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चित्रसूत्र MCQ in Hindi | 100 महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

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चित्रसूत्र MCQ in Hindi 100 महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

चित्रसूत्र MCQ in Hindi | 100 महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

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चित्रसूत्र MCQ in Hindi — विष्णुधर्मोत्तर पुराण के सर्वाधिक महत्वपूर्ण अध्याय 'चित्रसूत्र' पर आधारित 100 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित। षडंग सिद्धांत, ताल प्रमाण, रंग विधान और भाव-अभिव्यक्ति से संबंधित ये Chitrasutras MCQ in Hindi प्रश्न UPSC, State PSC, UGC NET, B.A., M.A. एवं ललित कला परीक्षाओं की तैयारी के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।

चित्रसूत्र MCQ in Hindi 100 महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

चित्रसूत्र MCQ in Hindi — 100 बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित। UPSC, UGC NET, B.A., M.A. परीक्षाओं के लिए। indianarthistory.com पर पढ़ें।

चित्रसूत्र MCQ प्रश्न-उत्तर संग्रह (Chitrasutras MCQ in Hindi)

100 महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न | उत्तर और व्याख्या सहित

UPSC | State PSC | UGC NET | B.A. | M.A. | Fine Arts

परिचय: चित्रसूत्र क्या है? (What are Chitrasutras?)

चित्रसूत्र MCQ in Hindiभारतीय कला परंपरा के सर्वोच्च ग्रंथ ‘चित्रसूत्र’ पर आधारित यह 100 बहुविकल्पीय प्रश्नों का संग्रह प्रत्येक कला इतिहास के छात्र के लिए अनिवार्य अध्ययन सामग्री है।

चित्रसूत्र MCQ in Hindi
चित्रसूत्र MCQ in Hindi

चित्रसूत्र, विष्णुधर्मोत्तर पुराण के तृतीय खंड का एक अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय है जिसमें भारतीय चित्रकला के मूलभूत सिद्धांतों — षडंग, ताल प्रमाण, रंग सिद्धांत और भाव-अभिव्यक्ति — का विस्तृत और क्रमबद्ध वर्णन मिलता है।

इन Chitrasutras MCQ in Hindi प्रश्नों का उपयोग UPSC, State PSC, UGC NET, B.A., M.A. एवं विभिन्न ललित कला परीक्षाओं की तैयारी के लिए किया जा सकता है। प्रत्येक प्रश्न के साथ सही उत्तर एवं संक्षिप्त व्याख्या दी गई है, जिससे अवधारणाएँ सुस्पष्ट हो सकें।

चित्रसूत्र का मूल सिद्धांत

षडंग — चित्रकला के छः अंग

Six Limbs of Indian Painting

रूपभेद

आकृतियों की विभिन्नता को पहचानना और सही ढंग से चित्रित करना।

प्रमाण

सही माप और अनुपात (Proportion) का पालन करना।

भाव

भावनाओं और अनुभवों की सटीक एवं सजीव अभिव्यक्ति।

लावण्ययोजना

सौंदर्य और आकर्षण का उचित समावेश करना।

सादृश्य

मूल विषय के साथ यथार्थ समानता और सच्चाई।

वर्णिकाभंग

रंगों का कुशलतापूर्वक प्रयोग और सही वर्ण-संयोजन।

स्रोत: विष्णुधर्मोत्तर पुराण — चित्रसूत्र | indianarthistory.com

चित्रसूत्र MCQ in Hindi — प्रश्न 1 से 20

1. चित्रसूत्र किस ग्रंथ का भाग है?

A) रामायण

B) विष्णुधर्मोत्तर पुराण

C) महाभारत

D) अग्निपुराण

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र विष्णुधर्मोत्तर पुराण के तृतीय खंड का एक प्रमुख अध्याय है जो चित्रकला के नियमों का विस्तृत विवरण देता है।

2. चित्रसूत्र में कुल कितने अध्याय हैं?

A) 43

B) 50

C) 87

D) 100

✅ उत्तर: A

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में कुल 43 अध्याय हैं जिनमें चित्रकला के विभिन्न पहलुओं का वर्णन किया गया है।

3. चित्रसूत्र में चित्रकला की कितनी श्रेणियाँ बताई गई हैं?

A) दो

B) तीन

C) चार

D) छः

✅ उत्तर: C

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में चित्रकला की चार श्रेणियाँ – सत्य, वैणिकी, नागर और मिश्र – बताई गई हैं।

4. चित्रसूत्र के अनुसार चित्रकला के कितने अंग होते हैं?

A) चार

B) पाँच

C) छः

D) आठ

✅ उत्तर: C

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में चित्रकला के छः अंग – रूपभेद, प्रमाण, भाव, लावण्ययोजना, सादृश्य और वर्णिकाभंग – बताए गए हैं।

5. ‘षडंग’ सिद्धांत का उल्लेख किस ग्रंथ में मिलता है?

A) नाट्यशास्त्र

B) कामसूत्र

C) चित्रसूत्र

D) शिल्पशास्त्र

✅ उत्तर: C

📝 व्याख्या: षडंग सिद्धांत – चित्रकला के छः अंगों का वर्णन – सर्वप्रथम चित्रसूत्र में मिलता है।

6. चित्रसूत्र के अनुसार ‘रूपभेद’ का अर्थ क्या है?

A) रंगों का भेद

B) आकृतियों की विभिन्नता

C) छाया का चित्रण

D) भावों की अभिव्यक्ति

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: रूपभेद का अर्थ है विभिन्न आकृतियों, रूपों और प्रकारों की पहचान और उन्हें सही ढंग से चित्रित करना।

7. चित्रसूत्र में ‘प्रमाण’ से क्या तात्पर्य है?

A) रंगों का अनुपात

B) सही माप-अनुपात (Proportion)

C) चित्र का आकार

D) पृष्ठभूमि

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: प्रमाण से तात्पर्य है चित्र में सही अनुपात और माप का पालन करना, जो यथार्थ चित्रण के लिए आवश्यक है।

8. ‘लावण्ययोजना’ चित्रकला के षडंग में किससे संबंधित है?

A) सौंदर्य और आकर्षण का समावेश

B) रेखाओं का प्रयोग

C) रंगों का मिश्रण

D) परिप्रेक्ष्य का ज्ञान

✅ उत्तर: A

📝 व्याख्या: लावण्य योजना का अर्थ है चित्र में सौंदर्य, सुंदरता और आकर्षण का उचित समावेश करना।

9. चित्रसूत्र के अनुसार ‘सादृश्य’ का अर्थ क्या है?

