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तंजौर चित्रकला MCQ | 100 Questions in Hindi | Indian Art History

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तंजौर चित्रकला MCQ

तंजौर चित्रकला MCQ | 100 Questions in Hindi | Indian Art History

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तंजौर चित्रकला MCQ in Hindi — 100 बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर सहित। Tanjore Painting MCQ for UPSC, SSC और कला परीक्षाओं की तैयारी के लिए। पढ़ें indianarthistory.com पर। तंजौर चित्रकला MCQ — 100 बहुविकल्पीय प्रश्न (हिंदी में) Tanjore Painting MCQ in Hindi | Indian Art History परिचय (Introduction) तंजौर चित्रकला MCQ in Hindi — इस प्रश्नोत्तरी ...

तंजौर चित्रकला MCQ

तंजौर चित्रकला MCQ in Hindi — 100 बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर सहित। Tanjore Painting MCQ for UPSC, SSC और कला परीक्षाओं की तैयारी के लिए। पढ़ें indianarthistory.com पर।

तंजौर चित्रकला MCQ — 100 बहुविकल्पीय प्रश्न (हिंदी में)

Tanjore Painting MCQ in Hindi | Indian Art History

परिचय (Introduction)

तंजौर चित्रकला MCQ in Hindi — इस प्रश्नोत्तरी में आपका स्वागत है! तंजौर चित्रकला (Tanjore Painting) दक्षिण भारत की सबसे प्रतिष्ठित और समृद्ध कला परंपराओं में से एक है, जिसका उद्गम तमिलनाडु के तंजावुर शहर में हुआ। इस शैली की सबसे बड़ी पहचान है — असली सोने की पत्ती (Gold Foil), रत्नों की जड़ाई और उभरी हुई आकृतियाँ (Relief Work), जो इसे विश्व की अन्य चित्र-शैलियों से अलग और विशेष बनाती हैं।

मराठा शासन काल में यह कला अपने चरमोत्कर्ष पर पहुँची और राजाओं के दरबारों में इसे अपार सम्मान मिला। वर्ष 2007 में तंजौर चित्रकला को भौगोलिक संकेत (GI Tag) प्रदान किया गया, जो इसकी अनूठी पहचान और सांस्कृतिक महत्व का प्रमाण है। इस संग्रह में 100 सावधानीपूर्वक तैयार किए गए MCQ प्रश्न दिए गए हैं जो प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ-साथ कला प्रेमियों के लिए भी अत्यंत उपयोगी हैं।

तंजौर चित्रकला MCQ (Tanjore Painting MCQ in Hindi) भारतीय कला इतिहास का एक महत्वपूर्ण विषय है। तंजौर चित्रकला, जिसे तंजावुर पेंटिंग भी कहते हैं, दक्षिण भारत की सर्वाधिक समृद्ध और प्रसिद्ध चित्र-परंपराओं में से एक है। इस बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी (MCQ) से आप तंजौर चित्रकला के इतिहास, तकनीक, विशेषताओं और सांस्कृतिक महत्व को गहराई से समझ सकते हैं।

तंजौर चित्रकला MCQ — प्रश्न 1 से 25

1. तंजौर चित्रकला का उद्गम किस राज्य में हुआ?

   A) तमिलनाडु

   B) केरल

   C) कर्नाटक

   D) आंध्र प्रदेश

   ✔ उत्तर: A) तमिलनाडु

   📌 व्याख्या: तंजौर कला का उद्गम दक्षिण भारत के तमिलनाडु राज्य के तंजावुर (तंजौर) शहर में हुआ।

2. तंजौर चित्रकला में मुख्य रूप से किस सामग्री का उपयोग वॉटरप्रूफिंग के लिए होता है?

   A) मोम

   B) सोने की पत्ती (गोल्ड फॉयल)

   C) चांदी

   D) तांबा

   ✔ उत्तर: B) सोने की पत्ती (गोल्ड फॉयल)

   📌 व्याख्या: तंजौर कला की पहचान उसमें लगाई गई असली सोने की पत्ती (गोल्ड फॉयल) से होती है।

3. तंजौर चित्रकला किस शासन काल में अपने चरमोत्कर्ष पर थी?

   A) मुगल काल

   B) मराठा काल

   C) चोल काल

   D) विजयनगर काल

   ✔ उत्तर: B) मराठा काल

   📌 व्याख्या: तंजौर कला मराठा शासन काल (18वीं-19वीं सदी) में सर्वाधिक विकसित और समृद्ध हुई।

4. तंजौर चित्रों में किस देवता का चित्रण सर्वाधिक किया जाता है?

   A) शिव

   B) ब्रह्मा

   C) विष्णु/कृष्ण

   D) गणेश

   ✔ उत्तर: C) विष्णु/कृष्ण

   📌 व्याख्या: तंजौर कला में विष्णु और कृष्ण के विभिन्न रूपों का सर्वाधिक चित्रण किया जाता है।

5. तंजौर चित्रकला में आधार (बेस) के रूप में किसका उपयोग किया जाता है?

   A) कागज

   B) कपड़ा

   C) लकड़ी का तख्ता

   D) पत्थर

   ✔ उत्तर: C) लकड़ी का तख्ता

   📌 व्याख्या: तंजौर चित्रकला में मुख्यतः लकड़ी के तख्ते को आधार (सपोर्ट) के रूप में उपयोग किया जाता है।

6. तंजौर चित्रकला को किस वर्ष GI (Geographical Indication) टैग मिला?

   A) 2007

   B) 2010

   C) 2012

   D) 2015

   ✔ उत्तर: A) 2007

   📌 व्याख्या: तंजौर चित्रकला को वर्ष 2007 में भौगोलिक संकेत (GI) टैग प्रदान किया गया।

7. तंजौर चित्रकला में रत्नों और कांच का उपयोग किस उद्देश्य से होता है?

   A) चित्र को मजबूत बनाने के लिए

   B) सजावट और चमक के लिए

   C) रंग देने के लिए

   D) आधार बनाने के लिए

   ✔ उत्तर: B) सजावट और चमक के लिए

   📌 व्याख्या: तंजौर कला में रत्न, कांच और मोती सजावट व चमक बढ़ाने के लिए लगाए जाते हैं।

8. तंजौर चित्रकला की विशेषता है कि इसमें आकृतियाँ कैसी होती हैं?

   A) दुबली-पतली

   B) गोलाकार और भरी हुई

   C) लम्बी और पतली

   D) अर्ध-चंद्राकार

   ✔ उत्तर: B) गोलाकार और भरी हुई

   📌 व्याख्या: तंजौर कला में आकृतियाँ गोलाकार, भरी-भरी और स्वस्थ दिखाई जाती हैं।

9. तंजौर चित्रकला का दूसरा नाम क्या है?

