वर मंदिर का निर्माण 1010 ई. में पूरा हुआ, राजराजा चोल ने इसे अपने 25वें शासन वर्ष में समर्पित किया।

Q67. चोल काल के मंदिरों में ‘अलंकार’ (सजावट) मुख्यतः किसमें होती थी?

  (A) केवल शिखर पर

  (B) केवल गर्भगृह में

  (C) पूरे मंदिर में — स्तंभ, दीवार, शिखर सभी पर

  (D) केवल प्रवेश द्वार पर

✔ सही उत्तर: (C)  |  व्याख्या: चोल मंदिरों में सजावट सर्वांगीण होती थी — स्तंभों, दीवारों, शिखर और गोपुरम सभी पर मूर्तियाँ और नक्काशी होती थी।

Q68. चोल काल में ‘त्यागराज मंदिर’ किस स्थान पर है?

  (A) तंजावुर

  (B) तिरुवारूर

  (C) चिदंबरम

  (D) श्रीरंगम

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: तिरुवारूर में त्यागराज मंदिर है जो भगवान शिव के ‘त्यागराज’ रूप को समर्पित है और चोल काल में महत्वपूर्ण था।

Q69. चोल काल में नटराज की मूर्ति में ‘प्रभावली’ (आभामंडल) किसका प्रतीक है?

  (A) ब्रह्मांड का अग्नि चक्र

  (B) सूर्य का प्रकाश

  (C) चंद्रमा की किरणें

  (D) नदियों का प्रवाह

✔ सही उत्तर: (A)  |  व्याख्या: नटराज के चारों ओर अग्नि की बनी गोलाकार प्रभावली (तिरुवासी) ब्रह्मांड के अग्नि चक्र और सृजन-संहार का प्रतीक है।

Q70. चोल काल में ‘षण्मुख’ (कार्तिकेय) की प्रतिमा में कितने मुख होते हैं?

  (A) दो

  (B) चार

  (C) छह

  (D) आठ

✔ सही उत्तर: (C)  |  व्याख्या: षण्मुख अर्थात् ‘छः मुख वाले’, यह भगवान कार्तिकेय (मुरुगन/स्कंद) के छह मुखों वाले रूप को दर्शाती है।

चोल मंदिर कला (Chola Temple Art) भारतीय कला इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। द्रविड़ वास्तुकला, कांस्य मूर्तिकला और शिव भक्ति का यह अद्भुत संगम आज भी करोड़ों श्रद्धालुओं और कला प्रेमियों को आकर्षित करता है। indianarthistory.com पर भारतीय कला की हर शाखा का विस्तृत अध्ययन उपलब्ध है।

Q71. चोल साम्राज्य के पतन के बाद कौन सा राजवंश उनकी कला परंपरा को जारी रखा?

  (A) मुगल वंश

  (B) विजयनगर साम्राज्य

  (C) दिल्ली सल्तनत

  (D) मराठा

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: विजयनगर साम्राज्य (14वीं-16वीं शताब्दी) ने चोल मंदिर कला परंपरा को आगे बढ़ाया।

Q72. चोल काल में ‘लिंगोद्भव’ प्रतिमा किसको दर्शाती है?

  (A) शिव का अग्नि स्तंभ से प्रकट होना

  (B) विष्णु का जल से प्रकट होना

  (C) ब्रह्मा का कमल से प्रकट होना

  (D) दुर्गा का युद्ध

✔ सही उत्तर: (A)  |  व्याख्या: लिंगोद्भव प्रतिमा में शिव एक अनंत अग्नि-ज्योति स्तंभ (ज्योतिर्लिंग) से प्रकट होते हैं और ब्रह्मा-विष्णु उनकी उत्पत्ति का अंत खोजने में असमर्थ होते हैं।

Q73. चोल काल में ‘विष्णु’ की कांस्य मूर्तियाँ किस रूप में अधिक बनाई गईं?