A) परिप्रेक्ष्य और गहराई

B) विषय के साथ समानता और सच्चाई

C) चित्र की लंबाई-चौड़ाई

D) पृष्ठभूमि का रंग

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: सादृश्य का अर्थ है चित्र में मूल विषय के साथ यथार्थ समानता और सच्चाई होना।

10. ‘वर्णिकाभंग’ षडंग का कौन-सा अंग है?

A) रेखा का प्रयोग

B) रंगों का कुशल प्रयोग और मिश्रण

C) छाया-प्रकाश

D) परिप्रेक्ष्य

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: वर्णिकाभंग का अर्थ है रंगों का कुशलतापूर्वक प्रयोग, सही रंग-संयोजन और वर्ण-विन्यास।

चित्रसूत्र MCQ (Chitrasutras MCQ in Hindi) — ये प्रश्न UPSC, State PSC, UGC NET कला इतिहास परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। Indian Art History की वेबसाइट पर आपको भारतीय कला का सम्पूर्ण ज्ञान मिलता है।

11. चित्रसूत्र किस भाषा में लिखा गया है?

A) पाली

B) संस्कृत

C) प्राकृत

D) अपभ्रंश

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र की रचना संस्कृत भाषा में की गई है, जो भारत की शास्त्रीय ज्ञान परंपरा की भाषा रही है।

12. विष्णुधर्मोत्तर पुराण का तृतीय खंड किससे संबंधित है?

A) धर्म और नीति

B) कला, शिल्प और चित्रकला

C) ज्योतिष

D) आयुर्वेद

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: विष्णुधर्मोत्तर पुराण का तृतीय खंड विभिन्न कलाओं, शिल्पों, नृत्य, संगीत और चित्रकला से संबंधित है।

13. चित्रसूत्र में मानव शरीर के प्रमाण को क्या कहते हैं?

A) ताल प्रमाण

B) हस्त प्रमाण

C) नव ताल

D) दश ताल

✅ उत्तर: A

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में मानव शरीर के माप-अनुपात को ‘ताल प्रमाण’ कहा जाता है जिसमें हाथ की लंबाई को माप की इकाई माना जाता है।

ताल प्रमाण — आकृति के अनुसार माप

Tala Pramana Chart | चित्रसूत्र

आकृति / Figureताल / Talaविवरण
देवता (Deities) १०दस ताल — दिव्यता का प्रतीक
गंधर्व / राजा नौ ताल — अर्ध-दैवी
आदर्श पुरुष (Ideal Man) आठ ताल — मानव आदर्श
आदर्श नारी (Ideal Woman) ७.५साढ़े सात ताल
यक्ष / किन्नर सात ताल
सेवक / दर्शक छः ताल
बालक (Child) चार ताल

चित्रसूत्र — ताल प्रमाण | indianarthistory.com

14. चित्रसूत्र के अनुसार आदर्श पुरुष का ताल प्रमाण क्या है?

A) छः ताल

B) सात ताल

C) आठ ताल

D) नौ ताल

✅ उत्तर: C

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र के अनुसार आदर्श पुरुष का कुल ऊँचाई माप आठ ताल (हाथ की लंबाई) होता है।

15. चित्रसूत्र में देवताओं के लिए कौन-सा ताल निर्धारित है?

A) आठ ताल

B) नौ ताल

C) दस ताल

D) सात ताल

✅ उत्तर: C

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र के अनुसार देवताओं के चित्रण में दस ताल का प्रमाण अपनाया जाता है, जो उनकी दिव्यता को दर्शाता है।

16. चित्रसूत्र के अनुसार ‘भाव’ से क्या तात्पर्य है?

A) रंगों की चमक

B) भावनाओं और अनुभवों की अभिव्यक्ति

C) रेखाओं की सुंदरता

D) पृष्ठभूमि की रचना

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: भाव से तात्पर्य है चित्र में भावनाओं, मनोभावों और अनुभवों की सटीक और सजीव अभिव्यक्ति करना।

17. चित्रसूत्र में उल्लिखित चित्रकला की कौन-सी विधि सर्वश्रेष्ठ मानी गई है?

A) वैणिकी

B) नागर

C) सत्य

D) मिश्र

✅ उत्तर: C

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में ‘सत्य’ विधि को सर्वश्रेष्ठ माना गया है क्योंकि इसमें प्रकृति की यथार्थ नकल की जाती है।

चित्रसूत्र — चित्रकला की चार शैलियाँ

Four Styles of Painting in Chitrasutras

शैली १

सत्य

प्रकृति की यथार्थ नकल। इसे सर्वश्रेष्ठ शैली माना गया है। आदर्श और सत्य का चित्रण।

सर्वश्रेष्ठ (Best)

शैली २

वैणिकी

व्यापारिक और सांसारिक जीवन का चित्रण। लौकिक और सामाजिक दृश्यों की शैली।

सांसारिक (Worldly)

शैली ३

नागर

परिष्कृत नगरीय जीवन, आभूषण और सौंदर्य की शैली। नागर संस्कृति का प्रतिबिंब।

नगरीय (Urban)

शैली ४

मिश्र

तीनों शैलियों — सत्य, वैणिकी और नागर — का सम्मिलित संयोजन।

मिश्रित (Combined)

चित्रसूत्र — चित्रकला वर्गीकरण | indianarthistory.com

18. चित्रसूत्र में चित्रों को किस प्रकार वर्गीकृत किया गया है?

A) दो वर्गों में

B) तीन वर्गों में

C) चार वर्गों में

D) पाँच वर्गों में

✅ उत्तर: C

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में चित्रों को सत्य, वैणिकी, नागर और मिश्र – इन चार वर्गों में वर्गीकृत किया गया है।

19. चित्रसूत्र के अनुसार चित्रकार को किस ग्रंथ का ज्ञान होना चाहिए?

A) केवल वेद

B) नाट्यशास्त्र

C) समस्त कलाओं के ग्रंथ

D) केवल चित्रसूत्र

✅ उत्तर: C

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र के अनुसार एक कुशल चित्रकार को समस्त कलाओं के ग्रंथों का ज्ञान होना चाहिए।

20. चित्रसूत्र में ‘चित्र’ शब्द का क्या अर्थ बताया गया है?