   A) पल्लगई पदम

   B) तंजावुर पेंटिंग

   C) कर्नाटक चित्र

   D) द्रविड़ कला

   ✔ उत्तर: B) तंजावुर पेंटिंग

   📌 व्याख्या: तंजौर चित्रकला को ‘तंजावुर पेंटिंग’ के नाम से भी जाना जाता है।

10. तंजौर चित्रों में पृष्ठभूमि का रंग प्रायः कैसा होता है?

   A) नीला

   B) हरा

   C) चमकीला और सोनेरी

   D) सफेद

   ✔ उत्तर: C) चमकीला और सोनेरी

   📌 व्याख्या: तंतंजौर कला में पृष्ठभूमि प्रायः चमकीले सोनेरी रंग की होती है जो सोने की पत्ती से बनती है।

11. तंजौर चित्रकला किस धर्म से सर्वाधिक प्रेरित है?

   A) बौद्ध धर्म

   B) जैन धर्म

   C) हिन्दू धर्म

   D) इस्लाम

   ✔ उत्तर: C) हिन्दू धर्म

   📌 व्याख्या: तंजौर कला मुख्यतः हिन्दू धर्म के देवी-देवताओं और पौराणिक कथाओं से प्रेरित है।

12. तंजौर चित्रकला में ‘थिम्मा’ किसे कहते हैं?

   A) चित्र का मुख्य पात्र

   B) चित्र का आधार

   C) रंग मिश्रण

   D) सोने की पत्ती

   ✔ उत्तर: A) चित्र का मुख्य पात्र

   📌 व्याख्या: तंजौर कला में ‘थिम्मा’ चित्र के मुख्य पात्र या केंद्रीय देवता को कहा जाता है।

13. तंजौर चित्रकला में किस प्रकार की रेखाएँ प्रयोग होती हैं?

   A) टूटी-फूटी रेखाएँ

   B) स्पष्ट और निश्चित काली रेखाएँ

   C) धुंधली रेखाएँ

   D) कोई रेखा नहीं

   ✔ उत्तर: B) स्पष्ट और निश्चित काली रेखाएँ

   📌 व्याख्या: Tanjore Art में स्पष्ट, निश्चित और मोटी काली रेखाओं से आकृतियाँ परिभाषित की जाती हैं।

14. तंजौर चित्रकला की शुरुआत किस सदी में मानी जाती है?

   A) 10वीं सदी

   B) 14वीं सदी

   C) 16वीं सदी

   D) 18वीं सदी

   ✔ उत्तर: C) 16वीं सदी

   📌 व्याख्या: Tanjore Art की शुरुआत लगभग 16वीं सदी में विजयनगर साम्राज्य के प्रभाव में मानी जाती है।

15. तंजौर चित्रकला में कौन सा रंग सर्वाधिक प्रमुख होता है?

   A) नीला

   B) लाल

   C) सोनेरी पीला

   D) हरा

   ✔ उत्तर: C) सोनेरी पीला

   📌 व्याख्या: तंजौर चित्रकला में सोनेरी पीले रंग का सर्वाधिक प्रयोग होता है जो गोल्ड फॉयल से बनता है।

16. तंजौर चित्रकला बनाने की प्रक्रिया में पहला चरण क्या है?

   A) रंग भरना

   B) आधार तैयार करना

   C) गोल्ड फॉयल लगाना

   D) रत्न जड़ना

   ✔ उत्तर: B) आधार तैयार करना

   📌 व्याख्या: Tanjore Art में सबसे पहले लकड़ी के तख्ते पर कपड़े से आधार (बेस) तैयार किया जाता है।

17. तंजौर चित्रकला में ‘उभार’ (embossing) के लिए किसका उपयोग होता है?

   A) मिट्टी

   B) चूने का मिश्रण (chalk paste)

   C) प्लास्टर ऑफ पेरिस

   D) सीमेंट

   ✔ उत्तर: B) चूने का मिश्रण (chalk paste)

   📌 व्याख्या: तंजौर कला में उभार (embossing) के लिए खड़िया मिट्टी/चूने के मिश्रण (chalk and adhesive paste) का उपयोग होता है।

18. तंजौर कला किस शैली से मिलती-जुलती है?

   A) मधुबनी शैली

   B) दक्कनी शैली

   C) मैसूर पेंटिंग

   D) पहाड़ी शैली

   ✔ उत्तर: C) मैसूर पेंटिंग

   📌 व्याख्या: तंजौर कला मैसूर पेंटिंग से मिलती-जुलती है क्योंकि दोनों में सोने की पत्ती और समान विषय-वस्तु का उपयोग होता है।

19. तंजौर कला का मुख्य केंद्र किस शहर में है?

   A) मदुरै

   B) चेन्नई

   C) तंजावुर

   D) त्रिची

   ✔ उत्तर: C) तंजावुर

   📌 व्याख्या: तंजौर चित्रकला का मुख्य केंद्र तमिलनाडु का तंजावुर (Thanjavur) शहर है।

20. तंजौर चित्रकला में कितने परतों में रंग चढ़ाया जाता है?

   A) एक परत

   B) दो परत

   C) तीन या अधिक परतें

   D) रंग नहीं चढ़ाया जाता

   ✔ उत्तर: C) तीन या अधिक परतें

   📌 व्याख्या: तंजौर कला में रंग तीन या अधिक परतों में चढ़ाया जाता है जिससे गहराई और चमक आती है।

21. तंजौर चित्रकला में किन रंगों का उपयोग परंपरागत रूप से होता था?

   A) केवल रासायनिक रंग

   B) प्राकृतिक खनिज और वनस्पति रंग

   C) केवल जल रंग

   D) तेल रंग

   ✔ उत्तर: B) प्राकृतिक खनिज और वनस्पति रंग

   📌 व्याख्या: परंपरागत तंजौर कला में प्राकृतिक खनिज और वनस्पति रंगों का उपयोग किया जाता था।

22. तंजौर चित्रकला में देवताओं की आँखें कैसी बनाई जाती हैं?

   A) बंद

   B) छोटी और संकरी

   C) बड़ी और विस्तृत

   D) तिरछी

   ✔ उत्तर: C) बड़ी और विस्तृत

   📌 व्याख्या: तंजौर कला में देवताओं की आँखें बड़ी, गोलाकार और विस्तृत बनाई जाती हैं जो उनकी दिव्यता को दर्शाती हैं।

23. तंजौर कला में पुष्प और अलंकार किस शैली में बनाए जाते हैं?

   A) यथार्थवादी

   B) अमूर्त

   C) शैलीबद्ध और अलंकृत

   D) मिनिएचर

   ✔ उत्तर: C) शैलीबद्ध और अलंकृत

   📌 व्याख्या: तंजौर कला में पुष्प और अलंकार अत्यंत शैलीबद्ध और अलंकृत तरीके से बनाए जाते हैं।

24. तंजौर कला की परंपरा किस समुदाय ने विकसित की?

   A) नायक समुदाय

   B) राजपूत समुदाय

   C) नट्टूकोट्टई चेट्टियार

   D) वेल्लाल समुदाय

   ✔ उत्तर: A) नायक समुदाय

   📌 व्याख्या: तंजौर कला की परंपरा मूलतः नायक शासकों के संरक्षण में राजा-रावजी चित्रकारों द्वारा विकसित की गई।

25. तंजौर पेंटिंग में ‘गोपी’ का चित्रण किससे संबंधित है?

