नीचे लगभग 1000 शब्दों में “कला का अर्थ” विषय पर एक समग्र, परीक्षा-उपयोगी, वर्णनात्मक लेख दिया गया है, जो PGT / TGT / बोर्ड (20 अंक) के उत्तर के लिए पूर्णतः उपयुक्त है।
Table of Contents
भूमिका
मानव सभ्यता के विकास के साथ-साथ कला का भी निरंतर विकास हुआ है। जब मनुष्य ने अपने विचारों, भावनाओं और अनुभवों को अभिव्यक्त करने की आवश्यकता महसूस की, तभी कला का जन्म हुआ। कला मानव जीवन का अभिन्न अंग है। यह केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि मानव की भावनात्मक, बौद्धिक और सौंदर्यात्मक चेतना की अभिव्यक्ति है। कला जीवन को सुंदर, संवेदनशील और अर्थपूर्ण बनाती है। बिना कला के जीवन नीरस, यांत्रिक और शुष्क हो जाता है।
कला का शाब्दिक अर्थ
‘कला’ शब्द संस्कृत भाषा की ‘कल्’ धातु से बना है, जिसका अर्थ है—
- सुंदर बनाना
- सजाना
- रचना करना
- कौशलपूर्वक कार्य करना
इस प्रकार शाब्दिक रूप से कला वह प्रक्रिया है, जिसके द्वारा किसी वस्तु, विचार या अनुभूति को सौंदर्यपूर्ण और आकर्षक रूप प्रदान किया जाता है। भारतीय परंपरा में कला को केवल शिल्प नहीं, बल्कि साधना माना गया है।
कला का व्यापक अर्थ
व्यापक अर्थ में कला मानव की सृजनात्मक शक्ति (Creativity) की अभिव्यक्ति है। कला वह माध्यम है, जिसके द्वारा मनुष्य अपने मन में उत्पन्न भावों, विचारों, कल्पनाओं और अनुभूतियों को रेखा, रंग, रूप, ध्वनि, शब्द और गति के माध्यम से अभिव्यक्त करता है।
कला केवल आँखों से देखने या कानों से सुनने की वस्तु नहीं है, बल्कि यह मन और आत्मा को भी स्पर्श करती है। कला का उद्देश्य केवल सुंदरता उत्पन्न करना नहीं, बल्कि दर्शक या श्रोता के मन में भावानुभूति उत्पन्न करना है।
कला की परिभाषाएँ
प्लेटो के अनुसार
“कला प्रकृति की अनुकृति है।”
प्लेटो ने कला को प्रकृति की नकल माना, जहाँ कलाकार प्राकृतिक रूपों और घटनाओं को अपने दृष्टिकोण से प्रस्तुत करता है।
अरस्तू के अनुसार
“कला प्रकृति का अनुकरण है, परंतु उसमें चयन और सुधार निहित होता है।”
अरस्तू ने कला को केवल नकल न मानकर एक सृजनात्मक प्रक्रिया बताया, जिसमें कलाकार अपनी बुद्धि और अनुभव का प्रयोग करता है।
टॉल्सटॉय के अनुसार
“कला वह साधन है, जिसके माध्यम से एक व्यक्ति अपनी अनुभूत भावनाओं को दूसरों तक संप्रेषित करता है।”
यह परिभाषा कला के भावात्मक और सामाजिक पक्ष को स्पष्ट करती है।
भारतीय दृष्टिकोण से कला
भारतीय चिंतन में कला को ‘सत्यं, शिवं, सुंदरम्’ से जोड़ा गया है।
- सत्यं – सत्य की अभिव्यक्ति
- शिवं – कल्याण और मंगल
- सुंदरम् – सौंदर्य
भारतीय कला का उद्देश्य केवल सौंदर्य प्रदर्शन नहीं, बल्कि आध्यात्मिक अनुभूति और आत्मिक शुद्धि भी है।
कला के प्रमुख तत्व
कला के अर्थ को समझने के लिए उसके प्रमुख तत्वों को जानना आवश्यक है—
- सृजनशीलता (Creativity) – नवीन कल्पना और मौलिकता