A) केवल रंगीन चित्र

B) विचित्र और आकर्षक रचना

C) दीवारों पर की गई कला

D) धार्मिक चित्रण

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में ‘चित्र’ शब्द का अर्थ है – विचित्र, आकर्षक और कल्पनाशील कलात्मक रचना।

विष्णुधर्मोत्तर पुराण के चित्रसूत्र के MCQ प्रश्न — भारतीय चित्रकला परंपरा, षडंग सिद्धांत और ताल प्रमाण पर आधारित ये बहुविकल्पीय प्रश्न आपकी परीक्षा की तैयारी को मजबूत बनाएँगे।

चित्रसूत्र MCQ in Hindi — प्रश्न 21 से 40

21. चित्रसूत्र में उल्लिखित ‘चतुर्भुज’ चित्र किससे संबंधित हैं?

A) चार भुजाओं वाली देवाकृतियाँ

B) चतुष्कोण रेखाचित्र

C) चार वर्गों का विभाजन

D) चार प्रकार की तूलिकाएँ

✅ उत्तर: A

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में ‘चतुर्भुज’ चित्र देवताओं की चार भुजाओं वाली आकृतियों को दर्शाते हैं।

22. चित्रसूत्र में मूर्तिशिल्प और चित्रकला के संबंध को किस रूप में बताया गया है?

A) दोनों बिल्कुल अलग हैं

B) दोनों परस्पर संबंधित हैं

C) मूर्तिशिल्प श्रेष्ठ है

D) चित्रकला श्रेष्ठ है

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में मूर्तिशिल्प और चित्रकला को परस्पर संबंधित बताया गया है — एक की जानकारी दूसरे के लिए उपयोगी है।

23. चित्रसूत्र किस काल का ग्रंथ माना जाता है?

A) वैदिक काल

B) मौर्य काल

C) गुप्त काल

D) मध्यकाल

✅ उत्तर: C

📝 व्याख्या: विष्णुधर्मोत्तर पुराण और उसके अंतर्गत चित्रसूत्र को गुप्त काल (लगभग 5वीं–7वीं शताब्दी) का ग्रंथ माना जाता है।

24. चित्रसूत्र में किस तरह की रेखाओं का उल्लेख किया गया है?

A) केवल सीधी रेखाएँ

B) वक्र, सीधी और मिश्रित रेखाएँ

C) केवल वक्र रेखाएँ

D) केवल विकर्ण रेखाएँ

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में वक्र, सीधी और मिश्रित – सभी प्रकार की रेखाओं का वर्णन और उनके उपयोग का उल्लेख किया गया है।

25. चित्रसूत्र के अनुसार चित्रकला का उद्देश्य क्या है?

A) केवल सजावट

B) धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति

C) राज्य को संदेश देना

D) युद्ध का वर्णन

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र के अनुसार चित्रकला चारों पुरुषार्थों – धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष – की प्राप्ति में सहायक है।

26. चित्रसूत्र में ‘नृत्य और चित्रकला’ के संबंध को किसने समझाया?

A) भरत मुनि ने

B) मार्कण्डेय ऋषि ने

C) वज्र ने वासुदेव को

D) नारद ने

✅ उत्तर: C

📝 व्याख्या: विष्णुधर्मोत्तर पुराण में वज्र (कृष्ण के पोते) वासुदेव से इन विषयों पर संवाद करते हैं।

27. चित्रसूत्र में चित्रकला के लिए किस प्रकार की तूलिका का उपयोग बताया गया है?

A) धातु की

B) बालों और ऊन से बनी

C) बाँस की

D) पत्तों की

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में पशुओं के बाल और ऊन से बनी तूलिकाओं का उल्लेख है जो चित्रकार उपयोग में लाते थे।

28. चित्रसूत्र में किस रंग को शुभ माना गया है?

A) काला

B) नीला

C) श्वेत

D) हरा

✅ उत्तर: C

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में श्वेत (सफेद) रंग को शुभता, पवित्रता और दिव्यता का प्रतीक मानकर शुभ बताया गया है।

29. चित्रसूत्र में वर्णित चित्रकला के लिए कौन-सा आधार उपयोगी माना गया?

A) केवल पत्थर

B) कपड़ा, लकड़ी और दीवारें

C) केवल ताड़पत्र

D) केवल भूमि

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में कपड़ा, लकड़ी और भवन की दीवारें – इन तीनों को चित्रकला के लिए उपयुक्त आधार बताया गया है।

30. चित्रसूत्र के अनुसार स्त्री आकृति का ताल प्रमाण कितना होना चाहिए?

A) छः ताल

B) सात ताल

C) साढ़े सात ताल

D) आठ ताल

✅ उत्तर: C

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में स्त्री की आदर्श आकृति के लिए साढ़े सात ताल का प्रमाण निर्धारित किया गया है।

चित्रसूत्र के षडंग — रूपभेद, प्रमाण, भाव, लावण्ययोजना, सादृश्य और वर्णिकाभंग — इन छः अंगों पर आधारित प्रश्न भारतीय कला परीक्षाओं में अक्सर पूछे जाते हैं। indianarthistory.com पर इन्हें विस्तार से पढ़ें।

31. चित्रसूत्र में ‘आलेख्य’ शब्द का क्या अर्थ है?

A) मूर्तिकला

B) चित्रकला/चित्र बनाने की कला

C) संगीत

D) नृत्य

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में ‘आलेख्य’ शब्द चित्रकला या चित्र बनाने की कला के लिए प्रयुक्त हुआ है।

32. चित्रसूत्र के अनुसार चित्रकला सीखने से पहले कौन-सी कला का ज्ञान जरूरी है?

A) नृत्य

B) मूर्तिशिल्प

C) संगीत

D) काव्य

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र के अनुसार चित्रकला सीखने से पहले मूर्तिशिल्प की जानकारी होना आवश्यक है।

33. चित्रसूत्र में मुखाकृति के प्रकारों का वर्णन किसमें किया गया है?

A) प्रमाण अध्याय

B) भाव अध्याय

C) ताल प्रमाण अध्याय

D) वर्ण अध्याय

✅ उत्तर: C

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र के ताल प्रमाण अध्याय में शरीर के विभिन्न अंगों सहित मुखाकृति के प्रकारों का विस्तृत वर्णन है।

34. चित्रसूत्र के अनुसार दर्शक का चित्रण किस ताल में होता है?

A) पाँच ताल

B) छः ताल

C) सात ताल

D) आठ ताल

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: सामान्य दर्शक या सेवक पात्रों का चित्रण चित्रसूत्र में छः ताल के माप से किया जाता है।

35. चित्रसूत्र में ‘सत्वज’ चित्र किसे कहते हैं?

A) प्राकृतिक दृश्यों के चित्र

B) प्राणियों और जीव-जंतुओं के चित्र

C) देवताओं के चित्र

D) अमूर्त चित्र

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में ‘सत्वज’ उन चित्रों को कहते हैं जिनमें प्राणियों और विभिन्न जीव-जंतुओं का चित्रण होता है।

36. चित्रसूत्र में रंगों के मिश्रण की प्रक्रिया को क्या कहा गया है?