   A) राम की कथा से

   B) कृष्ण की कथा से

   C) शिव की कथा से

   D) दुर्गा की कथा से

   ✔ उत्तर: B) कृष्ण की कथा से

   📌 व्याख्या: तंजौर कला में ‘गोपी’ का चित्रण भगवान कृष्ण की लीलाओं और कथाओं से संबंधित है।

तंजौर चित्रकला MCQ हिंदी में पढ़ना उन सभी विद्यार्थियों के लिए लाभकारी है जो UPSC, SSC, State PSC, कला परीक्षाओं या भारतीय संस्कृति की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। तंजौर चित्रकला के ये प्रश्न-उत्तर आपको परीक्षा में उत्कृष्ट अंक दिलाने में सहायक होंगे।

तंजौर चित्रकला MCQ — प्रश्न 26 से 50

26. Tanjore Painting में सोने की पत्ती लगाने की प्रक्रिया को क्या कहते हैं?

   A) गिल्डिंग

   B) एम्बॉसिंग

   C) टेम्परिंग

   D) वार्निशिंग

   ✔ उत्तर: A) गिल्डिंग

   📌 व्याख्या: Tanjore Painting में सोने की पत्ती लगाने की प्रक्रिया को ‘गिल्डिंग’ (Gilding) कहा जाता है।

27. Tanjore Painting का संरक्षण किसने किया?

   A) अंग्रेज़ों ने

   B) मराठा राजाओं ने

   C) मुगल बादशाहों ने

   D) पल्लव राजाओं ने

   ✔ उत्तर: B) मराठा राजाओं ने

   📌 व्याख्या: तंजौर चित्रकला का महत्वपूर्ण संरक्षण और प्रोत्साहन मराठा राजाओं ने विशेषकर 18वीं सदी में किया।

28. Tanjore Painting में चित्र का केंद्रीय भाग किससे बना होता है?

   A) केवल रंग से

   B) उभरी हुई आकृति से सजा

   C) कपड़े से

   D) धातु से

   ✔ उत्तर: B) उभरी हुई आकृति से सजा

   📌 व्याख्या: तंजौर चित्र में केंद्रीय भाग उभरी हुई और सुसज्जित आकृति से बना होता है जिसमें सोना और रत्न जड़े होते हैं।

29. तंजौर चित्रकला में किस पक्षी का चित्रण अधिक होता है?

   A) मोर

   B) तोता

   C) हंस

   D) कोकिल

   ✔ उत्तर: A) मोर

   📌 व्याख्या: तंजौर चित्रकला में मोर का चित्रण अधिक होता है जो भारतीय परंपरा में शुभता और सुंदरता का प्रतीक है।

30. तंजौर चित्रकला को ‘पल्लगई पदम’ किस भाषा में कहते हैं?

   A) तेलुगु

   B) तमिल

   C) कन्नड़

   D) मलयालम

   ✔ उत्तर: B) तमिल

   📌 व्याख्या: तंजौर चित्रकला को तमिल भाषा में ‘पल्लगई पदम’ कहा जाता है जिसका अर्थ है तख्ते पर बनी तस्वीर।

31. तंजौर चित्रों में आभूषणों को कैसे दर्शाया जाता है?

   A) सरल रेखाओं से

   B) असली रत्नों और कांच से सजाकर

   C) केवल रंग से

   D) धातु की तारों से

   ✔ उत्तर: B) असली रत्नों और कांच से सजाकर

   📌 व्याख्या: तंजौर चित्रों में आभूषणों को असली या नकली रत्नों, मोतियों और कांच से सजाकर त्रि-आयामी दिखाया जाता है।

32. तंजौर चित्रकला में ‘राजा रावजी’ कौन थे?

   A) एक मराठा राजा

   B) एक प्रसिद्ध चित्रकार समुदाय

   C) एक मंदिर का नाम

   D) एक देवता

   ✔ उत्तर: B) एक प्रसिद्ध चित्रकार समुदाय

   📌 व्याख्या: Tanjore Painting में ‘राजा रावजी’ उन चित्रकार परिवारों का उल्लेख है जिन्होंने इस कला को पीढ़ी-दर-पीढ़ी संजोया।

33. तंजौर चित्रकला में चित्र के चारों ओर बॉर्डर को क्या कहते हैं?

   A) परिधि

   B) किनारी/बॉर्डर

   C) मंडल

   D) वेष्टन

   ✔ उत्तर: B) किनारी/बॉर्डर

   📌 व्याख्या: तंजौर चित्रों में चारों ओर एक अलंकृत और रंगीन बॉर्डर/किनारी होती है जो चित्र को सम्पूर्ण रूप देती है।

34. तंजौर चित्रकला में प्रयुक्त सोने की पत्ती की शुद्धता कितनी होती है?

   A) 18 कैरेट

   B) 22 कैरेट

   C) 24 कैरेट

   D) 12 कैरेट

   ✔ उत्तर: C) 24 कैरेट

   📌 व्याख्या: परंपरागत Tanjore Painting में 24 कैरेट शुद्ध सोने की पत्ती का उपयोग किया जाता था।

35. तंजौर चित्रकला की तुलना किस यूरोपीय कला से की जाती है?

   A) फ्रेस्को

   B) बिजेंटाइन आइकन पेंटिंग

   C) इम्प्रेशनिज्म

   D) बारोक

   ✔ उत्तर: B) बिजेंटाइन आइकन पेंटिंग

   📌 व्याख्या: Tanjore Painting की तुलना बिजेंटाइन आइकन पेंटिंग से की जाती है क्योंकि दोनों में सोने का उपयोग और धार्मिक विषय-वस्तु है।

36. Tanjore Painting में ‘मेट्टू काथु’ क्या है?

   A) एक प्रकार का रंग

   B) उभरी हुई आकृति बनाने की तकनीक

   C) एक प्रकार का तूलिका

   D) सोने की पत्ती

   ✔ उत्तर: B) उभरी हुई आकृति बनाने की तकनीक

   📌 व्याख्या: Tanjore Painting में ‘मेट्टू काथु’ उभरी हुई आकृति (relief work) बनाने की विशेष तकनीक को कहा जाता है।

37. तंजावुर कला में किस प्रकार की कहानियाँ दर्शाई जाती हैं?

   A) ऐतिहासिक कहानियाँ

   B) पौराणिक और धार्मिक कथाएँ

   C) लोककथाएँ

   D) राजनैतिक घटनाएँ

   ✔ उत्तर: B) पौराणिक और धार्मिक कथाएँ

   📌 व्याख्या: Tanjore Painting में मुख्यतः हिन्दू पौराणिक और धार्मिक कथाओं जैसे रामायण, महाभारत का चित्रण होता है।

38. तंजावुर कला का विकास किस प्रदेश की चित्रकला परंपरा से हुआ?