- सौंदर्यबोध (Aesthetic Sense) – सुंदरता की अनुभूति
- भाव-अभिव्यक्ति (Expression) – आंतरिक भावों का बाह्य रूप
- कौशल एवं तकनीक (Skill & Technique) – अभ्यास और दक्षता
- अनुभूति एवं संवेदना (Sensitivity) – भावनाओं की गहराई
इन तत्वों के बिना कला पूर्ण नहीं मानी जाती।
कला के प्रकार
1. ललित कला (Fine Arts)
वे कलाएँ जिनका उद्देश्य सौंदर्य और आनंद प्रदान करना है—
- चित्रकला
- मूर्तिकला
- स्थापत्य कला
2. प्रदर्शन कला (Performing Arts)
वे कलाएँ जिनमें गति और समय का महत्व होता है—
- संगीत
- नृत्य
- नाटक
3. उपयोगी कला (Applied Arts)
वे कलाएँ जिनमें उपयोगिता और सौंदर्य दोनों होते हैं—
- डिजाइन
- हस्तशिल्प
- सजावटी कला
कला और भाव (Rasa Theory)
भारतीय कला में रस सिद्धांत का विशेष महत्व है।
नाट्यशास्त्र के अनुसार कला का उद्देश्य रस निष्पत्ति है—
- श्रृंगार
- करुण
- वीर
- रौद्र
- हास्य
- भयानक
- बीभत्स
- अद्भुत
- शांत
रस के माध्यम से कला दर्शक के मन में गहन अनुभूति उत्पन्न करती है।
कला का सामाजिक महत्व
- कला समाज की संस्कृति और परंपराओं को प्रतिबिंबित करती है।
- यह समाज के विचारों, मूल्यों और विश्वासों की अभिव्यक्ति है।
- कला सामाजिक चेतना और एकता को मजबूत करती है।
- ऐतिहासिक घटनाओं का दृश्य दस्तावेज़ भी कला के माध्यम से मिलता है।
कला का शैक्षिक महत्व
- कला रचनात्मक सोच और कल्पनाशक्ति का विकास करती है।
- विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति क्षमता बढ़ाती है।
- नैतिक, भावनात्मक और सौंदर्यात्मक विकास में सहायक है।
- शिक्षा को रोचक और प्रभावी बनाती है।
कला और जीवन का संबंध
कला और जीवन एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हैं।
जीवन की प्रत्येक अवस्था—जन्म, उत्सव, प्रेम, संघर्ष और मृत्यु—कला के किसी न किसी रूप में अभिव्यक्त होती है।
- घर की सजावट
- धार्मिक मूर्तियाँ
- लोक गीत
- चित्र और रंग
ये सभी जीवन और कला के घनिष्ठ संबंध को दर्शाते हैं।
निष्कर्ष
कला का अर्थ केवल सुंदर वस्तु बनाना नहीं है, बल्कि यह मानव की आत्मा की अभिव्यक्ति है। कला जीवन को संवेदनशील, आनंदमय और अर्थपूर्ण बनाती है। यह मनुष्य को प्रकृति, समाज और स्वयं से जोड़ती है। कला के बिना मानव जीवन अधूरा और नीरस है।
✍️ परीक्षा में लिखने योग्य निष्कर्ष पंक्ति
👉 “कला मानव की सृजनात्मक शक्ति, भावनात्मक अनुभूति और सौंदर्यबोध की अभिव्यक्ति है, जो जीवन को सार्थक और संवेदनशील बनाती है।”
नीचे “कला का अर्थ” विषय पर 100 MCQs (बहुविकल्पीय प्रश्न) एक साथ, हिंदी माध्यम, TGT / PGT / बोर्ड / प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पूर्णतः उपयोगी दिए जा रहे हैं।
(प्रत्येक प्रश्न के साथ सही उत्तर भी दिया गया है)
MCQs : कला का अर्थ (100 प्रश्न)
1. ‘कला’ शब्द किस धातु से बना है?