  (A) राम

  (B) कृष्ण

  (C) त्रिविक्रम और वेणुगोपाल

  (D) नरसिंह

✔ सही उत्तर: (C)  |  व्याख्या: त्रिविक्रम (वामन के तीन पग) और वेणुगोपाल (मुरली बजाते कृष्ण) चोल काल की लोकप्रिय विष्णु प्रतिमाएँ थीं।

Q74. चोल काल की ‘देवसेना’ की प्रतिमा किसकी पत्नी को दर्शाती है?

  (A) शिव

  (B) विष्णु

  (C) कार्तिकेय (मुरुगन)

  (D) इंद्र

✔ सही उत्तर: (C)  |  व्याख्या: देवसेना कार्तिकेय (मुरुगन) की पत्नी हैं और चोल कांस्य में उनकी सुंदर प्रतिमाएँ मिलती हैं।

Q75. चोल मंदिर कला में दक्षिणामूर्ति किस देवता का रूप है?

  (A) विष्णु

  (B) ब्रह्मा

  (C) शिव (दक्षिण मुख में)

  (D) गणेश

✔ सही उत्तर: (C)  |  व्याख्या: दक्षिणामूर्ति शिव का वह रूप है जो दक्षिण दिशा की ओर मुख करके बैठे हुए ज्ञान और योग का उपदेश देते हैं।

Q76. चोल काल में ‘चोलमंडलम’ किसे कहते थे?

  (A) राजा का महल

  (B) चोल साम्राज्य का मुख्य क्षेत्र (तमिलनाडु तट)

  (C) युद्धभूमि

  (D) बंदरगाह

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: चोलमंडलम (कोरोमंडल तट) तमिलनाडु का पूर्वी तटीय क्षेत्र था जो चोल साम्राज्य का केंद्र था।

Q77. चोल मंदिर कला में ‘गजलक्ष्मी’ प्रतिमा क्या दर्शाती है?

  (A) हाथी पर सवार लक्ष्मी

  (B) दो हाथियों द्वारा अभिषिक्त लक्ष्मी

  (C) युद्ध में लक्ष्मी

  (D) नृत्य करती लक्ष्मी

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: गजलक्ष्मी में दो हाथी देवी लक्ष्मी को स्नान करा रहे होते हैं, जो समृद्धि और शुभता का प्रतीक है।

Q78. चोल काल में मंदिर के ‘ध्वज स्तंभ’ (कोदिमरम) का क्या महत्व था?

  (A) छाया देना

  (B) दिशा सूचक

  (C) उत्सव में ध्वज फहराना और मंदिर की पहचान

  (D) जल निकासी

✔ सही उत्तर: (C)  |  व्याख्या: ध्वज स्तंभ मंदिर के सामने लगाया जाता था जिस पर उत्सवों में ध्वज फहराया जाता था।

Q79. चोल मंदिर कला में ‘प्रदक्षिणा पथ’ क्या होता है?

  (A) मंदिर के अंदर का गलियारा

  (B) गर्भगृह के चारों ओर परिक्रमा पथ

  (C) प्रवेश द्वार का रास्ता

  (D) जल-निकासी नाली

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: प्रदक्षिणा पथ गर्भगृह के चारों ओर बना परिक्रमा का रास्ता होता है जहाँ श्रद्धालु देवता की परिक्रमा करते हैं।

Q80. चोल काल में ‘कुलोत्तुंग चोल प्रथम’ किस बात के लिए प्रसिद्ध थे?