A) वर्ण विभाजन

B) वर्णिकाभंग

C) रंग संयोग

D) वर्ण लेपन

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में रंगों के कुशल मिश्रण और प्रयोग की प्रक्रिया को ‘वर्णिकाभंग’ कहा गया है।

37. चित्रसूत्र के अनुसार चित्र में प्रकाश और छाया का प्रयोग किस अंग के अंतर्गत आता है?

A) रूपभेद

B) सादृश्य

C) लावण्ययोजना

D) वर्णिकाभंग

✅ उत्तर: D

📝 व्याख्या: छाया-प्रकाश का कुशल प्रयोग वर्णिकाभंग के अंतर्गत आता है जो चित्र को त्रि-आयामी प्रभाव देता है।

38. चित्रसूत्र में किस देवता के चित्रण का सर्वाधिक वर्णन है?

A) शिव

B) ब्रह्मा

C) विष्णु

D) इंद्र

✅ उत्तर: C

📝 व्याख्या: विष्णुधर्मोत्तर पुराण विष्णु को समर्पित है, इसलिए चित्रसूत्र में भी विष्णु के चित्रण का सर्वाधिक वर्णन मिलता है।

39. चित्रसूत्र में ‘त्रिभंग’ मुद्रा का वर्णन किस संदर्भ में है?

A) नृत्य मुद्रा

B) देवताओं के चित्रण की मुद्रा

C) योद्धाओं की मुद्रा

D) नारी चित्रण की मुद्रा

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में ‘त्रिभंग’ मुद्रा देवताओं के शरीर की तीन स्थानों पर झुकाव वाली मनोरम मुद्रा के लिए प्रयुक्त है।

40. चित्रसूत्र के अनुसार चित्रकला का मूल आधार क्या है?

A) रंग

B) रेखा

C) छाया

D) बिंदु

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र के अनुसार चित्रकला का मूल आधार रेखा है; उसके बिना किसी भी आकृति का निर्माण संभव नहीं।

ताल प्रमाण (Tala Pramana) चित्रसूत्र का एक महत्वपूर्ण विषय है जिसमें मानव शरीर के अनुपात का वर्णन है। इस विषय पर अधिक अध्ययन सामग्री के लिए Indian Art History के WhatsApp Channel से जुड़ें।

चित्रसूत्र MCQ in Hindi — प्रश्न 41 से 60

41. चित्रसूत्र में कितने प्रकार के रंगों का उल्लेख है?

A) चार

B) पाँच

C) सात

D) आठ

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में पाँच मूल रंगों का उल्लेख है – श्वेत, काला, पीला, लाल और नीला।

चित्रसूत्र में रंगों का प्रतीकात्मक अर्थ

Colour Symbolism in Chitrasutras

श्वेत (White)

शुभता, पवित्रता, दिव्यता का प्रतीक। शिव के चित्रण में प्रमुख।

नीला (Blue)

अनंत ब्रह्मांड, विष्णु का वर्ण। असीम विस्तार का प्रतीक।

पीला/स्वर्ण (Gold)

समृद्धि, दिव्यता। लक्ष्मी के चित्रण में प्रमुख रंग।

लाल (Red)

क्रोध, शक्ति, साहस और रजोगुण का प्रतीक।

हरा (Green)

प्रकृति, जीवन और उर्वरता का प्रतीक।

काला (Black)

तमोगुण, अज्ञान और रहस्य का प्रतीक।

चित्रसूत्र — वर्ण प्रतीकवाद | indianarthistory.com

42. चित्रसूत्र के अनुसार ‘नागर’ चित्र शैली किससे संबंधित है?

A) ग्रामीण जीवन का चित्रण

B) नगरीय जीवन और परिष्कृत शैली

C) वन दृश्यों का चित्रण

D) युद्ध का चित्रण

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में ‘नागर’ शैली परिष्कृत नगरीय जीवन, आभूषणों और सौंदर्य से युक्त चित्रण की शैली है।

43. चित्रसूत्र के अनुसार आठ ताल में शरीर के किस भाग की ऊँचाई एक ताल होती है?

A) पाँव से घुटने तक

B) माथे से ठुड्डी तक (सिर का भाग)

C) कमर से घुटने तक

D) कंधे से कोहनी तक

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: आठ ताल प्रमाण में सिर की ऊँचाई (माथे से ठुड्डी तक) एक ताल के बराबर होती है।

44. चित्रसूत्र का आधुनिक अनुवाद सर्वप्रथम किसने किया?

A) रवींद्रनाथ टैगोर

B) स्टेला क्रैमरिश

C) ए.के. कुमारस्वामी

D) राजा रवि वर्मा

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: जर्मन कला इतिहासकार स्टेला क्रैमरिश ने 1924 में चित्रसूत्र का प्रथम महत्वपूर्ण अंग्रेजी अनुवाद प्रकाशित किया।

45. चित्रसूत्र में ‘वैणिकी’ शैली किससे संबंधित है?

A) संगीत वाद्ययंत्रों से

B) बाँसुरी वादकों के चित्र

C) व्यापारिक और सांसारिक जीवन का चित्रण

D) वन में चित्रकला

✅ उत्तर: C

📝 व्याख्या: ‘वैणिकी’ शैली में व्यापारिक, सांसारिक और लौकिक जीवन के चित्रों का समावेश होता है।

46. चित्रसूत्र में शरीर की मुद्राओं (postures) को क्या कहा गया है?

A) भंगिमा

B) भाव

C) करण

D) आसन

✅ उत्तर: A

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में शरीर की विभिन्न मुद्राओं और स्थितियों को ‘भंगिमा’ कहा गया है।

47. चित्रसूत्र के अनुसार देवी लक्ष्मी के चित्रण में कौन-सा रंग प्रमुख है?

A) श्वेत

B) पीला/स्वर्ण

C) हरा

D) लाल

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में देवी लक्ष्मी के चित्रण में पीले/स्वर्ण रंग का प्रयोग समृद्धि और दिव्यता के प्रतीक के रूप में बताया गया है।

48. चित्रसूत्र के अनुसार विष्णु के चित्र में नीले रंग का क्या महत्व है?

A) शांति का प्रतीक

B) अनंत आकाश और ब्रह्मांड का प्रतीक

C) जल का प्रतीक

D) युद्ध का प्रतीक

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में विष्णु के नीले वर्ण को अनंत आकाश, असीम ब्रह्मांड और परमात्मा की अनंतता का प्रतीक माना गया है।

49. चित्रसूत्र में शिव के चित्रण के लिए कौन-सा रंग उचित बताया गया है?