A. कल्
B. कर्
C. कृ
D. कृत्
✅ उत्तर: A
2. ‘कल्’ धातु का अर्थ है—
A. नष्ट करना
B. सुंदर बनाना
C. तोड़ना
D. लिखना
✅ उत्तर: B
3. कला का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A. धन अर्जन
B. मनोरंजन
C. सौंदर्य एवं भाव-अभिव्यक्ति
D. प्रचार
✅ उत्तर: C
4. कला किसकी अभिव्यक्ति है?
A. तकनीक की
B. भावना और कल्पना की
C. व्यापार की
D. राजनीति की
✅ उत्तर: B
5. प्लेटो के अनुसार कला क्या है?
A. भावों की अभिव्यक्ति
B. प्रकृति की अनुकृति
C. आत्मा की साधना
D. कौशल
✅ उत्तर: B
6. अरस्तू के अनुसार कला क्या है?
A. केवल नकल
B. प्रकृति का अनुकरण व चयन
C. धर्म का प्रचार
D. मनोरंजन
✅ उत्तर: B
7. टॉल्सटॉय के अनुसार कला क्या है?
A. कौशल
B. भावना संप्रेषण
C. प्रकृति चित्रण
D. यथार्थवाद
✅ उत्तर: B
8. भारतीय दृष्टिकोण में कला को किससे जोड़ा गया है?
A. भोग से
B. सत्यं-शिवं-सुंदरम् से
C. व्यापार से
D. राजनीति से
✅ उत्तर: B
9. कला का संबंध किससे है?
A. केवल आंखों से
B. केवल हाथों से
C. मन और आत्मा से
D. केवल मस्तिष्क से
✅ उत्तर: C
10. कला में सबसे आवश्यक तत्व कौन-सा है?
A. धन
B. सृजनशीलता
C. प्रसिद्धि
D. प्रतियोगिता
✅ उत्तर: B
11. ललित कला का उद्देश्य क्या है?
A. उपयोगिता
B. सौंदर्य
C. लाभ
D. प्रचार
✅ उत्तर: B
12. निम्न में से कौन-सी ललित कला है?
A. कृषि
B. चित्रकला
C. गणित
D. विज्ञान
✅ उत्तर: B
13. प्रदर्शन कला में क्या प्रमुख होता है?
A. स्थायित्व
B. गति और समय
C. केवल रेखा
D. केवल रंग
✅ उत्तर: B
14. संगीत किस कला का उदाहरण है?
A. उपयोगी कला
B. ललित कला
C. प्रदर्शन कला
D. यांत्रिक कला
✅ उत्तर: C
15. उपयोगी कला का उद्देश्य क्या होता है?
A. केवल सौंदर्य
B. केवल भावना
C. उपयोगिता + सौंदर्य
D. मनोरंजन
✅ उत्तर: C
16. कला का संबंध किससे नहीं है?
A. भावना
B. कल्पना
C. संवेदना
D. यांत्रिकता
✅ उत्तर: D
17. कला किसका दर्पण होती है?
A. व्यक्ति का
B. समाज का
C. प्रकृति का
D. विज्ञान का
✅ उत्तर: B
18. कला का सामाजिक महत्व क्या है?
A. समाज को विभाजित करना
B. संस्कृति का संरक्षण
C. केवल मनोरंजन
D. प्रचार
✅ उत्तर: B
19. शिक्षा में कला का योगदान क्या है?
A. बोझ बढ़ाना
B. रचनात्मकता विकास
C. समय नष्ट करना
D. केवल सजावट
✅ उत्तर: B
20. कला किसे संवेदनशील बनाती है?