  (A) युद्ध में विजय

  (B) कर माफ़ करने और मंदिर बनवाने के लिए

  (C) समुद्री व्यापार

  (D) बौद्ध धर्म के प्रसार के लिए

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: कुलोत्तुंग चोल प्रथम को ‘कर माफ़ करने वाले राजा’ के रूप में जाना जाता है और उन्होंने अनेक मंदिरों का जीर्णोद्धार किया।

बृहदीश्वर मंदिर तंजावुर (Brihadeeswarar Temple Thanjavur) द्रविड़ वास्तुकला की सबसे भव्य कृति है। चोल मंदिर MCQ की यह श्रृंखला UPSC, SSC, TET और कला इतिहास की परीक्षाओं के लिए विशेष रूप से तैयार की गई है। नटराज कांस्य मूर्ति (Nataraja Bronze Sculpture) विश्व की सबसे प्रसिद्ध भारतीय कला कृतियों में से एक है।

Q81. चोल काल की ‘विजयालय चोलेश्वरम’ मंदिर कहाँ है?

  (A) तंजावुर

  (B) नार्थमलाई

  (C) श्रीरंगम

  (D) मदुरई

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: नार्थमलाई में विजयालय चोलेश्वरम मंदिर है जो 9वीं शताब्दी में विजयालय चोल द्वारा बनवाया गया सबसे प्रारंभिक चोल मंदिर है।

Q82. चोल काल में ‘वेलन्कन्नि’ चर्च किस धर्म की इमारत है?

  (A) हिंदू

  (B) ईसाई

  (C) बौद्ध

  (D) जैन

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: वेलन्कन्नि (Velankanni) ईसाई धर्म का तीर्थ स्थल है और इसका चोल काल की मंदिर कला से सीधा संबंध नहीं है।

Q83. चोल काल की कला में ‘पद्मासन’ मुद्रा क्या है?

  (A) नृत्य मुद्रा

  (B) कमल पर बैठने की मुद्रा

  (C) युद्ध मुद्रा

  (D) आशीर्वाद मुद्रा

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: पद्मासन ध्यान की मुद्रा है जिसमें देवता पालथी मारकर कमल पुष्प पर बैठे होते हैं।

Q84. चोल काल में ‘भूदेवी’ की प्रतिमा किसको दर्शाती है?

  (A) पृथ्वी देवी (विष्णु की पत्नी)

  (B) दुर्गा

  (C) सरस्वती

  (D) काली

✔ सही उत्तर: (A)  |  व्याख्या: भूदेवी पृथ्वी माँ (धरती) हैं और विष्णु की दो पत्नियों में से एक हैं, चोल कांस्य में उनकी सुंदर प्रतिमाएँ मिलती हैं।

Q85. चोल काल में ‘महिषासुरमर्दिनी’ प्रतिमा किसको दर्शाती है?

  (A) लक्ष्मी

  (B) सरस्वती

  (C) दुर्गा महिषासुर का वध करते हुए

  (D) पार्वती

✔ सही उत्तर: (C)  |  व्याख्या: महिषासुरमर्दिनी में दुर्गा भैंस रूपी राक्षस महिषासुर का संहार कर रही हैं — शक्ति की विजय का प्रतीक।

Q86. चोल काल में ‘ब्रह्मा’ की प्रतिमा में कितने मुख होते हैं?

  (A) दो

  (B) तीन

  (C) चार

  (D) पाँच

✔ सही उत्तर: (C)  |  व्याख्या: ब्रह्मा की प्रतिमा में चार मुख होते हैं जो चार दिशाओं और चार वेदों के प्रतीक हैं।

Q87. चोल मंदिर वास्तुकला में ‘वेस्टिबुल’ (अंतराल) का क्या कार्य है?

  (A) भण्डारण

  (B) गर्भगृह और मंडप के बीच संक्रमण कक्ष

  (C) नृत्यशाला

  (D) जलाशय

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: अंतराल गर्भगृह और मंडप के बीच एक छोटा संक्रमण कक्ष होता है जो दोनों को जोड़ता है।

Q88. चोल काल में ‘पशुपतिनाथ’ रूप में शिव किसके साथ हैं?