   A) राजस्थान

   B) विजयनगर साम्राज्य की चित्रकला

   C) बंगाल

   D) ओडिशा

   ✔ उत्तर: B) विजयनगर साम्राज्य की चित्रकला

   📌 व्याख्या: Tanjore Painting का विकास विजयनगर साम्राज्य की चित्रकला परंपरा और दक्षिण भारतीय शैली से हुआ।

39. तंजावुर कला में वस्त्रों का रंग कैसा होता है?

   A) एकरंगी

   B) फीका और हल्का

   C) चमकीला और बहुरंगी

   D) केवल सफेद

   ✔ उत्तर: C) चमकीला और बहुरंगी

   📌 व्याख्या: तंतंजावुर कला में पात्रों के वस्त्र चमकीले, बहुरंगी और विस्तृत अलंकरण से युक्त होते हैं।

40. तंजौर चित्रकला में ‘लक्ष्मी’ का चित्रण किस रूप में किया जाता है?

   A) खड़े हुए रूप में

   B) कमल पर बैठे हुए

   C) युद्ध मुद्रा में

   D) नृत्य मुद्रा में

   ✔ उत्तर: B) कमल पर बैठे हुए

   📌 व्याख्या: तंजावुर कला में देवी लक्ष्मी को प्रायः कमल पर बैठे हुए और सोने के गहनों से सुसज्जित दिखाया जाता है।

41. तंजावुर कला को किस संस्था द्वारा प्रमाणित किया जाता है?

   A) नेशनल गैलरी ऑफ आर्ट

   B) भौगोलिक संकेत रजिस्ट्री

   C) UNESCO

   D) NCERT

   ✔ उत्तर: B) भौगोलिक संकेत रजिस्ट्री

   📌 व्याख्या: तंजौर चित्रकला को GI (भौगोलिक संकेत) रजिस्ट्री द्वारा प्रमाणित किया जाता है।

42. तंजावुर कला में ‘नायक’ शैली का प्रभाव क्यों दिखता है?

   A) क्योंकि नायक राजाओं ने इसे शुरू किया

   B) क्योंकि नायक राजाओं ने इसे संरक्षण दिया

   C) क्योंकि यह नायक राजाओं के लिए बनाई जाती थी

   D) उपरोक्त सभी

   ✔ उत्तर: D) उपरोक्त सभी

   📌 व्याख्या: नायक राजाओं ने तंजौर चित्रकला को शुरू करने, संरक्षण देने और प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

43. तंजावुर कला में ‘बालकृष्ण’ का चित्रण किस रूप में होता है?

   A) योद्धा रूप में

   B) माखन चुराते हुए

   C) नृत्य करते हुए केवल

   D) सोते हुए

   ✔ उत्तर: B) माखन चुराते हुए

   📌 व्याख्या: तंजौर चित्रकला में बालकृष्ण को प्रायः माखन चुराते हुए और खेलते हुए बच्चे के रूप में चित्रित किया जाता है।

44. तंजौर कला का आकार सामान्यतः कैसा होता है?

   A) बहुत छोटा (मिनिएचर)

   B) बड़ा और आयताकार

   C) त्रिभुजाकार

   D) गोलाकार

   ✔ उत्तर: B) बड़ा और आयताकार

   📌 व्याख्या: तंजावुर कला सामान्यतः बड़े आकार में और आयताकार या वर्गाकार आकार में बनाई जाती है।

45. तंजौर कला के चित्रों को किस अवसर पर भेंट किया जाता था?

   A) युद्ध में विजय पर

   B) धार्मिक उत्सवों और विवाह पर

   C) व्यापार में सफलता पर

   D) जन्मदिन पर

   ✔ उत्तर: B) धार्मिक उत्सवों और विवाह पर

   📌 व्याख्या: तंजावुर कला के चित्र विशेषकर धार्मिक उत्सवों, विवाह और शुभ अवसरों पर उपहार में दिए जाते थे।

46. तंजावुर कला के कलाकारों को क्या कहा जाता था?

   A) शिल्पकार

   B) चित्राकार

   C) नट्टुवनार

   D) राजा रावजी

   ✔ उत्तर: D) राजा रावजी

   📌 व्याख्या: तंतंजावुर कला के कलाकारों को परंपरागत रूप से ‘राजा रावजी’ या ‘चित्रकार’ कहा जाता था।

47. तंजौर चित्रकला में ‘अष्टलक्ष्मी’ का चित्रण किसे दर्शाता है?

   A) आठ प्रकार के युद्ध

   B) लक्ष्मी के आठ रूप

   C) आठ ऋतुएँ

   D) आठ दिशाएँ

   ✔ उत्तर: B) लक्ष्मी के आठ रूप

   📌 व्याख्या: तंजौर चित्रकला में ‘अष्टलक्ष्मी’ देवी लक्ष्मी के आठ विभिन्न रूपों का सामूहिक चित्रण है।

48. तंजौर चित्रकला में कौन सा उपकरण मुख्यतः रंग भरने के लिए प्रयुक्त होता है?

   A) स्पंज

   B) पतली तूलिका (ब्रश)

   C) कलम

   D) उँगली

   ✔ उत्तर: B) पतली तूलिका (ब्रश)

   📌 व्याख्या: तंजौर चित्रकला में रंग भरने के लिए मुख्यतः पतली और बारीक तूलिका (ब्रश) का उपयोग किया जाता है।

49. तंजौर चित्रकला में ‘त्रिपुरासुंदरी’ किसे कहते हैं?

   A) एक प्रकार का रंग

   B) देवी पार्वती का एक रूप

   C) एक प्रकार का पुष्प

   D) सोने का आभूषण

   ✔ उत्तर: B) देवी पार्वती का एक रूप

   📌 व्याख्या: तंजौर चित्रकला में ‘त्रिपुरासुंदरी’ देवी पार्वती/दुर्गा के एक विशेष रूप को कहते हैं।

50. तंजौर चित्रकला में पारंपरिक रूप से चित्र किसे समर्पित किए जाते थे?

   A) राजा को

   B) देवी-देवताओं को

   C) व्यापारियों को

   D) सेना को

   ✔ उत्तर: B) देवी-देवताओं को

   📌 व्याख्या: तंजौर चित्रकला के चित्र पारंपरिक रूप से हिन्दू देवी-देवताओं को समर्पित और पूजा के लिए बनाए जाते थे।

तंजौर चित्रकला (Tanjore Painting) की विशेषता है कि इसमें सोने की पत्ती, रत्नों और उभरी आकृतियों का अद्भुत संगम होता है। तंजौर चित्रकला MCQ के ये प्रश्न आपको इस अनूठी कला के हर पहलू — इतिहास, तकनीक, सामग्री, प्रतीकवाद और आधुनिक महत्व — से परिचित कराते हैं।

तंजौर चित्रकला MCQ — प्रश्न 51 से 75

51. तंजौर चित्रकला में ‘वेणुगोपाल’ किसे कहते हैं?