A. समाज को
B. व्यक्ति को
C. दोनों को
D. किसी को नहीं
✅ उत्तर: C
(प्रश्न 21–90 संक्षेप में लेकिन पूर्ण परीक्षा स्तर पर)
- कला जीवन को क्या बनाती है? — सार्थक
- कला का संबंध किससे नहीं? — केवल तर्क से
- रस सिद्धांत किससे जुड़ा है? — भारतीय कला से
- नाट्यशास्त्र के रचयिता — भरतमुनि
- शांत रस किससे जुड़ा है? — आध्यात्मिकता
- कला का आधार — अनुभूति
- कला किसे व्यक्त करती है? — अंतर भाव
- कला में तकनीक का स्थान — सहायक
- कला का उद्देश्य — रस निष्पत्ति
- कला और जीवन — अविभाज्य
- कला किसका साधन नहीं? — युद्ध का
- कला का मूल — मानव चेतना
- सौंदर्यबोध क्या है? — सुंदरता की अनुभूति
- कला किसे जोड़ती है? — मनुष्य को समाज से
- कला का माध्यम — रेखा, रंग, ध्वनि
- कला का स्वरूप — भावात्मक
- कला की आत्मा — भाव
- कला का चरित्र — सृजनात्मक
- कला का विकास — सभ्यता के साथ
- कला किससे जन्म लेती है? — अनुभव से
- कला और धर्म — परस्पर संबंधित
- कला का वैश्विक स्वरूप — सार्वभौमिक
- कला का अध्ययन — सौंदर्यशास्त्र
- कला का मूल्यांकन — भाव और सौंदर्य से
- कला का उद्देश्य नहीं — केवल नकल
- कला किसे प्रभावित करती है? — भावनाओं को
- कला की भाषा — सार्वभाषिक
- कला का विकास कारण — मानवीय आवश्यकता
- कला का परिणाम — आनंद
- कला का केंद्र — मानव
- कला का आरंभ — आदिम काल
- गुफा चित्र — प्रारंभिक कला
- कला और संस्कृति — घनिष्ठ संबंध
- कला की शक्ति — भाव संप्रेषण
- कला का स्थायित्व — अनुभूति में
- कला का स्वर — भावप्रधान
- कला का लक्ष्य — सौंदर्य अनुभूति
- कला का प्रभाव — मानसिक
- कला का कार्य — संवेदना जाग्रत करना
- कला का आधार तत्व — कल्पना
- कला का मूल्य — मानवीय
- कला की सीमा — असीम
- कला की प्रेरणा — जीवन
- कला की भाषा — प्रतीकात्मक
- कला का संबंध — अभिव्यक्ति से
- कला का विकास — समय के साथ
- कला का विरोध — यांत्रिकता
- कला का स्वरूप — मानवीय
- कला का क्षेत्र — व्यापक
- कला का उद्देश्य — मानव कल्याण
- कला का आधार — संवेदना
- कला की पहचान — मौलिकता
- कला का सार — आनंद
- कला का विकास — संस्कृति में
- कला की आत्मा — रस
- कला की उत्पत्ति — भावनाओं से
- कला की आवश्यकता — मानव जीवन
- कला की अभिव्यक्ति — सौंदर्यपूर्ण
- कला का माध्यम — प्रतीक
- कला का स्वरूप — जीवंत
- कला का संबंध — सृजन से
- कला का उद्देश्य — भाव जागरण
- कला का मूल्यांकन — सौंदर्य से
- कला का प्रभाव — दीर्घकालिक
- कला का विकास — अनुभवजन्य
- कला का आधार — मानव मन
- कला का स्वर — भावनात्मक
- कला का लक्ष्य — आनंद
- कला की भूमिका — समाज निर्माण
- कला का महत्व — अत्यधिक
91–100 (Very Important Exam MCQs)
- कला की आत्मा क्या है? — भाव
- कला का जीवन से संबंध — अटूट
- कला का उद्देश्य नहीं — यांत्रिक उत्पादन
- कला का विकास — सांस्कृतिक प्रक्रिया
- कला का प्रभाव — सामाजिक
- कला का आधार — अनुभूति और कल्पना
- कला का स्वरूप — सौंदर्यात्मक
- कला का कार्य — संवेदना जाग्रत करना
- कला का अंतिम लक्ष्य — आनंद
- कला मानव जीवन के लिए — अनिवार्य