  (A) पशुओं के स्वामी — प्रकृति के रक्षक

  (B) युद्ध के देवता

  (C) व्यापार के देवता

  (D) नदियों के देवता

✔ सही उत्तर: (A)  |  व्याख्या: पशुपतिनाथ रूप में शिव सभी जीवों (पशुओं) के स्वामी और रक्षक हैं — प्रकृति और जीव जगत के संरक्षक।

Q89. चोल काल की ‘कल्याणसुंदर’ प्रतिमा क्या दर्शाती है?

  (A) राजा का राज्याभिषेक

  (B) शिव-पार्वती का विवाह

  (C) विष्णु का अवतार

  (D) युद्ध विजय

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: कल्याणसुंदर प्रतिमा में शिव और पार्वती के विवाह का दृश्य अंकित है — ब्रह्मांड का सबसे पवित्र मिलन।

Q90. चोल काल में ‘पल्लव’ और ‘चोल’ मंदिर निर्माण शैली में मुख्य अंतर क्या था?

  (A) चोल मंदिर छोटे थे

  (B) चोल मंदिर पूर्णतः पत्थर में और विशाल थे; पल्लव मंदिर अधिकतर चट्टानों को काटकर बने थे

  (C) पल्लव मंदिर अधिक सुंदर थे

  (D) कोई अंतर नहीं था

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: पल्लव काल में रॉक-कट और कुछ संरचनात्मक मंदिर बने, जबकि चोल काल में विशाल संरचनात्मक पाषाण मंदिर बने।

चोल कांस्य मूर्तिकला (Chola Bronze Sculpture) की लॉस्ट-वैक्स तकनीक आज भी तमिलनाडु के कारीगरों द्वारा अपनाई जाती है। भारतीय कला इतिहास MCQ की यह सीरीज आपको चोल साम्राज्य की कला, संस्कृति, धर्म और वास्तुकला की गहरी समझ देगी।

Q91. चोल काल में ‘अनंतशयनम’ प्रतिमा किसको दर्शाती है?

  (A) सोते हुए शिव

  (B) शेषनाग पर विराजमान विष्णु

  (C) सोते हुए ब्रह्मा

  (D) कार्तिकेय

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: अनंतशयनम में भगवान विष्णु अनंत (शेषनाग) पर शयन मुद्रा में विराजमान हैं, जो क्षीरसागर में विश्राम का प्रतीक है।

Q92. चोल काल के मंदिरों में ‘थिरुविझा’ क्या होता है?

  (A) युद्ध उत्सव

  (B) मंदिर में आयोजित उत्सव/पर्व

  (C) राज्याभिषेक

  (D) कर संग्रह

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: थिरुविझा चोल मंदिरों में आयोजित होने वाले धार्मिक उत्सव थे जिनमें संगीत, नृत्य और जुलूस होते थे।

Q93. चोल काल में ‘संगम साहित्य’ किस भाषा में रचा गया था?

  (A) संस्कृत

  (B) तेलुगु

  (C) तमिल

  (D) कन्नड़

✔ सही उत्तर: (C)  |  व्याख्या: संगम साहित्य प्राचीन तमिल भाषा में रचा गया था और यह प्रारंभिक चोल काल की साहित्यिक परंपरा का आधार है।

Q94. चोल काल में ‘शिव’ के ‘भिक्षाटन’ रूप में वे क्या करते दर्शाए जाते हैं?

  (A) युद्ध करते हुए

  (B) भिखारी के वेश में भ्रमण करते हुए

  (C) ध्यान में बैठे

  (D) नृत्य करते हुए

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: भिक्षाटन रूप में शिव एक भिखारी संन्यासी के वेश में स्त्रियों को मोहित करते हुए भ्रमण करते हैं।

Q95. चोल काल के मंदिर में ‘मूलवर’ और ‘उत्सवर’ में क्या अंतर है?