A) काला

B) नीला

C) श्वेत

D) लाल

✅ उत्तर: C

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में शिव के चित्रण में श्वेत (कैलाश की तरह) और नीलकंठ रंग का उल्लेख है; श्वेत प्रमुख है।

50. चित्रसूत्र में ‘मिश्र’ शैली में क्या होता है?

A) केवल देवताओं के चित्र

B) सत्य, वैणिकी और नागर शैलियों का संयोजन

C) केवल प्राकृतिक दृश्य

D) केवल मानव आकृतियाँ

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: ‘मिश्र’ शैली में तीनों मुख्य शैलियों – सत्य, वैणिकी और नागर – का समन्वय होता है।

चित्रसूत्र के रंग सिद्धांत और भाव-अभिव्यक्ति के नियम अजंता की चित्रकला में स्पष्ट रूप से दिखते हैं। इन MCQ प्रश्नों से अपनी कला परीक्षा की तैयारी करें और indianarthistory.com पर विस्तृत अध्ययन सामग्री पाएँ।

51. चित्रसूत्र का संबंध किस पुराण से है?

A) शिवपुराण

B) विष्णुपुराण

C) विष्णुधर्मोत्तर पुराण

D) भागवत पुराण

✅ उत्तर: C

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र विष्णुधर्मोत्तर पुराण का अंग है, जो उपरोक्त पुराण से भिन्न एक अलग पुराण है।

52. चित्रसूत्र के अनुसार नायिका के चित्रण में प्रमुखतः कितने ताल का प्रयोग होता है?

A) छः ताल

B) साढ़े सात ताल

C) आठ ताल

D) पाँच ताल

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में आदर्श नायिका के चित्रण के लिए साढ़े सात ताल का प्रमाण निर्धारित किया गया है।

53. चित्रसूत्र में रंगों की तैयारी के लिए किन सामग्रियों का उपयोग बताया गया है?

A) केवल खनिज रंग

B) खनिज, वनस्पति और जैव सामग्री

C) केवल वनस्पति रंग

D) केवल मिट्टी के रंग

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में खनिज, वनस्पति और विभिन्न जैव सामग्रियों से रंग तैयार करने की विधि का वर्णन है।

54. चित्रसूत्र में आंखों के चित्रण को क्या कहा गया है?

A) नेत्र-रूप

B) नयन-लेखा

C) दृष्टि-भाव

D) अक्षिरूप

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में आंखों की रेखाओं और उनके चित्रण को ‘नयन-लेखा’ के रूप में वर्णित किया गया है।

55. चित्रसूत्र के अनुसार ‘आसन’ चित्रण में क्या महत्वपूर्ण है?

A) केवल बैठने की मुद्रा

B) शरीर का संतुलन और स्थिरता

C) पैरों का चित्रण

D) वस्त्रों का चित्रण

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में आसन चित्रण में शरीर का सही संतुलन, स्थिरता और प्रमाण के अनुकूल स्थिति आवश्यक है।

56. चित्रसूत्र में किस रंग को क्रोध और शक्ति का प्रतीक माना गया है?

A) पीला

B) नीला

C) लाल

D) काला

✅ उत्तर: C

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में लाल रंग को क्रोध, शक्ति, साहस और रजोगुण का प्रतीक माना गया है।

57. चित्रसूत्र में ‘शरीर के अंग-प्रत्यंग’ के चित्रण संबंधी नियम किस नाम से जाने जाते हैं?

A) तालमान

B) अंगविभाग

C) देहलक्षण

D) मर्मस्थान

✅ उत्तर: A

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में शरीर के विभिन्न अंगों के सही अनुपात और माप के नियमों को ‘तालमान’ कहा जाता है।

58. चित्रसूत्र में ‘हस्त’ (हाथ) चित्रण में कितनी मुद्राओं का वर्णन है?

A) 8

B) 16

C) 24

D) 32

✅ उत्तर: C

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में हाथों की विभिन्न मुद्राओं का वर्णन है जो नाट्यशास्त्र की लगभग 24 मुद्राओं से मेल खाती हैं।

59. चित्रसूत्र में किस पशु के चित्रण पर सर्वाधिक ध्यान दिया गया है?

A) सिंह

B) हाथी

C) घोड़ा

D) गाय

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में हाथी के चित्रण पर विशेष ध्यान दिया गया है, उसकी शारीरिक संरचना और माप का विस्तृत वर्णन है।

60. चित्रसूत्र में ‘मिश्र वर्ण’ से क्या तात्पर्य है?

A) सभी रंगों का मिश्रण

B) दो या अधिक मूल रंगों से बने रंग

C) केवल पृष्ठभूमि के रंग

D) काले और सफेद रंग का मिश्रण

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में ‘मिश्र वर्ण’ दो या अधिक मूल रंगों को मिलाकर बनाए गए द्वितीयक और तृतीयक रंगों को कहते हैं।

चित्रसूत्र MCQ in Hindi — भारतीय कला इतिहास की परीक्षाओं में चित्रसूत्र से संबंधित प्रश्न हमेशा पूछे जाते हैं। Indian Art History Facebook Page को Like करें और नवीनतम अध्ययन सामग्री पाएँ।

चित्रसूत्र MCQ in Hindi — प्रश्न 61 से 80

61. चित्रसूत्र में परिप्रेक्ष्य (Perspective) के लिए कौन-सा सिद्धांत बताया गया है?

A) रेखीय परिप्रेक्ष्य

B) वायुमंडलीय परिप्रेक्ष्य

C) वस्तुओं को दूरी के अनुसार छोटा दिखाना

D) परिप्रेक्ष्य का कोई उल्लेख नहीं

✅ उत्तर: C

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में दूरी पर स्थित वस्तुओं को छोटा दिखाने की विधि का उल्लेख मिलता है जो भारतीय परिप्रेक्ष्य की अवधारणा है।

62. चित्रसूत्र के अनुसार ‘गंधर्व’ आकृतियों का ताल प्रमाण क्या है?

A) छः ताल

B) सात ताल

C) आठ ताल

D) नौ ताल

✅ उत्तर: C

📝 व्याख्या: गंधर्वों को अर्ध-दैवी प्राणी माना गया है इसलिए उनके चित्रण में आठ ताल का प्रमाण अपनाया जाता है।

63. चित्रसूत्र में ‘भूमि’ (पृष्ठभूमि) चित्रण के लिए क्या नियम बताए गए हैं?