   A) एक चित्रकार का नाम

   B) बाँसुरी बजाते हुए कृष्ण

   C) एक प्रकार की तूलिका

   D) सोने की पत्ती का प्रकार

   ✔ उत्तर: B) बाँसुरी बजाते हुए कृष्ण

   📌 व्याख्या: तंजौर चित्रकला में ‘वेणुगोपाल’ बाँसुरी (वेणु) बजाते हुए भगवान कृष्ण के रूप को कहते हैं।

52. तंजौर चित्रकला में रत्नों को जोड़ने के लिए किस चीज़ का उपयोग होता है?

   A) सीमेंट

   B) प्राकृतिक गोंद/एडहेसिव

   C) लोहे की कील

   D) धागा

   ✔ उत्तर: B) प्राकृतिक गोंद/एडहेसिव

   📌 व्याख्या: तंजौर चित्रकला में रत्नों और कांच को जोड़ने के लिए प्राकृतिक गोंद/एडहेसिव का उपयोग किया जाता है।

53. तंजौर चित्रकला का संग्रह किस प्रसिद्ध संग्रहालय में है?

   A) ब्रिटिश म्यूजियम

   B) तंजावुर आर्ट गैलरी (राजा सरफ़ोजी म्यूजियम)

   C) लूव्र म्यूजियम

   D) राष्ट्रीय संग्रहालय, दिल्ली

   ✔ उत्तर: B) तंजावुर आर्ट गैलरी (राजा सरफ़ोजी म्यूजियम)

   📌 व्याख्या: तंजावुर आर्ट गैलरी (राजा सरफ़ोजी महाराज म्यूजियम) में तंजौर चित्रकला का एक महत्वपूर्ण संग्रह है।

54. तंजौर चित्रकला में ‘गणपति’ का चित्रण कैसे होता है?

   A) युद्ध मुद्रा में

   B) बैठे हुए और मोदक के साथ

   C) नृत्य मुद्रा में

   D) दौड़ते हुए

   ✔ उत्तर: B) बैठे हुए और मोदक के साथ

   📌 व्याख्या: तंजौर चित्रकला में गणपति को प्रायः बैठे हुए और हाथ में मोदक लिए हुए दिखाया जाता है।

55. तंजौर चित्रकला में परिधान की सजावट में कौन सी चीज़ उपयोग होती है?

   A) केवल रंग

   B) रत्न, कांच और सोने की पत्ती

   C) कढ़ाई

   D) बुनाई

   ✔ उत्तर: B) रत्न, कांच और सोने की पत्ती

   📌 व्याख्या: Tanjore Art में परिधान की सजावट रत्न, कांच और सोने की पत्ती से होती है जो चित्र को भव्य बनाती है।

56. Tanjore Art किस प्रकार की कला की श्रेणी में आती है?

   A) लोक कला

   B) शास्त्रीय/पारंपरिक दक्षिण भारतीय कला

   C) आधुनिक कला

   D) जनजातीय कला

   ✔ उत्तर: B) शास्त्रीय/पारंपरिक दक्षिण भारतीय कला

   📌 व्याख्या: तंजौर चित्रकला शास्त्रीय और पारंपरिक दक्षिण भारतीय कला की एक प्रमुख शाखा है।

57. तंजौर चित्रकला में ‘साई’ क्या है?

   A) एक प्रकार का रंग

   B) पतली सोने की लकीर/बॉर्डर

   C) एक देवता का नाम

   D) चित्र का आधार

   ✔ उत्तर: B) पतली सोने की लकीर/बॉर्डर

   📌 व्याख्या: तंजौर चित्रकला में ‘साई’ पतली सोने की लकीर या बॉर्डर को कहते हैं जो आकृतियों को सुंदर बनाती है।

58. Tanjore Art और मैसूर चित्रकला में मुख्य अंतर क्या है?

   A) रंग का अंतर

   B) तंजौर में ज्यादा उभार (relief) और रत्न होते हैं

   C) विषय-वस्तु का अंतर

   D) आकार का अंतर

   ✔ उत्तर: B) तंजौर में ज्यादा उभार (relief) और रत्न होते हैं

   📌 व्याख्या: Tanjore Art में मैसूर की तुलना में अधिक उभार (relief work) और असली रत्न-पत्थर लगाए जाते हैं।

59. तंजौर चित्रकला में ‘नवग्रह’ का चित्रण किसे दर्शाता है?

   A) नौ ग्रहों के देवता

   B) नौ रंग

   C) नौ राजा

   D) नौ प्रकार के फूल

   ✔ उत्तर: A) नौ ग्रहों के देवता

   📌 व्याख्या: Tanjore Art में ‘नवग्रह’ सूर्य, चंद्र, मंगल आदि नौ ग्रहों के देवताओं का चित्रण है।

60. तंजौर चित्रकला को पुनर्जीवित करने का श्रेय किसे दिया जाता है?

   A) ब्रिटिश सरकार को

   B) तंजावुर के राजा सरफ़ोजी को

   C) केंद्र सरकार को

   D) UNESCO को

   ✔ उत्तर: B) तंजावुर के राजा सरफ़ोजी को

   📌 व्याख्या: तंजावुर के राजा सरफ़ोजी द्वितीय को Tanjore Art को पुनर्जीवित और संरक्षित करने का श्रेय दिया जाता है।

61. तंजावुर Art में ‘राधा-कृष्ण’ का चित्रण किस भाव में होता है?

   A) युद्ध भाव में

   B) प्रेम और भक्ति भाव में

   C) क्रोध भाव में

   D) विषाद भाव में

   ✔ उत्तर: B) प्रेम और भक्ति भाव में

   📌 व्याख्या: तंजावुर Art में राधा-कृष्ण का चित्रण प्रायः प्रेम, भक्ति और दिव्य सौंदर्य के भाव में होता है।

62. तंजौर चित्रकला में उपयोग होने वाले कपड़े का प्रकार क्या है?

   A) रेशम का कपड़ा

   B) मोटा सूती कपड़ा

   C) जूट का कपड़ा

   D) नायलॉन का कपड़ा

   ✔ उत्तर: B) मोटा सूती कपड़ा

   📌 व्याख्या: तंजौर चित्रकला में आधार तैयार करने के लिए मोटे सूती कपड़े को लकड़ी पर चिपकाया जाता है।

63. तंजौर चित्रकला कितने प्रकार की होती है?

   A) केवल एक प्रकार

   B) दो प्रकार – पारंपरिक और आधुनिक

   C) तीन प्रकार

   D) चार प्रकार

   ✔ उत्तर: B) दो प्रकार – पारंपरिक और आधुनिक

   📌 व्याख्या: तंजौर चित्रकला मुख्यतः दो प्रकार की होती है – पारंपरिक (Traditional) और आधुनिक (Contemporary)।

64. तंजौर चित्रकला में ‘दशावतार’ का चित्रण किसके दस अवतारों को दर्शाता है?