  (A) मूलवर पत्थर की स्थायी मूर्ति, उत्सवर जुलूस में ले जाने की कांस्य मूर्ति

  (B) दोनों एक समान हैं

  (C) मूलवर छोटी और उत्सवर बड़ी मूर्ति

  (D) मूलवर कांस्य और उत्सवर पत्थर की

✔ सही उत्तर: (A)  |  व्याख्या: मूलवर गर्भगृह में स्थापित पत्थर की स्थायी मूर्ति है, जबकि उत्सवर उत्सवों में निकाली जाने वाली कांस्य प्रतिमा है।

Q96. चोल काल में ‘तंजावुर’ की दक्षिण दिशा में स्थित ‘श्रीरंगम’ मंदिर किसको समर्पित है?

  (A) शिव

  (B) विष्णु (रंगनाथ)

  (C) दुर्गा

  (D) सूर्य

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: श्रीरंगम का रंगनाथस्वामी मंदिर भगवान विष्णु के ‘रंगनाथ’ रूप को समर्पित है और यह विश्व का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर है।

Q97. चोल काल में ‘अम्मान’ मंदिर किसको समर्पित होते थे?

  (A) शिव

  (B) विष्णु

  (C) देवी (शक्ति)

  (D) गणेश

✔ सही उत्तर: (C)  |  व्याख्या: अम्मान मंदिर स्थानीय देवी (ग्राम देवी/शक्ति) को समर्पित होते थे जो चोल मंदिर परिसर का हिस्सा होते थे।

Q98. चोल काल में ‘त्रिपुरांतक’ प्रतिमा किसका वध दर्शाती है?

  (A) महिषासुर

  (B) त्रिपुर (तीन असुर नगरों) का नाश करते शिव

  (C) रावण

  (D) वृत्रासुर

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: त्रिपुरांतक में शिव तारकासुर के तीन पुत्रों (तारकाक्ष, कमलाक्ष, विद्युन्माली) के तीन नगरों को एक बाण से भस्म करते हैं।

Q99. चोल काल में ‘गणेश’ की प्रतिमा में वाहन क्या होता है?

  (A) सिंह

  (B) मूषक (चूहा)

  (C) मोर

  (D) गरुड़

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: गणेश का वाहन मूषक (चूहा) होता है जो अहंकार पर बुद्धि की विजय का प्रतीक है।

Q100. चोल काल की ‘पार्वती’ प्रतिमा में उनका वाहन क्या है?

  (A) हाथी

  (B) मोर

  (C) सिंह

  (D) वृषभ

✔ सही उत्तर: (C)  |  व्याख्या: पार्वती का वाहन सिंह है जो शक्ति और निडरता का प्रतीक है।

Q101. चोल काल में तंजावुर बृहदीश्वर मंदिर का निर्माण काल कितने वर्षों में पूरा हुआ?

  (A) 5 वर्ष

  (B) 10 वर्ष

  (C) 25 वर्ष

  (D) 50 वर्ष

✔ सही उत्तर: (C)  |  व्याख्या: बृहदीश्वर मंदिर का निर्माण राजराजा चोल के 25 वर्षों के शासन में (985-1010 ई.) पूरा हुआ।

Q102. चोल काल में ‘करिकाल चोल’ किस बात के लिए प्रसिद्ध थे?

  (A) मंदिर निर्माण

  (B) कावेरी नदी पर बाँध और नहर निर्माण

  (C) नौसैनिक शक्ति

  (D) साहित्य

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: करिकाल चोल ने कावेरी नदी पर महान कल्लनाई (ग्रैंड एनिकट) बाँध बनवाया जो 2000 वर्ष पुराना है।

Q103. चोल मंदिर वास्तुकला में ‘श्री विमान’ और ‘राज विमान’ में क्या अंतर है?