A) केवल एकरंगी पृष्ठभूमि

B) प्राकृतिक तत्वों का यथार्थ समावेश

C) पृष्ठभूमि न बनाने का नियम

D) केवल ज्यामितीय पृष्ठभूमि

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में प्रकृति के तत्वों – वृक्ष, नदी, पर्वत – को यथार्थता से पृष्ठभूमि में दर्शाने के नियम हैं।

64. चित्रसूत्र में ‘नारायण’ (विष्णु) के कितने रूपों का वर्णन है?

A) चार

B) आठ

C) बारह

D) चौबीस

✅ उत्तर: D

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में विष्णु के चौबीस रूपों (चतुर्विंशति मूर्तियों) के चित्रण का विस्तृत वर्णन किया गया है।

65. चित्रसूत्र के अनुसार सुरों (देवताओं) की आँखें कैसी होती हैं?

A) गोल और छोटी

B) कमल के समान बड़ी और चौड़ी

C) त्रिकोणाकार

D) अर्धचंद्राकार

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में देवताओं की आँखें खिले हुए कमल के समान बड़ी, चौड़ी और सुंदर बताई गई हैं।

66. चित्रसूत्र के अनुसार असुरों की आकृति कैसी होती है?

A) सुरों जैसी सौम्य

B) भयंकर, विकराल और विशाल

C) बौनी और छोटी

D) मानव जैसी सामान्य

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में असुरों की आकृति भयंकर, विकराल, बड़ी आँखों वाली और विशाल शरीर वाली बताई गई है।

67. चित्रसूत्र में ‘दशावतार’ चित्रण में कौन-सा अवतार सर्वप्रथम वर्णित है?

A) राम

B) कृष्ण

C) मत्स्य

D) वामन

✅ उत्तर: C

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में दशावतारों के चित्रण में मत्स्य अवतार सर्वप्रथम वर्णित है जो सृष्टि के आरंभ का प्रतीक है।

68. चित्रसूत्र में किस आकृति को ‘वीर रस’ का प्रतीक बताया गया है?

A) कमल पुष्प पर बैठी आकृति

B) धनुषधारी, सीधी और मजबूत आकृति

C) नृत्य मुद्रा में आकृति

D) अर्धपद्मासन में आकृति

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: वीर रस के लिए चित्रसूत्र में धनुषधारी, सीधी, दृढ़ और बलशाली आकृति को उचित बताया गया है।

69. चित्रसूत्र में ‘श्रृंगार रस’ की अभिव्यक्ति के लिए क्या विशेषताएँ बताई गई हैं?

A) कठोर रेखाएँ और गहरे रंग

B) कोमल रेखाएँ, सुंदर आभूषण और उज्ज्वल रंग

C) टेढ़ी-मेढ़ी रेखाएँ

D) भयंकर मुद्राएँ

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: श्रृंगार रस के लिए कोमल, मृदु रेखाएँ, सुंदर आभूषण, पुष्पों का समावेश और उज्ज्वल-सुंदर रंगों का प्रयोग उचित है।

70. चित्रसूत्र में ‘काल’ (समय) के चित्रण के लिए क्या प्रतीक बताए गए हैं?

A) घड़ी

B) सूर्य और चंद्रमा

C) तारे

D) नदी का प्रवाह

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में सूर्य और चंद्रमा को काल (समय), दिन-रात के चक्र और ऋतुओं का प्रतीक माना गया है।

विष्णुधर्मोत्तर पुराण, चित्रसूत्र, षडंग सिद्धांत — इन विषयों पर आधारित MCQ का यह संग्रह UGC NET, UPSC और राज्य स्तरीय परीक्षाओं के लिए एक अनमोल संसाधन है।

71. चित्रसूत्र में बच्चों की आकृति का ताल प्रमाण क्या होता है?

A) एक से तीन ताल

B) चार ताल

C) पाँच ताल

D) छः ताल

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में बालकों/बच्चों की आकृति के लिए लगभग चार ताल का प्रमाण उचित बताया गया है।

72. चित्रसूत्र के अनुसार वृक्षों और लताओं का चित्रण किस श्रेणी में आता है?

A) सत्वज

B) जंगम

C) स्थावर

D) द्विज

✅ उत्तर: C

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में वृक्षों, लताओं और वनस्पतियों को ‘स्थावर’ (अचल) श्रेणी में रखा गया है।

73. चित्रसूत्र में ‘नभस्थ’ आकृतियाँ किन्हें कहते हैं?

A) आकाश में उड़ते पक्षियों को

B) देवताओं और आकाशचारी प्राणियों को

C) बादलों को

D) तारों को

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में ‘नभस्थ’ आकृतियाँ देवता, गंधर्व और आकाश में विचरण करने वाले दिव्य प्राणियों को कहते हैं।

74. चित्रसूत्र में प्रकृति के पाँच तत्वों में से किसे सर्वप्रथम चित्रित करने का निर्देश है?

A) जल

B) वायु

C) अग्नि

D) पृथ्वी

✅ उत्तर: D

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में भूमि/पृथ्वी तत्व को सर्वप्रथम स्थापित करने का निर्देश है जो चित्र की आधारशिला है।

75. चित्रसूत्र में ‘अलंकरण’ (Ornamentation) से क्या तात्पर्य है?

A) केवल आभूषणों का चित्रण

B) चित्र को सजाने और सुंदर बनाने की प्रक्रिया

C) वस्त्रों की बुनाई का चित्रण

D) फूलों का चित्रण मात्र

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में ‘अलंकरण’ का तात्पर्य आभूषणों, पुष्पों और अन्य सुंदर तत्वों से चित्र को सजाने की समग्र प्रक्रिया है।

76. चित्रसूत्र में ‘लक्षण’ शब्द का क्या अर्थ है?

A) चित्र का आकार

B) आकृति की पहचान करने वाले विशेष चिह्न

C) रंगों की विशेषता

D) चित्रकार का नाम

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में ‘लक्षण’ से तात्पर्य है वे विशेष चिह्न और गुण जो किसी आकृति, देवता या पात्र की पहचान निर्धारित करते हैं।

77. चित्रसूत्र में दिव्य और मानव आकृतियों के बीच मुख्य अंतर क्या बताया गया है?

A) रंग का अंतर

B) ताल प्रमाण और दिव्य लक्षणों का अंतर

C) आँखों का आकार मात्र

D) वस्त्रों का अंतर

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: दिव्य आकृतियों में उच्च ताल प्रमाण (नौ-दस ताल) और विशेष दिव्य लक्षण होते हैं जो उन्हें मानव आकृतियों से अलग करते हैं।

78. चित्रसूत्र में ‘अभिनय’ और ‘चित्रकला’ के संबंध में क्या कहा गया है?