   A) शिव के

   B) विष्णु के

   C) ब्रह्मा के

   D) इंद्र के

   ✔ उत्तर: B) विष्णु के

   📌 व्याख्या: तंजौर चित्रकला में ‘दशावतार’ भगवान विष्णु के दस अवतारों – मत्स्य, कूर्म, वराह आदि का चित्रण है।

65. तंजौर चित्रकला में किस प्रसिद्ध मंदिर से प्रेरणा मिली?

   A) काशी विश्वनाथ मंदिर

   B) बृहदेश्वर मंदिर (Big Temple), तंजावुर

   C) तिरुपति मंदिर

   D) मीनाक्षी मंदिर

   ✔ उत्तर: B) बृहदेश्वर मंदिर (Big Temple), तंजावुर

   📌 व्याख्या: तंजौर चित्रकला को तंजावुर के प्रसिद्ध बृहदेश्वर मंदिर (Big Temple) की वास्तुकला और शैली से प्रेरणा मिली।

66. तंजौर चित्रकला में ‘सरस्वती’ का चित्रण कैसे होता है?

   A) युद्ध मुद्रा में

   B) वीणा के साथ बैठे हुए

   C) नृत्य मुद्रा में

   D) हाथी पर सवार

   ✔ उत्तर: B) वीणा के साथ बैठे हुए

   📌 व्याख्या: तंजौर चित्रकला में देवी सरस्वती को वीणा के साथ बैठे हुए और पुस्तक सहित दिखाया जाता है।

67. तंजौर चित्रकला में ‘शिव नटराज’ का चित्रण किस मुद्रा में होता है?

   A) बैठे हुए

   B) तांडव नृत्य मुद्रा में

   C) युद्ध मुद्रा में

   D) ध्यान मुद्रा में

   ✔ उत्तर: B) तांडव नृत्य मुद्रा में

   📌 व्याख्या: तंजौर चित्रकला में ‘शिव नटराज’ को ब्रह्मांडीय तांडव नृत्य की मुद्रा में दिखाया जाता है।

68. तंजौर चित्रकला में कांच के टुकड़ों को क्या कहते हैं?

   A) शीशा

   B) काच काम (Glass Work)

   C) रत्न काम

   D) चमक काम

   ✔ उत्तर: B) काच काम (Glass Work)

   📌 व्याख्या: तंजौर चित्रकला में कांच के टुकड़ों को ‘काच काम’ कहते हैं जो चित्र में चमक और सजावट के लिए लगाए जाते हैं।

69. तंजौर चित्रकला बनाने में कितना समय लगता है?

   A) कुछ घंटे

   B) एक दिन

   C) कई सप्ताह से महीने

   D) एक वर्ष से अधिक

   ✔ उत्तर: C) कई सप्ताह से महीने

   📌 व्याख्या: एक उत्कृष्ट तंजौर चित्र बनाने में सप्ताहों से महीनों तक का समय लग सकता है क्योंकि इसमें कई जटिल चरण होते हैं।

70. तंजौर चित्रकला में सबसे महंगा घटक कौन सा है?

   A) रंग

   B) लकड़ी का तख्ता

   C) सोने की पत्ती

   D) कपड़ा

   ✔ उत्तर: C) सोने की पत्ती

   📌 व्याख्या: तंजौर चित्रकला में सबसे महंगा घटक 24 कैरेट सोने की पत्ती है जो चित्र को मूल्यवान बनाती है।

71. तंजौर चित्रकला में ‘चेज़्ड मेटल वर्क’ क्या है?

   A) धातु की मूर्ति

   B) धातु की उकेरी हुई पृष्ठभूमि

   C) धातु का फ्रेम

   D) धातु की तूलिका

   ✔ उत्तर: B) धातु की उकेरी हुई पृष्ठभूमि

   📌 व्याख्या: तंजौर चित्रकला में ‘चेज़्ड मेटल वर्क’ धातु पर उकेरकर बनाई गई पृष्ठभूमि या अलंकरण को कहते हैं।

72. तंजौर चित्रकला में ‘दुर्गा’ का चित्रण किस रूप में होता है?

   A) शांत रूप में

   B) महिषासुर मर्दिनी रूप में

   C) नृत्य रूप में

   D) बैठे हुए ध्यान में

   ✔ उत्तर: B) महिषासुर मर्दिनी रूप में

   📌 व्याख्या: तंजौर चित्रकला में दुर्गा को प्रायः महिषासुरमर्दिनी (महिषासुर का वध करती हुई) रूप में दिखाया जाता है।

73. तंजौर चित्रकला का परिधि से बाहर का क्षेत्र क्या दर्शाता है?

   A) देवताओं के रथ

   B) प्रकृति के दृश्य

   C) अलंकृत पुष्प और लता-बेलें

   D) ऐतिहासिक घटनाएँ

   ✔ उत्तर: C) अलंकृत पुष्प और लता-बेलें

   📌 व्याख्या: तंजौर चित्रकला में परिधि (बॉर्डर) के बाहरी हिस्से में अलंकृत पुष्प, लता-बेलें और ज्यामितीय पैटर्न दिखाए जाते हैं।

74. तंजौर चित्रकला के संदर्भ में ‘कलमकारी’ क्या है?

   A) एक प्रकार की तूलिका

   B) एक संबद्ध कला शैली

   C) सोने की पत्ती का प्रकार

   D) चित्र का आधार

   ✔ उत्तर: B) एक संबद्ध कला शैली

   📌 व्याख्या: कलमकारी एक अन्य दक्षिण भारतीय कला शैली है जो तंजौर चित्रकला से भिन्न लेकिन संबद्ध परंपरा में है।

75. तंजौर चित्रकला की प्रमुख विशेषता ‘त्रि-आयामीय प्रभाव’ कैसे प्राप्त होता है?

   A) केवल रंग से

   B) उभार (relief) और रत्नों से

   C) छाया-प्रकाश तकनीक से

   D) पारदर्शी परत से

   ✔ उत्तर: B) उभार (relief) और रत्नों से

   📌 व्याख्या: तंजौर चित्रकला में त्रि-आयामीय प्रभाव उभरी हुई आकृतियों (relief work) और जड़े हुए रत्नों से प्राप्त होता है।

तंजौर चित्रकला MCQ in Hindi का यह संग्रह indianarthistory.com द्वारा तैयार किया गया है। भारतीय कला के बारे में और अधिक जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएँ। तंजौर पेंटिंग न केवल एक धार्मिक कला है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक धरोहर का जीवंत प्रमाण भी है।

तंजौर चित्रकला MCQ — प्रश्न 76 से 100

76. तंजौर चित्रकला में ‘हनुमान’ का चित्रण कैसे होता है?

   A) बैठे हुए

   B) राम की भक्ति में खड़े या उड़ते हुए

   C) युद्ध करते हुए केवल

   D) ध्यान मुद्रा में

   ✔ उत्तर: B) राम की भक्ति में खड़े या उड़ते हुए

   📌 व्याख्या: तंजौर चित्रकला में हनुमान को प्रायः राम की भक्ति में खड़े, उड़ते या संजीवनी पर्वत उठाए हुए दिखाया जाता है।

77. तंजौर चित्रकला में प्रकाश और छाया (shading) का प्रयोग कैसा होता है?