  (A) श्री विमान छोटा और राज विमान बड़ा होता है

  (B) दोनों एक ही हैं

  (C) श्री विमान देवी का और राज विमान शिव का

  (D) श्री विमान बाहर और राज विमान अंदर होता है

✔ सही उत्तर: (A)  |  व्याख्या: श्री विमान देवी मंदिर का छोटा शिखर है जबकि राज विमान मुख्य (बड़े) मंदिर का विशाल शिखर होता है।

Q104. चोल काल में ‘चोल नौसेना’ किसके लिए प्रसिद्ध थी?

  (A) केवल नदी युद्ध

  (B) दक्षिण-पूर्व एशिया तक समुद्री अभियान

  (C) उत्तर भारत जल मार्ग

  (D) भूमध्य सागर व्यापार

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: चोल नौसेना ने श्रीविजय, मालदीव, मलक्का और दक्षिण-पूर्व एशिया तक सफल नौसैनिक अभियान किए।

Q105. चोल काल में ‘तमिल’ भाषा में लिखे गए शिलालेख किस लिपि में हैं?

  (A) देवनागरी

  (B) ग्रंथ और तमिल लिपि

  (C) ब्राह्मी

  (D) अरबी

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: चोल काल के शिलालेख ग्रंथ लिपि (संस्कृत के लिए) और तमिल लिपि में हैं।

Q106. चोल काल में ‘उत्तरमेरूर शिलालेख’ किस विषय पर है?

  (A) युद्ध इतिहास

  (B) ग्राम स्वशासन की लोकतांत्रिक व्यवस्था

  (C) मंदिर निर्माण

  (D) व्यापार नीति

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: उत्तरमेरूर शिलालेख (10वीं शताब्दी) ग्राम सभाओं के चुनाव और लोकतांत्रिक स्वशासन का विस्तृत विवरण देता है।

Q107. चोल काल में ‘कुडवोलाई’ प्रणाली क्या थी?

  (A) कर संग्रह

  (B) लॉटरी द्वारा ग्राम प्रशासक चुनने की विधि

  (C) सिंचाई प्रणाली

  (D) युद्ध की रणनीति

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: कुडवोलाई एक लोटरी प्रणाली थी जिसमें पात्र उम्मीदवारों के नाम ताड़ के पत्तों पर लिख कर बर्तन में डाले जाते और लड़के द्वारा निकाले जाते थे।

Q108. ‘Great Living Chola Temples’ में कितने मंदिर शामिल हैं?

  (A) दो

  (B) तीन

  (C) चार

  (D) पाँच

✔ सही उत्तर: (B)  |  व्याख्या: UNESCO की ‘Great Living Chola Temples’ विश्व धरोहर में तीन मंदिर हैं — तंजावुर, गंगईकोंडचोलपुरम, और दारासुरम (ऐरावतेश्वर)।

निष्कर्ष (Conclusion)

चोल मंदिर कला भारतीय सभ्यता की अमूल्य धरोहर है। तंजावुर बृहदीश्वर मंदिर, नटराज कांस्य मूर्ति, गंगईकोंडचोलपुरम और दारासुरम के ये मंदिर आज भी अपनी भव्यता, शिल्पकौशल और आध्यात्मिक ऊर्जा से विश्व को आश्चर्यचकित करते हैं।

द्रविड़ वास्तुकला की विमान शैली, विशाल गोपुरम, गर्भगृह की पवित्रता और मंडप की भव्यता — ये सब मिलकर चोल मंदिर कला को विश्व की महानतम कलाओं में स्थान देते हैं।

इस चोल मंदिर कला MCQ सीरीज को तैयार करने का उद्देश्य है कि UPSC, SSC CGL, TET, NET JRF और अन्य भारतीय कला इतिहास परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र इस विषय को सरल और प्रभावी तरीके से समझ सकें। indianarthistory.com पर आपको भारतीय कला, वास्तुकला, मूर्तिकला, चित्रकला और संस्कृति से जुड़ी सभी जानकारी एक ही स्थान पर मिलती है।

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