A) दोनों बिल्कुल अलग हैं

B) अभिनय की भाव-भंगिमाएँ चित्रकला में आवश्यक हैं

C) चित्रकला अभिनय से श्रेष्ठ है

D) अभिनय का चित्रकला से कोई संबंध नहीं

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में नाट्यशास्त्र की भाव-भंगिमाओं को चित्रण में उतारने पर विशेष जोर दिया गया है।

79. चित्रसूत्र में ‘शान्त रस’ के चित्रण के लिए क्या विशेषता बताई गई है?

A) गहरे लाल और नारंगी रंग

B) समभाव, श्वेत या हल्के रंग और शांत मुद्राएँ

C) तीव्र रेखाएँ और विपरीत रंग

D) भयंकर आकृतियाँ

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: शांत रस के चित्रण में समभाव, हल्के रंग और आंतरिक शांति को दर्शाने वाली मुद्राओं का प्रयोग उचित बताया गया है।

80. चित्रसूत्र में अंकित चित्रकला के नियम किस शैली के लिए आधार बने?

A) यूरोपीय शैली

B) अजंता-एलोरा की चित्रकला

C) मुगल चित्रकला

D) आधुनिक भारतीय कला

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र के नियम और सिद्धांत अजंता की गुफा चित्रकला में स्पष्ट रूप से दृष्टिगोचर होते हैं।

चित्रसूत्र में वर्णित देव चित्रण के नियम, रंग सिद्धांत और ताल प्रमाण को समझकर आप भारतीय कला परीक्षाओं में अधिक अंक प्राप्त कर सकते हैं। Indian Art History – Get All Art History at One Place!

चित्रसूत्र MCQ in Hindi — प्रश्न 81 से 100

81. चित्रसूत्र में ‘भूतयोनि’ आकृतियों का वर्णन किससे संबंधित है?

A) राक्षस और भूत-प्रेत आकृतियाँ

B) पाँच तत्वों की आकृतियाँ

C) पशु आकृतियाँ

D) देवता आकृतियाँ

✅ उत्तर: A

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में ‘भूतयोनि’ भूत, प्रेत, राक्षस आदि अलौकिक आकृतियों के चित्रण को संदर्भित करता है।

82. चित्रसूत्र में किस प्रकार की रेखा को सर्वश्रेष्ठ माना गया है?

A) मोटी और काली रेखा

B) पतली, स्पष्ट और समान रेखा

C) टेढ़ी-मेढ़ी रेखा

D) रंगीन रेखा

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में पतली, स्पष्ट, एकसमान और कंपन रहित रेखा को श्रेष्ठ चित्रण की पहचान माना गया है।

83. चित्रसूत्र में ‘वर्ण लेप’ से क्या अभिप्राय है?

A) रंग का प्रथम लेप (Base Coat)

B) अंतिम सज्जा का रंग

C) रेखाओं का रंग

D) पृष्ठभूमि का रंग

✅ उत्तर: A

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में ‘वर्ण लेप’ चित्र के आधार पर लगाया जाने वाला प्रथम रंग का लेप (बेस कोट) है।

84. चित्रसूत्र में वनस्पति रंगों में किसका उल्लेख है?

A) केवल हल्दी

B) हल्दी, इंडिगो, लाख और हरिताल

C) केवल मेहंदी

D) केवल नील

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में हल्दी, इंडिगो (नील), लाख और हरिताल जैसे विभिन्न वनस्पति और खनिज रंगों का उल्लेख मिलता है।

85. चित्रसूत्र में ‘यक्ष’ और ‘किन्नर’ आकृतियों का ताल प्रमाण क्या है?

A) पाँच ताल

B) छः ताल

C) सात ताल

D) आठ ताल

✅ उत्तर: C

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में यक्ष और किन्नर जैसी अर्ध-दैवी आकृतियों के लिए सात ताल का प्रमाण निर्धारित है।

86. चित्रसूत्र में ‘वृद्ध’ आकृतियों के चित्रण में कौन-सी विशेषता आवश्यक है?

A) लंबे बाल और सफेद दाढ़ी

B) झुकी हुई कमर, सिकुड़ी त्वचा और श्वेत केश

C) मोटी और भारी आकृति

D) छोटी और कमजोर आकृति

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: वृद्धावस्था के यथार्थ चित्रण के लिए चित्रसूत्र में झुकाव, सिकुड़ी त्वचा, श्वेत केश और लाठी का उल्लेख है।

87. चित्रसूत्र में चित्रकार के लिए किस गुण को सर्वोच्च बताया गया है?

A) धन संपदा

B) स्मृति, कल्पना और निपुण हाथ

C) उच्च जाति

D) केवल तकनीकी ज्ञान

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में चित्रकार के लिए तीव्र स्मृति, सशक्त कल्पनाशक्ति और कुशल हाथ – ये तीन गुण सर्वोच्च बताए गए हैं।

88. चित्रसूत्र में ‘स्वस्तिक’ चिह्न के चित्रण का क्या महत्व बताया गया है?

A) केवल सजावटी

B) मांगलिक, शुभ और समृद्धि का प्रतीक

C) दिशा बोध का प्रतीक

D) युद्ध का प्रतीक

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में स्वस्तिक को मांगलिक, शुभता और सुख-समृद्धि का प्रमुख शुभ चिह्न माना गया है।

89. चित्रसूत्र के नियमों का पालन करने वाली चित्रकला परंपरा किसमें दिखती है?

A) गांधार कला

B) मथुरा कला

C) अजंता चित्रकला

D) मुगल लघुचित्र

✅ उत्तर: C

📝 व्याख्या: अजंता की गुफाओं में उकेरे गए चित्रों में चित्रसूत्र के नियमों – षडंग, ताल प्रमाण, भाव – का स्पष्ट अनुसरण दिखता है।

90. चित्रसूत्र में ‘जलचर’ प्राणियों के चित्रण के लिए क्या निर्देश हैं?

A) उन्हें चित्रित नहीं किया जाना चाहिए

B) जल-तत्व के साथ उनकी वास्तविक गति और रूप

C) केवल मछली का चित्रण उचित है

D) उन्हें मानव रूप में चित्रित करें

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में जलचर प्राणियों को जल-तत्व सहित उनके स्वाभाविक रूप, गति और वातावरण में चित्रित करने का निर्देश है।

भारतीय चित्रकला परंपरा में चित्रसूत्र का स्थान सर्वोच्च है। इस ग्रंथ के सिद्धांतों को जानना प्रत्येक कला इतिहास के छात्र के लिए आवश्यक है। ये Chitrasutras MCQ in Hindi आपकी तैयारी को नई दिशा देंगे।

91. चित्रसूत्र में ‘आकाश तत्व’ का चित्रण किस रंग से जोड़ा गया है?