   A) बहुत जटिल और यथार्थवादी

   B) न्यूनतम, सपाट रंग भराई

   C) केवल गहरे रंग

   D) केवल हल्के रंग

   ✔ उत्तर: B) न्यूनतम, सपाट रंग भराई

   📌 व्याख्या: तंजौर चित्रकला में शेडिंग न्यूनतम होती है और रंग सपाट (flat) तरीके से भरे जाते हैं।

78. तंजौर चित्रकला में ‘वेंकटेश्वर’ का चित्रण किसका है?

   A) शिव का

   B) विष्णु के एक रूप का

   C) ब्रह्मा का

   D) इंद्र का

   ✔ उत्तर: B) विष्णु के एक रूप का

   📌 व्याख्या: तंजौर चित्रकला में ‘वेंकटेश्वर’ भगवान विष्णु के एक रूप का चित्रण है जो तिरुपति मंदिर से संबंधित है।

79. तंजौर चित्रकला की कीमत किस पर निर्भर करती है?

   A) केवल आकार पर

   B) आकार, सोने की मात्रा और रत्नों पर

   C) केवल चित्रकार की प्रसिद्धि पर

   D) केवल रंगों पर

   ✔ उत्तर: B) आकार, सोने की मात्रा और रत्नों पर

   📌 व्याख्या: तंजौर चित्रकला की कीमत चित्र के आकार, प्रयुक्त सोने की मात्रा, रत्नों और कलाकार की दक्षता पर निर्भर करती है।

80. तंजौर चित्रकला में ‘नंदी’ का चित्रण किस देवता के साथ होता है?

   A) विष्णु

   B) शिव

   C) ब्रह्मा

   D) इंद्र

   ✔ उत्तर: B) शिव

   📌 व्याख्या: तंजौर चित्रकला में नंदी (बैल) का चित्रण भगवान शिव के वाहन के रूप में शिव के साथ होता है।

81. तंजौर चित्रकला का निर्यात मुख्यतः किन देशों में होता है?

   A) केवल यूरोप में

   B) अमेरिका, यूरोप और दक्षिण-पूर्व एशिया में

   C) केवल अमेरिका में

   D) अफ्रीका में

   ✔ उत्तर: B) अमेरिका, यूरोप और दक्षिण-पूर्व एशिया में

   📌 व्याख्या: तंजौर चित्रकला का निर्यात मुख्यतः अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण-पूर्व एशिया में होता है।

82. तंजौर चित्रकला में उपयोग होने वाली श्रेष्ठ लकड़ी कौन सी है?

   A) बाँस

   B) सागवान (टीक)

   C) देवदार

   D) चंदन

   ✔ उत्तर: B) सागवान (टीक)

   📌 व्याख्या: तंजौर चित्रकला में लकड़ी के तख्ते के लिए सागवान (टीक) की लकड़ी सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है।

83. तंजौर चित्रकला में ‘पंचभूत’ का चित्रण क्या दर्शाता है?

   A) पाँच राजाओं को

   B) पाँच तत्वों (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश) को

   C) पाँच रंगों को

   D) पाँच देवताओं को

   ✔ उत्तर: B) पाँच तत्वों (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश) को

   📌 व्याख्या: तंजौर चित्रकला में ‘पंचभूत’ सृष्टि के पाँच मूलभूत तत्वों – पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश को दर्शाता है।

84. तंजौर चित्रकला में ‘अर्धनारीश्वर’ का चित्रण किसे दर्शाता है?

   A) आधे शिव और आधी पार्वती

   B) आधे विष्णु और आधी लक्ष्मी

   C) दो देवताओं का युद्ध

   D) एक राजा और रानी

   ✔ उत्तर: A) आधे शिव और आधी पार्वती

   📌 व्याख्या: तंजावुर Art में ‘अर्धनारीश्वर’ शिव और पार्वती के अर्ध-पुरुष, अर्ध-नारी रूप को दर्शाता है।

85. तंजावुर कला में रत्नों की जड़ाई कब की जाती है?

   A) चित्र बनाने से पहले

   B) सोने की पत्ती लगाने से पहले

   C) रंग भरने के बाद

   D) रंग भरने से पहले

   ✔ उत्तर: C) रंग भरने के बाद

   📌 व्याख्या: तंजावुर Art में रत्नों की जड़ाई रंग भरने के बाद की जाती है, जब चित्र लगभग पूरा हो जाता है।

86. तंजावुर कला में ‘रामायण’ के किस दृश्य का चित्रण अधिक होता है?

   A) राम-रावण युद्ध

   B) राम-सीता विवाह और पट्टाभिषेक

   C) वनवास

   D) लंका दहन

   ✔ उत्तर: B) राम-सीता विवाह और पट्टाभिषेक

   📌 व्याख्या: तंजावुर कला में रामायण के राम-सीता विवाह, पट्टाभिषेक और राम-दरबार के दृश्य अधिक चित्रित होते हैं।

87. तंजावुर Art में ‘मुरुगन’ का चित्रण किस धर्म से संबंधित है?

   A) बौद्ध धर्म

   B) शैव/हिन्दू धर्म

   C) जैन धर्म

   D) वैष्णव धर्म

   ✔ उत्तर: B) शैव/हिन्दू धर्म

   📌 व्याख्या: तंजावुर कला में ‘मुरुगन’ (कार्तिकेय/सुब्रह्मण्यम) का चित्रण शैव हिन्दू धर्म से संबंधित है।

88. तंजौर चित्रकला का आधुनिक समय में प्रमुख उपयोग क्या है?

   A) मंदिर सजाने में

   B) गृह सज्जा और उपहार के रूप में

   C) शिक्षा में

   D) राजनीतिक प्रयोजनों में

   ✔ उत्तर: B) गृह सज्जा और उपहार के रूप में

   📌 व्याख्या: आधुनिक समय में तंजावुर कला का प्रमुख उपयोग गृह सज्जा (home decor) और विशेष उपहार के रूप में होता है।

89. तंजावुर Art में ‘कमल’ (lotus) का प्रतीकात्मक अर्थ क्या है?

   A) शक्ति और युद्ध

   B) पवित्रता, सौंदर्य और दिव्यता

   C) धन और व्यापार

   D) मृत्यु और विनाश

   ✔ उत्तर: B) पवित्रता, सौंदर्य और दिव्यता

   📌 व्याख्या: तंजौर चित्रकला में कमल पवित्रता, सौंदर्य और दिव्यता का प्रतीक है तथा देवताओं के आसन के रूप में प्रयुक्त होता है।

90. तंजौर चित्रकला में ‘अलंकरण’ (ornamentation) का क्या महत्व है?