A) हरा

B) श्वेत और नीला

C) पीला

D) काला

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में आकाश तत्व को श्वेत और नीले रंग से संबद्ध किया गया है जो अनंत विस्तार का प्रतीक है।

92. चित्रसूत्र में ‘अग्नि तत्व’ के चित्रण में कौन-सा रंग उचित बताया गया है?

A) पीला और लाल

B) काला

C) हरा

D) नीला

✅ उत्तर: A

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में अग्नि तत्व को पीले, नारंगी और लाल रंगों से जोड़ा गया है जो ऊष्मा और प्रकाश के प्रतीक हैं।

93. चित्रसूत्र के अनुसार चित्र को कितनी दूरी से देखने पर वह सर्वोत्तम लगता है?

A) एक हाथ की दूरी से

B) आँखों के स्तर पर उचित दूरी से

C) बहुत दूर से

D) बहुत नजदीक से

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में चित्र को आँखों के स्तर पर रखकर उचित दूरी से देखने पर उसका सौंदर्य सर्वोत्तम रूप में अनुभव होता है।

94. चित्रसूत्र में वर्णित ‘नव रस’ में से चित्रकला में कौन-सा रस सर्वाधिक प्रचलित है?

A) रौद्र रस

B) श्रृंगार रस

C) भयानक रस

D) वीर रस

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: भारतीय चित्रकला परंपरा में और चित्रसूत्र के नियमों के अनुसार श्रृंगार रस का सर्वाधिक चित्रण मिलता है।

95. चित्रसूत्र में ‘गज लक्षण’ (हाथी के विशेष चिह्न) का विस्तृत वर्णन किस उद्देश्य से किया गया है?

A) हाथियों के प्रशिक्षण के लिए

B) हाथी के यथार्थ और श्रेष्ठ चित्रण के लिए

C) हाथी की पूजा के लिए

D) हाथी के व्यापार के लिए

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में गज लक्षणों का वर्णन चित्रकार को हाथी का यथार्थ, शास्त्रसम्मत और श्रेष्ठ चित्रण करने में सहायता के लिए है।

96. चित्रसूत्र में ‘अश्व लक्षण’ (घोड़े के विशेष चिह्न) का उल्लेख किस प्रसंग में है?

A) घुड़दौड़ के संदर्भ में

B) चित्रकला में घोड़े के आदर्श चित्रण के संदर्भ में

C) युद्ध की रणनीति में

D) अश्वमेध यज्ञ में

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में अश्व लक्षणों का वर्णन चित्रकार को घोड़े के आदर्श, अनुपातयुक्त और सजीव चित्रण के लिए किया गया है।

97. चित्रसूत्र में ‘शिव-पार्वती’ के संयुक्त चित्रण में कौन-सी विशेषता होती है?

A) शिव बड़े और पार्वती छोटी

B) अर्धनारीश्वर रूप में समान अनुपात

C) केवल शिव का चित्रण

D) केवल पार्वती का चित्रण

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में अर्धनारीश्वर रूप के चित्रण में शिव और पार्वती के अंगों का समान और संतुलित अनुपात निर्धारित है।

98. चित्रसूत्र में ‘सप्तमातृकाओं’ के चित्रण के नियम किस अध्याय में हैं?

A) रंग अध्याय

B) मातृका अध्याय

C) देव चित्रण अध्याय

D) प्रमाण अध्याय

✅ उत्तर: C

📝 व्याख्या: सप्तमातृकाओं के चित्रण के नियम और उनके विशेष लक्षण देव चित्रण अध्याय में वर्णित हैं।

99. चित्रसूत्र में ‘रंगभूमि’ से क्या अभिप्राय है?

A) रंगमंच

B) वह आधार जिस पर चित्र बनाया जाता है (पटल)

C) रंगों की दुकान

D) रंग बनाने का स्थान

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र में ‘रंगभूमि’ वह आधार सतह है – चाहे कपड़ा, लकड़ी या दीवार – जिस पर चित्रकार चित्र उकेरता है।

100. चित्रसूत्र का भारतीय कला इतिहास में क्या महत्व है?

A) यह केवल धार्मिक ग्रंथ है

B) यह भारत की प्राचीन चित्रकला का एकमात्र शास्त्रीय आधारग्रंथ है

C) यह केवल मूर्तिकला पर है

D) यह आधुनिक कला की पुस्तक है

✅ उत्तर: B

📝 व्याख्या: चित्रसूत्र भारत का एकमात्र प्राचीन शास्त्रीय ग्रंथ है जो चित्रकला के सभी पहलुओं – सिद्धांत, माप, रंग, भाव – का विस्तृत और क्रमबद्ध विवरण देता है।

चित्रसूत्र — त्वरित पुनरावृत्ति

ग्रंथ

विष्णुधर्मोत्तर पुराण का तृतीय खंड

भाषा

संस्कृत

काल

गुप्त काल (5वीं–7वीं शताब्दी)

अध्याय

कुल 43 अध्याय

षडंग

रूपभेद, प्रमाण, भाव, लावण्य, सादृश्य, वर्णिकाभंग

पहला अनुवाद

स्टेला क्रैमरिश (1924)

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निष्कर्ष (Conclusion)

चित्रसूत्र MCQ in Hindi का यह संग्रह भारतीय कला इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण शास्त्रीय ग्रंथ ‘चित्रसूत्र’ के प्रमुख विषयों को सरल बहुविकल्पीय प्रश्नों के माध्यम से प्रस्तुत करता है।

इन 100 Chitrasutras MCQ in Hindi प्रश्नों के अभ्यास से आप षडंग सिद्धांत, ताल प्रमाण, चित्रकला की विभिन्न शैलियाँ, रंग-विधान और भाव-अभिव्यक्ति जैसे मूलभूत विषयों पर अपनी समझ को सुदृढ़ कर सकते हैं।

चित्रसूत्र न केवल एक ऐतिहासिक ग्रंथ है, बल्कि यह आज भी भारतीय चित्रकला की आत्मा को परिभाषित करता है। Indian Art History की वेबसाइट indianarthistory.com पर भारतीय कला इतिहास के और भी विषयों पर विस्तृत अध्ययन सामग्री, MCQ, नोट्स और महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर उपलब्ध हैं।

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