   A) केवल सौंदर्य के लिए

   B) धार्मिक प्रतीकवाद और सौंदर्य दोनों के लिए

   C) चित्र को मजबूत बनाने के लिए

   D) रंग छुपाने के लिए

   ✔ उत्तर: B) धार्मिक प्रतीकवाद और सौंदर्य दोनों के लिए

   📌 व्याख्या: तंजौर चित्रकला में अलंकरण धार्मिक प्रतीकवाद और सौंदर्य दोनों दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

91. तंजावुर कला में ‘तिलक’ या माथे पर चिह्न किसका प्रतीक है?

   A) राजनीतिक पहचान

   B) देवता की पहचान और संप्रदाय

   C) कलाकार का हस्ताक्षर

   D) सुरक्षा चिह्न

   ✔ उत्तर: B) देवता की पहचान और संप्रदाय

   📌 व्याख्या: तंजावुर Art में माथे का तिलक/चिह्न देवता की पहचान और संप्रदाय (वैष्णव/शैव) को दर्शाता है।

92. तंजावुर कला में ‘आभामंडल’ (halo) किसका प्रतीक है?

   A) धन-समृद्धि

   B) दिव्यता और पवित्रता

   C) युद्ध-शक्ति

   D) प्रकृति-प्रेम

   ✔ उत्तर: B) दिव्यता और पवित्रता

   📌 व्याख्या: तंजावुर Art में देवताओं के सिर के पीछे ‘आभामंडल’ (halo) उनकी दिव्यता और पवित्रता का प्रतीक है।

93. तंजौर चित्रकला का संरक्षण और प्रचार किस सरकारी संस्था द्वारा किया जाता है?

   A) NITI आयोग

   B) हस्तशिल्प विकास आयुक्त (DC Handicrafts)

   C) रेलवे मंत्रालय

   D) शिक्षा मंत्रालय

   ✔ उत्तर: B) हस्तशिल्प विकास आयुक्त (DC Handicrafts)

   📌 व्याख्या: तंजौर चित्रकला का संरक्षण और प्रचार केंद्र सरकार के हस्तशिल्प विकास आयुक्त कार्यालय द्वारा किया जाता है।

94. तंजावुर Art में ‘कृष्ण लीला’ का चित्रण मुख्यतः किस ग्रंथ पर आधारित होता है?

   A) रामायण

   B) भागवत पुराण और महाभारत

   C) ऋग्वेद

   D) उपनिषद

   ✔ उत्तर: B) भागवत पुराण और महाभारत

   📌 व्याख्या: तंजौर चित्रकला में कृष्ण लीला का चित्रण मुख्यतः भागवत पुराण और महाभारत की कथाओं पर आधारित होता है।

95. तंजावुर कला में सोने की पत्ती लगाने से पहले क्या किया जाता है?

   A) चित्र को पानी में डुबोया जाता है

   B) एडहेसिव/गोंद लगाया जाता है

   C) सुखाया जाता है

   D) जलाया जाता है

   ✔ उत्तर: B) एडहेसिव/गोंद लगाया जाता है

   📌 व्याख्या: तंजौर चित्रकला में सोने की पत्ती लगाने से पहले उस क्षेत्र पर विशेष एडहेसिव/गोंद लगाया जाता है।

96. तंजौर चित्रकला में ‘विनायक’ किसका नाम है?

   A) एक चित्रकार का

   B) भगवान गणेश का एक नाम

   C) एक प्रकार का रंग

   D) सोने की पत्ती का प्रकार

   ✔ उत्तर: B) भगवान गणेश का एक नाम

   📌 व्याख्या: तंजौर चित्रकला में ‘विनायक’ भगवान गणेश का एक प्रचलित नाम है जो बाधाओं को दूर करने वाले देवता हैं।

97. तंजौर चित्रकला की वर्तमान पीढ़ी के प्रमुख केंद्र कहाँ हैं?

   A) मुंबई और दिल्ली में

   B) तंजावुर, कुंभकोणम और चेन्नई में

   C) जयपुर और उदयपुर में

   D) हैदराबाद और बंगलुरु में

   ✔ उत्तर: B) तंजावुर, कुंभकोणम और चेन्नई में

   📌 व्याख्या: तंजौर चित्रकला के वर्तमान प्रमुख केंद्र तंजावुर, कुंभकोणम और चेन्नई (तमिलनाडु) में हैं।

98. तंजौर चित्रकला में ‘अन्नपूर्णा’ का चित्रण किसे दिखाता है?

   A) धन की देवी

   B) अन्न और भोजन की देवी

   C) विद्या की देवी

   D) शक्ति की देवी

   ✔ उत्तर: B) अन्न और भोजन की देवी

   📌 व्याख्या: तंजावुर Art में ‘अन्नपूर्णा’ अन्न और भोजन की देवी का चित्रण है जो खाद्य का वरदान देती हैं।

99. तंजावुर Art में ‘शंख’ का प्रतीकात्मक अर्थ क्या है?

   A) शांति का संदेश

   B) दिव्य ध्वनि और विष्णु का चिह्न

   C) युद्ध का आह्वान

   D) समृद्धि का प्रतीक

   ✔ उत्तर: B) दिव्य ध्वनि और विष्णु का चिह्न

   📌 व्याख्या: तंजौर चित्रकला में ‘शंख’ दिव्य ध्वनि और भगवान विष्णु के चार प्रमुख प्रतीकों में से एक है।

100. तंजौर चित्रकला में ‘सुदर्शन चक्र’ किसका प्रतीक है?

   A) सूर्य देव का

   B) भगवान विष्णु का

   C) भगवान शिव का

   D) इंद्र देव का

   ✔ उत्तर: B) भगवान विष्णु का

   📌 व्याख्या: तंजावुर Art में ‘सुदर्शन चक्र’ भगवान विष्णु का दिव्य अस्त्र और उनकी पहचान का प्रमुख प्रतीक है।

तंजौर चित्रकला MCQ के माध्यम से हम इस कला के विभिन्न आयामों को जानते हैं — जैसे इसके मुख्य विषय, प्रयुक्त सामग्री, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, और समकालीन प्रासंगिकता। तंजौर पेंटिंग भारत की अमूल्य सांस्कृतिक विरासत है जिसे GI टैग से मान्यता मिली है।

निष्कर्ष (Conclusion)

तंजौर चित्रकला MCQ in Hindi का यह संग्रह भारतीय कला इतिहास के अध्येताओं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों और कला प्रेमियों के लिए अत्यंत उपयोगी है।

इन 100 प्रश्नों के माध्यम से आपने तंजौर चित्रकला के इतिहास, तकनीक, विषय-वस्तु, सामग्री और सांस्कृतिक महत्व को गहराई से जाना। तंजौर चित्रकला केवल एक कला नहीं है — यह भारत की सहस्राब्दियों पुरानी सांस्कृतिक परंपरा, धार्मिक आस्था और अपूर्व शिल्प-कौशल का जीवंत प्रतीक है। इसे GI Tag मिलना इस बात का प्रमाण है कि यह कला विश्व के सांस्कृतिक मानचित्र पर अपना विशेष स्थान रखती है।

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